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डिस्लेक्सिया (Dyslexia)

मेडिकल समीक्षा के साथ

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यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है।

डिस्लेक्सिया क्या है?

डिस्लेक्सिया सीखने में विशेष तरह की कठिनाई का एक आम प्रकार है जो मुख्य रूप से पढ़ने और शब्दों की वर्तनी की क्षमता को प्रभावित करता है।

डिस्लेक्सिया वाले व्यक्ति को सीखने के उचित अवसर मिलने के बावजूद शब्दों को समझने में कठिनाई होती है। ये कठिनाई सीखने के अन्य क्षेत्रों की तुलना में काफी अधिक होगी।

हल्के से लेकर गंभीर लक्षणों के साथ डिस्लेक्सिया को एक स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर के रूप में पहचाना जाना चाहिए। डिस्लेक्सियावाले लोगों को विशेष रूप से ये कठिनाइयां होती हैं-

  • स्वर संबंधी जागरूकता (Phonological awareness)
  • मौखिक स्मृति (Verbal memory)
  • मौखिक प्रसंस्करण की गति (Verbal processing speed)

इन शब्दों को अधिक जानकारी के साथ नीचे समझाया गया है-

स्वर संबधी जागरूकता (Phonological awareness)

पढ़ने और वर्तनी के शुरुआती विकास में स्वर संबधी जागरूकता को एक मुख्य कौशल माना गया। ये इस बात को पहचानने की क्षमता है कि शब्द, ध्वनि की छोटी इकाइयों से बने होते हैं, जिन्हे फोनीम (phoneme) कहा जाता है। ध्वनियां जो शब्दों में परिवर्तित होती हैं, उनमें बदलाव, उनके अर्थ में भी बदलाव ला सकते हैं।

उदाहरण के तौर पर, एक बच्चा जिसमें स्वर संबधी जागरूकता का स्तर अच्छा है, वो इस बात को समझेगा कि अगर आप ‘pat’ शब्द में अक्षर ‘p’ को बदलकर ‘s’ कर देंगे तो ये शब्द "sat" हो जाएगा।

मौखिक स्मृति (verbal memory)

मौखिक स्मृति (verbal memory) एक छोटी अवधि के लिए मौखिक जानकारी के क्रम को याद रखने की क्षमता है।

उदाहरण के तौर पर, एक छोटी सूची जैसे "लाल, नीला, हरा" या सरल निर्देशों का एक सेट याद रखने की क्षमता, जैसे "अपने दस्ताने और अपनी टोपी पहनो, कुत्ते के लिए मार्ग खोजें और फिर पार्क में जाएं।"

मौखिक प्रसंस्करण की गति (verbal processing speed)

वर्बल प्रोसेसिंग स्पीड (verbal processing speed) परिचित मौखिक जानकारी, जैसे कि अक्षरों और अंकों को पहचानने और समझने में लगने वाले समय को कहा जाता है।

उदाहरण के लिए, अपरिचित शब्द बताए जाने पर उन्हें लिखने में कठिनाई होना या टेलीफोन नम्बर

डिस्लेक्सिया और बुद्धिमत्ता (Dyslexia and intelligence)

भले ही डिस्लेक्सिया (Dyslexia) को सीखने की कठिनाई के रूप में वर्गीकृत किया गया हो, लेकिन डिस्लेक्सिया (Dyslexia) और बच्चे की बुद्धि के बीच कोई संबंध नहीं है। निम्न से उच्च बुद्धि तक सभी बौद्धिक क्षमताओं के बच्चे डिस्लेक्सिया (Dyslexia) से प्रभावित हो सकते हैं।

इसी तरह, पढ़ने और वर्तनी के साथ एक बच्चे की कठिनाई उनकी बुद्धि से निर्धारित नहीं होती है, लेकिन इस बात से होती है कि उनका डिस्लेक्सिया (Dyslexia) कितना गंभीर है। औसत बुद्धि और हल्के डिस्लेक्सिया (Dyslexia) वाले बच्चे, अधिक बुध्दि और गंभीर डिस्लेक्सिया (Dyslexia) वाले बच्चों की तुलना में पढ़ने और लिखने में अधिक कुशल हो सकते हैं।

डिस्लेक्सिया (Dyslexia) के लक्षणों के बारे में और जानकारी पढ़ें

डिस्लेक्सिया कितना आम है? (How common is dyslexia?)

