COVID-19: नवीनतम सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक करें

×
26 min read

सीलिएक रोग (Coeliac disease)

मेडिकल समीक्षा के साथ

स्वास्थ्य संबंधी सभी लेखों की चिकित्सीय सुरक्षा जांच की जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जानकारी चिकित्सकीय रूप से सुरक्षित है। अधिक जानकारी के लिए हमारी सम्पादकीय नीति देखें।

यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है।

सीलिएक रोग क्या है?

सीलिएक रोग पाचन से जुड़ी एक आम समस्या है, जिसमें छोटी आंत (small intestine) में सूजन आ जाती है और आंत पोषक तत्वों को अवशोषित नहीं कर पाता है।

इसके कारण दस्त (diarrhoea), पेट में दर्द (abdominal pain) और ब्लोटिंग (bloating) सहित कई लक्षण नजर आते हैं।

सीलिएक रोग (Coeliac disease) ग्लूटेन (gluten) के प्रतिकूल प्रभाव के कारण होता है। यह एक खाद्य प्रोटीन (dietary protein) है जो तीन तरह के अनाजों में पाया जाता है:

  • गेहूं (wheat)
  • जौ (barley)
  • राई (rye)
  • इन अनाजों से बने खाद्य पदार्थों में ग्लूटेन (gluten) पाया जाता है, जिनमें शामिल हैं:
  • पास्ता (pasta)
  • केक (cakes)
  • नाश्ते में उपयोग किए जाने वाले सीरियल (cereal)
  • ब्रेड (bread)
  • कुछ तरह के सॉस (sauces)
  • पहले से तैयार खाद्य पदार्थ (ready meals)

इसके अलावा अधिकांश बीयर (beer) भी जौ से बने होते हैं।

इस पेज पर हम इस बीमारी से जुड़ी निम्न विषयों पर चर्चा करेंगे।

  1. लक्षण (symptoms)
  2. कारण (causes)
  3. इलाज (treatment)
  4. जटिलताएं (complications)
  5. कौन प्रभावित होता है
  6. निदान (diagnosis)
  7. मदद (help) और सहायता (support)

सीलिएक रोग के लक्षण

ग्लूटेन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने से गट से जुड़े कई लक्षण (gut-related symptoms) नजर आ सकते हैं, जैसे:

  • दस्त, जिसमें तेज दुर्गंध हो सकती है
  • पेट में दर्द
  • ब्लोटिंग (bloating) और फ्लैटुलेन्स (flatulence)
  • अपच (indigestion)
  • कब्ज (constipation)

सीलिएक रोग के कारण बहुत से सामान्य लक्षण भी महसूस हो सकते हैं, जैसे:

  • कुपोषण (fatigue) के कारण थकान (भोजन से पर्याप्त पोषक तत्व न मिलना)
  • अकल्पित (unexpected) वजन घटना
  • खुजली वाले रैश (डर्मेटाइटिस हर्पेटिफोर्मिस) (dermatitis herpetiformis)
  • गर्भधारण में परेशानी
  • तंत्रिकाओं को नुकसान (nerve damage) ( पेरिफेरल न्यूरोपैथी)
  • समन्वय (coordination), संतुलन (balance) और बोलने से जुड़ी समस्या (एटेक्सिया) (ataxia)

सीलिएक रोग से पीड़ित बच्चों का सामान्य से धीमी गति से विकास होता है और प्यूबर्टी (puberty) में देरी होती है।

सीलिएक रोग के क्या कारण हैं?

सीलिएक रोग ऑटोइम्यून (autoimmune) से जुड़ी एक बीमारी है जिसमें प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) गलती से स्वस्थ उत्तकों (tissue) पर हमला करने लगती है।

सीलिएक रोग में इम्यून सिस्टम ग्लूटेन युक्त खाद्य पदार्थ को गलती से शरीर के लिए हानिकारक समझ उस पर हमला कर देता है।

इससे छोटी आंत (intestines) की परत को नुकसान पहुंचता है और शरीर द्वारा भोजन से पोषक तत्वों को अवशोषित (absorb) करने की क्षमता बाधित हो जाती है।

यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि किन कारणों से प्रतिरक्षा प्रणाली इस तरीके से कार्य करती है। लेकिन इसमें आनुवांशिक (genetics) और पर्यावरणीय (environment) कारणों की भूमिका नजर आती है।

सीलिएक रोग एलर्जी या ग्लूटेन को न सहन कर पाने से जुड़ी असहिष्णुताn (intolerance) नहीं है।

सीलिएक रोग का इलाज

सीलिएक रोग का कोई सटीक इलाज नहीं है लेकिन ग्लूटेन मुक्त आहार का सेवन करने से इस समस्या के लक्षण नियंत्रित रहते हैं और लंबे समय तक इस बीमारी से बचाव हो सकता है।

यहां तक कि यदि आपके शरीर में कोई लक्षण नजर न आते हों, या हल्के लक्षण हों, फिर भी आपको आहार में बदलाव करने की सलाह दी जाती है। क्योंकि ग्लूटेन युक्त आहार का सेवन करने से गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं।

यह भी ध्यान रखें कि आपको ग्लूटेन मुक्त आहार स्वस्थ और संतुलित होना चाहिए। हाल के वर्षों में ग्लूटेन मुक्त आहारों की उपलब्धता बढ़ी है। जिससे कई तरह के स्वस्थ और ग्लूटेन मुक्त आहार खाने के लिए उपलब्ध हैं।

