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कीमोथेरेपी (chemotherapy)

मेडिकल समीक्षा के साथ

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कीमोथेरेपी की सलाह कब दी जाती है? (When is chemotherapy recommended?)

कीमोथेरेपी (chemotherapy) एक जीवन बचाने की क्षमता रखने वाला इलाज है। इसकी सलाह आमतौर पर ज़्यादातर कैंसर के मरीज़ों को दी जाती है तब भी अगर उनकी सहर बहुत ख़राब है और इलाज से उनकी स्थिति और ख़राब हो सकती है।

आपको कुछ मामलों में इलाज में देरी या कीमोथेरेपी (chemotherapy) नहीं करवाने की सलाह दी सकती है, अगर आप

  • गर्भवस्था के पहले तीन महीनों में हैं - इस समय के दौरान कीमोथेरेपी (chemotherapy) करने से जन्म दोष होने का बहुत ज़्यादा खतरा होता है।
  • ब्लड सेल निचले स्तर पर होना - कीमोथेरेपी आपके ब्लड सेल की संख्या को और घटा सकता है। यह आपको और बीमार कर सकता है और कुछ मामलों में आप संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। ब्लड सेल की संख्या बढ़ाने के लिए दवाओं की और खून चढ़ाने (blood transfusion) की सलाह दी जा सकती है।
  • किडनी और लिवर की बीमारी हो: कीमोथेरेपी इलाज की प्रक्रिया किडनी और लिवर से होती है। अगर आपकी किडनी और लिवर पहले से ही खराब हैं तो ये उनपर हानिकारक असर डाल सकता है।
  • हाल ही में कोई सर्जरी या चोट लगी हो: कीमोथेरेपी शरीर के घाव ठीक करने की क्षमता में रुकावट बन सकती है। इसलिए आमतौर पर इलाज से पहले घाव के ठीक होने की सलाह दी जाती है।
  • कोई संक्रमण हो: कीमोथेरेपी आपके संक्रमण के दुष्प्रभाव को बढ़ा सकती है और किसी गंभीर परेशानी के खतरे को बढ़ा सकता है

कीमोथेरेपी क्या है? (What is chemotherapy?)

कीमोथेरेपी क्या है? (What is chemotherapy?)

कीमोथेरेपी (chemotherapy) एक तरह का कैंसर के इलाज है जिसका इस्तेमाल कैंसर सेल (cancer cells) को मारने के लिए किया जाता है।

यह उन सेल को चोटिल करके खत्म करता है जिससे वह दोबारा नहीं बनते और फैल नहीं पाते हैं।

कीमोथेरेपी क्यों इस्तेमाल किया जाता है (Why chemotherapy is used)

अगर कैंसर फैल गया है या फैलने का खतरा है तब कीमोथेरेपी (chemotherapy) का इस्तेमाल किया जाता है। इलाज का मुख्य उद्देश्य हो सकता है:

  • कैंसर को पूरी तरह से ठीक करने का प्रयास करना। इसे क्यूरेटिव कीमोथेरेपी (curative chemotherapy) के नाम से जानते हैं ।
  • अन्य इलाजों के और असरदार होने में सहायता करना। उदाहरण के लिए कीमोथेरेपी (chemotherapy) को रेडियोथेरेपी (radiotherapy) से मिलाया जा सकता है। रेडियोथेरेपी वह तरीका है जहां रेडियेशन से कैंसरस सेल को मारा जाता है। या इसे सर्जरी के बाद इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • सर्जरी या रेडियोथेरेपी (radiotherapy) के बाद कैंसर के लौटने के खतरे को कम करने के लिए
  • लक्षणों से आराम में: विकसित कैंसर का इलाज शायद संभव ना हो लेकिन कीमोथेरेपी लक्षणों में आराम पहुँचा सकती है और फैलने की स्थिति को कम कर सकती है। इसे पैलिएटिव कीमोथेरेपी (palliative chemotherapy) कहते हैं।

नॉन कैंसरस स्थितियों में कीमोथेरेपी का इस्तेमाल बहुत कम प्रचलित है। उदाहरण के लिए लूपस (lupus) और रूमेटाइड अर्थराइटिस (rheumatoid arthritis) के इलाज में इसकी बहुत कम खुराक इस्तेमाल होती है।

कीमोथेरेपी का इस्तेमाल कैसे होता है (How chemotherapy is used)

बहुत अलग-अलग तरह की कीमोथेरेपी की दवाएँ हैं, लेकिन सबके काम करने का तरीका लगभग एक जैसा है। यह निर्भर करता है कि आपको कौन सा कैंसर है। आपका एक दवा से इलाज हो सकता है, जिसे मोनोथेरेपी (monotherapy) कहते हैं या फिर दवाओं को मिलाकर जिसे (combination therapy) कहते हैं।

कीमोथेरेपी की दवाओं को देने के कई तरीके हैं। जिसमें टैबलेट और नस में सीधे इंजेक्शन देना शामिल है।

आपकी देखभाल करने वाली टीम आपकी विशिष्ट परिस्थितियों के लिए एक उपचार योजना के साथ आने में मदद कर सकती है।

कीमोथेरेपी कैसे होती है और कौन कीमोथेरेपी का इस्तेमाल कर सकता है इसके बारे में और पढ़ें।

दुष्प्रभाव (Side effects)

कीमोथेरेपी कैंसर के इलाज का बहुत ही असरदार तरीका है जिसने लाखों लोगों की जान बचाई है। लेकिन इसके भी दुष्प्रभाव हैं।

कीमोथेरेपी में इस्तेमाल होने वाली दवाएँ तेजी से बढ़ते कैंसर सेल और अन्य प्रकार के तेजी से बढ़ने वाले सेल, जैसे ब्लड सेल, स्किन सेल और पेट के अंदर के सेल के बीच के अंतर को नहीं बता सकती हैं।

