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पैरों में ऐंठन (Leg cramps)

मेडिकल समीक्षा के साथ

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यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है।

पैरों की ऐंठन क्या है? (What are leg cramps?)

पैरों में ऐंठन एक सामान्य और आमतौर पर हानिरहित स्थिति है जिसमें आपके पैरों की मांसपेशियां अचानक सख्त और दर्दनाक हो जाती हैं।

यह आमतौर पर पिंडली की मांसपेशियों में होती है, हालांकि यह आपके पांवों और जांघों सहित आपकी टांग के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकती है।

ऐंठन खत्म हो जाने के बाद, आपको कई घंटों तक अपने पैरों में दर्द और कोमलता महसूस हो सकती है।

इसके चार में से तीन मामले रात में सोते समय होते हैं।

पैरों की ऐंठन (leg cramps) के लक्षणों के बारे में और पढ़ें।

पैरों में ऐंठन किस वजह से होती है? (What causes leg cramps?)

पैरों में ऐंठन बिना किसी स्पष्ट कारण के हो सकती है, जिसे इडियोपैथिक लेग क्रैम्प (idiopathic leg cramp) के रूप में जाना जाता है, या यह एक लक्षण या स्वास्थ्य की स्थिति की जटिलता के रूप हो सकती है, जिसे सेकेंडरी लेग क्रैम्प (secondary leg cramps) के रूप में जाना जाता है।

सेकेंडरी लेग क्रैम्प के कारणों में शामिल हो सकते हैं:

गर्भावस्था

व्यायाम

कुछ प्रकार की दवाएँ, जैसे स्टैटिन (statins) (ऐसी दवाएं जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करती हैं)

लीवर के रोग

ऐंठन के दौरान, आपकी मांसपेशियां अचानक सिकुड़ जाती हैं (छोटी हो जाती हैं), जिससे आपके पैर में दर्द होता है। इसे ऐंठन या स्पैज़म (spasm) के नाम से जाना जाता है, और आप प्रभावित मांसपेशी को नियंत्रित नहीं कर सकते।

ऐंठन कुछ सेकंड से लेकर 10 मिनट तक रह सकती है। जब ऐंठन खत्म हो जाती है, तो आप प्रभावित मांसपेशी को फिर से नियंत्रित करने में सक्षम होंगे।

पैरों की ऐंठन के कारणों के बारे में और पढ़ें।

अपने चिकित्सक से कब मिला चाहिए (When to see your doctor?)

यदि आपके पैरों की ऐंठन आपके जीवन को प्रभावित कर रही है तो अपने चिकित्सक से बात करें, उदाहरण के लिए, यदि आपको लगातार पैरों की ऐंठन है या वह आपकी नींद में हस्तक्षेप कर रही है।

आपका डॉक्टर आपके लक्षणों के बारे में पूछेगा और आपकी टांगों और पैरों की जांच करेगा। वे यह भी पूछ सकते हैं कि क्या आपमें कोई अन्य लक्षण हैं, जैसे सुन्नता या सूजन, जो एक संकेत हो सकता है कि आपके पैरों में ऐंठन आपकी अंतर्निहित स्थिति के कारण है।

इस मामले में, आपको अन्य स्थितियों का शक दूर करने के लिए रक्त परीक्षण और मूत्र परीक्षण जैसे और परीक्षणों की आवश्यकता हो सकती है।

पैरों में ऐंठन का इलाज (Treating leg cramps)

पैरों में ऐंठन के अधिकांश मामलों में प्रभावित मांसपेशियों के व्यायाम से राहत मिल सकती है। दिन के दौरान अपने पैरों का व्यायाम करना अक्सर इस बात को कम करने में मदद करेगा कि आपको कितनी बार पैरों में ऐंठन होती है।

खिंचाव (Stretches)

अपनी पिंडली की मांसपेशियों के खिंचाव के लिए, अपने पैरों के सामने के आधे हिस्से के साथ एक कदम पर खड़े हों, अपनी एड़ी को किनारे से लटकाएं। अपनी एड़ी को धीरे-धीरे नीचे करें ताकि वे कदम के स्तर से नीचे हों। अपनी एड़ी को वापस प्रारंभिक स्थिति तक उठाने से पहले कुछ सेकंड के लिए रुकें। ऐसा कई बार दोहराएं।