सीलिएक रोग से होने वाली जटिलताएँ

सीलिएक रोग की जटिलताएं आमतौर पर उन लोगों को प्रभावित करती है जो लगातार ग्लूटेन का सेवन करते हैं या जिन लोगों में अभी इस समस्या का निदान नहीं हुआ होता है, जो कि हल्के मामलों में भी एक आम समस्या हो सकती है।

संभाव्य दीर्घकालिक जटिलताओं में शामिल हैं:

  • ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों का कमजोर होना) (osteoporosis)
  • आयरन की कमी से एनीमिया (iron deficiency anaemia)
  • विटामिन बी 12 (vitamin B 12) और फोलेट की कमी (folate deficiency) से एनीमिया (anaemia)

इस बीमारी के कम सामान्य और अधिक गंभीर लक्षण गर्भवती महिलाओं को प्रभावित करते हैं। जैसे कि नवजात बच्चे का वजन कम होता और आंत का कैंसर होना।

कौन प्रभावित होता है

हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह कमतर आंका जा सकता है क्योंकि हल्के/ अगंभीर मामलों का निदान अन्य पाचन समस्याओं जैसे इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (irritable bowel syndrome) की तरह नहीं हो पाता है।

सीलिएक रोग पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं को दो से तीन गुना अधिक प्रभावित करता है। यह किसी भी उम्र में विकसित हो सकता है। हालांकि लक्षण विकसित होने की सबसे अधिक संभावना होती है:

बचपन में- आठ से 12 महीने की उम्र के बीच, हालांकि सही निदान (correct diagnosis) होने में कई साल लग सकते हैं

वयस्कता (adulthood) में - 40 से 60 वर्ष की आयु के बीच

टाइप 1 डायबिटीज (diabetes), ऑटोइम्यून थायरॉयड रोग (autoimmune thyroid disease, डाउन सिंड्रोम (Down's syndrome) और टनल सिंड्रोम (Turner syndrome) से पीड़ित लोगों में सीलिएक रोग होने का खतरा सबसे अधिक होता है।

सीलिएक रोग से पीड़ित रिश्तेदारों (माता-पिता, भाई, बहन और बच्चे) को भी यह समस्या होने का खतरा होता है।

सीलिएक रोग का निदान

आमतौर पर जिन लोगों में सीलिएक रोग होने का खतरा अधिक होता है, केवल उन्हें ही जांच कराने की सलाह दी जाती है, जैसे कि, इस बीमारी के पारिवारिक इतिहास वाले लोग।

जिन लोगों के रिश्तेदारों या परिवार के सदस्य को सीलिएक रोग हो, उन्हें अपनी जांच करानी चाहिए।

मदद और समर्थन

सीलिएक यूके सीलिएक रोग से पीड़ित लोगों के लिए यूके स्थित एक चैरिटी है।

इसकी वेबसाइट पर कई उपयोगी जानकारी मौजूद है, जिसमें ग्लूटेन मुक्त आहार के बारे में जानकारी के साथ ही स्थानीय समूहों, स्वयंसेवा और आयोजित अभियानों के विवरण शामिल हैं।

लक्षण

सीलिएक रोग के लक्षण हल्के से गंभीर हो सकते हैं और आमतौर पर आते-जाते रहते हैं। हल्के मामलों में आमतौर पर कोई विशेष लक्षण नजर नहीं आता है और दूसरी समस्याओं के निदान के दौरान इस समस्या का पता चल पाता है।लक्षण चाहे हल्के हों या कोई लक्षण दिखाई न देते हों, लेकिन आपको इलाज जरूर कराना चाहिए क्योंकि इसके जटिलताओं की संभावना अभी भी होती है

सामान्य लक्षण

दस्त सीलिएक रोग का सबसे आम लक्षण है। यह शरीर द्वारा पोषक तत्वों को पूरी तरह से अवशोषित न कर पाने के कारण होता है। (पोषक तत्वों का अवशोषण (malabsorption) न हो पाने के बारे में नीचे पढ़ें)पोषक तत्वों का अवशोषण न हो पाने के कारण मल में असामान्य रूप से अधिक मात्रा में वसा (स्टीयाटोरिया) (steatorrhoea) जम जाता है। इससे मल चिपचिपा हो जाता है और तेज दुर्गंध आती है। इन्हें शौचालय के नीचे बहाना भी मुश्किल हो जाता है।आंत से जुड़े अन्य सामान्य लक्षणों में शामिल है:

  • पेट में दर्द (abdominal pain)
  • ब्लोटिंग और पेट फूलना (bloating and flatulence (passing wind))
  • अपच (indigestion)
  • कब्ज (constipation)
  • उल्टी (vomiting) (आमतौर पर केवल बच्चों में)
  • अधिक सामान्य लक्षणों में शामिल है:
  • थकान (fatigue) जो कि आयरन की कमी वाले एनीमिया या विटामिन बी 12 फोलेट की कमी वाले एनीमिया का संकेत हो सकता है
  • बिना कारण वजन घटना
  • चकत्तों पर खुजली होना (नीचे देखें)
  • गर्भधारण करने में परेशानी
  • हाथ और पैरों में झुनझुनी (tingling) और सुन्नता (numbness) (पेरिफेरल न्यूरोपैथी) (peripheral neuropathy)
  • समन्वय, संतुलन और बोलने संबंधी विकार (एटेक्सिया) (ataxia)
  • तरल पदार्थ (एडिमा) (oedema) बनने के कारण हाथ, पैर, बांह में सूजन
  • कुपोषण (Malnutrition)

