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समलैंगिक और बाइसेक्सुअल पुरुषों का यौन स्वास्थ्य

मेडिकली रिव्यूड

असुरक्षित पेनिट्रेटिव यौन संबंध बनाना यौन संचारित संक्रमण(एसटीआई) का सबसे आम कारण है।

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हेपेटाइटिस ए

हेपेटाइटिस बी

हेपेटाइटिस सी

गोनोरोहिया(द क्लैप)

नॉन स्पेसिफिक युरेथ्रिटीज़ (एनएसयू)

क्लेमाइडिया

शिजेला

जेनाइटल हर्पीस

सिफिल्स

जेनाइटल वार्ट्स

प्यूबिक लाइस

स्केबीज

कंडोम का प्रयोग करने से एचआईवी से सुरक्षा रहती है और अन्य एसटीआई संक्रमणों का खतरा काफी कम हो जाता है।

एक सर्वेक्षण के अनुसार हर तीन में से एक पुरूष ने कभी एचआईवी परीक्षण नहीं कराया होता है और हर चार में से एक ने कभी भी किसी एसटीआई(STI) के लिए कोई जांच नहीं कराई होती है।

समलैंगिक और स्त्री पुरूष दोनो के साथ यौन संबंध बनाने वाले पुरुषों को कम से कम हर छह महीने में एक बार यौन स्वास्थ्य या किसी क्लिनिक पर जाकर अपनी जांच करानी चाहिए, क्योंकि कुछ एसटीआई(STIs) के कोई लक्षण नहीं होते।

हेपेटाइटिस ए(Hepatitis A)

हेपेटाइटिस A लिवर का वो संक्रमण है जो मल में पाए जाने वाले एक वायरस के द्वारा फैलता है।

मुख्यतः यह संक्रमित भोजन या हाथ धोने के गलत तरीकों के द्वारा फैलता है, पर यह यौन क्रियाओं जिसमे ओरल-एनेल या मुख-गुदायौन या गुदा द्वार द्वारा यौन क्रिया के बाद मुख से यौन क्रिया करना शामिल है, से भी एक से दूर व्यक्ति को पहुँच जाता है। समलैंगिक और स्त्री पुरुष दोनों के साथ यौन संबंध रखने वाले पुरूष, जो कई साथियों के साथ यौन संबंध बनाते हैं, वो विशेष खतरे पर हैं।

हेपेटाइटिस ए के लक्षण यौन संबंध बनाने के आठ हफ्तों बाद तक सामने आ सकते हैं जिसमें थकान और जी मिचलाना शामिल हैं।

हेपेटाइटिस A जानलेवा नहीं है और अधिकतर लोग दो महीनों के अंदर इससे पूरी तरह ठीक हो जाते हैं।

पुरूष हेपेटाइटिस ए के संक्रमण से इन बातों द्वारा बच सकते हैं :

  • यौन क्रिया के बाद हाथ धोना(आदर्श तरीके से नितम्ब, पेट और जाँघों के बीच की जगह और लिंग को भी)
  • ओरल और एनल यौन क्रिया के बीच में कंडोम को बदलना
  • रिमिंग के लिए किसी रुकावट का इस्तेमाल करना (जैसे कंडोम को चौकोर रूप में काटना)
  • फिंगरिंग या फिस्टिंग के लिए लेटक्स या नॉन लेटक्स के बने दस्तानों का इस्तेमाल करना
  • यौन क्रिया के टॉयज या खिलौनों को साझा नहीं करना
  • किसी यौन स्वास्थ्य या क्लीनिक पर हेपेटाइटिस ए के टीके के बारे में पूछना

अगर आपको लगता है कि आपको हेपेटाइटिस ए हो सकता है, या उससे जुड़े कोई सवाल है तो किसी डॉक्टर या यौन स्वास्थ्य क्लीनिक पर जाएं।जिन देशों में ये रोग आम है उन देशों में जाने वाले लोगों के लिए टीका उपलब्ध है।

यात्रा टीका करण के बारे में और जानें।

हेपेटाइटिस बी

हेपेटाइटिस बी एक वायरस का संक्रमण है जो लिवर में सूजन पैदा करता है। आमतौर पर यह कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाता है पर यह निरन्तर बने हुए संक्रमण की स्थिति को पैदा कर सकता है। अंततः, यह जिगर की गम्भीर बीमारियों जैसे, सिररोसिस और कैंसर(cirrhosis and liver cancer) का कारण बनता है।

हेपेटाइटिस बी संक्रमित व्यक्ति के खून या शारीरिक द्रव्यों के सम्पर्क में आने से फैलता है। समलैंगिक सबन्ध बनाने वाले पुरूष(एमएसएम) को इसका खतर है पर वो हेपेटाइटिस बी का टीका इस्तेमाल करके इससे बच सकते हैं।