डिस्लेक्सिया (Dyslexia) सभी तरह की जातीय पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों को प्रभावित करता है लेकिन किसी व्यक्ति की मूल भाषा इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। एक ऐसी भाषा जिसमें शब्द कैसे लिखा जाता है और कैसे साउंड करता है, इसके बीच एक साफ कनैक्शन होता है, और भाषा के तर्कयुक्त व्याकरण के नियम होते हैं, जैसे कि इटैलियन और स्पैनिश, हल्के से गंभीर डिस्लेक्सिया (Dyslexia) वाले व्यक्ति के लिए सामना करने में अधिक सरल हो सकते हैं।

हालांकि, अंग्रेजी जैसी भाषाएं, जहां लिखित रूप और ध्वनि के बीच अक्सर कोई स्पष्ट संबंध नहीं होता है, शब्द जैसे कि "cough" और "dough" डिस्लेक्सिया (Dyslexia) वाले व्यक्ति के लिए अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

डिस्लेक्सिया को पहचानना (Identifying dyslexia)

युवा बच्चों में डिस्लेक्सिया (Dyslexia) की पहचान करना मुश्किल हो सकता है क्योंकि संकेत हमेशा स्पष्ट नहीं हो सकते हैं। अगर आपके बच्चे को डिस्लेक्सिया (Dyslexia) है, तो सबसे पहला कदम है कि आप अपने बच्चे के क्लास टीचर या स्कूल के अन्य स्टाफ से बात करें।

अगर अतिरिक्त टीचिंग और सहयोग आपके बच्चे के पढ़ने और लिखने के कौशल को सुधारने में मदद नहीं कर रहा है तो आपका स्कूल अधिक गहराई से मूल्याकंन का अनुरोध कर सकता है। अगर ज़रूरी हो, तो अन्य संगठनों के माध्यम से मूल्यांकन का अनुरोध करना भी संभव है।

डिस्लेक्सिया (Dyslexia) का निदान कैसे किया जाता है, इसके बारे में और जानें

डिस्लेक्सिया (Dyslexia) की वजह (या वजहें) अज्ञात है। हालांकि, कई विशेषज्ञों का मानना ​​है कि ये स्थिति शायद आनुवंशिक कारकों के कारण होती है जो मस्तिष्क के कुछ क्षेत्रों के सामान्य विकास को प्रभावित करते हैं।

इलाज और सहयोग (Treatment and support)

हालांकि वर्तमान में डिस्लेक्सिया (Dyslexia) का कोई इलाज नही है, कई शैक्षिक कार्यक्रम और हस्तक्षेप इस स्थिति वाले कई बच्चों के पढ़ने और लिखने के कौशल को बेहतर बनाने में प्रभावी साबित हुए हैं।

डिस्लेक्सिया (Dyslexia) के लिए दृष्टिकोण अत्यधिक परिवर्तनशील है। लगभग 95% बच्चे शैक्षिक हस्तक्षेपों पर अच्छी तरह से प्रतिक्रिया देते हैं और पढ़ने और लिखने में औसत से अच्छी प्रगति करते हैं। शेष 5% बच्चों को पढ़ने और लिखने में मुश्किल हो सकती है और उन्हें अधिक गहन सहयोग और लंबे समय की सहायता की आवश्यकता होगी।

हालांकि, डिस्लेक्सिया (Dyslexia) वाले बच्चों को अपने रोज़मर्रा के जीवन में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, यहां तक कि जिन बच्चों को गंभीर डिस्लेक्सिया (Dyslexia) होता है, वो एक संपूर्ण और अच्छा जीवन जी सकते हैं।

डिस्लेक्सिया (Dyslexia) का इलाज कैसे किया जाता है, इस बारे में और पढ़ें

डिस्लेक्सिया के लक्षण (Symptoms of dyslexia)

डिस्लेक्सिया (Dyslexia) के लक्षण हर व्यक्ति में अलग होते हैं। इस स्थिति वाले प्रत्येक व्यक्ति की ताकतों और कमज़ोरियों का विशेष स्वरूप होता है।

