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अंडकोष की गांठ और सूजन

मेडिकली रिव्यूड

अंडकोष की गांठ और सूजन की वजह क्या होती है?

अंडकोष पुरुषों की प्रजनन प्रणाली का एक अंग हैं। ये वीर्य और टेस्टोस्टेरोन (पुरुषों के सेक्स हारमोन) पैदा करते हैं। ये अंडकोष स्क्रोटम नाम की त्वचा की ढीली थैली के अंदर होते हैं जो लिंग के पीछे के हिस्से में लटकते रहते हैं।

अंडकोष की गांठ और सूजन के कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। कुछ दुर्लभ मामलों में ये अंडकोष के कैंसर के संकेत भी हो सकते हैं। बहरहाल ज्यादातर गांठें सौम्य (कैंसर रहित) होती हैं।

अंडकोष की गांठ और सूजन के प्रकार

अंडकोष की गांठ और सूजन के चार मुख्य प्रकार होते हैं:

  • अंडकोष की नसों का सूजन(varicocele), अंडकोष की थैली के अंदर बढ़ी हुए नसों द्वारा होने वाली सूजन
  • अंडकोष की सूजन(hydrocele), अंडकोष के आसपास तरल से होने वाली सूजन
  • एपिडिडाइमल सिस्ट(epididymal cyst), एपिडिडाइमिस (अंडकोष के पीछे एक क्वॉयल्ड ट्यूब) में तरल के जमा होने से बनने वाली गांठ- अगर इनमें वीर्य होगा तो इसे अंडकोष की गांठ कहा जाता है
  • अंडकोषों की मरोड़(testicular torsion), एक अचानक होने वाली दर्द भरी सूजन उस वक्त होती है जब अंडकोष मुड़ जाता है और अंडकोष तक रक्त की आपूर्ति बाधित हो जाती है। यह एक चिकित्सकीय आपात स्थिति होती है

अंडकोष की गांठ और सूजन के कारणों के बारे में और अधिक जानकारी के लिए पढ़ें।

मुझे मेडिकल सहायता कब लेनी चाहिए?

अगर आपको आपके अंडकोष में कोई गांठ, सूजन या परिवर्तन दिखाई देता है तो अपने डॉक्टर से मिलें क्योंकि इस तरह की समस्याओं की जांच किसी हेल्थ केयर प्रोफेशनल द्वारा ही की जानी चाहिए।

अंडकोष की मरोड़ एक चिकित्सकीय आपातस्थिति होती है और इसके होने के चंद घंटों में ही सर्जरी होना जरूरी होता है।

अन्य तरह की गांठों का उपचार करने की जरूरत नहीं होती क्योंकि वे किसी तरह का कोई लक्षण पैदा नहीं करती हैं। नवजात बच्चों में होने वाली अंडकोषों की सूजन कई बार पहले साल या दूसरे साल में अपनेआप खत्म हो जाती है।

अगर गांठ की वजह से दर्द या परेशानी हो रही है तो संभावना है कि उसे सर्जिकल तरीके से हटाना पड़े।

अंडकोष की गांठ और सूजन और उसके उपचार के बारे में और अधिक जानकारी के लिए पढ़ें।

कौन प्रभावित होता है?

अंडकोषों की नसों की सूजन की समस्या काफी आम होती है जो सात में से एक आदमी को प्रभावित करती है। ये आमतौर पर किशोरावस्था की शुरुआत के बाद दिखना शुरू होती है जब शरीर पूरी तरह से यौनरूप से परिपक्व हो जाता है। इस समय तक अंडकोष पूरी तरह विकसित हो जाते हैं और प्रभावित नसों तक रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है।

अंडकोषों की वृद्धि 100 नवजात बच्चों में से एक या दो को प्रभावित करती है। ये समस्या युवाओं या पुरुषों में भी चोट या संक्रमण के बाद हो सकती है।

अंडकोष की गांठ किसी भी उम्र में हो सकती है लेकिन मध्य आयु के पुरुषों में आम है। यह एक तिहाई पुरुषों को प्रभावित करती है।

वृषण में मरोड़ आना(टेस्टिकूलर टॉर्शन) आमतौर पर 13-17 साल के लड़कों में होती है लेकिन 20 वर्ष या अधिक उम्र के पुरुषों में भी हो सकती है। यह एक असामान्य स्थिति है और अनुमान के मुताबिक 4000 में से एक पुरुष को यह समस्या होती है।

अंडकोष की गांठ और सूजन के संकेत क्या होते हैं?

