COVID-19: नवीनतम सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक करें

×
14 min read

अस्थि मज्जा डोनेशन (Bone marrow donation)

मेडिकल समीक्षा के साथ

स्वास्थ्य संबंधी सभी लेखों की चिकित्सीय सुरक्षा जांच की जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जानकारी चिकित्सकीय रूप से सुरक्षित है। अधिक जानकारी के लिए हमारी सम्पादकीय नीति देखें।

यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है।

अस्थि मज्जा डोनेशन क्या है? (What is Bone marrow donation?)

अस्थि मज्जा डोनेशन (बोन मैरो डोनेशन) एक सरल चिकित्सा प्रक्रिया है।

रोगग्रस्त या क्षतिग्रस्त अस्थि मज्जा को दान किए गए अस्थि मज्जा से बदला जा सकता है, जो कई गंभीर और जीवन के लिए खतरनाक स्थितियों के इलाज में मदद करता और अक्सर उनका उपचार करता है, जिसमें शामिल हैं:

● अस्थि मज्जा (bone marrow) फेलियर (गंभीर अरक्तता वाला एनीमिया)

● ल्यूकेमिया (leukaemia) - सफेद रक्त कोशिकाओं का कैंसर (white blood cells), जिसमें कई उप-प्रकार होते हैं

● गैर-हॉजकिन का लिंफोमा (non-Hodgkin's lymphoma)- लसीका प्रणाली का कैंसर

● कुछ आनुवंशिक रक्त और प्रतिरक्षा प्रणाली विकार जैसे सिकल सेल एनीमिया, थैलेसीमिया (sickle cell anaemia, thalassaemia) और कुछ गंभीर प्रतिरक्षा प्रणाली रोग

अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण (bone marrow transplant) के उपयोग के बारे में और पढ़ें।

दान करने के बाद, जब तक प्रत्यारोपण सफल रहता है, नई अस्थि मज्जा (bone marrow) स्वस्थ रक्त कोशिकाओं (blood cells) को बनाना शुरू कर देगी और इसे प्राप्त करने वाला व्यक्ति बेहतर होने लगेगा।

अस्थि मज्जा क्या है? (What is bone marrow)

अस्थि मज्जा (Bone marrow) कुछ हड्डियों के खोखले केंद्रों में पाया जाने वाला एक स्पंजी ऊतक (spongy tissue) है। इसमें स्टेम सेल होते हैं जो लाल रक्त कोशिकाओं (red blood cells) का उत्पादन करते हैं।

अस्थि मज्जा (bone marrow) में स्टेम कोशिकाएं (Stem cells) तीन महत्वपूर्ण प्रकार की रक्त कोशिकाओं (blood cells) का निर्माण करती हैं:

● लाल रक्त कोशिकाएं (red blood cells) - जो शरीर में ऑक्सीजन ले जाती हैं

● श्वेत रक्त कोशिकाएं (white blood cells) - जो संक्रमण से लड़ने में मदद करती हैं

● प्लेटलेट्स (platelets) - जो रक्तस्राव को रोकने में मदद करते हैं

डोनर्स की जरूरत (The need for donors)

आदर्श रूप से, अस्थि मज्जा परिवार के एक करीबी सदस्य द्वारा, जैसे कि भाई या बहन द्वारा दान किया जाना चाहिए, क्योंकि ऊतक (tissues) के प्रकारों के बीच एक सी समानता होनी चाहिए। हालांकि, तीन में से केवल एक व्यक्ति के करीबी रिश्तेदार ऐसे होते हैं जिनसे उनके ऊतक के प्रकार की समानता होती है।

इस कारण से बहुत से अस्थि मज्जा रजिस्टर बनाए गए हैं जिनमें ऐसे लोगों को सूचीबद्ध किया जाता है जो आवश्यकता पड़ने पर अस्थि मज्जा दान करने के लिए तैयार हों।

जब दान की आवश्यकता होती है, तो डॉक्टर एक सामान प्रकार के ऊतक दाता को खोजने की कोशिश करने के लिए अस्थि मज्जा रजिस्टर (bone marrow register) देखते हैं।

