COVID-19: नवीनतम सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक करें

×
22 min read

मस्तिष्काघात (Concussion)

मेडिकल समीक्षा के साथ

स्वास्थ्य संबंधी सभी लेखों की चिकित्सीय सुरक्षा जांच की जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जानकारी चिकित्सकीय रूप से सुरक्षित है। अधिक जानकारी के लिए हमारी सम्पादकीय नीति देखें।

यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है।

मस्तिष्काघात क्या होता है? (What is concussion?)

सिर पर एक झटका लगने या अन्य किसी चोट के बाद मानसिक कार्यप्रणाली में अचानक होने वाले थोड़े समय के नुकसान को मस्तिष्काघात (concussion) या सर पर आघात कहते है। मस्तिष्काघात मस्तिष्क की चोट का सबसे सामान्य प्रकार है लेकिन बेहद कम गंभीर है।

मस्तिष्काघात के लिए चिकित्सकीय शब्द मस्तिष्क की मामूली ट्रॉमैटिक चोट (minor traumatic brain injury) है।

मस्तिष्काघात के लक्षणों में शामिल हैं:

  • कुछ समय के लिए बेहोश होना
  • याददाश्त खोना
  • दृष्टि में गड़बड़ी, जैसे 'सितारे दिखाई देना'
  • भ्रम की स्थिति

चिकित्सा सहायता कब लेनी चाहिए (When to seek medical help)

हल्के मस्तिष्काघात वाले अधिकांश लोगों को किसी भी इलाज की आवश्यकता नहीं होती है क्योंकि वे सामान्य रूप से खुद ही ठीक हो जाते हैं। हालांकि, अगर अधिक गंभीर चोट के संकेत हों, तो उन्हें आपातकालीन इलाज की आवश्यकता हो सकती है।

एम्बुलेंस के लिए तुरंत 112 पर फोन करें यदि व्यक्ति:

  • प्रारंभिक चोट के बाद बेहोश रहता है
  • यदि उसे दौरे पड़ते हैं
  • यदि उसके एक या दोनों कान से खून बह रहा है
  • यदि उसे जागने, बोलने या यह समझने में कठिनाई हो रही है कि लोग क्या कह रहे हैं

इस बारे में अधिक जानने के लिए के लिए मस्तिष्काघात (concussion) के लक्षणों के बारे में पढ़ें कि आपातकालीन चिकित्सा देखभाल कब प्राप्त करें या किसी आपातकालीन विभाग में कब जाएँ।

मस्तिष्काघात के लक्षणों से राहत के लिए आप घर पर कई चीजें कर सकते हैं, इनमें शामिल हैं:

  • सूजन को कम करने के लिए चोट पर आइस पैक लगाएँ
  • किसी भी दर्द को नियंत्रित करने के लिए पेरासिटामोल लें
  • शराब पीने या मनोरंजन के लिए मादक पदार्थ लेने से बचें

खुद का ध्यान रखने के लिए सुझावों सहित आप खेलना फिर से कब शुरू कर सकते हैं, इसकी जानकारी के लिए मस्तिष्काघात (concussion) का इलाज कैसे किया जाता है. के बारे में और पढ़ें।

स्वास्थ्य लाभ (Recovery)

मस्तिष्काघात होने के बाद, कुछ समय तक सावधानीपूर्वक निगरानी की आवश्यकता होती है। ऐसा कई दिनों या हफ्तों के लिए करना पड सकता है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि मस्तिष्काघात कितना गंभीर था।

इसका कारण यह है कि मस्तिष्काघात के लक्षण किसी अधिक गंभीर स्थिति के लक्षण भी हो सकते हैं, जैसे:

ये दोनों ही स्थितियाँ चिकित्सीय आपात स्थितियाँ हैं। जितनी जल्दी हो सके अपने निकटतम दुर्घटना और आपातकालीन (A&E) विभाग में जाएँ, यदि आप या आपकी देखभाल में रह रहा कोई व्यक्ति निम्नलिखित में से कोई संकेत दिखाता है:

  • मानसिक भ्रम की स्थिति
  • उनींदापन जो एक घंटे से अधिक समय तक चलता है
  • बोलने में कठिनाई
  • संतुलन न होना
  • लगातार सिरदर्द

दृष्‍टिकोण (Outlook)

हालाँकि चिकित्सकीय शब्द 'मस्तिष्क की मामूली दर्दनाक चोट (minor traumatic brain injury)' गंभीर लग सकता है, मस्तिष्क को नुकसान की वास्तविक सीमा आमतौर पर बहुत कम होती है और आमतौर पर इससे दीर्घकालिक समस्याएं या जटिलताएँ नहीं होती हैं।