सीलिएक रोग का इलाज न कराने पर व्यक्ति को सामान्य तरीके से भोजन पचने में परेशानी होती है। इसके कारण कुपोषण की समस्या हो सकती है और व्यक्ति को कमजोरी के साथ ही शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है।कुपोषण से ग्रसित बच्चे का लंबाई और वजन धीमी गति से बढ़ता है। साथ ही बच्चे पुबर्टी में देर से पहुंचते हैं।

डर्मेटाइटिस हर्पेटिफोर्मिस (Dermatitis herpetiformis)

चाहे भले ही आपको सीलिएक रोग के लक्षण महसूस नहीं होते हों, लेकिन यदि आपका ऑटोइम्यून ग्लूटेन से प्रतिक्रिया करता है तो आपकी त्वचा पर चकत्ते हो सकते हैं, जिसे डर्मेटाइटिस हर्पेटिफोर्मिस (dermatitis herpetiformis) कहा जाता है।इन चकत्तों पर खुजली होती है और इन्हें खरोंचने पर घाव और गोल फफोले हो सकते हैं। यह आमतौर पर कोहनी, घुटने और नितंबों पर होता है। हालांकि यह शरीर के किसी भी हिस्से पर नजर आ सकता है।अनुमान के अनुसार, सीलिएक रोग से पीड़ित पांच में से एक लोग में डर्मेटाइटिस हर्पेटिफोर्मिस विकसित हो सकता है।डर्मेटाइटिस हर्पेटिफोर्मिस का सटीक कारण ज्ञात नहीं है लेकिन सीलिएक रोग के साथ यह ग्लूटेन से जुड़ा होता है। सीलिएक रोग की तरह ग्लूटेन मुक्त आहार का सेवन करने से यह समस्या ठीक हो सकती है।

सीलिएक रोग के कारण

सीलिएक रोग आमतौर पर प्रतिरक्षा प्रणाली की प्रोटीन ग्लूटेन के लिए असामान्य प्रतिक्रिया के कारण होता है। प्रोटीन ग्लूटेन ब्रेड, पास्ता, अनाज और बिस्कुट में पाया जाता है।

यह ऑटोइम्यून से जुड़ी बीमारी है, जिसमें प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से स्वस्थ कोशिकाओं और पदार्थों को हानिकारक बना देती है और उनके खिलाफ एंटीबॉडी का उत्पादन करती है (एंटीबॉडी आमतौर पर बैक्टीरिया और वायरस से लड़ती हैं)।

सीलिएक रोग के मामले में प्रतिरक्षा प्रणाली ग्लूटेन बनाने वाले एक पदार्थ ग्लियाडिन को जमा करने लगती है और शरीर पर हमला कर देती है। इस दौरान एंटीबॉडी बनने के कारण आंत की परत में सूजन (लालिमा और सूजन) आ जाती है।

आंत की परत आमतौर पर लाखों ट्यूब के आकार के उभार से ढकी होती है जिसे विली (villi) कहते हैं। विली आंत की परत के क्षेत्र को बढ़ाती है और भोजन को प्रभावी तरीके से पचने में मदद करती है।

हालांकि सीलिएक रोग होने पर आंत की परत में क्षति और सूजन के कारण विली सपाट हो जाती है जिससे पाचन क्षमता घट जाती है।

इसके परिणामस्वरुप आंत भोजन से पोषक तत्वों को अवशोषित नहीं कर पाती है और सीलिएक रोग के लक्षण नजर आने लगते हैं।

ओट्स (Oats)

सीलिएक रोग से ग्रसित कुछ लोगों ने पाया कि ओट्स का सेवन करने से इस बीमारी के लक्षण बढ़ जाते हैं। इसका कारण यह है कि उत्पादन के दौरान ओट्स में दूसरे अनाज भी मिल जाते हैं।

ओट्स में एवेनिन नामक प्रोटीन भी पाया जाता है जो ग्लूटेन की तरह होता है। सीलिएक रोग से पीड़ित बहुत से लोग सुरक्षित तरीके से एवेनिन का सेवन कर सकते हैं। हालांकि कुछ प्रमाण यह बताते हैं कि कुछ लोग ग्लूटेन मुक्त और दूसरे अनाजों से बिना दूषित ओट्स के प्रति भी काफी संवेदनशील होते हैं।

जोखिम बढ़ना

इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि लोगों में सीलिएक रोग क्यों विकसित होता है। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं है कि कुछ लोगों में हल्के जबकि कुछ लोगों में गंभीर लक्षण क्यों नजर आते हैं।

हालांकि नीचे दिए गए कुछ कारक सीलिएक रोग विकसित होने के खतरे को बढ़ा सकते हैं।

पारिवारिक इतिहास (Family history)

सीलिएक रोग आमतौर पर पीढ़ी दर पीढ़ी चलता है। यदि आपका कोई करीबी जैसे माता-पिता या भाई-बहन इस बीमारी से पीड़ित है तो आपको सीलिएक रोग होने का खतरा बढ़ सकता है।

पारिवारिक इतिहास वाले लोगों में यह खतरा लगभग 10% होता है। यदि आपके जुड़वां बच्चों को सीलिएक रोग है, तो आपको यह रोग होने की संभावना 75% बढ़ सकती है।

रिसर्च के अनुसार सीलिएक रोग आनुवांशिक परिवर्तन से जुड़ा हुआ है जो जीनों के एक समूह को प्रभावित करता है जिसे एचएलए-डीक्यू जीन (HLA-DQ genes) कहा जाता है। एचएलए-डीक्यू जीन प्रतिरक्षा प्रणाली के विकास के लिए जिम्मेदार होता है और पीढ़ी दर पीढ़ी विकसित होता है।

