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पेट का हर्निया (हाइटस हर्निया/Hiatus Hernia)

मेडिकल समीक्षा के साथ

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यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है।

हाइटस हर्निया क्या है? (What is hiatus hernia?)

जब पेट के ऊपर का भाग, डायाफ्राम के छेद (हाइटस) से निकलकर सीने के हिस्से में चला जाता है, तो उस स्थिति को हाइटस हर्निया (Hiatus Hernia) या हायटल हर्निया (Hiatal Hernia) कहा जाता है।

डायाफ्राम मांसपेशी की एक पतली, लम्बी झिल्ली होती है जो सीने (श्वास तंत्र) को पेट (पाचन के अंगों) से अलग करती है।

हाइटस हर्निया और सीने में जलन

हाइटस हर्निया (Hiatus Hernia) का अपना शायद ही कोई ख़ास लक्षण होता है, हालांकि इससे गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज ( gastro-oesophageal reflux disease) (GORD) की समस्या हो सकती है।

जब पेट का एसिड इसोफ़ेगस (oesophagus) यानी खाने की नली में जाने लगे तब उसे GORD कहते हैं। ऐसा तब होता है जब हाइटस हर्निया (Hiatus Hernia) की वजह से इसोफ़ेगस (oesophagus) का निचला वाल्व सही तरह से काम नहीं कर पाता है।

आपका इसोफ़ेगस पेट में बनने वाले एसिड से सुरक्षित नहीं होता है इसलिए आपके इसोफ़ेगस (oesophagus) में गंभीर परेशानी हो सकती है, जिसकी वजह से सीने में जलन, सीने में दर्द, मुंह में खट्टा सा स्वाद और निगलने में परेशानी (dysphagia) हो सकती है।

अगर आपको GORD के लक्षण लगातार और तीव्रता से महसूस हो रहे हैं तो डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए।

कौन प्रभावित होता है?

वैसे तो हाइटस हर्निया (Hiatus Hernia) किसी को भी हो सकता है लेकिन ज्यादातर ये महिलाओं, 50 की उम्र से अधिक के व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं और धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों को होता है। ऐसा अनुमान है कि 50 की उम्र से अधिक के एक तिहाई व्यक्तियों को हाइटस हर्निया (Hiatus Hernia) की समस्या होती है।

हाइटस हर्निया का एक दुर्लभ प्रकार भी होता है जो नवजात बच्चों पर असर डालता है।

ये क्यों होता है?

हाइटस हर्निया किन वजहों से होता है ये पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है लेकिन पेट पर दवाब या उम्र बढ़ने से, डायाफ्राम (diaphragm) के कमज़ोर होने के कारण ऐसा हो सकता है।

पेट या डायाफ्राम के ठीक प्रकार से विकिसत ना होने की वजह से नवजात शिशुओं में हाइटस हर्निया (Hiatus Hernia) की समस्या हो सकती है।

हाइटस हर्निया के प्रकार

मुख्य रूप से हाइटस हर्निया के दो प्रकार होते हैं:

  • स्लाइडिंग हाइटस हर्निया (sliding hiatus hernias) - ये हाइटस हर्निया का सबसे सामान्य प्रकार है। (80 प्रतिशत से अधिक हाइटस हर्निया इसी प्रकार के होते हैं) हर्निया जो कि सीने के हिस्से के ऊपर और नीचे, अंदर और बाहर खिसकता है वो स्लाइडिंग हाइटस हर्निया कहलाता है।
  • पैरासोफेजियल हाइटस हर्निया (para-oesophageal hiatus hernias ) - इसे रोलिंग हाइटस हर्निया भी कहा जाता है, जब पेट का एक हिस्सा, इसोफ़ेगस के पास स्थित डायाफ्राम के छेद के माध्यम से ऊपर धकेला जाता है। (केवल 5-15% हाइटस हर्निया ही इस प्रकार के होते हैं।