इस बात का प्रमाण है कि बार-बार होने वाले मस्तिष्काघात मानसिक क्षमताओं में दीर्घकालिक समस्याएं और मनोभ्रंश (dementia) पैदा कर सकते हैं। इस प्रकार के डेमेंशिया (dementia) को क्रॉनिक ट्रॉमेटिक एन्सेफैलोपैथी (chronic traumatic encephalopathy) (CTE) के रूप में जाना जाता है।

हालांकि, यह केवल उन पेशेवर एथलीटों के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम लगता है जिन्हें बार-बार गंभीर मस्तिष्काघात का अनुभव होता है, जैसे कि मुक्केबाज (CTE को कभी कभी 'बॉक्सर का दिमाग (boxer’s brain)’ कहते हैं।)

पोस्ट कंकशन सिंड्रोम (Post-concussion syndrome) (PCS) ठीक तरीके से नहीं समझी गई स्थिति है, जिसमें मस्तिष्काघात के लक्षण बाद में हफ्तों या महीनों तक रह सकते हैं।

मस्तिष्काघात (concussion) की जटिलता के रूप में PCS के बारे में और पढ़ें।

किन लोगों को ख़तरा है? (Who’s at risk?)

मस्तिष्काघात (concussion) के सबसे अधिक मामले पांच से 14 वर्ष की आयु के बच्चों और किशोरों में होते हैं, जिनमें दो सबसे सामान्य कारण खेल और साइकिल चलाने से जुड़ी दुर्घटनाएँ हैं।

गिरना और मोटर वाहन दुर्घटनाएँ उम्रदराज वयस्कों में मस्तिष्काघात का एक सामान्य कारण हैं।

जो लोग नियमित रूप से प्रतिस्पर्धी टीम के खेल खेलते हैं जैसे फुटबॉल और रग्बी, उन्हें मस्तिष्काघात का खतरा अधिक होता है।

मस्तिष्काघात के कारणों और मस्तिष्काघात को रोकने के सुझावोंके बारे में और जानकारी प्राप्त करें।

मस्तिष्काघात के लक्षण (Symptoms of concussion)

मस्तिष्काघात के लक्षण हल्के से गंभीर हो सकते हैं और कुछ मामलों में आपातकालीन उपचार की आवश्यकता हो सकती है।

मस्तिष्काघात के सबसे आम लक्षण हैं:

  • सिरदर्द
  • चक्कर आना
  • जी मिचलाना
  • संतुलन खो देना
  • भ्रम, जैसे कि अपने आस-पास से अनजान रहना
  • स्तब्ध या चकित महसूस करना
  • दृष्टि की गड़बड़ी, जैसे कि दोहरी दृष्टि (double vision) या 'तारे' या चमकती रोशनी दिखाई देना
  • याददाश्त में समस्या (नीचे देखें)

याददाश्त में समस्या दो रूपों में से एक या संभवतः दोनों रूप ले सकती हैं:

  • घटनापूर्व स्मृतिलोप (retrograde amnesia) - इसमें आप उन घटनाओं को याद करने में असमर्थ होते हैं जो मस्तिष्काघात (concussion) से पहले हुई थीं (यह आमतौर पर केवल मस्तिष्काघात (concussion) से पहले वाले मिनटों को प्रभावित करता है)।
  • घटनोत्तर स्मृतिलोप (anterograde amnesia) - इसमें आप मस्तिष्काघात (concussion) होने के बाद की किसी भी नई जानकारी या घटनाओं को याद नहीं रख पाते हैं

घटनापूर्व और घटनोत्तर स्मृतिलोप, दोनों में ही आमतौर पर कुछ घंटों में सुधार हो जाता है।

कम सामान्य लक्षण

मस्तिष्काघात के कम सामान्य संकेतों और लक्षणों में शामिल हैं:

  • बेहोशी
  • उल्टी
  • आवाज में लड़खड़ाहट
  • 'चमकती आँखें' और एकटक घूरना
  • व्यवहार में परिवर्तन, जैसे कि असामान्य रूप से चिड़चिड़ापन महसूस करना
  • अनुचित भावनात्मक प्रतिक्रियाएँ, जैसे अचानक हँसी या आँसू निकला पड़ना

आपातकालीन मेडिकल इलाज कब लें (When to seek emergency medical treatment?)