हालांकि एचएलए-डीक्यू जीन में उत्परिवर्तन (म्यूटेशन) बहुत आम है और लगभग एक तिहाई लोगों में पाया जाता है। इसका अर्थ यह है कि कुछ लोगों में पर्यावरणीय कारकों से भी सीलिएक रोग विकसित हो सकता है।

पर्यावरणीय कारक (Environmental factors)

यदि आपके पाचन तंत्र में संक्रमण ( जैसे रोटावायरस का संक्रमण) (rotavirus infection) है तो आपको बचपन में ही सीलिएक रोग होने की संभावना बढ़ सकती है।

इसके अलावा तीन महीने से कम उम्र के बच्चे को ग्लूटेन युक्त आहार खिलाने से सीलिएक रोग होने का खतरा बढ़ सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार जब तक बच्चा कम से कम छह महीने का न हो जाए, तब तक उसे ग्लूटेन युक्त आहार नहीं देना चाहिए।

बच्चे को ग्लूटेन युक्त आहार देने पर यदि वह स्तनपान नहीं करता है, तो भी उसे सीलिएक रोग होने का खतरा बढ़ सकता है।

अन्य स्वास्थ्य समस्याएं

कई स्वास्थ्य समस्याएं सीलिएक रोग विकसित होने के खतरे को बढ़ा सकती हैं। जैसे:

टाइप 1 डायबिटीज (type 1 diabetes)

थायरायड (thyroid) की समस्या

अल्सरेटिव कोलाइटिस (ulcerative colitis )- पाचन से जुड़ी एक समस्या जिसके कारण बड़ी आंत में सूजन हो जाती है।

मिर्गी (epilepsy) जैसे तंत्रिका संबंधी रोग (जो मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करते हैं)

डाउन सिंड्रोम (Down's syndrome) और टर्नल सिंड्रोम (Turner syndrome)

यह स्पष्ट नहीं है कि ये स्वास्थ्य समस्याएं सीधे सीलिएक रोग विकसित होने के खतरे को बढ़ाती हैं या ये और सीलिएक रोग दोनों किसी दूसरे मौजूदा कारण से होते हैं।

सीलिएक रोग का निदान

सीलिएक रोग के लिए रूटीन टेस्ट की सलाह तब तक नहीं दी जाती है, जब तक कि इसके लक्षण नजर नहीं आते या इसके विकसित होने का जोखिम बढ़ नहीं जाता है।

सीलिएक रोग के लिए निम्न जांच की जाती है:

  • खून की जांच-सीलिएक रोग से ग्रसित लोगों की पहचान के लिए
  • बायोप्सी-निदान की पुष्टि के लिए

इन प्रक्रियाओं के बारे में नीचे विस्तार से दिया गया है।

सीलिएक रोग के लिए जांच किए जाने के दौरान, आपको ग्लूटेन युक्त खाद्य पदार्थों को खाने की आवश्यकता होगी ताकि जांच सही तरीके से हो सकें। जब तक कि विशेषज्ञ द्वारा निदान की पुष्टि न हो जाए ,चाहे भले ही खून की जांच का परिणाम सकारात्मक हो, तब तक आपको ग्लूटेन-मुक्त आहार शुरू नहीं करना चाहिए।

खून की जांच (Blood test)

आपके डॉक्टर खून का नमूना लेकर इसमें एंटीबॉडी की जांच करेंगें जो कि आमतौर पर सीलिएक रोग से पीड़ित व्यक्ति के रक्त में मौजूद होते हैं।

खून की जांच कराने के दौरान आपको ग्लूटेन युक्त आहार का सेवन जारी रखना चाहिए। इससे परहेज करने पर आपका परिणाम सटीक नहीं आएगा।

यदि आपके खून में सीलिएक रोग एंटीबॉडी पाया जाता है तो आपके डॉक्टर आपको पेट की बायोप्सी कराने के लिए भेजेंगे।

हालांकि कभी-कभी ऐसा हो सकता है कि आपको सीलिएक रोग हो लेकिन आपके खून में ये एंटीबॉडी न मौजूद हों।

यदि निगेटिव ब्लड टेस्ट के बावजूद आपको सीलिएक रोग के लक्षण महसूस होते हैं, तो आपके डॉक्टर आपको बायोप्सी कराने की सलाह देंगे।

बायोप्सी

बायोप्सी अस्पताल में आमतौर पर गैस्ट्रोइंटेरोलॉजिस्ट (पेट और आंत से जुड़ी बीमारियों के विशेषज्ञ) द्वारा की जाती है। बायोप्सी से सीलिएक रोग के निदान की पुष्टि में मदद मिलती है।

बायोप्सी करने की जरूरत पड़ने पर एक एंडोस्कोप (एक पतली, लचीली ट्यूब जिसके छोर पर लाइट और कैमरा लगा होता है) को आपके मुंह में डाला जाएगा और धीरे से आपकी छोटी आंत में प्रवेश कराया जाएगा।

इस प्रक्रिया को शुरू करने से पहले आपके गले को सुन्न करने के लिए आपको लोकल एनेस्थेटिक या सेडेटिव दिया जाएगा।

गैस्ट्रोइंटेरोलॉजिस्ट छोटी आंत के परत के नमूने लेने के लिए एंडोस्कोप के जरिए एक छोटे बायोप्सी उपकरण को अंदर डालते हैं। इसके बाद सीलिएक रोग के लक्षणों का पता लगाने के लिए माइक्रोस्कोप से इस नमूने की जांच की जाती है।

