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सेलेक्टिव सेरोटोनिन रीअपटेक इनहिबिटर्स (एसएसआरआई)

मेडिकल समीक्षा के साथ

स्वास्थ्य संबंधी सभी लेखों की चिकित्सीय सुरक्षा जांच की जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जानकारी चिकित्सकीय रूप से सुरक्षित है। अधिक जानकारी के लिए हमारी सम्पादकीय नीति देखें।

यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है।

एसएसआरआई क्या है? (What are SSRIs?)

सेलेक्टिव सेरोटोनिन रीअपटेक इनहिबिटर्स (SSRI) एक प्रकार की दवा है जिसका उपयोग अवसाद (डिप्रेशन) के इलाज के लिए किया जाता है।

एसएसआरआई (SSRI) का इस्तेमाल अन्य समस्याओं के इलाज के लिए भी किया जा सकता है, जैसे:

सेलेक्टिव सेरोटोनिन रीअपटेक इनहिबिटर्स (selective serotonin reuptake inhibitors) के उपयोग के बारे में और पढ़ें।

यह कैसे काम करता है

एसएसआरआई (SSRI) मस्तिष्क में सेरोटोनिन (serotonin) नामक पदार्थ के स्तर को बढ़ाते हैं। जब सेरोटोनिन (serotonin) का स्राव होता है तो यह मूड को बेहतर बनाने में मदद करता है।

माना जाता है कि अवसाद से ग्रसित लोग कम मात्रा में सेरोटोनिन (serotonin) रिलीज करते हैं। एसएसआरआई (SSRI) मस्तिष्क में तंत्रिका कोशिकाओं को सेरोटोनिन (serotonin) को अवशोषित करने से रोकते हैं।

केवल अवसाद के कारण ही सेरोटोनिन (serotonin) का स्तर प्रभावित नहीं होता है। सेरोटोनिन (serotonin) का स्तर बढ़ने से मूड बेहतर होता है और लोगों पर अन्य तरह के उपचार अच्छी प्रतिक्रिया करते हैं, जैसे कि कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (cognitive behavioural therapy)।

सेलेक्टिव सेरोटोनिन रीअपटेक इनहिबिटर्स (serotonin reuptake inhibitors) कैसे काम करते हैं, इसके बारे में और पढ़ें।

दुष्प्रभाव (Side effects)

एसएसआरआई (SSRI) के सामान्य दुष्प्रभाव हैं:

  • बीमार महसूस करना (feeling sick)
  • सेक्स की इच्छा घटना (low sex drive)
  • सेक्स या हस्तमैथुन के दौरान चरम सुख प्राप्त करने में कठिनाई (difficulty achieving orgasm during sex or masturbation)
  • पुरुषों में उत्तेजना में कठिनाई (इरेक्टाइल डिसफंक्शन) (erectile dysfunction)
  • आंखों से धुंधला दिखाई देना (blurred vision)

जब शरीर को दवा के प्रभाव की आदत हो जाती है, तो अधिकांश लोगों में समय के साथ ये दुष्प्रभाव समाप्त हो जाते हैं।

कुछ लोग जब एसएसआरआई लेने की शुरूआत करते हैं तो उन्हें आत्महत्या करने या खुद को नुकसान पहुंचने का विचार आता है। 25 साल से कम उम्र के लोगों को जोखिम हो सकता है।

यदि आप एंटीडिप्रेसेंट्स (antidepressants) ले रहे हैं और आपको किसी भी समय खुद को मारने या नुकसान पहुंचाने का विचार आए तो डॉक्टर से संपर्क करें या तुरंत अस्पताल जाएं।

सेलेक्टिव सेरोटोनिन रीअपटेक इनहिबिटर्स (selective serotonin reuptake inhibitors) के दुष्प्रभावों के बारे में और पढ़ें।

खुराक (Dosage)

आपके डॉक्टर आमतौर पर दुष्प्रभावों के जोखिम को कम करने के लिए सबसे कम खुराक निर्धारित करेंगे। यदि वह खुराक पर्याप्त नहीं है तो खुराक को धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है।

दो से चार हफ्तों में एसएसआरआई (SSRI) मूड को बेहतर बनाना शुरू कर देता है।

अगर शुरू में यह काम न करे तब भी आपको एसएसआरआई (SSRI) का सेवन बंद नहीं करना चाहिए। कभी-कभी एसएसआरआई (SSRI) के काम करना शुरू करने से पहले समस्या के लक्षण बदतर हो जाते हैं।

हालांकि यह आपके चिकित्सा इतिहास पर निर्भर करता है। बीमारी से दोबारा ग्रसित होने से बचने के लिए एसएसआरआई (SSRI) का कई महीनों तक लगातार सेवन करने का सुझाव दिया जाता है।

कभी भी अचानक एसएसआरआई (SSRI) का सेवन बंद नहीं करना चाहिए। इससे कुछ दुष्प्रभाव जैसे चिंता होने और चक्कर आने की समस्या बढ़ सकती है। जब आपके इलाज की अवधि समाप्त हो जाएगी तो आपकी खुराक धीरे-धीरे कम हो जाएगी।