अगर आपको अपने एक या दोनों अंडकोषों में गांठ या सूजन मिले तो ऐसी स्थिति में हमेशा अपने डॉक्टर से मिलें।

ज्यादातर मामलों में गांठ या सूजन कैंसर नहीं होता लेकिन आपको इसकी किसी हेल्थकेयर प्रोफेशनल से जांच करवा लेनी चाहिए।

अंडकोष की नसों में सूजन(Varicoceles)

यह आमतौर पर बायीं तरफ विकसित होती है क्योंकि इसी तरफ से नसें अंडकोषों में से पेट में प्रवेश करती हैं। वे अंडकोष की थैली में एक मुलायम गांठ की तरह विकसित होती हैं और इसे कीड़ों की थैली जैसा महसूस किया जा सकता है। इसका आकार अलग-अलग हो सकता है। कुछ केवल तभी पहचान में आ सकती हैं जब उन्हें छुआ जाता है। अन्य बड़ी हो सकती हैं और उन्हें आसानी से देखा जा सकता है। अंडकोष की थैली के किनारे जहाँ अंडकोषों की नसों की सूजन होती है दूसरी तरफ हल्के से नीचे लटक सकती हैं।

ज्यादातर मामलों में, अंडकोषों की नसों की सूजन किसी तरह का लक्षण पैदा नहीं करती। बहरहाल, 10 में से एक पुरुष को भारीपन या तेज दर्द की समस्या हो सकती है, इन अंगों में:

  • अंडकोष की थैली
  • पेट और जांघ के बीच का हिस्सा

अंडकोष की नसों की सूजन बांझपन की समस्या से जुड़ी हो सकती है। बहरहाल, इस बात का कोई साक्ष्य नहीं है कि इन्हें सर्जिकल तरीके से हटाने से बांझपन की दर में सुधार हो सकता है।

अंडकोष की वृद्धि(Hydroceles)

अंडकोष की वृद्धि नवजात बच्चों पर असर कर सकती है। लगभग सभी मामलों में एक या दोनों अंडकोषों में दर्दरहित सूजन होना ही एकमात्र लक्षण है। अंडकोष की वृद्धि कई बार ज्यादा उम्र के लड़कों और पुरुषों को प्रभावित करती है जिन्हें अंडकोष की थैली में परेशानी महसूस हो सकती है।

अंडकोष की गांठ (Epididymal cysts)

यह एक छोटी, सौम्य तरल से भरी सूजन होती है जो प्रभावित अंडकोष के पीछे या ऊपर विकसित होती है।

एपेडिडाइमल सिस्ट्स कई बार दर्दरहित होती हैं लेकिन आपके अंडकोष में खिंचाव या भारीपन हो सकता है। अगर गांठ आपके अंडकोष में या उसके पास के ढांचे पर दबाव डालती है तो आपको कुछ दर्द और परेशानी का अनुभव हो सकता है ।

आपके अंडकोष में अगर किसी तरह का कोई लक्षण दिख रहा है तो आप जांच के लिए अपने डॉक्टर के पास जाएं।

अंडकोष में मरोड़(Testicular torsion)

अन्य तरह के सौम्य(कैंसर रहित) अंडकोष की गांठ के विपरीत, अंडकोष में मरोड़ एक मेडिकल आपातकालीन स्थिति है।

अगर आपको या आपके किसी जानकार को अंडकोष में मरोड़ की समस्या है तो एम्बुलेंस बुलाएँ।

अंडकोष में मरोड़ के मामले में जितनी जल्दी संभव हो सर्जरी की जरूरत पड़ेगी ताकि अंडकोष की क्षति होने से रोका जा सके।