निदान के बाद जांच

यदि आप सीलिएक रोग से पीड़ित पाए जाते हैं, तो यह परखने के लिए आपको कुछ दूसरे टेस्ट कराने पड़ेंगे कि यह समस्या आपको कैसे प्रभावित करती है।

रक्त में आयरन की मात्रा और अन्य विटामिन एवं खनिज का स्तर जानने के लिए आपको खून की जांच कराने के लिए कहा जाएगा। इससे यह जानने में मदद मिलता है कि सीलिएक रोग के कारण खराब पाचन से कहीं आपको एनीमिया (रक्त में आयरन की कमी) की समस्या तो नहीं है।

यदि आपके शरीर पर डर्मेटाइटिस हर्पेटिफोर्मिस (ग्लूटेन इनटॉलरेंस के कारण खुजली युक्त चकत्ते) दिखते हैं तो आपको स्किन बायोप्सी करानी पड़ सकती है। इस दौरान आपको लोकल एनेस्थेटिक देकर प्रभावित हिस्से से त्वचा का एक छोटा नमूना लिया जाएगा और माइक्रोस्कोप से इसकी जांच की जाएगी।

सीलिएक रोग के कुछ मामलों में आपको डेक्सा स्कैन कराने की सलाह दी जा सकती है। यह एक प्रकार का एक्सरे है जिसमें हड्डियों के घनत्व की माप की जाती है। यदि आपके डॉक्टर को लगता है कि इस समस्या के कारण आपकी हड्डियां कमजोर हो रही हैं, तो आपको यह टेस्ट कराने की आवश्यकता पड़ सकती है।

सीलिएक रोग से पीड़ित होने पर खराब पाचन के कारण पोषक तत्वों का अवशोषण न होन पाने के कारण हड्डियां नाजुक और कमजोर हो जाती है। डेक्सा स्कैन आमतौर पर अर्थराइटिस का पता लगाने के लिए नहीं किया जाता है बल्कि यह सिर्फ हड्डी के घनत्व की माप करता है जिससे यह जानने में मदद मिलती है कि उम्र बढ़ने पर आपकी हड्डियों के फ्रैक्चर होने की संभावना है या नहीं।

स्थानीय समूह

सीलिएक रोग का निदान होने के बाद कई लोग काफी चिंतित हो जाते हैं। यदि आप कई सालों से ग्लूटेन युक्त आहार का सेवन कर रहे हैं, तो ग्लूटेन मुक्त आहार का सेवन करना आपके लिए काफी कठिन हो सकता है।

निदान के पहले कुछ महीनों बाद कुछ लोग गलती से ग्लूटेन युक्त खाद्य पदार्थ खा लेते हैं, इससे उनके लक्षण दोबारा वापस आ जाते हैं।

आप सीलिएक रोग के बारे में अधिक जानकारी ले सकते हैं और अपने स्थानीय सीलिएक रोग सहायता समूह से संपर्क करके ग्लूटेन मुक्त आहार अपनाने के बारे में सलाह प्राप्त कर सकते हैं।

सहायता समूह सीलिएक रोग से पीड़ित लोगों को सहायता प्रदान करते हैं, जिनमें हाल ही में निदान किए गए और जो लोग वर्षों से इस समस्या से पीड़ित हैं, शामिल होते हैं।

NICE के दिशानिर्देश

नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ एंड केयर एक्सीलेंस (एनआईसीई) द्वारा प्रकाशित 2015 के दिशानिर्देश में सीलिएक रोग की जांच कब कराना चाहिए, इसके बारे में विवरण दिया गया है।

वयस्कों और बच्चों में यदि निम्न लक्षण नजर आते हैं तो उन्हें अपनी जांच करानी चाहिए:

  • लगातार जठरांत्र संबंधी लक्षण, जैसे कि बीमार महसूस करना और बीमार होना
  • असामान्य उभार
  • लंबे समय तक थकान (हर समय थकान महसूस करना)
  • अकल्पित वजन घटना
  • लगातार मुंह में छाले होना
  • आयरन की कमी से एनीमिया, विटामिन बी 12 या फोलेट की कमी से एनीमिया
  • टाइप 2 डायबिटीज
  • ऑटोइम्यून थायराइड रोग (अंडरएक्टिव थायराइड या ओवरएक्टिव थायराइड)
  • इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (वयस्कों में)

यदि आपका कोई करीबी (जैसे, माता-पिता, भाई-बहन या बच्चे) सीलिएक रोग से पीड़ित हैं, तो आपकी जांच कराने की सलाह दी जाएगी।

सीलिएक रोग की पहचान, मूल्यांकन और प्रबंधन के बारे में NICE के दिशानिर्देश पढ़ें।

सीलिएक रोग का इलाज

सीलिएक रोग के इलाज के लिए आमतौर पर उन खाद्य पदार्थों को छोड़ना पड़ता है जिसमें ग्लूटेन पाया जाता है।

यह आंत की परत को नुकसान पहुंचाने और इससे जुड़े लक्षणों जैसे दस्त और पेट दर्द से बचाता है।

यदि आपको सीलिएक रोग है तो आपको ग्लूनेट युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन बंद कर देना चाहिए। यदि आप ग्लूटेन युक्त आहार खाते हैं तो आपके लक्षण वापस आ सकते हैं इसके कारण आपका स्वास्थ्य लंबे समय तक प्रभावित हो सकता है।