सेलेक्टिव सेरोटोनिन रीअपटेक इनहिबिटर्स (selective serotonin reuptake inhibitors) की खुराक के बारे में अधिक पढ़ें।

ध्यान रखने योग्य बातें (Things to consider)

अगर इस दवा के फायदे और जोखिम के बारे में बात करें, तो एसएसआरआई आमतौर पर बच्चों को देने का सुझाव नहीं दिया जाता है। इसे केवल गर्भवती महिलाओं को देना चाहिए।

एसएसआरआई कुछ स्वास्थ्य समस्याओं जैसे ग्लूकोमा (glaucoma) (आंख में दबाव बढ़ना) और किडनी की समस्याओं से पीड़ित लोगों के लिए भी बेहतर नहीं माना जाता है।

सेलेक्टिव सेरोटोनिन रीअपटेक इनहिबिटर (selective serotonin reuptake inhibitors) से जुड़ी सावधानियों के बारे में और पढ़ें।

कुछ एसएसआरआई दूसरी दवाओं जैसे ओवर-द-काउंटर दर्दनिवारक और सेंट जॉन वोर्ट जैसे हर्बल दवाओं के साथ असामान्य प्रतिक्रिया कर सकते हैं।

संभावित प्रतिक्रिया के बारे में जानने के लिए दवा के साथ आने वाले दिशानिर्देश पत्र पर दी गई जानकारी को पढ़ना चाहिए।

एसएसआरआई का सेवन करते समय आमतौर पर एल्कोहल के सेवन से परहेज करने की सलाह दी जाती है। एल्कोहल एसएसआरआई की प्रभावशीलता कम कर देता है और गंभीर दुष्प्रभाव का कारण बनता है।

सेलेक्टिव सेरोटोनिन रीअपटेक इनहिबिटर (selective serotonin reuptake inhibitors) के संभावित प्रतिक्रिया के बारे में अधिक पढ़ें।

एसएसआरआई का इस्तेमाल (Uses of SSRI)

सेलेक्टिव सेरोटोनिन रीअपटेक इनहिबिटर (selective serotonin reuptake inhibitors) (एसएसआरआई) का इस्तेमाल मुख्य रुप से अवसाद (डिप्रेशन) के इलाज में किया जाता है।

आमतौर पर मध्यम से गंभीर अवसाद को ठीक करने के लिए सबसे पहले एसएसआरआई का सुझाव दिया जाता है। इसका इस्तेमाल कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (सीबीटी) के साथ भी किया जाता है।

हल्के अवसाद (डिप्रेशन) के इलाज के लिए एसएसआरआई का सुझाव नहीं दिया जाता क्योंकि इसके लिए एक्सरसाइज थेरेपी जैसे अधिक प्रभावी इलाज पहले से मौजूद हैं।

हालांकि, अपवाद हो सकते हैं यदि:

  • आपमें हल्के अवसाद के लक्षण दो साल से अधिक समय तक रहे
  • आपने मध्यम या गंभीर अवसाद का अनुभव किया है

अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं

एसएसआरआई का इस्तेमाल अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज में भी किया जा सकता है, जिनमें शामिल हैं:

एसएसआरआई कैसे काम करते हैं

सेलेक्टिव सेरोटोनिन रीअपटेक इनहिबिटर (एसएसआरआई) मस्तिष्क में सेरोटोनिन नामक एक रसायन के स्तर को परिवर्तित कर देते हैं।

सेरोटोनिन (Serotonin) को न्यूरोट्रांसमीटर (neurotransmitter) के नाम से जाना जाता है। ये मैसेंजर केमिकल (messenger chemicals) हैं जो मस्तिष्क कोशिकाओं के बीच संकेतों को पहुंचाते हैं। माना जाता है कि सेरोटोनिन (Serotonin) मूड, भावनाओं और नींद पर अच्छा प्रभाव डालता है।

संदेश पहुंचाने के बाद सेरोटोनिन (serotonin) वापस मस्तिष्क में अवशोषित हो जाता है। इसे रीअपटेक (reuptake) कहा जाता है। एसएसआरआई रीअपटेक (reuptake) को ब्लॉक करने के बाद काम करता है जिससे समय के साथ मस्तिष्क में सेरोटोनिन (serotonin) का स्तर बढ़ जाता है।

सेरोटोनिन (serotonin) के स्तर में वृद्धि काफी धीमी गति से होती है, इसलिए अधिकांश लोगों को लक्षणों में सुधार देखने के लिए एसएसआरआई को दो से चार सप्ताह तक लेने की आवश्यकता होती है।

संभावित कारण (The underlying cause)

अवसाद या ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (depression or obsessive compulsive disorder) जैसी समस्याएं अक्सर जटिल होती हैं और कई कारकों से प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि एसएसआरआई अवसाद के लक्षणों का इलाज तो करती है लेकिन उसके कारणों का नहीं।