अंडकोष में मरोड़ के लक्षण आमतौर पर आपके एक या दोनों अंडकोषों में तेज दर्द के साथ शुरू होते हैं। अन्य लक्षणों में शामिल हैं:

  • अंडकोष की थैली में सूजन
  • मितली आना (बीमार महसूस करना)
  • उल्टी आना
  • पेट में दर्द
  • कम दर्जे का बुखार
  • बार-बार पेशाब जाने के जरूरत पड़ता

अंडकोष की मरोड़ वाले कुछ पुरुषों में अंडकोषों मे दर्द और सूजन की शिकायत पहले भी रही होती है।

अंडकोष की गांठ या सूजन होने की वजह क्या होती है?

अंडकोषों में गांठ और सूजन के कई अलग-अलग कारण हो सकता हैं।

अंडकोष का कैंसर भी एक संभावित कारण है।

गांठों के मुख्य प्रकार और उनके कारणों का विवरण यहां नीचे हैं।

अंडकोष की नसों की सूजन

अंडकोष की नसों की सूजन का सटीक कारण का ज्ञात नहीं है। बहरहाल, ज्यादातर विशेषज्ञ मानते हैं कि ये अंडकोषों से पदार्थों को बाहर निकालने वाले मार्ग की नसों में विकार होने की वजह से होती हैं। नसों के बाधित होने या नसों के वॉल्व में समस्या होने से भी ऐसा हो सकता है। वॉल्व ऐसे फ्लैप होते हैं तो रक्त को गलत दिशा में बहने से रोकते हैं।

विकार वाली नसें सामान्य नसों की तरह प्रभावी तरीके से रक्त को संचारित नहीं करतीं। इसकी वजह से नसों में अतिरिक्त खून जमा होने लगता है जिससे ये सूज जाती हैं।

जब शरीर में परिपक्वता आ रही होती है उस अवस्था में अंडकोषों तक रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है और वे बड़े होने लगते हैं। इसकी वजह से अंडकोषों की नशों की सूजन दिखने लगती है।

अंडकोष वृद्धि (हाइड्रोसील)

गर्भावस्था के दौरान आपके नर बच्चे के अंडकोष उनके पेट के अंदर विकसित होते हैं। एक बार बन जाने के बाद अंडकोष एक रास्ते से स्क्रोटम ( त्वचा की एक ढीली थैली जिसमें अंडकोष रहते हैं) में चले जाते हैं।

आमतौर पर यह मार्ग जन्म से पहले बंद होता है लेकिन कुछ मामलों में खुला ही रह जाता है। अगर यह मार्ग खुला रह जाता है तो तरल पेट से अंडकोष की थैली में चला जाता है जिसकी वजह से अंडकोष की वृद्धि से होने वाली सूजन होने लगती है।

ज्यादातर मामलों में यह तरल बच्चे के पहले या दूसरे साल में आसपास मौजूद टिशुओं द्वारा सोख लिया जाता है और अंडकोष की वृद्धि की समस्या खत्म हो जाती है।

पुरुषों का वृद्धों में होने वाली अंडकोष की वृद्धि की वजह अंडकोष की थैली में इंफ्लेमेशन ( लालिमा और सूजन) की वजह से होती है जो इन वजहों से होती है:

  • कोई चोट
  • कोई संक्रमण
  • कोई ट्यूमर (ग्रोथ)

अंडकोष की गांठ ( एपिडिडाइमल सिस्ट्स)

एपिडिडाइमिस अंडकोषों के पीछे स्थित एक क्वायल जैसी संरचना होती है जो वीर्य को जमा करने और उसे आगे भेजने में मदद करती है। कई बार एपिडिडाइमिस पर तरल से भरी सूजन पैदा हो जाती है जिसका कोई स्पष्ट कारण पता नहीं चलता।

अंडकोष की मरोड़(Testicular torsion)

अंडकोष स्पर्मेटिक कोर्ड से लटका रहता है। यह कोर्ड इतनी ढीली होनी चाहिए कि अंडकोष की थैली के अंदर अंडकोष आसानी से हिल-डुल सकें लेकिन इतने भी ढीले न हों कि वे आवश्यकता से ज्यादा हिलें।