डिस्लेक्सिया (Dyslexia) के कुछ सबसे आम लक्षण नीचे दिए गए हैं-

स्कूल जाने से पहले बच्चे (Preschool children)

कुछ मामलों में, बच्चे के स्कूल जाना शुरू करने से पहले उसमें डिस्लेक्सिया (Dyslexia) के लक्षणों का पता चलना संभव है। लक्षणों में शामिल है-

  • एक ही उम्र के अन्य बच्चों की तुलना में भाषण बोली के विकास में देरी (हालांकि इसके कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं)
  • बोलचाल में परेशानियां, जैसे कि लंबे शब्दों को सही तरह से बोल पाने में समर्थ ना होना और शब्दों का सही क्रम में ना होना जैसे कि "helicopter" की जगह "hecilopter" कहना या "teddy bear" की जगह "beddy tear" बोलना।
  • बोली जाने वाली भाषा का उपयोग करके खुद को व्यक्त करने में समस्या होना, जैसे कि उपयोग करने के लिए सही शब्द याद रखने में असमर्थ होना, या वाक्य को गलत तरीके से एक साथ रखना।
  • तुकबंदी वाले शब्दों को कम समझना या सराह पाना, जैसे कि "the cat sat on the mat", या नर्सरी की कविताएं
  • वर्णमाला के अक्षर सीखने में कठिनाई या बहुत कम रूचि होना

स्कूल जाने वाले बच्चे (School children)

जब बच्चे स्कूल जाना और पढ़ना- लिखना सीखने पर अधिक ध्यान देना शुरू करते हैं तो आमतौर पर डिस्लेक्सिया (Dyslexia) के लक्षण अधिक स्पष्ट हो जाते हैं।

5-12 साल तक के बच्चों में डिस्लेक्सिया (Dyslexia) के निम्न लक्षण हो सकते हैं-

  • अक्षरों के नाम और ध्वनि को सीखने में समस्याएं
  • वर्तनी जो अप्रत्याशित और असंगत है।
  • अक्षरों और आंकड़ों को गलत तरीके से गोल करना - जैसे "9" के बजाय "6" लिखना, या "d" के बजाय "b" लिखना।
  • शब्दों के अक्षरों के क्रम में भ्रमित होना
  • धीरे-धीरे या ज़ोर ज़ोर से पढ़ने में गलतियां करना
  • पढ़ते समय देखने में दिक्कत- उदाहरण के तौर पर एक बच्चे को अक्षर और शब्द घूमते हुए या धुंधले लग सकते हैं।
  • मौखिक रूप से सवालों का सही तरह से जवाब देना पर जवाब लिखने में परेशानी होना
  • दिशाओं या किसी अन्य क्रम को समझने में मुश्किल
  • क्रम सीखने के लिए संघर्ष करना, जैसे कि सप्ताह के दिन या वर्णमाला
  • लिखने की धीमी गति
  • खराब लेखनी
  • लिखित भाषा की नकल करने में समस्याएं, और लिखित कार्य को पूरा करने में सामान्य से अधिक समय लगना

खराब स्वर संबधी जागरूकता और “वर्ड अटैक” कौशल (नीचे देखें)

डिस्लेक्सिया को पहचानना (Diagnosing dyslexia)

जितना जल्दी बच्चे में डिस्लेक्सिया का पता चलता है, शैक्षिक हस्तक्षेप के तरीके उतने ही अधिक प्रभावी हो सकते हैं।

हालांकि, छोटे बच्चों में डिस्लेक्सिया (Dyslexia) की पहचान करना माता-पिता और शिक्षकों, दोनों के लिए मुश्किल हो सकता है, क्योंकि संकेत और लक्षण हमेशा स्पष्ट नहीं होते हैं।

अगर आप अपने बच्चे के लिए परेशान हैं तो,

अगर आप अपने बच्चे के पढ़ने और लिखने की प्रगति के बारे में चिंतित हैं, तो सबसे पहले उसके अध्यापक से बात करें। आप स्कूल के अन्य स्टाफ से भी मिल सकते हैं।

