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हाइपोग्लाइसीमिया (Hypoglycaemia)

मेडिकल समीक्षा के साथ

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यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है।

हाइपरग्लाइसीमिया क्या है? (What is hyperglycaemia?)

हाइपरग्लाइसीमिया तब होता है जब शरीर रक्त से ग्लूकोज (चीनी) को निकाल कर इसे ऊर्जा में नहीं बदल पाता है। यह आमतौर पर केवल मधुमेह से ग्रस्त लोगों में होता है।

हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycaemia) के लक्षण अनुपचारित डायबिटीज़ के समान ही होते हैं और इनमें शामिल हैं-

  • प्यास का बढ़ना
  • बार बार पेशाब जाने की ज़रूरत होना
  • थकान

समय के साथ वजन कम होने और धुंधली दृष्टि सहित और भी लक्षण हो सकते हैं।

आपके द्वारा लक्षणों की दी गई जानकारी के हिसाब से आपका डॉक्टर आमतौर पर हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycaemia) की पहचान करने में सक्षम हो पाएगा। वे आपके रक्त में ग्लूकोज (शर्करा) के स्तर का परीक्षण करके इसकी पुष्टि कर सकते हैं।

हाइपरग्लाइसीमिया के क्या कारण हैं? (What causes hyperglycaemia?)

हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycaemia) ब्लड ग्लूकोज़ (शुगर) लेवल के बढ़ने के कारण होता है। डायबिटीज़ वाले लोगों में शरीर ग्लूकोज़ को ऊर्जा में नहीं बदल पाता है।

डायबिटीज़ दो प्रकार ही होती है-

टाइप 1 डायबिटीज (इंसुलिन पर निर्भर)- शरीर बहुत कम या कोई इंसुलिन पैदा नहीं करता है। टाइप 1 मधुमेह वाले लोगों को इंसुलिन को बदलने के लिए आजीवन उपचार की आवश्यकता होती है। जटिलताओं को रोकने के लिए उन्हें नियमित रूप से अपने रक्त शर्करा के स्तर की जांच करने की आवश्यकता होती है।

टाइप 2 डायबिटीज़ (इंसुलिन पर निर्भर नहीं)- टाइप 2 मधुमेह में, या तो शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बनाता है, या यह इंसुलिन का ठीक से उपयोग नहीं कर सकता है (इंसुलिन प्रतिरोध)। इस प्रकार की डायबिटीज़ अक्सर मोटापे या अधिक वजन से जुड़ी होती है और ज्यादातर उन लोगों में होती है जो 40 वर्ष से अधिक उम्र के होते हैं।

इंसुलिन वह हार्मोन है जो रक्त से ग्लूकोज को निकालने में मदद करता है और इसे ऊर्जा में परिवर्तित करता है।

यदि आपको डायबिटीज़ है, तो आपको अपने रक्त शर्करा के स्तर को मैनेज करने के तरीके के बारे में सलाह दी जाएगी। हालांकि, कुछ परिस्थितियां हैं जो रक्त शर्करा में वृद्धि को ट्रिगर कर सकती हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • इमोशनल तनाव
  • दवाई में बदलाव
  • इंसुलिन की गलत (या छूटी हुई) खुराक
  • अपना आहार बदलना, या बहुत अधिक खाना
  • नियमित रूप से व्यायाम ना करना
  • कोई बीमारी, जैसे कि सर्दी
  • कुछ विशेष दवाइयों का दुष्प्रभाव

हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycaemia) के कारणों के बारे में और पढ़ें।

हाइपरग्लाइसीमिया का रोकथाम और इलाज (Preventing and treating hyperglycaemia)

यदि आपको मधुमेह है, तो आपकी डायबिटिक केयर टीम आपको बताएगी कि आपके रक्त शर्करा के स्तर की निगरानी और प्रबंधन कैसे करें। अगर आपको टाइप 1 डायबिटीज है तो ये ज़रूरी है कि आप अपनी दवा को ना भूले औऱ ना ही उसमे कोई बदलाव करें और अपने खाने और पीने का संतुलन बनाए रखें।

