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नवजात रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (Neonatal respiratory distress syndrome (NRDS))

मेडिकल समीक्षा के साथ

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यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है।

नवजात श्वसन संकट सिंड्रोम या रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (NRDS) एक ऐसी गंभीर चिकित्सा स्थिति है जिसमे एक नवजात शिशु के फेफड़े उसके शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन प्रदान नहीं कर पाते हैं।

एनआरडीएस को हाइलिन /छ्यलिने झिल्ली रोग (hyaline membrane disease), शिशु श्वसन संकट सिंड्रोम (infant respiratory distress syndrome) या नवजात श्वसन संकट सिंड्रोम के रूप में भी जाना जाता है।

कारण

एनआरडीएस आमतौर पर तब होता है जब फेफड़ों में सर्फैक्टेंट/ तलसक्रियकारक (surfactant)नामक पदार्थ की कमी होती है। यह पदार्थ, जो प्रोटीन और वसा (fat) से बना होता है, फेफड़ों को फुलाए रखने (inflated) में मदद करता है और फेफड़े के वायु कोश (air sacs) नामक हिस्सों का लोप होने से रोकता है।

गर्भावस्था के 24 से 28 सप्ताह के बीच आपका शिशु सामान्य रूप से सर्फेक्टेंट/ तलसक्रियकारक (surfactant) का उत्पादन करना शुरू कर देगा। अधिकांश शिशु सामान्य रूप से ३४वे सप्ताह तक साँस लेने के लिए पर्याप्त सर्फेक्टेंट/ तलसक्रियकारक (surfactant) का उत्पादन कर लेते हैं। यदि आपका बच्चा समय से पहले पैदा हुआ है, तो उसके फेफड़ों में पर्याप्त सर्फेक्टेंट/ तलसक्रियकारक (surfactant) की कमी हो सकती है

कभी-कभी, एनआरडीएस (NRDS) उन शिशुओं में भी होता है जो समय से पहले पैदा नहीं होते हैं। यह आमतौर पर फेफड़ों (lungs) के विकास में भूमिका निभाने वाले जीन (genes) के साथ किसी समस्या के कारण होता है।

यह अनुमान है कि गर्भावस्था के 28 सप्ताह से पहले पैदा हुए सभी शिशुओं में से आधे एनआरडीएस (NRDS)) विकसित करेंगे।

संकेत और लक्षण

एनआरडीएस (NRDS) के संकेत आमतौर पर जन्म के तुरंत बाद ध्यान देने योग्य हो जाते हैं, और अगले कुछ दिनों में और खराब होने लगते हैं। इनमे शामिल हो सकते हैं:

  • होंठ, उंगलियों और पैर की उंगलियों का नीला पड़ना
  • तीव्र, उथली श्वास
  • श्वांस लेने पर नथूनों का फूलना (Flaring nostrils)
  • सांस लेते समय गंभीर आवाज आना (घुरघुराहट)

क्यूंकि समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चे (premature babies) आमतौर पर अस्पताल में पैदा होते हैं, इन समस्याओं के विकसित होने पर एनईआरडीएस (NRDS) वाले अधिकांश बच्चे पहले से ही अस्पताल में होते हैं।

हालांकि, NRDS घर पर पैदा होने वाले शिशुओं को भी प्रभावित कर सकता है। यदि आप अस्पताल के बाहर जन्म देते हैं और अपने बच्चे में उपरोक्त लक्षणों को देखते हैं, तो तुरंत कॉल करें और एम्बुलेंस को बुलाएं।

एनईआरडीएस /NRDS का इलाज

एनआरडीएस वाले अधिकांश शिशुओं को अतिरिक्त ऑक्सीजन के साथ, और संभवत: वेंटिलेटर समर्थन के किसी न किसी रूप में साँस लेने में मदद की आवश्यकता वेंटिलेशन की आवश्यकता वाले शिशुओं को अक्सर कृत्रिम सर्फेक्टेंट नामक दवा के साथ सीधे फेफड़ों में इलाज किया जा सकता है, जो फेफड़ों के सामान्य कार्य को बहाल करने में मदद करता है

जन्म से पहले बिटामेथासोन नामक दवा से मां का इलाज करके कुछ मामलों को रोका जा सकता है या कम से कम गंभीर बना दिया जा सकता है।

नवजात श्वसन संकट सिंड्रोम के इलाज के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करें।

जटिलताएं

अधिकांश मामलों में, NRDS का सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकता है और, सीधे NRDS से जुड़ी मौतें बहुत दुर्लभ हैं।

हालांकि, अधिक गंभीर मामलों में आगे समस्याओं का खतरा होता है। इनमें फेफड़े (lungs) में जख्म शामिल हो सकते हैं, जिससे लम्बे समय तक होने वाली सांस लेने में तकलीफ का सामना करना पड़ता है। मस्तिष्क (brain ) की क्षति का भी खतरा होता है, जिसके परिणामस्वरूप समस्याएं हो सकती हैं जैसे की सीखने में कठिनाई होना।