इसका मतलब है कीमोथेरेपी में इस्तेमाल होने वाली ज़्यादातर दवाओं का शरीर के सेल पर विषैला प्रभाव पड़ सकता है। जिसमें ये शामिल हो सकते हैं:

  • हर समय कमज़ोर और थका हुआ महसूस करना
  • उबकाई या उलटी
  • बाल झड़ना

कुछ लोगों में केवल थोड़े दुष्प्रभाव होते हैं, हालांकि ज़्यादातर लोगों के लिए कीमोथेरेपी का कोर्स पसंद ना आने वाला और परेशान करने वाला हो सकता है।

कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों के साथ रहना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। लेकिन यह समझना बेहद ज़रूरी है कि पूरे नहीं तो ज़्यादातर दुष्प्रभाव इलाज के समाप्त होने के बाद ख़त्म हो जाएंगे।

कुछ लोग जो कीमोथेरेपी शुरू करने वाले हैं, उन्हें चिंता होती है कि कीमोथेरेपी के हानिकारक प्रभाव अन्य लोगों में भी जा सकते हैं, खासकर ऐसे लोग जो कमजोर हैं, जैसे बच्चे या गर्भवती महिलाएं। हालांकि, कीमोथेरेपी करवाने वाले किसी व्यक्ति के निकट संपर्क में आने से कोई खतरा नहीं है।

कीमोथेरेपी (chemotherapy) के संभावित दुष्प्रभावों के बारे में और पढ़ें।

कीमोथेरेपी कैसे की जाती है (How is chemotherapy carried out?)

कीमोथेरेपी कई तरह से की जा सकती है। यह विशेष रूप से आपकी परिस्थिति पर निर्भर करता है।

आपकी केयर टीम

बहुत से अस्पताल कीमोथेरेपी के इलाज के लिए मल्टीडिसिप्लिनरी टीम (multidisciplinary teams) प्रदान करते हैं। मल्टीडिसिप्लिनरी टीम (multidisciplinary teams) विशेषज्ञों की टीम होती है; जो साथ काम करती है।

यह निश्चय करना कि कौन सा इलाज आपके लिए सबसे अच्छा होगा ये भरमाने वाला हो सकता है। आपकी केयर टीम सलाह देगी कि कौन सा इलाज आपके लिए ठीक होगा लेकिन अंतिम फैसला आपका होगा।

अस्पताल जाकर इलाज के विषय में चर्चा करने से पहले आप डॉक्टर से पूछे जाने वाले प्रश्नों की एक सूची बना सकते हैं।

उदाहरण के लिए आप खोज सकते हैं:

  • कीमोथेरेपी (chemotherapy) का क्या उद्देश्य है? उदाहरण के लिए: क्या यह कैंसर ठीक करने में, लक्षणों से आराम देने में, या और अन्य इलाजों को असरदार बनाने में इस्तेमाल होता है
  • आपको कैसे दुष्प्रभावों का अनुभव हो सकता है और उनसे आराम और उन्हें रोकने के लिए क्या कुछ किया जा सकता है
  • कीमोथेरेपी कैंसर को ठीक करने या उसे धीमा करने में कितनी असरदार है।
  • कीमोथेरेपी की जगह इलाज का कोई और विकल्प है।

जाँच (Tests)

कीमोथेरेपी की शुरुआत करने से पहले आपको कुछ जांच करवाने पड़ सकते हैं। आपके स्वास्थ्य का पता लगाने के लिए और यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप दुष्प्रभावों का सामना कर सकते हैं। आपकी स्थिति का पता लगाने के लिये जाँच इलाज के दौरान भी किये जा सकते हैं।

जाँच इस बात पर निर्भर करेंगे कि आपको कैसा कैंसर है।

खून की जांच

बहुत से मामलों में, किडनी और लिवर के स्वास्थ्य का पता लगाने के लिए खून की जांच की जाती है। यह ज़रूरी है क्योंकि कीमोथेरेपी की दवा किडनी और लिवर से होकर जाती है जहां वो टूट सकते हैं। दवाई लिवर को हानि पहुँचा सकती है इसलिए अगर आपका लिवर खराब है, तो जब तक आपके लिवर और किडनी ठीक ना हो जाएं तक ये आपके लिए सही नहीं होगा।

खून की जांच से आपके ब्लड काउंट्स का भी पता चल सकता है। यह आपके अंदर कितने ब्लड सेल हैं उसका माप है।

अगर आपको ब्लड काउंट कम है तो इलाज को तब तक के लिये आगे बढ़ा दिया जाएगा जब तक कि आपका ब्लड काउंट सामान्य नहीं हो जाता। कुछ मामलों में दवाएं और खून चढ़ाना (blood transfusion) ज़रूरी हो सकता है। आपका ब्लड काउंट ज़रूरी है क्योंकि कीमोथेरेपी (chemotherapy) आपके खून में ब्लड सेल की संख्या को कम करता है।

इलाज के दौरान खून की जांच भी नियमित रूप से की जाएगी इसलिए कि आपके लिवर, किडनी और ब्लड काउंट पर नज़र रखी जा सके।

स्कैन (scans)

कीमोथेरेपी शुरू करने से पहले आपके इलाज का सबसे बढ़िया तरीका पता लगाने के लिए स्कैन किये जा सकते हैं ताकि एक संदर्भ बिंदु प्रदान करने के लिए ताकि आपकी प्रगति को इलाज के दौरान जांचा जा सके।

कुछ अलग-अलग स्कैन इस्तेमाल किये जा सकते हैं। जिसमें एक्स रे (x ray), कम्प्यूटराइज टोमोग्राफी स्कैन (computerised tomography scam) और मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग स्कैन (magnetic resonance imaging) शामिल हैं।