अगर हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycaemia) होता है, तो आपको ब्लड ग्लूकोजड लेवल को दोबारा कम करने की ज़रूरत होगी। इंसुलिन की खुराक बढ़ाना इसका एक तरीका है।

यह भी ज़रूरी है कि आप नियमित रूप से अपने रक्त शर्करा के स्तर का परीक्षण करें। आपका डॉक्टर आपको सलाह देगा कि आपका ब्लड टेस्ट कब और कितनी बार किया जाना चाहिए।

अगर आपको अनियंत्रित टाइप 2 डायबिटीज़ है, या इसे कंट्रोल करना मुश्किल है, आपको, आपका ध्यान रख रहे हैल्थकेयर प्रोफेशनल्स द्वारा सावधानीपूर्वक मॉनिटर किया जाएगा।

हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycaemia) का इलाज कैसे किया जाता है, इस बारे में और जानकारी पढ़ें।

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए? (When to see your doctor?)

आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए अगर आपको या आपको बच्चे को हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycaemia) के लक्षण होते हैं, यहां तक कि अगर आप में डायबिटीज़ की पहचान नहीं हुई हो

आपको तत्काल रूप से मेडिकल अटेंशन लेनी चाहिए अगर आपको इन में से कोई भी लक्षण महसूस होना शुरू होता है क्योकि ये डायबिटिक कीटोएसिडोसिस (diabetic ketoacidosis,) के चिन्ह हो सकते हैं ( जब बॉडी ग्लूकोज़ को तोड़ने में असमर्थ होती है।

  • मतली या उल्टी ( बीमार महसूस करना या बीमार होना)
  • पेट में दर्द
  • आपकी सांस में एक फलों जैसी गंध, जो नाशपाती की बूंदों या नाखून वार्निश की तरह की गंध जैसी हो सकती है।
  • उनींदापन या भ्रम की स्थिति
  • हाइपरवेंटिलेशन (hyperventilation) (तेज़ी से सांस लेना)
  • डीहाइड्रेशन (जब आपके शरीर की सामान्य पानी की मात्रा कम हो जाती है, जो सिरदर्द, शुष्क त्वचा और कमजोर, तेजी से दिल की धड़कन का कारण बन सकती है)
  • बेहोशी

डायबिटिक कीटोएसिडोसिस (Diabetic ketoacidosis) एक गंभीर स्थिति है जो जीवन को जोखिम में डाल सकती है और कोमा की वजह बन सकती है (एक सोने जैसी स्थिति जिसमें कोई लंबे समय तक बेहोश रहता है)

अगर  डायबिटिक कीटोएसिडोसिस (Diabetic ketoacidosis) अनुपचारित रहता है, तो कई गंभीर जटिलताएं जैसे कि रक्त वाहिकाओं, तंत्रिकाओं और अंगों में लंबे वक्त तक रहने वाला नुकसान हो सकता है।

हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycaemia की जटिलताओं के बारे में और जानकारी पढ़ें।

हाइपरग्लाइसीमिया के लक्षण (Symptoms of hyperglycaemia)

हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycaemia) के लक्षण अनुपचारित डायबिटीज़ के लक्षणों जैसे ही हैं। मधुमेह एक पुरानी (दीर्घकालिक) स्थिति है जो रक्त में बहुत अधिक ग्लूकोज (चीनी) होने के कारण होती है।

अगर आपको अनुपचारित डायबिटीज़ है, लक्षण बहुत धीरे-धीरे विकसित होंगे, आमतौर पर सप्ताह या महीनों की अवधि में। हालांकि, अगर आपको हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycaemia) है, तो लक्षण अधिक गंभीर होंगे और बहुत अचानक आ जाएंगे।

हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycaemia) के लक्षणों में शामिल हैं-

  • प्यासा होना
  • मुंह सूखना
  • बार-बार पेशाब जाने की ज़रूरत महसूस होना
  • थकान
  • बार बार होने वाले इंफेक्शन, जैसे कि मुंह में छाले (यीस्ट इंफेक्शऩ)

यदि हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycaemia) के लक्षण लंबे समय तक हैं, तो उनकी वजह से हो सकते हैं-

