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एंटीफंगल दवाएँ (Antifungal medicines) - Healthily

एंटीफंगल दवाएँ क्या है? (What are antifungal medicines?)

एंटीफंगल दवाओं (Antifungal medicines) का इस्तेमाल फंगल संक्रमण के इलाज के लिए किया जाता है। फंगल संक्रमण आमतौर पर त्वचा, बाल और नाखूनों को सबसे अधिक प्रभावित करते हैं।

आप फार्मेसी से कुछ एंटीफंगल दवाएँ प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन आपको अन्य प्रकार की दवा के लिए डॉक्टर के लिखे पर्चे की आवश्यकता हो सकती है।

इस पृष्ठ में हम आपको निम्न के जानकारी देंगे:

  • एंटीफंगल संक्रमण का इलाज (Infections antifungals can treat)
  • एंटीफंगल दवा के प्रकार (Types of antifungal medicine)
  • ये कैसे काम करते हैं (How they work)
  • फार्मासिस्ट या डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए (When to see a pharmacist or doctor)
  • ध्यान रखने योग्य बातें (Things to consider)
  • दुष्प्रभाव (Side effects)
  • बच्चों में कैसे इस्तेमाल करें (Use in children)

एंटीफंगल किस प्रकार के संक्रमण का इलाज करते हैं (Infections antifungals can treat)

फंगल संक्रमण का इलाज आमतौर पर एंटीफंगल (Antifungal) से किया जाता है, इनमें शामिल है:

दुर्लभ मामलों में कुछ गंभीर फंगल संक्रमण (fungal infection) होते हैं जो शरीर के ऊतकों (tissues) के अंदर गहराई से विकसित होते हैं। इनके इलाज के लिए अस्पताल जाने की आवश्यकता हो सकती है।

जैसे कि:

यदि आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है जैसे कि आप इम्युनिटी कम करने की दवाएं ले रहे हैं तो आपको गंभीर फंगल संक्रमण का खतरा अधिक हो सकता है।

एंटीफंगल दवाओं के प्रकार (Types of antifungal medicines)

एंटीफंगल दवाएँ (Antifungal medicines) कई रूपों में मौजूद हैं:

  • टॉपिकल एंटीफंगल (topical antifungals) - आप सीधे अपनी त्वचा, बालों और नाखूनों पर क्रीम, जेल, मलहम या स्प्रे लगा सकते हैं
  • ओरल एंटीफंगल (oral antifungals) - कैप्सूल, टैबलेट या तरल दवा को आप निगल सकते हैं।
  • इंट्रावेनस एंटीफंगल (intravenous antifungals) - आपके हाथ के नस में एक इंजेक्शन दिया जाता है; जो आमतौर पर अस्पताल में दिया जाता है।
  • इंट्रावजाइनल एंटीफंगल पेसरिज (intravaginal antifungal pessaries) - छोटी, मुलायम गोलियां जिसे आप योनि में डाल सकती हैं।

फंगल संक्रमण के इलाज के लिए कुछ अन्य सामान्य दवाएँ इस्तेमाल होती हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • क्लोट्रिमाजोल (clotrimazole)
  • इकोनाजोल (econazole)
  • माइकोनाजोल (miconazole)
  • टर्बिनाफिन (terbinafine)
  • फ्लुकोनाजोल (fluconazole)
  • कीटोकोनाजोल (ketoconazole)
  • एंफोटेरिसिन (amphotericin)

एंटीफंगल दवाएं कैसे काम करती हैं (How antifungal medicines work)

एंटीफंगल दवाएँ (Antifungal medicines) इस तरह काम करती हैं:

  • फंगल कोशिकाओं को नष्ट करती हैं - जैसे कि कोशिका की दीवारों में एक पदार्थ को प्रभावित करती हैं जिससे कि फंगल कोशिकाओं की सामग्री का रिसाव हो जाता है और कोशिकाएं खत्म हो जाती है
  • फंगल कोशिकाओं को बढ़ने और दोबारा विकसित होने से रोकना

