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काइरोप्रैक्टिक उपचार (Chiropractic treatment)

Medical Reviewer:Dr Ann Nainan
मेडिकल समीक्षा के साथ

स्वास्थ्य संबंधी सभी लेखों की चिकित्सीय सुरक्षा जांच की जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जानकारी चिकित्सकीय रूप से सुरक्षित है। अधिक जानकारी के लिए हमारी सम्पादकीय नीति देखें।

यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है और इसकी मेडिकल समीक्षा Dr Ann Nainan ने की है।

काइरोप्रैक्टिक उपचार (chiropractic treatment) एक प्रकार की शारीरिक थेरेपी है। जिसका इस्तेमाल अक्सर मांसपेशियों (muscle) और जोड़ों के दर्द (joint pain) जैसे पीठ दर्द (back pain) और खेल में लगी चोट (sports injury) के इलाज के लिए किया जाता है।

इसे एक पूरक एवं वैकल्पिक दवा (complementary and alternative medicine) (CAM) के रूप में जाना जाता है क्योंकि यह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध तरीकों जैसे कि मानक दवाओं का उपयोग नहीं करता है। इसके बजाय, काइरोप्रैक्टिक इलाज (chiropractic treatment) में मैनुअल थेरेपी (manual therapy) शामिल होती है जिसमें काइरोप्रैक्टर (chiropractor) आपके शरीर के विभिन्न हिस्सों को हिलाने करने के लिए अपने हाथों का उपयोग करता है।

काइरोप्रैक्टर (chiropractor) रीढ़ (spine) और गर्दन की मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों को स्थानांतरित करने पर ध्यान देते हैं। कुछ जिन्हें स्पाइनल मैनिप्युलेशन (spinal manipulation) के रूप में जाना जाता है। लेकिन वे अन्य तरीकों का उपयोग भी कर सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • आपकी मांसपेशियों को अलग-अलग दिशाओं में खींचना
  • आपके जोड़ों को धीरे-धीरे अलग-अलग स्थिति में घुमाना

काइरोप्रैक्टिक उपचार किन स्थितियों में मदद करता है? (What conditions does chiropractic treatment help with?)

काइरोप्रैक्टिक का उपयोग मुख्य रूप से मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द (joint pain) के इलाज में किया जाता है, जैसे:

  • पीठ दर्द - विशेष रूप से पीठ के निचले हिस्से में दर्द
  • गर्दन दर्द (neck pain)
  • कंधे का दर्द (shoulder pain)
  • कोहनी में दर्द (elbow pain)
  • जोड़ों के टूटने-फूटने से होने वाला दर्द (ऑस्टियोआर्थराइटिस/osteoarthritis)

कभी-कभी यह कहा जाता है कि काइरोप्रैक्टिक इलाज अस्थमा (asthama), एलर्जी (allergy), अवसाद (depression) और अन्य स्थितियों में मदद कर सकता है जो मांसपेशियों या जोड़ों से संबंधित नहीं हैं, लेकिन इसका समर्थन करने के लिए बहुत सारे साक्ष्य नहीं हैं।

काइरोप्रैक्टिक कैसे काम करता है? (How does chiropractic work?)

इस बात के काफी प्रमाण हैं कि स्पाइनल मैनिप्युलेशन (spinal manipulation) पीठ के निचले हिस्से में दर्द के उपचार में मददगार हो सकता है। और यह भी माना जाता है कि स्पाइनल मैनिप्युलेशन गर्दन दर्द में मदद कर सकता है जो तंत्रिका चोट (nerve injury) के कारण नहीं हुई है- लेकिन यह तभी फायदेमंद है जब इसका इस्तेमाल व्यायाम अथवा अन्य हिलने-डुलने सम्बंधित थेरपी के साथ हो।

हालांकि, कुल मिलाकर, इस प्रकार के भरोसेमंद सबूतों की कमी है जो यह बताया सकें कि स्पाइनल मैनिप्युलेशन अन्य सभी प्रकार की स्थितियों के लिए एक प्रभावी उपचार है।

एक काइरोप्रैक्टिक सत्र के दौरान क्या होता है?