कुछ लड़के ढीली कॉर्ड की समस्या के साथ ही जन्म लेते हैं। इसका अर्थ यह है कि उनमें अंडकोषों के अतिरिक्त रूप से हिलने का जोखिम काफी ज्यादा होता है और इससे उनकी शुक्राणु कॉर्ड में मरोड़ पैदा हो सकती है।

अगर यह कॉर्ड बुरी तरह से मुड़ जाती है तो उस अंडकोष की मुख्य रक्त की आपूर्ति बाधित हो सकती है। यह आपात स्थिति होती है। अगर इसका शीघ्र उपचार न किया गया तो अंडकोष मर सकते हैं। इनकी मरोड़ को खोलने और खून की आपूर्ति जारी रखने और अंडकोष का मरने से बचाने के लिए तुरंत सर्जरी की जरूरत होती है।

यह समस्या 13 से 17 लास के लड़कों में आम होती है। हालांकि यह उनमें भी हो सकती है:

  • 20 व अधिक की उम्र के पुरुष
  • गर्भ में अजन्मे बच्चे
  • नवजात शिशु

अंडकोष की मरोड़ कई बार चोट जैसे आघात की वजह से भी हो सकती है। बहरहाल, ज्यादातर मामले बिना किसी कारण होते हैं। अंडकोष की मरोड़ अप्रकट अंडकोष(undescended testicles) की हिस्ट्री के चलते भी हो सकती है। यह वह स्थिति होती है जिसमें कोई बच्चा उनकी अंडकोष की थैली में एक या दोनों अंडकोष के बिना पैदा होता है।

अन्य कारण

अंडकोष की गांठ या सूजन के अन्य कारणों में शामिल हैं:

  • एपिडिडाइमाइटिस- एपिडिडाइमिस की सूजन या जलन जो यौन संचारित संक्रमण या मूत्रमार्ग संक्रमण की वजह से होती है
  • एपिडिडाइमो-ऑरकाइटिस(epididymo-orchitis) - एपिडाइमाइटिस के साथ ऑरकाइटिस ( अंडकोषों की जलन) होना, यह अमूमन संक्रमण की वजह से होती है
  • इनगुइनल हर्निया(inguinal hernia)- आपके बोवल का एक टुकड़ा आपके ग्रोइन (कमर और जांघ के बीच के हिस्से) में मांसपेशी या उसके पास की मौजूद टिशू की दीवार में घुस जाता है। एक चौथाई से ज्यादा पुरुषों को उनके जीवनकाल में इनगुइनल हर्निया की समस्या होती है।

अंडकोष की गांठ या सूजन की पहचान कैसे होती है?

अगर आपको आपके अंडकोष में किसी तरह की गांठ या सूजन दिखती है तो हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें। कुछ दुर्लभ मामलों में गांठ अंडकोष के कैंसर का संकेत हो सकती है ( 100 में से चार से कम)।

डॉक्टर आपसे पूछेगा कि क्या आपको ये लक्षण हैं:

  • आपको किसी तरह का दर्द हो रहा है अगर हां तो क्या वह कितना गंभीर था और यह कितनी देर तक चला
  • कोई अन्य लक्षण जैसे जब आप पेशाब करते हैं तो दर्द होना(जो यूरिनरी ट्रेक्ट इंफेक्शन का संकेत है) या आपके यूरेथ्रा (वह ट्यूब जो ब्लैडर से पेशाब को लेकर जाती है) से किसी तरह का डिस्चार्ज होना।
  • किसी आघात की हिस्ट्री, जैसे आपके ग्रोइन में कोई स्पोर्टस इंजरी।

डॉक्टर निम्न बाते जांचने के लिए आपके अंडकोषों की जांच भी करेंगे:

  • आपके अंडकोष का आकार
  • आपकी गांठ या सूजन की पोजीशन
  • क्या हाथ लगाने पर गांठ में किसी तरह का दर्द होता है
  • गांठ मुलायम है या सख्त