फार्मासिस्ट या डॉक्टर के पास कब जाएं (When to see a pharmacist or doctor)

यदि आपको फंगल संक्रमण (fungal infection) का संदेह है, तो डॉक्टर या फार्मासिस्ट के पास जाएं। वे आपको बताएंगे कि आपको कौन सी एंटीफंगल दवा लेनी चाहिए और उसका इस्तेमाल कैसे करना चाहिए। नीचे कुछ प्रश्नों के लिए देखें जिन्हें आप उनसे पूछना चाहते हैं।

दवा के इस्तेमाल के बारे में जानकारी आमतौर पर दवा के साथ आने वाली लीफलेट (दिशानिर्देश पत्र) पर लिखी होती है।

अगर आप गलती से बहुत अधिक एंटीफंगल दवा ले लेते हैं, तो फार्मासिस्ट या डॉक्टर से बात करें। यदि आपने अत्यधिक मात्रा में खुराक ले लिया है तो आपको अपने नजदीकी अस्पताल के आपातकालीन विभाग में जाने की सलाह दी जा सकती है।

यदि आपको अस्पताल जाने की सलाह दी जाती है, तो दवा की पैकेजिंग को अपने साथ ले जाएं ताकि आपका इलाज करने वाले डॉक्टर को यह जानकारी हो सके कि आपने क्या लिया है।

एंटीफंगल दवाओं के इस्तेमाल से पहले इन बातों का रखें ध्यान (Things to consider when using antifungal drugs)

एंटीफंगल दवाएं लेने से पहले फार्मासिस्ट या अपने डॉक्टर से ये बात करें:

  • कोई भी मौजूदा समस्या या एलर्जी जो फंगल संक्रमण के लिए आपके इलाज को प्रभावित कर सकती है
  • एंटीफंगल दवाओं के संभावित दुष्प्रभाव
  • क्या एंटीफंगल दवा अन्य दवाओं के साथ प्रतिक्रिया कर सकती है जो आप पहले से ही ले रहे हैं (जिसे ड्रग इंटरेक्शन कहा जाता है)
  • क्या आपको एंटीफंगल दवा (Antifungal medicine) गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान लेनी चाहिए या नहीं - क्योंकि बहुत सी दवाएं उपयुक्त नहीं होती हैं

अधिक जानकारी के लिए आप एंटीफंगल दवाओं के साथ आने वाला लीफलेट पढ़ सकते हैं।

एंटीफंगल दवाओं के दुष्प्रभाव (Side effects of antifungal medicines)

एंटीफंगल दवाओं के कारण आपको कई दुष्प्रभावों का सामना करना पड़ सकता है। ये आमतौर पर हल्के होते हैं और थोड़े समय बाद ठीक हो जाते हैं।

इन दुष्प्रभावों में शामिल हैं:

  • खुजली या जलन (itching or burning)
  • लालिमा (redness)
  • उबकाई आना (feeling sick)
  • पेट में दर्द (tummy (abdominal) pain)
  • दस्त (diarrhoea)
  • चकत्ते (a rash)

कभी-कभी आपको एंटीफंगल दवा से अधिक गंभीर रिएक्शन हो सकता है, जैसे:

  • एलर्जी रिएक्शन (an allergic reaction) - आपका चेहरा, गर्दन और जीभ सूज सकती है और आपको सांस लेने में कठिनाई हो सकती है
  • त्वचा पर गंभीर रिएक्शन (a severe skin reaction) - जैसे कि त्वचा का छिलना या फफोले पड़ जाना
  • लिवर खराब होना (liver damage) (बहुत कम मामलों में) - भूख में कमी, उल्टी, मतली, पीलिया, पेशाब का रंग गहरा होना या पीला मल, थकान या कमजोरी का अनुभव हो सकता है

यदि आपको ये गंभीर दुष्प्रभाव होते हैं, तो दवा का इस्तेमाल करना बंद कर दें और दूसरे विकल्प के लिए अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट से बात करें।

यदि आपको सांस लेने में कठिनाई हो रही है, तो अपने नजदीकी अस्पताल के आपातकालीन विभाग में जाएँ या एम्बुलेंस के लिए कॉल करें।

दुष्प्रभावों के बारे में बताना (Reporting side effects)

यदि आपको लगता है कि किसी दवा से आप अस्वस्थ हो जा रहे हैं, तो आप इस दुष्प्रभाव को रिपोर्ट करें।

बच्चों के लिए एंटीफंगल दवाएं (Antifungal medicines for children.)