यही कारण है कि आमतौर पर जटिल मानसिक समस्याओं के इलाज के लिए एसएसआरआई को थेरेपी के कॉम्बिनेशन के साथ इस्तेमाल किया जाता है। एसएसआरआई का इस्तेमाल मूड को बेहतर बनाता है जिससे कि थेरेपी का फायदा तेजी से होता है।

एसएसआरआई के दुष्प्रभाव (Side-effects of SSRI)

सेलेक्टिव सेरोटोनिन रीअपटेक इनहिबिटर (एसएसआरआई) (selective serotonin reuptake inhibitors) के दुष्प्रभाव से शुरूआत में परेशानी हो सकती है, लेकिन आम तौर पर समय के साथ इसमें सुधार होते हैं।

दुष्प्रभावों के बावजूद एसएसआरआई का लगातार सेवन जरूरी है अन्यथा इलाज से राहत मिलने में कई हफ्तों का समय लग सकता है।

समय के साथ आपको इलाज के फायदे और दुष्प्रभावों के बारे में जानना चाहिए।

सामान्य दुष्प्रभाव (Common side effects)

एसएसआरआई के सामान्य दुष्प्रभाव 10 लोगों में से लगभग एक को प्रभावित करता है:

  • बीमार महसूस करना (feeling sick)
  • सेक्स की इच्छा घटना (low sex drive)
  • सेक्स या हस्तमैथुन के दौरान चरम सुख प्राप्त करने में कठिनाई (difficulty achieving orgasm during sex or masturbation)
  • पुरुषों में उत्तेजना की समस्या (इरेक्टाइल डिसफंक्शन) (erectile dysfunction)
  • आंख से धुंधला दिखाई देना (blurred vision)
  • दस्त या कब्ज (diarrhoea or constipation)
  • सिर चकराना (dizziness)
  • मुँह सूखना (dry mouth)
  • उत्तेजित या कमजोर महसूस करना (feeling agitated or shaky)
  • नींद न आना (इंसोम्निया) या बहुत नींद आना ((insomnia))
  • भूख में कमी (loss of appetite)
  • बहुत ज़्यादा पसीना आना (excessive sweating)
  • उबासी लेना (yawning)

ये दुष्प्रभाव समय के साथ ठीक हो जाते हैं, हालांकि कभी-कभी कुछ दुष्प्रभाव लंबे समय तक बने रह सकते हैं।

कम सामान्य दुष्प्रभाव (Less common side effects)

आमतौर पर 100 में से एक व्यक्ति को निम्न लक्षणों का अनुभव हो सकता है:

  • मल में खून या उल्टी में खून आना (अपने डॉक्टर से बात करें या सीधे अस्पताल जाएं)
  • भ्रम की स्थिति
  • हिलने डुलने में परेशानी, अकड़न, मुंह में असामान्य हलचल
  • मतिभ्रम (ऐसी चीजें देखना या सुनना जो वास्तविक नहीं हैं)
  • पेशाब करने में परेशानी (अपने डॉक्टर से बात करना या सीधे अस्पताल जाना)
  • बीमार होना
  • वजन बढ़ना

सेरोटोनिन सिंड्रोम (Serotonin syndrome)

सेरोटोनिन सिंड्रोम (Serotonin syndrome) काफी असामान्य लेकिन गंभीर माना जाता है, जो एसएसआरआई के दुष्प्रभाव हो सकते हैं।

सेरोटोनिन सिंड्रोम (Serotonin syndrome) तब होता है जब आपके मस्तिष्क में सेरोटोनिन का स्तर बहुत अधिक हो जाता है। जब आप सेरोटोनिन (serotonin) का स्तर बढ़ाने वाली किसी अन्य दवा जैसे एंटीडिप्रेसेंट या सेंट जॉन वोर्ट (या पदार्थ) के कॉन्बिनेशन के साथ एसएसआरआई लेते हैं।

सेरोटोनिन सिंड्रोम के लक्षणों में शामिल हैं:

  • भ्रम की स्थिति (confusion)
  • व्याकुलता (agitation)
  • मांसपेशियों में खिंचाव (muscle twitching)
  • पसीना आना (sweating)
  • कंपकंपी (shivering)
  • दस्त (diarrhoea)

यदि आपको इन लक्षणों का अनुभव हो तो दवा लेना बंद कर देना चाहिए और अपने डॉक्टर से तत्काल सलाह लेनी चाहिए। यदि यह संभव नहीं है, तो स्थानीय सहायता के लिए फोन करें।

गंभीर सेरोटोनिन सिंड्रोम के लक्षणों में शामिल हैं:

  • 39.4 ° C (103 ° F) या उससे ऊपर का बहुत उच्च तापमान (बुखार)
  • चक्कर आना (फिट्स)
  • दिल की धड़कन असामान्य होना (एरिथ्मिया) (arrhythmia)
  • बेहोशी

