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एनोरेक्सिया नर्वोसा (anorexia nervosa)

मेडिकल समीक्षा के साथ

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यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है।

एनोरेक्सिया नर्वोसा क्या है? (What is anorexia nervosa)

एनोरेक्सिया नर्वोसा (anorexia nervosa) एक गंभीर मानसिक स्थिति है। यह एक खाने का विकार है जहां एक व्यक्ति अपना वजन जितना हो सकता है कम रखता है।

एनोरेक्सिया (anorexia) से बीमार लोग आमतौर पर ऐसा खाने की मात्रा पर नियंत्रण रखकर, उल्टी करके और अत्यधिक व्यायाम करके करते हैं।

यह हालत अक्सर शरीर के आकार और वज़न की चिंता को लेकर पैदा होती है। जिसकी शुरूआत मोटापे के डर या पतले रहने ही इच्छा से होती है। एनोरेक्सिया वाले लोगों के दिमाग में खुद की एक खराब इमेज होती है जहां वो सोचते हैं कि वो मोटे हैं पर ऐसा होता नहीं है।

सामान्य रूप से एनोरेक्सिया सबसे ज़्यादा औरतों और लड़कियों पर असर करता है। हालांकि हाल के वर्षों में ये आदमियों और लड़कों में ज़्यादा सामान्य हुआ है। यह स्थिति पहली बार 16-17 साल की उम्र में विकसित होती है।

एनोरेक्सिया के लक्षण और संकेत (Signs and symptoms of anorexia)

एनोरेक्सिया से ग्रस्त लोग परिवार और दोस्तों से बहुत उन्होंने क्या खाया ह, या नहीं खाने के बावजूद ये बोलकर कि पहले ही खा चुका हूँ, अपने बर्ताव को छिपाते हैं।

एनोरेक्सिया या अन्य किसी खाने से सम्बंधित बीमारी के लक्षणों और संकेतों में ये शामिल हैं:

  • खाना भूल जाना, बहुत कम खाना या किसी भी वसा युक्त भोजन से बचना
  • खाने में कैलोरी की मात्रा को जुनून की तरह गिनना
  • खाने के बाद टेबल छोड़ देना ताकि वो उल्टी कर सकें
  • भूख मारने वाली दवाओं , लैक्सटिव (laxative) या ड्यूरेटिक (diuretics) (एक प्रकार की दवाई जो आपके शरीर से द्रव्य निकालने में मदद करती है) का सेवन
  • बार-बार खुद का वज़न करना या आईने में देखना
  • शारीरिक समस्या जैसे कि चक्कर आना, बाल झड़ना या त्वचा खुरदुरी होना

एनोरेक्सिया से अन्य मानसिक परेशानियाँ भी हो सकती है। जैसे डिप्रेशन (depression), चिंता (anxiety), आत्मविश्वास की कमी (low self-esteem), शराब का गलत इस्तेमाल और खुद को नुकसान पहुँचाना।

मदद लेना (Getting help)

एनोरेक्सिया से ग्रस्त लोग अक्सर मदद नहीं लेते हैं शायद इसलिए क्योंकि वो डरे होते हैं या वो अपनी परेशानी को नहीं पहचानते हैं। बहुत से लोग अपनी हालत लंबे समय तक छिपाए रखते हैं। कभी-कभी सालों तक।

एनोरेक्सियासे बीमार किसी इंसान के लिए सबसे ज़रूरी यह मानना है कि उसे मदद की ज़रूरत है और वो ठीक होना चाहता है।

अगर आपको लगता है आप किसी को जानते हैं जिसे एनोरेक्सिया है तो उनसे उनकी परेशानी के बारे में बात करिये और मदद कर उनका हौसला बढ़ाइए।

यह बातचीत बहुत मुश्किल हो सकती है क्योंकि वो अपना बचाव कर सकते हैं और यह मानने से इनकार कर सकते हैं कि उन्हें कोई परेशानी है। यह ज़रूरी है कि आप उनकी आलोचना न करें या उनपर दबाव ना बनाएं; यह चीज़ों को और खराब कर सकता है।

अगर आपको लगता है कि आपको एनोरेक्सिया है तो जितनी जल्दी हो सके इलाज कराएँ। आप उस इंसान से बात करके शुरुआत कर सकते हैं जिसपर आप सबसे ज़्यादा भरोसा करते हैं। जैसे आपके परिवार का सदस्य, दोस्त या शायद आप उनसे खुद को डॉक्टर के पास ले चलने की बात कर सकते हैं।

खाने से संबंधित बीमारी में सहयोग और खाने की बीमारी वाले बच्चे के माता-पिता के लिए सलाह के बारे में और पढ़ें।

एनोरेक्सिया का इलाज (Treating anorexia)

