COVID-19: नवीनतम सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक करें

×
5th March, 20206 min read

सोने के लिए सबसे अच्छी (और खराब) मुद्रा कौन सी हैं? (What is best and worst sleeping position?)

मेडिकल समीक्षा के साथ

स्वास्थ्य संबंधी सभी लेखों की चिकित्सीय सुरक्षा जांच की जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जानकारी चिकित्सकीय रूप से सुरक्षित है। अधिक जानकारी के लिए हमारी सम्पादकीय नीति देखें।

यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है।

आप रात में किस मुद्रा (पोज़िशन) में सोते हैं? क्या आप अपने पीठ के बल, किनारे या पेट के बल लेटते हैं या भ्रूण की स्थिति में लेटकर सोते हैं।

यदि आप अपने सोने की पोज़िशन के बारे में कभी नहीं सोचते हैं तो अब समय है कि आप इस बारे में विचार करें। आप कैसे सोते हैं ये बस आप दिन में उठकर कैसा महसूस करते हैं उसे ही प्रभावित नहीं करता बल्कि यह कई जोखिम भरी अवस्थाओं को बढ़ा या घटा सकता है।

यह लेख आपके पसंदीदा सोने की अवस्था से जुड़े खतरों और लाभों को समझने में आपकी सहायता करेगा। जिससे आप अपने लिए अच्छे और खराब सोने की अवस्था का पता लगा सकते हैं।

क्या सोने की मुद्रा मायने रखती है? (Does sleeping position Matter?)

आप रात में कितनी देर सोते हैं और उठने पर कैसा महसूस करते हैं इसपर बहुत ज़्यादा ध्यान देने से अपने सोने के समीकरण में एक मुख्य चीज़ को भूलना आसान है जो कि आपकी सोने का पोज़िशन है।

क्या यह मायने रखता है? हां यह बहुत मायने रखता है क्योंकि आपके सोने की मुद्रा गर्दन दर्द, थकान, स्लीप एपनिया (sleep apnoea), मांसपेशियों में ऐंठन, सिरदर्द और सीने में जलन जैसे लक्षणों का कारण बन सकती है। ये समय से पहले झुर्रियों का भी कारण बन सकती है।

सोने की अलग मुद्राओं के अपने अलग नकारात्मक पहलू हैं लेकिन कुछ लोगों के लिए ये नकारात्मक पक्ष गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों का कारण बन सकता है।

तो क्या आप संभवतः सही अवस्था में सो रहे हैं?

सोने की विभिन्न स्थितियों के जोखिम और लाभ (Risk and benefits of different sleeping position)

पीठ के बल सोना (Sleeping on your back)

पीठ के बल सोना बहुत काम आम है, मात्र 8% लोग ऐसा करते हैं। यदि आप ऐसा करते हैं तो अच्छी खबर है कि चेहरा ऊपर रखकर सोना गर्दन दर्द और पीठ दर्द से बचाता है। सीधे अपनी पीठ के बल लेटना आपके सिर, गर्दन और रीढ़ को तटस्थ स्थिति में रखता है और उन क्षेत्रों में होने वाले जोड़ों पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव को हटाता है।

चेहरे को ऊपर रखकर सोना एसिड रिफ्लक्स (Acid reflux) के खतरे को भी कम करता है जब तक आप अपने सिर को अपनी छाती से ऊंचा रखने के लिए तकिया का उपयोग करते हैं और अपने पेट की सामग्री को अपने पाचन तंत्र में आने से रोकते हैं।

इसमें सबसे बड़ी कमी यह है कि पीठ के बल सोना खर्राटे (snoring) और स्लीप एपनिया (sleep apnoea) के खतरे को बढ़ाता है। जब आप पीठ के बल सोते हैं तब आपकी जीभ आपके साँस की नली को बन्द कर सकती है जो सामान्य रूप से सांस लेना मुश्किल बना सकता है।

यदि आप खर्राटे लेते हैं या आपको स्लीप एपनिया के दौरे आते हैं तो अपने लक्षणों को सुधारने के लिए किसी एक करवट सोने का प्रयास करें।

करवट लेकर सोना (sleeping on your side)

जब सोने का समय हो तो क्या आप अपने पैरों और पीठ को सीधा रखकर किसी एक करवट लेटते हैं। 15% वयस्क ऐसा करते हैं और ये सोने के लिए एक अच्छी मुद्रा है।

पीठ के बल न सोकर करवट लेकर सोना स्लीप एपनिया (sleep apnoea) के लक्षणों को कम करता है और खर्राटे से आराम दिलाता है। करवट लेकर पीठ सीधी करके सोना आपकी रीढ़ को सही कोण में रखता है। जो आपके रीढ़ के दर्द और गर्दन के दर्द को कम करने में सहायता करता है।

