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हाई कोलेस्ट्रॉल (High cholesterol)

मेडिकल समीक्षा के साथ

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यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है।

उच्च कोलेस्ट्रॉल (हाई कोलेस्ट्रॉल) क्या है?

कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) एक वसायुक्त (fatty) पदार्थ है जिसे लिपिड (lipid) भी कहा जाता है। यह शरीर के सामान्य कार्यों के लिए आवश्यक है। यह मुख्य रूप से लीवर द्वारा बनता है, लेकिन हमारे द्वारा खाए जाने वाले कुछ खाद्य पदार्थों में भी यह पाया जाता है।

रक्त (हाइपरलिपिडिमिया) में लिपिड (lipid) का स्तर बढ़ने के कारण आपका स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। उच्च कोलेस्ट्रॉल (high Cholesterol) अपने आप में किसी भी लक्षण का कारण नहीं है, लेकिन यह शरीर में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकता है।

कोलेस्ट्रॉल के बारे में जानकारी (About cholesterol)

रक्त में प्रोटीन (protein) द्वारा कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) ले जाया जाता है, जब दोनों एक दूसरे से मिलते हैं, तो इन्हें लाइपोप्रोटीन (lipoproteins) कहते हैं। ये हानिकारक और फ़ायदेमंद लाइपोप्रोटीन (lipoproteins) होते हैं; जिन्हें एलडीएल (LDL) और एचडीएल (HDL) या खराब और अच्छा कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) कहा जाता है।

  • लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन (एलडीएल) (Low-density lipoprotein (LDL)): एलडीएल लीवर से लेकर उन कोशिकाओं तक कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) को पहुंचाता है, जिन्हें इसकी आवश्यकता होती है। यदि कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) की मात्रा कोशिकाओं के आवश्यक उपयोग से बहुत अधिक हो जाता है, तो यह धमनी की दीवारों में जमा होने लगता है, जिससे धमनी का रोग हो सकता है। इस कारण से, एलडीएल कोलेस्ट्रॉल (LDL Cholesterol) को "खराब कोलेस्ट्रॉल" कहा जाता है।
  • हाई- डेंसिटी लिपोप्रोटीन (एचडीएल) (High-density lipoprotein (HDL)): एचडीएल (HDL) कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) को कोशिकाओं से दूर ले जाता है और फिर लीवर में वापस ले आता है, जहां कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) या तो टूट जाता है या अपशिष्ट पदार्थ के रूप में शरीर से बाहर निकल जाता है। इसलिए इसे "अच्छा कोलेस्ट्रॉल" कहा जाता है और इस कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) की अधिक मात्रा स्वास्थ्य के लिए अच्छी होती है।

रक्त में कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) की मात्रा (एलडीएल और एचडीएल) को खून की जांच से मापा जा सकता है। स्वस्थ वयस्कों और उच्च जोखिम वाले लोगों के रक्त में कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) का स्तर अलग-अलग होता है।

मुझे अपना कोलेस्ट्रॉल क्यों कम करना चाहिए? (Why should I lower my cholesterol)

हाई कोलेस्ट्रॉल (high Cholesterol) के कारण इन समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है:

इसका कारण यह है कि कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) धमनी की दीवार में जमा हो जाता है और हृदय, मस्तिष्क एवं शरीर के बाकी हिस्सों में रक्त के प्रवाह को रोकता है। यह शरीर के कई अंगों में रक्त का थक्का जमने की संभावना को भी बढ़ाता है।

इससे कोरोनरी हृदय रोग (जब हृदय में रक्त की आपूर्ति बाधित होती है) का खतरा भी बढ़ जाता है क्योंकि रक्त का कोलेस्ट्रॉल स्तर बढ़ जाता है। इसके अलावा शारीरिक गतिविधि के दौरान एंजाइना (angina) का खतरा भी बढ़ सकता है।

हाई कोलेस्ट्रॉल का क्या कारण है? (What causes high cholesterol)

यदि आपको हाई कोलेस्ट्रॉल है तो ऐसे कई कारण हैं जो हृदय रोगों और स्ट्रोक की संभावना को बढ़ा सकते हैं:

  • खराब आहार: कुछ खाद्य पदार्थों में पहले से ही कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) मौजूद होता है (जिसे डायटरी कोलेस्ट्रॉल (dietary Cholesterol) कहा जाता है) लेकिन यह आहार में संतृप्त वसा की मात्रा के रूप में होता है जो अधिक जरूरी होता है।
  • धूम्रपान: सिगरेट में एक्रोलिन (acrolein) नामक रसायन पाया जाता है जो एलडीएल (LDL) को एचडीएल (HDL) द्वारा लीवर में ले जाने से रोकता है; जिससे धमनियां सिकुड़ (एथेरोस्क्लेरोसिस) जाती हैं।
  • मधुमेह या उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन)
  • परिवार में पहले से किसी को स्ट्रोक या हृदय रोग की समस्या होना

फेमिलियल हाइपरकोलेस्टेरोलेमिया (FH) नामक आनुवांशिक समस्या के कारण भी यह समस्या हो सकती है।

इसके कारण उन लोगों में भी हाई कोलेस्ट्रॉल (high Cholesterol) की समस्या हो सकती है जो स्वस्थ भोजन का सेवन करते हैं।

मुझे कोलेस्ट्रॉल के स्तर की जांच कब करानी चाहिए? (When should I test my cholesterol levels)

आपके डॉक्टर आमतौर पर रक्त में कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) के स्तर की जांच कराने की सलाह तब देते हैं यदि:

  • आपको कोरोनरी हृदय रोग, स्ट्रोक या मिनी स्ट्रोक (टीआईए) या पेरिफेरल आर्टरियल डिजीज (पीएडी) हो
  • आपकी उम्र 40 वर्ष से अधिक हो।
  • परिवार में पहले भी किसी को हृदय रोग रहा हो
  • परिवार के किसी करीबी सदस्य को कोलेस्ट्रॉल संबंधी समस्या हो
  • आपका वजन अधिक हो
  • उच्च रक्तचाप, मधुमेह या अंडरएक्टिव थॉयरायड जैसी स्वास्थ्य समस्या हो जिसके कारण कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ गया हो।

मैं अपना कोलेस्ट्रॉल का स्तर कैसे कम कर सकता हूं? (How can I lower my cholesterol levels)

कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) कम करने के लिए सबसे पहले स्वस्थ और संतुलित आहार का सेवन बहुत जरूरी है। इसके साथ ही वसायुक्त खाद्य पदार्थ विशेष रुप से जिन खाद्य पदार्थों में संतृप्त वसा पाई जाती हैं, उनसे परहेज करना चाहिए और अधिक मात्रा में फल, सब्जियों और साबुत अनाज का सेवन करना चाहिए। यह हाई कोलेस्ट्रॉल (high Cholesterol) की समस्या को रोकने में मदद करता है।

जीवनशैली में बदलाव करके भी इस समस्या से बचा जा सकता है। यदि आप नियमित एक्सरसाइज करते हैं और धूम्रपान से परहेज करते हैं तो आपका कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) काफी हद तक कम हो सकता है।

यदि इन उपायों से आपका कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) नहीं घटता है और आपको हृदय रोग का खतरा बना रहता है तो आपके डॉक्टर कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) घटाने वाली दवा जैसे स्टैटिन (statins) का सेवन करने की सलाह देंगे। डॉक्टर आपको स्टैनिन के दुष्प्रभाव से बचाते हुए कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) के स्तर को कम करने में मदद करेंगे।

हाई ब्लड कोलेस्ट्रॉल का कारण

आमतौर पर आहार, उम्र, फैमिली हिस्ट्री सहित कई अन्य कारणों से हाई ब्लड कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) की समस्या बढ़ सकती है।

जीवनशैली (Lifestyle)

आपकी जीवनशैली के कारण हाई कोलेस्ट्रॉल (high Cholesterol) का खतरा बढ़ सकता है। इसमें शामिल है:

  • खराब भोजन- कुछ खाद्य पदार्थ जैसे लीवर, किडनी और अंडे में कोलेस्ट्रॉल पाया जाता है जिसे डायटरी कोलेस्ट्रॉल कहते हैं। हालांकि, इससे रक्त कोलेस्ट्रॉल पर बहुत कम प्रभाव पड़ता है और यह आहार में जरूरी संतृप्त वसा की मात्रा होता है। उच्च कोलेस्ट्रॉल से बचाव के बारे में और पढ़ें।
  • कम व्यायाम या शारीरिक गतिविधि करना- इसके कारण खराब कोलेस्ट्रॉल यानी लो-डेंसिटी कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) (LDL) का स्तर बढ़ सकता है।
  • मोटापा- यदि आपका वजन बहुत अधिक है, तो आपके शरीर में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल (LDL Cholesterol) और ट्राइग्लिसराइड्स (triglyceride) का स्तर बढ़ सकता है। इसके अलावा हाई डेंसिटी लाइपोप्रोटीन (high-density lipoprotein (HDL)) का स्तर कम हो सकता है।
  • अधिक शराब का सेवन- नियमित रूप से अधिक मात्रा में शराब का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) और ट्राईग्लिसराइड का स्तर (triglyceride levels) बढ़ सकता है।
  • धूम्रपान- सिगरेट में एक्रोलिन (acrolein) नामक एक रसायन पाया जाता है जो अच्छे कोलेस्ट्रॉल (good Cholesterol) यानी एचडीएल (HDL) को खराब कोलेस्ट्रॉल (bad Cholesterol) यानी एलडीएल (LDL) द्वारा लीवर में ले जाने से रोकता है। इसके कारण धमनियां संकुचित (एथेरोस्क्लेरोसिस) हो सकती हैं।

मौजूदा स्वास्थ्य समस्याएं (Underlying conditions)

उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) (high blood pressure) और मधुमेह (diabetes) से पीड़ित लोगों में हाई कोलेस्ट्रॉल (high Cholesterol) की समस्या बढ़ सकती है। इसके अलावा कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) के स्तर को बढ़ा सकती हैं। इसमें शामिल है:

मौजूदा स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज करने से कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) का स्तर कम हो जाता है।

अन्य कारक (Other factors)

हाई कोलेस्ट्रॉल (high Cholesterol) से जुड़े ऐसे कई कारक हैं जिन्हें बदला नहीं जा सकता है। डॉक्टर आपको इन कारणों के बारे में बता सकते हैं, इनमें शामिल हैं:

  • परिवार में पहले से हृदय रोग या स्ट्रोक की समस्या होना : यदि आपके 55 वर्ष से कम आयु के किसी करीबी पुरुष रिश्तेदार (पिता या भाई) या 65 वर्ष से कम आयु की महिला रिश्तेदार (मां या बहन) को कोरोनरी हृदय रोग या स्ट्रोक की समस्या है, तो आपको हाई कोलेस्ट्रॉल (high Cholesterol) होने की संभावना बढ़ सकती है।
  • कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) से जुड़ी समस्याओं का पारिवारिक इतिहास, जैसे कि अगर आपका करीबी रिश्तेदार, यानी माता-पिता, भाई या बहन को फेमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (familial hypercholesterolaemia) है (नीचे देखें।)
  • उम्र- उम्र बढ़ने के साथ ही धमनियों के सिकुड़ने (एथेरोस्क्लेरोसिस) की संभावना बढ़ती जाती है।
  • जातीय समूह - जो लोग भारतीय (Indian), पाकिस्तानी (Pakistani), बांग्लादेशी (Bangladeshi) या श्रीलंकाई (Srilankai) मूल के हैं, उनमें उच्च रक्त कोलेस्ट्रॉल का खतरा बढ़ जाता है।

यदि आपको हाई कोलेस्ट्रॉल (high Cholesterol) होने का कोई निश्चित कारण है (या कई निश्चित कारण हैं) तो अपनी जीवनशैली में बदलाव करें और मौजूदा किसी भी स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज कराएं।

आनुवांशिक (Genetics)

फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (Familial hypercholesterolaemia) एक चिकित्सा शब्द है जिसका इस्तेमाल पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही हाई कोलेस्ट्रॉल (high Cholesterol) की समस्या के लिए किया जाता है। यह आमतौर पर खराब जीवनशैली के कारण नहीं, बल्कि आनुवांशिक कारण से होता है। 500 में से लगभग एक व्यक्ति को माता-पिता से यह समस्या आनुवांशिक मिलती है।

कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) रक्त से अच्छी तरह से साफ नहीं होता है और लंबे समय तक हाई कोलेस्ट्रॉल (high Cholesterol) का स्तर बने रहने के कारण हृदय से जुड़ी समस्याएं पैदा होती हैं।

फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (familial hypercholesterolaemia) से जुड़े NICE के दिशा निर्देश पढ़ें।