एनोरेक्सिया का इलाज किया जाए उससे पहले खाने के विकार के विशेषज्ञ या डॉक्टर शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक ज़रूरतो पर ध्यान देंगे। ये उन्हें देखभाल की एक उचित योजना बनाने में मदद करेगा।

अधिकतर मामलों में, मनोवैज्ञानिक इलाज और सुरक्षित रूप से वजन बढ़ाने में सहायक खाने और पोषण के अनुरूप सलाह शामिल होती है।

बहुत से अलग-अलग स्वास्थ्य प्रशिक्षकों की श्रेणी आपके इलाज में शामिल होगी। जैसे डॉक्टर, मनोचिकित्सक (psychiatrist), प्रशिक्षित नर्स और डाइटीशियन (dietitian)।

बहुत से लोगों का इलाज आउट पेशेंट आधार पर किया जाता है जिसका मतलब है आप अपॉइंटमेंट के बीच में घर जा सकते हैं। बहुत गंभीर मामलों का इलाज अस्पताल या विशेषज्ञ के ईटिंग डिसऑर्डर क्लिनिक में होता है।

एनोरेक्सिया का पता लगाने और उसका इलाज करने के बारे में और पढ़ें।

आउटलुक (Outlook)

एनोरेक्सिया से पूरी तरह ठीक होने में कई साल लग सकते हैं और इसका दोबारा आना सामान्य है। उदाहरण के लिए एक महिला गर्भावस्था के दौरान बढ़े वज़न को कम करने की कोशिश करती है, तो हो सकता है उसकी हालत सुधरने की बजाय और बिगड़ जाए।

लगभग आधे लोग जिन्हें एनोरेक्सिया होता है उनमें इलाज के बाद भी खाने की किसी ना किसी स्तर की परेशानी रहती है।

अगर एनोरेक्सिया का लम्बे समय तक इलाज नहीं होता है तब कई अन्य गंभीर परेशानियां विकसित हो सकती हैं। जिसमें हड्डियों का कमज़ोर होना (osteoporosis), बांझपन (infertility), अनियमित हृदयगति (irregular heart beat) और अन्य हृदय की समस्याएं शामिल हैं।

एक असामान्य स्थिति होने के बावजूद, एनोरेक्सिया मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित मौतों के प्रमुख कारणों में से एक है। यह कुपोषण के प्रभाव के कारण या आत्महत्या के परिणामस्वरूप हो सकता है।

एनोरेक्सिया (anorexia) से जुड़ी संभावित परेशानियों के बारे में और पढ़ें।

एनोरेक्सिया के लक्षण (Symptoms of anorexia)

एनोरेक्सिया (anorexia) का मुख्य लक्षण जानबूझकर बहुत ज़्यादा वज़न कम करना है। हालांकि कोई समस्या होने के होने के कई शारीरिक और मनोवैज्ञानिक संकेत होते हैं।

जान बूझकर वज़न कम करना (intentional weight loss)

एक व्यक्ति जिसे एनोरेक्सिया है वह अपना वजन जितना संभव हो उतना कम करना चाहता है। जो उनकी उम्र और हाइट के अनुसार बहुत कम होता है। वह वज़न बढ़ने से घबराते हैं इसलिए वह सामान्य रूप से भोजन नहीं करते हैं।

वज़न कम करने के प्रयास में वे कर सकते हैं :

  • खाना भूल जाना, कम खाना या वसायुक्त भोजन से बचाव
  • कब और क्या खाया इस बारे में झूठ बोलना
  • जुनूनी तौर पर खाने में कैलोरी की गिनती करना
  • अपने वज़न के बारे में झूठ बोलना
  • बहुत ज़्यादा व्यायाम करना
  • भूख मारने वाली दवाई खाना जैसे कि पतला करने वाली या डाइट पिल्स

खुद से उल्टी करना : आप देख सकते हैं कि वह खाना खाने के तुरंत बाद टेबल छोड़ देते हैं या दांत से जुड़ी समस्या हो जैसे कि दांत का सड़ना और कच्ची डकार जो उल्टी के एसिड के कारण होती है।

वह लेसाटिव (laxative) या ड्यूरेटिक (diuretics) ले सकते हैं; यह दवा शरीर से द्रव्य निकालती है। हालांकि हकीकत में इनका खाने से अवशोषित कैलोरी पर बहुत कम असर पड़ता है।

आत्मसम्मान, बॉडी इमेज और भावनाएं (Self-esteem, body image and feelings)

एनोरेक्सिया से बीमार लोग मानते हैं कि व्यक्ति के रूप में उनका मूल्य उनके वज़न और वो कैसे दिखते हैं इस बातपर टिका है। वे ये सोच सकते हैं कि अगर वो पतले होते तो लोग खुश होते और उन्हें ज़्यादा पसन्द करते और उनके तेज़ी से वज़न घटने को सकारात्मक रूप से देखते हैं।

