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1st October, 201910 min read

रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) (Menopause): पार्टनर के लिए दिशानिर्देश

मेडिकल समीक्षा के साथ

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यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है।

रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) (menopause) उम्र बढ़ने की प्रक्रिया का एक स्वाभाविक हिस्सा है, जिससे हर महिला गुजरती है। हालांकि, एक कंडीशन के रूप में जो मूड, मेमोरी (memory), स्वास्थ्य और सेक्स ड्राइव (sex drive) पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है, मेनोपॉज अक्सर महिलाओं और उनके साथ रिलेशनशिप में रहने वाले लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

यह लेख, आपको निम्न बातों को बेहतर समझने में मदद करने के लिए जानकारी मिलेगी:

  • मेनोपॉज के दौरान क्या होता है।
  • ये परिवर्तन एक महिला को कैसे प्रभावित कर सकते हैं।
  • अपनी सेक्स लाइफ पर मेनोपॉज के प्रभाव से कैसे निपटें।
  • अपने साथी को उसके जीवन के इस दौर में सपोर्ट कैसे करें।
  • एक हेल्थ प्रोफेशनल आपके साथी की कैसे मदद कर सकता है।

रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) क्या है? (What is the menopause?)

मेनोपॉज तब होता है, जब एक महिला को मासिक धर्म (पीरियड्स) आने बंद हो जाते हैं और वह स्वाभाविक रूप से गर्भवती होने में सक्षम नहीं हो पाती है।
मेनोपॉज आमतौर पर 45 से 55 वर्ष की आयु के बीच होता है। हालांकि, 100 में से लगभग एक महिला में 40 वर्ष की आयु से पहले ही इसका अनुभव होता है - जिसे प्रीमैच्यूर मेनोपॉज (premature menopause) यानी कि समय से पूर्व रजोनिवृत्ति या प्रीमैच्यूर ओवेरियन इनसफिसिएंसी (premature ovarian insufficiency) के रूप में जाना जाता है।

ज्यादातर मामलों में, पीरियड्स कुछ महीनों या वर्षों में कम होने लगते हैं, जो अंततः पूरी तरह से रुक जाते हैं। हालाँकि, कुछ महिलाओं में उनके पीरियड्स अचानक आने बंद हो जाते हैं।

यह कैसे होता है, इसके बावजूद, हम कह सकते हैं कि एक महिला को मेनोपॉज तब होता है, जब उसे एक साल तक पीरियड नहीं आया हो।

एक महिला कैसे बता सकती है कि वह रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) से गुजर रही है?

मेनोपॉज के लक्षण (symptoms of the menopause) शरीर में एस्ट्रोजन (oestrogen) नामक हार्मोन के स्तर में गिरावट होने के कारण होते हैं। हालाँकि, यह परिवर्तन हर महिला को अलग तरह से प्रभावित करता है। लगभग 10 में से आठ महिलाओं में मेनोपॉज के लक्षण देखने को मिलते हैं, जबकि कुछ महिलाओं में कभी भी कोई लक्षण नहीं दिखते हैं।

  • मेनोपॉज के सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:
  • हॉट फ़्लैशेस (गर्मी लगना) ( hot flushes)
  • रात को पसीना आना
  • उदासी या चिंता
  • सेक्स ड्राइव में कमी (reduced sex drive)
  • योनि (वेजाइना) में सूखापन (vaginal dryness) और सेक्स के दौरान परेशानी
  • सोने में कठिनाई
  • मेमोरी और एकाग्रता में समस्या
  • वज़न बढ़ना, खासकर पेट के आसपास
  • मांसपेशी टोन में लॉस होना

ये लक्षण पीरियड्स रुकने से महीनों या सालों पहले शुरू हो सकते हैं। कुछ महिलाओं में, मेनोपॉज के लक्षण कुछ महीनों तक रह सकते हैं, जबकि अन्य में, ये लक्षण कई वर्षों तक जारी रह सकते हैं। 50% से अधिक महिलाओं में सात सालों से अधिक समय तक ये लक्षण रहते हैं।

रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) एक महिला को कैसे प्रभावित कर सकता है?

जब मेनोपॉज ख़त्म हो जाता है, तो इसके लक्षणों में सुधार होता है। चूँकि मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजेन का लेवल कम रहता है, इसलिए महिलाएँ स्थाई परिवर्तन का अनुभव कर सकती हैं, जो उनके स्वास्थ्य को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।

इन परिवर्तनों में शामिल हैं:

  • त्वचा (स्किन) में बदलाव - मेनोपॉज के बाद महिलाओं में स्किन प्रोटीन्स कोलेजन और इलास्टिन का लेवल कम हो जाता है। इससे त्वचा पतली और सुखी हो सकती है और इसमें खुजली भी हो सकती है।
  • जननांग (जेनिटल) में परिवर्तन - मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजेन की कमी के कारण अक्सर वेजाइना की टिश्यू पतली और सूखी हो जाती हैं, जिससे सेक्स के दौरान दर्द हो सकता है, वल्वा के आसपास की स्किन (वेजाइना के बगल की स्किन) सूखी और खुजली वाली हो जाती है, बार-बार मूत्र पथ संक्रमण (urinary tract infections) होना, बार-बार पेशाब करना, एकदम से अचानक पेशाब करने की इच्छा होना और/या पेशाब निकल जाना (यूरिनरी इन्कंटिनेंस) ((urinary incontinence))
  • हड्डी का पतला होना (bone thinning) – बढ़ती उम्र के साथ पुरुषों और महिलाओं में हड्डी के ऊतक (टिश्यू) कम होने लगते हैं, लेकिन मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन लेवल के गिरने से महिलाओं में तेज़ी से हड्डियों का लॉस (bone loss in women) होता है। इससे उन महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस (osteoporosis) और गिरने से फ्रैक्चर का ख़तरा बढ़ जाता है, जो मेनोपॉज से गुजर रही होती हैं।
  • हृदय रोग (सीवीडी) (cardiovascular disease) - एक महिला के हृदय संबंधी रोग, जैसे हृदय रोग (heart disease) और स्ट्रोक (stroke) का खतरा मेनोपॉज के बाद बढ़ जाता है क्योंकि एस्ट्रोजन सीवीडी से बचाने में मदद करता है।

क्या रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) आपके यौन जीवन को प्रभावित कर सकता है?

मेनोपॉज के दौरान और इसके बाद में एक महिला के लिए सेक्स में रुचि खोना नॉर्मल है। इसके कई कारण होते हैं। एक व्यक्ति की सेक्स ड्राइव आमतौर पर उम्र के साथ कम हो जाती है, लेकिन मेनोपॉज के समय यौन इच्छा (sexual desire) में शामिल हार्मोन का लेवल भी एक महिला की कामेच्छा (लिबिडो) को कम कर सकता है।

मेनोपॉज से संबंधित अन्य परिवर्तन जैसे कि ख़राब नींद, ऊर्जा की कमी और वेजाइना में दर्द (vaginal pain) या वेजाइना के पतले हो जाने के कारण सूखापन भी आपके साथी की सेक्स ड्राइव को कम कर सकते हैं।

मेनोपॉज आपके साथी की भावनाओं को उन तरीकों से प्रभावित कर सकती है जो सेक्स में उसकी दिलचस्पी को कम कर सकती हैं। महिलाएँ अक्सर मेनोपॉज के दौरान चिंता, चिड़चिड़ाहट या मूड स्विंग (mood swings) की समस्याओं का अनुभव करती हैं।

मेनोपॉज से गुजरने वाली महिलाओं में अवसाद (डिप्रेशन) (depression) होने का खतरा बढ़ सकता है, जो कि मूड स्विंग से अधिक गंभीर होता है और इसके लिए इलाज की आवश्यकता होती है। यदि आपके साथी को डिप्रेशन है, या आपको संदेह है कि उसे डिप्रेशन हो सकता है, तो उसे अपने डॉक्टर को दिखाने के लिए प्रोत्साहित करें।

यदि मेनोपॉज आपके यौन जीवन (सेक्स लाइफ़) को प्रभावित कर रही है तो क्या करें?

यदि आपके पार्टनर को सेक्स में उतनी दिलचस्पी नहीं है, जितना कि उसे पहले होता था, तो ध्यान रखने वाली पहली बात यह है कि यह परिवर्तन अक्सर अस्थाई होता है।

आप अपने पार्टनर के साथ अपनी भावनाओं पर चर्चा करके और उससे अपनी आवश्यकताओं को शेयर करके इस कंडीशन को बेहतर बना सकते हैं। सिर्फ इसलिए कि आपके पार्टनर को संभोग (intercourse) की इच्छा नहीं होती, इसका मतलब यह नहीं है कि वह कोई यौन अंतरंगता (sexual intimacy) नहीं चाहती है। वह चुंबन, मालिश और ओरल सेक्स (oral sex) के साथ सहज हो सकती है। एक साथ गुणवत्ता वाले समय बिताने और उसे डेट्स पर ले जाने से आप दोनों के बीच अंतरंगता की भावनाओं को बढ़ाने में प्रोत्साहन मिल सकता है।

इस स्थिति में एक डॉक्टर भी मदद कर सकता है, इसलिए यदि आपके पार्टनर को कुछ मदद चाहिए तो उसे अपने डॉक्टर से मिलने के लिए प्रोत्साहित करें। डॉक्टर लिबिडो को बढ़ाने और वेजाइना के उन लक्षणों में सुधार करने के लिए उपचार की सलाह दे सकता है, जो सेक्स को असहज बना सकते हैं।