हाई ब्लड कोलेस्ट्रॉल की पहचान या जांच

ब्लड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को आमतौर पर खून की जांच करके मापा जाता है। रक्त में एलडीएल (खराब कोलेस्ट्रॉल), एचडीएल (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) और ट्राइग्लिसराइड्स (अन्य फैटी पदार्थ) की मात्रा का पता लगाने के लिए रक्त के नमूने का इस्तेमाल किया जाता है।

खून की जांच करने से 10-12 घंटे पहले आपको कुछ भी खाने से मना किया जा सकता है (आमतौर पर जब आप रात में सो रहे होते हैं।) इससे भोजन पूरी तरह से पच जाता है और जांच का परिणाम प्रभावित नहीं होता है।

आपके डॉक्टर या नर्स आपके खून की जांच कर सकते हैं। इसके लिए वे सुई या सिरिंज को आपकी उंगली में चुभोकर खून का नमूना लेते हैं।

सामान्य कोलेस्ट्रॉल स्तर (Normal cholesterol level)

ब्लड कोलेस्ट्रॉल (Blood Cholesterol) को प्रति लीटर रक्त में मिलीमोल्स नामक यूनिट में मापा जाता है। इसे संक्षिप्त में मिलीमोल/लीटर (mmol / L) लिखा जाता है।

सरकार के सुझाव के अनुसार स्वस्थ वयस्कों में कुल कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) का स्तर 5 मिलीमोल / लीटर या उससे कम होना चाहिए, जबकि लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन (एलडीएल) का स्तर 3 मिलीमोल / लीटर या उससे कम होना चाहिए।

हृदय रोग (heart disease), उच्च रक्तचाप (high blood pressure) (हाइपरटेंशन), मधुमेह (diabetes) या हृदय रोग heart disease() के पारिवारिक इतिहास वाले लोगों में हाई कोलेस्ट्रॉल (high Cholesterol) का खतरा अधिक होता है। ऐसे लोगों का कुल कोलेस्ट्रॉल स्तर 4 मिलीमोल / लीटर या उससे कम होना चाहिए जबकि एलडीएल का स्तर 2 मिलीमोल/ लीटर या उससे कम होना चाहिए।

किसे जांच करवानी चाहिए? (Who should be tested)

आपके डॉक्टर आपको ब्लड कोलेस्ट्रॉल (Blood Cholesterol) के स्तर की जांच कराने की सलाह देंगें, यदि आपको:

  • कोरोनरी हृदय रोग (coronary heart disease), स्ट्रोक (stroke) या मिनी स्ट्रोक (टीआईए) (mini-stroke (TIA)) या पेरिफेरल आर्टेरियल डिजीज (पीएड) (peripheral arterial disease (PAD)) है
  • उम्र 40 से अधिक हैं
  • हृदय रोग का पारिवारिक इतिहास है (जैसे यदि आपके पिता या भाई को हृदय रोग हुआ है या 55 वर्ष की आयु से पहले दिल का दौरा या स्ट्रोक आया था, या यदि 65 वर्ष की आयु से पहले आपकी माँ या बहन को ये समस्या थी)
  • किसी करीबी परिवार के सदस्य को कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) से जुड़ी समस्या है, जैसे कि फेमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (आनुवांशिक हाई कोलेस्ट्रॉल) (familial hypercholesterolaemia (inherited high cholesterol))
  • अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं
  • उच्च रक्तचाप या मधुमेह है
  • किडनी रोग, अंडरएक्टिव थायरॉयड ग्रंथि या अग्न्याशय में सूजन (पैंक्रियाटिटिस) है। ये समस्याएं कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) या ट्राइग्लिसराइड्स (triglycerides) के स्तर को बढ़ा सकती हैं।

जोखिम का आकलन (Assessing your risk)

दिल का दौरा या स्ट्रोक के जोखिम का आकलन करते समय आपके डॉक्टर या नर्स आपके कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) के अनुपात के बारे में बता सकते हैं। आपके कुल कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) स्तर को आपके एचडीएल कोलेस्ट्रॉल (HDL Cholesterol) के स्तर से विभाजित करके अनुपात ज्ञात किया जाता है।

कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) के स्तर या कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) के अनुपात को खुद नहीं जांचना चाहिए। आपके जोखिम का आकलन करते समय अन्य कारकों को ध्यान में रखा जाना चाहिए, जिनमें शामिल हैं:

  • आपका बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स), जो आपकी लंबाई के अनुसार आपके वजन को मापता है
  • इलाज योग्य जोखिम, जैसे उच्च रक्तचाप (high blood pressure) (हाइपरटेंशन), मधुमेह (diabetes) और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं
  • आपकी उम्र, लिंग, पारिवारिक इतिहास और जातीयता

आकलन करने के बाद आपको बताया जाएगा कि क्या आपको अगले 10 वर्षों के भीतर हृदय से जुड़ी समस्याएं (हृदय रोग या स्ट्रोक) होने का अधिक, मध्यम या कम जोखिम है।

ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides)

आपके डॉक्टर या नर्स आपके ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides) के स्तर को भी माप सकते हैं। ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides) एक प्रकार की वसा (fat) है; जिसे हम ऊर्जा के लिए उपयोग करते हैं और यह हमारे द्वारा खाए जाने वाले वसायुक्त (fatty) खाद्य पदार्थों से प्राप्त होता है। शरीर के वसायुक्त ऊतक यदि इसका इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो यह जमा होने लगता है। रक्त में अधिक ट्राइग्लिसराइड्स (triglycerides) भी हृदय से जुड़ी समस्याओं को बढ़ाते हैं।

हाई कोलेस्ट्रॉल का इलाज

यदि आपको हाई कोलेस्ट्रॉल (high Cholesterol) है, तो आपको सबसे पहले अपने आहार में बदलाव और नियमित व्यायाम करने की सलाह दी जाएगी।

कुछ महीनों के बाद यदि आपका कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) स्तर कम नहीं होता है, तो आपको आमतौर पर कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) कम करने वाली दवा लेने की सलाह दी जाएगी।

आहार में बदलाव, धूम्रपान से परहेज और अधिक व्यायाम करने से भी हाई कोलेस्ट्रॉल (high Cholesterol) की समस्या से बचा जा सकता है।

आहार (Diet)

कम वसा वाले आहार का सेवन करने से एलडीएल (खराब कोलेस्ट्रॉल) (LDL) के स्तर को कम किया जा सकता है।

आपको वसा (Saturated Fat) से भरपूर निम्न खाद्य पदार्थों का सेवन करने से परहेज करना चाहिए:

  • मांस और मांस उत्पादों के वसायुक्त टुकड़े, जैसे सॉसेज और पाई
  • मक्खन, घी
  • क्रीम, क्रीम फ्रेचे और आइसक्रीम
  • चीज, विशेष रूप से हार्ड चीज
  • केक और बिस्कुट
  • चॉकलेट
  • नारियल तेल, नारियल क्रीम और पाम ऑयल

खाद्य मानक एजेंसी के अनुसार:

  • एक औसत पुरुष को एक दिन में 30 ग्राम वसा से अधिक सेवन नहीं करना चाहिए
  • एक औसत महिला को एक दिन में 20 ग्राम वसा से अधिक सेवन नहीं करना चाहिए

आप कितना पौष्टिक भोजन खा रहे हैं, यह जानने के लिए उन खाद्य पदार्थों पर दिए फूड लेबल को पढ़ें।

ओमेगा -3 फैटी एसिड (Omega-3 fatty acids)

कई विशेषज्ञों का मानना ​​है कि ऑयली मछली जैसे मैकेरल (mackerel), सैल्मन (salmon) और टूना (tuna) में पाये जाने वाली वसा सेहत के लिए अच्छी होती है। इन्हें ओमेगा -3 फैटी एसिड कहा जाता है। कुछ रोगियों को इसकी अधिक मात्रा देने से ट्राइग्लिसराइड के स्तर (triglyceride levels) में सुधार (कमी) हो सकता है।

कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवा (Cholesterol-lowering medication)

कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) कम करने वाली कई प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं जो अलग-अलग तरीकों से काम करती हैं। डॉक्टर आपको सबसे बेहतर इलाज के बारे में सलाह देंगे और अगर आपको इससे कोई परेशानी हो रही है तो डॉक्टर उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) की दवा भी लिख ​​सकते हैं।

कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) कम करने वाली कुछ सामान्य दवाओं के बारे में नीचे बताया गया है।

स्टैटिन (Statins)

स्टैटिन (Statins) लीवर में कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) बनाने वाले एंजाइम (एक प्रकार का रसायन) को ब्लॉक कर देता है। इससे ब्लड कोलेस्ट्रॉल (Blood Cholesterol) का स्तर घटता है।