वे हमेशा अपने आपको खराब नज़र से देखते हैं उन्हें लगता है कि वो मोटे हैं जबकि वह नहीं होते हैं।

कुछ लोग जिन्हें एनोरेक्सियाहोता है वह ढीले-ढाले कपड़े पहनकर छिपाने लगते हैं कि वह कितने पतले हैं।

इस विकार से ग्रस्त लोग एक प्रकार का बर्ताव भी करते हैं जिसे "बॉडी चेकिंग" कहते हैं, जिसमें ये सब लगातार और बार-बार शामिल होता है:

  • खुद का वजन करना
  • खुद की माप करना जैसे कि कमर की माप
  • खुद के शरीर को शीशे में देखना

एनोरेक्सिया लोगों में आत्मसम्मान और आत्मविश्वास की कमी का कारण होता है। वे रिश्तों से अलग हो जाते हैं। परिवार और दोस्तों से दूर हो जाते हैं। और उन चीज़ों में दिलचस्पी घटने लगती हैं जिसमें पहले उन्हें मज़ा आता था।

एनोरेक्सिया व्यक्ति के स्कूल के काम और नौकरी के प्रदर्शन पर भी असर डालता है।

एनोरेक्सिया (anorexia) के अन्य संकेत

लम्बे समय तक कम खाना इन लक्षणों का कारण बन सकता है जैसे कि

  • सूजन (bloating) और कब्ज (constipation)
  • सिरदर्द (headache)
  • चक्कर आना (feeling lightheaded or dizzy)
  • बहुत कमज़ोर महसूस करना (feeling very tired)
  • ज़ुकाम होना (feeling cold)
  • खराब संचलन (poor circulation) के कारण हाथ और पैर के रंग फीके पड़ना
  • खुरदरी त्वचा (dry skin)
  • खोपड़ी से बाल झड़ना
  • पेट दर्द (abdominal pain)
  • नींद की समस्या (sleeping problems)
  • शरीर पर पतले बाल (lanugo) बढ़ना
  • नाखून टूटना

एनोरेक्सिया से ग्रस्त बच्चों में, यौवन संबंधित विकास में देरी हो सकती है। वे अपेक्षा से कम वजन प्राप्त कर सकते हैं - वे अपनी उम्र के अन्य लोगों की तुलना में छोटे हो सकते हैं।

एनोरेक्सिया (anorexia) वाली महिलाओं और बड़ी उम्र की लड़कियों का मासिक धर्म रुक सकता है जिसे एमेनोरिया (amenorrhea) या एब्सेंट पीरियड (absent period) कहते हैं।

एनोरेक्सिया नर्वोसा (anorexia nervosa) की परेशानियों के बारे में और पढ़ें।

एनोरेक्सिया के कारण (Causes of anorexia)

एनोरेक्सिया (anorexia) का ठीक- ठीक कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है यह कई कारकों का मिला जुला परिणाम हो सकता है।

मनोवैज्ञानिक कारक (psychological factors)

बहुत से लोग जिन्हें एनोरेक्सिया होता है उनमें बर्ताव और व्यक्तित्व के कुछ ख़ास लक्षणों को देखा जा सकता है, जो उनमें स्थिति के विकास में और मदद कर सकती है। जिसमें ये शामिल हैं:

  • डिप्रेशन और चिंता होने की संभावना
  • तनाव को नियंत्रित करने में परेशानी होना
  • अपने भविष्य को लेकर बुरी तरह चिंतित और डरा हुआ महसूस करना
  • पर्फेक्शनिज़्म : कठोर लक्ष्य और मानक निर्धारित करना
  • भावनात्मक रूप से दबाया हुआ महसूस करना
  • जुनून और मजबूरी की भावनाएं, लेकिन जरूरी नहीं कि जुनूनी बाध्यकारी विकार - अवांछित विचार, चित्र या आग्रह जो उन्हें कुछ कार्य करने के लिए मजबूर करते हैं

यह भी सुझाव दिया गया है कि एनोरेक्सिया वाले कुछ लोगों में मोटा होने का अत्यधिक डर (phobia) होता है।

वातावरणीय कारक (environmental factors)

यौवन एक महत्वपूर्ण वातावरणीय कारक है जो एनोरेक्सिया में योगदान देता है। यह हार्मोनल परिवर्तन और तनाव, चिंता और यौवन के दौरान आत्मसम्मान में कमी महसूस करने के कारण होता है।

पाश्चात्य संस्कृति और समाज भी अपना किरदार निभाते हैं। लड़कियों और कुछ हद तक, लड़कों को मीडिया संदेशों की एक विस्तृत श्रृंखला से अवगत कराया जाता है जो इस विचार को लगातार मजबूत करते हैं कि पतला होना सुंदर है।

पत्रिकाएं और समाचार पत्र मशहूर हस्तियों की मामूली शारीरिक खामियों जैसे कुछ पाउंड वज़न हासिल करना या सेल्युलाईट पर भी ध्यान देते हैं।