कुछ एंटीफंगल दवाएं बच्चों और शिशुओं को दी जा सकती है - जैसे, शिशुओं में ओरल थ्रश का इलाज करने के लिए माइकोनाजोल ओरल जेल (miconazole oral gel) का इस्तेमाल किया जा सकता है।

लेकिन आमतौर पर अलग-अलग उम्र के बच्चों के लिए अलग-अलग खुराक की जरूरत होती है। फार्मासिस्ट से पूछें या अधिक सलाह के लिए अपने डॉक्टर से बात करें।

किन एंटीफंगल दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है?

एंटीफंगल दवाएं (Antifungal medicines) अलग-अलग दवा निर्माता कंपनियों द्वारा बनायी जाती हैं, इसलिए इनके कई ब्रांड नेम हैं।

एंटीफंगल दवाओं (Antifungal medicines) के कई अलग-अलग प्रकार भी हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • क्लोट्रिमाजोल (clotrimazole)
  • इकोनाजोल नाइट्रेट (econazole nitrate)
  • माइकोनाजोल (miconazole)
  • टर्बिनाफिन (terbinafine)
  • फ्लुकोनाजोल (fluconazole)
  • कीटोकोनाजोल (ketoconazole)
  • एम्फोटेरिसिन (amphotericin)

पैकेजिंग पर इस बात का उल्लेख होना चाहिए कि किस दवा में कौन सा उत्पाद कितनी मात्रा में है। यह आमतौर पर प्रतिशत में दिखाया जाता है, जैसे क्रीम में 1% क्लोट्रिमाजोल या मिलीग्राम, उदाहरण स्वरूप कैप्सूल में 50 मिलीग्राम फ्लुकोनाजोल।

एंटीफंगल दवाओं के प्रकार (Types of antifungal medicines)

एंटीफंगल दवाएं (Antifungal medicines) कई रूपों में मौजूद हैं:

  • टॉपिकल एंटीफंगल (topical antifungals) – जैसे क्रीम, जेल मलहम या स्प्रे, जिन्हें शरीर पर सीधे लगाया जा सकता है
  • ओरल एंटीफंगल (oral antifungals) – कैप्सूल, टैबलेट या तरल दवा, जिसे निगला जा सकता है
  • इंट्रावेनस एंटीफंगल (intravenous antifungals) – आमतौर पर अस्पताल में आपको इंट्रावेनस इनफ्यूजन (intravenous infusion) (संकरी ट्यूब वाली दवा की एक ड्रिप) के जरिए हाथ की नस में इंजेक्शन दिया जाता है

इसके अलावा इंट्रावेजाइनल पेसरी (intravaginal pessaries) भी उपलब्ध है। पेसरी एक छोटी सपोसिटरी (suppositories) होती है जिसे योनि में डाला जाता है। यह योनि से जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाती है।

एंटीफंगल दवाओं के दुष्प्रभाव (Side-effects of antifungal medicines)

एंटीफंगल दवाओं (Antifungal medicines) के दुष्प्रभाव हो सकते हैं। ये आपके द्वारा इस्तेमाल की जा रही एंटीफंगल दवाओं (Antifungal medicines) के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं।

टॉपिकल एंटीफंगल (Topical antifungals)

टॉपिकल एंटीफंगल (Topical antifungals) दवाओं जैसे क्रीम के कारण ये दुष्प्रभाव हो सकते हैं:

  • खुजली (itching)
  • हल्की जलन (a mild burning sensation)
  • त्वचा लाल होना (redness)