निम्नलिखित संकेत और लक्षण बताते हैं कि संभावना है कि सिर की चोट से गंभीर क्षति हुई है और आपको एम्बुलेंस के लिए तुरंत फोन करना चाहिए:

  • शुरुआती चोट के बाद बेहोश रहना
  • जागते रहने में कठिनाई या चोट लगने के कई घंटे बाद भी सुस्त रहना
  • दौरे पड़ना
  • बोलने में कठिनाई, जैसे आवाज़ में लड़खड़ाहट
  • लंबे समय तक दृष्टि संबंधी समस्याएं, जैसे कि दोहरी दृष्टि (double vision)
  • लोग क्या कहते हैं, यह समझने में कठिनाई
  • पढ़ने या लिखने की समस्याएं
  • संतुलन की समस्याएं या चलने में कठिनाई
  • शरीर के किसी हिस्से में शक्ति की कमी, जैसे कि हाथ या पैर में कमजोरी
  • नाक या कान से साफ़ तरल पदार्थ का निकलना (यह मस्तिष्कमेरु द्रव (cerebrospinal fluid) हो सकता है, जो आमतौर पर मस्तिष्क को घेरता है)
  • एक काली आंख, आंख के आसपास कोई अन्य क्षति नहीं
  • एक या दोनों कान से खून बहना
  • एक या दोनों कान में अचानक बहरापन

डॉक्टरी सलाह कब लें (When to seek medical advice)

यदि आपको या आपकी देखभाल में रह रहे किसी को सिर में चोट लगी हो, जिसके कारण मस्तिष्काघात हुआ हो और फिर निम्नलिखित में से कोई भी संकेत और लक्षण विकसित हुआ हो, तो एहतियात के तौर पर यह सलाह दी जाती है कि आप अपने निकटतम आपातकालीन विभाग में जाएँ:

  • बेहोशी, जिससे फिर व्यक्ति ठीक हो जाता है
  • भूलने की बीमारी (याददाश्त खोना), जैसे कि यह याद रखने में सक्षम न होना कि चोट से पहले या बाद में क्या हुआ
  • चोट के बाद से लगातार सिरदर्द
  • चोट लगने के बाद से लगातार उल्टी होना
  • व्यवहार में परिवर्तन, जैसे चिड़चिड़ापन, आसानी से विचलित हो जाना या बाहरी दुनिया में कोई दिलचस्पी न होना - पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में यह विशेष रूप से एक सामान्य संकेत है
  • भ्रम की स्थिति
  • उनींदापन जो एक घंटे से अधिक समय तक चलता है जिस वक़्त आप आमतौर पर जागते हों
  • समझने या बोलने में समस्याएँ
  • संतुलन की कमी या चलने में समस्याएँ

ऐसे कई कारक हैं जो आपको सिर की चोट के प्रभावों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाते हैं:

यह भी सलाह दी जाती है कि जो कोई भी नशे में हो या जिसने मनोरंजन के लिए मादक पदार्थों का सेवन किया हों, अगर उनके सिर में चोट लगी हो, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें मस्तिष्काघात (concussion) हुआ हो, तो उन्हें अस्पताल ले जाया जाए। उनके आसपास रहने वाले दूसरे लोगों से अधिक गंभीर चोट के संकेतों और लक्षणों का छूट जाना अक्सर आसान होता है।

मस्तिष्काघात के कारण (Causes of concussion)

मस्तिष्काघात तब होता है जब सिर पर झटके या दबाव से मस्तिष्क के उस हिस्से में अचानक व्यवधान पैदा हो जाता है जिसे रेटिक्युलर एक्टिवेटिंग सिस्टम (reticular activating system) (RAS) के रूप में जाना जाता है।

RAS आपके मस्तिष्क के बीच में स्थित होता है और आपकी जागरूकता और चेतना को नियंत्रित करने में मदद करता है। यह एक फिल्टर के रूप में भी काम करता है जिसके ज़रिए आप आवश्यक विवरणों पर ध्यान केंद्रित करके महत्वहीन जानकारी को अनदेखा कर पाते हैं।

उदाहरण के लिए, आपका RAS इन कामों में आपकी सहायता करता है:

  • आवश्यकतानुसार सोने और जागने में
  • जब शोर वाले हवाई अड्डे में आपकी उड़ान का नाम लिया जा रहा हो तो अचानक सुनने में
  • जब आप किसी समाचार पत्र या समाचार वेबसाइट को जल्दी-जल्दी देख रहे हों, तो आपकी रुचि वाले समाचार आइटम को नोटिस करने में