हाइपोनेट्रेमिया (Hyponatraemia)

सोडियम (नमक) का स्तर कम होना एक दुष्प्रभाव है जो आमतौर पर बुजुर्ग लोगों में होता है। इसे हाइपोनेट्रेमिया (hyponatraemia) के नाम से जाना जाता है। यह शरीर की कोशिकाओं के अंदर तरल पदार्थ का निर्माण करता है, जो काफी खतरनाक हो सकता है।

हल्के हाइपोनेट्रेमिया (hyponatraemia) निम्न लक्षण पैदा कर सकते हैं:

  • बीमार महसूस करना
  • सिरदर्द
  • मांसपेशियों में दर्द
  • भूख कम लगना
  • भ्रम की स्थिति

गंभीर हाइपोनेट्रेमिया निम्न समस्याओं का कारण बन सकता है:

  • सुस्ती और थकान महसूस करना
  • भ्रम
  • बेचैनी
  • साइकोसिस (वास्तविकता और अपनी कल्पना के बीच अंतर न समझ पाना) (psychosis)
  • दौरे पड़ना

सबसे गंभीर मामलों में ये समस्याएं हो सकती हैं:

  • कोमा
  • सांस रुकना

यदि आपको संदेह है कि आपको या आपके परिचित किसी व्यक्ति को हल्का हाइपोनेट्रेमिया (hyponatremia) है, तो सलाह के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

यदि आपको गंभीर हाइपोनेट्रेमिया (hyponatremia) होने का संदेह है, तो एम्बुलेंस को कॉल करें।

एसएसआरआई लेना शुरू करने से पहले और उसके बाद कई हफ्तों तक आपके सोडियम के स्तर को मापा जा सकता है। (एसएसआरआई से संबंधित हाइपोनेट्रेमिया (hyponatremia) के अधिकांश मामले इलाज के पहले हफ्तों में होते हैं)। सोडियम के स्तर को मापने के लिए खून की जांच की जाती है।

एंटीडिप्रेसेंट्स और आत्महत्या का जोखिम (Antidepressants and suicide risk)

एसएसआरआई लेना शुरू करने के बाद कुछ लोगों को आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने का विचार आता है। 25 साल से कम उम्र के लोगों में विशेष रुप से यह जोखिम नजर आता है।

एसएसआरआई या अन्य एंटीडिप्रेसेंट्स लेने के बाद यदि आपको खुद को मारने या नुकसान पहुंचाने का ख्याल आता है तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें या तुरंत अस्पताल जाएं।

अपने किसी रिश्तेदार या दोस्त को बताएं कि आपने एंटीडिप्रेसेंट्स लेना शुरू कर दिया है और उससे दवा के साथ आने वाली लीफलेट को पढ़ने के लिए कहें। यदि आपके लक्षण बदतर हो जाएं और यदि आपके व्यवहार में बदलाव आए तो उन्हें बताने के लिए कहें।

एसएसआरआई से जुड़ी सावधानियां (Cautions of SSRIs)

सेलेक्टिव सेरोटोनिन रीअपटेक इनहिबिटर (एसएसआरआई) ओवर-द-काउंटर दवाओं जैसे इबुप्रोफेन (ibuprofen) सहित अन्य दवाओं के साथ असामान्य तरीके से प्रतिक्रिया कर सकते हैं।

इसलिए दवा के साथ आने वाली लीफलेट को पढ़कर यह जरूर जानें कि इसके साथ किन दवाओं का सेवन करने से बचना चाहिए।

किसी तरह का संदेह होने पर फार्मासिस्ट या डॉक्टर से सलाह लें।

स्वास्थ्य समस्याएं (Medical conditions)

यदि आपको निम्न समस्याएं हैं तो एसएसआरआई आपके लिए उपयुक्त नहीं हो सकते हैं:

  • मेनिया (mania) - मूड अधिक उत्तेजित होना, कभी-कभी मतिभ्रम होना
  • बाईपोलर डिसऑर्डर (bipolar disorder) (थोड़े समय के लिए अवसाद और मेनिया) और आप मेनिक फेज में चले जाते हैं
  • रक्तस्राव की समस्या, या आप ऐसी दवाएं ले रहे हैं जिसके कारण अधिक रक्तस्राव हो सकता है, जैसे वारफेरिन (warfarin)
  • मधुमेह - टाइप 1 और टाइप 2 मधुमेह (diabetes – both type 1 and type 2 diabetes)
  • नैरो एंगल ग्लूकोमा - आंख में दबाव बढ़ जाना
  • किडनी की गंभीर बीमारी (severe kidney disease)

गर्भावस्था (Pregnancy)

एहतियात के तौर पर ज्यादातर गर्भवती महिलाओं को खासकर गर्भावस्था के पहले तीन महीनों (पहली तिमाही) के दौरान आमतौर पर एसएसआरआई का इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती है।

हालांकि अवसाद का जोखिम होने या अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं होने पर दुष्प्रभावों को ध्यान में रखते हुए दवा का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