दवा आमतौर पर केवल उन मामलों में आवश्यक है जहां ऐंठन नियमित तौर पर होती है और इस पर व्यायाम का असर नहीं होता है।

यदि आपको सेकेंडरी लेग क्रैम्प (secondary leg cramps) है, तो अंतर्निहित कारण का इलाज करने से आपके लक्षणों को दूर करने में मदद मिल सकती है।

गर्भावस्था के दौरान होने वाली पैरों की ऐंठन बच्चे के जन्म के बाद खत्म हो जानी चाहिए।

लिवर की गंभीर बीमारी के परिणामस्वरूप होने वाली ऐंठन का इलाज करना अधिक कठिन हो सकता है। आपकी उपचार योजना में मांसपेशियों को आराम देने वाली दवाओं का उपयोग करना शामिल हो सकता है।

पैरों की ऐंठन के इलाज के बारे में और पढ़ें।

पैरों की ऐंठन को रोकना (Preventing leg cramps)

यदि आपको अक्सर पैरों में ऐंठन होती है, तो आपके पैरों की निचली मांसपेशियों को नियमित रूप से खींचने से ऐंठन को रोकने या कम करने में मदद मिल सकती है।

प्रत्येक रात सोने जाने से पहले अपनी पिंडलियों को स्ट्रेच करना (खिंचाव देना) आपके लिए उपयोगी हो सकता है (ऊपर दी गई स्ट्रेच संबंधी सलाह देखें)।

रात के समय निम्नलिखित सलाह भी मदद कर सकती है:

यदि आप अपनी पीठ के बल लेटते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपके पैरों की उंगलियां ऊपर की ओर हों- अपने बिस्तर के अंत में एक तकिया इसकी तरफ रखकर, अपने पैरों के तलवों को इसके विरुद्ध ऊपर ले जाने से आपके पैरों को सही स्थिति में रखने में मदद मिल सकती है।

यदि आप सीधे लेटते हैं, तो अपने पैरों को बिस्तर के सिरे पर लटकाएं - यह आपके पैरों को आराम की स्थिति में रखेगा और आपकी पिंडली में मांसपेशियों को सिकुड़ने और सख्त होने से रोकने में मदद करेगा।

अपनी चादरें और कंबल ढीले रखें।

पैरों में ऐंठन के लक्षण

पैर की ऐंठन पैर की मांसपेशियों में अचानक और गंभीर दर्द का एक प्रकरण है, जो पैर की मांसपेशियों के अनैच्छिक संकुचन (छोटा होने) के कारण होती है।

अधिकांश मामलों में ऐंठन पिंडली की मांसपेशियों में होती है और पैरों व जांघों में सामान्यतः कम होती है।

ऐंठन कुछ सेकंड से लेकर 10 मिनट तक रह सकती है। जांघ की मांसपेशियों में ऐंठन सबसे लंबे समय तक रहती है।

ऐंठन होने के दौरान, प्रभावित मांसपेशियां तंग और दर्दनाक हो जाएंगी और पैर व पैरों की उंगलियां कड़ी हो जाएंगी।

ऐंठन खत्म हो जाने के बाद, आपको कई घंटों तक पैरों में दर्द और कोमलता महसूस हो सकती है।

डॉक्टरी सलाह कब लें (When to seek medical advice?)

यदि आपके पैरों में ऐंठन केवल कभी-कभी होती है, तो यह चिंता का कारण नहीं है और आपको चिकित्सीय उपचार की आवश्यकता नहीं है।

आपको डॉक्टर से मिलने की जरूरत केवल तभी होगी, जब आपके पैरों में अक्सर ऐंठन होती है, या ऐंठन इतनी दर्दनाक होती है जिससे आपकी नींद में खलल पड़ता है, और अगले दिन आप सामान्य तौर पर काम नहीं कर पाते हैं।

अगर आपके पैरों की मांसपेशियां सिकुड़ रही हैं या कमजोर हो रही हैं, तो भी आपको अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए।

तत्काल चिकित्सीय सलाह कब लेनी चाहिए (When to seek immediate medical advice?)