आपके इलाज की योजना (Your treatment plan)

आपको नियमित रूप से कीमोथेरेपी करवाना होगा, ताकि ये सही से काम कर सके।

आपकी केयर टीम आपके इलाज के योजना का एक ब्यौरा बनाएगी, जिसमें लिखा होगा कि आपको कितने सेशन की ज़रूरत है, कोर्स कितने समय का होना चाहिए और प्रत्येक सेशन के बीच में कितना समय होना चाहिए । हर सेशन के बाद दवा के असर से उबरने के लिए ब्रेक लेना सामान्य है।

इस इलाज के योजना को कीमोथेरेपी प्रोटोकॉल (chemotherapy protocol) के नाम से जानते हैं। कीमोथेरेपी प्रोटोकॉल (chemotherapy protocol) इस बात पर निर्भर करते हैं कि आपको कौन सा कैंसर है और वह कितना विकसित है।

कीमोथेरेपी के प्रकार (Types of chemotherapy)

कीमोथेरेपी आमतौर पर दो तरीकों में से एक से दी जाती है:

  • टैबलेट के रूप में - जिसे ओरल कीमोथेरेपी (oral chemotherapy) कहते हैं
  • सीधे नस में इंजेक्ट करना जिसे इंट्रावेनस कीमोथेरेपी (intravenous chemotherapy) कहते हैं।

हालांकि, कीमोथेरेपी दवा कई अन्य तरीकों से दी जा सकती है। उदाहरण के लिए ये आपके रीढ़ की हड्डी (spine) में इंजेक्ट की जा सकती है। जिसे इन्टरथेकल कीमोथेरेपी (intrathecal chemotherapy) कहते हैं और यह क्रीम के रूप में आती है जिसे सीधे त्वचा पर लगाया जा सकता है।

किस तरह की कीमोथेरेपी (chemotherapy) इस्तेमाल होगी यह आपके कैंसर और वह कितना विकसित है इसपर निर्भर करता है।

ओरल कीमोथेरेपी (oral chemotherapy)

अगर आपका स्वास्थ्य अच्छा है तो आप घर पर टैबलेट ले सकते हैं हालांकि आपको फिर भी नियमित जांच के लिए अस्पताल जाने की ज़रूरत पड़ेगी।

यह बहुत ज़रूरी है कि आप टैबलेट उन्हीं दिनों पर लें जिस समय वह आपके कीमोथेरेपी प्रोटोकॉल (chemotherapy protocol) में बताया गया है अगर आप टैबलेट लेना भूल जाते हैं तो सलाह के लिए अपने केयर टीम से सम्पर्क करें। इसके अलावा, अपनी केयर टीम से संपर्क करें यदि आप टैबलेट लेने के तुरंत बाद बीमार पड़ जाते हैं।

इंट्रावेनस कीमोथेरेपी (intravenous chemotherapy)

नसों के द्वारा कीमोथेरेपी (chemotherapy) दवाओं को भेजने के लिए कुछ डिवाइसों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

किस प्रकार का डिवाइस इस्तेमाल होगा यह हमारे कैंसर और हमारे सामान्य स्वास्थ्य पर निर्भर करेगा। आप अपने पसंद का डिवाइस चुन सकते हैं, हालांकि यह हर बार संभव नहीं होता है।

इंट्रावेनस कीमोथेरेपी (intravenous chemotherapy) आमतौर पर वैक्सीन लगने जैसा नहीं होता है। जहां आपको जल्दी से इंजेक्शन दिया जाता है। इसकी जगह कीमोथेरेपी (chemotherapy) में दवा एक समय तक धीमी गति से नसों में भेजी जाती है। एक खुराक देने में लगने वाला समय कई घंटों से लेकर कई दिनों तक हो सकता है।

कभी-कभी कुछ लोग कीमोथेरेपी (chemotherapy) दवाई की छोटी खुराक कई हफ़्तों और महीनों तक लेना जारी रखते हैं। इन मामलों में आपको घर ले जाने लायक छोटा पंप दिया जा सकता है।

इंट्रावेनस कीमोथेरेपी (intravenous chemotherapy) में इस्तेमाल होने वाले डिवाइसों के बारे में नीचे बताया गया है।

कैनुला (cannula)

कैनुला (cannula) एक छोटा ट्यूब होता है जो आपके हाथ के पीछे या नीचे के हाथ की नसों में लगाया जाता है। कीमोथेरेपी (chemotherapy) की दवाई धीरे-धीरे ट्यूब से नसों में भेजी जाती है एक बार जब दवाई की खुराक पहुँच जाती है तो ट्यूब को निकाल दिया जाता है।

सेंट्रल लाईन (central line)

सेंट्रल लाईन को स्किन टनल कैथेटर (skin tunnelled catheter) के नाम से भी जानते हैं। एक पतली ट्यूब जो हमारे सीने में हृदय के पास की नस में लगाई जाती है। ट्यूब को उस जगह पर कई हफ़्तों या महीनों के लिए लगाकर छोड़ दिया जाता है। ताकि आपको बार-बार इंजेक्शन ना लगवाना पड़े। इसका इस्तेमाल खून की जांच करने के लिए भी हो सकता है।

पेरिफेरली इंसेर्टेड सेंट्रल कैथेटर (peripherally inserted central catheter)

पेरिफेरली इंसेर्टेड सेंट्रल कैथेटर (peripherally inserted central catheter) सेंट्रल लाईन के जैसा ही होता है बस इसमें ट्यूब आपके सीने की जगह हाथ से जुड़ी रहती है।

इम्प्लांटेड पोर्ट (implanted port)