  • वजन घटना - जैसे कि आपका शरीर आपके मूत्र के माध्यम से अतिरिक्त ग्लूकोज को निकालता है, जिससे आपको कैलोरी कम होती है।
  • धुंधला दिखाई देना- आंख के लेन्स का बहुत ड्राई होना।

डायबिटिक कीटोएसिडोसिस (Diabetic ketoacidosis)

डायबिटिक कीटोएसिडोसिस (Diabetic ketoacidosis) एक जटिलता है जो हाइपरग्लाइसीमिया के अनुपचारित रहने पर हो सकती है। इसके लक्षणों मे शामिल है-

  • मतली या उल्टी (बीमार महसूस करना या बीमार होना)
  • पेट में दर्द
  • आपकी सांस में एक फलों जैसी गंध, जो नाशपाती की बूंदों या नाखून वार्निश की तरह की गंध जैसी हो सकती है।
  • उनींदापन या भ्रम की स्थिति
  • हाइपरवेंटिलेशन( तेज़ी से सांस लेना)
  • डीहाइड्रेशन ( जब शरीर में सामान्य रूप से पानी की कमी हो जाती है, जिससे सिरदर्द, रूखी त्वचा और कमज़ोर, तेज़ ह्दय गति हो सकती है)
  • बेहोशी

आपको अगर इनमें से कोई भी लक्षण महसूस होता है, तो आपको तुरंत मेडिकल अटेंशन लेने की ज़रूरत है क्योकि इनका इलाज अस्पताल में किए जाने की ज़रूरत है।

हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycaemia) की जटिलताओं के बारे में और पढ़ें।

कारण

हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycaemia) ब्लड ग्लूकोज़ (शुगर) के बढ़ने के कारण होता है। ये आमतौर पर डायबिटीज़ वाले लोगों में होता है।

ब्लड ग्लूकोज़ का स्तर (Blood glucose levels)

आप जो भोजन करते हैं वह पच जाता है और अन्य पदार्थों में टूट जाता है, जिसमें ग्लूकोज नामक एक सरल शर्करा शामिल है। ग्लूकोज फिर आपके रक्तप्रवाह में प्रवेश करता है।आपके खून में ग्लूकोज़ की मात्रा इंसुलिन नाम के एक हार्मोन द्वारा नियंत्रित होती है, जिसे पैनक्रियाज बनाता है (पेट के पीछे एक संकीर्ण अंग)। इंसुलिन ग्लूकोज को आपके खून से बाहर निकालता है और इसे आपकी कोशिकाओं में ले जाता है, जहां यह ऊर्जा पैदा करने के लिए टूट जाता है।डायबिटीज़ (Diabetes)डायबिटीज़ वाले लोगों में, शरीर ग्लूकोज़ को एनर्जी में नहीं तोड़ पाता है। ऐसा इसलिए क्योकि या तो ग्लूकोज़ को चलाने के लिए पर्याप्त इंसुलिन नहीं होती है या जो इंसुलिन होती है वो सही तरह से काम नहीं करती है। इसलिए ग्लूकोज़ खून में ही रहता है, और ब्लड ग्लूकोज़ लेवल को बढ़ाता है।उच्च रक्त शर्करा के स्तर का मतलब है कि ग्लूकोज मूत्र में प्रवेश करता है। ग्लूकोज अपने साथ अतिरिक्त पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स (रक्त में खनिज और लवण) को मूत्र में ले जाता है।ये हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycaemia) के लक्षणों का कारण बनते हैं, जैसे कि प्यास का बढ़ना और बार बार यूरेन जाने की ज़रूरत महसूस होना। आखिरकार, ये डिहाइड्रेशन की तरफ जाता है (जब शरीर में सामान्य पानी की मात्रा कम हो जाती है)।हाइपरग्लाइसीमिया के कारक (Hyperglycaemia triggers)अगर आपको डायबिटीज़ है, तो आपका डॉक्टर आपको ब्लड ग्लूकोज़ लेवल को मैनेज करने के बारे में सलाह देगा। हालांकि, कुछ घटनाएं हैं जो रक्त शर्करा में वृद्धि कर सकती हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • इमोशनल स्ट्रेस
  • दवाईयों में बदलाव
  • इंसुलिन की एक गलत (या छूटी हुई) खुराक
  • डाइट में बदलाव, या बहुत अधिक खाना
  • नियमित व्यायाम ना करना
  • कोई बीमारी, जैसे कि सर्दी