अगर डॉक्टर सिर्फ जांच से इसको डायग्नोज नहीं कर सकते तो आपको अल्ट्रासाउंड करवाना होगा। इसमें हाई फ्रीक्वेसी की साउंड वेव्स का प्रयोग कर आपके शरीर के अंदर एक इमेज तैयार होती है।

वेरिकोसेलेस (अंडकोष की नसों में सूजन)

आमतौर पर डॉक्टर आपसे आपके लक्षणों के बारे में पूछताछ और आपकी शारीरिक जांच कर उसे पहचान सकता है। अमूमन आगे टेस्ट करने की जरूरत नहीं पड़ती।

विशेषज्ञ के पास भेजा जाना

कुछ मामलों में आपको यूरोलॉजिस्ट के पास भेजा जा सकता है(वे पेशाब से जुड़ी समस्याओं के उपचार में विशेषज्ञ डॉक्टर होते हैं)। उदाहरण के लिए, अगर:

  • एक वेरिकोसेल अचानक विकसित होता है
  • आपको दायीं तरफ एक सिंगल वेरिकोसेल हो
  • आपकी गांठ के कारण के बारे में अनिश्चितता हो
  • आप दर्द महसूस करें
  • इससे आपको शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा हो

इन परिस्थितियों में जांच करने के लिए अल्ट्रासाउंड के लिए कहा जा सकता है और उसमें अन्य समस्याओं की जांच की जा सकती है।

अंडकोष वृद्धि(Hydroceles)

वेरिकोसेलेस के समान, अंडकोष वृद्धि को आमतौर पर शारीरिक परीक्षण द्वारा जांचा जा सकता है।

अगर आपके बच्चे में अंडकोष वृद्धि हो जाती है तो डॉक्टर जांच करने के लिए आपके बच्चे की एंडकोष की थैली को छूकर देखेंगे कि सूजन तरल की वजह से है या कुछ सख्त तो नहीं है। आमतौर पर यह तरल साफ होता है इसलिए आपका डॉक्टर अंडकोष की थैली से एक टार्च दिखाकर जांच कर सकता है। अगर अंडकोष की वृद्धि मौजूद होती है तो अंडकोष की बाह्यरेखा तरल की पृष्ठभूमि में उभर आती है।

अगर आपको अंडकोष वृद्धि की समस्या है तो डॉक्टर आपकी अंडकोष की थैली को उपरोक्त विधि के अनुरूप जांच करेंगे। अगर आप 20 से 40 वर्ष की उम्र के हैं तो डॉक्टर आपको अंडकोष के कैंसर की संभावना को जाँचने के लिए अल्ट्रासाउंड करने के लिए रेफर कर सकते हैं ।

अगर आपके डॉक्टर को संशय है कि आपको अंडकोष की वृद्धि की वजह कोई संक्रमण है तो वे उसकी जांच करने के लिए आपके पेशाब का नमूना ले सकते हैं। डॉक्टर आपके यूरेथ्रा से सेल्स और तरल का नमूना भी स्वैब की मदद से ले सकते हैं। यह स्वैब एक सोखने वाली सामग्री का छोटा टुकड़ा होता है। यह एक स्टिक के अंत में जुड़ा होता है। इस नमूने की जांच से संक्रमण का पता लगाया जा सकता है।

अंडकोष की गांठ(Epididymal cysts)

इसे आमतौर पर शारीरिक जांच से ही पहचाना जा सकता है। इसमें आगे जांच करने की जरूरत नहीं पड़ती।

अंडकोष की मरोड़(Testicular torsion)

अंडकोषों की मरोड़ की समस्या को अमूमन अंडकोष में तेज दर्द और सूजन के विशेष लक्षणों से पहचाना जाता है।

अगर अंडकोष की मरोड़ का संशय हो तो आपको फौरन ऑपरेशन करवाने की जरूरत होगी। अगर आपको लंबे से दर्द हो रहा है तो अल्ट्रासाउंड करवाया जा सकता है।

अंडकोष की गांठ या सूजन का उपचार कैसे होता है?

