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24th June, 20206 min read

क्या मुझे दमा (अस्थमा) का दौरा पड़ा है?

Medical Reviewer: Healthily's medical team
Author: Georgina Newman
मेडिकल समीक्षा के साथ

स्वास्थ्य संबंधी सभी लेखों की चिकित्सीय सुरक्षा जांच की जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जानकारी चिकित्सकीय रूप से सुरक्षित है। अधिक जानकारी के लिए हमारी सम्पादकीय नीति देखें।

यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है। यह Georgina Newman द्वारा लिखा गया है और Healthily's medical team ने इसकी मेडिकल समीक्षा की है।

दमा या अस्थमा (asthma) के दौरे को को अगर वर्णित किया जाए तो ऐसा महसूस होता है कि किसी ने छाती ने भारी वजन रख दिया हो, और ये वजन इतना भारी महसूस होता है कि सांस लेना मुश्किल हो जाता है।

दमा या अस्थमा का दौरा पड़ने की स्थिति वह है जिसमें फेफड़ों तक वायु ले जाने वाला मार्ग सूज जाता है जिससे सांस लेने में तकलीफ बढ़ती जाती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दमा या अस्थमा वैश्विक स्तर पर 339 मिलियन से अधिक लोगों को प्रभावित करता है, और इनमें से लगभग आधे लोगों को एक वर्ष में कम से कम 1 बार अटैक का अनुभव हो सकता है। यूके में, लगभग हर 10 सेकंड में एक व्‍यक्ति को दमा या अस्‍थमा ​का दौरा पड़ता है। ​

लोगों के बीच दमा या अस्थमा का दौरा काफी सामान्य बात है, पर यह जानना आवश्यक है कि इसके लक्षण कैसे होते हैं और इसे पड़ने से कैसे रोका जा सकता है और दौरा पड़ने के दौरान किसी व्यक्ति की मदद कैसे की जा सकती है।

दमा या अस्थमा दौरे के प्रारंभिक लक्षण क्‍या हैं?

दमा या अस्थमा का दौरा बिना कोई संकेत या चेतावनी दिए पड़ सकता है, लेकिन प्रारंभिक लक्षण दौरा पड़ने के लगभग 24 से 48 घंटे पहले ही शुरू हो जाते हैं।

इसके प्रारंभिक लक्षणों में सांस लेने में तकलीफ, छाती में भारीपन, बुरी तरह से जकड़न और कफ, एक्‍सरसाइज करने में तकलीफ या दैनिक कार्यों को साधारण तरीके से करने में समस्या होना या एक सप्ताह में सामान्य से अधिक बार अपने इनहेलर का उपयोग करने की आवश्यकता पड़ना शामिल हैं जो कि दौरे का संकेत दे सकते हैं।

अगर आप स्वयं में इन लक्षणों को देखते हैं तो किसी डॉक्टर से तत्काल अपॉइंटमेंट लें। वे आपको इस दौरे को पड़ने से रोकने या प्रभाव को कम करने के उपायों के बारे में बताएंगे और दौरा पड़ने की स्थिति में क्‍या करना है, उसके लिए दवा या उपचार का भी सुझाव देंगे।

दमा अटैक के लक्षण

जब दमा का दौरा पड़ता है तो लक्षण हल्‍के या गंभीर हो सकते हैं लेकिन सर्वाधिक मामलों में कुछ लक्षण सामान्‍य हैं, जो निम्न प्रकार के हैं:

  • खांसी (coughing)
  • सांस लेने पर सीटी बजने की आवाज आना
  • पूरी तरह से सांस नहीं ले पाना
  • छाती में दबाव और भारीपन (tight chest)
  • तेजी से सांस चलना (faster breathing)

अटैक या दौरा कितनी देर तक पड़ता है, वह उसकी गंभीरता पर निर्भर करता है। हल्का दौरा कुछ मिनटों के लिए पड़ता है लेकिन यदि गंभीर दौरा पड़ा तो कई घंटों या दिनों का समय लग जाता है।

अगर आपको गंभीर दमा या अस्थमा की शिकायत है तो आप गौर करेंगे कि आपको एक पूरे वाक्य को प्रवाह में बोलने पर कठिनाई होगी और फेफड़ों से हवा निकालने को मापने में आपका प्रयास काफी बेकार होगा।

अटैक काफी गंभीर पड़ने की स्थिति में अंगुलियां और होंठ नीले पड़ जाते हैं, हृदय गति सामान्य से बहुत तेज हो जाती है और बेहोशी आ जाती है।

अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण महसूस होता है तो यह गंभीर दमा अटैक का लक्षण है, ऐसी स्थिति में शीघ्र ही एंबुलेंस को बुला लें।

दमा का दौरा पड़ने पर कैसा महसूस होता है (What an asthma attack feels like)

दमा का दौरा पड़ने पर कैसा महसूस होता है, ये प्रत्येक व्यक्ति पर निर्भर करता है, पर लोगों के व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर कई लोगों को ऐसा महसूस होता है कि उनकी छाती पर तकिया रखा है या उन्होंने कसा हुआ कॉर्सेट पहन लिया हो और बस उन्‍हें एक खोखले स्ट्रॉ की मदद से सांस मिल पा रही है।

ये भावनाएं उस स्थिति में अधिक समझ में आती हैं जब आपको अटैक पड़ने के दौरान अपने शरीर में होने वाले परिवर्तनों के बारे में पता होता है।

यदि आप दमा को ट्रिगर करने वाले कारकों जैसे - वायु प्रदूषण या तनाव के संपर्क में आते हैं तो अंदर का वायु मार्ग सूज जाता है और वायु के प्रवाह का रास्ता बहुत संकीर्ण हो जाता है जिससे सांस लेने में तकलीफ महसूस होती है। वायु मार्ग के आसपास की मांसपेशियां भी रास्ते को बंद करने लगती हैं और रास्ता ज्यादा संकीर्ण होता जाता है जिसकी वजह से सांस लेना बहुत मुश्किल हो जाता है।

दमा के दौरे का क्‍या कारण होता है?

अभी तक कारण को पूरी तरह से नहीं समझा जा सका है, लेकिन कुछ लोग, अन्य लोगों के मुकाबले कहीं ज्‍यादा खतरे में होते हैं।

अगर आपको घास, पेड़ या खरपतवार के पराग कणों से एलर्जी है तो उनके संपर्क में आने पर आपको दौरा पड़ने का खतरा रहता है, अस्थमा या हे फीवर (hay fever) दोनों से ग्रसित हुए लोगों के लिए गर्मी का मौसम अधिक कठिन होता है।

संक्रमण जैसे - फ्लू, तापमान में अचानक परिवर्तन, तनाव, वायु प्रदूषण या अधिक व्यायाम करने जैसे कारण भी इसके ट्रिगर हो सकते हैं।

दमा का दौरा पड़ने पर क्‍या करें

अगर आपको दमा का दौरा पड़ता है तो एक कुर्सी पर सीधे बैठ जाएं और लंबी व गहरी सांस लें, ऐसा करने से आपको शांत रहने और अपनी सांस को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

अगर आप इनहेलर लेते हैं तो जितनी आवश्यकता हो, उतने पफ लें, अधिकतम 10 पफ ले सकते हैं। ध्‍यान रखें कि हर 60 सेकंड में एक पफ़ लेना चाहिए।

अगर 10 मिनट के भीतर आपको लक्षणों में राहत नहीं मिलती है तो एंबुलेंस बुलाएं।

अगर ये स्थितियां हैं तो एंबुलेंस को तुरंत ही बुलाएं:

  • यदि आपके पास इनहेलर नहीं है
  • इनहेलर लेने के बाद भी आपको लक्षणों में कोई आराम नहीं मिलता है
  • इनहेलर लेने के बावजूद भी आपके लक्षण और स्थिति बिगड़ती ही जा रही है
  • अगर आपको दौरा पड़ने के बाद गंभीर लक्षण नज़र आते हैं

इमरजेंसी सहायता मिलने तक प्रतीक्षा करने के दौरान, इनहेलर को लेते रहें और गहरी सांस लेने पर ध्यान दें।

दमा का दौरा पड़ने पर डॉक्‍टर को कब दिखाएं?

यदि दौरा या अटैक, हल्का है और आप लक्षणों को मैनेज कर सकते हैं तो आपको एंबुलेंस बुलाने की जरूरत नहीं है, लेकिन आपको उसी दिन डॉक्टर को अवश्य दिखा लेना चाहिए।

एक डॉक्टर से मिलकर अपने ट्रीटमेंट योजना को लेकर बातचीत करें, इससे आपको अगली बार ऐसी समस्या होने पर उसे मैनेज करने में आसानी होगी और अन्य अटैक पड़ने का खतरा भी कम हो जाएगा।

आप दमा (asthma)के बारे में अधिक जान सकते हैं और इससे बचने एवं रोकने के उपायों की जानकारी भी हासिल कर सकते हैं।

क्या यह लेख उपयोगी था?

महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।