लेकिन यहां ध्यान देने वाली बात है कि करवट लेकर सोना आपके कूल्हों पर दबाव डालता है जिसके बल आप लेटे होते हैं। आप घुटनों के नीचे नरम तकिया या मुड़ा हुआ कंबल रखकर इससे आराम पा सकते हैं।

यदि आप अधिक समय तक युवा दिखने के लिए उत्सुक हैं, तो ध्यान रखें कि अपने आधे चेहरे को तकिए पर दबाना समय से पहले होने वाली झुर्रियों का कारण बन सकता है।

पेट के बल सोना (sleeping on your tummy)

केवल सात प्रतिशत लोग इस मुद्रा का चुनाव करते हैं यदि आप इन 7% में हैं तो नई मुद्रा में सोने का प्रयास करना फ़ायदेमंद है। क्योंकि पेट के बल सोना कई स्वास्थ्य सम्बंधी खतरों का कारण बनता है।

पहला जब आप पेट के बल लेटते हैं तो इसमें अपनी रीढ़ को सामान्य स्थिति में रखना मुश्किल होता है और ये गर्दन दर्द और पीठ दर्द का कारण बन सकता है। दूसरा यह मुद्रा आपके मांसपेशियों और जोड़ों पर दबाव डालता है जो दर्द (aches), अकड़न (numbness) और झुनझुनी (tingling) का कारण बन सकता है।

इस मुद्रा में पूरी तरह से सोने से बचना सबसे अच्छा है, लेकिन अगर यह एकमात्र मुद्रा है जिसमें आप सो सकता हैं, तो संभावित जोखिमों को ऐसे कम करें:

सिर को घुमाकर सोने की बजाय अपने चेहरे को झुकाएं। यह आपके वायुमार्ग को खुला रहने में मदद करेगा।
अपने सिर के नीचे एक नरम तकिया लगाएँ।

भ्रूण की मुद्रा में सोना (sleeping in foetal position)

भ्रूण की मुद्रा में सोना (sleeping in foetal position) सबसे सामान्य सोने की स्थिति है, लगभग 40% लोग सोते समय किनारे की ओर घूम कर सोते हैं। यदि आप इस समूह में आते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है क्योंकि भ्रूण की मुद्रा (foetal position) आपके रीढ़ को सामान्य रखती है और पीठ दर्द होने से बचाती है।

जानवरों पर हुआ शोध बताता है अपने ओर मुड़ कर सोना दिमाग की बीमारियों को कम करता है जैसे कि अल्ज़ाइमर (Alzheimer's) और पार्किन्सन रोग (Parkinson's disease)

लेकिन इसके अन्य फायदे भी हैं।

गर्भवती महिलाओं को रात में भ्रूण की स्थिति में लेटने से फायदा हो सकता है क्योंकि ऐसा करना:

  • आपके शरीर में प्रवाह को सुधारता है
  • आपके बच्चे के प्रवाह को सुधारता है
  • आपके गर्भाशय (uterus) को आपके लिवर (liver) के विरुद्ध दबाने से रोकता है

लेकिन यहां भ्रूण की मुद्रा में सोने की कुछ खराबी भी हैं जिसमें से एक को नोट करना फ़ायदेमंद हो सकता है, बहुत तनाव के साथ मुड़े होना आपकी सांस को रोक सकता है और आपको पीड़ा हो सकती है।

यदि आपको उठने पर पीड़ा या दर्द होता है तो जब अगली बार सोने जाएं तो अपने शरीर को सीधा करने का प्रयास करें।

सोने की सबसे सही मुद्रा

तो विजेता कौन सी मुद्रा श्रेष्ठ है?

करवट लेकर सोने में अन्य मुद्राओं की तुलना में कम ख़तरे होते हैं, जबकि आपके पेट पर सोने से उल्लेखनीय नुकसान होते हैं। हालाँकि, क्योंकि हर कोई अलग है, यह कहना मुश्किल है कि कौन सी विशिष्ट सोने की मुद्रा सबसे अच्छी है।

यदि आपको एक स्वास्थ्य स्थिति है, या होने की सम्भावना है, जो आपकी सोने की मुद्रा से प्रभावित हो सकती है, तो डॉक्टर से बात करें।

और याद रखें कि यद्यपि आप एक निश्चित मुद्रा में सो जाते हैं, आप उस मुद्रा में अधिकांश रात बिताने की संभावना नहीं रखते हैं। हम में से अधिकांश सोते समय प्रति घंटे 10 से 12 बार घूमते हैं, जिसका अर्थ है कि आप रात में कई बार अपनी मुद्रा बदल सकते हैं।

क्या यह लेख उपयोगी था?

महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।