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5th March, 20206 min read

नींद में समस्या होने पर डॉक्टर से कब मिलें

मेडिकल समीक्षा के साथ

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यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है।

अच्छी नींद का मतलब अलग-अलग लोगों के लिए भिन्न हो सकता है। हम में से कुछ लोगों को अच्छी तरह से काम करने के लिए प्रत्येक रात को पूरे 8 घंटे सोने की ज़रूरत होती है, जबकि अन्य लोगों को केवल 4 घंटे की ज़रूरत हो सकती है।

हालांकि, कभी-कभी आपकी नींद बहुत ख़राब हो सकती है। लेकिन आप कैसे जान पाएँगे कि यह बदलाव सामान्य है या कुछ और है जिसके लिए आपको मदद लेनी चाहिए?

आप तब तक नहीं जान सकते, जब तक आप उनके संकेतों को नहीं समझ सकते।

इन संकेतों को समझने के लिए आप थोड़ा समय निकालें क्योंकि ख़राब नींद आपकी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है, यदि समय रहते आपने इसका उपचार नहीं किया। यह एक अंतर्निहित कंडीशन का भी लक्षण हो सकता है, जिसके उपचार की आवश्यकता हो सकती है।

यदि आप तय नहीं कर पा रहे हैं कि आपकी नींद अच्छी है या बुरी, तो यह लेख आपको बताएगा कि नींद के बारे में आपको कब चिंता करनी चाहिए और किससे मदद लेनी चाहिए।
सामान्य नींद कैसी होती है?

रात की सामान्य नींद 3 भागों से बनी होती है:

  • शांत या गहरी नींद – इसमें गहरी नींद के 4 चरण शामिल होते हैं
  • रैपिड आई मूवमेंट (REM) नींद - जब ब्रेन बहुत सक्रिय होता है, तो आँखों की पुतलियाँ तेजी से चलती हैं लेकिन शरीर शांत पड़ा रहता है। आरईएम (REM) नींद के दौरान ही अधिकांश सपने देखे जाते हैं।
  • बीच में कभी-कभार 1 से 2 मिनट के लिए जाग जाना।

ज्यादातर लोगों के लिए, एक रात की नींद में 4 से 5 सेशन की नींद शामिल होती है, जिसके बाद 4 से 5 पीरियड की आरईएम नींद (REM sleep) होती है। हम में से अधिकांश लोग हर 2 घंटे में 1 से 2 मिनट तक के लिए जागते हैं (जैसे-जैसे रात बीतती है, यह ज्यादा बार होने लगता है)।

हालांकि, हम आमतौर पर जागने की इन छोटी-मोटी अवधि को याद नहीं रखते हैं, यदि वे 2 मिनट से कम समय तक चलते हैं।

चूँकि हम सभी की नींद की आदतें और ज़रूरतें अलग-अलग होती हैं, ऐसे में नींद के कुछ व्यवहार होते हैं जो बताते हैं कि आपकी नींद अच्छी है और चिंता की कोई बात नहीं है। इसमें शामिल है:

  • 30 मिनट के भीतर सो जाना
  • रात के दौरान एक से अधिक बार नहीं जागना
  • रात में जागने के 20 मिनट के भीतर वापस सो जाना
  • उठने पर तरोताजा महसूस करना
  • अलर्ट महसूस करना और दिन के दौरान ध्यान केंद्रित करने में सक्षम होना

अपनी ख़राब नींद के बारे में किसी डॉक्टर से कब मिलना चाहिए

यदि आपको नींद आने में मुश्किल हो रही है, या दिन में सामान्य रूप से आप सोते रहते हों या काम करते समय तुरंत थक जाते हैं, तो डॉक्टर से मिलना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

यदि आपको नींद की ये समस्या एक महीने से अधिक समय से हैं और यदि आपने अपनी जीवनशैली में बदलाव करके देख लिया है जैसे कि कैफीन को कम करके या सोने के पहले रिलैक्स करके, और फिर भी कोई सुधार नहीं हुआ हो, तो आपको डॉक्टर को ज़रूर दिखाना चाहिए।