गर्भावस्था के दौरान एसएसआरआई लेने से जुड़ी जटिलताओं में शामिल हैं:

  • गर्भपात
  • बच्चे के हृदय को प्रभावित करने वाले जन्म दोष (जन्मजात हृदय रोग)
  • एक दुर्लभ समस्या जिसे पल्मोनरी हाइपरटेंशन कहा जाता है, के साथ बच्चा पैदा हो सकता है।

हालांकि, इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि एसएसआरआई के कारण इस प्रकार की जटिलताएं होती हैं।

ज्यादातर विशेषज्ञों का मानना है कि गर्भावस्था के दौरान एसएसआरआई से होने वाली जटिलाएं आमतौर पर बहुत गंभीर नहीं होती हैं।

यदि आप गर्भवती हैं और अवसाद महसूस कर रही हैं, तो आपको अपने डॉक्टर से एसएसआरआई के इलाज के फायदे और नुकसान के बारे में चर्चा करनी चाहिए।

डॉक्टर आमतौर पर फ्लुओसेटिन (fluoxetine), सीतालोप्राम (citalopram) या सेराट्रेलिन (sertraline) जैसे एसएसआरआई लेने की सलाह देते हैं। ये दवाएं आमतौर पर सुरक्षित मानी जाती हैं।

स्तनपान (Breastfeeding)

यदि आप स्तनपान करा रही हैं तो आमतौर पर आपको एसएसआरआई लेने की सलाह नहीं दी जाती है।

लेकिन कुछ परिस्थितियां में अवसाद या अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए संभावित जोखिमों को नजरअंदाज कर आपको यह दवा दी जा सकती है।

यदि स्तनपान कराते समय इलाज के लिए आपको एंटीडिप्रेसेंट (antidepressants) दिया जाता है, तो आमतौर पर पैरोक्सेटीन (paroxetine) या सेर्टालिन (sertraline) की सलाह दी जाती है।

बच्चे और युवा (Children and young people)

18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और युवाओं को आमतौर पर एसएसआरआई लेने की सलाह नहीं दी जाती है।

ऐसा इसलिए है क्योंकि इस उम्र में उनमें आत्महत्या और खुद को नुकसान पहुंचाने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है।

इस बात पर भी चिंता जताई गई कि एसएसआरआई का इस्तेमाल बच्चों और युवाओं में मस्तिष्क के विकास को प्रभावित कर सकता है।

अपवाद के रूप में ये दवाएं आमतौर पर केवल तभी दी जा सकती हैं जब:

  • जिस व्यक्ति का इलाज किया जा रहा है, वह कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (cognitive behavioural therapy) के प्रति प्रतिक्रिया देने में असफल हो
  • जिस व्यक्ति का इलाज किया जा रहा है, वह एसएसआरआई कॉम्बिनेशन के साथ थेरेपी ले रहा हो,
  • इलाज किसी मनोचिकित्सक की देखरेख में किया जा रहा हो (एक डॉक्टर जो मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज का विशेषज्ञ हो

एसएसआरआई के रूप में आमतौर पर फ्लुओसेटिन (fluoxetine) लेने की सलाह सबसे अधिक दी जाती है।

शराब (Alcohol)

यदि आप एसएसआरआई ले रहे हैं तो आपको शराब से परहेज करने की सलाह दी जा सकती है। क्योंकि यह दवा को कम प्रभावी और दुष्प्रभाव को गंभीर बना सकता है।

चक्कर आना (Dizziness)

कुछ एसएसआरआई का सेवन करने से आपको चक्कर आ सकता है, खासतौर से तब जब आप इसे लेना शुरू करते हैं।

यदि आपको चक्कर महसूस हो रहा हो तो वाहन चलाने या भारी सामान का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

अन्य एंटीडिप्रेसेंट्स (Other antidepressants)

जब तक डॉक्टर सलाह न दें, तब तक आपको कभी भी दो अलग-अलग प्रकार के एंटीडिप्रेसेंट (antidepressants) जैसे एसएसआरआई और ट्राइसाइक्लिक एंटीडिप्रेसेंट (टीसीए) (tricyclic antidepressant (TCA)) नहीं लेने चाहिए। ऐसा इसलिए है क्योंकि एंटीडिप्रेसेंट (antidepressants) के कुछ कॉम्बिनेशन से आप बहुत बीमार महसूस कर सकते हैं।

यदि आप एक एंटीडिप्रेसेंट (antidepressants) को छोड़कर दूसरा एंटीडिप्रेसेंट (antidepressants) लेने के बारे में सोच रहे हैं तो पहले एंटीडिप्रेसेंट (antidepressants) की खुराक धीरे-धीरे कम करें और इसके बाद दूसरा एंटीडिप्रेसेंट (antidepressants) शुरू करें।

सेंट जॉन वोर्ट (St John’s wort)

