COVID-19: नवीनतम सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक करें

×
19 min read

जननांग के मस्से (Genital warts)

मेडिकल समीक्षा के साथ

स्वास्थ्य संबंधी सभी लेखों की चिकित्सीय सुरक्षा जांच की जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जानकारी चिकित्सकीय रूप से सुरक्षित है। अधिक जानकारी के लिए हमारी सम्पादकीय नीति देखें।

जननांग के मस्से क्या है?

जननांग के मस्सों में छोटे मांस के टुकड़ों का बढ़ना, गांठ और त्वचा का बदलना शामिल है जो कि जननांग या मल द्वार के इर्द-गिर्द दिखाई दे सकते हैं।

जननांग के मस्से बहुत सामान्य है।

जननांग के मस्से मानव शरीर में ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) के कारण होने वाले वायरल त्वचा संक्रमण की वजह से होते हैं। यह आमतौर पर दर्द रहित होते हैं और स्वास्थ्य पर कोई गंभीर असर नहीं डालते। हालांकि यह कुरूप दिखाई दे सकते हैं और मनोवैज्ञानिक कुंठा की वजह बन सकते हैं।

जननांग के मस्सों के लक्षणों के बारे में अधिक जानें।

मानव पेपिलोमावायरस (एचपीवी)

ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) केवल एक विषाणु नहीं है बल्कि 100 से ज्यादा भिन्न प्रकार के विषाणुओं का परिवार है।

ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) संक्रमण के अधिकांश मामलों में कोई भी साफ़ लक्षण दिखाई नहीं देते। जननांग के मस्सों के 90 फीसदी के आसपास सारे मामले में दो तरह के वायरस के स्ट्रेन्स होते हैं - टाइप 6 और टाइप 11।

ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) के अन्य स्ट्रेन्स के कारण सर्विकल कैंसर हो सकता है इस स्थिति के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए सेरविकल कैंसर के बारे में पढ़ें।

जननांग के मस्से कैसे फैलते हैं?

जननांग के मस्से योनि और गुदा मैथुन के दौरान और यौन क्रिया में प्रयोग होने वाले खिलौनों से फैल सकते हैं। हालांकि संक्रमण फैलाने के लिए पेनिट्रेटिव सेक्स की जरूरत नहीं है क्योंकि ह्यूम पेपिलोमावायरस (एचपीवी) त्वचा के दूसरी त्वचा के संपर्क में आने से भी फैल सकता है। जननांग के मस्सों के अधिक कारणों को जानने के बारे में पढ़ें।

ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) से संक्रमण के बाद मस्सों को बनने में एक साल से ज्यादा का समय लग सकता है। इसलिए यदि आप किसी संबंध में है और आपको जननांग के मस्से हो गए हैं तो इसका यह मतलब नहीं है कि आपका साथी अन्य व्यक्तियों के साथ यौन संबंध बनाए हुए हैं।

पहले से ही मस्से होने पर ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) का दूसरे लोगों में फैलना ज्यादा आम है, हालांकि वायरस को मस्सों के बनने से पहले और उनके जाने के बाद भी लोगों में फैलाना सम्भव है।

कंडोम पूरी सुरक्षा प्रदान नहीं करता क्योंकि इसके प्रयोग के बाद भी यह संभव है कि आपके जननांग के आसपास का क्षेत्र (जिसका कंडोम बचाव नहीं करता) संक्रमित हो जाए।

जननांग के मस्सों की रोकथाम के लिए और पढ़ें।

जननांग के मस्सों का इलाज

अगर आप सोचते हैं कि आपको जननांग मस्से हैं तो किसी अच्छे स्वास्थ्य विशेषज्ञ से मिलें, क्योंकि इन्हें इलाज की जरूरत हैI

बिना पर्ची के मिलने वाले मस्से के मलहम काम नहीं करेंगे क्योंकि यह केवल शरीर के अन्य हिस्सों जैसे कि हाथों में प्रयोग किए जाने वाले मलहम के रूप में ही रूपांकित किया गया है।

