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भगंदर (एनल फिस्टुला/Anal fistula)

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यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है।

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भगंदर (एनल फिस्टुला/Anal fistula)

भगंदर (एनल फिस्टुला) एक छोटी सुरंग है, जो आंत के अंत और गूदे (जहां से मल बाहर निकलता है) के पास की त्वचा के बीच विकसित होती है।

वे आम तौर पर गुदा के पास ऊतकों में पस (pus) (फोड़ा) ((abscess) ) के संग्रह से होने वाले संक्रमण के कारण होता है। जब पस बह जाता है, तो उसके बाहर आने के लिए बने हुए रास्ते को यह खुला छोड़ सकता है।

भगंदर (एनल फिस्टुला) अप्रिय लक्षण पैदा कर सकता है, जैसे कि पीड़ा और त्वचा की जलन। आमतौर पर यह अपने आप ठीक नहीं होता। ज्यादातर मामलों में सर्जरी करने की सलाह दी जाती है।

भगंदर (एनल फिस्टुला) के लक्षण

भगंदर (एनल फिस्टुला) के लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:

  • गूदे (anus) के आसपास की त्वचा में जलन
  • लगातार होने वाला दर्द जो आपके बैठने पर बदतर हो सकता है। चारों ओर घूम सकता है, मल त्याग या खांसी हो सकती है।
  • आपके गूदे (anus) के पास से बदबूदार स्त्राव
  • मल त्यागते समय मवाद या खून आना
  • गूदे (anus) के आसपास सूजन (swelling) और लालिमा (redness) और एक उच्च तापमान (high temperature) (बुखार), यदि आपके पास फोड़ा भी है।

कुछ मामलों में मल त्याग (bowel movements) (आंत असंयम) ((bowel incontinence) ) को नियंत्रित करने में कठिनाई।

भगंदर के अंत आपके गूदे के पास की त्वचा के छेद के रूप में दिखाई दे सकता है, हालांकि यह आपके लिए खुद देखना मुश्किल हो सकता है।

डॉक्टरी सलाह कब लें

अपने डॉक्टर को तब दिखाएं, यदि आपको भगंदर के लगातार लक्षण दिखाई दे रहे हैं। वे आपके लक्षणों के बारे में पूछेंगे और आपके अंदरूनी भाग की स्थिति के बारे में जानेगें।

वे आपके गूदे की जांच करने के लिए भी कह सकते हैं और भगंदर के संकेतों की जांच के लिए उसमें उंगली डालकर गुदा परीक्षा (rectal examination) भी कर सकते हैं।

अगर आपके डॉक्टर को लगता है कि आपको भगंदर हो सकता है, तो वे रोक की पुष्टि करने और उपयुक्त उपचार का निर्धारण करने के लिए आपको आगे के परीक्षणों के लिए कोलोरेक्टल सर्जन (colorectal surgeon) नामक विशेषज्ञ के पास भेज सकते हैं।

इनमें शामिल हो सकते हैं:

शारीरिक और मलाशय परीक्षण

प्रोक्टोस्कोपी - जहां प्रकाश के साथ एक विशेष दूरबीन का उपयोग आपके गूदे के अंदर देखने के लिए किया जाता है।

अल्ट्रासाउंड स्कैन (ultrasound scan), एमआरआई स्कैन (MRI scan) या कम्प्यूटराइज्ड टोमोग्राफी (सीटी) स्कैन (computerised tomography (CT) scan)

भगंदर के कारण क्या है?

ज्यादातर भगंदर, गुदे में फोड़े (anal abscess) बनने के बाद विकसित होता है। यदि पस बह जाने के बाद फोड़ा ठीक नहीं होता है तो भगंदर हो सकता है।

यह पाया गया है कि गुदे में फोड़े (anal abscess) वाले प्रत्येक दो से चार लोगों में भगंदर विकसित होगा।

भगंदर के कम सामान्य कारणों में शामिल हैं:

  • क्रोहन रोग (Crohn's disease ) - एक दीर्घकालिक स्थिति जिसमें पाचन तंत्र में सूजन आ सकती है।
  • डायवर्टीकुलिटिस (diverticulitis) - छोटी थैली (small pouches) का संक्रमण जो बड़ी आंत (large intestine) (कोलन) (colon) के किनारे से बाहर निकल सकता है।
  • हिडेनडाईनाइटिस सप्यूरेटिव (hidradenitis suppurativa) - एक दीर्घकालिक त्वचा की स्थिति जो फोड़े (abscesses) और निशान (scarring) का कारण बनती है।
  • ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) (tuberculosis (TB)) या एचआईवी (HIV) के साथ संक्रमण
  • गूदे के पास सर्जरी