दवाईयां जिनसे हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycaemia) होता है-Olanzapine और रिसपेरीडोन (risperidone) दवाएं हैं जो कभी-कभी मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों के उपचार के लिए उपयोग की जाती हैं, जैसे कि सिज़ोफ्रेनिया (schizophrenia) (ऐसी स्थिति जो मतिभ्रम और भ्रम पैदा कर सकती है)।कभी कभी, हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycaemia) और डायबिटीज़ इन दवाइयों को लेने के दुष्प्रभाव के रूप में हो सकता है। अगर आप इनमें से कोई दवाई ले रहे हैं, आपका डॉक्टर आपका वजन और ब्लड ग्लूकोज़ लेवल को मॉनिटर करने का प्रबंध करेगा अगर आपमें हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycaemia) विकसित होने लगता है।बच्चों में कारण (Causes in children)हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycaemia) वाले बच्चों में अनुपचारित डायबिटीज़ हो सकती है। ये आमतौर पर टाइप 1 डायबिटीज़ होगी लेकिन अगर आपके बच्चे का वजन बढ़ा हुआ है तो ये टाइप 2 डायबिटीज हो सकती है।गर्भकालीन मधुमेह (Gestational diabetes)गर्भकालीन मधुमेह(Gestational diabetes) तब होता है जब गर्भावस्था के दौरान एक महिला में मधुमेह का विकास होता है। यह तब हो सकता है यदि आपका शरीर गर्भावस्था की मांगों को पूरा करने के लिए पर्याप्त अतिरिक्त इंसुलिन का उत्पादन करने में असमर्थ है। इससे रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है।

हाइपरग्लाइसीमिया का इलाज (Treatment for hyperglycaemia)

हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycaemia) का इलाज आप कैसे करते हैं, ये इस बात पर निर्भर करेगा कि आपको किस प्रकार की डायबिटीज़ है और आपको अपने ब्लड ग्लूकोज़ लेवल को कैसे मैनेज करने की सलाह दी गई है।

अगर आपको डायबिटीज़ है (If you have diabetes)

अगर आपको डायबिटीज़ है तो आपके पास एक डायबिटिक केयर टीम होनी चाहिए (स्पेशलिस्ट्स की एक टीम जो आपकी स्थिति का इलाज करने और उसे मॉनिटर करने में मदद करे) उन्हे आपको समझाना चाहिए कि हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycaemia) होने पर क्या करें।

आपको निम्न सलाह दी जा सकती हैं-

  • अपनी इंसुलिन की डोज़ को बढ़ाएं (एक हार्मोन जो आपके खून से ग्लूकोज़ को हटाता है ताकि आपकी सेल्स इसे ऊर्जा में तोड़ सकें)
  • अपनी डाइट को बदले- उदाहरण के तौर पर, आपको उन फूड्स से बचना चाहिए जो आपके ग्लूकोज़ लेवल के बढ़ने का कारण बन सकते हैं, जैसे कि केक और शक्करयुक्त ड्रिंक्स
  • अधिक व्यायाम करें, क्योकि इससे ब्लड ग्लूकोज़ लेवल कम हो सकता है।
  • अपने ग्लूकोज़ लेवल को मॉनिटर करना- आपको अपने ब्लड में ग्लूकोज़ लेवल को चेक करने के लिए एक होम टेस्टिंग किट दी जा सकती है।

टाइप 1 डायबिटीज़ के इलाज और टाइप 2 डायबिटीज़ के इलाज के बारे में और जानकारी पढ़ें।

अगर आपको डायबिटीज़ नहीं है (If you do not have diabetes)

आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए अगर आपको हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycaemia) के लक्षण महसूस होते हैं क्योकि आपको पहचान में ना आई डायबिटीज़ हो सकती है। आपका डॉक्टर आपके ब्लड ग्लूकोज़ लेवल को टेस्ट करेगा और आपके साथ परिणमों पर चर्चा करेगा। अगर आपको डायबिटीज़ है तो इस स्थिति को कैसे मैनेज करना है, आपको इस बारे में सलाह दी जाएगी।

डॉक्टरी सलाह लेने की ज़रूरत कब है (When to seek medical attention?)