ये जानकारी मुख्य रूप से स्लाइडिंग हाइटस हर्निया (siding hiatus hernias) के बारे में है।

इस प्रकार के हाइटस हर्निया को आमतौर पर एक्स रे(x-ray) या फिर एंडोस्कोपी( endoscopy) के ज़रिए पहचाना जा सकता है, जिसे एक नली जैसे लम्बे उपकरण को वीडियो कैमरा और प्रकाश स्त्रोत के साथ इस्तेमाल किया जाता है।

हाइटस हर्निया के निदान के बारे में और पढ़ें।

हाइटस हर्निया का इलाज

स्लाइडिंग हाइटस हर्निया (sliding hiatus hernias) का इलाज आमतौर पर GORD के लक्षणों जैसे पेट मे जलन से राहत देने पर केंद्रित है।

जीवनशैली में बदलाव और दवाइयाँ इसके मुख्य उपचार हैं। लंबे वक्त तक चलने वाली दवाओं के विकल्प के तौर पर या फिर इलाज के सही तरह से काम ना करने पर ही सर्जरी की सलाह दी जाती है।

जीवनशैली से जुड़ी सलाह में ये बातें शामिल की जा सकती हैं:

  • दिन में तीन बार ज्यादा खाना खाने की जगह कम अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा खाना
  • खाने या पीने के बाद तीन घंटे तक लेटने से बचे (सोने के लिए भी ना जाए)
  • अपनी डाइट से उन खाद्य या पेय पदार्थों को हटा लें जो आपके लक्षणों को और बढ़ा रहे हों
    • अगर आपको हाइटस हर्निया से कोई ध्यान देने योग्य दिक्कत नहीं हो रही है तो आमतौर पर इसका इलाज करवाने की ज़रूरत नहीं पड़ती
  • पैरासोफेजियल हाइटस हर्निया (para-oesophageal hiatus hernias ) का सर्जरी से उपचार तभी किया जाता है जब गंभीर जटिलताओं का खतरा हो

हाइटस हर्निया (Hiatus hernia) के उपचार के बारे में और पढ़ें।

आगे की समस्याएं

हाइटस हर्निया से किसी भी प्रकार की जटिलता का होना वैसे दुर्लभ है लेकिन पेट के एसिड के लीक होने की वजह से इसोफ़ेगस को लंबे समय में नुकसान पंहुच सकता है; जिनमें अल्सर, घाव और इसोफ़ेगस की कोशिकाओं में होने वाले बदलाव शामिल हैं, जिससे आप में इसोफ़ेगस (oesophagus) कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

हाइटस हर्निया (Hiatus hernia) की जटिलताओं के बारे में और पढ़ें।

हाइटस हर्निया का परीक्षण

हाइटस हर्निया का निदान आमतौर पर एंडेस्कोपी या एक्स- रे के बाद किया जाता है। इस जांच को अस्पताल में करवाने के लिए डॉक्टर आपको अपॉइटमेंट देंगे।

एंडेस्कोपी (endoscopy)

एंडेस्कोपी (endoscopy) की प्रक्रिया में, आपके शरीर के अंदर की जांच एंडोस्कोप (endoscope) के ज़रिए की जाती है। एंडोस्कोप एक लंबी, पतली, लचीली ट्यूब होती है जिसके एक छोर पर प्रकाश स्त्रोत और वीडियो कैमरा होता है, जिससे बाहरी मॉनिटर को इमेज भेजी जाती है।

किसी भी समस्या को जानने के लिए, एंडोस्कोप (endoscope) आपके मुंह में और नीचे आपके गले में डाली जाएगी।

ये प्रक्रिया आमतौर पर तब होती है जब आप जग रहे होते हैं। हालांकि आपको सिडेटिव (sedative) दिया जा सकता है, जिससे आपको आराम महसूस हो।

बेरियम मील एक्स-रे (barium meal X-ray)