आपके पहले सत्र के दौरान, एक काइरोप्रैक्टर यह कर सकता है:

  • आपके लक्षणों (symptoms) के बारे में पूछना
  • आपके सामान्य स्वास्थ्य और अतीत में आपकी हालत के बारे में पूछना
  • आपके शरीर, रीढ़ और मुद्रा की जांच कर सकता है
  • आपकी रीढ़ की हड्डी का एक्स-रे (x-ray) ले सकता है

इसके बाद काइरोप्रैक्टर आपकी देखभाल एवं इलाज की योजना बनायेगा, जिसमें आपके लक्षण और उनके इलाज के बारे में स्पष्टीकरण सामान्यतः शामिल होता है।

यदि काइरोप्रैक्टर को लगता है कि आपको परीक्षण या किसी अन्य प्रकार के इलाज की आवश्यकता है, तो वे आपको काइरोप्रैक्टिक इलाज के बजाय एक डॉक्टर या किसी अन्य स्वास्थ्य पेशेवर को दिखाने की सलाह दे सकते हैं।

लेकिन अगर काइरोप्रैक्टर को लगता है कि वे मदद कर सकते हैं, तो वे आमतौर पर पूछेंगे कि क्या आप एक उपचार सत्र करना चाहते हैं।

काइरोप्रैक्टिक इलाज (chiropractic treatment)

एक काइरोप्रेक्टिक इलाज सत्र के दौरान, काइरोप्रैक्टर आमतौर पर रीढ़ की हड्डी के कम, तीव्र हलचल के लिए अपने हाथों का उपयोग करेगा। यह हलचल थोड़ी असहज महसूस हो सकती हैं, लेकिन इनसे दर्द नहीं होना चाहिए।

आप उपचार के दौरान पॉपिंग की आवाज़ भी सुन सकते हैं, लेकिन यह केवल गैस के बुलबुले की आवाज है जो दबाव के जारी होने पर जॉइंट के तरल पदार्थ में पॉपिंग करता है। यह हानिकारक नहीं है।

स्पाइनल मैनिप्युलेशन के अलावा, एक काइरोप्रैक्टर आपको व्यायाम और मुद्रा पर सलाह सहित आपके लक्षणों से राहत में मदद के लिए कुछ सलाह दे सकता है।

एक काइरोप्रैक्टिक उपचार के बाद क्या उम्मीद करें? (What to expect after a chiropractic treatment?)

काइरोप्रेक्टिक इलाज आम तौर पर सुरक्षित होता है, लेकिन कुछ लोगों को एक सत्र के बाद कुछ दुष्प्रभाव जैसे कि दर्द और अकड़न महसूस हो सकती है। ये कुछ दिनों में ठीक हो सकता है लेकिन यदि ये परेशानी लंबे समय तक जारी रहे, और आपको बेहद दर्द महसूस हो या आपको ऐसे लक्षण दिखें जिनसे आप काइरोप्रेक्टिक इलाज के बाद चिंतित हों तो डॉक्टर को दिखाएं या काइरोप्रैक्टर से बात करें। जिससे आपका इलाज किया जा सके।

अधिक गंभीर समस्याओं के विकसित होने का भी बेहद मामूली सा खतरा है, जैसे स्ट्रोक (stroke) स्लिप्ड डिस्क (slipped discs) रिब फ्रैक्चर (rib fracture) या नर्व डैमेज (nerve damage) जो कि स्पाइनल मैनिप्युलेशन (spinal manipulation) के बाद हो सकता है।

सत्र से पहले डॉक्टर से बात करें, वे आपको बता पाएंगे कि काइरोप्रेक्टिक इलाज (chiropractic treatment) आपके लिए सुरक्षित है या नहीं। साथ ही वे आपको एक उचित रूप से प्रशिक्षित काइरोप्रैक्टर को खोजने में भी मदद कर सकते हैं।

प्रमुख बिंदु (Key points)

  • काइरोप्रेक्टिक इलाज (chiropractic treatment) मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द (joint pain) के इलाज के लिए उपयोग की जाने वाली एक प्रकार की शारीरिक थेरेपी है
  • यह एक पूरक एवं वैकल्पिक दवा (complementary and alternative medicine) (CAM) है, जिसका अर्थ है कि यह पारंपरिक चिकित्सा में उपयोग किए जाने वाले इलाजों से अलग है
  • कई काइरोप्रैक्टर्स (chiropractor) केवल रीढ़ से संबंधित स्थितियों का इलाज करते हैं, जैसे पीठ के निचले हिस्से (lower back pain) या गर्दन दर्द (neck pain)
  • इस बात के अच्छे प्रमाण हैं कि काइरोप्रैक्टर्स (chiropractor) द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली स्पाइनल मैनिप्युलेशन तकनीक (spinal manipulation technique), पीठ के निचले हिस्से में दर्द (lower back pain) के इलाज में मदद कर सकती है
  • काइरोप्रेक्टिक इलाज (chiropractic treatment) आम तौर पर सुरक्षित होते हैं, लेकिन वे दुष्प्रभाव पैदा कर सकते हैं। सत्र होने से पहले अपने लिए एक सुरक्षित उपचार की जांच करने के लिए एक डॉक्टर को दिखाएं
NHS के मूल कॉन्टेंट का अनुवादHealthily लोगो
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