भगंदर का इलाज कैसे करें

भगंदर को आमतौर पर सर्जरी की आवश्यकता होती है, क्योंकि यदि इसका उपचार न किया जाए, तो वे शायद ही कभी ठीक हो। इसके मुख्य विकल्पों में शामिल हैं:

फिस्टुलोटॉमी (fistulotomy) - एक ऐसी प्रक्रिया जिसमें भगंदर की पूरी लंबाई को काटना शामिल होता है, ताकि यह एक सपाट निशान के साथ ही ठीक हो जाए।

सेटॉन प्रक्रियाएं (seton procedures) - जहां एक सेटॉन नामक सर्जिकल धागे का एक टुकड़ा भगंदर में रखा जाता है और इसे उपचार करने के लिए आगे की प्रक्रिया को पूरा करने से पहले इसे कई हफ्तों के लिए छोड़ दिया जाता है।

अन्य तकनीकें (other techniques) - इसमें विशेष गोंद के साथ भगंदर को भरना, इसे एक विशेष प्लग के साथ बंद करना, या ऊतक के प्रालंब के साथ उसे ढकना करना।

इन सभी प्रक्रियाओं के अलग-अलग लाभ और जोखिम हैं। आप अपने सर्जन से इस पर चर्चा कर सकते हैं। कई लोगों को सर्जरी के बाद रात भर अस्पताल में रहने की आवश्यकता नहीं होती है, हालांकि कुछ को कुछ दिनों के लिए अस्पताल में रहना पड़ सकता है। भगंदर के इलाज के बारे में और पढ़ें।

आमतौर पर भगंदर का उपचार करने के लिए सर्जरी आवश्यक होती है क्योंकि बहुत कम भगंदर ही अपने आप ठीक होते हैं।

सर्जरी (Surgery) का उद्देश्य स्फिंक्टर की मांसपेशियों (sphincter muscles) (वह मांसपेशियां जो अपने आप गूदे को बंद करती और खोलती हैं) को नुकसान से बचाते हुए भगंदर को ठीक करना है। स्फिंक्टर की मांसपेशियों को नुकसान आंत असंयम (bowel incontinence) को जन्म दे सकता है, जहां आपका आपकी आंत पर नियंत्रण नहीं रहता।

सर्जरी

भगंदर के लिए सर्जरी आमतौर पर एक जेनेरल एनेस्थेसिया (general anaesthetic) के तहत की जाती है, जहां आप बेहोशी (unconscious) में होते हैं और कुछ भी महसूस नहीं कर सकते। कुछ मामलों में, एक लोकल एनेस्थेसिया (local anaesthetic) का उपयोग किया जाता है, जहां आप सचेत (conscious) होते हैं, लेकिन इलाज किए जा रहे क्षेत्र को सुन्न (numbed) किया जाता है ताकि आपको कोई दर्द महसूस न हो।

भगंदर सर्जरी के कुछ अलग प्रकार नीचे दिए गए हैं। सर्जरी का प्रकार आपके भगंदर की स्थिति पर निर्भर करेगा। सभी मामलों में आपका सर्जन आपको सर्जरी की प्रक्रिया को विस्तार से बताने में सामर्थय है।

फिस्टुलोटॉमी

फिस्टुलोटॉमी भगंदर सर्जरी का सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला प्रकार है। भगंदर के 85-95 फीसदी मामलों में इसका उपयोग किया जाता है।

फिस्टुलोटॉमी (fistulotomy) में भगंदर की पूरी लंबाई को काटना, अंदर से बाहर तक शामिल है। सर्जन सामग्री को बाहर निकालकर समतल कर देगा। एक से दो महीने के बाद, भगंदर एक सपाट निशान (scar) के तौर पर ठीक हो जाएगा।

भगंदर की सर्जरी करने के लिए, आपके सर्जन को मलद्वार की स्फिंक्टर मांसपेशी के एक एक छोटे हिस्से को काटना पड़ सकता है। हालांकि, यह भगंदर की स्थिति पर निर्भर करेगा। आपका सर्जन आंत असंयम (bowel incontinence) की संभावना को कम करने का हर संभव प्रयास करेगा।

सेटॉन तकनीक (seton techniques)

