एपीडीडीमिटिस(Epididymitis)

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हर एक अंडकोष के पीछे एक कोएल्ड ट्यूब होती है, जिसे एपीडीडीमिस (epididymis) कहते हैं, इस में शुक्राणु जमा होते हैं।

जब इस नलिका में जलन होती है(दर्द, गर्माहट या सूजन ) तो इसे एपीडीडीमिटिस (epididymitis) कहते हैं।

अमूमन एपीडीडीमिटिस(epididymitis) संक्रमण से ही होता है और इसमें एंटीबायोटिक्स की जरुरत हो सकती है। इसके लक्षणों के स्पष्ट होने में कई हफ्तों का वक्त लग सकता है।

अगर टेस्टिकल में भी जलन होती है तो इसे एपिडीडिमो-ऑर्काइटिस (epididymo-orchitis) कहते हैं।

एपीडीडीमिटिस के लक्षण क्या हैं?

एपीडीडीमिटिस (epididymitis) में अचानक एक या दोनों अंडकोषों में तेज दर्द होता है। अंडकोश की थैली नर्म, गर्म और सूजी हुई महसूस हो सकती है।

अंडकोषों के इर्दगिर्द एक तरल(हाइड्रोसील) बन सकता है , जो थक्का, गांठ या सूजन जैसा महसूस होता है।

कभी-कभी इससे लिंग के सिरे से स्राव भी हो सकता है। इसका मतलब है कि इसका कारण कोई यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) हो सकता है।

कभी-कभी आपको पेशाब करने में दिक्कत हो सकती है या फिर बार-बार पेशाब आ सकता हो सकता है । इसका मतलब इसका कारण मूत्र पथ का संक्रमण हो सकता है।

अगर आपको लगता है कि आपको ये लक्षण हैं तो अपने डॉक्टर को दिखाने की जरुरत है। जिससे इसके कारण की पड़ताल हो सके और इसका इलाज किया जा सके।

टेस्टिकल में मरोड़

वृषण या टेस्टिकल में दर्द का कारण जानना काफी मुश्किल हो सकता है। आपको ये जानना होगा कि इस दर्द के पीछे कारण एपिडिडायमिटस है या फिर कहीं ज्यादा गंभीर स्थिति एपिडीडिमो-ऑर्काइटिस (epididymo-orchitis) हैI

वृषण मरोड़ का मतलब है कि शुक्राणू नली (वो नली जो वीर्यकोष या अंडकोषों में रक्त पहुंचाती है) बुरी तरह मुड़ चुकी है। इसे जल्द से जल्द इलाज की जरुरत है। इसलिए अगर आपको अपने वृषण में दर्द को लेकर किसी भी तरह का कोई भी शक है तो आपको फौरन किसी डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

एपीडीडीमिटिस के कारण क्या हो सकते हैं?

एपीडीडीमिटिस (epididymitis) के पीछे ज़्यादातर ये वजह होती हैं:

  • क्लैमाइडिया (chlamydia) या गोनोरिया (gonorrhoea) जैसा कोई यौन संचरित संक्रमण(एसटीआई) या यूटीआई या मूत्र पथ का संक्रमण
  • महिलाओं की तुलना में यूटीआई(UTI) पुरुषों में कम प्रचलित है। पुरषों में यूटीआई बढ़ी हुई पौरुष ग्रन्थि के द्वारा मूत्राशय के दबने से या फिर लिंग के अंदर कैथेटर(तरल पदार्थों के निकलने के लिए डाली जाने वाली नली) डालने के कारण या फिर जननांग या पौरुष ग्रन्थि या मूत्राशय की हालिया शल्य चिकित्सा के कारण हो सकता है।

किसी भी उम्र के पुरुष को एपीडीडीमिटिस (epididymitis) हो सकता है।

अन्य असामान्य कारण

कभी कभी एपीडीडीमिटिस (epididymitis) के पीछे ये कारण हो सकते हैं:

  • मम्प्स
  • ट्यूबरकोलोसिस(TB)
  • अमिओडैरोन(Amiodarone)  का रोज़ाना ज्यादा मात्रा में सेवन (सामान्य तौर पर इस दवाई को अनियमित हृदय गति के लिए लिया जाता है।)
  • ज्यादा वजन उठाने या दबाव पड़ने पर या बड़ी हुई पौरुष ग्रन्थि के कारण मूत्र का वापस एपीडीडीमिस (epididymis) में जाना।
  • ग्रोइन में कोई चोट
  • बेसेट की बीमारी(Behçet's disease)

जब कारण का पता नहीं लगता तो अज्ञातकारण एपीडीडीमिटिस (epididymitis) कहा जाता है।

इसकी रोग पहचान कैसे की जाती है?

डॉक्टर को जलन और संक्रमण के चिन्ह का पता लगाने के लिए आपके जननांग का शारीरिक निरीक्षण करना होगा।

एपीडीडीमिटिस (epididymitis) के छिपे हुए कारण का पता लगाने के लिए आपको इसकी जरुरत पड़ सकती है:

  • क्लैमाइडिया (chlamydia) या गोनोरिया (gonorrhoea) की जांच के लिए आपके स्राव का नमूना लेने के लिए आपके लिंग के अंदर एक स्वेब या रुई का फाहा डाला जाता है
  • मूत्र और रक्त की जांच
  • मलाशय की जांच, जिसमें आपका डॉक्टर दस्ताना पहनकर आपके नीचे से एक उंगली डालकर जांच करता है कि कहीं आपकी पौरुष ग्रन्थि में तो कोई समस्या नहीं है।
  • वृषण मरोड़ की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड(एक चिकित्सकीय आपातकाल जिसमें वीर्यकोष या टेस्टिकल बुरी तरह मुड़ जाता है।)

इसका इलाज कैसे होता है?

आराम और दर्दनिवारक दवाओं के जरिए

आराम और दर्दनिवारक दवाओं के जरिए

यदि आप में एपीडीडीमिटिस (epididymitis) पाया गया है तो आपको बिना पर्ची के मिलने वाली दर्द निवारक दवाएं लेने और आराम करने की जरुरत है। इसमें जलन जैसी अनुभूति भी हो सकती है इस लिए इबूप्रोफेन की सलाह भी दी जा सकती है।

इससे भी मदद मिल सकती है:

  • अपने अंडकोश की थैली को ऊपर की ओर रखकर बिस्तर पर लेट जाएं।
  • अंडकोश सहायक पहनें
  • अपने जननांग पर ठंडी थैली लगाएं। जमी हुई मटर को चाय के तौलिए में लपेट कर इस्तेमाल कर सकते हैं।

एंटीबायोटिक्स

अगर छिपा हुआ कारण संक्रमण है तो आपको प्रतिजैविक या एंटीबायोटिक्स की जरुरत हो सकती है। इसके बारे में और पढ़ें।

यदि आप क्लैमाइडिया(chlamydia) या गोनोरिया(gonorrhoea) से पीड़ित हैं तो आपको तब तक अपने साथी के साथ यौन संबंध नहीं बनाने होंगे जब तक आपका और आपके साथी का इलाज पूरा ना हो जाए।

महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।