एमएसएम का टीका यौन स्वास्थ्य क्लीनिकों या आपके डॉक्टर से मिल सकता है।

हेपेटाइटिस बी के बारे में और पढ़ें ।

हेपेटाइटिस सी

हेपेटाइटिस सी एक वायरल संक्रमण है जो लिवर में सूजन पैदा करता है। आमतौर पर यह कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाता है पर यह निरन्तर बने हुए संक्रमण की स्थिति को पैदा कर सकता है। अंततः, यह जिगर की गम्भीर बीमारियों जैसे, सिररोसिस और लिवर के कैंसर का कारण बनता है।

हेपेटाइटिस बी संक्रमित व्यक्ति के खून या शारीरिक द्रव्यों के सम्पर्क में आने से फैलता है। जिन पुरुषों को लगता है कि वो खतरे पर हैं, उन्हें अपने डॉक्टर या यौन स्वास्थ्य क्लीनिक पर सलाह लेनी चाहिए।

हेपेटाइटिस सी का इलाज हो सकता है और बहुत से मामलों में यह ठीक हो जाता है।

हेपेटाइटिस सी के बारे में और पढ़ें।

गोनोरोहिया( ‘द क्लेप’) (Gonorrhoea)

यह बैक्टीरीयल संक्रमण पेशाब करने के समय चुभन पैदा कर सकता है या ऐसा एहसास दिलाता है कि आपको पेशाब करना है पर कर नहीं पा रहे हैं। यह संक्रमित व्यक्ति के साथ ओरल, एनल या वजाइनल मार्ग के जरिये यौन संबंध बनाने से फैलता है।

गोनोरोहिया को एंटीबायोटिक्स से ठीक किया जाता है।

गोनोरोहिया के बारे में और पढ़ें।

नॉन स्पेसिफिक युरेथ्रिटीज़(Non-specific urethritis, एनएसयू)

यह जीवाणु द्वारा पैदा की गई मूत्रमार्ग(urethra) का सूजन है। जब यह स्थिति गोनोरोहिया के द्वारा नहीं होती, तब इसे नॉन गोनोकॉकल युरेथ्रिटीज़ (non-gonococcal urethritis,एनजीयू) भी कहते हैं।

एनएसयू गोनोरोहिया के तरह से ही आगे पहुंचा दी जाती है या फैलती है और अक्सर इसके लक्षण भी एक जैसे होते हैं।

यह बहुत ज्यादा यौन क्रिया या हस्तमैथुन करने से भी होता है, जिससे मूत्रमार्ग सूज जाता है । यह एंटीबायोटिक्स लेने से ठीक हो सकता है।

नॉन स्पेसिफिक युरेथ्रिटीज़ के बारे में और पढ़ें।

क्लेमाइडिया(Chlamydia)

यह मूत्रमार्ग , गुदा और गले का बैक्टीरीयल संक्रमण है। पेशाब करने के समय दर्द और कुछ स्राव हो सकता है या वृषणकोष(testicles) में दर्द हो सकता है। ( हालांकि, क्लेमाइडिया लक्षणों से रहित भी हो सकता है)

यह संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन संबंध बनाने के दौरान गोनोरोहिया और एनएसयू की तरह से ही फैलता है। इसका एंटीबायोटिक्स से इलाज किया जाता है।

क्लेमाइडिया के बारे में और पढ़ें।

शिजेला(Shigella)

यह आँत का बैक्टीरीयल संक्रमण है जो बहुत गम्भीर डायरिया और पेट की मरोड़ पैदा करता है। इसको अक्सर ग़लती से फूड पॉयजनिंग समझा जाता है।

इसका संक्रमण यौन क्रियाओं के दौरान होता है, जिसमे एनल-ओरल यौन क्रिया और गुदा से यौन क्रिया करने के बाद मुख से यौन क्रिया करना शामिल हैI यह बहुत आसानी से फैलता है--जिसके लिए संक्रमित मल का कुछ भाग आपके मुंह में जाना ही काफी है।

शिजेला ग्रस्त व्यक्ति एक महीने तक संक्रामक रहता है। यह एंटीबायोटिक्स से ठीक हो जाता है। जिन पुरुषों को लगता है कि उन्हें शिजेला है, उन्हें यौन स्वास्थ्य क्लीनिक या अपने डॉक्टर के पास अपनी जांच कराने के लिए जाना चाहिए।

शिजेला होने से बचने के लिए , पुरुषों को यौनक्रिया के बाद अपने हाथ (अगर आप नहा रहे हों तो अपने नितम्ब, पेट और जांघों के जोड़ और लिंग) को धोना चाहिए और गुदा और ओरल सेक्स के बीच मे कॉन्डम को बदलना चाहिए।

फिंगरिंग या फिस्टिंग के लिए लेटक्स या नॉन लेटक्स के दस्तानों का इस्तेमाल करना सुरक्षा देता है। और यौनक्रिया के खिलौने और डाउचिंग के उपकरणों को साझा नहीं करना चाहिए।

जेनिटल हर्पीस

जेनिटल हर्पीस एक वायरल संक्रमण है। इसके लक्षणों में लिंग या गुदा के चारों तरफ दर्द भरे छाले और फोड़े(अल्सर्स) आते हैं, हालांकि कुछ पुरुषों में कोई भी लक्षण नहीं होता है।

