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6th March, 20198 min read

कोमोरबिडिटी: लम्बी और गंभीर बीमारी आपके मानसिक स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित कर सकती है

मेडिकल समीक्षा के साथ

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यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है।

किसी लम्बी बीमारी के साथ रहना शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से चुनौतीपूर्ण हो सकता है, इसलिए पुरानी बीमारियों और डिप्रेशन का एक साथ होना आश्चर्यजनक नहीं है।

पिछली (या प्राथमिक) बीमारी के अलावा एक या अधिक बीमारियों का होना कोमोरबिडिटी है। वर्तमान में, अमेरिका में 10 में से छह लोग किसी दीर्घकालिक या क्रॉनिक बीमारी से पीड़ित हैं, और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ के अनुसार जो लोग इन बीमारियों से पीड़ित हैं, उनके लिए मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है

क्रॉनिक या लाइफ-लिमिटिंग यानी लाइलाज बीमारी के लक्षण होने के बाद परेशान होना सामान्य है। आपकी नई सीमाएँ हो सकती हैं, जो आप क्या कर सकते हैं, इस पर प्रभाव डालती हैं, और आप अपने इलाज या भविष्य के बारे में सोचकर घबराहट महसूस कर सकते हैं। एक नए रोग के निदान के बाद इन भावनाओं की उम्मीद की जा सकती है, लेकिन अगर वो भावनाएँ बनी रहें तो आप डिप्रेशन का अनुभव कर सकते हैं।

दीर्घकालिक बीमारी से पीड़ित लोग किसी अन्य कारणों से डिप्रेशन से पीड़ित हो सकते हैं। हालांकि, एक क्रॉनिक बीमारी भी डिप्रेशन के खतरे का कारक हो सकती है, जबकि मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं आपके पुरानी बीमारी को बढ़ा कर खतरे में डाल सकते हैं।

अध्ययन में पाया गया है कि जो लोग एक क्रॉनिक शारीरिक बीमारी और मानसिक बीमारी दोनों से पीड़ित होते हैं, उनमें पिछली या अन्य बीमारी से पीड़ित लोगों की तुलना में दोनों बीमारियों के अधिक गंभीर लक्षण होंगे।

यदि आपकी मानसिक सेहत आपकी बीमारी की वजह प्रभावित हो रही है, तो मदद लेना महत्वपूर्ण हो जाता है। अपने मानसिक स्वास्थ्य का इलाज करने से आपके दैनिक जीवन में सुधार हो सकता है और आपकी शारीरिक बीमारी का सामना करने में मदद मिल सकती है।

पुरानी बीमारी के साथ रहना शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से चुनौतीपूर्ण हो सकता है, इसलिए पुरानी बीमारियों और डिप्रेशन के बीच कोई अन्य गंभीर बीमारियों का होना दर (कोमोरबिडिटी) आश्चर्यजनक नहीं है।

पिछली (या प्राथमिक) बीमारी के अलावा एक या अधिक बीमारियों का होना कोमोरबिडिटी है। वर्तमान में, अमेरिका में 10 में से छह लोग पुरानी बीमारी से पीड़ित हैं, और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ के अनुसार जो लोग पुरानी बीमारियों से पीड़ित हैं, उनके लिए मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

पुरानी या लाइफ-लिमिटिंग (जिसमें अंतिम तिथि निश्चित हो) बीमारी के लक्षण होने के बाद परेशान होना सामान्य है। आपकी नई सीमाएँ हो सकती हैं, जो आप क्या कर सकते हैं, इस पर प्रभाव डालती हैं, और आप अपने इलाज या भविष्य के बारे में सोचकर घबराहट महसूस कर सकते हैं। एक नए रोग निदान के बाद इन भावनाओं की उम्मीद की जा सकती है, लेकिन अगर वे पूरे होते न दिखें तो आप डिप्रेशन का अनुभव कर सकते हैं।