ऐसी दो स्थितियाँ हैं जिनमें पैरों की ऐंठन एक अधिक गंभीर अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थिति का संकेत हो सकती है।

आपको तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए यदि:

  • व्यायाम के बावजूद ऐंठन 10 मिनट से अधिक समय तक रहती है और स्थिति में सुधार नहीं आता है।
  • आपके द्वारा विषाक्त (जहरीले) या संक्रामक पदार्थों के संपर्क में आने के बाद ऐंठन विकसित होती है, उदाहरण के लिए, यदि आपके शरीर पर एक कट है जो मिट्टी से दूषित है, जो कभी-कभी एक जीवाणु संक्रमण का कारण बन सकता है, जैसे टेटनस, या पारा या सीसा जैसे तत्वों के संपर्क में आने के बाद

इन परिस्थितियों में, तुरंत सलाह के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें। यदि यह संभव न हो, तो अपने स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।

पैरों में ऐंठन के कारण (Causes of leg cramps)

पैरों में ऐंठन का कारण कभी-कभी अज्ञात (इडियोपैथिक) होता है। अन्य मामलों में, अंतर्निहित स्थिति या कोई अन्य पहचान योग्य कारण हो सकता है।

इडियोपैथिक लेग क्रैम्प (Idiopathic leg cramps)

यद्यपि इडियोपैथिक लेग क्रैम्प का कारण अज्ञात है, लेकिन इडियोपैथिक लेग क्रैम्प (Idiopathic leg cramps) के कारणों के बारे में कई सिद्धांत हैं। इसमें शामिल है:

  • नींद के दौरान असामान्य तंत्रिका गतिविधि जिसके कारण पैरों की मांसपेशियों में ऐंठन होती है
  • पैरों की मांसपेशियों पर अत्यधिक दबाव, जैसे कि व्यायाम करते समय, इससे मांसपेशियों में निश्चित समय पर ऐंठन पैदा हो सकती है।
  • प्रभावित मांसपेशियों में रक्त की आपूर्ति में अचानक रुकावट

इसके अलावा, जैसे-जैसे एक व्यक्ति की उम्र बढती जाती है, रेशों का बंडल विशेषकर मांसपेशियों या तंत्रिकाओं अथवा नसों का गुच्छा (tendons) प्राकृतिक रूप से छोटा होता जाता है, जो यह समझाता है कि वृद्ध लोग विशेष रूप से पैरों की ऐंठन से क्यों प्रभावित होते हैं। टेंडन्स टिशू के सख्त बैंड होते हैं जो मांसपेशियों को हड्डी से जोड़ते हैं। यदि आपके टेंडन बहुत छोटे हो जाते हैं, तो वे उनसे जुड़ी मांसपेशियों में ऐंठन पैदा कर सकते हैं।

सेकेंडरी लेग क्रैम्प (Secondary leg cramps)

सेकेंडरी लेग क्रैम्प एक अंतर्निहित स्थिति या किसी अन्य पहचान योग्य कारण के कारण होती है। इसमें शामिल है:

  • गर्भावस्था: गर्भावस्था का अतिरिक्त वजन पैरों की मांसपेशियों पर खिंचाव डाल सकता है, जिससे वे ऐंठन की चपेट में आ सकती हैं
  • व्यायाम: पैरों में ऐंठन का अनुभव अक्सर व्यायाम के बाद आराम करने पर होता है
  • न्यूरोलॉजिकल स्थितियां (आपके पैर की मांसपेशियों में नसों को प्रभावित करने वाली स्थितियां); उदाहरण के लिए, मोटर न्यूरोन बीमारी (जहां मस्तिष्क और रीढ़ की नसें धीरे-धीरे काम करना बंद कर देती हैं) या परिधीय न्यूरोपैथी (जहां पैर के अंदर की नसें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं)
  • लिवर संबंधी रोग: यदि आपका लिवर ठीक से काम करना बंद कर देता है, तो आपके रक्त में विषाक्त पदार्थों का निर्माण होगा, जिससे आपकी मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती हैं
  • संक्रमण: कुछ प्रकार के जीवाणु संक्रमण, जैसे टेटनस, मांसपेशियों में ऐंठन और मरोड़ पैदा कर सकते हैं
  • विषैले पदार्थ: कुछ लोगों में, रक्त में विषैले (जहरीले) पदार्थों जैसे कि सीसा या पारा, का उच्च स्तर पैरों में ऐंठन कर सकता है
  • निर्जलीकरण: कुछ लोगों में, शरीर में पानी का कम स्तर आपके साल्ट लेवल में समान कमी ला सकता है, जिससे मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है