आपको तत्काल चिकित्सीय सुविधा लेनी चाहिए अगर आप इनमें से कोई भी लक्षण को अनुभव करना शुरू कर देते हैं-

  • मतली या उल्टी ( बीमार महसूस करना या बीमार होना)
  • पेट में दर्द
  • आपकी सांस में एक फलों जैसी गंध, जो नाशपाती की बूंदों या नाखून वार्निश की तरह की गंध जैसी हो सकती है।
  • उनींदापन या भ्रम की स्थिति
  • हाइपरवेंटिलेशन (hyperventilation) (तेज़ी से सांस लेना)
  • डीहाइड्रेशन (जब आपके शरीर की सामान्य पानी की मात्रा कम हो जाती है, जो सिरदर्द, शुष्क त्वचा और कमजोर, तेजी से दिल की धड़कन का कारण बन सकती है)
  • बेहोशी

अगर आपको ये लक्षण हैं, तो आपको डायबिटिक कीटोएसिडोसिस (diabetic ketoacidosis,) हो सकती है, आपको अस्पताल में ट्रीटमेंट की ज़रूरत होगी। हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycaemia) की जटिलताओं के बारे में और पढ़ें।

हाइपरग्लाइसीमिया की रोकथाम (Preventing hyperglycaemia)

अगर आपको टाइप 1 डायबिटीज़ है, तो हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycaemia) को होने से रोकने के लिए, आपको आहार और इंसुलिन इंजेक्शन (या टैबलेट) के सही कॉम्बिनेशन को बनाए रखकर अपने रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने की आवश्यकता होगी। आप यह कैसे कर सकते हैं, इस बारे में आपका डॉक्टर आपको जानकारी और सलाह दे पाएंगे।

यह ज़रूरी है कि आप अपने लिए गए फ्ल्यूड या फूड को मेंटेन करने के लिए अपनी दवाई की खुराक ना तो छोड़े और ना ही उसमें कोई बदलाव करें। यह भी महत्वपूर्ण है कि आप नियमित रूप से अपने रक्त शर्करा के स्तर का परीक्षण करें। आपका डॉक्टर आपको सलाह देगा कि कब, और कितनी बार आपको अपने ग्लूकोज के स्तर का परीक्षण करना चाहिए। अगर आपको अनियंत्रित टाइप 2 मधुमेह है, या यदि इसे नियंत्रित करना मुश्किल है, तो आपकी हैल्थ केयर प्रोफेशनल्स द्वारा सावधानीपूर्वक निगरानी की जाएगी जो आपकी देखभाल कर रहे हैं।

हाइपरग्लाइसीमिया की जटिलताएं (Complications of hyperglycaemia)

अगर आपके हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycaemia) का इलाज नहीं किया जाता है तो ये डायबिटिक कीटोएसिडोसिस (diabetic ketoacidosis) या रक्त वाहिकाओं, नसों और अंगों में दीर्घकालिक नुकसान पैदा कर सकता है।

डायबिटिक कीटोएसिडोसिस (diabetic ketoacidosis)

डायबिटिक कीटोएसिडोसिस (diabetic ketoacidosis,) तब होता है जब शरीर में इंसुलिन की कमी होती है इसका मतलब सेल्स खून से ग्लूकोज़ लेकर उसे एनर्जी के रूप में इस्तेमाल नहीं कर पाता है। इसके बजाय, सेल्स वसा को तोड़, एनर्जी के तौर पर उपयोग करना शुरू कर देते हैं।

यह कीटोसिस (रक्त में कीटोन्स का निर्माण) और एसिडोसिस (रक्त अम्लता में वृद्धि) का कारण बनता है। कीटोन्स रसायन होते हैं जो शरीर द्वारा निर्मित होते हैं