पुरानी बीमारी से पीड़ित लोग किसी अन्य कारणों से डिप्रेशन से पीड़ित हो सकते हैं। हालांकि, एक पुरानी बीमारी ही डिप्रेशन (depression) के खतरे का कारक हो सकती है, जबकि मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं आपके पुरानी बीमारी को बढ़ा कर खतरे में डाल सकते हैं।

अध्ययन में पाया गया है कि जो लोग एक पुरानी शारीरिक बीमारी और मानसिक बीमारी दोनों से पीड़ित होते हैं, उनमें पिछली या अन्य बीमारी से पीड़ित लोगों की तुलना में दोनों बीमारियों के अधिक गंभीर लक्षण होंगे।

यदि आपकी मानसिक सेहत आपकी बीमारी की वजह प्रभावित हो रही है, तो मदद लेना महत्वपूर्ण हो जाता है। अपने मानसिक स्वास्थ्य का इलाज करने से आपके दैनिक जीवन में सुधार हो सकता है और आपकी शारीरिक बीमारी से निवारण में मदद मिल सकती है।

पुरानी बीमारी क्या है? (What is chronic illness?)

लंबे समय से चली आ रही बीमारी को एक पुरानी बीमारी के रूप में परिभाषित किया जा सकता है, और अक्सर ठीक होने के बजाय उनका इलाज या उनको नियंत्रित किया जाता है। पुरानी बीमारी विभिन्न प्रकार के होते हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं:

  • मिर्गी आना
  • रूमेटाइड अर्थराइटिस
  • मधुमेह (डायबिटीज)
  • हृदय रोग

पुरानी बीमारियां लोगों को अलग तरह से प्रभावित करती हैं; कुछ बीमारियां समय के साथ और घातक हो जाती हैं, जबकि अन्य में लक्षण हो सकते हैं जो आते और जाते रहते हैं।

एक पुरानी बीमारी का डायग्‍नोज होना घातक हो सकता है, खासकर जब लक्षण का सामना करना मुश्किल हो और बीमारी आजीवन के लिए हो। नए इलाज के अनुरूप ढलना या अपनी थोड़ी या पूरी स्वतंत्रता खो देना कठिन हो सकता है।

आपको क्या हो रहा है ये समझने में आपकी मदद करने के लिए आपकी बीमारी पर अनुसंधान करना या उन लोगों से बात करना जो उसी बीमारी (व्यक्ति या ऑनलाइन में) के साथ रहते हैं क्योंकि वे आश्वासन और समर्थन देने में सक्षम हो सकते हैं, उपयोगी हो सकता है।

अपने आप पर बहुत कठिन न होने की कोशिश करें, पुरानी बीमारी के साथ रहने के लिए अनुकूल होने में समय लग सकता है।

दीर्घकालिक बीमारी डिप्रेशन का कारण क्यों बन सकती है?

यदि आप एक दीर्घकालिक बीमारी से ग्रस्त हैं, तो आपको चुनौतियों और दैनिक संघर्षों का सामना करना पड़ सकता है जो आपने पहले नहीं किए। आपको घूमने फिरने में समस्या हो सकती है, या अपनी कुछ स्वतंत्रता खो सकते हैं।

जीवन के इस नए तरीके के अनुरूप ढलना चुनौतीपूर्ण होता है, इसलिए यह आश्चर्य की बात नहीं है कि पुरानी बीमारी वाले लोगों में सबसे आम कोमोरबिडिटी में से एक डिप्रेशन है। वास्तव में, पुरानी बीमारी के साथ रहने वाले एक तिहाई लोगों को डिप्रेशन प्रभावित करता है।

यदि आपको पुरानी बीमारी के परिणामस्वरूप डिप्रेशन है, तो यह बीमारी को बढ़ा सकता है। यदि आपको बीमारी के कारण शारीरिक पीड़ा है या आप आइसोलेशन में हैं, तो आप डिप्रेशन का अनुभव कर सकते हैं। दुर्भाग्य से, डिप्रेशन, बदले में, शारीरिक दर्द को बढ़ा सकता है और आपको अधिक थका हुआ महसूस करा सकता है।

डिप्रेशन के कारक क्रॉनिक बीमारियां निम्न हैं:

लम्बी बीमारी से ग्रस्त होने पर मानसिक तौर पर स्वस्थ कैसे रहें?