आपके अंडकोष में बनी गांठ का उपचार उसकी वजहों पर निर्भर करता है।

अंडकोष की नसों में सूजन

ज्यादातर मामलों में अंडकोष की नसों की समस्या का कोई उपचार करने की जरूरत नहीं होती। अगर आपको यह समस्या है और आप दर्द और परेशानी झेल रहे हैं तो इससे आराम पाने के लिए आप ये कदम उठा सकते हैं-

  • पेनकिलर (दर्दनिवारक) लें, जैसे पैरासिटामोल
  • कसे हुए कपड़े और अंडरवियर पहनें, जिससे सपोर्ट मिल सके

अगर आपके अंडकोष की नसों की सूजन तब भी आपको परेशान करती रहती है तो सर्जरी करवाने की सलाह दी जा सकती है।

सर्जरी

अंडकोष की नसों की सूजन दूर करने के लिए सर्जिकल तकनीक वेरिकोसील एम्बोलाइजेशन का प्रयोग किया जा सकता है। आपको सर्जरी के जोखिम और फायदों के बारे में जानने के लिए एक यूरोलॉजिस्ट के पास रेफर किया जा सकता है। ये पेशाब की प्रणाली में होने वाली समस्याओं के उपचार में विशेषज्ञ डॉक्टर होते हैं।

वेरिकोसील एम्बोलाइजेशन के ज्यादातर मामले आउटपेशेंट आधार पर देखे जाते हैं जिसका अर्थ यह हुआ कि आपको रात को अस्पताल में रुकने की जरूरत नहीं पड़ती। आमतौर पर यह लोकल एनेस्थेटिक (प्रभावित हिस्से का सुन्न करने के लिए दर्दनिवारक दवा देना) के अधीन किया जाता है।

आपका सर्जन आपके अंडकोष की प्रभावित नस में एक छोटी ट्यूब डालने के लिए गाइड के रूप में एक्स-रे उपकरण का प्रयोग करेगा। नसों को बाधित करने के लिए वह मेटल क्वायल या विशेष तरल पदार्थ का प्रयोग करते हैं। रक्त बाधित नसों से होकर गुजरता है जिससे सूजन कम होती है और नसों की सूजऩ यानी वेरिकोसील खत्म हो जाती है।

वेरिकोसील एम्बोलाइजेशन काफी सुरक्षित प्रक्रिया है हालांकि इसमें संक्रमण का छोटा सा जोखिम भी होता है। अगर संक्रमण हो जाता है तो उसे एंटीबायोटिक्स(बैक्टीरिया संक्रमण का उपचार करने की दवा) से ठीक किया जा सकता है। अन्य संभावित जोखिमों में शामिल हैं:

  • अंडकोष की नसों की सूजन का लौटना
  • अंडकोष की थैली में सुन्नपन या दर्द

कुछ मामलों में चौड़ी हो चुकी नसों को सीधे विभक्त कर सर्जरी के रूप में अलग उपचार किया जाता है। आमतौर पर यह जनरल एनेस्थेटिक के अधीन किया जाता है इसलिए आपको बेहोश करन पड़ता है। आपका सर्जन आपके ग्रइन में एक कट बनाएगा और चौड़ी हो गई नस को तलाश कर उसे हटा देगा।

10 में से 9 ऐसे मामलों में सर्जरी से सफलता पाई जाती है।

अंडकोष की वृद्धि

नवजात बच्चों में अंडकोष की वृद्धि की समस्या अमूमन उसके दो साल तक पहुंचने पर खत्म हो जाती है। उपचार की जरूरत केवल तभी पड़ती है जब यह समस्या लंबे समय तक चलती रहती है या दर्द और परेशानी बनी रहती है।

सर्जरी

अगर आपको अंडकोष की वृद्धि का उपचार करवाना है तो इसके लिए हाइड्रोसीलेक्टोमी(hydrocelectomy) नाम का सर्जिकल प्रोसीजर करवाने की सलाह दी जाती है।