आप अपने स्थानीय यौन-रोग स्वास्थ्य केंद्र या

जेनिटोयूरिनरी (जीयूएम) दवा चिकित्सालय पर भी जा सकते हैं।

मलहम और क्रायथेरेपी (cryotherapy) (मस्सों को जमाना) कई सारे उपचार उपलब्ध हैं और इनकी सफलता की दर भी काफी अच्छी है। हालांकि कुछ उपचार अपना पूरा प्रभाव दिखाने में 3 महीने से ज्यादा का समय ले सकते हैं।

अगर आप में जननांग मस्सों के लक्षण पहचाने जा चुके हैं तो आपको सुझाव दिया जाता है कि जब तक आप के मस्से पूरी तरीके से ठीक ना हो जाए , आप यौन क्रिया ना करें। इसमें गुदा मैथुन और मुख मैथुन शामिल है। यह संक्रमण को आपसे दूसरों में फैलने की रोकथाम में मदद करेगा। यह आपके ठीक होने की रफ्तार को बढ़ा देगा।

जननांग के मस्सों के इलाज के बारे में और पढ़ें।

कौन प्रभावित होता है?

यौन क्रियाओं में सक्रिय युवाओं और किशोरों में जननांग के मस्से सबसे ज्यादा सामान्य है। 20 से 24 साल की उम्र के पुरुषों में और 16 से 19 साल के बीच की महिलाओं में जननांग मस्सों के होने की अधिक संभावना है।

लक्षण

जननांग के मस्से ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) संक्रमण होने के बाद आमतौर पर 2 से 3 महीनों के अंतराल में दिखाई देने शुरू होते हैं, परंतु एचपीवी संक्रमण और मस्सों के दिखाई देने की बीच में 1 साल से ऊपर का समय लगने की सूचना भी मिली है।

महिलाओं में आमतौर पर जननांग मस्सों की शुरुआत छोटी, सख्त महसूस होने वाली गांठ से होती है जो बाद में बड़ी हो जाती हैं। पुरुषों में होने वाले जननांग मस्से हाथों पर होने वाले मस्सों की तरह ही दिखाई देते हैं। (दृढ़ और खुरदरी सतह के साथ बढ़ते हुए)।

एक आदमी को एक या झुंड में कई सारे मस्से हो सकते हैं जो फूलगोभी की तरह दिखते हैं और एक साथ बढ़ते हैं ।

यह मस्से आमतौर पर दर्द रहित होते हैं यद्यपि कुछ लोगों में खुजली और असहजता जैसे लक्षण हो सकते हैं खास तौर पर जब मस्से गुदाद्वार(पीछे के हिस्से) के आसपास बनने लगें।

कुछ लोगों को यौन क्रिया के दौरान मस्सों से खून का रिसाव महसूस होता है। हालांकि मस्से पूरी तरह ठीक होने तक आपको यौन क्रियाएं ना करने का सुझाव दिया जाता है। जननांग मस्सों के इलाज के लिए अधिक जानकारी के लिए पढ़ें।

ऐसे मस्से जो मूत्रमार्ग के आसपास या अंदर बनते हैं वह मूत्र के बहाव को बाधित कर सकते हैं। मूत्रमार्ग या यूरेथ्रा एक नली है जो मूत्राशय से जुड़ी होती है जिसके द्वारा मूत्र विसर्जन किया जाता है।

महिलाओं में मस्से

महिलाओं में जननांग मस्सों के बनने के सबसे ज्यादा सामान्य क्षेत्र हैं:

  • योनि मुख के आसपास (योनि का खुलने वाला द्वार), जननांग मस्सों के तीन में से दो मामलों में दिखाई देते हैं।
  • योनि के अंदर, तीन में से एक मामले में दिखाई देते हैं।
    योनि और मलद्वार के बीच में, तीन में से एक मामले में मिलते हैं।
  • मलद्वार के आसपास, चार में से एक मामले में दिखाई देते हैं।
  • ग्रीवा पर (कोख की गर्दन पर) 10 में से एक मामला मिलता है।
  • मूत्र मार्ग के द्वार पर, 25 में से एक मामला देखा गया है।

पुरुषों में मस्से

पुरुषों में जननांग मस्सों के बनने के सबसे ज्यादा सामान्य क्षेत्र हैं:

  • लिंग के अग्रभाग पर, आमतौर पर लिंग के अग्रभाग को ढकने वाली त्वचा के बिल्कुल नीचे, इसमें सभी मामलों में से आधे मामलों में यह पाया जाता है।
  • मलद्वार के आसपास, तीन में से एक मामला पाया जाता है।
  • शिश्न (लिंग के सिरे पर) 10 में से एक मामला पाया जाता है।
  • मूत्रमार्ग के अंदर, 10 में से एक मामला पाया जाता है।
  • लिंग को ढकने वाली त्वचा के नीचे, 12 में से एक मामला मिलता है।
  • मलद्वार और अंडकोष के बीच में (एक थैला जिसमें वीर्यकोश रहते हैं), 30 में से एक मामला देखने को मिलता है।
  • अंडकोष पर, इसमें 100 में से एक मामला मिलता है।

चिकित्सा सुझाव की जरूरत कब है।

अगर आपको जननांग मस्सों का शक है तो आपको हमेशा सुझाव के लिए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। इसके तीन कारण हैं:

ऐसे लोग जो स्वास्थ्य विशेषज्ञ नहीं है वह इस समस्या को पहचानने में गलती कर सकते हैं। जो जननांग मस्सों के लिए गंभीर समस्या हो सकती है। इसलिए रोग की चिकित्सीय पहचान पर जोर दिया जाता है।

जननांग मस्सों के सभी इलाजों में चिकित्सा निर्देश की आवश्यकता होती है इसलिए आपको उपचार के समय चिकित्सा निर्देश की आवश्यकता पड़ सकती है।

कुछ इलाज उपयुक्त प्रशिक्षण ले चुके चिकित्सा कर्मियों और चिकित्सकों के द्वारा ही किए जाने चाहिए।

जननांग में मस्सों के क्या कारण हैं?

जननांग में मस्से मानव पेपिलोमावायरस (एचपीवी) के कारण होते हैं।

एचपीवी ऐसे तंतुओं को निशाना बनाते हैं जिन्हें त्वचा पर और बहुत से शरीर के गुहाओं के आवरण पर पाया जाता है और इनको उपकला तंतु (एपिथेलियल, epithelial) कहा जाता है, जैसे :

  • महिलाओं की जननेंद्रिय, इसमें योनि योनि मुख और कोख मुख शामिल हैं
  • मलद्वार
  • मुंह में

ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) (एचपीवी) केवल अकेला विषाणु नहीं बल्कि 100 से ऊपर के विभिन्न प्रकार के विषाणु स्ट्रेंस या उपभेदों का का पूरा परिवार है।

एचपीवी संक्रमण के ज्यादातर मामलों में किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए बिना लोगों के जाने एचपीवी संक्रमण दूसरे लोगों में फैल सकता है।

विषाणुओं के कुछ उपभेदों के कारण जननांग मस्से होते हैं। जननांग मस्सों के सभी मामलों में से लगभग 90% मामलें दो तरह की विषाणु के उपभेदों के कारण होता है जिसमें टाइप 6 और टाइप 11 प्रकार के विषाणु स्ट्रेंस शामिल है।

एचपीवी संक्रमण के फैलने का सबसे आसान तरीका यौन संबंधों के दौरान आपस में संपर्क में आने से होता है।