इम्प्लांटेड पोर्ट रबर का एक चेंबर होता है जिसे सर्जरी के द्वारा आपकी स्किन में डाला जाता है। यह एक नरम प्लास्टिक की ट्यूब से नस से जुड़ा होता है। कीमोथेरेपी की दवा विशेष सूई की सहायता से त्वचा के रास्ते चेंबर में भेजी जाती है। यह पोर्ट इलाज चलने तक उसी जगह लगा रहता है।

कीमोथेरेपी के दुष्प्रभाव (Side effects of chemotherapy)

इसके बारे में बता पाना बहुत मुश्किल है कि आप कीमोथेरेपी के दौरान किन दुष्प्रभावों का अनुभव कर सकते हैं। अलग-अलग लोग इलाज पर अलग-अलग प्रतिक्रिया देते हैं।

गिनती के कुछ लोगों को कम या दुष्प्रभाव होते ही नहीं हैं।

कीमोथेरेपी के बहुत से सामान्य दुष्प्रभाव नीचे सूची में लिखे गए हैं। हालांकि यह ज़रूरी नहीं कि आप सभी को अनुभव करें।

आपकी देखभाल करने वाली टीम आपको शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभावों का सामना करने में आपकी सहायता करेगी।

तुरंत मेडिकल सलाह कब लें (When to get urgent medical advice)

कीमोथेरेपी के दुष्प्रभाव परेशान करने वाले हो सकते हैं; उनमें से ज़्यादातर आपके स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा नहीं बनते हैं।

हालांकि कभी-कभी कुछ दुष्प्रभाव बहुत गंभीर हो सकते हैं। उदाहरण के लिए अगर आपके ब्लड सेल (रक्त कोशिकाएँ) तेज़ी से गिर रहे हैं तो आप गंभीर संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।

ब्लड सेल (blood cell) और बोन मैरो (bone marrow) के कैंसर के लिए कीमोथेरेपी (chemotherapy) कराने वाले लोगों में गंभीर संक्रमण का खतरा बहुत रहता है। क्योंकि इस तरह का कैंसर व्हाइट ब्लड सेल (white blood cells) की संख्या को पहले से ही घटा देता है।

ये गंभीर समस्या के लक्षण हैं (Symptoms of a serious problem include:)

  • बुखार 38℃ (100.4°F) या उससे ज़्यादा
  • कंपकपी (shivering)
  • सांस लेने में परेशानी (breathing difficulties)
  • सीने में दर्द (chest pain)
  • फ्लू जैसे लक्षण जैसे कि मांसपेशियों में दर्द
  • मसूड़े और नाक से खून निकलना (bleeding gums and nose)
  • शरीर के अन्य हिस्सों से खून निकलना जो दबाने के 10 मिनट बाद भी बंद ना हो
  • मुँह का अल्सर (mouth ulcer) जो आपका खाना-पीना रोक दे
  • उल्टी जो एंटी सिकनेस दवाई लेने के बाद भी जारी रहे
  • चार या उससे ज़्यादा बार मल त्यागना या डायरिया (diarrhoea)

अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण हैं तो तुरंत अपनी टीम से सम्पर्क करें। आपकी देखभाल करने वाली टीम आपको 24 घण्टे के आपातकालीन फोन नम्बर के साथ एक कार्ड देगी।

थकान (fatigue)

थकान कीमोथेरेपी (chemotherapy) का एक सामान्य दुष्प्रभाव है। हर कोई जिसने कीमोथेरेपी करवाया है उसे थकान होती है। आप सामान्य रूप से थका हुआ महसूस करेंगे या हर रोज़ का काम करने के बाद आसानी से थक जाएंगे।

कीमोथेरेपी लेते समय यह ज़रूरी है कि पर्याप्त आराम लें। वह कार्य ना करें जो आप कर नहीं पातें।

हल्के व्यायाम जैसे कि चलना या योगा करना आपके ऊर्जा के स्तर को बढ़ा सकता है। लेकिन ध्यान रहे कि आप अपने शरीर पर दबाव ना बनाएं।

अगर आप काम करते हैं तो अपने काम को पार्ट टाइम करने के लिए अपने मालिक से पूछें जबतक आपकी कीमोथेरेपी (chemotherapy) खत्म नहीं हो जाती।

अपने देखभाल करने वाली टीम से सम्पर्क करें अगर आप अचानक बहुत ज़्यादा थका हुआ महसूस करने लगें और आप सांस भी ना ले पायें। बहुत ज़्यादा थकान और सांस की कमी एनीमिया (anaemia) के संकेत हो सकते हैं। (नीचे देखें)

मिचली (nausea) और उल्टी (vomiting) होना

मिचली और उल्टी कीमोथेरेपी (chemotherapy) के सामान्य दुष्प्रभाव हैं। यह इलाज के दौरान आधे लोगों को प्रभावित करते हैं।

अगर आपको मिचली और उल्टी हो रही है तो आपके लक्षण को नियंत्रित करने के लिए आपको दवाई दी जाएगी। इस तरह की दवाओं को एंटी एमेटिक (anti-emetic) कहते हैं।

एंटी एमेटिक (anti-emetic) अलग-अलग तरीकों से दिया जा सकता है जिसमें ये शामिल हैं

  • टैबलेट या कैप्सूल के रूप में जिसे आप या तो निगल सकते हैं या अपनी जीभ के नीचे घुलने के लिए रख सकते हैं।
  • इंजेक्शन या ड्रिप के रूप में
  • सपोजिटरी के रूप में जिसमें आप एक कैप्सूल अपनी गुदा (rectum) में डालेंगे ताकि वो घुल सके।
  • पैच के माध्यम से जो आप अपनी त्वचा पर लगाते हैं ।

अपनी एंटी एमेटिक (anti emetics) दवाओं को ठीक होने के बाद भी लेना जारी रखें। क्योंकि वो लक्षणों के दोबरा लौटने पर उन्हें रोकेंगे।