दवाई (Medication)

कुछ दवाओं को कई लोगों में पैरों में ऐंठन का कारण माना जाता है। इनमें शामिल है:

मूत्रवर्धक: ये शरीर से तरल पदार्थ को निकालते हैं और उच्च रक्तचाप, दिल की विफलता और गुर्दे की बीमारी के कुछ प्रकारों के उपचार के लिए उपयोग किए जाते हैं

स्टेटिन्स (statins): इनका उपयोग उन लोगों में किया जाता है जिनके रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर उच्च होता है।

रालोक्सीफेन (Raloxifene): इसका उपयोग रजोनिवृत्ति (menopause) का अनुभव करने वाली महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों का पतला होना) (osteoporosis) को रोकने के लिए किया जाता है।

निफ़ेडीपाइन (nifedipine): इसका उपयोग एनजाइना (angina) और रेनॉड फिनोमेना (जब अंगुलियों में रक्त की आपूर्ति में रुकावट होती है) (Raynaud’s phenomenon) के इलाज के लिए किया जाता है

निकोटिनिक एसिड (nicotinic acid): इसका उपयोग उच्च कोलेस्ट्रॉल के इलाज के लिए किया जाता है

यदि आपको लगता है कि आपकी दवा आपके पैरों में ऐंठन पैदा कर रही है तो अपने चिकित्सक से संपर्क करें क्योंकि आपकी खुराक को समायोजित करने की आवश्यकता हो सकती है। जब तक आपके डॉक्टर या एक अन्य योग्य स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर जो आपकी देखभाल के लिए ज़िम्मेदार हो, की सलाह न हो, तब तक आप एक निर्धारित दवा लेना बंद न करें।

पैरों की ऐंठन का उपचार

यदि आपके पैरों में ऐंठन का कारण ज्ञात है, तो अंतर्निहित कारण का इलाज संभव हो सकता है।

उदाहरण के लिए, लिवर की बीमारी से संबंधित सेकेंडरी लेग क्रैम्प (secondary leg cramps) रक्त में विषाक्त पदार्थों के उच्च स्तर के कारण होती है जो मांसपेशियों में मरोड़ पैदा करती है। इसलिए, आपकी मांसपेशियों में ऐंठन होने से रोकने में मदद करने के लिए मांसपेशी रिलैक्सेंट का उपयोग किया जा सकता है।

यदि आपके पैरों में ऐंठन का कारण अज्ञात है (प्राथमिक इडियोपैथिक लेग क्रैम्प), तो आमतौर पर व्यायाम और दर्द निवारक दवा के एक संयोजन की सिफारिश की जाती है।

व्यायाम (Exercises)

पैरों में ऐंठन के अधिकांश मामलों का इलाज व्यायाम से किया जा सकता है। दो प्रकार के व्यायाम हैं जो आप कर सकते हैं:

दर्द से राहत पाने और ऐंठन को रोकने के लिए ऐंठन के दौरान आप जो व्यायाम करते हैं

व्यायाम जो आप दिन के दौरान करते हैं ताकि पैरों में ऐंठन कि संख्या कम हो सके।

व्यायाम के दो प्रकार नीचे दिए गए हैं।

ऐंठन के दौरान किए जाने वाले व्यायाम (Exercises during cramps)

पैरों में ऐंठन होने के दौरान, प्रभावित मांसपेशियों को खिंचाव दें और मालिश करें।

उदाहरण के लिए, यदि आपकी पिंडली की मांसपेशियों में ऐंठन है:

अपनी टांग को सीधा करें और अपने पैर को ऊपर की ओर उठाएं, इसे टखने पर झुकाएं ताकि आपके पैर की उँगलियाँ आपकी पिंडली की ओर हों।

कुछ मिनटों के लिए अपनी एड़ी पर घूमें।

ऐंठन को रोकने के लिए व्यायाम (Exercises to prevent cramps)

भविष्य में ऐंठन के जोखिम को कम करने के लिए, आपको दिन में तीन बार प्रभावित मांसपेशियों को स्ट्रेच करने के लिए व्यायाम करना चाहिए।