मस्तिष्काघात होने लायक गंभीर सिर की चोट के दौरान, आपका मस्तिष्क थोड़े समय के लिए अपनी सामान्य स्थिति से दूर चला जाता है। यह घुमाव मस्तिष्क कोशिकाओं की उन विद्युत गतिविधियों को बाधित करता है जो RAS को बनाती हैं, जो बदले में मस्तिष्काघात (concussion) से जुड़े लक्षणों को ट्रिगर करता है, जैसे:

ज़्यादा खतरा

मस्तिष्काघात के तीन मुख्य कारण हैं:

  • सड़क दुर्घटना का शिकार होना
  • अचानक लड़खड़ाना या गिरना
  • खेल या अन्य मनोरंजक गतिविधियों में भाग लेना

मस्तिष्काघात के औसत से अधिक जोखिम वाली गतिविधियों में शामिल हैं:

  • रग्बी
  • फुटबॉल
  • साइकिल चलाना
  • मुक्केबाजी
  • मार्शल आर्ट, जैसे कराटे या जूडो

अधिकांश डॉक्टरों का तर्क होगा कि नियमित रूप से इन खेलों में भाग लेने के शारीरिक लाभ मस्तिष्काघात के संभावित जोखिम से अधिक हैं। लेकिन यह केवल तभी है जब आप (या आपका बच्चा) हेलमेट जैसे उपयुक्त उपकरण पहनें, और एक ऐसे उपयुक्त प्रशिक्षित रेफरी, अंपायर या ट्रेनर द्वारा निर्देशित किए जाएँ जिसे मस्तिष्काघात का निदान और उपचार करने में अनुभव हो।

इसका अपवाद मुक्केबाजी है, क्योंकि अधिकांश डॉक्टर, विशेषकर जो सिर की चोटों का इलाज करते हैं, उनका कहना है कि मुक्केबाजी से जुड़े गंभीर मस्तिष्क की चोट के जोखिम अस्वीकार्य रूप से अधिक हैं और इस खेल को अवैध घोषित किया जाना चाहिए।

मस्तिष्काघात का निदान (Diagnosing concussion)

मस्तिष्काघात की प्रकृति के कारण, अधिकांश निदान या तो आपातकालीन विभाग में किए जाते हैं, या दुर्घटना स्थल पर एक पैरामेडिक द्वारा, या एक खेल कार्यक्रम में प्रशिक्षित अधिकारी द्वारा किए जाते हैं।

निदान करने वाला व्यक्ति यह जाँचने के लिए सावधानीपूर्वक शारीरिक परीक्षण करेगा कि क्या कोई अधिक गंभीर मस्तिष्क की चोट के ध्यान देने योग्य संकेत और लक्षण हैं, जैसे कि कान से खून बह रहा है, यह भी सुनिश्चित करेगा कि श्वास अप्रभावित है।

यदि आप होश में हैं, तो आपसे पूछताछ की जाएगी ताकि आपकी मन: स्थिति (विशेष कर आपकी याददाश्त) का आकलन किया जा सके।

संभावित प्रश्नों में शामिल हैं:

  • हम कहाँ है?
  • मस्तिष्काघात से पहले आप क्या कर रहे थे?
  • क्या आप वर्ष के महीनों को उल्टे क्रम में दोहरा सकते हैं?

आपको 'फिंगर- नोज-फिंगर’ (finger-nose-finger) के नाम से जाने जाने वाली जाँच को आजमाने के लिए कहा जा सकता है। जाँच करने वाला व्यक्ति अपनी एक उंगली आपके सामने रखेगा। आपको उनकी उंगली को छूने और फिर जितनी जल्दी हो सके अपनी नाक की नोक को छूने करने के लिए कहा जाता है।

यह जाँच इसका आकलन करने का एक अच्छा तरीका है कि मस्तिष्काघात का आपके संतुलन और समन्वय पर क्या प्रभाव पड़ा है।

यदि आप बेहोश हैं, तो एहतियात के तौर पर जब तक अन्यथा साबित नहीं हो जाता, यह मान लेने की सलाह दी जाती है कि आपको गर्दन या रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट है। इसलिए यह सलाह दी जाती है कि आप तब तक न हिलें जब तक कि एक विशेष ब्रेस को आपकी गर्दन और रीढ़ के चारों ओर फिट न कर दिया जाए।

इसी तरह, यदि आप एक ऐसे व्यक्ति को देखते हैं जो बेहोश है, तो उन्हें हिलाने का कोई प्रयास न करें जब तक कि वे तत्काल शारीरिक खतरे में न हों। इसके बजाय, एम्बुलेंस के लिए डायल करें और पैरामेडिक्स आने तक उनके साथ प्रतीक्षा करें।