नवजात श्वसन संकट सिंड्रोम की संभावित जटिलताओं के बारे में अधिक जानें

नवजात श्वसन संकट सिंड्रोम का निदान

कई परीक्षणों का इस्तेमाल कर के नवजात श्वसन संकट सिंड्रोम (NRDS) के संकेतों की तलाश की जा सकती है, और अन्य संभावित कारणों को हटाया जा सकता है।

इन परीक्षणों में शामिल हो सकते हैं

  • एक भौतिक परीक्षण - एनआरडीएस के विशिष्ट लक्षणों और संकेतों की जांच करने के लिए
  • रक्त परीक्षण - रक्त में ऑक्सीजन (oxygen ) की मात्रा को मापने और किसी संक्रमण के लिए जाँच करने के लिए
  • एक पल्स ऑक्सीमेट्री टेस्ट (pulse oximetry test) - उंगलियों, कान या पैर की अंगुली से जुड़े सेंसर (sensor ) का उपयोग करके यह मापना कि रक्त में ऑक्सीजन (oxygen) कितना अवशोषित हो रहा है
  • छाती का एक्स-रे - एनआरडीएस के विशिष्ट बादल-रूप को देखने के लिए
  • एक इकोकार्डियोग्राम - एक प्रकार का अल्ट्रासाउंड स्कैन जो हृदय के अंदर की तस्वीर बनाने के लिए उपयोग किया जाता है

नवजात श्वसन संकट सिंड्रोम का उपचार

नवजात श्वसन संकट सिंड्रोम (एनआरडीएस) का उपचार श्वास का समर्थन करते हुए स्थिति के अंतर्निहित कारण (underlying cause ) का प्रबंधन करना है।

जन्म से पहले उपचार

नवजात श्वसन संकट सिंड्रोम (NRDS) के लिए उपचार कभी-कभी जन्म से पहले शुरू हो सकता है। यदि आपको गर्भावस्था के 34 वें सप्ताह से पहले जन्म देने का एक महत्वपूर्ण जोखिम माना जाता है, तो आपको आमतौर पर प्रसव से कुछ दिन पहले बीटामेथासोन (betamethasone ) नामक स्टेरॉयड (steroid ) दवा के एक दिन में दो इंजेक्शन दिए जाएंगे।

बेटमेथासोन बच्चे के फेफड़ों के विकास को प्रोत्साहित करने में मदद करता है। यह अनुमान लगाया गया है कि बीटामेथासोन का उपयोग एनआरडीएस को समयपूर्व जन्म (premature births) के एक तिहाई मामलों में होने से रोकता है।

जन्म के बाद उपचार

यदि बीटामेथासोन का उपयोग नहीं किया जाता है, या यदि यह एनआरडीएस को रोकने में असफल है, तो संभावना है कि आपके बच्चे को एक नवजात इकाई (neonatal unit ) में स्थानांतरित किया जाएगा।

हल्के लक्षणों के लिए आपके बच्चे को केवल अतिरिक्त ऑक्सीजन (extra oxygen ) की आवश्यकता हो सकती है, जो आमतौर पर एक इनक्यूबेटर (incubator ) या नाक की नलियों (nasal tubes) (प्रवेशनी/ cannula) द्वारा दी जाती है। यदि लक्षण अधिक गंभीर हैं, तो आपका शिशु या तो सहायता के लिए या साँस लेने के लिए मशीन से जुड़ा होगा। अक्सर इन उपचारों को प्रसव कक्ष में तुरंत शुरू किया जाता है, नवजात इकाई में स्थानांतरण से पहले।

क्योंकि एनआरडीएस आमतौर पर फेफड़ों में एक सुरक्षात्मक पदार्थ की कमी के कारण होता है, जिसे सर्फैक्टेंट कहा जाता है, आपके बच्चे को कृत्रिम सर्फेक्टेंट की खुराक दी जा सकती है। यह आमतौर पर सामान्य फेफड़ों के कार्य को बहाल करने में मदद करने के लिए एक श्वास नली के माध्यम से दिया जाता है।

साक्ष्य बताते हैं कि विलंबित उपचार की तुलना में प्रारंभिक उपचार (प्रसव के दो घंटे के भीतर) अधिक फायदेमंद है।

आपके शिशु को उनकी एक नस से जुड़ी ट्यूब के माध्यम से तरल पदार्थ और पोषक तत्व भी दिए जाएंगे।

एनआरडीएस वाले कुछ शिशुओं को केवल कुछ दिनों के लिए सांस लेने में मदद की आवश्यकता होती है, हालांकि अन्य - आमतौर पर वे बच्चे जो समय से पहले पैदा होते हैं - उन्हें हफ्तों या महीनों तक सहायता की आवश्यकता हो सकती है।