विषाणु शरीर में ही रहता है और छाले पड़ने की प्रक्रिया को बार-बार दोहरा सकता है।

अगर किसी ऐसे शख्स के मुंह में या आसपास छाले हैं और आपने उसके साथ ओरल सेक्स किया है तो हर्पिस फैसने की आशंका होती है। या फिर, जिसको जेनिटल हर्पीस हो उसके साथ जननांगों के सम्पर्क से भी यह एक से दूसरे में फैल सकता है ।

इलाज की प्रक्रिया में एन्टी वायरल गोलियां मदद करती हैं। डॉक्टर क्रीम या गोलियों की सलाह दे सकते हैं।

जेनाइटल हर्पीस के बारे में और पढ़ें।

सिफिल्स(Syphilis)

सिफिल्स एक बैक्टीरीयल संक्रमण है जो आमतौर पर, जननांगों के हिस्से में दर्दरहित फोड़े(अल्सर), पैदा करता है। फोड़े खुद से ही चले जाते हैं पर अन्य लक्षण, जैसे शरीर पर चकत्ते होना और ग्रन्थियों का फूलना, हो सकते हैं।

अपनी शुरुआती अवस्था में, सिफिल्स बहुत संक्रामक होता है और यौनक्रिया के दौरान त्वचा के निकट सम्पर्क के कारण आगे फैल सकता है। अगर इसको सालों तक बिना इलाज के छोड़ दिया तो यह दिमाग तथा शरीर के अन्य अंगों क फैल सकता है और लम्बी चलने वाली गम्भीर समस्याएं पैदा कर सकता है।

इसका इलाज एंटीबायोटिक इंजेक्शन या गोलियां हैं।

सिफिल्स के बारे में और पढ़ें।

जेनिटल वार्ट्स(Genital warts)

यह संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन संबंध बनाने के बाद कुछ हफ्तों या महीनो के बाद उभरने वाला एक आम वायरल संक्रमण है। यह आमतौर पर, लिंग के सिरे पर या गुदा के चारों तरफ, आलपिन के सिर के आकार के बराबर वृद्धियां कर देता है।

इन मस्सों का जितना जल्दी इलाज होता है, उतनी ही आसानी से इनसे निपट सकते हैं। आप जननानंगों के मस्सों के लिए वही क्रीम का इस्तेमाल नहीं कर सकते जिसको आप हाथ के मस्सों पर लगाते हैं। डॉक्टर या तो उन मस्सों को जमा देगा या फिर उनको हटाने के लिए क्रीम का इस्तेमाल करेगा।

जेनाइटल वार्ट्स के बारे में और पढ़ें।

प्यूबिक लाइस(प्यूबिक जूँ)

प्यूबिक लाइस जिन्हें क्रेब्स भी कहते हैं, छोटे परजीवी(पैरसायट) होते हैं जो शरीर के बालों में रहते हैं। ये एसटीआई(STI) के सबसे आम प्रकार हैं।

ये सिर्फ आलपिन के सिरे के बराबर होते हैं, इसलिए ढूंढने में मुश्किल होती है, हालांकि इनके छोटे गहरे रंग के अंडे बालों में फंसे दिख सकते हैं।

प्यूबिक लाइस या जूँ ,प्यूबिक बालों (आपके वृषणकोष और गुदा के आसपास के बालों) में रहते हैं पर शरीर के अन्य बालों (सर के नहीं) में भी पाए जा सकते हैं। ये जूँ तौलियों, कपड़ों और बिस्तरों से उठाये (संक्रमित) जा सकते हैंऔर आम लक्षणों में खुजली या चकत्ते पड़ना आता है।

इसका इलाज घर पर ही दवाखाने से क्रीम या लोशन लाकर किया जा सकता है। (किसी डॉक्टर के पर्चे की जरूरत नहीं है)

प्यूबिक लाइस के बारे में और पढ़ें।

स्केबीज(Scabies)

यह एक ऐसा संक्रमण है जो त्वचा के नीचे सुरंग बना लेने वाले छोटे छोटे माईट्स से होता है। अधिकतर लोगों में यह बहुत गम्भीर खुजली पैदा करता है। (हालांकि कुछ को इसका पता भी नहीं चलता)

खुजली आमतौर पर, संक्रमित व्यक्ति के साथ यौनक्रिया करने के दो या ज्यादा हफ्तों के बाद शुरू होती है। आप को बिस्तर और तौलिए साझा करने से भी स्केबीज हो सकती है, पर यह कम होता है।

इसका इलाज प्यूबिक लाइस के जैसा ही है, मगर इसमे घुन या माइट्स के हटा देने के बाद भी कुछ हफ्तों तक खुजली बनी रह सकती है।

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जांच कराना

अगर आपको ऊपर बताया गया कोई भी लक्षण है या आपको चिंता है कि आपको एसटीआई हो सकता है, तो अपने डॉक्टर से बात करें या किसी क्लीनिक पर जाएं।

अपनी नियमित जांच कराना एक स्वस्थ यौन जीवन जीने के लिए महत्वपूर्ण है।

सामग्री का स्त्रोतNHS लोगोnhs.uk
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