अगर पहले से कोई समस्या है, तो अपने बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाएं। हो सकता है कि आपके बच्चे को जो स्वास्थ्य समस्याएं हैं उसकी वजह से पढ़ने और लिखने की उसकी क्षमता प्रभावित हो रही हो। उदाहरण के तौर पर, उन्हे हो सकता है-

  • दिखाई देने में समस्या जैसे कि short-sightedness or a squint
  • सुनने में समस्या जो ग्लू इयर (glue ear) जैसी स्थिति के परिणामस्वरूप हो सकती हैं।
  • अन्य स्थितियां जैसे कि अटेन्शन डेफिसिट हाइपर ऐक्टिविटी डिसॉर्डर (attention deficit hyperactivity disorder) (ADHD)

अगर आपके बच्चे को अपनी सीखने की कठिनाइयों को स्पष्ट करने के लिए कोई स्पष्ट बुनियादी स्वास्थ्य समस्याएं नहीं हैं, तो ये हो सकता है कि वे शिक्षण पद्धति पर सही तरह से प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं, और एक अलग तरीके की आवश्यकता हो सकती है।

शैक्षिक हस्तक्षेप जो डिस्लेक्सिया के प्रबंधन में मदद कर सकते हैं, के बारे में और पढ़ें

डिस्लेक्सिया का आकलन (Dyslexia assessments)

अगर अपने बच्चे को अतिरिक्त शिक्षण और सहयोग देने के बाद भी आप बच्चे की प्रगति को लेकर चिंतित हैं तो एक बार अधिक गहराई से आंकलन करना अच्छा विचार हो सकता है।

यह एक शैक्षिक मनोवैज्ञानिक या उचित रूप से योग्य विशेषज्ञ डिस्लेक्सिया शिक्षक द्वारा किया जा सकता है।

वे आपके बच्चे की सीखने की कठिनाइयों को समझने में मदद करके और उनकी मदद करने वाले हस्तक्षेपों का सुझाव देकर, आपके बच्चे और आपके बच्चे के शिक्षकों की मदद करने में सक्षम होंगे।

आकलन का अनुरोध करना (Requesting an assessment)

आपके बच्चे के लिए मूल्यांकन का अनुरोध करने के विभिन्न तरीके हैं, हालांकि यह कभी-कभी समय लेने वाली और निराशाजनक प्रक्रिया हो सकती है।

सबसे पहला कदम अपने बच्चे के टीचर और उनके स्कूल के स्पेशल एजुकेशनल नीड्स कॉर्डिनेटर (SENCO) से मिलना होगा ताकि आप उनसे अपनी फ्रिक और उन हस्तक्षेपों पर चर्चा कर सके जो आज़माए जा चुके हैं।

यदि आपके बच्चे को हस्तक्षेप के बावजूद कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, तो आप उनसे स्थानीय प्राधिकारी शैक्षिक मनोवैज्ञानिक या डिस्लेक्सिया के अन्य विशेषज्ञ द्वारा मूल्यांकन के लिए रेफर करने को कह सकते हैं।

स्वतन्त्र अभिभावक विशेष शिक्षा सलाह (IPSEA) विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों के माता-पिता के लिए एक स्वतंत्र चैरिटी है। उनकी वेबसाइट में आपके बच्चे के मूल्यांकन की जरूरतों को पूरा करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी है।

वैकल्पिक रूप से, आप एक स्वतंत्र शैक्षिक मनोवैज्ञानिक या किसी अन्य योग्य पेशेवर से सीधे संपर्क कर सकते हैं।

आप नैशनल या लोकल डिस्लैक्सिया (dyslexia) एसोसिएशन से भी आंकलन की व्यवस्था करने के लिए सम्पर्क कर सकते हैं।

आकलन की प्रक्रिया (The assessment procedure)

आंकलन से पहले, आपको और आपके बच्चे के स्कूल को एक प्रश्नावली भेजी जा सकती है जो आपके बच्चे और उससे संबंधित मुद्दों के बारे में पूछती है, जैसे कि उनके स्वास्थ्य की सामान्य स्थिति, वे कुछ कार्यों को कितनी अच्छी तरह से करते हैं और आपको लगता है कि आपको क्या बदलने की ज़रूरत है।