हाइड्रोसीलेक्टोमी जनरल एनेस्थेटिक के अधीन की जाती है। बच्चों में पेट और अंडकोष की थैली के बीच के रास्ते को बंद करने से पहले ग्रोइन में एक कट बनाया जाता है। वयस्कों में अंडकोष की थैली में कट बनाया जाता है और उसमें से तरल को बहार निकाल लिया जाता है और घुलने वाले टांकों से उस कट को बंद कर दिया जाता है। ज्यादातर लोग ऑपरेशन करवाने के बाद जल्द घर जा सकते हैं।

वेरिकोसील एम्बोलाइजेशन की तरह, हाइड्रोसीलेक्टोमी के बाद संक्रमण का छोटा सा जोखिम होता है। बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए ऑपरेशन से पहले और उसके दौरान एंटीबायोटिक्स दी जा सकती है।

अंडकोष की गांठ (Epididymal cysts)

इसके लिए आमतौर पर किसी उपचार की जरूरत नहीं होती। बहरहाल, अगर उन्हें किसी तरह की परेशानी वाले लक्षण दिख रहे हैं तो यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करें।

आपका यूरोलॉजिस्ट आगे की उपचार की सलाह दे सकता है और जनरल एनेस्थेटिक के अधीन पूरी गांठ को हटाने के लिए सर्जरी का सुझाव दे सकता है।

अंडकोष में मरोड़

अगर आपको इसकी कोई समस्या है तो आपको उसे सही स्थिति में लाने के लिए जितना जल्दी हो सके सर्जरी करवाने की जरूरत होगी। अंडकोष में मरोड़ होने के चार घंटे के अंदर अंडकोष को स्थायी क्षति हो सकती है जिससे आपके बच्चे पैदा करने की क्षमता पर असर पड़ सकता है या आपका अंडकोष पूरी तरह खराब भी हो सकता है।

इसकी सर्जरी जनरल एनेस्थेटिक में की जाती है। सर्जन स्पेरमैटिक कॉर्ड(वह कॉर्ड जिससे आपके अंडकोष थैली के अंदर लटके रहते हैं) की मरोड़ को खोलने से पहले आपकी अंडकोष की थैली में कट बनाता है। अंडकोष दोबारा मरोड़ न खाएं इसके लिए उन्हें थैली के अंदर सिल दिया जाता है।

सर्जरी के लिए आप जितनी देर इंतजार करेंगे उतना ही जोखिम बढ़ता जाएगा और सर्जन आपके मरोड़ खाए हुए अंडकोष को बचाने में उतना ही असफल होता जाएगा। आंकड़े बताते हैं कि मरोड़ खाने के 6 घंटे के अंदर सर्जरी करने से 10 में से 9 अंडकोष को बचाया जा सका है। बहरहाल, अगर सर्जरी 24 घंटे तक देरी से होती है तो 10 में से केवल एक अंडकोष को ही बचाया जा सका।

अंडकोष की मरोड़ की सर्जरी के बाद आपको एक सप्ताह तक भारी श्रम वाले काम नहीं करने चाहिए। सर्जन आपको इस बारे में सलाह देगा।

अन्य प्रकार के गाँठ

अन्य प्रकार की गांठों का उपचार उनके कारणों के आधार पर दूसरी तरह से किया जाता है। उदाहरण के लिए अगर आपकी गांठ किसी संक्रमण की वजह से है तो संक्रमण का इलाज एंटीबायोटिक्स से किया जाएगा।

यौन संचारित संक्रमणों(एसटीआई) और मूत्र मार्ग संक्रमणों के बारे में अधिक जानकारी के लिए पढ़ें।

अगर आपमें अंडकोष के कैंसर की पहचान हुई है तो सर्जरी या रेडियोथेरपी से उसका उपचार किया जा सकता है। अंडकोष के कैंसर के उपचार के बारे में अधिक जानकारी के लिए पढ़ें।

अगर आपमें जांघ के जोड़ में होने वाले हर्निया (इनगुइनल हर्निया) की पहचान हुई है तो आमतौर पर ऑपरेशन ही इसका इलाज होता है। इनगुइनल हर्निया के बारे में अधिक जानकारी के लिए पढ़ें।

सामग्री का स्त्रोतNHS लोगोnhs.uk
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महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

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