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25th February, 201911 min read

अवसाद (डिप्रेशन) में स्वयं की देखभाल

मेडिकल समीक्षा के साथ

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यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है।

स्वयं की देखभाल यानी सेल्फ-केयर, डिप्रेशन (depression) जैसी कई मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को प्रबंधित करने में मदद कर सकती है और यहां तक कि उन्हें बदतर होने से भी रोक सकती है।

सोशल मीडिया पर, सेल्फ-केयर हैशटैग अक्सर मालिश, कॉकटेल, या लैवेंडर सुगंधित बाथ की तस्वीरों के साथ होता है।

लेकिन इंस्टाग्राम पर जितने सुझाव मिलते हैं, उससे कहीं अधिक सुझाव सेल्फ-केयर में शामिल होते हैं। यह मानसिक और शारीरिक, दोनों रूप से खुद की देखभाल करने की पूरी प्रक्रिया है। इसमें अच्छी तरह से खाना, सोना, सक्रिय रहना, अपने सामाजिक जीवन को समृद्ध करना और अपने लिए आराम करने का समय निकालना शामिल है।

डिप्रेशन अपराधबोध और लो-सेल्फ वर्थ की भावनाओं को भी जन्म दे सकता है। सेल्फ-केयर की अतुलनीय इमेजेज आपको सोचने पर मज़बूर कर सकती हैं: सेल्फ-केयर करने का मतलब क्या स्वार्थी होना है?

लेकिन अपनी अच्छी देखभाल करना सबसे कम स्वार्थी चीज़ हो सकती है, जिसे आप कर सकते हैं। अच्छी मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य आपको जीवन की चुनौतियों से निपटने में मदद कर सकते हैं और ये आपको अपने आसपास के लोगों को सपोर्ट करने के लायक बना सकते हैं।

यह जानने के लिए आगे पढ़ें कि सेल्फ-केयर डिप्रेशन में आपकी कैसे मदद कर सकता है, साथ में डिप्रेशन के उपचार (treatments for depression) के लिए डॉक्टर आपकी जो मदद कर सकेंगे उसके बारे में भी आप जान सकेंगे।

स्वस्थ आहार (डाइट) के साथ सेल्फ-केयर

आपके समग्र स्वास्थ्य में सुधार करते हुए डिप्रेशन से जल्दी उबरने में एक स्वस्थ आहार (हेल्दी डाइट) का महत्वपूर्ण रोल होता है।

स्वस्थ डाइट (healthy diet) के लिए, आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:

आप छोटे बदलाव लाकर शुरुआत कर सकते हैं। स्वास्थ्य के लिए हानिकारक (अनहेल्दी) स्नैक्स जैसे चिप्स की बजाए बिना नामक वाले (अनसाल्टेड) स्नैक्स जैसे कि नट्स या फल खाने की कोशिश करें, या फिर सुबह नाश्ते के लिए समय निकालें।

व्यायाम करना

रिसर्च बताते हैं कि डिप्रेशन के लक्षणों में सुधार के लिए एक्सरसाइज़ एंटीडिप्रेसेंट की तरह ही फायदेमंद हो सकता है।

शारीरिक गतिविधि एंडोर्फिन (endorphins) के रिलीज़ को प्रोत्साहित करती है, जो कि शरीर में वे केमिकल होते हैं जो खुशी की भावनाओं को ट्रिगर करते हैं।

वयस्कों को हर सप्ताह 150 मिनट की मध्यम तीव्रता वाले एक्सरसाइज़ करने का लक्ष्य रखना चाहिए (जैसे साइकिल चलाना, टहलना या तेज चलना)।

यदि आपने कुछ समय से एक्सरसाइज़ नहीं किया है, तो थोड़े समय के साथ शुरू करें और सप्ताह में 150 मिनट तक करने को कोशिश करें। यहां तक कि 10 मिनट तक तेजी से चलने से भी आपका मन हल्का और शांत हो सकता है और इससे आपका शरीर रिलैक्स हो सकता है।

आपको कोई ऐसा एक्सरसाइज़ करने की कोशिश करनी चाहिए जिसे करने में आपको आनंद आता हो, नहीं तो इसे नियमित रूप से करना कठिन होगा। आप किसी स्पोर्ट्स टीम में शामिल हो सकते हैं, स्थानीय स्पोर्ट्स सेंटर में क्लासेज जॉइन कर सकते हैं, या अपने ऑफिस पैदल चलकर या साइकिल चलाकर जा सकते हैं।

