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अगर किसी को दौरे पड़े तो क्या करें

मेडिकली रिव्यूड

अगर किसी को आपके सामने दौरे पड़ रहे हैं तो कुछ आसान उपाय अपना कर आप उसकी मदद कर सकते हैं। अगर आप जानते हैं कि यह प्रभावित व्यक्‍ति का पहला दौरा है या यह 5 मिनट से लंबा खिंच रहा है तो तुरंत एंबुलेंस को बुलाना चाहिए।

यह देखना थोड़ा डरावना हो सकता है, मगर इस समय घबराएं नहीं।

अगर आप किसी के साथ हैं जिसे दौरे पड़ते हैं तो:

  • अगर वह खतरे वाली जगह पर हैं तो उन्‍हें वहां से हटाएँ – जैसे गर्म बर्तन के पास या व्‍यस्‍त सड़क पर
  • जमीन पर हैं तो उनके सिर के नीचे तकिया लगाएं
  • गले के आसपास कसे हुए कपड़े को ढीला करें, जिससे सांस लेने में आसानी हो
  • उनके ऐंठन खत्‍म होने के बाद उन्‍हें दूसरी करवट लिटाएं – रिकवरी पोज़िशन के बारे में और पढ़ें
  • उनके साथ रहें और पूरी तरह सामान्‍य होने तक आराम से बात करें
  • दौरे शुरू होने और खत्‍म होने का समय दर्ज करें
  • प्रभावित व्‍यक्‍ति अगर व्‍हीलचेयर पर है, तो उसके ब्रेक्‍स लगाने के साथ ही सीट बेल्‍ट या सुरक्षात्‍मक उपकरण(हार्नेस) चालू कर दें। उन्‍हें धीरे से सहारा दें और सिर के नीचे तकिया लगा दें, मगर कहीं हिलाने-डुलाने की कोशिश न करें
  • उनके मुंह में अपनी उंगली समेत कुछ भी न डालें, पूरी तरह ठीक होने से पहले उन्‍हें कुछ भी खाने या पीने को न दें

एंबुलेंस कब बुलाएं

आपातकालीन सेवाओं का नंबर डायल करें और एंबुलेंस भेजने के लिए कहें अगर:

  • किसी को पहली बार दौरा पड़ रहा हो तो
  • दौरे 5 मिनट से अधिक समय तक बने रहने पर
  • व्‍यक्‍ति पूरी तरह से चेतना में नहीं आता है, या चेतना में लौटे बिना कई बार दौरे पड़ रहे हों तो
  • दौरा पड़ने के दौरान व्‍यक्‍ति बुरी तरह चोटिल हो गया हो

मिर्गी के शिकार लोगों को हमेशा दौरे आने पर अस्‍पताल जाने की जरूरत नहीं होती है

मिर्गी के शिकार कुछ लोग हाथ में खास तरह का ब्रेसलेट पहनते हैं या अपने साथ कार्ड लेकर चलते हैं, ताकि चिकित्‍सा कर्मी उनके दौरे को देख रहे लोग जान सकें कि उन्‍हें मिर्गी है।

काम की जानकारियों को दर्ज करें

अगर आप किसी के दौरे पड़ने के गवाह बन रहे हैं, तो ध्‍यान में आने वाली कुछ ऐसी बातें जरूर दर्ज करें जो प्रभावित व्‍यक्‍ति या उसके डॉक्‍टर के लिए जाननी जरूरी हो सकती हैं :

  • दौरा पड़ने से पहले वह क्‍या कर रहे थे?
  • दौरा पड़ने से पहले प्रभावित व्‍यक्‍ति से कोई असामान्‍य एहसास जैसे कोई विचित्र गंध या स्‍वाद के बारे में बताया हो
  • क्‍या आपने प्रभावित व्‍यक्‍ति के स्‍वभाव में उत्‍तेजना, गुस्‍सा या बेचैनी जैसे अंतर को महसूस किया ?
  • आपका ध्‍यान दौरा पड़ने की ओर कैसे गया ?
  • आपने कोई आवाज सुनी, जैसे किसी व्‍यक्‍ति के गिरने की, या शरीर की हरकत, जैसे आंखों का गोल-गोल घूमना या सिर मुड़ना?
  • क्‍या दौरा बिना पूर्व चेतावनी के आया?
  • क्‍या प्रभावित व्‍यक्‍ति चेतना शून्‍य हो गया था या सुधबुध खो बैठा था?
  • व्‍यक्‍ति के रंग में बदलाव आया था? मिसाल के तौर पर वह पीला या नीला पड़ गया हो, अगर हां तो कहां – चेहरा, होठ या हाथ ?
  • उनके शरीर का कोई हिस्सा अकड़ गया था, झटका खा रहा था या ऐंठ रहा था? अगर हां, तो यह कौन सा हिस्‍सा था
  • प्रभावित व्‍यक्‍ति के सांस लेने के तरीके में बदलाव आया ?
  • क्‍या उन्‍होंने कोई हरकत की थी, जैसे बुदबुदाना, आसपास भटकना या कपड़ों के साथ कुछ टटोलना?
  • दौरा कितनी देर तक रहा?
  • क्‍या प्रभावित व्‍यक्‍ति का अपने मल-मूत्र पर कोई नियंत्रण नहीं था ?
  • उन्‍होंने अपनी जीभ काटी थी ?
  • दौरा पड़ने के बाद वह कैसा महसूस कर रहे थे ?
  • क्‍या उन्‍होंने सोने की जरूरत महसूस की ? अगर हां, तो कितनी देर तक ?

आप HealthTalk.org पर मिरगी के दौरे के बारे में बात करने वाले लोगों के वीडियो देख सकते हैं।

दौरे पड़ने की डायरी बनाएं

अगर आपको मिर्गी है तो अपने दौरे पड़ने की घटनाओं का रिकॉर्ड एक डायरी बनाकर उसमें रखना ,आपके लिए मददगार हो सकता है।

सामग्री का स्त्रोतNHS लोगोnhs.uk
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महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

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मिर्गी एक ऐसी बीमारी है जो मस्तिष्क को प्रभावित करती है और बार-बार दौरे आने का कारण बनती है, जिसे फिट भी कहा जाता है।