एंटी एमेटिक (anti emetics) के दुष्प्रभावों में कब्ज (constipation), खट्टी डकार (indigestion),नींद की समस्या (insomnia) और सिरदर्द (headache) है।

एंटी एमेटिक (anti emetics) कई अलग-अलग तरह के होते हैं अगर आप जो ले रहे हैं वह काम नहीं कर रहा है या वह कई सारे दुष्प्रभावों का कारण बन रहा है, तो अपनी देखभाल करने वाली टीम से सम्पर्क करें। एंटी एमेटिक (anti emetics) का कोई और विकल्प हो सकता है जो आपके ऊपर अच्छा काम करे।

बाल झड़ना (Hair loss)

बाल का झड़ना कुछ कीमोथेरेपी का सामान्य दुष्प्रभाव है। यह आमतौर पर कीमोथेरेपी के पहले से तीसरे खुराक के बाद शुरू होता है और ज़्यादातर लोगों के एक से तीन महीनों में बहुत बाल झड़ते हैं।

स्काल्प (scalp) सामान्य रूप से सबसे ज़्यादा प्रभावित होती है। हालांकि बालों का झड़ना शरीर के अन्य भागों से भी होता है जिसमें हाथ, पैर और चेहरा शामिल है।

बालों का झड़ना विशेष रूप से औरतों के लिए बहुत बुरा अनुभव हो सकता है।

अगर आपको बाल के झड़ने का सामना करने में परेशानी आती है तो अपने देखभाल टीम से सम्पर्क करें। वह जानते हैं यह कितना परेशानी करने वाला हो सकता है और वो आपको सहयोग और परामर्श देंगे।

कीमोथेरेपी के दौरान बालों का झड़ना अस्थायी होता है। आपका इलाज खत्म होने के तुरंत बाद ही आपके बाल बढ़ने शुरू हो जाएंगे।

अपने कीमोथेरेपी इलाज के खत्म होने के 6 महीने बाद लगभग तीन चौथाई लोगों को विग पहनने या सिर ढकने की ज़रूरत नहीं पड़ती।

बहुत से लोगों को लगा है कि उनके नए बाल पहले के बाल से अलग हैं। उदाहरण के लिए वह अलग रंग के या सीधे या घुंघराले हो सकते हैं बजाए इसके कि वो जैसे पहले हुआ करते थे।

कोल्ड कैप (Cold cap)

सम्भवतः कोल्ड कैप के इस्तेमाल से कीमोथेरेपी के कारण बालों का झड़ना रोका जा सकता है।

कोल्ड कैप (Cold cap) साइकल के हेलमेट के जैसा ही दिखता है। यह कीमोथेरेपी की खुराक लेते समय आपके सर को ठंडा करने के लिए बनाया गया है । सर को को ठंडा करने के लिए कोल्ड कैप सर में खून के बहने की मात्रा को कम कर देता है जो वहां तक पहुँचने वाली कीमोथेरेपी दवा की मात्रा को कम कर देती है।

आप उपचार के दौरान कोल्ड कैप (Cold cap) का इस्तेमाल कर सकते हैं या नहीं, यह आपके कैंसर के प्रकार पर निर्भर करेगा।

उदाहरण के लिए: कोल्ड कैप (Cold cap) का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है अगर आपको

  • किसी भी प्रकार का ल्यूकेमिया (leukaemia) हो जैसेकि एक्यूट लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया (acute lymphoblastic leukaemia) जो कि ब्लड सेल का कैंसर है। जो मुख्यतः बच्चों को प्रभावित करता है।
  • मल्टीपल माइलोमा (multiple myeloma) यह कैंसर बोन मैरो (bone marrow) में होता है।
  • नॉन-हॉजकिन लिंफोमा (Non-Hodgkin lymphoma): यह कैंसर लिम्फेटिक सिस्टम (lymphatic system) में होता है। लिम्फेटिक सिस्टम (lymphatic system) एक ग्रन्थियों और धमनियों की एक श्रृंखला होती है जो शरीर की संक्रमण से रक्षा करती है।

इस प्रकार के कैंसरों में कैंसरस सेल के आपको खोपड़ी में फैलने का अच्छा मौका मिल सकता है इसलिए आपकी खोपड़ी (skull) को ठंडा करना बहुत खतरनाक हो सकता है।

कोल्ड कैप (Cold cap) कुछ प्रकार के कीमोथेरेपी (chemotherapy) इलाज में अच्छा काम करते हैं और वे हमेशा बालों का झड़ना नहीं रोक सकते हैं।

संक्रमण बढ़ने का खतरा (Increased risk of infection)

कीमोथेरेपी आपके शरीर की संक्रमण से लड़ने की क्षमता खत्म कर सकता है। इसलिए आपको संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए एंटीबायोटिक (antibiotics) का कोर्स दिया जा सकता है।

आपको संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए अलग से एहतियात बरतने की ज़रूरत पड़ सकती है। उदाहरण के लिए आपको ये करना चाहिए:

  • निजी रूप से साफ रहें - रोज़ नहाए और यह सुनिश्चित करें कि कपड़े, तौलिए और बिस्तर नियमित रूप से साफ हों।
  • उन लोगों से बचें जिन्हें संक्रमण हो जैसे कि चिकनपॉक्स (chickenpox) या फ्लू (flu)।
  • अपने हाथों को गर्म पानी और साबुन से नियमित रूप से धोएँ, विशेष रूप से शौचालय जाने के बाद और खाना बनाने और खाने से पहले।
  • त्वचा को कटने या खरोंच ना लगने दे। अगर ऐसा होता है तो उस जगह को गर्म पानी से पूरी तरह साफ करें, सुखाएं और उसपर जीवाणुरहित (sterile) पट्टी लगाएं।
  • कीमोथेरेपी के दौरान नियमित रूप से खून जांच किया जाता है ताकि पता लग सके कि आप संक्रमण के लिए सबसे अधिक असुरक्षित कब हैं।
  • आपको अतिरिक्त ख्याल रखने के लिये सलाह दी जा सकती है, जैसे कि भीड़ भाड़ वाली जगहों से बचें और व्यस्त समय में सार्वजनिक वाहन का उपयोग ना करें।