आपके डॉक्टर आपको आहार प्रबंधन के तरीकों के बारे में बता सकते हैं। ग्लूटेन मुक्त आहार का सेवन शुरू करने के कुछ हफ्तों के भीतर लक्षणों में सुधार होने लगता है। हालांकि पाचन तंत्र को पूरी तरह ठीक होने में दो साल का समय लग सकता है।

आपके डॉक्टर आपकी वार्षिक समीक्षा करेंगे। इस दौरान आपकी लंबाई और वजन का माप किया जाएगा और लक्षणों की भी समीक्षा की जाएगी। वे आपसे आपके आहार के बारे में भी पूछेंगे और मूल्यांकन करेंगे कि आपको किसी और मदद या पोषण संबंधी सलाह की आवश्यकता है या नहीं।

ग्लूटेन मुक्त आहार

जब आपमें पहली बार सीलिएक रोग का पता चलेगा तो आपको ग्लूटेन मुक्त आहार के बारे में जानने के लिए आहार विशेषज्ञ के पास भेजा जाएगा। वे आपको बताएंगे कि आपको सभी तरह के पोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए।

यदि आपको सीलिएक रोग है तो आपको जौ, राई, गेहूं सहित फरिना, बेसन, सेमोलिनाय डुरुम, कस कस और स्पेल्ट युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।

यहां तक कि अगर आप थोड़ी मात्रा में भी ग्लूटेन जैसे एक चम्मच पास्ता का सेवन करते हैं तो आपकी आंत के लक्षण आपको परेशान कर सकते हैं। यदि आप रोजाना ग्लूटेन का सेवन करते हैं तो भविष्य में आपको ऑस्टियोपोरोसिस या कैंसर होने का खतरा बढ़ सकता है।

प्रोटीन के रूप में ग्लूटेन को आहार में शामिल करना आवश्यकता नहीं है। इसकी जगह अन्य खाद्य पदार्थों का सेवन किया जा सकता है। सुपर मार्केट और हेल्थ फूड शॉप पर पास्ता, पिज़्ज़ा और ब्रेड सहित ग्लूटेन मुक्त आहार के कई विकल्प मौजूद हैं। कुछ डॉक्टर पर्चे पर भी ग्लूटेन मुक्त आहार का सुझाव दे सकते हैं।

कई मुख्य खाद्य पदार्थ- जैसे मांस, सब्जियां, चीज ,आलू और आलू में ग्लूटेन नहीं पाया जाता है। इसलिए आप इन्हें अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। आपके आहार विशेषज्ञ आपको यह जानने में मदद कर सकते हैं कि आपके लिए कौन से खाद्य पदार्थ सुरक्षित हैं और कौन से नहीं। यदि आपको कोई जानकारी नहीं है तो नीचे दी गई सूची को पढ़ें।

ग्लूटेन युक्त खाद्य पदार्थ

यदि आपको सीलिएक रोग है तो आपको निम्न खाद्य पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए, जब तक कि इसके ऊपर ग्लूटेन मुक्त वर्जन का लेबल न लगा हो।

  • ब्रेड (bread)
  • पास्ता (pasta)
  • अनाज (cereals)
  • बिस्कुट या क्रैकर्स (biscuits or crackers)
  • केक और पेस्ट्रीज (cakes and pastries)
  • पाइज (pies)
  • ग्रेवी और सॉस (gravies and sauces)

खाद्य पदार्थों को खरीदने से पहले उनके ऊपर लगे लेबल को जरूर देखें। कई प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों में ग्लूटेन मौजूद होता है जैसे कि माल्ट फ्लेवरिंग और मोडिफाइड फूड स्टार्च।

इसके अलावा लिपस्टिक, पोस्टेज स्टैम्प और कुछ प्रकार की दवाओं में भी ग्लूटेन पाया जाता है।

यदि ग्लूटेन मुक्त और ग्लूटेन युक्त आहार को एक साथ तैयार किया जाता है या फिर एक ही बर्तन में परोसा जाता है तो ग्लूटेन मुक्त खाद्य पदार्थ दूषित हो सकता है।

ग्लूटेन मुक्त खाद्य पदार्थ (खाने के लिए सुरक्षित) (Gluten-free foods (safe to eat))

यदि आपको सीलिएक रोग है, तो आप निम्न खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं, जिसमें प्राकृतिक रूप से ग्लूटेन नहीं पाया जाता है:

  • डेयरी उत्पादन जैसे चीज, मक्खन और दूध
  • फल और सब्जियां
  • मांस और मछली (हालांकि ब्रेडेड या बैटर्ड नहीं है)
  • आलू
  • चावल और चावल के नूडल्स
  • चावल, मक्का, सोया और आलू सहित ग्लूटेन मुक्त आटा

नियम के अनुसार, ग्लूटेन मुक्त लेबल किए गए खाद्य पदार्थों में ग्लूटेन के प्रति मिलियन (पीपीएम) 20 से अधिक भाग नहीं हो सकते हैं।

सीलिएक रोग से पीड़ित ज्यादातर लोगों में निर्धारित मात्रा में ग्लूटेन का सेवन करने से कोई समस्या नहीं होती है। हालांकि कुछ लोग कम मात्रा में भी ग्लूटेन युक्त आहार को सहन नहीं कर पाते हैं और उन्हें पूरी तरह से अनाज मुक्त आहार का सेवन करने की आवश्यकता होती है।

ओट्स (Oats)

ओट्स में ग्लूटेन नहीं पाया जाता है लेकिन सीलिएक रोग से पीड़ित लोगों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए। दरअसल, ओट्स ग्लूटेन युक्त अन्य अनाजों से दूषित हो सकता है।