सेंट जॉन वोर्ट अवसाद के इलाज के लिए एक लोकप्रिय हर्बल औषधि है।

इसकी प्रभावशीलता का सबूत होने के बावजूद कई विशेषज्ञ इसका उपयोग न करने की सलाह देते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि सक्रिय घटक की मात्रा अलग-अलग ब्रांडों और बैचों के बीच अलग होती है। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि इस औषधि का आपके ऊपर किस प्रकार का प्रभाव पड़ेगा।

सेंट जॉन वोर्ट को अन्य दवाओं जैसे एंटीकॉन्वेलेंट्स (anticonvulsants), एंटीकॉगुलेंट्स (anticoagulants), एसएसआरआई और गर्भनिरोधक गोली के साथ लेने पर भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

यदि आप गर्भवती हैं या स्तनपान करा रही हैं तो आपको सेंट जॉन वोर्ट का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह सुरक्षित है या नहीं।

एसएसआरआई दूसरी दवाओं के साथ कैसे प्रतिक्रिया करता है

जब एक ही समय में दो या अधिक दवाएं ली जाती हैं, तो एक दवा का प्रभाव दूसरे को बदल सकता है।

इसे दो दवाओं के बीच का इंटरैक्शन कहा जाता है। सेलेक्टिव सेरोटोनिन रीअपटेक इनहिबिटर (एसएसआरआई) अन्य दवाओं के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं।

कुछ सामान्य प्रतिक्रियाओं में से कुछ के बारे में नीचे दिया गया है। हालाँकि, यह पूरी सूची नहीं है।

यदि आप जानना चाहते हैं कि एसएसआरआई के साथ अपनी दवाएं लेना सुरक्षित है या नहीं तो एल्कोहल सहित एसएसआरआई के साथ सभी प्रतिक्रियायों के विवरण के लिए हमारे दवाओं की जानकारी पेज को पढ़ें।

एंटीप्लेटलेट्स (Antiplatelets)

एंटीप्लेटलेट (Antiplatelet) एक प्रकार की दवा है जिसका इस्तेमाल खून का थक्का बनने से रोकने के लिए किया जाता है।

जब एसएसआरआई को एंटीप्लेटलेट्स (antiplatelets) जैसे कम खुराक की एस्पिरिन (aspirin) या क्लोपिडोग्रेल (clopidogrel) के साथ लिया जाता है तो रक्तस्राव का खतरा बढ़ जाता है। यदि आप एंटीप्लेटलेट (antiplatelets) लेते हैं तो एसएसआरआई लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें।

क्लोजापिन (Clozapine)

क्लोजापिन (Clozapine) एक प्रकार की दवा है जिसका इस्तेमाल सिज़ोफ्रेनिया (schizophrenia) और साइकोसिस (psychosis) के इलाज के लिए किया जाता है।

एसएसआरआई रक्त में क्लोजापिन (clozapine) के स्तर को बढ़ा सकते हैं, जिससे क्लोजापिन (clozapine) से दुष्प्रभाव का खतरा बढ़ जाता है। यदि आप क्लोजापिन (clozapine) लेते हैं तो एसएसआरआई लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें।

डुलोक्सेटिन (Duloxetine)

डुलोक्सेटिन (Duloxetine) का इस्तेमाल मूड से जुड़ी समस्याओं के साथ-साथ तंत्रिका दर्द के कुछ बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है।

जब एसएसआरआई को डुलोक्सेटिन (Duloxetine) के साथ लिया जाता है, तो सेरोटोनिन सिंड्रोम (serotonin syndrome) का खतरा बढ़ जाता है। एसएसआरआई को डुलोक्सेटिन (duloxetine) के साथ नहीं लेना चाहिए।

लिथियम (Lithium)

लिथियम (Lithium) का उपयोग गंभीर अवसाद (depression) के साथ-साथ बाईपोलर डिसऑर्डर (bipolar disorder) के इलाज के लिए किया जाता है।

एसएसआरआई लिथियम (lithium) के रक्त स्तर को बढ़ा सकते हैं, जिससे लिथियम (lithium) से दुष्प्रभावों का खतरा बढ़ जाता है।

शरीर में लिथियम (lithium) के स्तर को मापने के लिए नियमित रूप से खून की जांच कराना चाहिए, खासकर तब जब एसएसआरआई लेना शुरू या बंद करते हैं या फिर एसएसआरआई की खुराक को बदलते हैं।

मोनोमाइन ऑक्सीडेज इनहिबिटर एंटीडिप्रेसेंट्स (Monoamine oxidase inhibitor antidepressants)

जब एसएसआरआई को मोनोमाइन ऑक्सीडेज इनहिबिटर (एमएओआई) (monoamine oxidase inhibitor (MAOI)) एंटीडिप्रेसेंट्स (antidepressants) जैसे आइसोकार्बोक्साजिड (isocarboxazid), मोक्लोबेमाइड (moclobemide), फेनेल्जिन (phenelzine) या ट्रेनिलसिप्रोमिन (tranylcypromine) के साथ लिया जाता है तो सेरोटोनिन सिंड्रोम (serotonin syndrome) का खतरा बढ़ सकता है।