बेरियम मील एक्स-रे , जिसे बेरियम निगलने वाला परीक्षण (barium swallow test) भी कहा जाता है, हाइटस हर्निया (Hiatus hernia) को पहचानने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है।

परीक्षण में आपसे बेरियम सल्यूशन पीने के लिए कहा जाएगा। बेरियम एक नॉन-टॉक्सिक (non toxic) रसायन है जो कि एक्स-रे में साफ तौर पर दिखाई देता है। एक बार जब बेरियम नीचे की ओर आपके पाचन तंत्र में जाता है तो फिर किसी भी समस्या की पहचान के लिए लगातार कई एक्स-रेज़ की जाती है।

अगर आपको बेरियम मील एक्स-रे करवाने की ज़रूरत पड़ती है तो इससे कम से कम 6 घंटे पहले कुछ भी खाने और पीने की मनाही रहेगी, ताकि प्रकिया शुरू होने से पहले आपका पेट और ग्रहणी (duodenum - छोटी आंत का ऊपरी हिस्सा) खाली हो। आपके पाचन तंत्र की मांसपेशियों को आराम देने के लिए आपको इंजेक्शन दिया जा सकता है।

आपको लेटने से पहले एक सफेद, चूने जैसा बेरियम युक्त लिक्विड पीने के लिए दिया जाएगा। इससे विशेषज्ञ एक्स-रे मॉनिटर पर आपका पेट, साथ ही किसी अल्सर या फिर असमान्य वृद्धि को आसानी से देख पाएगा। टेस्ट के दौरान हो सकता है आपके बिस्तर को हल्का सा झुका दिया जाए ताकि बेरियम पेट के सभी हिस्सों में फैल सके।

बेरियम स्वालो (barium swallow) टेस्ट को होने में तकरीबन 15 मिनट लगते हैं। उसके बाद आप पहले की तरह ही खा और पी पाएंगे, हालांकि अपने शरीर से बेरियम को निकालने के लिए आपको ज्यादा पानी पीना पड़ सकता है।

बेरियम मील एक्स-रे (barium meal X-ray) के बाद आपको थोड़ी उबकाई आ सकती है। साथ ही बेरियम की वजह से कब्ज़ की समस्या हो सकती है। इसके अलावा आपका मल भी कुछ दिनों तक सफेद हो सकता है, जब बैरीयम बाहर निकले।

हाइटस हर्निया का इलाज

हाइटस हर्निया का इलाज सिर्फ तब ही ज़रूरी है जब इससे कोई समस्या हो रही हो।

हाइटस हर्निया के ज्यादातर मामलों में लोगों को परेशानी सिर्फ तब ही महसूस होती है जब हर्निया की वजह से गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (gastro-oesophageal reflux disease) (GORD) हो। GORD की वजह से पेट में जलन और मुंह में खराब स्वाद जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।

जीवनशैली में बदलाव और दवाईयां ही इसका मुख्य इलाज है हालांकि लंबे वक्त तक चलने वाली दवाइयों से छुटकारा पाने के लिए या फिर जब बाकी उपचार काम ना कर रहे हो, तब सर्जरी के विकल्प का इस्तेमाल किया जा सकता है।

जीवनशैली में बदलाव

हाइटस हर्निया (hiatus hernia) के कारण होने वाले GORD के लक्षणों से राहत के लिए खुद की देखभाल करने वाली कई तकनीकों का सहारा लिया जा सकता है। जैसे:

  • दिन में तीन बार भोजन की जगह कम अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा खाना

  • खाने या पीने के बाद तीन घंटे तक लेटने से बचे (सोने के लिए भी ना जाए)

  • रात के समय शराब पीने से बचें

  • अपनी डाइट से उन खाद्य या पेय पदार्थों को हटा लें जो आपके लक्षणों को और बढ़ा रहे हों