डॉक्टर हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एचआरटी) (Hormone replacement therapy) लेने की सलाह दे सकता है, जो यौन इच्छा बढ़ाने में मदद कर सकता है। यदि आपकी पार्टनर अपने लक्षणों को सुधारने के लिए एचआरटी (HRT) पर विचार कर रही है, तो उसे डॉक्टर से बात करने के लिए प्रोत्साहित करें। वे इन दवाओं का उपयोग करने और इन्हें प्राप्त करने और उनका उपयोग करने के बारे में आगे मार्गदर्शन करने में सक्षम होंगे। यदि एचआरटी आपके लिए प्रभावी या सुरक्षित नहीं है, तो अन्य विकल्प भी हो सकते हैं, जिन पर आप अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट से चर्चा कर सकते हैं।

आपके पार्टनर के डॉक्टर वेजाइना के दर्द (vaginal pain), सूखेपन या खुजली को ठीक करने के लिए एस्ट्रोजन लेने की सलाह भी दे सकते हैं। यह आमतौर पर एक क्रीम, रिंग या पेसरी के रूप में होता है जिसे सीधे वेजाइना में डाला जाता है।

स्नेहक (लुब्रिकेंट्स) और मॉइस्चराइज़र जो किसी फार्मेसी से खरीदे जा सकते हैं, वेजाइना की परेशानी को कम करने में भी मदद कर सकते हैं। आपकी पार्टनर उपयोग करने के लिए सर्वोत्तम उपचारों के बारे में सलाह के लिए अपने लोकल फार्मासिस्ट से बात कर सकती है।

अपनी पार्टनर को सपोर्ट करना

मेनोपॉज कई महिलाओं के लिए एक चुनौतीपूर्ण समय हो सकता है। एस्ट्रोजेन के स्तर में गिरावट के कारण होने वाले शारीरिक और भावनात्मक लक्षणों के अलावा, जीवन के इस नए चरण में प्रवेश करने से कुछ महिलाएँ उम्रदार, अनाकर्षक, और अब वे किसी काम की नहीं हैं, ऐसा समझने लग सकती हैं।

इस गाइड को पढ़ना मेनोपॉज के दौरान अपने पार्टनर को सपोर्ट करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहला कदम है। अपने आप को इस कंडीशन के बारे में शिक्षित करना, इसके लक्षण, और महिलाओं में आने वाले बदलावों को जानने के बाद आप अधिक सहनशील हो सकते हैं और अपनी पार्टनर को अधिक अच्छी तरह से समझ सकते हैं।

मेनोपॉज के दौरान अन्य तरीकों से आप अपने पार्टनर का सहयोग कर सकते हैं:

  • खुलकर संवाद करना – उसमें जो परिवर्तन आ रहे हैं उनके बारे में सम्मानपूर्वक बात करें, किसी भी परेशानी के बारे में बात करें जिसे आप अनुभव कर रहे हैं और एक जोड़े के रूप में इनका समाधान निकालें।
  • धीरज रखें – यदि वह मूड स्विंग का अनुभव करती है, तो आपको ये समझना चाहिए कि उसका उद्देश्य आपको दुःख पहुँचाना नहीं है और उसकी तकलीफों का कारण आप नहीं हैं। इसकी बजाए, उसे ख़ुशी देने के लिए छोटे-छोटे प्रयास करें।
  • सहानुभूति दिखाएँ – अपनी पार्टनर की जगह पर खुद को रखकर कल्पना करें कि यदि आपके शरीर में अचानक बदलाव हो जाए तो आपको कैसा लगेगा। उसके प्रति ठीक वैसा ही केयर और दया का भाव रखें जो आप स्वयं पाना चाहते हैं।
  • एक साथ क्वालिटी टाइम बिताएँ - चाहे आप उसे डेट पर बाहर ले जाएँ या सोफे पर बैठकर एक साथ कोई फिल्म देखें, अपनी पार्टनर के साथ बिताने के लिए अलग से समय निकालें, इससे उसे आपके प्यार को समझने में मदद मिलेगी।
  • तारीफ करें – अपनी पार्टनर को याद दिलाएँ कि वह आकर्षक है और बढ़ती उम्र के साथ अपने शरीर में होने वाले परिवर्तनों को उसके साथ शेयर करें। यह आपकी पार्टनर की आत्म छवि को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। यदि वह अपने लक्षणों को मैनेज करने के लिए संघर्ष कर रही है, तो उसे मेडिकल हेल्प लेने के लिए प्रोत्साहित करें।

डॉक्टर कैसे मदद कर सकता है?

यदि आपकी पार्टनर को लक्षणों को मैनेज करने में मुश्किल हो रही है, तो उसे अपने डॉक्टर से बात करने के लिए प्रोत्साहित करें।
वे उसकी इस से मदद कर सकते हैं:

  • उसे आश्वस्त करके कि वह जो कुछ भी अनुभव कर रही है वह नॉर्मल है।
  • रक्त परीक्षण (ब्लड टेस्ट्स) और स्कैन के साथ उसके लक्षणों की जांच करके यदि उसके लक्षण असामान्य हैं या उसकी उम्र 45 से कम है।
  • मेनोपॉज के लक्षणों के लिए उपचार (treatments for menopausal symptoms) की सलाह देकर।
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महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।