मूल्यांकन में आपके बच्चे के सीखने के माहौल से जुड़े महत्वपूर्ण वयस्कों के साथ बात करना और आपके बच्चे को टेस्ट की एक श्रृंखला में भाग लेने के लिए कहना, आपके बच्चे को उनके सीखने के माहौल में देखना शामिल हो सकता है।

ये टेस्ट आपके बच्चे में ये बातें जांच सकते हैं

  • लिखने और पढ़ने की योग्यता
  • भाषा का विकास और शब्दावली
  • तार्किक विचार
  • स्मृति
  • वो गति जिससे वो ध्वनि और दिखाई देने वाली जानकारी को समझ सकते हैं।
  • संगठनात्मक कौशल
  • सीखने का तरीका

इसके बाद क्या होता है? (What happens afterwards?)

आपके बच्चे का मूल्यांकन होने के बाद, आपको एक रिपोर्ट प्राप्त होगी जो उनकी ताकत और कमजोरियों को रेखांकित करती है, साथ ही इसमें इस बात का भी ज़िक्र होगा कि जिन क्षेत्रों में उन्हे समस्या आ रहा है उनमें सुधार के लिए क्या किया जा सकता है।

आपके बच्चे की सीखने की कठिनाइयों की गंभीरता के आधार पर, उनकी कठिनाइयों को उनके लिए तैयार की गई कार्य योजना के माध्यम से प्रबंधित करना संभव हो सकता है, जिसका दायित्व उनके स्कूल ने लिया है और जिसे व्यक्तिगत शिक्षा योजना (IEP) कहा जाता है। ये आपके और आपके बच्चे के साथ हर कक्षा में जांचा जाएगा।

बहुत कम मामलों में बच्चे की कठिनाइयों में सुधार और प्रगति होते हुए दिखाई नहीं देता है, आप एक पूरे मूल्यांकन का अनुरोध करना चाह सकते हैं जिसमें आपके बच्चे के विकास के सभी पहलू शामिल होंगे।

इसके परिणामस्वरूप आपके बच्चे के लिए एक अधिक औपचारिक, कानूनी रूप से सही शैक्षणिक योजना तैयार की जाएगी जिसे एजुकेशन हेल्थकेयर प्लान (EHC) के तौर पर जाना जाता है। इसमें एक दस्तावेज में आपके बच्चे की शैक्षणिक ज़रूरतो और उन ज़रूरतों को पूरा करने के लिए उसे जिस सहयोग की आवश्यकता होगी, उसका वर्णन होगा और इसका हर साल मूल्यांकन किया जाएगा।

डिस्लैक्सिया का इलाज (Dyslexia treatment)

हालांकि डिस्लैक्सिया एक आजीवन रहने वाली समस्या है, लेकिन कई विशेषज्ञ शैक्षणिक हस्तक्षेप हैं जो इस स्थिति में बच्चों को पढ़ने और लिखने में मदद कर सकते हैं।

ये हस्तक्षेप आमतौर पर कम उम्र में शुरू करने पर अधिक प्रभावी होते हैं।

आवश्यक हस्तक्षेप का प्रकार और सीमा आपके बच्चे की कठिनाइयों की गंभीरता पर निर्भर करेगी। आपके बच्चे के स्कूल द्वारा उनके लिए एक विशिष्ट कार्य योजना तैयार और कार्यान्वित की जा सकती है।

अधिकांश प्रमुख स्कूल आपके बच्चे के लिए उपयुक्त हस्तक्षेप देने में सक्षम होने चाहिए, हालांकि कुछ बच्चे ऐसे भी हो सकते हैं जिन्हे एक स्पेशल स्कूल जाने पर लाभ मिलेगा।

शैक्षणिक हस्तक्षेप (Educational interventions)

डिस्लैक्सिया(dyslexia) वाले बच्चों के लिए कई तरह के शैक्षणिक हस्तक्षेप और कार्यक्रम उपलब्ध हैं।

ये छोटे समूह में शिक्षण सहायक (जो शिक्षण कर्मचारियों द्वारा निर्धारित कार्य करता है) के साथ नियमित टीचिंग से लेकर विशेषज्ञ टीचर द्वारा एक-एक पाठ पढाने तक हो सकता है।

