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डिप्थीरिया

मेडिकल समीक्षा के साथ

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यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है।

डिप्थीरिया क्या होता है? (What is diphtheria?)

डिप्थीरिया एक प्रकार का जीवाणु संक्रमण है जो मुख्यतः नाक और गले को प्रभावित करता है। कुछ मामलों में, यह त्वचा को भी प्रभावित कर सकता है।

डिप्थीरिया बहुत संक्रामक है। इसका बैक्टीरिया तब फैलता है जब एक संक्रमित व्यक्ति खांसता है या छींकता है या उसके लार की बूंदें किसी अन्य व्यक्ति के मुंह या नाक में प्रवेश कर जाती है।

डिप्थीरिया के लक्षण (symptoms of diphtheria) हैं:

  • 38º C (100.4º F) या उससे ज्यादा तापमान होना (बुखार)
  • गले में खराश (sore throat)
  • साँस लेने में कठिनाई
  • गले में होने वाली एक धूसर सफेद झिल्ली

डिप्थीरिया का निदान (Diagnosing diphtheria)

डिप्थीरिया के निदान की पुष्टि गले, नाक, त्वचा,या घाव का एक स्वाब (swab) लेने से की जा सकती है। स्वाब एक रूई की कली के जैसा होता है और कोशिकाओं (cells) का एक छोटा सा नमूना एकत्र करता है।

एक माइक्रोस्कोप/ सूक्ष्मदर्शक यंत्र (microscope) के द्वारा उस नमूने की जांच की जाती है कि डिप्थीरिया पैदा करने वाले बैक्टीरिया उसमें हैं या नहीं।

डिप्थीरिया का इलाज (Treating diphtheria)

डिप्थीरिया की गंभीर कठिनाइयों को रोकने के लिए जल्दी से उसका इलाज शुरू कर देना चाहिए। यदि डिप्थीरिया का संदेह है, तो किसी भी परीक्षण के परिणाम की पुष्टि होने से पहले ही इलाज शुरू कर देना चाहिए।

डिप्थीरिया का इलाज (Diphtheria is treated) एंटीबायोटिक (antibiotics) और एंटीटॉक्सिन (antitoxin) दवा के साथ करना चाहिए। यदि किसी भी व्यक्ति पर इस स्तिथि में होने का संदेह हो, तो उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती किया जाना चाहिए।

मुख्य रूप से बच्चे डिप्थीरिया के प्रभाव की चपेट में जल्दी आते हैं। ज्यादा गंभीर मामले खतरनाक भी हो सकते हैं।

अनुमानित 5-10% लोग जो संक्रमित होते हैं, वे डिप्थीरिया से होने वाली कठिनाइयों (complications of diphtheria) के कारण मर जाते हैं, जैसे कि साँस लेने में दिक्कत, दिल की बीमारी (myocarditis) या तंत्रिका तंत्र (nervous system) में समस्याएं।

टीकाकरण (Vaccination)

सभी बच्चों को डिप्थीरिया के खिलाफ बचपन से ही नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत टीका लगाया जाना चाहिए।

व्यसकों को बूस्टर वैक्सीन (booster vaccine) लेने के बारे में विचार करना चाहिए जब वे दुनिया के उन हिस्सों में यात्रा कर रहे हो जहां डिप्थीरिया ज्यादा फैला हुआ है।

डिप्थीरिया टीकाकरण के बारे में ज्यादा जानकारी पढ़ें।

कितना आम है डिप्थीरिया?

डिप्थीरिया, 1940 में टीकाकरण कार्यक्रम शुरू होने से पहले, एक बहुत आम स्थिति थी और बच्चों की होने वाली मृत्यु के मुख्य कारणों में से एक थी।

इस जोखिम को डिप्थीरिया महामारी (diphtheria epidemic) द्वारा प्रदर्शित किया गया था जिसने 1990 से 1998 के बीच में पूर्व सोवियत संघ के देशों को अपनी चपेट में लिया था। इसके कारण 157,000 मामले और 5,000 मृत्यु हुईं थी। जिन बच्चों को बीमारी के खिलाफ टीका नहीं लगाया गया था, ये महामारी उन बच्चों की संख्या में वृद्धि के कारण हुई थी।

डिप्थीरिया के लक्षण (Diphtheria symptoms)