साक्ष्य के अनुसार कुछ लोग ग्लूटेन मुक्त और बिना दूषित ओट्स के प्रति भी संवेदनशील हो सकते हैं। इसका कारण यह है कि ओट्स में एवेनिन नामक प्रोटीन पाया जाता है जो सीलिएक रोग से पीड़िक बहुत से लोगों के लिए उपयुक्त होता है जबकि कुछ मामलों में यह लक्षणों को बढ़ा सकता है।

आपको अपने डॉक्टर से चर्चा करने के बाद ही अपने आहार में ओट्स को शामिल करना चाहिए। यह भी जांच कर लें कि ओट्स पूरी तरह से शुद्ध है और यह दूसरे अनाजों से दूषित नहीं है।

आपको ओट्स का सेवन करने से तब तक बचना चाहिए जब तक कि ग्लूटेन मुक्त आहार का पूरा प्रभाव न दिखने लगे और आपके लक्षणों में सुधार नहीं हो जाता है। जब आपके लक्षण समाप्त हो जाते हैं, तो धीरे-धीरे आप अपने आहार में ओट्स को शामिल कर सकते हैं। यदि लक्षण दोबारा विकसित होते हैं तो ओट्स का सेवन बंद कर दें।

बच्चे को स्तनपान कराने से जुड़ी सलाह

जब तक आपका बच्चा छह महीने का नहीं हो जाता है, तब तक उसे ग्लूटेन युक्त आहार न दें। इनफैंट मिल्क फॉर्मूला की तरह स्तन का दूध भी प्राकृतिक रूप से ग्लूटेन मुक्त होता है।

यदि आपको सीलिएक रोग है तो सीलिएक यूके छह महीने की उम्र के बाद बच्चे को धीरे-धीरे ग्लूटेन युक्त आहार देने का सुझाव देता है। इसकी सावधानीपूर्वक निगरानी रखनी चाहिए।

अन्य इलाज

ग्लूटेन युक्त आहार से परहेज करने के अलावा सीलिएक रोग के लिए कई दूसरे इलाज मौजूद हैं। इसके बारे में नीचे दिया गया है।

टीकाकरण (Vaccinations)

सीलिएक रोग से पीड़ित कुछ लोगों में प्लीहा कम प्रभावी तरीके से कार्य करती है और इससे संक्रमण का खतरा काफी अधिक बढ़ सकता है।

इस स्थिति में आपको अतिरिक्त टीकाकरण की आवश्यकता हो सकती है, जिसमें शामिल है:

फ्लू (इन्फ्लूएंजा) (flu (influenza) )

Hib / MenC वैक्सीन, जो सेप्सिस (रक्त विषाक्तता), निमोनिया और मेनिन्जाइटिस (मस्तिष्क का संक्रमण) से बचाता है

न्यूमोकोकल वैक्सीन (pneumococcal vaccine), जो स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनिया जीवाणु Streptococcus pneumoniae bacterium) के कारण होने वाले संक्रमण से बचाता है

हालांकि, यदि आपकी प्लीहा सीलिएक रोग से प्रभावित नहीं है, तो ये टीकाकरण आमतौर पर आवश्यक नहीं होते हैं।

सप्लीमेंट्स

ग्लूटेन युक्त आहार से परहेज करने के साथ ही आपके डॉक्टर से आहार विशेषज्ञ आपको निदान के बाद कम से कम छह महीने तक विटामिन और मिनरल सप्लिमेंट लेने की सलाह दे सकते हैं।

इससे पाचन तंत्र की मरम्मत करते समय आपको आवश्यक सभी पोषक तत्व मिल सकता है। इसके अलावा सप्लिमेंट लेने से एनीमिया (रक्त में आयरन की कमी) की समस्या दूर हो जाती है।

डर्मेटाइटिस हर्पेटिफोर्मिस (Dermatitis herpetiformis)

यदि आपको डर्मेटाइटिस हर्पेटिफोर्मिस ( ग्लूटेन इनटॉलरेंस के कारण खुजली युक्त चकत्ते) तो ग्लूटेन युक्त आहार से परहेज करने से ये लक्षण समाप्त हो सकते हैं।

हालांकि कई बार ग्लूटेन मुक्त आहार का सेवन करने के बाद भी दस्त और पेट दर्द जैसे लक्षणों में सुधार की अपेक्षा चकत्ते ठीक होने में समय लगता है।

ऐसी स्थिति में चकत्तों को ठीक करने के लिए आपको दवा का सेवन करना पड़ सकता है। इसके लिए आपको डैप्सोन (Dapsone) नामक दवा का टैबलेट दिन में दो बार लेना पड़ता है।

डैपसोन के कारण सिरदर्द और अवसाद जैसे दुष्प्रभाव हो सकते हैं। इसलिए आपको हमेशा इसकी कम खुराक का सेवन करने की सलाह दी जाएगी।

डर्मेटाइटिस हर्पेटिफोर्मिस को नियंत्रित करने के लिए आपको दो सालों तक दवा लेना पड़ सकता है। इसके बाद दवा की जरूरत के बिना सिर्फ लंबे समय तक ग्लूटेन मुक्त आहार का सेवन करने से चकत्ते ठीक हो जाते हैं।

सीलिएक रोग से होने वाली समस्याएं

यदि आपको सीलिएक रोग है तो आपको किसी भी तरह का ग्लूटेन युक्त खाद्य पदार्थ नहीं खाना चाहिए। यदि आपने निदान या इलाज नहीं कराया है और आप ग्लूटेन का सेवन जारी रखते हैं तो आपको कई जटिलताएं हो सकती हैं।