अधिकांश हस्तक्षेप स्वर संबधी कौशल पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जो शब्द ध्वनियों को पहचानने और विकसित करने की क्षमता है। इसे ध्वनि विज्ञान (phonics) भी कहा जाता है।

ध्वनि विज्ञान हस्तक्षेप (Phonics interventions) में बच्चे को ये पढ़ाना शामिल हो सकता है-

  • बोले जाने वाले शब्दों में ध्वनियों को पहचानने और स्पष्ट करने में मदद करना- उदाहरण के तौर पर उन्हे ये समझने में मदद करना कि hat शब्द असल में तीन ध्वनियों..... "h", "a" और "t" से मिलकर बना है।
  • शब्दों को बनाने के लिए अक्षरों को मिलाना, और समय के साथ, अधिक जटिल वाक्य बनाने के लिए शब्दों का उपयोग करना
  • शब्दों को सही ढंग से पढ़ने का अभ्यास करना, ताकि वे अधिक तेज़ी से पढ़ सकें
  • जब वो पढते हैं तो उनकी खुद की समझ को मॉनिटर करना- उदाहरण के लिए, अगर उन्हे अपनी समझ में कोई अन्तर महसूस होता है तो उन्हे सवाल पूछने के लिए प्रोत्साहित करना।

इन हस्तक्षेपों को आदर्श रूप से अत्यधिक संरचित तरीके से किया जाना चाहिए। उसमें छोटे कदमों में विकास के साथ जो भी सिखाया जा रहा है उसका नियमित अभ्यास शामिल होना चाहिए।

अगर आपके बच्चे को "मल्टीसेन्सरी" तरीके से पढ़ाया जाता है, जहां वे एक ही समय में कई इंद्रियों का उपयोग करते हैं तो भी ये मदद कर सकता है। मल्टीसेन्सरी शिक्षण का एक उदाहरण है जहां एक बच्चे को अक्षर ‘a’ को देखना, इसका नाम लेना और ध्वनि बताना और उसे हवा में लिखना, सब एक ही समय पर सिखाया जाता है।

आप किस तरह अपने बच्चे की मदद कर सकते हैं? (How you can help your child?)

एक अभिभावक के तौर पर, आप अपने बच्चे की मदद करने के सबसे अच्छे तरीके के बारे में अनिश्चित हो सकते हैं। आपको निम्न सलाह उपयोगी लग सकती है:

  • अपने बच्चे के साथ पढ़ें- इससे उनकी शब्दावली और सुनने के कौशल में सुधार होगा, और ये पुस्तकों में उनकी रुचि को भी बढ़ावा देगा।
  • किताबें साझा करना- आप दोनों एक ही किताब पढ़े और फिर चर्चा करें कि क्या हो रहा है और क्या हो सकता है?
  • "ओवरलर्निंग" - आप अपने बच्चे की पसंदीदा पुस्तक को बार-बार पढ़ने से ऊब सकते हैं, लेकिन दोहराव उनकी समझ को मजबूत करेगा और इसका मतलब है कि वे उससे परिचित हो जाएंगे
  • साइलेंट रीडिंग- बच्चों को अकेले पढ़ने का मौका देने की भी ज़रूरत होती है इससे उनकी स्वतंत्रता और प्रवाह बढ़ेगी।
  • पढ़ने को मज़ेदार बनाएं – पढ़ना खुशी देना चाहिए ना कि उसे एक रोज़ के काम की तरह होना चाहिए। उन विषयों की पुस्तकों का उपयोग करें जिनमें आपका बच्चा रुचि रखता है, और सुनिश्चित करें कि पढ़ना एक आरामदायक और सुखद वातावरण में हो।

माता-पिता बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण किरदार अदा करते हैं, इसलिए जब आपका बच्चा सीखता है तो ज़रूरी है कि आप उसे प्रोत्साहित करें और उसका साथ दें।

बड़े बच्चों के लिए टेक्नोलॉजी (Technology for older children)