एनीमिया (anaemia)

कीमोथेरेपी ब्लड सेल की मात्रा को कम कर सकता है। यह सेल शरीर में ऑक्सीजन पहुँचाने का काम करते हैं। अगर आपका रेड ब्लड सेल बहुत ज़्यादा घट जाएगा तो शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बाधित हो जाएगा और आपको एनीमिया (anaemia) हो सकता है।

एनीमिया (anaemia) के लक्षणों में ये शामिल हैं

  • थकान: आप कीमोथेरेपी के बाद हुई थकान की तुलना में ज़्यादा थकान महसूस करेंगे
  • ऊर्जा की कमी
  • सांस लेने में समस्या (dyspnea)
  • अनियमित हृदयगति (irregular heartbeat)

अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण है तो जितनी जल्दी हो सके अपने केयर टीम को सम्पर्क करें ।

रेड ब्लड सेल की संख्या बढ़ाने के लिए आपको खून चढ़ाने (blood transfusion) की ज़रूरत पड़ सकती है । वैकल्पिक रूप से एक दवा दे सकते हैं जिसे एरीथ्रोपोईटिन (erythropoietin) कहते हैं; जो रेड ब्लड सेल के निर्माण को बढ़ा सकती है।

आपके लिए यह ज़रूरी है कि आपके खाने में आयरन बहुत ज़्यादा हो। यह इसलिए क्योंकि आयरन रेड ब्लड सेल को ज़्यादा ऑक्सीजन ले जाने में मदद करता है। अधिक आयरन वाले भोजन में शामिल हैं:

  • हरी पत्ते वाली सब्ज़ियाँ
  • आयरन फोर्टिफाइड ब्रेड
  • बीन्स (beans)
  • नट्स (nuts)
  • मांस (meat)
  • खुबानी (एप्रीकॉट) (apricots)
  • आलूबुखारा (प्रुन्स) (prunes)
  • किशमिश (raisins)

एनीमिया (anaemia) के और इलाजों के बारे में जानें

चोट और खून निकलना (Bruising and bleeding)

कीमोथेरेपी से आपको और आसानी से चोट लग सकती है और खून निकल सकता है इसके कारण निम्न समस्याएँ हो सकती हैं:

  • आसानी से चोट लगना
  • नाक से खून निकलना
  • मसूड़ों से खून निकलना

ऐसे कोई भी लक्षण हो तो अपनी केयर टीम को बतायें, शायद आपको प्लेटलेट्स (platelet) बढ़ाने के लिए खून चढ़ाने (blood transfusion) की ज़रूरत पड़ सकती है।

आपको अपनी त्वचा और मसूड़ों को चोटिल होने से बचाने के लिए अतिरिक्त ख्याल रखने की ज़रूरत पड़ सकती है, जिसमें ये शामिल हैं:

  • दाढ़ी बनाते समय इलेक्ट्रिक रेज़र का इस्तेमाल करें
  • नरम टूथब्रश का इस्तेमाल करें
  • चाकू और अन्य तेज़ धार वाले सामान का इस्तेमाल करते हुए ज़्यादा ध्यान रखें
  • बागबानी करते समय मोटे दस्ताने पहने

म्यूकोसाइटिस (mucositis)

कीमोथेरेपी (chemotherapy) ऊतक की नरम परत के दर्द और सूजन का कारण बन सकती है जो पाचन तंत्र को मुंह से गुदा (श्लेष्म झिल्ली) तक पहुंचाती है। इसे म्यूकोसाइटिस (mucositis) के रूप में जाना जाता है।

आपके लक्षण की गंभीरता आमतौर पर आपको दी जाने वाली दवा की ताकत पर निर्भर करती है। वह लोग जो कीमोथेरेपी के बड़े खुराक लेते हैं उनके लक्षण अधिक गंभीर होते हैं।

म्यूकोसाइटिस (mucositis) के लक्षण कीमोथेरेपी (chemotherapy) शुरू होने के 7 से 10 दिन बाद शुरू हो जाते हैं।

अगर आपको म्यूकोसाइटिस (mucositis) होता है, आपके मुंह के अंदर दर्द महसूस हो सकता है, जैसा आपको गर्म खाना खाने के बाद लगता है। आपको सम्भवतः मुंह में का अल्सर हो सकता है, कुछ मामलों में आपके जीभ या होंठ के आसपास ।

अल्सर (ulcers) बहुत दर्दनाक हो सकते हैं, यह आपके खाने, पीने और बात करने को मुश्किल बना सकते हैं। इनसे भी खून निकल सकता है और ये संक्रमित हो सकते हैं।

म्यूकोसाइटिस (mucositis) के लक्षण कीमोथेरेपी (chemotherapy) के खत्म होने के कुछ हफ्ते बाद ठीक होना शुरू हो जाते हैं। हालांकि लक्षणों से आराम के लिए कई दवाएँ उपलब्ध हैं।

भूख ना लगना (Loss of appetite)

कुछ लोग जो कीमोथेरेपी (chemotherapy) लेते हैं उन्हें भूख नहीं लगती और खाने-पीने का मन नहीं करता। अगर आपको भूख नहीं लगती है तब भी स्वस्थ खाने और खूब तरल पदार्थ पीने की कोशिश कीजिए।