यौन क्रियाओं के अन्य रूपों में मुख के द्वारा, गुदा द्वारा, ना वेधने वाला जननांग से जननांग के संपर्क जैसे रूप शामिल हैं। इसकी वजह से ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) संक्रमण एक दूसरे में फैल सकता है‌।

दुर्लभ तौर पर एक मां अपने होने वाले बच्चे को जन्म देने के दौरान मानव पेपिलोमावायरस (एचपीवी) से संक्रमित कर सकती है।

अन्य संभावित कारण

एचपीवी मस्सो की समस्या से पीड़ित व्यक्ति अगर अपने हाथों द्वारा किसी अन्य व्यक्ति के जननांगों को छूता है तो इससे भी संक्रमण फैल सकता है यद्यपि इसके बारे में कोई ठोस सबूत नहीं मिलते हैं।

अन्य सिद्धांत के अनुसार ऐसी वस्तुओं के संपर्क में आने से जो पहले से ही ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) से संक्रमित हों तो यह संक्रमण फैल सकता है जैसे कि बिस्तर और तौलिया।

जननांग के मस्सों की पहचान

अगर आप ऐसा सोचते हैं कि आपको जननांग के मस्से हैं तो अपने स्थानीय यौन स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

जहां एक ओर आपका चिकित्सक आपके जननांग के मस्सों को पहचानने में सक्षम होगा, यौन स्वास्थ्य क्लीनिक में आपको इसके विशेषज्ञ मिलेंगे।

परीक्षण के लिए किसे जाना चाहिए?

अगर आपको जननांग मस्सों के स्पष्ट संकेत और लक्षण दिखाई देते हैं, यदि आपके हालिया और मौजूदा यौन साथी में जननांग मस्से बन रहे हैं या अन्य कोई यौन क्रियाओं द्वारा फैलने वाला संक्रमण दिखाई देता है तो आपको जांच के लिए जाना चाहिए।

आपको तब भी जांच करवानी चाहिए यदि:

  • अगर आपने हाल ही में नए साथी के साथ असुरक्षित यौन संबंध बनाए हैं।
  • आपने और आपके साथी ने अन्य लोगों के साथ असुरक्षित यौन संबंध बनाए हैं।
    यदि आपको कोई अन्य यौन क्रियाओं द्वारा फैलने वाला संक्रमण है(एसटीआई)
  • यदि आप गर्भवती हैं या गर्भधारण की योजना बना रही हैंI

सारी जांच मुफ्त और गुप्त हैं।

जननांग के मस्सों की पहचान कैसे की जाती है?

जननांग के मस्सों की पहचान सामान्य रूप से परीक्षण द्वारा की जा सकती है। जांच के समय चिकित्सक और चिकित्सा कर्मी आपके मस्सों का परीक्षण करेंगे। हो सकता है वे इसके लिए आवर्धक लेंस का प्रयोग करें।

महिलाओं को योनि के अंदर मस्से हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में योनि के अंदर का परीक्षण करने के लिए स्पेकुलम (speculum) या वीक्षणयंत्र का प्रयोग किया जाता है जो एक विशेष रूप से रूपांतरित किया हुआ यंत्र है जिसमें प्रकाश यंत्र और दर्पण लगा होता है।

आगे का परीक्षण

आगे की परीक्षणों की जरूरत तब ही पड़ती है यदि यह समझा जाता है कि आपके मलद्वार (पीछे के भाग) या मूत्र मार्ग (एक नली जो मूत्राशय से जुड़ी होती है जिसके द्वारा मूत्र विसर्जन किया जाता है) के अंदर सामान्य से ज्यादा जननांग मस्से बनने की संभावना है।

आगे के परीक्षणों के बारे में सुझाव दिया जा सकता है यदि:

  • यदि आपने हालिया तौर पर गुदा द्वारा यौन संबंध बनाए हैं जिसमे आप निष्क्रिय साथी थे
  • यदि आपके मलद्वार के आसपास मस्से हैं
  • आपको अपने मलद्वार और मूत्र मार्ग से खून का रिसाव महसूस होता है
  • यदि आपका सामान्य मूत्र का बहाव विकृत हो गया है

मलद्वार के अंदर का परीक्षण एक विशेष धातु के यंत्र द्वारा किया जा सकता है जिसे मलाशयदर्शी (प्रॉक्टोस्कोप/proctoscope) कहते हैं। मलाशयदर्शी एक प्रकार की धातु की नली है जिसमें लेजर प्रकाश यंत्र और आवर्धक लेंस लगा होता है।

एक इसी तरह के औजार को अंतःदर्शक यंत्र (एंडोस्कोप) कहा जाता है (यह एक पतली लचीली नली होती है जिसके अंत में एक कैमरा लगा होता है) इसका प्रयोग मूत्र द्वार के अंदर का परीक्षण करने के लिए किया जाता है।

जननांग के मस्सों का उपचार

जननांग मस्सों के इलाज के लिए दो मुख्य प्रकार के इलाज दिए गए हैं:

  • टोपिकल इलाज : जहां मलहम, लेप और रसायन को सीधे मस्सों पर लगाया जाता है।
  • शारीरिक अंगउच्छेदन, जहां मस्सों के तंतुओं को बाहरी दबाव से नष्ट किया जाता है जैसे कि लेजर या बिजली से।

भिन्न प्रकार के लोग जननांग मस्सों के इलाज पर अलग तरीके से प्रतिक्रिया देते हैं।

हालांकि टोपिकल/ सतही इलाज मुलायम मस्सों के लिए ज्यादा अच्छा रहता है और शारीरिक अंगउच्छेदन का प्रयोग कठोर और खुरदुरा प्रकार की मस्सों के लिए अच्छा रहता है। कभी-कभी टोपिकल/ सतही इलाज और शारीरिक अंगउच्छेदन को मिलाकर भी इलाज में प्रयोग किया जाता है।

किसी भी तरह के इलाज में मस्सों को हटाने में कुछ महीनों का समय लग सकता है। इसलिए इलाज के साथ सहनशीलता और स्थिति में खुद को मजबूत बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

टोपिकल/ सतही इलाज

जननांग मस्सों के इलाज के लिए कुछ टोपिकल/ सतही इलाज हैं जिनको नीचे विवरण दिया गया है:

पोडोफाइलोटॉक्सिन (Podophyllotoxin)

अमूमन छोटे मस्सों के समूह के इलाज के लिए पोडोफिलोटोक्सीन की सलाह दी जाती है। ये तरल अवस्था में आते हैं और मस्सों के ऊतकों के लिए टॉक्सिक (जहरीला) होते हैं।

तरल पदार्थ की सही मात्रा निकालने के लिए एक खास लगाने वाली डंडी का इस्तेमाल किया जाता है। इसे मस्से के ऊपर लगाया जाता है। जब आप मस्से पर इसे लगाएंगे तो आपको हल्की जलन महसूस हो सकती है।

पोडोफिलोटोक्सीन (Podophyllotoxin) से चक्र में इलाज किया जाता है। इलाज के पहले चक्र में तीन दिनों तक दवाई को दिन में दो बार लगाया जाता है। इसके बाद आराम का चक्र होता है जिसमें चार दिनों तक कोई दवाई नहीं लगानी होती है। ज्यादातर लोगों को चार दिनों के आराम के अवधि चक्र के साथ इलाज के चार से पांच चक्र की जरुरत होती हैI

इमिक्विमोड (Imiquimod)

इमिक्विमोड (Imiquimod) एक प्रकार का मलहम है जिसकी सलाह अमूमन बड़े मस्सों के इलाज के लिए दी जाती है।

