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समलैंगिक और द्विलिंगी महिलाओं का यौन स्वास्थ्य

मेडिकली रिव्यूड

जो महिलाएं अन्य महिलाओं के साथ यौन संबंध रखती हैं, वे एसटीआई (STI) से संक्रमि हो सकती हैं या ईसे फैला सकती हैं। जानिए कैसे करें अपनी आप इससे खुद को कैसे बचा सकती हैं।  

समलैंगिक या द्विलिंगी महिलाएं यौन क्रियाओं द्वारा फैलने वाले संक्रमण(एसटीआई, STI) से प्रतिरक्षित नहीं होती, अहम है कि जांच करवाते रहना चाहिए। 

कभी कभी समलैंगिक(लेस्बियन) और द्विलिंगी (बाइसेक्स्युअल) महिलाओं को बताया जाता है कि उन्हें एसटीआई की जांच कराने की जरुरत ही नहीं है। मगर ऐसा नहीं है।

द्विलिंगी(बाइसेक्स्युअल) और समलैंगिक (लेस्बियन) महिलाओं पर एक संस्था द्वारा किए गए सर्वे में सामने आया कि उनकी जांच में आधी महिलाएं एसटीआई (STI) से पीड़ित निकली।

संस्था के सदस्य ने बताया कि महिलाओं में शरीर से निकलने वाले तरल पदार्थ से एसआईटी (STI) मसलन हर्पीज़(herpes) , जेनिटल वार्ट्स (genital warts), और क्लैमिडिया (chlamydia) आदि फैल सकता है।

किसी भी तरह से संपर्क में आना मसलन, मुख मैथुन या फिर एक ही हाथ से खुद को और अपनी साथी को छूने से आप खतरे में आ सकती हैं। दो महिलाएं जो दोनों ही माहवारी से गुजर रही हैं वो भी इस बात के ज्यादा खतरे में होती हैं। 

महिलाओं के बीच सुरक्षित सम्बंध के लिए सलाह

अगर आप सेक्स टॉय(sex toys) का इस्तेमाल कर रही हैं तो हर साथी के साथ या शरीर के विभिन्न हिस्सों में प्रवेश कराने के लिए नए कंडोम का इस्तेमाल करें। हर सत्र के बीच में इस खिलौने को साबुन से धोना चाहिए। यौन खिलौनों को साफ करने के बारे में और जानें। 

अगर आप में से किसी के भी मुंह या होठों पर घाव या फोड़ा है तो मुखमैथुन से परहेज करें या डेंटल डैम (dental dam) का इस्तेमाल करें। डेंटल डैम 15 सेंटीमीटर की लंबाई वाला एक लेटक्स या पोलियूरेथींन ( बहुत महीन और मुलायम प्लास्टिक) का चौकोर टुकड़ा  होता है। मुखमैथुन के दौरान महिला जननांग या फिर गुदा द्वार को इससे ढका जा सकता है। ये यौन संक्रमण को एक से दूसरे में रोकने के लिए रुकावट का काम करता है।

कुछ संक्रमण हाथों, उंगलियों और एक दूसरे की योनि को रगड़ने से भी फैल सकते हैं। यौन क्रियाओं से पहले और इसके बाद हाथों को धोएं। 

यौन क्रियाओं के वक्त हाथों में लेटक्स दस्ताने पहलें और योनि और गुदा द्वार में हाथ डालते वक्त वॉटर बेस्ड लुब्रिकेंट का ज्यादा इस्तेमाल करें। 

द्विलिंगी (बाइसेक्स्युअल) महिलाओं को पुरुषों के साथ सुरक्षित यौन संबंध बनाने के लिए उपाय I

पुरुषों के साथ गुदा, योनि या मुख मैथुन करते वक्त कंडोम का इस्तेमाल करना चाहिए। सही से इस्तेमाल करने पर कंडोम अनचाहे गर्भ और एसटीआई (STI) से बचाव करता है। कंडोम  के अलावा अपने लिए सर्वोत्तम गर्भनिरोध के इस्तेमाल के बारे में और पढ़ें।

अगर आपको लगता है कि आप अनचाहे गर्भ की आशंका में हैं तो आपके पास आपातकालीन गर्भनिरोधक (‘मॉर्निंग आफ्टर पिल या फिर आईयूडी (IUD)) का विकल्प भी होता है। 

महिलाओं में एसटीआई (STI) के संकेत या लक्षण।

थ्रश (Thrush)

योनि में कैन्डिडा (candida) नाम के यीस्ट (yeast) के ज्यादा बढ़ जाने से संक्रमण हो सकता है। इसके लक्षणों में योनि में खुजली या रगड़, लिंग के प्रवेश के वक्त दर्द और तेज पीड़ा, मूत्र त्यागते समय जलन और सफेद गाढ़ा स्राव शामिल होते हैं। 

महिलाओं के लिए, सेक्स के समय  छूने या एक ही यौन खिलौने के इस्तेमाल से थ्रश (thrush) फैलना संभव है।थ्रश (thrush) का दवाई, मलहम और पैसेसरीज (pessaries) से इलाज किया जा सकता है। इसे दवा विक्रेता से खरीदा जा सकता है।

यदि आपके लक्षण बने रहते हैं तो अपने डॉक्टर के पास जाएँ। थ्रश (Thrush)के बारे में और पढ़ें।

जननांग में दाद(हर्पीज, Genital Herpes)