इन दुष्प्रभावों में से कोई भी गंभीर होने पर दवा का इस्तेमाल बंद कर दें और अन्य विकल्प के लिए अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट से संपर्क करें।

ओरल एंटीफंगल (Oral antifungals)

ओरल एंटीफंगल (Oral antifungals) जैसे कैप्सूल के कई दुष्प्रभाव होते हैं, जैसे:

  • बीमार महसूस करना (feeling sick)
  • पेट में दर्द (abdominal pain)
  • दस्त (diarrhoea)
  • पेट फूलना (flatulence (wind))
  • सिरदर्द (headache)
  • चकत्ते (a rash)
  • अपच (indigestion)

ये दुष्प्रभाव आमतौर पर हल्के होते हैं और कुछ समय बाद ठीक हो जाते हैं।

एंटीफंगल के कारण कुछ गंभीर रिएक्शन भी हो सकते हैं, जैसे:

  • एलर्जिक रिएक्शन (an allergic reaction) - चेहरे, गर्दन या जीभ की सूजन या सांस लेने में कठिनाई
  • गंभीर त्वचा रिएक्शन (a severe skin reaction) - त्वचा छिलना या गोल छाले पड़ना

यदि आप इनमें से किसी भी रिएक्शन का अनुभव करते हैं, तो दवा लेना बंद कर दें और तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

यदि आपको सांस लेने में कठिनाई हो रही है, तो अपने आसपास के अस्पताल के दुर्घटना और आपातकालीन (ए एंड ई) विभाग में जाएं या एम्बुलेंस के लिए कॉल करें।

लिवर को नुकसान (Liver damage)

कुछ दुर्लभ मामलों में ही लिवर को नुकसान पहुंचता है लेकिन ओरल एंटी फंगल दवा का यह सबसे गंभीर दुष्प्रभाव है। खासतौर पर कीटोकोनाजोल (ketoconazole) लिवर की समस्या उत्पन्न करता है।

नीचे दिए गए लक्षणों में से किसी का भी अनुभव होने पर अपनी दवा लेना बंद कर दें और डॉक्टर से संपर्क करें। ये दुष्प्रभाव आपके लिवर को निम्न नुकसान पहुंचा सकते हैं:

  • भूख में कमी
  • उल्टी
  • लंबे समय से बीमार महसूस कर रहे हैं
  • पीलिया (jaundice) - त्वचा या आंखों के सफेद हिस्से का पीला होना
  • पेशाब का रंग गहरा होना या पीला मल
  • असामान्य थकान या कमजोरी

इंट्रावेनस एंटीफंगल (Intravenous antifungals)

एम्फोटेरिसिन (एम्फोटेरिसिन बी) (Amphotericin (amphotericin B)) सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला इंट्रावेनस एंटीफंगल (intravenous antifungal) है। ये आमतौर पर अस्पताल में इंट्रावेनस इंफ्यूजन (आपके हाथ की नस में दवा की एक ड्रिप) के रूप में दिया जाता है ।

एम्फोटेरिसिन (amphotericin) के दुष्प्रभावों में शामिल हैं:

  • भूख में कमी
  • बीमार महसूस करना
  • उल्टी
  • दस्त
  • एपिगैस्ट्रिक दर्द (epigastric pain) (पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द)
  • शरीर का तापमान बढ़ना (बुखार)
  • ठंड लगना
  • सिरदर्द
  • मांसपेशियों और जोड़ों का दर्द
  • एनीमिया (anaemia) (लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या घटना)
  • चकत्ते (a rash)

एम्फोटेरिसिन (Amphotericin) आपके निम्न अंगों को भी प्रभावित कर सकता है:

  • किडनी (kidneys) - रक्त में कुछ खनिजों जैसे पोटेशियम (potassium) या मैग्नीशियम (magnesium) की कमी हो जाती है।
  • हृदय (heart) - हृदय की धड़कन असामान्य होना या रक्तचाप में परिवर्तन।
  • लिवर (Liver) - लिवर की क्रिया प्रभावित होना, जैसे कि रक्त में बिलीरुबिन (bilirubin) का निर्माण; बिलीरुबिन (bilirubin) एक पीला पदार्थ है जो लाल रक्त कोशिकाओं (red blood cells) के टूटने पर उत्पन्न होता है
  • तंत्रिका तंत्र (nervous system) - मस्तिष्क, नसों और रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करता है, जिसके कारण सुनने में परेशानी या पेरिफेरल न्यूरोपैथी (peripheral neuropathy) की समस्या हो सकती है।