आगे की जाँच (Further testing)

कुछ परिस्थितियों में, यदि कोई ऐसे संकेत या लक्षण हैं जो आपके मस्तिष्क को अधिक गंभीर चोट की ओर इशारा करते हैं, तो आगे के परीक्षण की सिफारिश की जा सकती है। मस्तिष्क की संदिग्ध चोट के लिए सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला परीक्षण एक कम्प्यूटरीकृत टोमोग्राफी (सीटी) स्कैन (computerised tomography (CT) scan) है।

हालांकि, अगर यह लगता है कि आपने अपनी गर्दन की हड्डियों को नुकसान पहुंचाया है, तो नुकसान का तुरंत आकलन करने के लिए एक्स-रे का उपयोग किया जा सकता है। जहां तक संभव हो 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर सीटी स्कैन करने से बचा जाता है, लेकिन कुछ मामलों में आवश्यक हो सकता है (नीचे देखें)।

एक सीटी स्कैन आपकी खोपड़ी के अंदर से बहुत सारे एक्स-रे लेता है और कंप्यूटर का उपयोग करके उन्हें एक साथ जोड़ता है। जो छवि बनती है वह आपकी खोपड़ी और मस्तिष्क के अंदर का एक क्रॉस-सेक्शन बनाती है।

वयस्क (Adults)

आमतौर पर उन वयस्कों में सीटी स्कैन की सलाह दी जाती है, जिन्हें:

  • बोलने, निर्देशानुसार काम करने या अपनी आँखें खोलने में लगातार समस्याएँ हैं
  • जिनमें ऐसे संकेत और लक्षण हैं जो बताते हैं कि खोपड़ी के तल में फ्रैक्चर है, जैसे कि नाक या कान से बहता हुआ साफ़ तरल पदार्थ, या आँखों के ऊपर और नीचे बहुत गहरे धब्बे (‘पांडा आईज/panda eyes')
  • जिन्हें चोट लगने के बाद दौरा पड़ा हों
  • जिन्हें चोट लगने के बाद एक से अधिक बार उलटी हुई हो
  • जो चोट से पहले 30 मिनट से अधिक की घटनाओं को याद करने में असमर्थ हों
  • जिनमें न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के कोई संकेत हों, जैसे शरीर के कुछ हिस्सों में कुछ महसूस न होना, संतुलन और चलने में समस्या, और दृष्टि में लगातार परिवर्तन

उन वयस्कों के लिए भी सीटी स्कैन की सिफारिश की जाती है जिन्होंने चोट के बाद कुछ देर बेहोश होने या थोड़ी याददाश्त खोने का अनुभव किया है और जो:

  • 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के हैं
  • जिन्हें एक ऐसी समस्या है जिससे उन्हें अनियंत्रित रक्तस्राव हो सकता है जैसे खून के थक्कों का विकार (उदाहरण के लिए, हीमोफिलिया (haemophilia)) या एंटीकोआगुलेंट दवा वारफारिन लेना
  • जो एक विशेष रूप से गंभीर दुर्घटना में घायल हो गए हों, जैसे सड़क दुर्घटना या एक मीटर से अधिक की ऊंचाई से गिरना

बच्चे (Children)

आमतौर पर उन बच्चों में सीटी स्कैन की सलाह दी जाती है, जो:

  • जिन्होंने पांच मिनट से अधिक समय तक बेहोश रहे हों
  • जो यह याद करने में असमर्थ हों कि चोट के पहले या बाद में क्या हुआ और ऐसा पांच मिनट से अधिक समय तक रहा हो
  • जो असामान्य रूप से सुस्त हों
  • जो चोट लगने के बाद से तीन या उससे अधिक बार बीमार हुए हों
  • जिन्हें चोट के बाद दौरे पड़े हों
  • जिन्हें बोलने, निर्देशानुसार काम करने या अपनी आँखें खोलने में लगातार समस्याएँ हों
  • जिनमें कोई ऐसे संकेत हों कि खोपड़ी उनके मस्तिष्क पर जोर डाल रही है, जैसे कि उनके सिर में असामान्य सूजन
  • जिनमें ऐसे संकेत और लक्षण हैं जो यह बताते हैं कि खोपड़ी के आधार में फ्रैक्चर है जैसे कि 'पांडाज़ आईज (panda eyes)'
  • न्यूरोलॉजिकल समस्या (मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करने वाली समस्याएं) के कोई संकेत हों
  • जो एक पैदल यात्री, साइकिल चालक या यात्री के रूप में एक उच्च गति वाली सड़क दुर्घटना में घायल हो गए हों
  • तीन मीटर से अधिक की ऊंचाई से गिर गए हों
  • क्रिकेट की गेंद जैसी तेज़ गति वाली वस्तु से घायल हो गए हों