यह कैसे किया जाता है (How it is performed)

सबसे पहले आपका ऊतक किस प्रकार का है, उसका पता लगाने के लिए रक्त का एक छोटा सा नमूना लिया जाएगा।

यह जानकारी रजिस्टर में दर्ज की जाती है।

जिसका प्रत्यारोपण करना है, उससे आपका मैच हो जाता है, तो आपसे संपर्क किया जाएगा।

अस्थि मज्जा दान करने की सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली विधि को परिधीय रक्त स्टेम सेल दान (पीबीएससी) (peripheral blood stem cell donation) (PBSC) के रूप में जाना जाता है। आपको लगातार चार दिनों तक उस इंजेक्शन को लेने के लिए अस्पताल या क्लिनिक का दौरा करना पड़ता है जो स्टेम कोशिकाओं के उत्पादन को उत्तेजित करता है।

पांचवें दिन आपको बिना किसी सामान्य एनेस्थेटिक (anaesthetic) के एक सेल-सेपरेटर मशीन (cell-separator machine) से जोड़ा जाएगा। मशीन आमतौर पर आपके रक्त में से हाथ की एक नस के माध्यम से स्टेम कोशिकाओं को इकट्ठा करती है, आपके दूसरे हाथ की नस के माध्यम से आपके शरीर में रक्त को वापस करती है। इसमें लगभग 4-5 घंटे लगते हैं और अगले दिन इसे दोहराने की जरूरत हो सकती है।

अस्थि मज्जा दान के दौरान क्या होता है, इसके बारे में और पढ़ें।

अस्थि मज्जा कौन दान कर सकते हैं (Who can donate bone marrow)

यदि आप एक अस्थि मज्जा दाता (bone marrow donor) बनना चाहते हैं, तो आपको निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना पड़ेगा:

● अच्छा सामान्य स्वास्थ्य होना

● वजन 51 किग्रा से अधिक होना

अस्थि मज्जा रजिस्टर में कम उम्र में शामिल होना सबसे अच्छा है। जितनी कम उम्र में आप इसमें शामिल होते हैं, उतने अधिक अवसर आपके ऊतक के समान प्रकार होने के होते हैं जो किसी ऐसे व्यक्ति से मेल खाते हैं जिन्हें इसकी आवश्यकता हो।

अस्थि मज्जा दान कौन कर सकता है इसके बारे में और पढ़ें।

यह क्यों जरुरी है (Why is it necessary)

अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण (Bone marrow transplants) की आवश्यकता तब होती है जब किसी व्यक्ति की अस्थि मज्जा क्षतिग्रस्त हो जाती है या इस हद तक रोगग्रस्त हो जाती है कि वह ठीक से काम करना बंद कर देती है।

ऐसा कुछ कैंसर के कारण हो सकता है, जैसे:

● ल्यूकेमिया (leukaemia) - श्वेत रक्त कोशिकाओं का कैंसर

● गैर-हॉजकिन के लिंफोमा (non-Hodgkin's lymphoma) (लसीका प्रणाली का कैंसर, जो प्रतिरक्षा प्रणाली का हिस्सा है), या रक्त से संबंधित कैंसर

ल्यूकेमिया (leukaemia) के कुछ मुख्य उप-प्रकार हैं:

तीव्र लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया (acute lymphoblastic leukaemia)- जो मुख्य रूप से बच्चों, किशोरों और युवा वयस्कों को प्रभावित करता है

तीव्र माइलॉयड ल्यूकेमिया (acute myeloid leukaemia)- जो बच्चों और वयस्कों दोनों को प्रभावित करता है

क्रोनिक लिम्फोसाइटिक ल्यूकेमिया (chronic lymphocytic leukaemia) - जो बड़े वयस्कों को प्रभावित करता है

क्रोनिक माइलॉयड ल्यूकेमिया (chronic myeloid leukaemia)- जो मुख्य रूप से वयस्कों को प्रभावित करता है, हालांकि अधिकांश का दवाओं के साथ इलाज किया जाता है और प्रत्यारोपण की आवश्यकता नहीं होती है