डिप्थीरिया के लक्षण सामान्यतः आपके संक्रमित होने के दो से सात दिन बाद ही शुरू होते हैं।

लक्षणों के विकसित होने में लगने वाले समय को ऊष्मायन अवधि (incubation period) कहते हैं।

डिप्थीरिया के लक्षणों में निम्न शामिल हैं:

● 38º C (100.4º F) या उससे ज्यादा तापमान होना (बुखार)

● ठंड लगना

● थकावट (बहुत अधिक थकान)

गले में खराश

● कर्कश आवाज

खांसी

सिरदर्द

निगलने में दिक्कत होना या निगलते समय दर्द होना

● सांस लेने में तकलीफ

● बदबूदार महक, नाक से खून बहना

● गले में सूजी हुई गांठें (nodes)

● पीलापन, त्वचा नीली होना

यदि आपको डिप्थीरिया हो गया है, तो आपके गले के अंदर एक धूसर सफेद झिल्ली (grey-white membrane) बन जाएगी। यह आपके गले और टॉन्सिल के पीछे के हिस्से को कवर (cover) करता है और आपको सांस लेने में दिक्कत पैदा कर सकता है। यदि आप इसे निकालने की कोशिश करेंगे, तो झिल्ली से खून निकलेगा।

डिप्थीरिया जो त्वचा को प्रभावित करता है

डिप्थीरिया कभी-कभी गले की जगह त्वचा को भी प्रभावित कर सकता है। यह त्वचीय डिप्थीरिया (cutaneous diphtheria) के रूप में जाना जाता है।

यदि आपको त्वचीय डिप्थीरिया हो गया है, तो आप अपनी त्वचा, सामान्यतः पैरों, पैर के पंजों और हाथों पर मवाद से भरे हुए धब्बे देख सकेंगे। ये फफोले और धब्बे एक बड़े छाले में घिरे हुए, फीकी पड़ी हुई त्वचा के लाल पैच (patch) से बनते हैं। सामान्यतः छाले दो से तीन महीने के अंदर ठीक हो जाते हैं, पर यह निशान छोड़ देते हैं।

बिना लक्षण के डिप्थीरिया (asymptomatic diphtheria)

जिन लोगों को डिप्थीरिया के खिलाफ टीके लग गए हैं, उनके संक्रमित होने पर कोई लक्षण नहीं दिखेंगे (asymptomatic diphtheria)। हालांकि, इन लोगों के लिए अभी भी यह सम्भावना है कि वे दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं।

डिप्थीरिया का कारण (Diphtheria causes)

दो प्रकार के जीवाणु डिप्थीरिया का कारण बन सकते हैं।

वो हैं:

  • कोरिनेबैक्टीरियम डिप्थीरिया (corynebacterium diphtheriae)
  • कोरिनेबैक्टीरियम अल्सर (corynebacterium ulcerans)

जब एक संक्रमित व्यक्ति खांसता है या उसकी छींक और लार की बूंदें किसी अन्य व्यक्ति के मुंह या नाक में प्रवेश कर जाती हैं, तब बैक्टीरिया फैलता है। कभी कभी, जो जीवाणु डिप्थीरिया का कारण होते हैं, उन्हें संक्रमित व्यक्ति द्वारा चश्मा, तौलिए या खाने के बर्तन में छोड़ दिया जाता है।

सामान्यतः डिप्थीरिया किसी ऐसे व्यक्ति के साथ निकट या लंबे समय तक संपर्क में रहने के बाद होता है, जिसे यह स्थिति होती है या जो संक्रमित हो। उदाहरण के तौर पर, आप जिस व्यक्ति के साथ रह रहे हो, उससे आपको डिप्थीरिया हो सकता है।

उन देशों में जहां स्वच्छता का स्तर खराब है, वहां ज्यादातर डिप्थीरिया त्वचा (त्वचीय डिप्थीरिया) को प्रभावित करता है। ऐसे मामलों में, जीवाणु संक्रमण सांस लेने के अलावा संक्रमित घाव के संपर्क से फैल जाता है।

जानवरों के द्वारा संक्रमण होना

मवेशियों (cattle) के करीबी संपर्क में आने के बाद आप कोरिनेबैक्टीरियम अल्सर (Corynebacterium ulcerans) से संक्रमित हो सकते हैं क्योंकि ये बैक्टीरिया उनके नाक और गले में ही रहता है।