एसएसआरआई को एमएओआई एंटीडिप्रेसेंट्स (MAOI antidepressant) के साथ नहीं लेना चाहिए या फिर एमएओआई एंटीडिप्रेसेंट्स (MAOI antidepressant) बंद करने के दो हफ्ते बाद लेना चाहिए।

मधुमेह (डायबिटीज) के लिए दवाएं (Medicines for diabetes)

एसएसआरआई मधुमेह की समस्या को गंभीर कर सकते हैं। इसका मतलब यह है कि आपको मधुमेह के लिए अपनी दवाओं की खुराक को समायोजित करना चाहिए। इन दवाओं में ग्लिसलाजाइड (gliclazide), ग्लिपीजाइड (glipizide) और मेटफॉर्मिन (metformin) शामिल हैं।

नॉन-स्टेरायडल एंटी इंफ्लेमेटरी ड्रग (एनएसएआईडी) (Non-steroidal anti-inflammatory drugs (NSAIDs))

एसएसआरआई को नॉन-स्टेरायडल एंटी इंफ्लेमेटरी ड्रग (एनएसएआईडी) (non-steroidal anti-inflammatory drugs (NSAIDs)) के साथ लेने पर रक्तस्राव का खतरा बढ़ जाता है। ये एक प्रकार का दर्द निवारक है जिसमें इबुप्रोफेन (ibuprofen), डिक्लोफेनाक (diclofenac) या नेप्रोक्सेन (naproxen) शामिल हैं। यदि आप एनएसएआईडी (NSAID) लेते हैं तो एसएसआरआई लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें।

पिमोज़ाइड (Pimozide)

पिमोज़ाइड (Pimozide) एक प्रकार की दवा है जिसका उपयोग सिज़ोफ्रेनिया (schizophrenia) और साइकोसिस (psychosis) के इलाज के लिए किया जाता है।

एसएसआरआई रक्त में पिमोज़ाइड के स्तर को बढ़ाते हैं, जिससे पिमोज़ाइड (pimozide) से दुष्प्रभाव का खतरा बढ़ जाता है। एसएसआरआई को पिमोज़ाइड (pimozide) के साथ नहीं लेना चाहिए।

रेसागिलिन और सेलिगिलीन (Rasagiline and selegiline)

रेसागिलिन और सेलिगिलीन (Rasagiline and selegiline) इन दो दवाओं का इस्तेमाल पर्किंसन रोग (Parkinson’s disease) के इलाज में किया जाता है।

रसगिलीन (rasagiline) या सेलिगिलीन (selegiline) के साथ एसएसआरआई का सेवन करने से सेरोटोनिन सिंड्रोम (serotonin syndrome) का खतरा बढ़ जाता है।

इस वजह से एसएसआरआई को रेसागिलिन (rasagiline) या सेलिगिलीन (selegiline) के साथ नहीं लेना चाहिए और रेसागिलिन (rasagiline) या सेलिगिलीन (selegiline) को बंद करने के दो हफ्ते तक एसएसआरआई का सेवन शुरू नहीं करना चाहिए।

इसके अलावा फ्लुओक्सेटिन (fluoxetine) बंद करने के पांच हफ्ते तक, सेर्टालिन (sertraline) बंद करने के दो हफ्ते बाद और अन्य एसएसआरआई बंद करने के एक हफ्ते बाद सेलिगिलिन (selegiline) का सेवन शुरू नहीं करना चाहिए।

फ्लुक्सोटाइन (fluoxetine) बंद करने के बाद पांच हफ्ते तक या फ्लुवोक्सामाइन (fluvoxamine) बंद करने के दो हफ्ते बाद तक रेसागिलिन (Rasagiline) शुरू नहीं करना चाहिए।

सेंट जॉन वोर्ट (St John's wort)

जब एसएसआरआई को हर्बल औषधि सेंट जॉन वोर्ट के साथ लिया जाता है, तो सेरोटोनिन सिंड्रोम (serotonin syndrome) का खतरा बढ़ जाता है। एसएसआरआई को सेंट जॉन वोर्ट के साथ नहीं लेना चाहिए।

ट्रामाडोल (Tramadol)

जब एसएसआरआई को दर्द निवारक ट्रेमाडोल के साथ लिया जाता है, तो चक्कर आने और सेरोटोनिन सिंड्रोम (serotonin syndrome) का खतरा बढ़ जाता है। यदि आप ट्रेमाडोल (tramadol) लेते हैं तो एसएसआरआई लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें।

ट्राइसाइक्लिक एंटीडिप्रेसेंट्स (Tricyclic antidepressants)