अन्य वातावरणीय कारक जो एनोरेक्सिया में योगदान देते हैं उनमें ये शामिल हैं:

  • स्कूल में दबाव और तनाव जैसे परीक्षा और परेशान किया जाना विशेष रूप से शरीर के वज़न और आकार का मज़ाक बनाना
  • काम या शौक जहां पतले होने को आदर्श माना जाता है जैसे नाचना और एथलेटिक्स
  • तनाव से भरे जीवन की व्यवस्था जैसे नौकरी का जाना, रिश्ते का टूटना या धोखा मिलना
  • पारिवारिक रिश्तों में परेशानी
  • शारीरिक और यौन दुर्व्यवहार

एनोरेक्सिया आमतौर पर डाइटिंग से शुरू होती है लेकिन धीरे-धीरे ये नियंत्रण के बाहर चली जाती है।

बायोलॉजिकल और जेनेटिक कारक (biological and genetic factors)

यह कहा गया है एनोरेक्सिया में दिमाग की क्रिया और हार्मोनल स्तर में बदलाव की भी भूमिका होती है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है अगर यह एनोरेक्सिया की तरफ ले जाते हैं या बाद में कुपोषण की वजह से होते हैं।

यह परिवर्तन दिमाग के उस हिस्से पर प्रभाव डाल सकता है जो भूख को नियंत्रित करता है या जब खाने में चूक हो जाती है या अत्यधिक व्यायाम के बाद भोजन करते हैं तो चिंता और अपराधबोध की भावना पैदा हो सकती है।

किसी व्यक्ति में एनोरेक्सिया होने का खतरा खाने के विकार, डिप्रेशन या पदार्थ के दुरुपयोग के पारिवारिक इतिहास वाले लोगों में अधिक माना जाता है, जो बताता है कि जीन एक भूमिका निभा सकते हैं।

एनोरेक्सिया का पता लगाना (Diagnosing anorexia)

जब आप यह तय करना चाहते हैं कि क्या आपको कोई खाने का विकार है तब आपका डॉक्टर आपसे आपके वज़न और खाने की आदत के बार में सवाल पूछ सकते हैं।

उदाहरण के लिए वह पूछ सकते हैं:

  • अगर हाल ही में आपका वज़न बहुत कम हुआ हो
  • आप अपने वज़न के बारे में क्या महसूस करते हैं और आपको इसके बारे में कोई चिंता हो
  • अगर आप नियमित उल्टी करते हैं
  • या आपका मासिक रुक गया हो अगर हां तो कितने लम्बे समय से रुका है
  • अगर आपको लगता है कि आपको खाने की समस्या है

इन सवालों का सही से जवाब देना बहुत ज़रूरी है आपके डॉक्टर आपको आंकने या आपको लेकर राय बनाने का प्रयास नहीं करते हैं वह बस ठीक से आपकी स्थिति का पता लगाना चाहते हैं।

वज़न और बीएमआई (weight and BMI)

आपके डॉक्टर आमतौर पर आपके वज़न की जांच करेंगे । एक व्यक्ति जिसे एनोरेक्सिया नर्वोसा होता है उसका वजन उसकी उम्र के सामान्य वज़न और हाइट से लगभग 15% कम होता है।

आपके डॉक्टर आपके बॉडी मास इंडेक्स की गणना करेंगे। वयस्कों के लिए स्वस्थ बीएमआई (BMI) 18.5 से 24.9 होता है लेकिन कभी-कभी डॉक्टर चिंतित हो सकते हैं अगर व्यक्ति का BMI 20 से कम है। वयस्क जिन्हें एनोरेक्सिया होता है उनका BMI सामान्य रूप से 17.5 से कम होता है।

BMI 18 वर्ष से कम उम्र के लिए नहीं बना है एक विशेष चार्ट जिसे सेंटाईल चार्ट कहते हैं, इस समूह के लिए उसकी ज़रूरत पड़ती है।

अन्य जांच (Other tests)

आपके डॉक्टर को एनोरेक्सिया का पता लगाने के लिए अन्य जांच करने की ज़रूरत नहीं पड़ती है लेकिन वो आपकी नब्ज़ और रक्तचाप (blood pressure), शरीर का तापमान और हाथ-पैर की जांच करने के लिए कह सकते हैं, ताकि पता लग सके कि कहीं कोई एनोरेक्सिया की वजह से समस्या तो नहीं है।

आपके डॉक्टर आपको कुछ शारीरिक व्यायाम करने के लिए कह सकते हैं जैसे कि देर तक बैठने के बीच में घूमते-फिरते रहना और मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने के लिए स्वाटिंग और स्टैंडिंग करना।