रीलैक्सेशन

कई अलग-अलग रिलैक्सेशन तकनीक हैं, जिनमें से कुछ आप पहले से ही आज़मा लिया होगा।

आप संगीत सुनने, पढ़ने, घर में ख़ुद किए जाने वाले क्राफ्ट, पालतू जानवरों के साथ समय बिताने या किसी हॉबी में लिप्त होकर एन्जॉय कर सकते हैं। या फिर कम-से-कम गर्म पानी से स्नान (वार्म बाथ) करने के लिए ही समय निकाल लें (बाथ बम के साथ या उसके बिना)।

बाहर जाकर प्रकृति की सराहना करना भी आराम करने का एक अच्छा तरीका होता है। आप किसी लोकल पार्क में जा सकते हैं, या अपने पड़ोस में टहलने जा सकते हैं। इससे आपको अधिक सक्रिय बने रहने में भी मदद मिलती है।

व्यस्त जीवन में अक्सर विश्राम के लिए बहुत कम समय मिल पता है, लेकिन आप सचेतन मन (माइंडफुलनेस) के साथ आराम करने की कोशिश कर सकते हैं। माइंडफुलनेस एक चिकित्सीय तकनीक (therapeutic technique) है, जिसमें वर्तमान क्षण में, आपके विचार एवं भावनाओं और आपके आस-पास की दुनिया के बारे में अधिक जागरूक होना शामिल होता है।

दि नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ एंड केयर एक्सीलेंस (NICE) द्वारा माइंडफुलनेस (Mindfulness) की सलाह दी जाती है, जो उन लोगों में डिप्रेशन को रोकने का एक तरीका है, जिनके अतीत में डिप्रेशन के तीन या अधिक बार लक्षण दिखे हों।

आप प्रत्येक दिन कुछ मिनट के लिए इसका अभ्यास कर सकते हैं। अपने काम पर, दोपहर के भोजन के दौरान, या बिस्तर पर जाने से ठीक पहले, अपने दिमाग पर ध्यान देने की कोशिश क्यों न की जाए?

समाजीकरण या लोगों से घुलना मिलना

लोगों के साथ जुड़ने से आप अधिक आत्मविश्वास महसूस कर सकते हैं, जो चीजों पर आपको एक अलग दृष्टिकोण दे सकता है। दोस्तों और परिवार के साथ नियमित रूप से बात करने की कोशिश करें, भले ही वह फोन पर ही क्यों ना हो।

आप उन क्लबों में शामिल होकर नए लोगों से मिल सकते हैं, जिनमें आपकी रुचि हो, या आप सामुदायिक कार्यक्रमों में भाग ले सकते हैं। इस तरह आप अपने हितों को समान विचारधारा वाले लोगों के साथ शेयर कर सकते हैं, और नए दोस्त बना सकते हैं।

अपनी समस्याओं को शेयर करके स्वयं की देखभाल करना

जब आप मानसिक बीमारी से जूझ रहे होते हैं, तो लोगों के साथ यह शेयर करना उपयोगी हो सकता है कि आप किन तकलीफ़ों से गुजर रहे हैं। यह आपको अपने डिप्रेशन में सहयोग और अंतर्दृष्टि (इनसाइट) दे सकता है।

सबूत बताते हैं कि बात करने से डिप्रेशन के लक्षणों में (talking can improve symptoms of depression) और तनाव से निपटने (deal with stress) की आपकी क्षमता में सुधार हो सकता है।

यदि अपने करीबी लोगों के साथ आप शेयर नहीं करना चाहते हैं, तो आप स्वयं सहायता समूह जॉइन कर सकते हैं, जहाँ आप ऐसे लोगों से मिल सकेंगे जो आपके समान तकलीफ़ों को अनुभव करते होंगे।
इससे आप अलग-थलग कम महसूस करेंगे, आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और अपनी स्थिति से निपटने के नए तरीकों के बारे में आप जान सकेंगे।

आप अपने डॉक्टर से अपने क्षेत्र में डिप्रेशन वाले लोगों के लिए स्वयं सहायता समूहों के बारे में पूछ सकते हैं।