मानसिक बीमारी से पीड़ित किसी व्यक्ति के लिए सहायता लेना महत्वपूर्ण होता है।

जिन लोगों को लम्बी बीमारी के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य की बीमारी है, इलाज प्राप्त करने से उनकी ओवरऑल मेडिकल स्थिति और जीवन शैली में सुधार हो सकता है, जिससे इलाज को जारी रखना आसान हो जाता है।

कुछ लोग अनुभव करते हैं कि दीर्घकालिक बीमारी के इलाज में सुधार से, उनके मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार होता है। कुछ दवाओं को डिप्रेशन के कारण के रूप में जाना जाता है, इसलिए आपको अपनी दवा के दुष्प्रभावों (साइड इफ़ेक्ट) के बारे में अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

अन्य के लिए, दवा, टॉक थेरेपी, या दोनों से उनके मानसिक स्वास्थ्य में सुधार - उन्हें अपनी पुरानी बीमारी को मैनेज करने में मदद कर सकता है।

क्रॉनिक बीमारी का सामना करने के कुछ सुझाव

यदि आप एक लम्बी बीमारी से पीड़ित हैं, तो अपने डॉक्टरों, और अन्य स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं से मिलना जरूरी हो जाता है, साथ ही साथ अपना नियमित (रेगुलर) चेकअप कराएं। इससे आपको अपने किसी भी प्रश्न का उत्तर प्राप्त करने में मदद मिल सकती है, और आपको अपनी बीमारी के बारे में बेहतर जानकारी प्राप्त होगी।

यदि आप अपनी स्थिति को लेकर खुद को नकारात्मक विचारों से घिर जाते हैं तो कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT) (cognitive behavioural therapy) मदद कर सकती है। CBT आपकी बीमारी के बारे में नकारात्मक विचार पैटर्न को बदल सकती है, और आपको वह उपकरण प्रदान कर सकती है जो आपकी बीमारी में चुनौतियों का सामना करने के लिए आवश्यक हैं।

एक व्यक्तिगत और प्रफ़ेशनल सहायता प्रणाली बहुत सहायक हो सकती है। पुरानी बीमारी के साथ रहना कई बार अकेलापन महसूस करा सकता है; अपने परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों को यह बताना कि वे आपकी कैसे सहायता कर सकते हैं, आपको कम अकेला महसूस करने में मदद कर सकता है।

एक लम्बी चलने वाली बीमारी का सामना करने का एक और सहायक भाग अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करना है। जब आप हर समय एक ही दिनचर्या के साथ नहीं रह सकते हैं, तो नियमित रूप से सोने की कोशिश करें और सोने के घंटे रखें, स्वस्थ और संतुलित आहार लें और अपनी दैनिक दिनचर्या में सावधानी शामिल करें।

निष्कर्ष (Conclusion)

यदि आप अपने मानसिक स्वास्थ्य से जूझ रहे हैं, तो आपको हमेशा मदद लेनी चाहिए।

पुरानी बीमारी और डिप्रेशन की कोमोरबिडिटी दोनों बीमारियों के लक्षणों को और खराब कर सकती है, इसलिए यदि आपको पुरानी बीमारी है तो आपके मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ आपके शारीरिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण है।

याद रखें, आप अकेले नहीं हैं। यदि आप किसी से आमने-सामने बात करने के लिए नहीं मिल सकते हैं, तो समर्थन के लिए ऑनलाइन समुदायों की तलाश करें, और अपने लक्षणों और विकल्पों पर चर्चा करने के लिए अपने डॉक्टर से बात करना सुनिश्चित करें।

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