आप दिन में तीन बार बड़ी मात्रा में खाने की तुलना में छोती मात्रा में ज़्यादा बार भोजन कर सकते हैं। पेय को एक गिलास से सीधे पीने के बजाय एक स्ट्रॉ के माध्यम से धीरे-धीरे पीने की कोशिश करें।

अगर आपको मुँह के अल्सर (mouth ulcers) के कारण खाने-पीने में गंभीर समस्या हो रही है तो आपको अस्पताल में भर्ती करने की ज़रूरत पड़ सकती है; जहां आपको खाने की ट्यूब (feeding tube) लगाई जाएगी।

आपको संभवतः नासोगस्ट्रिक्ट ट्यूब (nasogastric tube) दिया जा सकता है। यह ट्यूब आपकी नाक और पेट के बीच में डाली जाएगी। एकबार जब आप सामान्य रूप से खाने-पीने में सक्षम हो जाएंगे तो ट्यूब निकाल लिया जाएगा।

त्वचा और नाखून (Skin and nails)

कीमोथेरेपी की कुछ दवाएँ आपकी हाथ और पैर की त्वचा के सूखने और दर्द का कारण बन सकती हैं। आपके नाखून सामान्य से ज़्यादा नाज़ुक और टूटने वाले हो सकते हैं और उनके चारो ओर सफेद लाइन बन सकती है।

कीमोथेरेपी के दौरान या इलाज खत्म होने के बाद आपकी त्वचा सूरज की रोशनी के प्रति और संवेदनशील हो सकती है। आपको अपनी त्वचा को सूरज की रोशनी से बचाने के लिए अलग से ध्यान रखने की ज़रूरत पड़ सकती है।

  • जब सूरज सबसे गर्म हो तब बाहर जाने से बचें: यह आमतौर पर 10 बजे से 2 बजे तक होता है। हालांकि सूरज इस समय के बाद या पहले भी आपकी त्वचा को हानि पहुँचा सकता है।
  • सनस्क्रीन (sunscreen) का इस्तेमाल करें जो अल्ट्रावायलेट A (UVA) और B (UBV) रेडिएशन दोनों को रोकता है और जिसमें कम से कम 15 सन प्रोटेक्शन फैक्टर (SPF) हों।
  • सूरज से बचने के लिए कपड़े पहने: जैसे कि अपने चेहरे और स्कैल्प की सुरक्षा के लिए चौड़ी टोपी पहनें और अपनी आँखों की सुरक्षा के लिए धूप का चश्मा लगाएँ।

स्मरणशक्ति और ध्यान (Memory and concentration)

कुछ लोग जो कीमोथेरेपी करवाते हैं उन्हें अल्पकालिक याद (short term memory), ध्यान देने और एकाग्र रहने में परेशानी होती है। आप पाएंगे कि आपके दैनिक कार्य सामान्य से ज़्यादा समय ले रहे हैं।

यह लक्षण क्यों होते हैं इसका बिल्कुल ठीक तरह से पता नहीं चला है। यह कई कारकों के मिलने के कारण हो सकते हैं, जैसे कि थकान और चिंता हालांकि ये लक्षण आपका इलाज खत्म होने के बाद ठीक होने लगते हैं।

नींद की समस्या (Sleep problems)

नींद की समस्या कीमोथेरेपी का एक साधारण दुष्प्रभाव हैं। यह कीमोथेरेपी का इलाज करवाने वाले लोगों में से आधे लोगों को प्रभावित करती है।

नींद की समस्या में ये शामिल हैं - नींद ना आना (insomnia), बीच रात में उठ जाना और दोबारा सोने में असमर्थ होना।

दिए गए सलाह आपकी नींद में सहायता कर सकते हैं:

  • बिस्तर पर तभी जाएं जब आपको नींद आ रही हो
  • अगर आप सो नहीं पा रहे हों तो बेडरूम से बाहर जाएँ और तभी आएं जब आपको नींद आये
  • अपने बेडरूम का इस्तेमाल बस सोने और सेक्स के लिए करें
  • दिन में झपकी लेने से बचें अगर यह संभव ना हो तो अपनी झपकी को आधे घण्टे तक सीमित करें
  • बिस्तर पर जाने से लगभग 6 घण्टे पहले कैफ़ीन जैसे स्टिम्युलंट पदार्थ का प्रयोग करने से बचे

अगर यह सलाह काम ना करे अपने केयर टीम से सम्पर्क करें। आपको अतिरिक्त इलाज की ज़रूरत पड़ सकती है। एक प्रकार की थेरेपी जिसे कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (cognitive behavioral therapy) कहते हैं, उसमें माना गया है कि यह कीमोथेरेपी से होने वाले इनसोम्निया (insomnia) के इलाज में असरदार है।

लैंगिकता और प्रजनन क्षमता (Sexuality and fertility)

बहुत से लोगों ने पाया है कि कीमोथेरेपी के दौरान सेक्स के प्रति उनकी दिलचस्पी कम हुई है। हालांकि यह आमतौर पर अस्थायी है और सेक्स में आपकी दिलचस्पी आपका इलाज खत्म होने के बाद लौटकर आ सकती है।

कुछ कीमोथेरेपी दवाएं महिलाओं को गर्भधारण करने में सक्षम होने से और पुरुषों को स्वस्थ शुक्राणु पैदा करने से रोक सकती हैं। प्रजनन क्षमता का नुकसान आमतौर पर अस्थायी होता है, हालांकि कुछ मामलों में व्यक्ति स्थायी रूप से बांझ हो सकता है।

अगर आपके पूरी तरह से बांझ होने का खतरा है तो आपकी केयर टीम आपका इलाज शुरू करने से पहले संभावना की चर्चा करेगी।

कई सारे विकल्प मौजूद हैं

औरतें अपने अंडों को जमाकर आईवीएफ (IVF) में दोबारा इस्तेमाल कर सकती हैं। आदमी अपने स्पर्म को जमा कर बाद में आर्टिफिशियल इंसेमिनेशन (artificial insemination) में इस्तेमाल कर सकते हैं।