डॉक्टर आपसे आपकी नींद का रूटीन, दैनिक शराब, कैफीन की खपत और आपकी सामान्य जीवनशैली की आदतों, जैसे डाइट और एक्सरसाइज़ के बारे में पूछ सकते है। वे आपकी मेडिकल हिस्ट्री की जाँच करेंगे कि कहीं किसी बीमारी के कारण या किसी दवा के प्रभाव से तो आपको अनिद्रा (insomnia) की समस्या नहीं है।

आपके डॉक्टर आपको कुछ हफ्तों के लिए नींद की डायरी रखने के लिए कह सकते है ताकि उन्हें आपकी नींद के पैटर्न को समझने में मदद मिल सके। यदि डॉक्टर को दिखाने के पहले ही आप अपनी नींद के पैटर्न की डायरी रखने लगें, तो और बेहतर होगा। नींद की डायरी आपकी नींद के पैटर्न और आपकी नींद के टाइप को रिकॉर्ड करने में आपकी मदद कर सकती है, जिसके बारे में आप डॉक्टर से चर्चा कर सकते हैं।

आपको प्रत्येक दिन सिर्फ इन बातों को ही लिखने की ज़रूरत है:

  • आप किस समय बिस्तर पर गए थे
  • आप कितने बजे जागे थे
  • आपको कितनी देर में नींद आ गई थी
  • रात के दौरान आप कितनी बार जागे थे

ख़राब नींद में कोई डॉक्टर आपकी कैसे मदद कर सकते है

आपके डॉक्टर पहले किसी भी अंतर्निहित हेल्थ कंडीशन को पहचानने और उसका इलाज करने की कोशिश करेंगे, जैसे कि चिंता (anxiety), जो आपकी नींद की समस्याओं का कारण हो सकती है। वे यह भी चर्चा कर सकते हैं कि आप अपनी नींद को बेहतर बनाने के लिए घर पर क्या कर सकते हैं।

आपको एक विशेष प्रकार की टॉकिंग थेरेपी के लिए भी रेफ़र किया जा सकता है, जिसे कॉग्निटिव-बिहेवियरल थेरेपी (cognitive behavioural therapy (CBT)) (CBT) कहा जाता है, जो आने वाले दिनों में आपकी नींद में सुधार कर सकता है। सीबीटी (CBT) आपको उन विचारों और व्यवहारों से बचने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो आपकी नींद में खलल डालते हैं।

यदि इतना कुछ होने के बावजूद आप ठीक से सो नहीं पाते, तो डॉक्टर छोटे कोर्स की आपको नींद की गोलियाँ लिख सकते है।

हालाँकि, आपको आमतौर पर नींद की टैबलेट केवल कुछ दिनों या हफ्तों के लिए ही दी जा सकती हैं क्योंकि ये टैबलेट साइड इफेक्ट्स पैदा कर सकते हैं, जो आपकी अनिद्रा (insomnia) के कारण का इलाज नहीं करेगी, साथ ही ये समय के साथ कम प्रभावी हो सकते हैं।

क्या आपको अपनी नींद के बारे में डॉक्टर को दिखाने की जरूरत है?

अब तक आपके दिमाग में यह स्पष्ट हो गया होगा कि आपको अपनी नींद के बारे में डॉक्टर को दिखाना चाहिए या नहीं। यदि आप अभी भी तय नहीं कर पा रहे हैं, तो आप स्वयं से निम्नलिखित सवाल पूछें:

  • क्या आप सोने के लिए संघर्ष करते हैं?
  • क्या आप रात में एक से अधिक बार जागते हैं?
  • क्या आप रात के दौरान लंबे समय तक जागते रहते हैं?
  • क्या आप जल्दी उठ जाते हैं और दुबारा नहीं सो पाते?
  • क्या आप जागने के बाद भी थका हुआ महसूस करते हैं?
  • क्या आपके लिए दिन में ध्यान केंद्रित करना मुश्किल होता है क्योंकि आप थके हुए लगते हैं?
  • क्या थका हुआ होने पर भी दिन के दौरान आपके लिए झपकी लेना मुश्किल होता है?
  • क्या आप दिन के दौरान थका हुआ और चिड़चिड़ापन महसूस करते हैं?

यदि आपने इनमें से किसी भी प्रश्न का उत्तर ‘हाँ’ में दिया है, तो इस बात की संभावना है कि आपको अनिद्रा (insomnia) की समस्या है और आपको डॉक्टर को ज़रूर दिखाना चाहिए।

क्या यह लेख उपयोगी था?

महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।