इमिक्विमोड (Imiquimod) आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय करके उसे मस्सों के प्रति आक्रामक बना देता है। आप अपने मस्सों पर मलहम लगाने के छह से दस घंटों बाद इसे धो देते हैं। इसे हफ्ते में तीन बार करना चाहिए।

इस इलाज से आपके लक्षणों में दिखने लायक सुधार होने में कई हफ्तों का वक्त लग सकता है। इमिक्विमोड के आम दुष्प्रभाव में इन्हें सम्मिलित किया जा सकता है:

त्वचा का सख्त और परतदार होना

  • त्वचा में सूजन।
  • मलहम को लगाने के बाद जलन या खुजली।
  • सिरदर्द
    अमूमन ये दुष्प्रभाव बहुत ही हल्के होते हैं और इमिक्विमोड (Imiquimod) का इलाज के खत्म होने के दो हफ्तों के अंदर खत्म हो जाने चाहिए।

ट्राइक्लोरोएसिटिक एसिड (टीसीए, Trichloroacetic acid)

छोटे मगर बहुत सख्त मस्सों का इलाज करने के लिए ट्राइक्लोरोएसिटिक एसिड (टीसीए) के इलाज की सलाह दी जाती है। गर्भवती महिलाओं को भी टीसीए के इस्तेमाल की ही सलाह दी जाती है क्योंकि गर्भावस्था के सभी टोपिकल या सतही इलाजों में से ये इलाज उपरोक्त में से सबसे ज्यादा सुरक्षित इलाज माना जाता है।

टीसीए मस्सें के अंदर के प्रोटीन को नष्ट करते हुए काम करता है। अगर से सही से नहीं लगाया गया तो ये स्वस्थ त्वचा को भी नष्ट कर सकता है। इसलिए इसे खुद लगाने की सलाह नहीं दी जाती। अलबत्ता आपको हफ्ते में एक बार अपने नज़दीकी जेनिटोयूरिनरी दवा चिकित्सालय (जीयूएम) पर जाने की सलाह दी जाती है। जहां चिकित्सक या स्वास्थ्य कर्मी सही तरह से आपको दवाई लगा सकता है।

टीसीए के लगाने के बाद कुछ लोगों को पांच से दस मिनट तक तीव्र जलन का अहसास होता है।

शरीर से विच्छेदन करना

जननांग पर मस्सों के इलाज में विच्छेदन के लिए चार मुख्य तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है। ये निन्न लिखित हैं:

  • क्रायथेरेपी (cryotherapy)
    काटना
  • इलेक्ट्रो सर्जरी
    लेजर सर्जरी

ये इलाज कोई पेशेवर स्वास्थ्य कर्मी ही करते हैं।

क्रायथेरेपी (cryotherapy)

अमूमन लिंग के अग्रभाग पर या योनि द्वार पर उगने वाले बहुत सारे छोटे मस्सों के इलाज के लिए इसे किया जाता है।

क्रायथेरेपी (cryotherapy) में तरल नाइट्रोजन का इस्तेमाल करके मस्सों को जमा दिया जाता है। जमा देने से मस्सों के ऊपरी खोल या झिल्ली को फाड़ या नष्ट कर के उनके ऊतकों को खत्म करने में सहायता मिलती है। जमा देने के बाद मस्से को पिघलाया या नरम किया जा सकता है। जरुरत पड़ने पर इसे दोबारा जमा कर पिघलाया जाता है।

क्रायथेरेपी के दौरान आप हल्की से ज्यादा जलन महसूस कर सकते हैं। एक बार इलाज खत्म होने के बाद ऐसा हो सकता है कि आप मस्से वाली जगह पर खुजली, दर्द, फफोले या छालों का अनुभव कर सकते हैं। आपकी त्वचा को ठीक होने में एक से तीन हफ्तों का वक्त लग सकता है।

जब तक मस्से के इर्द-गिर्द की त्वचा पूरी तरह ठीक नहीं हो जाए आपको यौन क्रियाओं से बचना चाहिए।