उदाहरण के लिए, यदि आपकी पिंडली की मांसपेशियां ऐंठन से प्रभावित हैं, तो निम्न व्यायाम फायदेमंद होना चाहिए:

  • दीवार से लगभग एक मीटर की दूरी पर खड़े हों
  • अपने पैरों के तलवों को फर्श पर सीधे रखते हुए दीवार को छूने के लिए अपनी बाहों के साथ आगे की ओर झुकें
  • छोड़ने से पहले पांच सेकंड के लिए इस स्थिति में बने रहें
  • पांच मिनट के लिए व्यायाम दोहराएं

सर्वोत्तम परिणामों के लिए, आपको दिन में तीन बार इस व्यायाम को दोहराना चाहिए, जिसमें सोने जाने से ठीक पहले का एक सत्र भी शामिल है।

यदि आप इन व्यायामों को उपयोगी पाते हैं, तो आप उन्हें तब तक करते रह सकते हैं जब तक आप कर सकते हैं।

दर्दनिवारक (Painkillers)

यदि आपके पैर में दर्द है जो ऐंठन होने के बाद बना रहता है, तो एक ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक, जैसे कि पेरासिटामोल या इबुप्रोफेन दर्द को कम करने में मदद कर सकता है।

कुनैन की दवा (Quinine)

कुनैन एक दवा है जिसे मूल रूप से मलेरिया के इलाज के लिए बनाया गया था। बाद के शोध में यह पाया गया है कि यह पैरों की ऐंठन की आवृत्ति को कम करने में भी काफी प्रभावी हो सकती है।

हालांकि, एक छोटी सी सम्भावना है कि कुनैन कुछ अप्रिय दुष्प्रभाव उत्पन्न कर सकती है, जिसमे शामिल हैं:

  • टिनिटस (आपके कान में घंटियाँ बजना)
  • कम सुनाई देना
  • सिरदर्द
  • मतली (बीमार महसूस करना)
  • नजर की खराबी
  • भ्रम की स्थिति
  • गर्मी लगना

थ्रोम्बोसाइटोपेनिया (Thrombocytopenia) कुनैन की एक दुर्लभ लेकिन अधिक गंभीर जटिलता है। यह तब होता है जब आपके रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या खतरनाक स्तर तक गिर जाती है। प्लेटलेट्स रक्त का थक्का जमने में मदद करते हैं जिसका अर्थ है कि थ्रोम्बोसाइटोपेनिया वाले लोगों में अत्यधिक रक्तस्राव का खतरा बढ़ जाता है जैसे:

  • नाक से खून बहना
  • मसूड़ों से खून बहना
  • आंख के अंदर रक्तस्राव
  • खोपड़ी या पाचन तंत्र के अंदर रक्तस्राव (दोनों घातक हो सकते है)

पैरों की ऐंठन को रोकने के लिए कुनैन लेने के बाद लोगों में थ्रोम्बोसाइटोपेनिया होने से मरने के कई मामले सामने आए हैं

कुनैन की अपनी अनुशंसित खुराक से अधिक कभी न लें। कुनैन की अधिकता से स्थायी अंधापन और मृत्यु हो सकती है।

इन छोटे लेकिन संभावित जोखिमों के कारण, आपका डॉक्टर कुनैन केवल तभी लिखेगा जब इस बात के प्रमाण हों कि उपचार के संभावित लाभ जोखिमों से अधिक हैं।

यह अनुशंसा की जाती है कि कुनैन केवल तभी निर्धारित की जाए जब:

  • आपने ऊपर बताई गई व्यायाम तकनीकों को कर लिया है और उससे आपके पैर की ऐंठन को रोकने में मदद नहीं मिली है।
  • आपको नियमित रूप से पैरों की ऐंठन होती है जो आपके जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करती है।

इन परिस्थितियों में, आपको कुनैन का चार सप्ताह का कोर्स दिया जा सकता है। इस समय के बाद, यदि आपको कोई लाभ नहीं मिला, तो उपचार बंद कर दिया जाएगा।

यदि आप ऊपर सूचीबद्ध किसी भी दुष्प्रभाव का अनुभव करते हैं, तो तुरंत कुनैन लेना बंद कर दें और अपने चिकित्सक से संपर्क करें।

NHS के मूल कॉन्टेंट का अनुवादHealthily लोगो
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महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।