यह एक आम गलत धारणा है कि कम मात्रा में ग्लूटेन का सेवन करने से कोई नुकसान नहीं होता है। यहां तक कि थोड़ी मात्रा में भी ग्लूटेन का सेवन करने से सीलिएक रोग के लक्षण बढ़ सकते हैं और नीचे दी गई जटिलताओं का खतरा भी बढ़ सकता है।

कुअवशोषण (मालएब्जॉर्प्शन) (Malabsorption)

मालएब्जॉर्प्शन (शरीर पोषक तत्वों को अवशोषित नहीं कर पाता है) के कारण भी शरीर में विटामिन और खनिज की कमी हो सकती है। इसके कारण निम्न समस्याएं हो सकती हैं:

आयरन की कमी से एनीमिया

विटामिन बी 12 और फोलेट की कमी से एनीमिया

ऑस्टियोपोरोसिस (osteoporosis)- एक ऐसी स्थिति जिसमें हड्डियां नाजुक और कमजोर हो जाती हैं

इन समस्याओं के लक्षणों और इलाज के बारे में अधिक जानकारी के लिए ऊपर दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

कुपोषण (Malnutrition)

सीलिएक रोग के कारण पाचन तंत्र कम प्रभावी तरीके से कार्य करता है। कुछ गंभीर मामलों में शरीर में पोषक तत्वों की भारी कमी हो जाती है। इस स्थिति को कुपोषण कहा जाता है। इसके कारण शरीर सही तरीके से अपने कार्य नहीं कर पाती है और घाव एवं संक्रमण से भी ठीक होने की क्षमता घट जाती है।

यदि आप गंभीर कुपोषण से पीड़ित हैं तो आपके थकान, चक्कर और भ्रम का अनुभव हो सकता है। आपकी मांसपेशियां कमजोर होने लगेंगी और खुद को गर्म रखने में कठिनाई होती है। बच्चों में कुपोषण के कारण उनकी वृद्धि और विकास बाधित होता है।

कुपोषण को दूर करने के लिए भोजन में अधिक कैलोरी और सप्लिमेंट्स का सेवन करने की सलाह दी जाती है।

लैक्टोज इनटॉलरेंस (Lactose intolerance)

यदि आप सीलिएक रोग से पीड़ित है तो आपको लैक्टोज इनटॉलरेंस हो सकता है। इसमें शरीर में डेयरी उत्पादों को पचाने वाले लैक्टोज नामक एंजाइम की कमी हो जाती है। लैक्टोज इनटॉलरेंस केकारण सूजन, दस्त और पेट में परेशानी हो सकती है।

ग्लूटेन के विपरीत, लैक्टोज शरीर को नुकसान नहीं पहुंचता है। लेकिन यदि आप लैक्टोज युक्त खाद्य पदार्थ खाते है, तो यह सही तरीके से न पचने के कारण आपको पेट से संबंधित कुछ लक्षणों का सामना करना पड़ सकता है।

लैक्टोज रहित खाद्य और पेय पदार्थों से परहेज करके लैक्टोज इनटॉलरेंस से बचा जा सकता है। इसके अलावा आपको कैल्शियम सप्लीमेंट लेने की भी जरूरत पड़ सकती है क्योंकि डेयरी उत्पाद कैल्शियम के सबसे अच्छे स्रोत हैं। शरीर में कैल्शियम की भरपाई के लिए इन्हें खाना जरूरी है।

लैक्टोज इनटॉलरेंस के इलाज के बारे में और पढ़ें।

कैंसर

कुछ रिसर्च के अनुसार सीलिएक रोग से पीड़ित लोगों में आंत का कैंसर और लिम्फोमा (लिम्फैमेटिक सिस्टम का कैंसर, जोकि प्रतिरक्षा प्रणाली का हिस्सा है) होने का खतरा अधिक होता है

इसी रिसर्च में पाया गया कि सीलिएक रोग से पीड़ित लोगों में फेफड़े का कैंसर और स्तन कैंसर होने का खतरा कम होता है। हालांकि इसका कारण स्पष्ट नहीं है।

अनुमान के अनुसार, सामान्य लोगों की अपेक्षा सीलिएक रोग से पीड़ित लोगों में आंत का कैंसर होने की संभावना दो गुना अधिक होती है।

हालांकि इसका जोखिम अभी भी बहुत कम है, यानी निदान के बाद के शुरूआती दस सालों में सीलिएक लोग से पीड़ित 200 में से केवल एक व्यक्ति में आंत का कैंसर विकसित होता है।

ग्लूटेन मुक्त आहार का असर शुरू होने में समय लगता है। इसलिए निदान के बाद शुरूआत के पहले वर्ष के दौरान कैंसर के विकास का जोखिम सबसे अधिक माना जाता है।

आपको सीलिएक रोग हो या न हो लेकिन आंत के कैंसर के लक्षणों के बारे में जानना बहुत जरूरी है। इन लक्षणों में शामिल हैं:

  • मल में खून आना (blood in stools (faeces))
  • अनपेक्षित वजन घटना (unexplained weight loss)
  • आंत की सामान्य क्रिया में बदलाव जो चार सप्ताह से अधिक समय तक रहता है

यदि आपको इन लक्षणों का अनुभव होता है तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

NHS के मूल कॉन्टेंट का अनुवादHealthily लोगो
क्या यह लेख उपयोगी था?

महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।