एम्फ़ोटेरिसिन (amphotericin) आमतौर पर अस्पताल में डॉक्टर की देखरेख में दिया जाता है। इस दौरान किसी भी प्रतिकूल प्रभाव का जल्दी से जाँच करके इलाज भी किया जाता है।

एंटीफंगल दवाओं के साथ प्रतिक्रिया (Interactions with antifungal medicines)

अगर एक ही समय में दो या अधिक दवाएं ली जाती हैं, तो एक दवा दूसरे दवा के प्रभाव को बदल सकती है। इसे दो ड्रग के बीच होने वाला इंटरैक्शन कहा जाता है। कुछ एंटीफंगल दवाएं (Antifungal medicines) अन्य दवाओं के साथ प्रतिक्रिया कर सकती हैं।

अगर आप कोई अन्य दवा या ओवर-द-काउंटर दवा ले रहे हैं, तो अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट को बताएं ताकि वे आपको बता सकें कि आपके लिए कौन सी एंटीफंगल दवा (Antifungal medicine) सुरक्षित होगी।

एंटीफंगल दवाओं (Antifungal medicines) से निम्न दवाएं प्रतिक्रिया करती हैं:

  • बेंज़ोडायजेपिन (benzodiazepines) - दवाओं का एक समूह जो नींद लाने और चिंता कम करने में मदद करता है
  • सिक्लोस्पोरिन (ciclosporin) - ऐसी दवा जो प्रतिरक्षा प्रणाली को घटाती है (बीमारी और संक्रमण के खिलाफ शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा)
  • सिमेटिडिन (cimetidine) - अपच के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा
  • हाइड्रोक्लोरोथियाजिड (hydrochlorothiazide) - उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा
  • ओस्ट्रोजन (oestrogens) - कुछ गर्भ निरोधकों में पाए जाने वाले हार्मोन
  • फेनिटोइन (phenytoin) - मिर्गी के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा
  • प्रोजेस्टोजेन (progestogens) - कुछ गर्भ निरोधकों में पाए जाने वाले हार्मोन
  • रिफैम्पिसिन (rifampicin) - एक एंटीबायोटिक जिसका उपयोग टीबी जैसे बैक्टीरिया के संक्रमण का इलाज करने के लिए किया जाता है
  • टैक्रोलिमस (tacrolimus) - ऐसी दवा जो प्रतिरक्षा प्रणाली को दबा देती है
  • थियोफिलिन (theophylline) - अस्थमा के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा
  • ट्राइसाइक्लिक एंटीडिप्रेसेंट्स (tricyclic antidepressants) - इन दवाओं का इस्तेमाल अवसाद के इलाज के लिए किया जाता है
  • जिडोवुडिन (zidovudine) - एचआईवी और एड्स के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा

एंटीफंगल दवाएं लेने का विचार (Considerations of antifungal medicines)

एंटीफंगल दवाएं (Antifungal medicines) लेने से पहले अपने डॉक्टर से कई चीजों पर विस्तार से चर्चा कर लेनी चाहिए।

एलर्जी (Allergies)

यदि आपको दवा या इसमें मौजूद किसी भी सामग्री से एलर्जी है तो आमतौर पर आपको एंटीफंगल दवा (Antifungal medicine) न लेने की सलाह दी जाती है।

कुछ मामलों में, जैसे कि जब अस्पताल में गंभीर फंगल संक्रमण का इलाज किया जाता है, तो आपके डॉक्टर कुछ एलर्जिक रिएक्शन को इग्नोर कर के दवा के फायदों को देखते हुए आपको दवा दे सकते हैं। वे दवा का इस्तेमाल करने का निर्णय लेंगे और आपकी बारीकी से निगरानी की जा सकती है।

