COVID-19: नवीनतम सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक करें

×
15 min read

कुपोषण (Malnutrition)

मेडिकल समीक्षा के साथ

स्वास्थ्य संबंधी सभी लेखों की चिकित्सीय सुरक्षा जांच की जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जानकारी चिकित्सकीय रूप से सुरक्षित है। अधिक जानकारी के लिए हमारी सम्पादकीय नीति देखें।

यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है।

कुपोषण क्या है? (What is malnutrition?)

कुपोषण (malnutrition) जैसी गंभीर स्थिति तब पैदा होती है जब किसी व्यक्ति के आहार में सही मात्रा में पोषक तत्व नहीं होते हैं।

इसे खराब पोषण के नाम से भी जाना जाता है, जो निम्न स्थितियों को दर्शा सकता है:

  • कम पोषण (undernutrition) - यह स्थिति जब आपको आहार meinपर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व नहीं प्राप्त होता।
  • अधिक पोषण (Overnutrition) – जब आपको आवश्यकता से अधिक पोषक तत्व प्राप्त होते हैं।

यह जानकारी कुपोषण (malnutrition) पर केंद्रित है। अधिक पोषण से पैदा होने वाली समस्याओं के बारे में जानने के लिए मोटापे (obesity) के बारे में विस्तार से पढ़ें।

इससे कौन प्रभावित होता है? (Who is affected)

कुपोषण एक आम स्वास्थ्य समस्या हैं।

कुपोषण या तो अपर्याप्त आहार या भोजन से पोषक तत्वों को अवशोषित करने में समस्या के कारण होता है। कम गतिशीलता, दीर्घकालिक स्वास्थ्य स्थिति या कम आय सहित इसके कई कारण हो सकते हैं।

कुपोषण के कारणों (causes of malnutrition) के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए पढ़ें।

कुपोषण के संकेत क्या हैं? (Signs of malnutrition)

कुपोषण का सबसे आम लक्षण अनियोजित रूप से वजन का घटना है (आमतौर पर तीन से छह महीनों के भीतर आपके शरीर के वजन में 5-10% से अधिक की कमी), हालांकि, इसके अन्य संकेतों में शामिल हो सकते हैं:

  • कमजोर मांसपेशियां
  • हर समय थकान महसूस करना
  • उदास मन
  • बीमारियों या संक्रमण में वृद्धि

अधिक पोषण का मुख्य संकेत अधिक वजन या मोटापा है। हालांकि, कम पोषण पाने वाले लोग भी मोटापे का शिकार हो सकते हैं, यदि वे अधिक कैलोरी, लेकिन अन्य पोषक तत्वों कि कमी वाला आहार लेते हैं।

बच्चों में कुपोषण के निम्न संकेत देखे जा सकते हैं-

अपेक्षित दर से बढ़ने में विफलता

व्यवहार में बदलाव जैसे असामान्य रूप से चिड़चिड़ा, सुस्त या चिंतित दिखाई देना

आपके बच्चे के वजन और शारीरिक विकास का आपके जीवन के पहले कुछ वर्षों में नियमित रूप से आपके डॉक्टर द्वारा मूल्यांकन किया जाना चाहिए। यदि आपको अपने बच्चे के विकास या स्वास्थ्य के बारे में कोई चिंता है तो उनसे बात करें।

कुपोषण के लक्षणों के बारे में और पढ़ें।

डॉक्टर को कब दिखाएँ? (When to see your doctor?)

यदि आपका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 18.5 से कम है या आप उपरोक्त लक्षणों में से किसी को महसूस या अनुभव करते हैं, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

बीएमआई के माध्यम से यह जाना जाता है कि क्या आपकी ऊंचाई के आधार पर आपका वजन सही है।

यदि आपको लगता है कि आप या आपके संपर्क में कोई कुपोषण का शिकार है तो आपको फौरन डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। वह कुपोषण के संकेतों की जांच करेंगे और उन स्थितियों पर ध्यान केंद्रित करेंगे जो कुपोषण का कारण हो सकती हैं।

कुपोषण (malnutrition) के निदान के बारे में और पढ़ें।

कुपोषण का इलाज कैसे किया जाता है? (How is malnutrition treated?)