कुछ लोग अपने मानसिक स्वास्थ्य (mental health) के बारे में बात करने में असहज महसूस कर सकते हैं। इन परिस्थितियों में, अपनी समस्याओं को लिखने की कोशिश करें, या उन्हें किसी रचनात्मक चीज़ में, जैसे कि कविता, ड्राइंग, क्राफ्ट या पेंटिंग में शामिल करें।

अपने मानसिक स्वास्थ्य की निगरानी करके स्वयं की देखभाल करना

सेल्फ-केयर में अपने मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल में सक्रिय रूप से भाग लेना भी शामिल होता है।

आप अपनी भावनाओं को ट्रैक करने और अपने ट्रिगर्स की पहचान करने के लिए एक मूड डायरी शुरू कर सकते हैं। इस तरह, आप कठिन परिस्थितियों को पहचान सकते हैं और उनके लिए खुद को तैयार कर सकते हैं।

चेतावनी के उन संकेतों (वार्निंग साईन) को देखने की कोशिश करें जो इस बात के संकेत देते हों कि आपका डिप्रेशन वापस आ रहा है या बदतर हो रहा है, ताकि आप जल्द-से-जल्द सपोर्ट प्राप्त कर सकें।

दूसरों को यह बताना भी अच्छा होता है कि अतीत में आपको किन चीजों से फ़ायदा हुआ था। यह आपके डॉक्टर को यह तय करने में सहायता कर सकता है कि कौन से उपचार आपके लिए सबसे उपयुक्त हो सकते हैं। आपका परिवार और दोस्त भी समझ सकते हैं कि आपको बेहतर तरीके से कैसे सपोर्ट करना है।

कार्य के दौरान स्वयं की देखभाल

बहुत अधिक काम करना कुछ लोगों के लिए डिप्रेशन का कारण हो सकता है, और इसके विपरीत, डिप्रेशन आपके काम करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।

बहुत अधिक तनाव से बचना महत्वपूर्ण है, जिसमें काम से संबंधित तनाव शामिल हैं।

यदि आपको लगता है कि काम का तनाव (work stress) आपके लक्षणों को ट्रिगर करता है, तो आपको कम घंटे या अधिक फ्लेक्सिबल शेड्यूल पर काम करना चाहिए।

आपको रिकवर करने के लिए कुछ समय तक काम बंद करने की जरुरत हो सकती है। हालाँकि, ऐसे सबूत हैं जो सुझाव देते हैं कि अधिक समय तक काम बंद रखने से डिप्रेशन और भी बदतर (can make depression worse) हो सकता है।

धूम्रपान, ड्रग्स और शराब से बचें

आपको लग सकता है कि सिगरेट और शराब शुरू में आपके डिप्रेशन में मदद करते हैं, लेकिन वे समय के साथ आपके लक्षणों को बदतर बना सकते हैं।

ऐसे सबूत हैं कि भांग (कैनबिस) पीना निम्न तकलीफ़ों को जन्म दे सकता है:

  • डिप्रेशन के लक्षण और बदतर हो सकते हैं
  • आप अधिक थका हुआ महसूस कर सकते हैं और किसी भी चीज में अपनी रूचि खो सकते हैं
  • डिप्रेशन के वापस आने की संभावना बढ़ सकती है
  • एंटी-डिप्रेसेंट (antidepressants) के प्रति आपकी प्रतिक्रिया कम हो सकती है
  • आपको एंटीडिप्रेसेंट दवा का उपयोग बंद करने की संभावना अधिक होगी
  • आपके ठीक होने की संभावना कम हो जाती है

आप अपने डॉक्टर से मिलकर शराब, धूम्रपान या ड्रग्स की लत को छोड़ने के लिए सहायता और जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

अवसाद (डिप्रेशन) का इलाज (Treating depression)

यदि कभी भी आप डिप्रेशन के बारे में चिंतित हों, या आप ज्यादातर समय हर दिन डिप्रेशन के लक्षण अनुभव करते हैं, और यह हर रोज 2 सप्ताह से अधिक समय से चल रहा हो, तो आपको अपने डॉक्टर से अवश्य मिलना चाहिए।

अपने डॉक्टर से बात करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है यदि:

  • आप में डिप्रेशन के लक्षण (symptoms of depression) दिख रहे हैं, जिनमें सुधार नहीं हो रहा है
  • आपको महसूस होता है कि आपका मूड आपके काम, अन्य हितों और अपने परिवार और दोस्तों के साथ संबंधों को प्रभावित करता है
  • आपके मन में आत्महत्या (suicide) करने या खुद को चोट पहुँचाने का विचार आता है