एसएसआरआई रक्त में ट्राइसाइक्लिक एंटीडिप्रेसेंट्स (tricyclic antidepressants) (एमिट्रिप्टिलिन, क्लोमीप्रामिन, डोसुलेपिन, इमिप्रामिन या नॉर्ट्रिप्टीलिन) के स्तर को बढ़ा सकते हैं। इससे ट्राइसाइक्लिक एंटीडिप्रेसेंट्स (tricyclic antidepressants) से दुष्प्रभाव का खतरा बढ़ जाता है।

यदि मानसिक स्वास्थ्य के विशेषज्ञ सलाह देते हैं या फिर आपमें इसके दुष्प्रभाव नजर आते हैं तो आपको केवल ट्राइसाइक्लिक एंटीडिप्रेसेंट (tricyclic antidepressant) के साथ एसएसआरआई लेना चाहिए।

माइग्रेन के लिए ट्रिप्टान (Triptans for migraine)

जब एसएसआरआई को ट्रिप्टान (triptan) जैसे एल्मोट्रिप्टान (almotriptan), इलेट्रिप्टान (eletriptan), फ़्रोवाट्रिप्टान (frovatriptan), नाराट्रिप्टान (naratriptan), रिज़ैट्रिप्टान (rizatriptan), सुमैट्रिप्टान (sumatriptan) या ज़ोलमिट्रिप्टान (zolmitriptan) के साथ लिया जाता है तो सेरोटोनिन सिंड्रोम (serotonin syndrome) का खतरा बढ़ जाता है। यदि आप माइग्रेन के लिए ट्रिप्टान (triptans) लेते हैं तो एसएसआरआई लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें।

ट्रिप्टोफैन (Tryptophan)

ट्रिप्टोफैन (Tryptophan) एक दवा है जिसका इस्तेमाल अवसाद और चिंता की समस्या (एंग्जायटी) के इलाज के लिए किया जाता है।

जब एसएसआरआई को ट्रिप्टोफैन (tryptophan) के साथ लिया जाता है तो बेचैनी और बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है। यदि आप ट्रिप्टोफैन (tryptophan) लेते हैं तो एसएसआरआई लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें।

वारफरिन (Warfarin)

एसएसआरआई वारफेरिन (warfarin) के प्रभाव को बढ़ा सकते हैं, जिससे रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है। वारफारिन (warfarin) का प्रभाव मापने के लिए नियमित रूप से खून की जांच करानी चाहिए, खासकर तब जब आप एसएसआरआई लेना शुरू या बंद करते हैं या फिर एसएसआरआई की खुराक बदलते हैं।

एसएसआरआई की छूटी हुई या अधिक खुराक

सेलेक्टिव सेरोटोनिन रीअपटेक इनहिबिटर्स (एसएसआरआई) का सुझाव देते समय आपके डॉक्टर आमतौर पर आपके लक्षणों को कम करने के लिए सबसे कम निर्धारित खुराक लेने के लिए कहेंगे।

यह दुष्प्रभावों के जोखिम को कम करता है। यदि निर्धारित खुराक से कोई प्रभाव नहीं हो रहा है तो खुराक को धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है।

एसएसआरआई आमतौर पर टेबलेट के रूप में लिया जाता है। हालांकि यह इस बात पर निर्भर करता है कि डॉक्टर ने आपको किस तरह के एसएसआरआई का सुझाव दिया है और आपका अवसाद कितना गंभीर है। आप आमतौर पर एक से तीन टेबलेट एक दिन में ले सकते हैं।

यदि आप किसी दिन टेबलेट लेना भूल जाते हैं तो, अगले दिन अतिरिक्त खुराक न लें। बल्कि रोज की तरह खुराक लेना जारी रखें।

यदि आप जरूरत से ज्यादा टेबलेट का सेवन कर लेते हैं तो जितना जल्दी हो सके अपने डॉक्टर से सलाह के लिए संपर्क करें। यदि आप डॉक्टर के पास नहीं जा सकते हैं तो स्थानीय सहायता सेवा के लिए संपर्क करें।

एसएसआरआई के प्रभाव नजर आने में आपको दो से चार सप्ताह लगेंगे। इस दौरान दवा की कोई भी खुराक लेना न भूलें अन्यथा आपका इलाज प्रभावित हो सकता है।

एसएसआरआई दवा का कोर्स आमतौर पर छह महीनों का होता है। हालांकि यदि आपको अवसाद के पिछले एपिसोड या अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का अनुभव हो रहा हो तो आपको दो साल तक एसएसआरआई का कोर्स करने की सलाह दी जाती है।

डॉक्टर द्वारा बताए गए एसएसआरआई का सेवन कभी भी अचानक नहीं बंद करना चाहिए भले ही आप कितना भी बेहतर महसूस क्यों नहीं कर रहे हों।

यदि आपके डॉक्टर एंटीडिप्रेसेंट्स का कोर्स बंद करना चाहेंगे, तो वह समय के साथ धीरे-धीरे इसकी खुराक को कम करेंगे।

विभिन्न प्रकार के एसएसआरआई और खुराक की जानकारी के लिए पढ़ें।

NHS के मूल कॉन्टेंट का अनुवादHealthily लोगो
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