अपास्तुरीक्रित (unpasteurised) दूध पीने या अपास्तुरीक्रित दूध से बनी चीजें खाने के बाद भी आप बैक्टीरिया से संक्रमित हो सकते हैं।

ये हालत कैसे विकसित होती है

एक व्यक्ति के संक्रमित होने के बाद, ये बैक्टीरिया बहुत तेजी से बढ़ते हैं और मुंह, गले और नाक की अंदरूनी सतह के माध्यम से फैलते हैं।

ये बैक्टीरिया एक प्रकार के जहर/ विष को उत्पन्न करते हैं जो गले में कोशिकाओं को मारने का काम शुरू करते हैं। मृत कोशिकाएं तेजी से बढ़ती हैं और गले में एक धूसर-सफेद झिल्ली बनाती है (डिप्थीरिया के लक्षण देखें)।

रक्त के माध्यम से जहर फैल भी सकता है और दिल और तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है।

डिप्थीरिया का इलाज (Diphtheria treatment)

यदि डिप्थीरिया का संदेह है, तो आपको तुरंत अस्पताल भेजा जाएगा और दूसरे लोगों में होने वाले संक्रमण की रोकथाम के लिए एक आइसोलेशन वार्ड (isolation ward) में भर्ती किया जाएगा।

यदि धूसर सफेद झिल्ली से आपको सांस लेने में दिक्कत हो रही है, तो कुछ या सभी झिल्लियों को हटा दिया जाएगा।

डिप्थीरिया संक्रमण का इलाज दो प्रकार की दवा का उपयोग करके किया जाता है:

  • एंटीबायोटिक्स (antibiotics) , डिप्थीरिया बैक्टीरिया को मारने के लिए
  • एंटीटॉक्सिन (antitoxin) जो बैक्टीरिया द्वारा बनाए गए जहर के प्रभावों को बहुत कम कर सके

ज्यादातर लोग जिन को डिप्थीरिया होता है, उन्हें 14-दिन के एंटीबायोटिक दवाओं के कोर्स की जरुरत होती है। इतने समय के बाद, यह पता लगाने के लिए आपका परीक्षण होगा कि क्या सभी बैक्टीरिया चले गए हैं। यदि डिप्थीरिया के बैक्टीरिया अभी भी मौजूद हैं, तो और 10 दिनों के लिए आपको एंटीबायोटिक जारी रखने की जरुरत पड़ सकती है।

आपको बताई गई खुराक इस बात पर निर्भर करेगी कि आपको डिप्थीरिया कितने दिनों से है और आपकी स्थिति कितनी गंभीर है।

अगर आप अपना इलाज पूरा कर लेते हैं, तो आप अन्य लोगों को संक्रमित नहीं कर सकेंगे। हालाँकि, आप आइसोलेशन वार्ड (isolation ward) तब तक नहीं छोड़ सकेंगे जब तक कि परीक्षण में ये साफ़ न हो जाये कि आप पूरी तरह संक्रमण मुक्त हो चुके हैं।

इलाज के बाद भी आपको डिप्थीरिया का टीका लगवाना चाहिए क्योंकि एक बार डिप्थीरिया होने के बाद भी दोबारा संक्रमण होने से रोका नहीं जा सकता है।

करीबी संपर्क में आए लोगों का परीक्षण और इलाज करना

ऐसा कोई भी व्यक्ति चाहे पारिवारिक या घरेलू सदस्य, मेहमान या किसी को आपने चूमा हो या यौन संबंध के कारण आपके साथ निकट संपर्क में हो, उसे भी तुरंत अपने डॉक्टर के पास डिप्थीरिया के लक्षण की जाँच करवानी चाहिए।

डिप्थीरिया के परीक्षण के लिए नाक की कोशिकाओं का एक नमूना लिया जाता है जिससे की डिप्थीरिया के जीवाणु का परीक्षण हो सके। आपके निकट संपर्क को एंटीबायोटिक्स दिए जाएंगे। यह बहुत जरूरी है कि वे यह कोर्स पूरा करें। यदि जरुरत पड़ी, तो उन्हें भी डिप्थीरिया टीकाकरण की बूस्टर खुराक दी जाएगी।