काटना

इसमें मस्सों को काट कर अलग कर दिया जाता है। छोटे, सख्त मस्सों के इलाज के लिए इसकी सलाह दी जाती है। खासकर जहां छोटे मस्सों का मिश्रण हो जाता है और ये गोभी के फूल की आकृति बना देते हैं।

प्रक्रिया की शुरुआत में आपको एक हल्की बेहोशी की दवा देकर मस्से वाले स्थान को सुन्न कर दिया जाता है। इसके बाद शल्य चिकित्सा की छुरी के द्वारा मस्से को काट कर अलग कर दिया जाएगा। बचे हुए चीरे को टांके लगा कर सिल दिए जाता हैं।

उन्मूलन से त्वचा पर दाग पड़ सकते हैं इसलिए बड़े मस्सों का इलाज करने के लिए इसे सही नहीं माना जाता। त्वचा के जिस हिस्से से मस्से को काट कर निकाला जाता है उसमें तीन हफ्तों के लिए पीड़ा और कोमलता या पकापन हो सकता है।

जब तक मस्से के चारों तरफ की त्वचा पूरी तरह ठीक नहीं हो जाए आपको यौन क्रियाओं से बचना चाहिए।

इलेक्ट्रो सर्जरी

गुदाद्वार द्वार या योनि द्वार पर जिन बड़े मस्सों का इलाज करने में उपरोक्त बाकी इलाज असफल हो चुके होते हैं उनका इलाज अक्सर उन्मूलन/ काटना
और लेजर शल्य चिकित्सा के मिले जुले इलाज के द्वारा किया जाता है।

सबसे पहले मस्से की बाहरी सतह को हटाने के लिए उन्मूलन किया जाता है। इसके बाद धातू का फंदा बनाकर मस्से की दिशा में दबाया जाता है। इसके बाद मस्से के बचे हुए हिस्से को जला कर हटा दिया जाता है।

ज्यादा संख्या में मस्सों को इस तरह जलाना दर्दभरा हो सकता है। इसलिए आपको स्थानीय बेहोशी की दवा दी जा सकती है। (जिसके बाद गर्भावस्था में दृढ़तानिका की तरह आपकी रीढ़ के नीचे का सारा हिस्सा सुन्न हो जाता है)। या फिर आपको सामान्य बेहोशी की दवाई भी दी जा सकती है।

लेजर सर्जरी

जननांग के जिन बड़े मस्सों का इलाज अंग विच्छेदन के जरिए नहीं किया जा सकता, क्योंकि वहां तक पहुँचना मुश्किल होता है, जैसे गुदा द्वार या मूत्र मार्ग काफी गहरे अंदर (वो नली जो ब्लैडर को लिंग या योनि द्वार से जोड़ती है जिससे ), वहां बड़े मस्सों के इलाज के लिए लेजर सर्जरी की जा सकती है।

गर्भवती महिला अगर ट्राइक्लोरोएसिटिक एसिड (टीसीए) के जरिए हुए इलाज से ठीक नहीं होती तो लेजर से उसका इलाज किया जा सकता है।

इस प्रक्रिया में लेजर सर्जरी करके मस्से को जला दिया जाता है। मस्सों की संख्या और आकार के आधार पर सामान्य या लोकल बेहोशी की दवाई देने के बाद यह सर्जरी की जाती है।

बाकी अंग विच्छेदन इलाज की तरह ही आपको जहां से मस्सा हटाया जाएगा वहां पीड़ा या खुजली हो सकती है। ये दो से चार हफ्तों के बीच में ठीक हो जानी चाहिए।

जननांग पर मस्सों से कैसे बचें

कंडोम का इस्तेमाल करके जननांग पर मस्सों के विषाणुओं से बचा जा सकता है। इसके लिए एक टीका भी उपलब्ध है।