अन्य बीमारियां जिनमें अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण (bone marrow transplant) की आवश्यकता हो सकती है:

● कुछ आनुवंशिक रक्त और प्रतिरक्षा प्रणाली विकार - जैसे सिकल सेल एनीमिया, थैलेसीमिया (sickle cell anaemia, thalassaemia) और कुछ गंभीर प्रतिरक्षा प्रणाली रोग

● अस्थि मज्जा विफलता (bone marrow failure) (गंभीर अरक्तता एनीमिया)

● अन्य रोग जो रक्त को प्रभावित करते हैं, जैसे मल्टीपल मायलोमा (multiple myeloma), एक कैंसर जो रक्त प्लाज्मा कोशिकाओं को प्रभावित करता है

अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण कभी-कभी कुछ उपचारों जैसे कि उच्च खुराक कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी (chemotherapy and radiotherapy) के बाद आवश्यक भी होते हैं, जिनका उपयोग अक्सर कैंसर के इलाज के लिए किया जाता है। ये उपचार कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के साथ ही स्वस्थ स्टेम कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं।

यह कैसे किया जाता है? (How is it performed)

यदि आप अस्थि मज्जा रजिस्टर (bone marrow register) में शामिल हैं और किसी से आपका संभावित मैच हो जाता है, तो आपको रक्त का नमूना देने के लिए कहा जा सकता है। यह आपके ऊतक के प्रकार (tissue type) की जाँच करने में सहायता करता है।

यदि आपका ऊतक प्रकार (tissue type) उस रोगी से मेल खाता है जिसे अस्थि मज्जा (bone marrow) की आवश्यकता हो, तो आपको दान करने के लिए चुना जा सकता है। आपका पूर्ण चिकित्सा परीक्षण होगा और आपको इस प्रक्रिया के बारे में परामर्श दिया जाएगा|

अस्थि मज्जा (bone marrow) दान करने के दो तरीके हैं। पहली और सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली विधि को परिधीय रक्त स्टेम सेल (पीबीएससी) (peripheral blood stem cell) (PBSC) दान के रूप में जाना जाता है। दूसरी विधि में अस्थि मज्जा का ही दान शामिल है।

परिधीय रक्त स्टेम सेल (पीबीएससी) दान peripheral blood stem cell) (PBSC) donation

परिधीय रक्त स्टेम सेल दान (पीबीएससी) (Peripheral blood stem cell donation) (PBSC) एक ऐसी प्रक्रिया है जो आपको सीधे किसी भी अस्थि मज्जा को दान किए बिना स्टेम सेल दान करने की अनुमति देता है।

पीबीएससी दान से पहले चार दिनों के लिए हर दिन, आपको ग्रैनुलोसाइट-कॉलोनी उत्तेजक कारक (जी-सीएसएफ) Granulocyte-colony stimulating factor (G-CSF) नामक दवा का एक इंजेक्शन दिया जाएगा। यह आपके रक्त में स्टेम कोशिकाओं की संख्या में वृद्धि करेगा। स्टेम सेल विभिन्न प्रकार की रक्त कोशिकाओं का निर्माण करते हैं, जिसमें लाल रक्त कोशिकाएं (red blood cells) भी शामिल होती हैं जो आपके शरीर में ऑक्सीजन ले जाती हैं।

जी-सीएसएफ के सामान्य दुष्प्रभावों में शामिल हैं:

● हड्डी या मांसपेशियों में दर्द (bone or muscle pain)

● बीमार महसूस करना (feeling sick)

सिरदर्द (headache)

● थकान महसूस करना (थकावट) (feeling tired (fatigue))

कम आम दुष्प्रभावों में शामिल हैं:

● सीने में दर्द (chest pain)

● सोने में कठिनाई (अनिद्रा) (difficulty sleeping (insomnia))

चक्कर आना (dizziness)

● रात को पसीना आना (night sweats)

ये दुष्प्रभाव आमतौर पर हल्के होते हैं और एक बार जी-सीएसएफ (G-CSF) के इलाज बंद होने पर खत्म हो जाने चाहिए।