अगर आप योनि, मुख या गुदा मैथुन करती हैं या यौन खिलौने साझा करती हैं तो विषाणु संक्रमण के कारण आपको ये हो सकता है। इससे आपको मुंह और नाक में छाले हो सकते  हैं।

इसके लक्षणों में जननांग के पास छाले या नासूर शामिल होते हैं। हालांकि ऐसा हो सकता है कि कुछ महिलाओं में कोई लक्षण नहीं हों। 

ठीक करने के लिए एंटीवायरल(antiviral) गोलियां ली जा सकती हैं। जननांग में दाद या खाज के लिए और पढ़ें।

जननांग के पास मस्से(जेनिटल वार्ट्स, Genital warts)

ये योनि और गुदा द्वार में मांसल वृद्धि वाले मस्से हैं। इनमें खुजली हो सकती है मगर आमतौर पर इनमें कोई दर्द नहीं होता।

ये ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी, human papilloma virus, HPV) के कुछ स्ट्रेंस (strains) के कारण हो सकते हैं जो आम तौर पर यौन क्रियाओं के दौरान त्वचा के संपर्क , मसलन योनि की त्वचा के आपस में रगड़ने के कारण  हो सकता

सामान्य महिलाओं के मुकाबले जननांग पर मस्से वाली महिलाओं को ज्यादा नियमित स्मीयर (smear) जांच करवानी जरुरत नहीं होती है। जमा देने और मलहम समेत इलाज के लिए कई सारे विकल्प मौजूद हैं। जननांग में मस्सों के बारे में और जानें। 

ट्राइकोमोनिएसिस(Trichomoniasis)

महिलाओं के बीच में किसी भी ऐसी यौन गतिविधि से जिसमे योनि स्राव का आदान -प्रदान होता है, उससे ट्राइकोमोनिएसिस (trichomoniasis) फैल सकता  है। 

इसके लक्षणों में झागदार स्राव, मूत्र त्याग के समय असहज होना, योनि में पीड़ा और कभी-कभी योनि से बदबू शामिल हैं। कुछ महिलाओं में ऐसा कोई लक्षण नहीं होता। इसका इलाज एंटी  बायोटिक्स (antibiotics) से किया जा सकता है। 

ट्राइकोमोनिएसिस (trichomoniasis) के बारे में और पढ़ें

क्लैमाइडिया (chlamydia) और गोनोरिया (gonorrhoea) 

ये एसटीआई(STI) जीवाणु(bacteria) के कारण होते हैं। ये गर्भाशय ग्रीवा, मलाशय, गला और मूत्रमार्ग को संक्रमित कर सकते हैं। इसमें स्राव हो सकता है मगर अमूमन इनमें कोई लक्षण नहीं होता। 

अगर समस्या का इलाज नहीं किया गया तो जीवाणु गर्भाशय नाल और डिम्बवाही नली को संक्रमित करके बांझपन का कारण बन सकता है।

महिलाओं के यौन क्रियाओं में यौन खिलौने, हाथ या योनियों को साथ में रगड़ने से क्लैमाइडिया फैल सकता है।एंटीबायोटिक्स से इसका इलाज किया जा सकता है।

क्लैमाइडिया और गोनोरिया के बारे में और पढ़ें।

सिफलिस (Syphilis)

सिफलिस एक जीवाणु  संक्रमण है। इसके कारण दर्द रहित अल्सर हो सकता है। आम तौर पर ये जननांग में होता है। ये खुद गायब हो जाता है मगर बाकी लक्षण फिर भी दिख सकते हैं। इसके लक्षणों में शरीर पर खुजली या ग्रन्थियों में सूजन शामिल हो सकती है।

अगर इसका इलाज नहीं किया गया तो सिफलिस बाद में जीवन में तंत्रिकाओं और शरीर के अंगों में गंभीर नुकसान पंहुचा सकता है।

शुरुआती स्तर पर सिफलिस काफी संक्रामक होता है। ये यौन क्रियाओं के दौरान त्वचा के नजदीकी संपर्क में आने से फैल सकता है। इसके इलाज में सुई या दवाई के जरिए एंटीबायोटिक्स से किया जा सकता है।

सिफलिस के बारे में और पढ़ें।

योनि को स्वस्थ्य कैसे रखें

योनि खुद को साफ करती है इसलिए इसे अलग से अंदर से धोने की(डाउचिंग ) कोई जरुरत नहीं होती है। खुशबूदार साबुन के ज्यादा इस्तेमाल से या फिर बुलबुलों वाले नहाने के जैल का ज्यादा इस्तेमाल से जननांग या योनि में सूजन और खुजली हो सकती है।

मल मूत्र त्यागने के बाद हमेशा आगे से पीछे (योनि से गुदा की ओर) पोंछना चाहिए।

योनि को साफ रखने के बारे में और पढ़ें।

यौन चिकित्सा विशेषज्ञ से कब मिलना चाहिए

अगर आपको ऊपर बताए गए कोई भी लक्षण हों या फिर आपको एसटीआई होने की चिंता हो तो आप डॉक्टर से बात कर सकते हैं या एसटीआई क्लीनिक जा सकते हैं।

लगातार अपनी जांच करवाते रहने से आप एक सेहतमंद यौन जीवन सुनिश्चित कर सकते हैं। 

एसटीआई के बारे में और पढ़ें।

सामग्री का स्त्रोतNHS लोगोnhs.uk
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महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

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