आपको आमतौर पर शुरूआत में ड्रग सिमवास्टैटिन (ज़ोकोर) (simvastatin (Zocor)) दिया जाएगा। अन्य स्टैटिन (statins) में एटोरवास्टेटिन (लिपिटर) (atorvastatin (Lipitor)) और रोसुवास्टेटिन (क्रेस्टर) (rosuvastatin (Crestor)) शामिल हैं।

स्टैटिन (Statins) का इस्तेमाल करने से होने वाले दुष्प्रभावों को "इनटॉलरेंस" कहा जाता है। स्टैटिन के दुष्प्रभाव से मांसपेशियों में दर्द और पेट से जुड़ी समस्याएं होती हैं।

स्टैटिन (Statins) केवल उन लोगों को लेने की सलाह दी जाती है जिन्हें हृदय रोगों का खतरा हमेशा बना रहता है। इस समस्या के लक्षणों को कम करने के लिए आमतौर पर ऐसे लोगों को स्टैटिन (Statins) लेने की आवश्यकता होती है। इसका सेवन बंद कर देने पर कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) का स्तर फिर से बढ़ने लगता है

एस्पिरिन (Aspirin)

कुछ मामलों में डॉक्टर नियमित एस्पिरिन (Aspirin) की कम खुराक लेने की सलाह दे सकते हैं। यह आपकी उम्र (16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को एस्पिरिन नहीं लेना चाहिए) और अन्य कारकों पर निर्भर करता है। एस्पिरिन (Aspirin) की कम खुराक का सेवन करने से रक्त का थक्का नहीं बनता है।

नियासिन (Niacin)

नियासिन (Niacin) एक बी विटामिन है जो खाद्य पदार्थों और मल्टीविटामिन सप्लीमेंट में पाया जाता है। नियासिन (Niacin) की अधिक खुराक एलडीएल (LDL) और ट्राइग्लिसराइड्स (triglycerides) को कम करता है और एचडीएल (HDL) को बढ़ाता है। हालांकि, यह दुष्प्रभाव पैदा कर सकता है। इसके कारण चेहरा लाल हो सकता है। इसलिए आमतौर पर इसका उपयोग नहीं किया जाता है। लंबे समय तक उच्च खुराक लेने से भी लीवर खराब हो सकता है।

स्वास्थ्य विभाग के सुझाव के अनुसार संतुलित आहार का सेवन करने से नियासिन (niacin) की मात्रा बढ़ती है। यदि आप नियासिन (niacin) सप्लीमेंट लेते हैं, तो बहुत अधिक न लें क्योंकि यह हानिकारक हो सकता है।

अन्य दवाएं (Other medications)

इजेटिमाइब (Ezetimibe) एक ऐसी दवा है जो आंतों में भोजन और पित्त रस से रक्त में कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) के अवशोषण को रोकती है। यह आमतौर पर स्टैटिन (statins) की तरह प्रभावी नहीं है, लेकिन इसके दुष्प्रभाव की संभावना कम होती है।

अगर सिर्फ स्टैटिन (statins) का सेवन करने से आपके कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) का स्तर कम नहीं हो रहा है तो आप एक ही समय स्टैटिन (statins) की तरह इजेटिमाइब (ezetimibe) दवा ले सकते हैं। इन दोनों दवाओं को एक साथ लेना का दुष्प्रभाव उतना ही होता है जितना कि अकेले स्टैटिन (statin) लेने से होता है। इस दौरान मांसपेशियों में दर्द और पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

यदि आप स्टैटिन (statin) नहीं ले सकते तो केवल इजेटिमाइब (ezetimibe) भी ले सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि आप किसी दूसरी स्वास्थ्य समस्या से ग्रसित हैं, या आप ऐसी दवा ले रहे हैं जो स्टैटिन (statin) के असर को प्रभावित करता है, या आपको स्टैटिन (statin) के कारण दुष्प्रभाव का सामना करना पड़ रहा है। इजेटिमाइब (ezetimibe) का कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है।

हाई कोलेस्ट्रॉल से बचाव

आप एक स्वस्थ, संतुलित आहार जिसमें कि संतृप्त वसा की मात्रा कम हो का सेवन, नियमित व्यायाम, धूम्रपान और शराब से परहेज करके अपने कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं।