सीटी स्कैन की सलाह आमतौर पर एक वर्ष से कम उम्र के उन बच्चों के लिए भी की जाती है, जिनके सिर पर 5 सेमी (2 इंच) से बड़ा घाव, सूजन या कट होता है।

मस्तिष्काघात का इलाज (Treatment for concussion)

कई ऐसी खुद ही देखभाल करने की तकनीकें हैं जिनका उपयोग आप हल्के मस्तिष्काघात के लक्षणों से राहत पाने के लिए कर सकते हैं। यदि अधिक गंभीर लक्षण विकसित होने लगते हैं, तो तत्काल इलाज करवाएं।

मस्तिष्काघात के हल्के लक्षणों के लिए कुछ खुद ही देखभाल करने की कुछ तकनीकें नीचे बताई गई हैं।

  • सूजन को कम करने में मदद करने के लिए सिर की चोट पर बर्फ लगाएँ। बर्फ को सीधे अपने खोपड़ी पर न लगाएँ क्योंकि इससे त्वचा को नुकसान पहुँच सकता है। इसके बजाय, बर्फ को वॉशक्लॉथ या तौलिए में लपेटें। इसके अलावा मटर जैसी जमी हुई सब्जियों के बैग का इस्तेमाल किया जा सकता है। हर दो से चार घंटों में बर्फ लगाएं और उसे 20-30 मिनट के लिए छोड़ दें।
  • दर्द को नियंत्रित करने के लिए पेरासिटामोल (paracetamol) लें। गैर-स्टेरायडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवा (non-steroidal anti-inflammatory drug) (NSAID) जैसे दर्द निवारक, जैसे कि आईबुप्रोफेन (ibuprofen) या एस्पिरिन (aspirin) का उपयोग न करें, क्योंकि ये कभी-कभी चोट की जगह पर रक्तस्राव का कारण बन सकते हैं।
  • पर्याप्त आराम करें और, जहां तक संभव हो, तनावपूर्ण स्थितियों से बचें।
  • किसी भी तरह की शराब पीने या मनोरंजन के लिए मादक पदार्थ लेने से बचें।
  • काम पर, कॉलेज या स्कूल में केवल तभी लौटें जब आपको लगे कि आप पूरी तरह से ठीक हो गए हैं।
  • कार या बाइक केवल तभी चलाएँ जब आपको लगे कि आप पूरी तरह से ठीक हो गए हैं।
  • अपने डॉक्टर से बात किए बिना कम से कम तीन सप्ताह तक कोई भी संपर्क वाले खेल जैसे कि फुटबॉल या रग्बी न खेलें (खेल में वापसी के बारे में अधिक जानकारी के लिए नीचे देखें)।
  • यदि आप बाद में होने वाले अधिक गंभीर लक्षणों का अनुभव करते हैं तो सुनिश्चित करें कि चोट लगने के बाद पहले 48 घंटों तक आपके साथ रहने के लिए कोई हो (नीचे देखें)।

दोबारा सलाह कब लेनी है (When to seek follow-up advice)

कभी-कभी प्रारंभिक चोट लगने के कई घंटों या संभवतः कई दिनों के बाद तक मस्तिष्क की अधिक गंभीर चोट के लक्षण नहीं होते हैं।

इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आप उन संकेतों और लक्षणों के लिए सतर्क रहें जिनसे ये पता चले कि अधिक गंभीर चोट आई है।

यदि आप या आपकी देखभाल में रह रहे किसी भी व्यक्ति में नीचे सूचीबद्ध कोई भी लक्षण दिखता है, तो अपने निकटतम आपातकालीन विभाग में जल्द से जल्द जाएं:

  • बेहोशी या होश में नहीं रह पाना, जैसे आपकी आँखें खुली रखने में समस्याएं
  • मानसिक भ्रम जैसे कि यह भूल जाना आप कौन हैं या कहाँ हैं
  • कोई भी उनींदापन जो तब एक घंटे से अधिक समय तक चलता है जिस वक़्त आप आमतौर पर जागते हों
  • समझने या बोलने में कोई समस्या
  • संतुलन की कोई कमी या चलने में समस्याएँ
  • एक या दोनों हाथों या पैरों में कोई कमज़ोरी
  • आँखों की रोशनी की कोई समस्या
  • एक बहुत ही दर्दनाक सिरदर्द जो दूर नहीं हो
  • कोई उल्टी
  • कोई भी दौरा
  • कान या नाक में से साफ़ द्रव्य बाहर आना
  • एक या दोनों कान से खून बहना
  • एक या दोनों कानों में अचानक बहरापन