अन्य समस्याएं (Other conditions)

यदि आपको हृदय, लिवर या किडनी से जुड़ी समस्याएं हैं, तो ओरल एंटीफंगल (oral antifungals) दवा का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करें।

अपनी समस्या के बारे में फार्मासिस्ट या डॉक्टर को बताएं ताकि वे आपको यह सलाह दे सकें कि आपके लिए किस एंटीफंगल दवा (Antifungal medicine) का इस्तेमाल सुरक्षित है।

टॉपिकल एंटीफंगल (Topical antifungals)

यदि आप टॉपिकल एंटीफंगल (Topical antifungal) दवा, जैसे क्रीम का इस्तेमाल करते हैं तो इसके संपर्क में आने से बचें:

  • आंखें
  • नम परतें (mucous membranes), जैसे नाक या मुंह के अंदर (सिवाय उस जेल के को विशेष रूप से मुंह के अंदर इस्तेमाल के हो)

गर्भनिरोधक (Contraceptives)

कुछ एंटीफंगल दवाएं (Antifungal medicines) इस तरह बनी होती हैं कि उन्हें पुरुष के लिंग या महिला की योनि के अंदर या आसपास इस्तेमाल किया जा सकता है। कभी-कभी थ्रश (thrush) के इलाज के लिए एंटीफंगल क्रीम (Antifungal cream) या वेजाइनल सपोसिटरी (पेसरी) (vaginal suppositories (pessaries)) का इस्तेमाल किया जाता है।

हालांकि, इस प्रकार की एंटीफंगल दवाएं (Antifungal medicines) लेटेक्स कंडोम और डायाफ्राम को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे वे कम प्रभावी हो जाते हैं। अगर आप एंटीफंगल दवा (Antifungal medicine) का इस्तेमाल कर रहे हों तो आपको गर्भनिरोध के अलग-अलग तरीके अपनाने चाहिए या सेक्स करने से बचना चाहिए।

कुछ प्रकार की एंटीफंगल दवाएं (Antifungal medicines) ओस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन (oestrogens and progestogens) के साथ भी प्रतिक्रिया करती हैं। ये कुछ हार्मोनल गर्भनिरोधकों जैसे संयुक्त गर्भनिरोधक गोली में पाई जाती है। एंटीफंगल दवा (Antifungal medicine) का सेवन करने के दौरान आपको रक्तस्राव हो सकता है, लेकिन आपकी गर्भ निरोधक सुरक्षा प्रभावित नहीं होती है।

आमतौर पर केवल ओरल एंटीफंगल दवाएं (Antifungal medicines) ही ओस्ट्रोजन (oestrogens) के साथ प्रतिक्रिया करती हैं।

गर्भावस्था (Pregnancy)

कई एंटीफंगल दवाएं (Antifungal medicines) गर्भावस्था के दौरान लेने के लिए सुरक्षित नहीं होती हैं। इस बारे में जानकारी के लिए दवा के साथ आने वाली लीफलेट को पढ़ें।

हालांकि, यदि आपको गर्भावस्था के दौरान वेजाइनल थ्रश (vaginal thrush) है, तो आपके डॉक्टर एंटीफंगल सपोसिटरी (antifungal suppository) लिख सकते हैं; जिसे आपकी योनि (पेसरी) या एंटीफंगल क्रीम (antifungal cream) में डाला जा सकता है।

स्तनपान (Breastfeeding)

कुछ दवाओं की छोटी मात्रा आपके स्तन के दूध में जा सकती है और स्तनपान कराते समय बच्चे में पहुंच सकती है। स्तनपान के दौरान बहुत सी एंटीफंगल दवाओं (Antifungal medicines) का सेवन न करने की सलाह दी जाती है। जानकारी के लिए एंटीफंगल दवाओं (Antifungal medicines) के साथ आने वाली लीफलेट को जरूर पढ़ें।

NHS के मूल कॉन्टेंट का अनुवादHealthily लोगो
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