डॉक्टर आपके लक्षणों और समस्याओं को प्रबंधित करने का सबसे अच्छा तरीका खोज़ने के लिए आपके साथ काम करने में सक्षम होंगे।

डिप्रेशन के लिए उपचार आपके डिप्रेशन के प्रकार पर निर्भर करता है। यह हल्का, मध्यम या गंभीर हो सकता है।

हल्के डिप्रेशन (mild depression) के लिए, आपका डॉक्टर, ‘सतर्क प्रतीक्षा’ (watchful waiting) की सलाह दे सकता है। इसमें यह देखना शामिल होता है कि आपके प्रोग्रेस को मॉनिटर करते हुए आपके डिप्रेशन में अपने आप सुधार आता है अथवा नहीं। पहले अपॉइंटमेंट के दो सप्ताह बाद वे आपको देखेंगे।

वे आपको कोई एक्सरसाइज़ करने या स्वयं सहायता समूह ज्वाइन करने को भी कह सकते हैं।
जैसा कि हमने पहले ही उल्लेख किया है, आप अपने डॉक्टर से अपने क्षेत्र में डिप्रेशन के स्वयं सहायता समूहों के बारे में पूछ सकते हैं, या परिवार और दोस्तों के साथ अपनी समस्याओं को साझा करने का प्रयास कर सकते हैं।

आपको ऑनलाइन संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी (सीबीटी) (cognitive behavioural therapy (CBT)) (CBT) में भी दिलचस्पी हो सकती है।

अधिक प्राइवेट सपोर्ट के लिए, आप सेल्फ-हेल्प बुक्स (self-help books) या गाइड्स आज़मा सकते हैं। मूडजूस (Moodjuice) द्वारा प्रकाशित डिप्रेशन सेल्फ-हेल्प गाइड (Depression Self-help Guide) एक अच्छा उदाहरण है।

हल्के डिप्रेशन जिसमें सुधार नहीं हो रहे हैं और मध्यम अवसाद के लिए, सीबीटी (CBT) जैसे ‘टॉकिंग थेरपी’ (talking therapies) फायदेमंद हो सकते हैं।

डॉक्टर मध्यम से गंभीर डिप्रेशन को कम करने में मदद करने के लिए एंटीडिप्रेसेंट (antidepressants) लेने की सलाह दे सकते हैं। किसी भी एंटीडिप्रेसेंट को लेने से पहले आगे के मार्गदर्शन के लिए अपने फार्मासिस्ट या डॉक्टर से बात करें।

डॉक्टर टॉकिंग थेरेपी और एंटीडिप्रेसेंट को साथ चलाने की भी सलाह दे सकता है, क्योंकि उपचार का कॉम्बिनेशन आमतौर पर केवल एक उपचार की तुलना में अधिक प्रभावी होता है।

गंभीर डिप्रेशन के लिए, आपको इंटेन्सिव बातचीत उपचार (intensive talking treatments) और अन्य दवाओं के लिए एक विशेषज्ञ मानसिक स्वास्थ्य टीम के पास भेजा जा सकता है।

निष्कर्ष

अवसाद (डिप्रेशन) से उबरने में व्यक्तियों की मदद करने में स्वयं की देखभाल (सेल्फ-केयर) एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यह जीवनशैली में बदलाव लाने की प्रक्रिया को उन्हें प्राप्त करने योग्य लक्ष्यों में परिवर्तित कर सकता है।

चाहे वह और अधिक सैर (वाकिंग) पर जाने की बात हो, या रिलैक्स करने के लिए अधिक समय निकालने की बात हो, एक छोटा सा परिवर्तन भी आपके जीवन की गुणवत्ता में बड़ा बदलाव ला सकता है।

यदि आप कभी अपने मानसिक स्वास्थ्य से जूझ रहे हैं, तो अपने डॉक्टर से बात करें। बहुत से लोग डिप्रेशन के लिए मदद मांगने में देरी करते हैं, लेकिन इसमें देर करना अच्छा नहीं होता है। इस मुद्दे को ठीक करना कठिन हो सकता है, लेकिन आपकी मदद के लिए सपोर्ट उपलब्ध है। तकलीफ़ ना झेलें, मदद मांगना सीखें।

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महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।