अगर आपको एनोरेक्सिया है तो आपको हृदय की समस्या होने का बहुत खतरा है जैसे अनियमित हृदयगति (arrhythmia)। कभी-कभी इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ecg) की ज़रूरत पड़ सकती है। इसमें कुछ चिपकने वाले पैच जिसे इलेक्ट्रोड कहते हैं जो हृदय द्वारा निकलने वाले इलेक्ट्रिकल सिंगनल को रिकॉर्ड करने के लिए आपके हाथ, पैर और सीने पर लगाए जाते हैं।

आपके डॉक्टर आपकी सामान्य स्वास्थ्य और रसायनों और मिनरल जैसे कि पोटैशियम (potassium) के स्तर की जांच के लिए खून जांच भी कर सकते हैं।

विशेषज्ञ के पास भेजना (Referral to a specialist)

अगर आपके डॉक्टर को लगता है कि आपको एनोरेक्सिया (anorexia) है तो वो आपको ज़्यादा मूल्यांकन और इलाज के लिए खाने के विकार के विशेषज्ञ के पास भेज सकते हैं, हालांकि कभी-कभी ये मूल्यांकन वह खुद से करते हैं।

एनोरेक्सिया (anorexia) के इलाज के बारे में और पढ़े

एनोरेक्सिया का इलाज (Treating anorexia)

एनोरेक्सिया (anorexia) के इलाज में आमतौर पर मनोवैज्ञानिक थेरेपी और निगरानी में वज़न बढ़ाना शामिल होता है।

एनोरेक्सिया से ग्रस्त व्यक्ति के लिए ज़रूरी है कि वह जितनी जल्दी हो सके अपना इलाज शुरू करवा दे ताकि एनोरेक्सिया की गंभीर समस्याएं कम हो सकें, विशेष रूप से अगर उनका पहले ही बहुत वज़न घट गया है।

इलाज की योजना (The treatment plan)

डॉक्टर चल रहे इलाज में बहुत करीब से शामिल होते हैं, हालांकि अन्य हेल्थकेयर प्रोफेशनल भी आमतौर पर शामिल होते हैं जैसे:

  • परामर्श विशेषज्ञ (specialist counsellor)
  • मनोचिकित्सक (psychiatrist)
  • मनोविज्ञानी (psychologist)
  • विशेषज्ञ नर्स (special nurses)
  • डाइटीशियन (dietitians)

कुछ मामलों में जब बच्चे या टीनेजर प्रभावित होते हैं तब पीडियाट्रिशियन को भी शामिल करते हैं।

इलाज शुरू करने से पहले मल्टी डिसिप्लिनरी केयर टीम के सदस्य आपके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक ज़रूरतों की स्पष्ट जांच करके देखभाल की योजना बनाएंगे।

एनोरेक्सिया में साथ ज़्यादा लोगों का आउट पेशेंट की तरह इलाज किया जाता है। जिसका मतलब वो अस्पताल, स्पेशलिस्ट सेंटर या अपने किसी अकेले केयर सदस्य से अपॉइंटमेंट लेकर मिलने जा सकते हैं लेकिन वो घर वापस आ सकते हैं।

ज़्यादा गंभीर मामलों में व्यक्ति को दिन के दौरान अस्पताल या स्पेशलिस्ट सेंटर में लम्बे समय तक रुकने की ज़रूरत पड़ सकती है। या उन्हें एक मरीज की तरह भर्ती होने की ज़रूरत पड़ सकती है।

मनोवैज्ञानिक इलाज (psychological treatment)

एनोरेक्सिया के इलाज में कई सारे अलग अलग मनोवैज्ञानिक इलाज का इस्तेमाल किया जा सकता है। जो स्थिति की गंभीरता पर निर्भर करता है। इलाज 6 से 12 महीनों तक चल सकता है।

कॉग्निटिव एनालिटिक थेरेपी (cognitive analytic therapy) CAT

कॉग्निटिव एनालिटिक थेरेपी (cognitive analytic therapy) आपके मानसिक हालत पर आधारित होता है जैसे एनोरेक्सिया बचपन में अस्वस्थ बर्ताव और आमतौर पर भूतकाल में विकसित किसी सोच के कारण होता है, ख़ासतौर पर बचपन में।

CAT की प्रक्रिया तीन चरणों में शामिल होती है:

  • रिफॉर्मूलेशन (reformulation) : पिछली घटनाओं के देखकर ये पता लगाना कि अस्वस्थ पैटर्न क्यों विकसित हो रहे हैं
  • रिकॉग्निशन (recognition) : लोगों को यह देखने में मदद करता है कि ये पैटर्न एनोरेक्सिया के लिए कैसे योगदान दे रहे हैं
  • रिवीजन (revision) : उन परिवर्तनों का पता लगाना जो इस अस्वस्थ पैटर्न को तोड़ सके

कॉग्निटिव बेहवीयरल थेरेपी (cognitive behavioural therapy)