  • अगर अल्कोहल, कैफीन, चॉकलेट, टमाटर, फैटी फूड्स, मसालेदार खाना और एसिडिक फूड या पेय पदार्थ (जैसे कि सिट्रस फ्रूट जूस) आपके लक्षणों को और बढ़ा रहे हैं तो इनका सेवन करने से बचे

  • झुकने और झुककर बैठने से बचे, खासकर कुछ खाने या पीने के बाद ऐसा बिल्कुल ना करें

  • अपने बिस्तर के सिरहाने के नीचे लकड़ी का टुकड़ा या फिर ब्लॉक्स रखकर इसे करीब 20 सेमी (8 इंच) ऊपर करें, इसके लिए अतिरिक्त तकियों का इस्तेमाल ना करें क्योंकि इससे आपके पेट पर दवाब बढ़ सकता है

  • अगर आपका वजन ज्यादा है तो वजन कम करके भी आप अपने लक्षणों की गंभीरता को कम कर सकते हैं

  • अगर आप धूम्रपान करते हैं, तो इसे रोक दें, तम्बाकू का धुआँ आपके पाचन तंत्र में परेशानी पैदा कर सकता है, साथ ही ये आपके लक्षणों को और बदतर कर सकता है

दवा

हाइटस हर्निया के लक्षणों को ठीक करने के लिए कई तरह की दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है; जिनका विवरण नीचे दिया गया है।

Antacids (एंटासिड्स)

एंटासिड दवाइयां हाइटस हर्निया के कुछ लक्षणों में राहत दे सकती हैं। ये लिक्विड या फिर टेबलेट के रूप में आती है, जिसे निगला या चबाया जा सकता है। ये इसोफ़ेगस और पेट में पहुँच एसिड के प्रभाव को कम कर पेट के अम्ल को बेअसर करती हैं।

हालांकि, एंटासिड्स (antacids) सभी के लिए फ़ायदेमंद नहीं होते हैं। ये लंबे वक्त तक चलने वाला उपाय नहीं है, खासकर तब जब आपके लक्षण कायम रहे और आप अत्यधिक परेशानी में हो।

एंटासिड्स किसी और दवा के साथ नहीं लेनी चाहिए क्योंकि ये हमारे शरीर को द्वारा दूसरी दवाइयों को सही तरह से सोखने से रोक सकती हैं। ये कुछ तरह की दवाइयों की खास परत को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं। अपने डॉक्टर या दवा के जानकार से सलाह लें।

एलिग्नेट्स (Alginates)

एलिग्नेट्स एंटासिड्स की जगह ली जाने वाली वैकल्पिक दवा है। इनका काम एक सुरक्षात्मक आवरण का निर्माण करना है, जो आपके पेट की परत और इसोफ़ेगस की पेट के एसिड से बचाव करता है।

H2-receptor antagonists (एच-2 रिसेप्टर एंटागोनिस्ट्स)

जब हाइटस हर्निया की वजह से GORD की समस्या हो रही हो, तो कुछ मामलों में, H2-receptor antagonists (एच-2 रिसेप्टर एंटागोनिस्ट्स) (H2RA) लेने की सलाह दी जा सकती है। सिमेडिटाइन (cimetidine), फैमोटिडाइन (famotidine) और रैनिटिडाइन (ranitidine) H2RAs के उदाहरण हैं।

H2RAs , हिस्टामाइन (Histamine) रसायन के प्रभाव को कम करता है, जिसका इस्तेमाल आपका शरीर पेट के एसिड को बनाने के लिए करता है। H2RAs इस प्रकार आपके पेट में अम्ल की मात्रा कम करता है।

H2RAs के साइड इफेक्ट बहुत ही असामान्य हैं। हालांकि संभावित दुष्प्रभावों में दस्त, सिरदर्द, थकान और त्वचा पर होने वाले चकत्ते शामिल हैं।