कंडोम

टीका लगवाने या फिर यौन क्रियाओं से परहेज करने के अलावा पुरुष या महिलाओं के साथ यौनि मैथुन या गुदा मैथुन करने से पहले कंडोम का इस्तेमाल करना सबसे प्रभावशाली तरीका हो सकता है।

हालांकि ये बचाव सौ फीसदी नहीं होता है। जननांग पर मस्से होना human papillomavirus विषाणुओं के द्वारा त्वचा पर संक्रमण के कारण हो सकता है। क्योंकि एचपीवी त्वचा-से त्वचा के सम्पर्क से फैलता है, इसलिए कंडोम से आपके जननांग के इर्द-गिर्द सारी त्वचा (जो कॉन्डोम से नहीं ढकी थी) का संक्रमण से बचाव नहीं होता है।

फिर भी कंडोम सबसे सुरक्षित विकल्प होता है। अगर आप मुख मैथुन कर रही हैं तो लिंग को कंडोम से ढक दीजिये। क्षीर/ लेटेक्स के बने हुए डेंटल डैम के बेहद पतला चाकोर प्लास्टिक से गुदा द्वार या महिला जननांग को ढका जा सकता है।

यौन खिलोनों को साझा करने से परहेज करें। अगर फिर भी आप करती हैं तो उन्हें इस्तेमाल करने से पहले धो दें या फिर जब भी कोई इस्तेमाल करे उस पर कंडोम चढ़ा दे।

इन मानकों को अपनाने से आप खुद को कई सारी अन्य यौन संक्रामक बीमारियों मसलन एचआईवी, क्लैमाइडिया या प्रमेह से बचा सकेंगे।

गार्डसिल टीका

गार्डसिल टीका आपको ह्यूमन papillomavirus (एचपीवी) के दो स्ट्रेंस से बचाता है जो 70 फीसदी सर्विकल कैंसर का कारण है और दो अन्य स्ट्रेंस से बचाता है जो जननांग के मस्सों के 90 फीसदी मामलों के लिए जिम्मेदार है।

बहरहाल माना जाता है कि टीका लगने के 6 सालों बाद व्यकि की रोग प्रतरोधक क्षमता कम हो जाती है।

हालांकि टीका आपको जननांग के मस्सों से काफी अच्छे स्तर का बचाव करता है मगर ये एसटीआई से कोई बचाव नहीं देता है। लिहाजा इस तरीके को कंडोम के विकल्प के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

गार्डसिल का टीका लगाए जाने की खास समयसारिणी है। दूसरी डोज पहली मात्रा के कम से कम एक महीने बाद दी जानी चाहिए। तीसरी मात्रा दूसरी मात्रा के कम से कम तीन महीनों बाद दी जानी चाहिए। ये तीनों मात्राएं 12 महीनों के अंतराल के अंदर दे देनी चाहिए।

ये टीकाकरण सुई के द्वारा सीधे मांसपेशियों में दिया जाता है। या तो ऊपर की बाहों और या जंघा पर दिया जा सकता है।

गार्डसिल के सामान्य दुष्प्रभावों में निम्नलिखित को सम्मिलित किया जा सकता है:

  • सुई लगाने के स्थान पर दर्द, लाली, नील, सूजन।
  • संक्रामक जुकाम/ **फ्लू जैसे लक्षण मसलन उच्च तापमान, जोड़ों और मांस पेशियों में दर्द।
NHS के मूल कॉन्टेंट का अनुवादHealthily लोगो
क्या यह लेख उपयोगी था?

महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

आगे क्या पढ़ें
ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (Human papilloma virus (HPV)) क्या है?

ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (Human papilloma virus (HPV)) क्या है?

ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (HPV) वायरस के एक समूह का नाम है जो आपकी त्वचा और आपके शरीर की नम झिल्ली को प्रभावित करता है। यहां एचपीवी के बारे में जानकारी प्...