खेल में लौटना (Returning to sports)

खेल-संबंधी सबसे आम चोटों में से एक होने के बावजूद, इस सलाह के बारे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई सहमति नहीं है, कि मस्तिष्काघात (concussion) के बाद रग्बी जैसे संपर्क वाले खेल खेलने के लिए लौटना कब सुरक्षित होता है।

अधिकांश राष्ट्रीय खेल संघ और संगठन एक 'चरण-दर-चरण’ तरीका अपनाने की सलाह देते हैं जहाँ आप तब तक प्रतीक्षा करते हैं जब तक आप लक्षणों से मुक्त नहीं हो जाते हैं और फिर निम्न स्तर की शारीरिक गतिविधियों को फिर से शुरू करते हैं। यदि लक्षण वापस नहीं आते हैं, तो आप गतिविधि के आगे के स्तर तक कदम बढ़ा सकते हैं।

यदि लक्षण फिर भी नियंत्रण में हैं, तो स्तरों के माध्यम से आगे बढ़ना जारी रखें, अंत में खेलों में वापस लौटें।

खेल चिकित्सा के विशेषज्ञों के 2008 के एक सम्मेलन ने इन चरणों की सिफारिश की:

  • लक्षण खत्म होने तक पूरा आराम करें।
  • हल्के एरोबिक व्यायाम करें जैसे चलना और साइकिल चलाना।
  • खेल-विशिष्ट व्यायाम जैसे फुटबॉल या रग्बी के लिए रनिंग ड्रिल (लेकिन ऐसी कोई गतिविधि नहीं जिसमें सिर पर प्रभाव शामिल हो)।
  • गैर-संपर्क वाला प्रशिक्षण जैसे फुटबॉल के लिए पासिंग ड्रिल।
  • शारीरिक संपर्क जैसे टैकलिंग सहित पूरा प्रशिक्षण।
  • खेल में लौटें।

प्रत्येक चरण में 24 घंटे लगने चाहिए, इसलिए यदि आप लक्षण-मुक्त हैं तो आपको एक सप्ताह के भीतर खेलना शुरू करने में सक्षम हो जाना चाहिए।

यदि आपको लक्षणों की वापसी का अनुभव होता है, तो 24 घंटों के लिए आराम करें, पिछले चरण पर जाएं, और फिर से बढ़ने का प्रयास करें।

बचाव (Prevention)

कई सामान्य सावधानियाँ ऐसी हैं जिन्हें आप अपने मस्तिष्काघात के जोखिम को कम करने के लिए ले सकते हैं।

इन सावधानियों में शामिल हैं:

  • रग्बी या मुक्केबाज़ी जैसे संपर्क वाले खेल में हिस्सा लेते समय हमेशा सुझाए गए उपकरण पहनें
  • सुनिश्चित करें कि आप या आपके बच्चे जिस किसी भी संपर्क वाले खेल में हिस्सा ले रहे हैं, उसका संचालन एक योग्य और प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा किया जाए
  • कार में ड्राइविंग करते समय हमेशा सीट बेल्ट पहनें
  • मोटरसाइकिल हेलमेट पहनें - यदि आप इस देश में मोटरसाइकिल चला रहे हैं तो यह एक कानूनी नियम है
  • साइकिल हेलमेट पहनें - यह कानूनी नियम नहीं है, लेकिन कई प्रमुख संगठनों द्वारा साइकिल हेलमेट की सलाह दी गई है, जैसे रॉयल सोसाइटी फॉर द प्रिवेंशन ऑफ एक्सीडेंट

इस तथ्य को कम महत्व देना भी आसान है कि घर पर या बगीचे में गिरने या फिसलने के कारण, विशेषकर बूढ़े लोगों में मस्तिष्काघात के कितने मामले होते हैं। नीचे दिए गए कुछ या सभी सुझावों का पालन करने से आपके घर और बगीचे को यथासंभव सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

  • सीढ़ियां साफ रखें ताकि आप किसी भी चीज़ पर फिसलें या अटके नहीं
  • किसी भी प्रकार के DIY करते समय उपयुक्त सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करें
  • एक लाइट बल्ब को बदलने के लिए उपयुक्त उपकरण का उपयोग करें - जैसे कि सीढ़ी
  • किसी को फिसलने से रोकने के लिए गिरी हुई वस्तु को साफ करें