कुछ H2RAs दवाई की दुकानों पर बिना पर्ची के मिल जाते हैं। इन H2RAs की खुराक उन H2RAs से कम मात्रा में ली जाती है जो डॉक्टर के पर्चे पर मिलते हैं। ये दवाईयां आपके लिए उपयुक्त हैं या नहीं, अगर आप इस बात को लेकर निश्चित नहीं हैं तो अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट की सलाह ज़रूर लें।

प्रोटॉन-पंप इनहिबिटर (पीपीआई) (Proton-pump inhibitors (PPIs))

डॉक्टर आपको प्रोटॉन-पंप इनहिबिटर (पीपीआई) नामक दवा लेने की सलाह भी दे सकते हैं। PPIs का काम आपके पेट के एसिड को कम करने का होता है। जो PPIs आपको दी जा सकती है उनके कुछ उदाहरण हैं - ओम्प्राजोल (omeprazole), लैंसोप्राजोल (lansoprazole), रबप्राजोल (rabeprazole) और एसोमप्राजोल (esomeprazole)

अधिकांश लोगों में PPI सही तरह से काम करती है और इसके साइड इफेक्ट्स बहुत ही सामान्य रूप से देखने को नहीं मिलते हैं। अगर कोई दुष्प्रभाव होते भी हैं तो वो बहुत हल्के होते हैं। जैसे कि सिरदर्द, दस्त, बीमार महसूस करना या फिर कब्ज़

आपको होने वाले दुष्प्रभावों को कम करने के लिए डॉक्टर आपको PPIs की सबसे कम खुराक लेने की सलाह देंगे जो उनके हिसाब से प्रभावी होगी। अगर PPIs की जो खुराक आपको दी जा रही है, वो आपको फायदा नहीं कर रही है तो आपको ये बात अपने डॉक्टर को बतानी होगी। हो सकता है आपको इससे अधिक खुराक की ज़रूरत हो।

प्रोकिनेटिक्स (Prokinetics)

अगर आपके लक्षण किसी तरह के उपचार से ठीक नहीं हो रहे हैं तो डॉक्टर कुछ समय के लिए आपको प्रोकिनेटिक्स (Prokinetics) की खुराक लेने की सलाह दे सकते हैं। प्रोकिनेटिक्स

दवाइयों के उदाहरण डोमपरिडोन (domperidone) और मेटोक्लोप्रामाइड (metoclopramide) हैं।

प्रोकिनेटिक्स आपके पेट के खाली होने की गति को बढ़ते हैं। जिसका मतलब ये है कि पेट के एसिड की आपके इसोफ़ेगस में परेशानी पैदा करने की सम्भावना कम हो जाती है।

जो लोग प्रोकिनेटिक्स लेते हैं उनमें से कुछ लोगों को एक्स्ट्रा पिरामिडिकल लक्षण (extrapyramidal symptoms) हो सकता है। एक्स्ट्रा पिरामिडिकल लक्षण संभावित दुष्प्रभावों की एक सिरीज़ है जो आपके तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर सकती है और जिसमें निम्न लक्षण शामिल हैं:

  • मांसपेशियों में ऐंठन
  • मुंह को पूरा खोलने में परेशानी
  • जीभ को मुंह से बाहर निकालने की प्रवृत्ति
  • अस्पष्ट बोलना
  • शरीर की मुद्रा में असमान्य परिवर्तन

अगर आपको प्रोकिनेटिक्स लेते वक्त ऊपर दिए गए लक्षण महसूस हो रहे हैं तो इसे लेना तुरंत रोक दें और अपने डॉक्टर से तुरंत सम्पर्क करें। वो आपको दवाई बंद करने की सलाह दे सकते हैं। दवाई छोड़ने के 24 घंटे के अंदर ये लक्षण दिखने बंद हो जाने चाहिए।

प्रोकिनेटिक्स आमतौर पर 20 साल से कम उम्र तक नहीं दी जाती है, क्योंकि उनमें एक्स्ट्रा पिरामिडिकल लक्षणों का अधिक खतरा होता है।