कीटोएसिडोसिस के लक्षणों में शामिल हैं-

  • मतली या उल्टी ( बीमार महसूस करना या बीमार होना)
  • पेट में दर्द
  • आपकी सांस में एक फलों जैसी गंध, जो नाशपाती की बूंदों या नाखून वार्निश की तरह की गंध जैसी हो सकती है।
  • उनींदापन या भ्रम की स्थिति
  • हाइपरवेंटिलेशन( तेज़ी से सांस लेना)
  • डीहाइड्रेशन (जब शरीर में सामान्य रूप से पानी की कमी हो जाती है, जिससे सिरदर्द, रूखी त्वचा और कमज़ोर, तेज़ ह्दय गति हो सकती है)
  • बेहोश होना

अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण महसूस होते हैं, तुरंत मेडिकल अटैंशन लें। अनुपचारित कीटोएसिडोसिस (ketoacidosis,) कोमा की वजह बन सकता है( एक सोने जैसी स्थिति जिसमें कोई लंबे समय तक बेहोश रहता है) और मृत्यु

डायबिटिक कीटोएसिडोसिस (diabetic ketoacidosis) का इलाज

अगर आपको डायबिटिक कीटोएसिडोसिस (diabetic ketoacidosis,) है, तो आपको अस्पाताल में तत्काल इलाज प्राप्त करने की आवश्यकता होगी। अस्पताल में, आपको दी जा सकती है-

  • फ्लयूड्स, आपके खोए हुए पानी को रिप्लेस करने के लिए
  • इलेक्ट्रोलाइट्स (खनिज और साल्ट जो रक्त में होने चाहिए, जैसे पोटेशियम), जिन्हें आपने खो दिया है उन्हें बदलने के लिए
  • आपके रक्त शर्करा के स्तर को कम करने के लिए, इंसुलिन (एक हार्मोन जो आपके रक्त से ग्लूकोज को हटाता है)

लंबे समय तक रहने वाली जटिलताएं (Long-term complications)

लंबे समय तक, हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycaemia) मधुमेह के परिणामस्वरूप विकसित होने वाली जटिलताओं की संभावना को बढ़ा सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि रक्त में ग्लूकोज का उच्च स्तर रक्त वाहिकाओं, नसों और अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। यदि आपके रक्त शर्करा का स्तर अच्छी तरह से नियंत्रित नहीं है, तो आपको विकसित होने का खतरा अधिक हो सकता है -

  • किडनी को क्षति
  • आंखों को क्षति
  • पैरों की नसों को नुकसान
  • हृदय रोग (जब हृदय की रक्त आपूर्ति अवरुद्ध हो जाती है)
  • इरेक्शन की समस्या (पुरूषों में)

हाइपरग्लाइसीमिया की रोकथाम (Preventing hyperglycaemia)

हाइपरग्लाइसीमिया की रोकथाम (Preventing hyperglycaemia)

अगर आपको टाइप 1 डायबिटीज़ है, तो हाइपरग्लाइसीमिया (Hyperglycaemia) को होने से रोकने के लिए, आपको आहार और इंसुलिन इंजेक्शन (या टैबलेट) के सही कॉम्बिनेशन को बनाए रखकर अपने रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने की आवश्यकता होगी। आप यह कैसे कर सकते हैं, इस बारे में आपका डॉक्टर आपको जानकारी और सलाह दे पाएंगे।

यह ज़रूरी है कि आप अपने लिए गए फ्ल्यूड या फूड को मेंटेन करने के लिए अपनी दवाई की खुराक ना तो छोड़े और ना ही उसमें कोई बदलाव करें। यह भी महत्वपूर्ण है कि आप नियमित रूप से अपने रक्त शर्करा के स्तर का परीक्षण करें। आपका डॉक्टर आपको सलाह देगा कि कब, और कितनी बार आपको अपने ग्लूकोज के स्तर का परीक्षण करना चाहिए। अगर आपको अनियंत्रित टाइप 2 मधुमेह है, या यदि इसे नियंत्रित करना मुश्किल है, तो आपकी हैल्थ केयर प्रोफेशनल्स द्वारा सावधानीपूर्वक निगरानी की जाएगी जो आपकी देखभाल कर रहे हैं।

NHS के मूल कॉन्टेंट का अनुवादHealthily लोगो
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