पांचवें दिन, आपको एक विशेष मशीन से जोड़ा जाएगा जो आपके रक्त से स्टेम कोशिकाओं को अलग करती है। इन्हें उपयोग करने के लिए एक पैक में एकत्र किया जाता है।

पीबीएससी (PBSC) का लाभ यह है कि आपको एक सामान्य एनेस्थेटिक (general anaesthetic) नहीं लेना पड़ता और रात भर अस्पताल में नहीं रहना पड़ता है।

अस्थि मज्जा दान (Bone marrow donation)

अस्थि मज्जा दान (Bone marrow donation) में, आपके कूल्हे की हड्डियों से अस्थि मज्जा निकालने के लिए एक सिरिंज का उपयोग किया जाता है। हालांकि यह एक सर्जिकल ऑपरेशन नहीं है, आमतौर पर इस प्रक्रिया के दौरान दर्द न हो इसके लिए सामान्य एनेस्थेटिक (general anaesthetic) का उपयोग किया जाता है।

अस्थि मज्जा दान करने के बाद, आपको उस जगह पर कुछ असुविधा का अनुभव हो सकता है जहां सुई आपके कूल्हे में डाली गई थी, लेकिन यह धीरे-धीरे सामान्य हो जाना चाहिए। सामान्य एनेस्थेटिक का असर पूरी तरह ख़त्म होने तक आपको आमतौर पर 12 से 24 घंटे तक अस्पताल में रहने की आवश्यकता होगी।

दान प्रक्रिया के बाद, एनेस्थेटिक के प्रभाव से पूरी तरह से ठीक होने में आमतौर पर पांच दिन लगते हैं। इस दौरान आपको घर पर रहने और आराम करने की सलाह दी जाती है।

खतरे (Risks)

पीबीएससी (PBSC) और पारंपरिक अस्थि मज्जा (traditional bone marrow) दान दोनों बहुत ही सुरक्षित प्रक्रियाएं हैं; जिनमें जोखिम का स्तर बहुत कम है।

प्रत्येक 100 लोगों में से एक को पीबीएससी (PBSC) और अस्थि मज्जा दान के दौरान या उसके बाद जटिलता का अनुभव होगा। उदाहरण के लिए, स्टेम कोशिकाओं को इकट्ठा करने के लिए जहां सुई डाली गई थी, उसके आसपास संक्रमण होना। बहुत दुर्लभ मामलों में, एक व्यक्ति अस्थि मज्जा दान के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले सामान्य एनेस्थेटिक के कारण किसी गंभीर एलर्जी प्रतिक्रिया का अनुभव कर सकता है।

Bridie की कहानी (Bridie's story)

17 साल की Bridie Burrell को 2004 में क्रिसमस स्कूल की छुट्टियों के दौरान तीव्र लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया (acute lymphoblastic leukaemia) पाया गया था। अगले वर्ष उसका बोन मैरो ट्रांसप्लांट हुआ था।

“स्कूल अवधि के दौरान, मैं पूरी तरह से स्वस्थ महसूस करती थी । लेकिन नए साल से ठीक पहले छुट्टियों के दौरान, मुझे चक्कर आने का अनुभव हुआ और बाथरूम में जाना ऐसे लगा जैसे मैं एक मैराथन दौड़ रही हूं। मुझे लगा कि यह ठंड के कारण है, लेकिन जब मेरे शरीर का रंग हल्का हरा होने लगा और मैंने कुछ दिनों तक खाना नहीं खाया, तो मेरे माता-पिता ने मुझे डॉक्टर के पास भेजा।"

Bridie के डॉक्टर को फ्लू का संदेह था, लेकिन चूँकि उसके दादा को मधुमेह था, इसलिए उन्होंने रक्त परीक्षण का आदेश दिया। “परीक्षण के दौरान, मैं बेहोश हो गई और तीन सप्ताह तक अस्पताल में रही। मुझे पहले 12 घंटों में तीन यूनिट रक्त चढ़ाना पड़ा क्योंकि मेरे हीमोग्लोबिन (haemoglobin) का स्तर बहुत कम था। ”