सर्जरी

स्लाइडिंग हाइटस हर्निया में सर्जरी की सलाह केवल तब दी जाती है जब जीवनशैली में बदलाव और दवाइयों से परेशानी दूर ना हो।

अगर आपको लगातार होने वाले और परेशानी वाले लक्षण हैं और आप लम्बे समय तक दवाईयां नहीं लेना चाहते हैं तो भी आप सर्जरी करवा सकते हैं।

इसोफ़ेगस कितनी अच्छी तरह से हिलता है (manometry) है और कितने एसिड का प्रतिवाह हो रहा है (24-hour oesopageal pH studies), ये जानने के लिए आपको सर्जरी से पहले कुछ और जांच की ज़रूरत पड़ सकती है।

लेप्रोस्कोपिक निसेन फंडोप्लिकेशन (LNF) (Laparoscopic nissen fundoplication)

लेप्रोस्कोपिक निसेन फंडोप्लिकेशन (LNF), GORD और स्लाइडिंग हाइटस हर्निया के उपचार में काम में आने वाली सबसे प्रभावी सर्जरी तकनीकों में से एक है।

LNF एक प्रकार की कीहोल सर्जरी है जिसमें आपके पेट में छोटे-छोटे कट्स की एक शृंखला बनाई जाती है। सर्जन को आपके पेट में अपना काम करने की जगह मिल सके इसके लिए कॉर्बन डाई ऑक्साइड का इस्तेमाल कर आपके पेट को फुलाया जाता है।

LNF के दौरान, पेट को वापस सही स्थिति में कर दिया जाता है और इसोफ़ेगस के निचले हिस्से के पास डायाफ्राम (diaphragm) को कस दिया जाता है।

ये आपके पेट से किसी भी तरह से एसिड को बाहर आने से रोकता है।

LNF सामान्य एनेसथेटिक (general anaesthetic) के प्रभाव में किया जाता है, ताकि आपको किसी तरह का दर्द महसूस ना हो। इस सर्जरी को पूरा होने में 60-90 मिनट लगते हैं।

LNF होने के बाद अधिकतर लोग, सामान्य एनेसथेटिक के प्रभाव से बाहर निकलने के बाद हॉस्पिटल से घर जा सकते हैं। ये सामान्य रूप से 2 से 3 दिनों में होता है। आप किस तरह की नौकरी करते हैं, इस को ध्यान में रखते हुए आप तीन से छह हफ्तों के अंदर काम पर वापस लौट सकते हैं।

सर्जरी के बाद पहले 6 हफ्ते आपको सिर्फ मुलायम खाना जैसे कि बहुत ही छोटे टुकड़ों में बंटा खाना, उबले आलू या फिर सूप लेने की सलाह दी जाती है।

टोस्ट, चिकन या मांस का टुकड़ा जो कि सर्जरी के स्थान पर अटक सकता है, इसे खाने से बचें।

LNF के सामान्य साइड इफेक्ट्स में निगलने में परेशानी (dysphagia) , उबकाई आना, सूजन और पेट फूलना शामिल है।

ये दुष्प्रभाव कुछ महीनों में कम हो जाने चाहिए। हालांकि 100 में से एक मामले में ये लक्षण बरक़रार रह सकते हैं। ऐसी परिस्थितियों में, आगे सुधार के लिए एक सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।

पैरा इसोफ़ेगल हाइटस हर्निया (Para-oesophageal hiatus hernia)

अगर आपको पैरा इसोफ़ेगल हाइटस हर्निया है जहां आपका पेट इसोफेगस के बगल में स्थित डायाफ्राम के छेद से ऊपर की ओर धकेला जाता है। हर्निया के स्ट्रैंगुलेट (strangulate) होने के खतरे को कम करने के लिए सर्जरी की सलाह दी जा सकती है।