कोई भी स्वास्थ्य कर्मी जो डिप्थीरिया से संक्रमित किसी भी व्यक्ति की देखभाल करता है, उसे भी परीक्षण और इलाज की जरुरत हो सकती है।

काम के सहयोगियों या स्कूल के दोस्तों से डिप्थीरिया होने का खतरा बहुत कम होता है।

त्वचीय डिप्थीरिया (Cutaneous diptheria)

त्वचीय डिप्थीरिया(Cutaneous diptheria) वो डिप्थीरिया है जो गले के बजाय त्वचा को प्रभावित करता है। साबुन और पानी से डिप्थीरिया बैक्टीरिया से संक्रमित किसी भी घाव को अच्छी तरह से धोने से इसका इलाज किया जाता है। दो सप्ताह बाद आपका परीक्षण किया जाएगा यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी बैक्टीरिया चले गए हैं।

डिप्थीरिया की जटिलताएं (Complications of diphtheria)

डिप्थीरिया(Diphtheria) संभावित रूप से जानलेवा जटिलताओं को जन्म दे सकता है, जैसे कि साँस लेने में कठिनाई और हृदय और तंत्रिका तंत्र(nervous system) के साथ समस्याएं।

श्वासरोध (Respiratory Failure)

डिप्थीरिया(Diptheria) सांस की गंभीर समस्या पैदा कर सकता है क्योंकि:

  • आपके गले को ढकने वाली झिल्ली (membrane) सांस लेना मुश्किल कर सकती है
  • झिल्ली (membrane) के छोटे कण आपके फेफड़ों (lungs) में गिर सकते हैं, जिससे फेफड़ों की व्यापक सूजन (widespread inflammation) हो सकती है

एक आशंका है कि डिप्थीरिया(Diphtheria) से पीड़ित व्यक्ति अपने फेफड़ों(lungs) का

बहुत या पूरा सामान्य कार्य खो देगा। इसे श्वासरोध(respiratory failure) कहा जाता है।

यदि आपको श्वासरोध(respiratory failure) का आशंका है, तो एक कृत्रिम श्वास मशीन(artificial breathing machine), जिसे वेंटिलेटर(Ventilator) कहा जाता है, का उपयोग आपकी साँस लेने में मदद करने के लिए किया जाएगा। वेंटिलेटर(Ventilator) अंतर्निहित संक्रमण(underlying infection) का इलाज करते समय आपके फेफड़ों में और बाहर ऑक्सीजन-समृद्ध हवा(oxygen-enriched air) को स्थानांतरित करेगा।

मायोकार्डिटिस (Myocarditis)

डिप्थीरिया (Diptheria) बैक्टीरिया द्वारा उत्पन्न विष (toxin) आपके हृदय की मांसपेशियों को उत्तेजित कर सकता है। हृदय की मांसपेशियों (muscles) की सूजन को मायोकार्डिटिस (myocarditis) के रूप में जाना जाता है। मायोकार्डिटिस (myocarditis) आपके दिल के अनियमित रूप से धकड़ने का कारण बन सकता है, इससे हृदय ब्लॉक (ह्रदय मे रुकावट) (heart block) होता है। यह तब होता है जब आपके दिल की धड़कन को नियंत्रित करने वाले विद्युत नाड़ी-स्फुरण(electric pulse) को बाधित किया जाता है, जिससे आपका दिल बहुत धीरे धीरे धड़कता है (ब्रैडीकार्डिया, Bradycardia)।

हार्ट ब्लॉक (heart block) को एक अस्थायी पेसमेकर (temporary pacemaker) के साथ इलाज किया जा सकता है। यह एक छोटा विद्युत उपकरण है जो बैटरी के समान होता है। यह आपकी छाती में डाला जा सकता है ताकि आपके दिल की धड़कन नियमित रूप से चल सके।

मायोकार्डिटिस (myocarditis) के सबसे गंभीर मामलों में, दिल इतना कमजोर हो सकता है कि यह आपके शरीर को रक्त संचारित नहीं कर सकता है और आपको हृद्पात होगा।

तंत्रिका तंत्र की जटिलताएं (Nervous system complications)