अधिक जानकारी के लिए, रॉयल सोसाइटी फॉर द प्रिवेंशन ऑफ एक्सीडेंट्स की वेबसाइट पर जाएं।

जटिलताएँ (Complications)

पोस्ट-कंकशन सिंड्रोम (Post-concussion syndrome/PCS) शब्द का उपयोग उन लक्षणों का वर्णन करने के लिए किया जाता है, जो मस्तिष्काघात के बाद कई हफ्तों या महीनों तक रह सकते हैं।

पोस्ट-कंकशन सिंड्रोम (Post-concussion syndrome)

PCS अच्छी तरह से समझा नहीं गया है और इसके निदान को लेकर विरोधाभास है। विशेष रूप से, शोध में पाया गया है कि PCS के रिपोर्ट किए गए मामलों की दर उन देशों में बहुत अधिक है जहां दुर्घटना के बाद वित्तीय मुआवजा प्राप्त करने की संभावना है।

विशेषज्ञ इस बात से सहमत नहीं हो सकते हैं कि मस्तिष्काघात की समस्या से कितने लोगों में ये जटिलताएँ विकसित होंगी। अनुमान व्यापक रूप से 30% से 90% तक लगाए जा सकते हैं।

PCS का सटीक कारण ज्ञात नहीं है।

एक सिद्धांत यह है कि PCS मस्तिष्क में एक रासायनिक असंतुलन का परिणाम है, जो उस प्रारंभिक चोट के कारण उत्पन्न होता है, जिसके कारण मस्तिष्काघात हुआ है।

एक अन्य सिद्धांत बताता है कि पीसीएस वास्तव में प्रारंभिक चोट की एक भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक प्रतिक्रिया हो सकती है; संभवतः पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (post-traumatic stress disorder) (PTSD) का एक मामूली रूप। ऐसा मुख्य रूप से इसलिए भी क्योंकि इनके कई साझा लक्षण हैं।

PCS के लक्षण (Symptoms of PCS)

पीसीएस PCS के लक्षण तीन मुख्य श्रेणियों में आते हैं:

  • शारीरिक
  • मनोवैज्ञानिक
  • संज्ञानात्मक (किसी व्यक्ति की सोचने की क्षमता को प्रभावित करना)

PCS के शारीरिक लक्षणों में शामिल हैं:

  • सिरदर्द - अक्सर माइग्रेन की तरह वर्णन किया जाता है, जिसमें इसके कारण सिर के सामने या एक तरफ धड़कता हुआ दर्द होता है
  • चक्कर आना
  • चमकदार रोशनी के प्रति संवेदनशीलता
  • जोर की आवाजों के प्रति संवेदनशीलता
  • कान में घंटियाँ बजना - इसके लिए चिकित्सा शब्द टिनिटस (tinnitus) है 
  • धुंधली दृष्टि
  • थकान  
  • गंध और स्वाद का खो जाना या बदल जाना
  • PCS के मनोवैज्ञानिक लक्षणों में शामिल हैं:
  • अवसाद
  • चिंता
  • चिड़चिड़ापन 
  • ऊर्जा की कमी और आपके आसपास की दुनिया में रुचि न होना
  • अचानक और अनुपयुक्त भावनाओं का प्रकोप, जैसे कि हंसी के दौरे पड़ना या बिना किसी स्पष्ट कारण के रोना

PCS के संज्ञानात्मक लक्षणों में शामिल हैं:

  • एकाग्रता में कमी
  • भूलना 
  • नई जानकारी सीखने में कठिनाई
  • तर्क के साथ कठिनाइयां

PCS का इलाज

PCS के लक्षणों के लिए कोई विशिष्ट इलाज नहीं है, हालांकि माइग्रेन के इलाज के लिए उपयोग की जाने वाली कई दवाएं सिरदर्द के इलाज में भी प्रभावी साबित हुई हैं।

एंटीडिप्रेसेंट (Antidepressants) और मनोचिकित्सा (psychotherapy) जैसे बातचीत वाले इलाज मनोवैज्ञानिक लक्षणों जैसे अवसाद और चिंता को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं।

PCS के अधिकांश मामले तीन से छह महीने के भीतर हल हो जाएंगे और 10 में से केवल एक व्यक्ति में एक साल के बाद भी लक्षण होंगे।

NHS के मूल कॉन्टेंट का अनुवादHealthily लोगो
क्या यह लेख उपयोगी था?

महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।