समय से पहले जन्म लेने वाले शिशुओं में अक्सर कई समस्याएं होती हैं जो उन्हें अस्पताल में रखती हैं, लेकिन आमतौर पर वे अपनी मूल अपेक्षित डिलीवरी की तारीख (expected delivery date) के आसपास घर जाने के लिए पर्याप्त ठीक होते हैं। हालांकि, आपके बच्चे को अस्पताल में रहने की सही अवधि काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि वे कितने जल्दी पैदा हुए थे।

नवजात श्वसन संकट सिंड्रोम से जुड़ी जटिलताएं

एक महत्वपूर्ण जोखिम है कि जो बच्चे नवजात श्वसन संकट सिंड्रोम (NRDS) का अनुभव करते हैं, वे आगे की समस्याओं का भी अनुभव करेंगे।

हवा का रिसाव

एनआरडीएस के कुछ मामलों में, हवा फेफड़ों से बाहर रिसाव कर सकती है और छाती गुहा में फंस सकती है। इसे न्यूमोथोरैक्स/ वातिलवक्ष (pneumothorax) के रूप में जाना जाता है।

हवा की ये जेब (pocket of air) फेफड़ों पर अतिरिक्त दबाव डालती है जिससे उनका लोप हो जाता है और इससे सांस लेने की अतिरिक्त समस्या हो जाती है।

छाती में एक ट्यूब डालकर हवा के रिसाव का इलाज किया जा सकता है, ताकि फंसी हवा को बाहर निकाला जा सके

आंतरिक रक्तस्राव (Internal bleeding)

एनआरडीएस वाले शिशुओं को उनके फेफड़े (फुफ्फुसीय रक्तस्राव) और मस्तिष्क (सेरेब्रल हैमरेज) के अंदर रक्तस्राव (bleeding) का अनुभव हो सकता है।

फेफड़ों में रक्तस्राव का इलाज करना मुश्किल हो सकता है लेकिन आमतौर पर वेंटिलेटर (ventilator ) से हवा का दबाव और रक्त उत्पादों का आधान रक्तस्राव को रोकने में मदद करता है।

समय से पहले जन्म लेने वाले शिशुओं में मस्तिष्क में रक्तस्राव काफी सामान्य है, लेकिन सौभाग्य से अधिकांश रक्तस्राव हल्के होते हैं और दीर्घकालिक समस्याएं कम होती हैं। बड़ी मात्रा में रक्त को कभी-कभी सर्जरी की आवश्यकता होती है, जिससे संचित द्रव (accumulating fluid) निकल जाता है।

ब्रोंकोपुलमोनरी डिस्प्लाशिया (Bronchopulmonary dysplasia)

ब्रोंकोपल्मोनरी डिस्प्लेसिया (बीपीडी) एक दीर्घकालिक फेफड़ों की स्थिति है जो एनआरडीएस वाले कुछ बच्चों को प्रभावित कर सकती है। यह तब विकसित होता है जब एनआरडीएस का इलाज करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला वेंटिलेटर फेफड़ों में चोट का कारण बनता है, जो उनके विकास को प्रभावित करता है।

बीपीडी के लक्षणों में शामिल हैं, तेजी से और उथले श्वास और सांस की तकलीफ।

गंभीर बीपीडी वाले शिशुओं को आमतौर पर सांस लेने में मदद की आवश्यकता होती है, जिसके लिए उनकी नाक में ट्यूब के माध्यम से अतिरिक्त ऑक्सीजन दी जाती है। यह आमतौर पर कुछ महीनों के बाद बंद हो जाता है जब फेफड़े ठीक हो जाते हैं।

हालांकि, बीपीडी वाले बच्चों को ब्रोंकोडायलेटर्स (bronchodilators) जैसी नियमित दवा की आवश्यकता हो सकती है, ताकि उनके फेफड़ों के वायुमार्ग को चौड़ा करने में मदद मिल सके और उनकी सांस लेने में सहायता हो सके।

विकास में समस्या

यदि एनआरडीएस के दौरान मस्तिष्क क्षतिग्रस्त हो जाता है, या तो रक्तस्राव या ऑक्सीजन की कमी के कारण होता है, तो यह दीर्घकालिक विकास संबंधी अक्षमता जैसे कि सीखने की कठिनाइयों, गतिविधियों के साथ समस्याओं, बिगड़ी हुई (impaired hearing) सुनने की क्षमता और बिगड़ी हुई दृष्टि (impaired vision) को पैदा कर सकता है।

हालांकि, ये विकासात्मक समस्याएं आमतौर पर गंभीर नहीं होती हैं। उदाहरण के लिए, एक सर्वेक्षण में अनुमान लगाया गया है कि विकास संबंधी समस्याओं (developmental problems) वाले चार में से तीन बच्चे केवल एक हल्की विकलांगता विकसित करते हैं, जो उन्हें एक सामान्य वयस्क-जीवन जीने से नहीं रोकेगा।

NHS के मूल कॉन्टेंट का अनुवादHealthily लोगो
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