कॉग्निटिव बेहवीयरल थेरेपी (cognitive behavioural therapy) इस सिद्धांत पर आधारित होती है कि हम स्थिति के प्रभाव के बारे में कैसे सोचते हैं और हम बदले में कैसे बर्ताव करते हैं, हमारी क्रिया हमारे सोचने और अनुभव करने पर असर डालती है।

एनोरेक्सिया में थेरेपिस्ट बताने की कोशिश करता है कि हमारी खाने और डाइट की स्थिति किस प्रकार अस्वस्थ और अवास्तविक सोच और विश्वास से जुड़ी हुई है।

थेरेपिस्ट स्वस्थ होने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं जिससे आप अधिक वास्तविक तरीके सोच सकते हैं जिससे अधिक सकारात्मक व्यवहार हो।

कॉग्निटिव बेहवीयरल थेरेपी (cognitive behavioural therapy) के बारे में और पढ़ें

इंटरपर्सनल थेरेपी (interpersonal therapy)

इंटरपर्सनल थेरेपी (interpersonal therapy) इस सिद्धान्त पर आधारित होता है कि अन्य लोगों के साथ रिश्ते और सामान्य रूप से बाहरी दुनिया का हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत शक्तिशाली प्रभाव पड़ता है।

एनोरेक्सिया आत्मसम्मान की कमी, चिंता, और आत्म-संदेह की भावनाओं से संबंधित है। जो लोगों के साथ बातचीत करने से पैदा होती है।

IPT के दौरान थेरेपिस्ट आपके पारस्परिक रिश्तों से जुड़े नकारात्मक मसलों को और उन्हें कैसे ठीक किया जा सकता है उसपर ध्यान देता है।

फोकल साईकोडायनामिक थेरेपी (focal psychodynamic therapy)

फोकल साइकोडायनामिक थेरेपी (एफपीटी) (focal psychodynamic therapy) इस सिद्धांत पर आधारित है कि मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति अतीत में होने वाले अनसुलझे संघर्षों से जुड़ी हो सकती है, आमतौर पर बचपन के दौरान।

थेरेपी एनोरेक्सियासे ग्रस्त लोगों को यह सोचने के लिए प्रोत्साहित करती है कि बचपन के अनुभवों ने उन्हें कैसे प्रभावित किया होगा। इसका उद्देश्य तनावपूर्ण स्थितियों और नकारात्मक विचारों और भावनाओं से मुकाबला करने के लिए अधिक सफल तरीके खोजना है।

परिवार का हस्तक्षेप (Family interventions)

एनोरेक्सिया (anorexia) बस एक व्यक्ति पर असर नहीं डालता इसका, पूरे परिवार पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ सकता है, फैमिली इंटरवेंशन यानी परिवार का एनोरेक्सिया से ग्रस्त काम उम्र के लोगों के इलाज का एक बहुत ज़रूरी हिस्सा है।

फैमिली इंटरवेंशन खाने के विकार पर ध्यान देता है और परिवार को बातचीत में शामिल करता है कि एनोरेक्सिया ने उन्हें कैसे प्रभावित किया है। यह परिवार की स्थिति समझने और वह कैसे सहायता कर सकते हैं इसमें भी सहायता करता है।

सुरक्षित रूप से वज़न बढ़ाना (Gaining weight safely)

केयर प्लान में यह सलाह शामिल होती है कि खाने की मात्रा कैसे बढ़ायें कि सुरक्षित रूप से वज़न बढ़ाया जा सके।

शारीरिक स्वास्थ्य के साथ ही साथ वज़न को करीब से देखा जाता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि वह अपेक्षा के अनुसार विकसित हो रहे हैं, बच्चे और युवाओं के हाईट की नियमित रूप से जांच की जाती है।

शुरुआत के लिए व्यक्ति को खाने के लिए भोजन की थोड़ी मात्रा दी जाती है जब उनका शरीर सामान्य मात्रा में खाना शुरू कर देता है तो मात्रा को धीरे-धीरे बढ़ाया जाता है

इसका अंतिम लक्ष्य नियमित खाने का एक पैटर्न रखना है जिसमें सम्भवतः तीन बार खाने के साथ विटामिन और मिनरल शामिल हों।

एक आउटपेशेंट का औसत लक्ष्य हफ्ते में 0.5 किलो (1.1lbs) बढ़ाना होता है। विशेषज्ञ श्रेणी में उद्देश्य आमतौर पर हफ्ते में औसत 0.5 किलो -1 किलो (1.1-2.2 lbs) बढ़ाना होता है।

घर पर या अस्पताल में वजन बढ़ाने के बारे में अधिक जानकारी के लिए कुपोषण (malnutrition) का इलाज देखें।

अनिवार्य इलाज (Compulsory treatment)

