10th February, 20214 min read

प्रोबायोटिक्स को काम करने में कितना समय लगता है?

मेडिकल समीक्षा के साथ

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यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है। यह Caroline Bodian द्वारा लिखा गया है और Dr Adiele Hoffman ने इसकी मेडिकल समीक्षा की है।

पेट का खराब होना इस बात का संकेत है कि आपकी आंत में बैक्टीरिया का असंतुलन हो गया है। शोधों से पता चला है कि प्रोबायोटिक्‍स, जिन्हें 'अच्छा' या 'फ्रेंडली' बैक्टीरिया कहा जाता है, वो आंत में होने वाले असंतुलन को ठीक करने और असहजता से आराम प्रदान करता है। ऐसे भी प्रमाण मिले हैं कि प्रोबायोटिक्स एंटीबायोटिक्‍स लेने के दौरान डायरिया को होने से बचाता है, और इरिटेबल बॉवल सिंड्रोम (आईबीएस) के लक्षणों को कम करने में मदद करता है।

प्रोबायोटिक्स जीवित बैक्टीरिया होते हैं जिन्हें अक्सर दही में प्राकृतिक रूप से मिलाया या पाया जाता है या पूरक के रूप में लिया जाता है। सभी प्रोबायोटिक्स एक जैसे नहीं होते हैं और बैक्टीरिया के कुछ स्‍ट्रेन, कुछ स्थितियों के लक्षणों को कम करने के लिए विशिष्ट होते हैं। उदाहरण के लिए, आईबीएस के उपचार के लिए उपयोग किए जाने वाले सबसे आम प्रोबायोटिक्स में लैक्टोबैसिली (Lactobacilli) और बिफीडो बैक्टीरिया (Bifidobacteria) नामक बैक्टीरिया स्‍ट्रेन से आते हैं।

प्रोबायोटिक्स को दवा के बजाय एक फूड के रूप में वर्णित किया जाता है, जिसका अर्थ है कि इन्‍हें दवा के रूप में एक सख्त तौर पर नहीं लिया जाता है। प्रोबायोटिक्स लेना सुरक्षित विकल्प है अगर आप पूरी तरह से स्वस्थ हैं और आपका इम्‍यून सिस्‍टम अच्‍छा है - अगर आप सुनिश्चित नहीं हैं तो अपने डॉक्टर से बात कीजिए।

प्रोबायोटिक्स को काम करने में कुल कितना समय लगता है?

प्रोबायोटिक्स के संभावित लाभों का अनुभव करने के लिए, आपको आमतौर पर उन्हें नियमित रूप से, सही मात्रा में और कम से कम 4 सप्ताह की अवधि तक लेने की आवश्यकता होती है। पेट का अम्ल, प्रोबायोटिक्स के लिए कठिन वातावरण बनाता है जिससे वो ज्यादा देर तक जीवित नहीं रह पाते हैं, इसलिए प्रोबायोटिक्‍स को लंबे समय तक लेने से अधिक संभावना है कि वे जीवित रहेंगे और शरीर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

प्रोबायोटिक्स किन खाद्य पदार्थों में पाया जाता है?

प्रोबायोटिक्‍स को अक्सर सप्‍लीमेंट्स के तौर पर लिया जाता है, लेकिन कुछ खाद्य पदार्थों में यह प्राकृतिक रूप से भी पाया जाता है जिनमें शामिल होते हैं:

  • दही या योगर्ट: इसमें जीवित कल्‍चर्स पैकेज में मौजूद होते हैं।
  • केफिर: यह एक प्रकार का फर्मेंटेड मिल्क होता है जो पीया जा सकता है।
  • कोम्बुचा: यह एक प्रकार की फर्मेंटेड मीठी चाय होती है।
  • किमची: तीखी, फर्मेंटेड बंद गोभी की डिश होती है।

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प्रीबायोटिक और प्रोबायोटिक के बीच क्‍या अंतर होता है?

प्रीबायोटिक्स 'अच्छे’ बैक्टीरिया के लिए भोजन की तरह होते हैं। वे स्वस्थ बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं और लहसुन, प्याज, लीक, शतावरी और आर्टिचोक जैसे खाद्य पदार्थों में पाए जा सकते हैं।

कुछ सप्लीमेंट्स में प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स का संयोजन होता है - इन्हें सिनबायोटिक्स कहा जाता है।

क्‍या प्रोबायोटिक सभी के लिए सुरक्षित है?

जबकि शोध बताते हैं कि प्रोबायोटिक्स आईबीएस, दस्त, कब्ज और अल्सरेटिव कोलाइटिस के लिए सहायक हो सकते हैं, वे सभी के लिए उपयुक्त नहीं हो सकते हैं।

कुछ लोगों में, सेप्सिस का थोड़ा जोखिम होता है। उदाहरण के लिए, यदि आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली अच्छी नहीं है या आपकी अभी सर्जरी हुई है, तो प्रोबायोटिक्स लेने से जोखिम पैदा हो सकता है। आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करने वाली स्थितियों में कैंसर और एचआईवी शामिल हो सकती हैं। अपने डॉक्टर से बात करें यदि आप अनिश्चित हैं कि प्रोबायोटिक्स आपके लिए सही हैं या नहीं।

प्रोबायोटिक्स के साइड इफेक्ट की वजह से ब्‍लोटिंग या गैस बनने की समस्या होती है जब आप इसका सेवन करना शुरू करते हैं। साइड इफेक्ट थोड़े दिनों तक ही रहते हैं, हालांकि अगर लक्षण लगातार बने रहते हैं तो खुराक कम कर देनी चाहिए। यदि साइड इफेक्ट बने रहते हैं तो अपने डॉक्टर से बात करें या प्रोबायोटिक्‍स लेना बंद कर दें।

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मुख्‍य बिंदु (Key points)

प्रोबायोटिक्स (probiotics) पेट में होने वाली असहजता और आंत में होने वाले संतुलन को बनाएं रखता है।

प्रोबायोटिक्स कुछ प्रकार के खाद्य में पाया जाता है जैसे - दही और किमची, या इसे सप्लीमेंट के तौर पर भी लिया जा सकता है।

प्रोबायोटिक्स को खाद्य के रूप में वर्गीकृत किया जाता है न कि दवा के रूप में।

आपको किसी भी संभावित लाभ के लिए कम से कम 4 सप्ताह तक प्रोबायोटिक्स की सही खुराक लेनी चाहिए।
जिन लोगों का इम्‍यून सिस्‍टम मजबूत नहीं होता है उन्हें प्रोबायोटिक्स लेने से थोड़ी समस्या हो सकती है।

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महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।