Bridie को तीव्र लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया (acute lymphoblastic leukaemia) था, एक रक्त रोग जो कि तब विकसित होता है जब रक्त की श्वेत कोशिकाएं (white cells) बहुत तेज और अतिप्रवाह में विभाजित हो जाती हैं।

इसके बाद छः महीने की गहन कीमोथेरेपी (chemotherapy) की गई, जिसके कई दुष्प्रभाव थे। Bridie के पूरे बाल ख़त्म हो गए और उसे भूख लगना भी बंद हो गया और वह हर समय थकी हुई और बीमार महसूस करती थी।

“मैं जो स्टेरॉयड ले रही थी, उसकी वजह से कुछ दिनों में मुझे जो भी खाना मिलता, मैं खाने लगती। मैं बड़ी आसानी से परेशान हो जाती थी। अगर मैं सुबह जल्दी उठ जाती और कोई भी तब तक नहीं उठा होता तो मैं रोने लगती।”

डॉक्टरों को तब पता चला कि Bridie की कीमोथेरेपी काम नहीं कर रही थी और उसे बताया गया कि अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण की जरूरत है। उनके परिवार में कोई भी मैच नहीं था, इसलिए डॉक्टरों ने अंतरराष्ट्रीय अस्थि मज्जा रजिस्टर की खोज की। सौभाग्य से, चार महीने बाद एक मैच मिला और 2005 में Bridie पर उसका प्रत्यारोपण किया गया।

मगर बहुत परेशानियां झेलने के बाद Bridie ठीक हो सकी।

“अस्पताल से डिस्चार्ज होने के कुछ समय बाद, सेप्टिसीमिया (septicaemia) के आपातकालीन ऑपरेशन के लिए मुझे वापस अस्पताल जाना पड़ा। फिर मैं निमोनिया (pneumonia) के इलाज के लिए दो महीने के लिए फिर से अस्पताल गई।”

जब Bridie का इलाज चल रहा था, तो इससे केवल उसका स्वास्थ्य ही नहीं बिगड़ा बल्कि उसकी जीवनशैली में अप्रत्याशित परिवर्तन हुआ। वह अब अपने सर्वाधिक प्रिय नेटबॉल में भाग नहीं ले सकती थी या दोस्तों के साथ घूमने नहीं जा सकती थी, क्योंकि उसके माता-पिता उसके स्वास्थ्य के बारे में चिंतित थे। उसके लिए यह अकेलेपन का समय था।

आज, Bridie के लिए चीजें बहुत बेहतर दिख रही हैं और वह अपने पुराने जीवन में वापस आने की शुरुआत कर रही है। वह दोस्तों के साथ घूमना-फिरना कर रही है और उसके पिता ने उसके लिए बगीचे में एक स्विमिंग पूल बनवाया है ताकि वह फिर से व्यायाम शुरू कर सके और अपनी खोई हुई ताकत को वापस पा सके।

वह पहले 14 अलग-अलग दवा लेती थी, लेकिन अब तीन दवाएं लेती है। "मैं अपने पिता के साथ दवाओं से भरी एक अलमारी खाली कर रही थी और मैंने कहा, ‘यह एक मील का पत्थर है, हमें एक पार्टी करनी चाहिए!’ जब बहुत सी दवाओं को खाने से छुटकारा मिलता है तो अच्छा महसूस होता है।”

"मेरे प्रत्यारोपण के बाद का रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो है, जिसमें मैं दुखी लग रही थी क्योंकि मुझे लगा था कि बीमारी ख़त्म हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ था। पीछे मुड़कर देखूं तो, मुझे वास्तव में अधिक आभारी होना चाहिए था कि मुझे एक मैच मिला। डोनर्स अपने आप में नायक होते हैं और वे शायद यह महसूस नहीं करते हैं कि उनके द्वारा किए जाने वाले कार्य, दानप्राप्त करने वालों के लिए कितनी बड़ी नेमत है।”

इसका प्रयोग कौन कर सकता है (Who can use it)

यदि आप एक अस्थि मज्जा दाता बनना चाहते हैं, तो आपको निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना पड़ता है:

● अच्छा सामान्य स्वास्थ्य होना

● वजन - 51 किग्रा से अधिक

अस्थि मज्जा रजिस्टर में कम उम्र में शामिल होना सबसे अच्छा है। जितनी कम उम्र में आप इसमें शामिल होते हैं, जिन्हें इसकी आवश्यकता होती है, उनसे आपके स्टेम सेल के मेल खाने की सम्भावना अधिक हो जाती है।

दान करने में असमर्थ लोग (People unable to donate)

कुछ चिकित्सा स्थितियों में आप अस्थि मज्जा दान नहीं कर सकते। इनमें शामिल है:

एचआईवी और एड्स (HIV and AIDS)

संधिशोथ (rheumatoid arthritis)

हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी (hepatitis B and hepatitis C)

हृदय रोग (heart disease)

गुर्दे की बीमारी (kidney disease)

● टाइप 1 मधुमेह (type 1 diabetes)

कैंसर, अतीत या वर्तमान में ल्यूकेमिया

यदि आप गर्भवती हो जाती हैं, तो जब तक आपका बच्चा 12 महीने का नहीं हो जाता, अस्थायी रूप से तब तक आप दान नहीं कर पाएंगी। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान और उसके तुरंत बाद अस्थि मज्जा दान करने में कोई समस्या नहीं पाई गई है।

यह कैसे काम करता है (How it works)

अस्थि मज्जा (Bone marrow) दाताओं का ऊतक प्रकार (tissue type) ऐसा होना चाहिए जो उस व्यक्ति के साथ मेल खाता हो जो आपकी अस्थि मज्जा (Bone marrow) प्राप्त करने जा रहा है।

ऊतक प्रकार (tissue type)

ऊतक प्रकार (tissue type), जिसे मानव ल्यूकोसाइट एंटीजन (HLA) (human leukocyte antigens) प्रकार के रूप में भी जाना जाता है, शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। ऊतक प्रकार लेने वाले के साथ मेल खाता है या नहीं यह जांचने के लिए, डॉक्टर यह जांच करते हैं कि रक्त कोशिकाओं की सतह पर कितने प्रोटीन मेल खाते हैं। लाखों अलग-अलग ऊतक प्रकार होते हैं लेकिन इनमें से कुछ दूसरों की तुलना में अधिक सामान्य होते हैं।

इस प्रकार के ऊतक प्रकार प्रत्येक माता-पिता से पास होते हुए विरासत में मिलते हैं। इसका मतलब है कि एक रिश्तेदार के पास एक मेल खाता हुआ ऊतक प्रकार होने की अधिक संभावना होगी। हालांकि, अगर परिवार के सदस्यों में से उपयुक्त अस्थि मज्जा दाता नहीं मिल सका, तो डॉक्टर अस्थि मज्जा दाता रजिस्टर पर किसी व्यक्ति को खोजने की कोशिश करेंगे।

रजिस्टर में शामिल होना (Joining the register)

संभावित अस्थि मज्जा दाता के रूप में शामिल होने के लिए आवेदन करने के लिए आपको रक्त दाता होना चाहिए।

जब आप अस्थि मज्जा रजिस्टर (bone marrow register) में शामिल होने के लिए आवेदन करते हैं, तो आपको रक्त या लार के नमूने देने की आवश्यकता होगी ताकि आपके ऊतक प्रकार की पहचान की जा सके। यदि आप एंथनी नोलन ट्रस्ट के माध्यम से आवेदन कर रहे हैं, तो वे लार के नमूने लेने की व्यवस्था कर सकते हैं।

अस्थि मज्जा दाता (bone marrow donor) के रूप में कौन पंजीकरण कर सकता है, इसके बारे में अधिक जानकारी पढ़ें।

अस्थि मज्जा रजिस्टर में शामिल होने के समय से 60 वर्ष की आयु तक पहुंचने तक, आपको किसी ऐसे व्यक्ति के संभावित मैच के रूप में संपर्क किया जा सकता है जिसे अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण की आवश्यकता होती है।

NHS के मूल कॉन्टेंट का अनुवादHealthily लोगो
क्या यह लेख उपयोगी था?

महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।