डिप्थीरिया(diphtheria) जटिलताओं का कारण बन सकता है जो तंत्रिका तंत्र(nervous system) (न्यूरोलॉजिकल जटिलताएं, neurological complications) को प्रभावित करता है। यह डिप्थीरिया के पहले लक्षणों का अनुभव करने के हफ्तों बाद हो सकते हैं।

डायाफ्राम का पक्षाघात (Paralysis of Diaphragm)

एक संभावित जटिलता है कि आपके डायाफ्राम(diaphragm) को लकवा(paralysis) मार गया है। डायाफ्राम(diaphragm) एक मोटी गुंबद(dome) के आकार की मांसपेशी है जो आपकी छाती को आपके पेट से अलग करती है। यह आपको अंदर और बाहर सांस लेने में मदद करता है।

यदि डायाफ्राम(diaphragm) ठीक से काम नहीं कर रहा है, तो आपको सांस लेने में मदद करने के लिए वेंटिलेटर(Ventilator) की आवश्यकता होगी। यह आपके फेफड़ों(lungs) के दबाव को नियंत्रित करके आपके डायाफ्राम के कार्य की नकल कर सकता है। जब तक आपको तुरंत वेंटिलेटर(Ventilator) पर नहीं रखा जाता है, तब तक डायाफ्राम का पक्षाघात(paralysis of diaphragm) घातक हो सकता है।

आधे या एक घंटे की अवधि में डायाफ्राम(diaphragm) अचानक लकवाग्रस्त(paralyse) हो सकता है। पहली डिप्थीरिया(diphtheria) विकसित होने के कुछ सप्ताह बाद प्रारंभिक संक्रमण और किसी भी अन्य जटिलताओं से उबरने के बाद भी आपको यह पक्षाघात(paralysis) हो सकता है।

इस कारण से, डिप्थीरिया(diptheria) और अन्य जटिलताओं वाले बच्चे, जैसे कि हृदय को प्रभावित करने वाले, छह सप्ताह तक अस्पताल में रखे जा सकते हैं, भले ही वे बेहतर दिखाई दें।

मूत्राशय की समस्याएं (Bladder problems)

एक अन्य संभावित जटिलता आपके मूत्राशय (bladder) को नियंत्रित करने वाली नसों के साथ समस्या (न्यूरोजेनिक मूत्राशय की शिथिलता, neurogenic bladder dysfunction) होना है। यदि ये नसें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, तो आप अपने मूत्राशय (bladder) को पूरी तरह से खाली नहीं कर पाएंगे। इसके लक्षण हो सकते हैं जैसे: 

  • अक्सर पेशाब करने की आवश्यकता होती है 
  • मूत्र की थोड़ी मात्रा में गुजरना 
  • अपने मूत्राशय (bladder) पर नियंत्रण खोना 

मूत्राशय की समस्याएं(bladder problems) अक्सर डायाफ्राम के पक्षाघात(paralysis of diaphragm) से पहले विकसित होती हैं, इसलिए यह एक प्रारंभिक चेतावनी संकेत हो सकता है कि आप अधिक गंभीर श्वास समस्याओं का विकास करेंगे।

घातक डिप्थीरिया (Malignant diphtheria)

घातक डिप्थीरिया (malignant diphtheria), जिसे हाइपरटॉक्सिक डिप्थीरिया (hypertoxic diphtheria) या डिप्थीरिया ग्रेविस (diphtheria gravis) के रूप में भी जाना जाता है, डिप्थीरिया (diphtheria) का एक बहुत गंभीर रूप है। डिप्थीरिया के अन्य लक्षणों के साथ, घातक डिप्थीरिया(malignant diphtheria) से पीड़ित लोगों में विकास होता है:

  • गंभीर रक्तस्राव की समस्या(bleeding problems)
  • किडनी खराब (kidney failure)

घातक डिप्थीरिया(malignant diptheria) अक्सर हानिकारक (fatal) होता है। यह एक विशेष प्रकार के कोरिनेबैक्टीरियम डिप्थीरिया

(Corynebacterium diphtheriae) बैक्टीरिया के कारण होता है जो डिप्थीरिया का कारण बनता है।

डिप्थीरिया से बचाव

डिप्थीरिया(diphtheria) को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका यह सुनिश्चित करना है कि आपके सभी टीकाकरण अप-टू-डेट हैं।

