COVID-19: नवीनतम सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक करें

×
20th August, 20193 min read

हीमोग्लोबिन ब्लड टेस्ट: क्या उम्मीद करें

मेडिकल समीक्षा के साथ

स्वास्थ्य संबंधी सभी लेखों की चिकित्सीय सुरक्षा जांच की जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जानकारी चिकित्सकीय रूप से सुरक्षित है। अधिक जानकारी के लिए हमारी सम्पादकीय नीति देखें।

यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है।

हीमोग्लोबिन (Haemoglobin) (या Hb) लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाता है, और यह आपके शरीर में ऑक्सीजन ले जाने में मदद करता है। यदि आपके शरीर में पर्याप्त हीमोग्लोबिन नहीं होगा, तो आपको ठीक से काम करने के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलेगा। यह थकान (tiredness) के साथ-साथ कुछ अलग लक्षण पैदा कर सकता है।

यदि आपके डॉक्टर को संदेह हो कि आपके हीमोग्लोबिन का स्तर कम है, जिसे एनीमिया (anemia) के रूप में भी जाना जाता है, तो वे आपके रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा को मापने के लिए एक पूर्ण रक्त गणना (full blood count) करना चाहेंगे।

हीमोग्लोबिन टेस्ट (haemoglobin test) कैसे किया जाता है?

आमतौर पर आपकी बांह में एक छोटी सी सुई को एक नस में डालकर रक्त का नमूना (blood sample) लिया जाता है, इसे उंगली में चुभोकर या नवजात शिशुओं में एड़ी में चुभोकर भी लिया जा सकता है।

मुझे हीमोग्लोबिन ब्लड टेस्ट (haemoglobin blood test) के लिए क्या तैयारी करनी चाहिए?

हीमोग्लोबिन ब्लड टेस्ट के लिए कोई विशेष तैयारी की जरुरत नहीं है, बस यह सुनिश्चित करें कि आपने पर्याप्त पानी तथा तरल पदार्थ पीया है, ताकि आप निर्जलित (dehydrated) ना हों। निर्जलीकरण (Dehydration) होने पर आपके टेस्ट का रिजल्ट वास्तव से अधिक दिख सकता है।

हीमोग्लोबिन रक्त जाँच का सामान्य स्तर क्या है?

वयस्कों में, ब्लड हीमोग्लोबिन के स्तर के लिए एक सामान्य सीमा होती है जो आमतौर पर 120 से 180 g/L (12 से 18 g/dL) होती है। हालांकि, रेफेरेंस का रेंज अलग-अलग लैब में अलग-अलग हो सकता है। उम्र, सेक्स तथा जातीय मूल भी हीमोग्लोबिन के स्तर (haemoglobin levels) को प्रभावित कर सकते हैं। यदि आप अपने टेस्ट रिजल्ट को लेकर चिंतित हैं, तो अपने डॉक्टर से बात करें।

यदि आपका रिजल्ट नार्मल से अधिक है, तो यह निम्न कारणों से हो सकता है:

  • पानी की कमी (dehydration)
  • अस्थि मज्जा (bone marrow) में लाल रक्त कोशिकाओं (red blood cells) का ज़रूरत से ज्यादा निर्माण
  • फेफड़ों की गंभीर बीमारी (lung disease)

साथ में कोई अन्य स्थिति भी हो सकती है।

यदि आपका रिजल्ट नार्मल से कम है, तो इसकी निम्न वजह हो सकता हैं:

  • आयरन की कमी (iron deficiency) और अन्य विटामिन की कमी (vitamin deficiencies)
  • खून का बहना
  • गुर्दे की बीमारी (kidney disease)
  • सूजन संबंधी विकार, उदाहरण के लिए रूमेटाइड आर्थराइटिस (rheumatoid arthritis)
  • हेमोलिसिस (haemolysis)
  • आनुवंशिक हीमोग्लोबिन दोष, उदाहरण के लिए सिकल सेल एनीमिया (sickle cell anaemia)
  • लीवर (liver) का सिरोसिस (cirrhosis) (स्कैरिंग)
  • अस्थि मज्जा (bone marrow) की विफ़लता
  • कैंसर (cancers) जो अस्थि मज्जा को प्रभावित करते हैं
  • संक्रमण (infection)

हीमोग्लोबिन के स्तर के बारे में कब चिंता करें

यदि आपमें आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया के लक्षण (symptoms of iron deficiency anemia) हैं, तो आपको अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए। इन लक्षणों में शामिल है:

  • थकान (tiredness)
  • सांस फूलना
  • धड़कन तेज़ होना (heart palpitation)
  • त्वचा का पीला पड़ना

आयरन की कमी से होने वाली एनीमिया के लक्षण (symptoms of iron deficiency anemia) जो कम सामान्य हैं:

  • सिरदर्द (headaches)
  • रिंग करने की आवाज़ या अन्य शोर सुनाई देना (tinnitus)
  • भोजन का स्वाद अलग आना
  • खुजली होना
  • जीभ में दर्द (sore tongue)
  • बाल धोते या ब्रश करते वक्त अधिक बाल झड़ना
  • बर्फ जैसे गैर-खाद्य पदार्थों को खाने की चाहत होना
  • निगलने में कठिनाई (difficulty swallowing)
  • मुंह के छालें (mouth ulcers)
  • चम्मच के आकार के नाखून
  • रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम (restless legs syndrome)
क्या यह लेख उपयोगी था?

महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।