इसमें आपका सर्जन सर्जरी के दौरान सेटॉन का प्रयोग करने का फैसला ले सकता है। सेटॉन एक सर्जिकल धागा होता है, जिसे भगंदर में कुछ महीनों के लिए क्षेत्र को खुला रखने के लिए रखा जाता है। यह ठीक होने से पहले मल को निकलने में मदद करता है।

यदि आपको आंत असंयम (incontinence) के विकास का खतरा अधिक है, तो इस पर विचार किया जा सकता है। क्योंकि आपका भगंदर आपके स्फिंक्टर मांसपेशियों (sphincter muscles) को पार करता है।

मुख्य क्षेत्र पर आगे की सर्जरी करने से पहले माध्यमिक क्षेत्र को ठीक करने के लिए भी कभी-कभी इसका उपयोग किया जाता है। यह स्फिंक्टर मांसपेशी (sphincter muscle) को विभाजित करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जो इसे ऑपरेशन (operations) के बीच ठीक करने का काम करता है।

यदि आपके सर्जन सेटॉन का सोच रहा है, तो वे आपके साथ इस पर चर्चा करेंगे। कुछ मामलों में, सेटॉन तकनीकों का उपयोग करके आपके भगंदर के इलाज के लिए कई ऑपरेशन करना आवश्यक हो सकता है।

एडवांसमेंट फ्लैप प्रोसीजर (Advancement flap procedures)

यदि आपके भगंदर जटिल हैं, या असंयम (incontinence) का जोखिम अधिक है, तो एडवांसमेंट फ्लैप प्रोसीजर पर विचार किया जा सकता है।

एडवांसमेंट फ्लैप ऊतक का एक टुकड़ा है, जो मलाशय से या गुदा के आसपास की त्वचा से निकाल दिया जाता है।

सर्जरी के दौरान, भगंदर के रास्ते को हटा दिया जाता है (एक प्रक्रिया जिसे फिस्टुलोटॉमी (fistulotomy) कहा जाता है)। एडवांसमेंट फ्लैप तब वहा जुड़ता है, जहां भगंदर का आंतरिक उद्घाटन था।

लगभग 70 फीसदी मामलों में एडवांसमेंट फ्लैप प्रक्रियाओं को प्रभावी माना जाता है।

बायोप्रोस्टैटिक प्लग (Bioprosthetic plug)

बायोप्रोस्टैटिक प्लग (bioprosthetic plug) एक शंकु के आकार का प्लग होता है जिसे मानव ऊतक (human tissue) से बनाया जाता है। इसका उपयोग भगंदर के आंतरिक उद्घाटन को अवरुद्ध करने के लिए किया जा सकता है। प्लग को जगह पर रखने के लिए टांके (Stitches) का उपयोग किया जाता है लेकिन बाहरी उद्घाटन को पूरी तरह से सील नहीं किया जाता है, ताकि भगंदर का निकास जारी रह सके। नया ऊतक प्लग के चारों ओर इसे ठीक करने के लिए बढ़ता है।

हालांकि, यह प्रक्रिया कभी-कभी एक नई फोड़ा (abscess) बनाने या प्लग को जगह से बाहर धकेलने का कारण बन सकती है।

दो परीक्षणों में बायोप्रोस्टैटिक प्लग (bioprosthetic plugs) का उपयोग किया गया था, जिसमें 80 फीसदी से अधिक की सफलता दर थी। हालांकि, अभी भी प्रतिक्षेप दर (reoccurrence rates) और दीर्घकालिक परिणामों पर अनिश्चितता है।

गैर-सर्जिकल उपचार (Non-surgical treatments)

फाइब्रिन गोंद (Fibrin glue)

भगंदर के उपचार के लिए फाइब्रिन गोंद (Fibrin glue) इस समय एकमात्र गैर-सर्जिकल विकल्प है। फाइब्रिन गोंद को भगंदर में रास्ते को बंद करने के लिए लगाया जाता है।

फाइब्रिन गोंद एक बेहतर विकल्प हो सकता है क्योंकि यह एक आसान, सुरक्षित और दर्द रहित प्रक्रिया है। हालांकि, इस उपचार पद्धति के दीर्घकालिक परिणाम खराब हैं। उदाहरण के लिए, एक छोटे से अध्ययन की प्रारंभिक सफलता दर 77 फीसदी थी, लेकिन 16 महीनों के बाद केवल 14 फीसदी लोग ही सफलतापूर्वक ठीक हुए थे।

NHS के मूल कॉन्टेंट का अनुवादHealthily लोगो
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