कभी-कभी एनोरेक्सिया में व्यक्ति इलाज कराने से इनकार कर देता है, तब भी जब वह गंभीर रूप से बीमार होते हैं और उनका जीवन खतरे में होता है।

ऐसे मामलों में अंतिम सहारे के तौर पर डॉक्टर व्यक्ति को मेंटल हेल्थ एक्ट के अंतर्गत अस्पताल में भर्ती करके अनिवार्य इलाज का निश्चय करते हैं। इसे कभी-कभी सेक्शनिंग के रूप में जाना जाता है।

अतिरिक्त समस्याओं का इलाज (Treating additional problems)

जैसा कि मुख्य उपचार ऊपर बताये गए हैं उसी प्रकार एनोरेक्सिया के कारण होने वाली अन्य समस्याओं का इलाज भी आवश्यक है।

अगर आप खुद को नियमित रूप से उल्टी करवाते हैं तो इससे पेट का एसिड दांतो पर लगे इनेमल को खराब करता है; जिसे रोकने के लिए आपको दांत की सफाई से संबंधित सलाह दी जा सकती है।

उदाहरण के लिए, आपको सलाह दी जा सकती है कि दाँत के इनेमल को और अधिक घिसने से बचाने के लिए उल्टी के तुरंत बाद अपने दाँत ब्रश न करें और उसकी जगह अपने मुँह को पानी से कुल्ला करके साफ़ करें।

आपको एसिडिक खाने से बचाव और माउथवॉश की सलाह दी जा सकती है। आपको नियमित रूप से डेंटिस्ट से मिलने की सलाह दी जा सकती है ताकि वे किसी भी समस्या की जाँच कर सकें।

अगर आप वज़न कम करने के प्रयास में लैक्सटिव (laxatives) या डाइयूरेटिक्स (diuretics) का सेवन कर रहे हैं तो आपको उन्हें धीरे-धीरे छोड़ने की सलाह दी जाएगी जिससे आपका शरीर ठीक हो सके। उन्हें अचानक रोकना मिचली (nausea) और कब्ज (constipation) का कारण बन सकता है।

दवाएँ (Medication)

आमतौर पर एनोरेक्सिया के इलाज में दवाएं अकेले असरदार नहीं होती है। इसका इलाज हमेशा मनोवैज्ञानिक समस्यायों के साथ मिलाकर किया जाता है, जैसे ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (obsessive compulsive disorder (OCD)) और डिप्रेशन।

एनोरेक्सिया से ग्रस्त लोगों का इलाज मुख्य रूप से दो तरह की दवाओं से किया जाता है:

  • Selective Serotonin Reuptake Inhibitors (SSRIs) : एक प्रकार की एंटीडिप्रेसेंट दवा जो लोगों की डिप्रेशन और चिंता जैसी मनोवैज्ञानिक समस्याओं में मदद करती हैं
  • ओलैंजपाइन ( olanzapine) : एक दवाई उन लोगों की वज़न और डाइट संबंधी मुद्दों को लेकर हो रही चिंता (anxiety) को कम करती है जिनपर कोई अन्य इलाज काम नहीं करता।

एसएसआरआई (SSRI) से तब तक परहेज़ किया जा सकता है जब तक एनोरेक्सिया वाले व्यक्ति का वजन बढ़ना शुरू नहीं हो जाता, क्योंकि अधिक गंभीर साइड इफेक्ट्स का खतरा उन लोगों में बढ़ जाता है जो गंभीर रूप से कम वजन के होते हैं। दवाओं का उपयोग 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों में सावधानी से किया जाता है।

एसएसआरआई (SSRI) के दुष्प्रभावों के बारे में और पढ़ें।

जटिलताएँ (Complications)

अगर एनोरेक्सिया का इलाज नहीं किया जाता है तो यह कई सारी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है।

कुछ मामलों में हालात और भी घातक हो सकते हैं

अन्य स्वास्थ्य समस्याएं (Other health problems)

लम्बे समय का एनोरेक्सिया अक्सर कुपोषण (malnutrition) के परिणाम स्वरूप गंभीर जटिलताएं और स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। कुछ जटिलताएँ ठीक होने के साथ सुधर सकती हैं लेकिन कुछ हमेशा के लिए रहती हैं।

एनोरेक्सिया (anorexia) से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं में ये शामिल हैं:

  • मांसपेशियों और हड्डियों की समस्या (problem with muscles and bones) : जिसमें कमज़ोरी, कमज़ोर हड्डियां (osteoporosis) और बच्चे और बड़ों की शारीरिक विकास सम्बंधी समस्याएं शामिल हैं।
  • यौन समस्या (sexual problems) : जिसमें औरतों में माहवारी ना होना, बांझपन और आदमियों में सेक्स की इच्छा की कमी और इरेक्टाइल डिसफंक्शन (erectile dysfunction) शामिल होता है।
  • हृदय और धमनियों (blood vessels) के साथ समस्या : जिसमें खराब प्रसार (poor circulation), अनियमित हृदयगति (irregular heartbeat), निम्न रक्तचाप (low blood pressure), हृदय वाल्व रोग (heart valve disease), हार्ट फेलियर (heart failure), हाथ-पैर या चेहरे में सूजन शामिल है।
  • दिमाग और नर्व के साथ समस्याएं : जिसमें फिट्स (fits,seizures) और एकाग्रता और स्मृति की परेशानियां शामिल हैं।
  • अन्य समस्याएं : किडनी, लिवर खराब होना , एनीमिया (anaemia) और लो ब्लड शुगर (hypoglycemia)।

एनोरेक्सिया के साथ कुछ लोग एक अन्य खाने का विकार विकसित कर लेते हैं, जिसे बुलिमिया नर्वोसा (bulimia nervosa) कहते हैं। जहाँ कोई व्यक्ति भोजन करता है और फिर तुरंत अपने आप को खाने को निकालने के लिए मजबूर करता है, या अपने शरीर को भोजन से छुटकारा दिलाने के लिए जुलाब (laxatives) का उपयोग करता है।

गर्भावस्था की जटिलताएँ (Pregnancy complications)

अगर आपको एनोरेक्सिया है और आप गर्भवती हैं तो गर्भावस्था (pregnancy) के दौरान और जन्म देने के बाद आपको बारीकी से निगरानी करने की आवश्यकता होगी।

एनोरेक्सिया से गर्भावस्था के दौरान इन समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है, जैसे:

  • गर्भपात (miscarriage)
  • समय से पहले जन्म देना (premature birth)
  • कम वज़न वाले बच्चे का जन्म होना
  • सिजेरियन सेक्शन की ज़रूरत पड़ना

अगर आपको पहले एनोरेक्सिया हुआ हो और आप उससे उबर चुकी हों तो आपको गर्भावस्था के दौरान ज़्यादा देखभाल और सहयोग की ज़रूरत पड़ सकती है

सहायता लेना (Getting help)

वो लोग जिन्हें एनोरेक्सिया है डर के कारण अक्सर मदद नहीं लेते हैं। कई लोग अपनी स्थिति को लंबे समय तक कभी-कभी सालों तक छिपाए रखते हैं।

वह आमतौर पर अपनी समस्या को स्वीकार करना या अपने लक्षणों के बारे में बात करना मुश्किल समझते हैं। वह इस बात को अस्वीकार कर देते हैं कि उन्हें वज़न बढ़ाने की ज़रूरत है या वह यह मानते ही नहीं कि कुछ गलत है।

अगर किसी को एनोरेक्सिया है तो उनके लिए उसका पता लगाने और इलाज की तरफ ज़रूरी कदम है :

  • यह पता लगाना कि उन्हें मदद की ज़रूरत है
  • ठीक होने की इच्छा

हालांकि इस कदम को उठाने की लिए उन्हें बहुत समर्थन और प्रोत्साहन की ज़रूरत पड़ेगी

खुद की सहायता करना

अगर आपको खाने की समस्या है या आपको लगता है कि आपको एनोरेक्सिया है तो आपको जितनी जल्दी हो सके इलाज की तलाश करनी चाहिए। आप इस तरह शुरुआत कर सकते हैं:

  • किसी ऐसे व्यक्ति से बात करिए जिस पर आप भरोसा करते हैं, जैसे क आपका दोस्त या परिवार में से कोई एक।
  • उन्हें अपने साथ डॉक्टर को दिखाने चलने के लिए कहें

किसी और की सहायता करना (Helping someone else)

अगर आपके किसी करीबी में एनोरेक्सिया के लक्षण दिख रहे हैं तो आप मदद और प्रोत्साहन की बात कर सकते हैं।

आप उस व्यक्ति से बात करने की कोशिश कर सकते हैं कि वो कैसा महसूस कर रहे हैं और उन्हें सहायता के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं। लेकिन उनपर दबाव बनाने या उनके साथ आलोचनात्मक होने की कोशिश ना करें, यह चीज़ों को और खराब कर सकता है।

आप सलाह दे सकते हैं कि आप सबसे अच्छी मदद कैसे कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, आपका डॉक्टर या एक सहायता समूह इस बारे में जानकारी दे सकता है:

  • किसी व्यक्ति में समस्या का पता लगने के बाद उसकी मदद कैसे करें
  • उपलब्ध इलाज
  • आप इलाज के दौरान कैसे उनका समर्थन कर सकते हैं

आप उनके साथ डॉक्टर को दिखाने जाकर भी उस व्यक्ति की मदद कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए एनोरेक्सिया नर्वोसा (anorexia nervosa) का इलाज देखें।

NHS के मूल कॉन्टेंट का अनुवादHealthily लोगो
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