कई बड़े बच्चे जिन्हे डिस्लैक्सिया (dyslexia) है वो अभ्यास पुस्तिका के बजाय कम्प्यूटर पर काम करने में अधिक आराम महसूस करेंगे। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि कंप्यूटर एक विजुअल वातावरण का उपयोग करता है जो उनके सीखने और काम करने के तरीके के लिए बेहतर होता है।

वर्ड प्रोसेसिंग प्रोग्राम्स भी उपयोगी हो सकते हैं क्योकि उनमें स्पैलचैकर और ऑटो करैक्ट जैसी सुविधाएं होती हैं जो आपके बच्चे की लेखनी में होने वाली गलतियों को दर्शा सकती हैं।

अधिकांश वेब ब्राउज़र्स और वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर में “’टेक्स्ट टू स्पीच ” का फंक्शन होता है जहां कम्प्यूटर टेक्स्ट को ऐसे पढ़ता है जैसे वो स्क्रीन पर आ रहा है।

स्पीच पहचानने वाले सॉफ्टवेयर भी जो एक व्यक्ति कह रहा है, उसे लिखे हुए टेक्स्ट में ट्रांसलेट करने में इस्तेमाल किए जा सकते हैं। ये सॉफ्टवेयर डिस्लैक्सिया (dyslexia) वाले बच्चों के लिए मददगार हो सकते हैं क्योंकि वे मौखिक तौर पर लिखने की कला से अच्छे होते हैं।

कई ऐसे शैक्षणिक इंटरैक्टिव सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन भी हैं जो आपके बच्चे को एक पाठ्यपुस्तक से केवल पढ़ने के बजाय किसी विषय को सीखने का अधिक अच्छे तरीके बता सकते हैं।

व्यस्क (Adults)

डिस्लेक्सिया(dyslexia) से पीड़ित बच्चों की मदद के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कई सलाह और तकनीक वयस्कों के लिए भी प्रासंगिक हैं। टेक्नोलॉजी का उपयोग करना, जैसे वर्ड प्रोसेसर्स और इलेक्ट्रॉनिक ऑर्गेनाइज़र्स, आपके लेखन और दैनिक गतिविधियों को व्यवस्थित करने में मदद कर सकते हैं।

सीखने के लिए मल्टी-सेंसरी अपोर्च का उपयोग करना सहायक हो सकता है। उदाहरण के लिए, आप एक व्याख्यान को रिकॉर्ड करने के लिए एक डिजिटल रिकॉर्डर का उपयोग कर सकते हैं, और फिर इसे ऐसे सुन सकते हैं जैसे आप अपने नोट्स पढ़ रहे हो। ये बड़े कार्यों और गतिविधियों को छोटे चरणों में तोड़ने के लिए भी उपयोगी हो सकता है।

अगर आपको किसी प्लान को ड्रा करने या किसी खास विषय पर नोट्स बनाने की ज़रूरत है तो आपको लिस्ट लिखने की बजाय ‘माइंड मैप’ बनाना उपयोगी हो सकता है। माइंड मैप्स वो डायग्राम्स हैं जिसमें चित्रों और कीवर्ड्स का उपयोग कर किसी विषय या प्लान का विजुअल प्रतिरूप बनाया जाता है।

काम पर सामंजस् (Adjustments at work)

अगर आप काम पर है तो अपने नियोक्ता को ये बात बताइए कि आपको डिस्लेक्सिया (Dyslexia) है, क्योकि कानून के हिसाब से उन्हे कार्यक्षेत्र में आपके लिए उचित व्यवस्थाएं करनी होंगी।

उचित व्यवस्थाओं के उदाहरणों में शामिल हो सकते हैं-

  • आपके टेक्नोलॉजी की सहायता देना जैसे कि स्पीच को टेक्स्ट को बदलने वाले डिजिटल रिकॉर्डर्स
  • आपको लिखित रूप के बजाय मौखिक रूप से निर्देश देना
  • आपको उन कार्यों के लिए अतिरिक्त समय की अनुमति देता है जो आपको विशेष रूप से कठिन लगते हैं
  • आपको जानकारी उन फॉर्मेट्स में देना जो आपको सुलभ लगते हैं।
NHS के मूल कॉन्टेंट का अनुवादHealthily लोगो
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