आहार (Diet)

अधिक वसायुक्त भोजन करने से धमनियों में फैटी प्लेक (fatty plaques) बनने लगता है। इसका कारण यह है कि वसायुक्त भोजन में कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) होता है।

वसा भी दो प्रकार के होते हैं: संतृप्त और असंतृप्त। संतृप्त वसा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें क्योंकि इससे रक्त में खराब कोलेस्ट्रॉल (Bad Cholesterol) का स्तर बढ़ सकता है। निम्न खाद्य पदार्थों में अधिक संतृप्त वसा पाया जाता है:

  • मीट (meat pies)
  • मांस के सॉसेज और अधिक वसा वाले पीस (sausages and fatty cuts of meat)
  • मक्खन (butter)
  • घी (भारतीय खाना पकाने में अक्सर इस्तेमाल किया जाने वाला एक प्रकार का मक्खन) (ghee)
  • चर्बी (lard)
  • मलाई (cream)
  • हार्ड चीज (hard cheese)
  • केक और बिस्कुट (cakes and biscuits)
  • नारियल या ताड़ के तेल वाले खाद्य पदार्थ

थोड़ी मात्रा में असंतृप्त वसा खाने से अच्छे कोलेस्ट्रॉल (Good Cholesterol) का स्तर बढ़ सकता है और धमनियों में रुकावट कम हो सकती है। निम्नलिखित खाद्य पदार्थों में अधिक मात्रा में असंतृप्त वसा पायी जाती है:

  • ऑयली फिश (मैकेरल, सालमन, टूना) (oily fish (mackerel, salmon, tuna))
  • एवोकैडो (avocados)
  • अखरोट और बीज (nuts and seeds)
  • सूरजमुखी, रेपसीड और जैतून का तेल (sunflower, rapeseed and olive oil)

अधिक फाइबर से भरपूर कम वसायुक्त आहार जैसे साबुत अनाज, रोटी और पास्ता, और बहुत सारे फल एवं सब्जियों का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) का स्तर घटता है। फल और सब्जियों में भरपूर मात्रा में विटामिन (Vitamin), खनिज (Minerals) और फाइबर (Fiber) पाए जाते हैं जो सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। हर दिन फल और सब्जियों की 80 ग्राम मात्रा पांच बार खाने की कोशिश करें।

धूम्रपान (smoking)

सिगरेट में एक्रोलिन (acrolein) नामक रसायन पाया जाता है, जो "अच्छे कोलेस्ट्रॉल" (एचडीएल) (HDL) को "खराब कोलेस्ट्रॉल" (एलडीएल) (LDL) को लीवर में ले जाने से रोकता है। इससे हाई कोलेस्ट्रॉल (high Cholesterol) और धमनियों में संकुचन (एथेरोस्क्लेरोसिस) हो जाता है। इसका अर्थ यह है कि धूम्रपान दिल का दौरे और स्ट्रोक दोनों के लिए खतरनाक है।

यदि आप धूम्रपान छोड़ना चाहते हैं तो आपके डॉक्टर आपको विड्रॉल लक्षणों से बचाने के लिए इलाज में मदद कर सकते हैं।

धूम्रपान छोड़ने के बारे में अधिक जानकारी के लिए, धूम्रपान छोड़ने का इलाज देखें।

व्यायाम (Exercise)

एक्टिव रहने और नियमित व्यायाम करने से "अच्छे कोलेस्ट्रॉल" (एचडीएल) (HDL) के स्तर को बढ़ाने के लिए शरीर "खराब कोलेस्ट्रॉल" (एलडीएल) ()LDL को लीवर में भेजता है, जहां यह टूट जाता है।

इसके अलावा हृदय और रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखता है; जिससे रक्तचाप नियंत्रित रहता है और वजन कम होता है। वजन बढ़ने के कारण रक्त में “खराब कोलेस्ट्रॉल" (एलडीएल) (LDL) की मात्रा बढ़ सकती है।

हर हफ्ते 150 मिनट तक मॉडरेट-इंटेंसिटी एक्सरसाइज करने से कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) घटता है। अधिक एक्टिव रहने और अपने विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी लेते रहें। चलना, तैरना और साइकिल चलाना आदि व्यायाम, कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) घटाने में फायदेमंद होते हैं।

NHS के मूल कॉन्टेंट का अनुवादHealthily लोगो
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महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।