हाइटस हर्निया के खतरों की और जानकारी के लिए देखें।

हाइटस हर्निया से होने वाली जटिलताएं

हाइटस हर्निया से होने वाली जटिलताएँ वैसे तो काम ही देखने को मिलती है, पर ये खतरनाक हो सकती हैं।

हाइटस हर्निया जो छाती के हिस्से के अंदर बाहर स्लाइड करता है , उससे gastro-oesophageal reflux disease (GORD) की समस्या हो सकती है। इस स्थिति में पेट का एसिड इसोफ़ेगस (gullet) में रिसता है। ये नीचे दी गई परेशानियों का खतरा बढ़ाते हुए इसोफेगस को नुकसान पहुंचा सकता है।

ग्रासनलीय अल्सर (Oesophageal ulcers)

पेट में बनने वाले एसिड की वजह से एसोफ़ेगस (oesophagitis) की परत को होने वाले नुकसान के चलते अल्सर हो सकते हैं। इन अल्सर (छालों) में से खून आ सकता है, दर्द हो सकता है और निगलने में परेशानी हो सकती है।

अल्सर का इलाज GORD के बुनियादी लक्षणों को नियंत्रित कर सफलतापूर्वक किया जा सकता है। ज्यादातर मामलों में बिना पर्ची के मिलने वाली दवाइयों जैसे एंटासिड्स या एलिग्नेट्स के इस्तेमाल से स्थिति को ठीक किया जा सकता है।

GORD के इलाज के बारे में और जानें

एसोफेगल स्ट्रिक्चर (Oesophageal stricture)

इसोफ़ेगस (खाने की नली) की परत पर बार-बार होने वाली क्षति से स्कार टिस्सु बन सकते हैं औऱ अगर इनको बढ़ने दिया जाए तो ये इसोफ़ेगस को संकरा कर सकते हैं। इसी को एसोफेगल स्ट्रिक्चर कहते हैं।

एसोफेगल स्ट्रिक्चर से खाने को निगलने में परेशानी और दर्द हो सकता है। एसोफेगल स्ट्रिक्चर का इलाज एक छोटे से गुब्बारे की सहायता से इसोफ़ेगस को पतला करने के लिए किया जाता है। ये प्रक्रिया आमतौर पर लोकल एनीस्थेटिक (local anaesthetic) के प्रभाव में होती है।

बैरेट इसोफेगस और कैंसर (Barrett's oesophagus and cancer)

इसोफेगस को बार-बार होने वाले नुकसान से निचले इसोफेगस की परत की कोशिकाओं में बदलाव हो सकता है। इस स्थिति को बैरेट इसोफेगस (Barrett's oesophagus) कहा जाता है।

जो लक्षण GORD के साथ जुड़े हुए हैं उनके अतिरिक्त, बैरेट इसोफेगस (Barrett's oesophagus) में कोई ध्यान देने योग्य लक्षण नहीं होते हैं।

हालांकि बैरेट इसोफेगस (Barrett's oesophagus) इसोफेगल कैंसर के विकसित होने के खतरे को बढ़ा सकता है।

स्टैंनगुलेटेड हर्निया (Strangulated hernia)

कुछ मामलों में, हाइटस हर्निया पेट के एक हिस्से को इसोफेगस को बगल में धकेलने की वजह बन सकता है। इसे पैरा इसोफ़ेगल हाइटस हर्निया (Para-oesophageal hiatus hernia) कहते हैं। GORD सामान्य रूप से इन मामलों में नहीं होती है लेकिन हर्निया के स्ट्रैंनगुलेटेड होने का खतरा ज़रूर बढ़ जाता है।

स्ट्रैंगुलेशन तब होता है जब हर्निया गंठीला हो जाता है और उस हिस्से में खून का प्रवाह बंद हो जाता है। इस परेशानी को दूर करने के लिए तत्काल रूप से सर्जरी की ज़रूरत होती है।

NHS के मूल कॉन्टेंट का अनुवादHealthily लोगो
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महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।