डिप्थीरिया के लिए टीकाकरण सामान्य

एनएचएस बचपन टीकाकरण(NHS childhood vaccination) अनुसूची का हिस्सा है।

कुल मिलाकर, बच्चों को डिप्थीरिया टीकाकरण की पांच खुराकें प्राप्त करनी चाहिए। यह आमतौर पर अन्य टीकों के साथ संयुक्त है। ज्यादातर लोगों के लिए, पांच खुराक उनके जीवन के बाकी हिस्सों के लिए डिप्थीरिया से सुरक्षा का एक अच्छा स्तर प्रदान करते हैं।

शिशुओं के लिए (Babies)

सभी शिशुओं को 5-इन -1 टीके(5 in 1 vaccine) के हिस्से के रूप में डिप्थीरिया(Diptheria) के खिलाफ टीकाकरण की पेशकश की जाती है जो दो, तीन और चार महीने की उम्र में दी जाती है। 5-इन -1 वैक्सीन, जिसे DTaP / IPV / Hib टीके के रूप में भी जाना जाता है, इनसे भी बचाव करता है:

डिप्थीरिया(Diptheria) के खिलाफ एक बूस्टर टीका(booster vaccine) को 4-इन -1 पूर्व-शिक्षावय बूस्टर(4-in-1 pre-school booster) (जिसे DTaP / IPV टीका भी कहा जाता है) के हिस्से के रूप में उन बच्चों को दिया जाता है जो लगभग तीन साल और चार महीने के हैं। 4-इन-1 टीका डिप्थीरिया(Diptheria), टेटनस(tetanus), काली खांसी(whooping cough) और पोलियो(polio) से बचाता है।

किशोरों के लिए (Teenagers)

डिप्थीरिया टीके(diptheria vaccine) की एक अंतिम बूस्टर खुराक 3-इन-1 किशोर बूस्टर(teenage booster) (जिसे टीडी / आईपीवी वैक्सीन भी कहा जाता है) के हिस्से के रूप में बच्चों को दिया जाता है, जब वे 13 से 18 वर्ष के होते हैं। 3-इन-1 टीका डिप्थीरिया(diptheria), टेटनस(tetanus) और पोलियो(polio) से बचाता है।

यदि आप सुनिश्चित नहीं हैं कि आपके परिवार के टीके अप-टू-डेट हैं, तो अपनी डॉक्टर से पूछें।

डिप्थीरिया के खिलाफ यात्रा टीकाकरण (Travel vaccination against diphtheria)

यदि आप दुनिया के उन हिस्सों में रहने या काम करने जा रहे हैं, जहां डिप्थीरिया(diphtheria) व्यापक है, तो आपको और बूस्टर डिप्थीरिया(booster diphtheria) के टीकाकरण की आवश्यकता हो सकती है। यदि आपकी अंतिम खुराक 10 साल से ऊपर थी, तो आपको बूस्टर की खुराक लेनी चाहिए।

डिप्थीरिया की उच्च दर वाले क्षेत्रों में शामिल हैं:

  • उप-सहारा अफ्रीका(sub-Saharan Africa) (सहारा रेगिस्तान के दक्षिण में सभी देश, विशेष रूप से नाइजीरिया)
  • भारत(India)
  • नेपाल(Nepal)
  • बांग्लादेश(Bangladesh)
  • इंडोनेशिया(Indonesia)
  • फिलीपींस(Phillipines)
  • वियतनाम(Vietnam)
  • लाओस(Laos)
  • पापुआ न्यू गिनी(Papua new guinea)
  • ब्राजील(Brazil)
  • इराक(Iraq)
  • अफगानिस्तान(Afghanistan)

हालांकि, जिन क्षेत्रों को किसी भी बीमारी के लिए उच्च जोखिम माना जाता है वे बदल सकते हैं। आधुनिक यात्रा जानकारी के लिए, आप देख सकते हैं:

  • एनएचएस fitfortravel(NHS fitfortravel)
  • राष्ट्रीय यात्रा स्वास्थ्य नेटवर्क और केंद्र(National Travel Health Network and Centre) (NaTHNaC)
NHS के मूल कॉन्टेंट का अनुवादHealthily लोगो
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महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।