डायरिया और कब्ज (Diarrhoea and constipation)

कीमोथेरेपी शुरू होने के कुछ दिन बाद आपको कब्ज़ (constipation) या डायरिया (diarrhoea) शुरू हो सकता है। लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए आपकी केयर टीम आपको उचित दवा दे सकती है।

डायरिया (diarrhoea) और कब्ज (constipation) के इलाज के बारे में और जानें।

डिप्रेशन (depression)

कीमोथेरेपी के प्रभाव के साथ रहना निराशा पूर्ण, तनावपूर्ण और बुरा अनुभव हो सकता है। इस समय इस चिंता का होना सामान्य है कि आपका इलाज सफल होगा कि नहीं।

तनाव और चिंता आपके डिप्रेशन (depression) में जाने के खतरे को बढ़ा सकते हैं। यदि आप दो हफ्ते से ज़्यादा खराब महसूस कर रहे हैं और आपको उन चीज़ों में मज़ा नहीं आ रहा जिसमें आया करता था तो आप अवसाद में हो सकते हैं।

अगर आपको मानसिक और भावनात्मक परेशानी हो तो अपने केयर टीम से सम्पर्क करें। वह आपकी तनाव, चिंता और डिप्रेशन को ठीक करने के इलाज में सहायता करेंगे।

जो लोग कीमोथेरेपी करवा रहे हैं उनके सहायता समूह में शामिल होने से भी मदद मिल सकती है। एक समान स्थिति में अन्य लोगों से बात करना अक्सर अलगाव और तनाव की भावनाओं को कम कर सकता है।

उपचार से इनकार करना या बन्द करना (Refusing or withdrawing treatment)

कुछ परिस्थितियों में आपको लगेगा कि कीमोथेरेपी से होने वाला लाभ इलाज से होने वाले दुष्प्रभावों की वजह से जीवन की ख़राब गुणवत्ता के मुकाबले फ़ायदेमंद नहीं है।

उदाहरण के लिए, यदि कीमोथेरेपी से फायदा होने की कोई संभावना नहीं और उससे आप कुछ महीने और जीवित रह पाएंगे तो आप ऐसा सोच सकते हैं कि इलाज करवाने से कोई फायदा नहीं है।

हालांकि अगर आप अपने पोते के जन्म या अपने बेटे या बेटी की शादी के लिए इंतज़ार कर रहे हैं तो आप अपनी ज़िंदगी किसी भी कीमत पर बढ़ाना चाहेंगे।

कीमोथेरेपी से कब इनकार करना चाहिए या कब इसे बंद करना चाहिए इसका कोई सही जवाब नहीं है। आपकी केयर टीम इलाज को जारी रखने के लाभ के बारे में आपको सलाह दे सकती है, लेकिन अंतिम फैसला आपका ही होगा।

यह बहुत ही संवेदनशील मुद्दा है जिसकी चर्चा आपको अपनी केयर टीम, परिवार, दोस्त और प्यार करने वाले से करनी चाहिए। आपके पास इलाज से इनकार करने का या अगर उससे लाभ नहीं हो तो उसे रोकने का अधिकार हमेशा रहेगा।

कीमोथेरेपी को रोकने का यह अर्थ नहीं है कि कोई लक्षण बिना इलाज के रह जायेगा। आपकी केयर टीम आपको तब भी सहयोग और आराम देगी। इस प्रकार के देखभाल को पैलिएटिव केयर (palliative care) कहते हैं।

अगर यह लगता है कि आप ज़्यादा दिन जीवित नहीं रहेंगे तो आपको हॉस्पिस में भर्ती करने की सलाह दी जा सकती है। वहाँ लोगों की ऐसे स्तर पर देखभाल करती है, जब उनकी बीमारी का उनके जीवन के अंतिम समय में पता चलता है।

विचार करने वाली बातें (Things to consider)

कीमोथेरेपी इलाज के दौरान आपको कई बातों को दिमाग में रखने की ज़रूरत है ।

अन्य दवाएँ (Other medication)

कोई भी अन्य दवा लेने से पहले अपने केयर टीम से बात करें। जिसमें काउंटर से ली दवाएँ और हर्बल दवाएँ भी शामिल हैं। अन्य दवाएँ आपकी कीमोथेरेपी (chemotherapy) के साथ अप्रत्याशित रूप से प्रतिक्रिया कर सकती हैं।

गर्भवस्था (Pregnancy)

आपको कीमोथेरेपी (chemotherapy) होने के समय गर्भवती होने से बचना चाहिए। क्योंकि कीमोथेरेपी (chemotherapy) में दी जाने वाली बहुत सी दवाएँ जन्म दोष का कारण बन सकती हैं।

आप गर्भनिरोधक की एक बाधा विधि(barrier method) का इस्तेमाल कर सकते हैं जैसे कि कॉन्डम, जब आप कीमोथेरेपी (chemotherapy) करवा रहे हों या आपका इलाज खत्म होने के लगभग 6 महीने बाद तक।

अपने केयर टीम से तुरंत सम्पर्क करें अगर आपको लगता है कि कीमोथेरेपी (chemotherapy) करवाते समय आप गर्भवती हो सकती हैं।

दुष्प्रभाव (Side effects)

कीमोथेरेपी (chemotherapy) गंभीर दुष्प्रभावों का कारण बन सकता है, जैसे कि बालों का झड़ना, थकान (fatigue), मिचली (nausea) और उल्टी (vomiting)

कीमोथेरेपी (chemotherapy) के दुष्प्रभावों के बारे में और जानकारी के लिए इसे देखें

NHS के मूल कॉन्टेंट का अनुवादHealthily लोगो
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