आपके कुपोषण के कारण और गंभीरता के आधार पर, उपचार घर पर या अस्पताल में किया जा सकता है।

कुपोषण से पीड़ित व्यक्तियों के उपचार में सबसे मुख्य है आहार परिवर्तन। यदि आप कुपोषित हैं तो आपके आहार में पोषक तत्वों की खुराक को शामिल किया जाता है, साथ में, या पोषक सप्लीमेंट के बिना।

यदि आप अपनी पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त खाने में असमर्थ हैं, तो दो मुख्य उपचार विकल्प हैं:

  • पाचन तंत्र में सीधे पोषक तत्व प्रदान करने के लिए एक फीडिंग ट्यूब का उपयोग किया जा सकता है
  • एक ड्रिप का उपयोग पोषक तत्वों और तरल पदार्थों को सीधे नसों के माध्यम से शरीर तक पहुंचाने के लिए किया जा सकता है

कुपोषण के इलाज के बारे में और पढ़ें।

कुपोषण के लक्षण (Malnutrition symptoms)

कुपोषण का सबसे आम लक्षण अनियोजित और रहस्यमय तरीके से वजन घटना है।

वयस्क (Adults)

यदि तीन से छह महीनों के भीतर आपके शरीर का 5-10 प्रतिशत वजन कम हो जाए वह भी तब जब आप डायट नहीं कर रहे हैं, तो यह दर्शाता है कि आपको कुपोषण होने का खतरा हो सकता है।

कभी-कभी वजन कम होना स्पष्ट नहीं होता है, क्योंकि यह समय के साथ धीरे-धीरे होता है। आप देख सकते हैं कि आपके कपड़े, बेल्ट और आभूषण धीरे-धीरे ढीले होते जाते हैं।

कुपोषण के अन्य लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:

  • हर समय थकान महसूस करना और ऊर्जा की कमी होना
  • संक्रमणों से उबरने में लंबा समय लेना
  • घाव भरने में देरी
  • चिड़चिड़ापन
  • कमज़ोर एकाग्रता
  • गर्म रहने में मुश्किल
  • लगातार दस्त होना
  • अवसाद (depression)

आप कुपोषित हैं या नहीं यह जानने के लिए अपने बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) को मापें। यह इस बात को निर्धारित कर सकता है कि क्या आपकी उंचाई के आधार पर आपका वजन सही है।

अधिकांश वयस्कों के लिए एक स्वस्थ बीएमआई 18.5 और 24.9 के बीच है। 18.5 के नीचे बीएमआई होने पर आप कुपोषित होने के उच्च जोखिम में हैं, हालांकि आपके जोखिम पर भी विचार किया जा सकता है यदि आपके बीएमआई 18.5 और 20 के बीच में है।

हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि बीएमआई और वजन घटना कुपोषण का एकमात्र संकेत नहीं है। एक व्यक्ति अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हो सकता है और फिर भी कुपोषित हो सकता है। यह उन खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों के सेवन का परिणाम हो सकता है जिनमें वसा और चीनी की मात्रा अधिक होती है, लेकिन विटामिन और खनिजों की मात्रा बेहद कम होती है।

डॉक्टर से परामर्श कब करें (When to see your doctor?)

यदि आपका बीएमाई 18.5 से कम है, पिछले तीन से छह महीनों के भीतर आपके शरीर का 5-10 प्रतिशत वजन कम हुआ है, या आपको उपरोक्त में से कोई भी एक लक्षण हो तो फौरन अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

बच्चे (Children)

बच्चों में कुपोषण के लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:

  • वजन और ऊंचाई दोनों के संदर्भ में अपेक्षित दर से बढ़ने में विफलता।
  • व्यवहार में बदलाव जैसे असामान्य रूप से चिड़चिड़ापन, सुस्त या चिंतित दिखाई देना
  • बालों और त्वचा के रंग में बदलाव

डॉक्टर से कब संपर्क करें (When to see your doctor?)

जन्म के बाद शुरूआती कुछ वर्षों तक आपके बच्चे के वजन औऱ शारीरिक विकास का नियमित रूप से डॉक्टरों द्वारा मूल्यांकन किया जाना चाहिए।

यदि आपको अपने बच्चे के विकास या स्वास्थ्य के बारे में कोई चिंता है, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

कुपोषण के कारण (Causes of malnutrition)

कुपोषण मुख्य रूप से आपके आहार में पोषक तत्वों की कमी के कारण होता है।

यह या तो एक अपर्याप्त आहार या भोजन से पोषक तत्वों को अवशोषित करने में समस्याओं के कारण होता है। इनमें से कुछ कारण नीचे सूचीबद्ध हैं।

मेडिकल स्थिति (Medical condition)

कुपोषण के लिए जिम्मेदार मेडिकल स्थितियों में शामिल हैं:

  • एक ऐसी स्थिति जो भूख की कमी का कारण बनती है, जैसे कैंसर, लिवर रोग, लगातार दर्द या मतली।
  • स्वास्थ्य संबंधी मानसिक स्थिति, जैसे अवसाद या सिज़ोफ्रेनिया (schizophrenia), जो स्वयं की देखभाल करने की आपकी क्षमता को प्रभावित कर सकती है
  • ऐसी स्वास्थ्य स्थिति जिसके चलते बार-बार अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होती है।
  • ऐसी स्वास्थ्य स्थिति जो भोजन को पचाने या पोषक तत्वों को अवशोषित करने की आपके शरीर की क्षमता को बाधित करती है, जैसे कि क्रोहन रोग (Crohn’s disease) या अल्सरेटिव कोलाइटिस (ulcerative colitis)
  • मनोभ्रंश (dementia) - मनोभ्रंश से पीड़ित लोग खाने की बात आने पर अपनी जरूरतों को बताने में असमर्थ हो सकते हैं।
  • एक स्वास्थ्य स्थिति जो निगलने को दर्दनाक या कठिन बना देती है (जिसे डिस्पैगिया (dysphagia) के रूप में जाना जाता है)
  • लगातार दस्त होना
  • लगातार उल्टी होना
  • एक ही समय में कई अलग-अलग प्रकार की दवा लेना - 250 से अधिक प्रकार की दवाइयाँ होती हैं जो शरीर की अवशोषित करने और फिर पोषक तत्वों को तोड़ने की क्षमता को बाधित करने के लिए जानी जाती हैं।
  • आपके शरीर में ऊर्जा की बढ़ी हुई मांग, उदाहरण के लिए अगर यह बड़ी सर्जरी के बाद खुद को ठीक करने की कोशिश कर रहा है या जलने जैसी गंभीर चोट
  • खाने की आदत से संबंधित बीमारियाँ, जैसे एनोरेक्सिया नर्वोसा

शारीरिक कारक (Physical factors)

शारीरिक कारक कुपोषण में योगदान कर सकते हैं। उदाहरण के लिए:

  • यदि आपके दांत खराब स्थिति में हैं, या यदि डेन्चर ठीक से फिट नहीं है, तो भोजन करना मुश्किल या दर्दनाक हो सकता है।
  • आप अपनी गंध और स्वाद को खोने के परिणामस्वरूप अपनी भूख खो सकते हैं।
  • आपके पास एक शारीरिक विकलांगता या अन्य कमजोरी हो सकती है जिससे आपके लिए खाना बनाना या खरीददारी करना मुश्किल हो जाता है।

सामाजिक परिस्थितियाँ (Social factors)

कुपोषण में योगदान करने वाले सामाजिक कारकों में शामिल हैं:

  • अकेले रहना और सामाजिक रूप से अलग-थलग होना
  • पोषण या खाना पकाने के बारे में सीमित ज्ञान
  • घटी हुई गतिशीलता
  • शराब या नशीली दवाओं पर निर्भरता
  • कम आय या गरीबी

बच्चे (Children)

अक्सर, बच्चों में कुपोषण के सबसे सामान्य कारण दीर्घकालिक स्वास्थ्य स्थितियाँ होती हैं, जिनकी वजह से निम्न स्थितियाँ पैदा हो सकती हैं:

  • भूख न लगना
  • पाचन की सामान्य प्रक्रिया बाधित होना
  • शरीर में ऊर्जा की बढ़ती मांग

इस प्रकार की स्थितियों के उदाहरणों में बचपन में कैंसर, जन्मजात हृदय रोग, सिस्टिक फाइब्रोसिस और सेरेब्रल पाल्सी शामिल हैं।

कुछ बच्चे अपने शरीर के आकार के कारण खाने से बचते हैं, जिसके चलते वो कुपोषण के शिकार हो जाते हैं।

कुपोषण को पहचानना (Diagnosing malnutrition)

यदि आप कुपोषित हैं या यदि आपको कुपोषण होने का ज़्यादा जोखिम है, तो यह जांचने के लिए कई बातों पर ध्यान दिया जाता है।

वयस्कों में, ये शामिल हैं

  • आपका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई), जो एक उपाय है जो यह निर्धारित कर सकता है कि क्या आपकी ऊंचाई के आधार पर ही आपका वजन है
  • यदि आपने हाल के महीनों में अनजाने में अपना वजन कम किया है
  • यदि किसी बीमारी की वजह से आप खाना खाने में अक्षम हैं, या आप अपने आहार से पोषक तत्वों को अवशोषित नहीं कर पा रहे हैं

यदि आपका बीएमआई 18.5 से कम हैं या पिछले तीन से छह महीनों में आपका शरीर के वजन का 5-10% से अधिक वजन कम हुआ है, तो आपको आमतौर पर कुपोषित माना जाएगा। हालांकि, कुछ मामलों में बीएमआई 20 से नीचे होने पर भी डॉक्टर कुपोषण के बारे में चिंतित हो सकते हैं।

आपमें कुपोषण के उच्च जोखिम को देखा जा सकता है यदि:

  • किसी बीमारी कि वजह से आपने पिछले पांच दिनों से बेहद कम या कुछ भी नहीं खाया है या कम से कम पांच दिनों तक कुछ भी न खाने की संभावना है।
  • आप भोजन से पोषक तत्वों को अच्छी तरह से अवशोषित नहीं कर पाते हैं, उदाहरण के लिए आपको क्रोहन रोग हो जो आपके पाचन तंत्र के अंदर सूजन पैदा कर रहा है।
  • आपके शरीर द्वारा उच्च दर पर पोषक तत्वों का उपयोग करने एवं शरीर में पोषक तत्वों की आवश्यकता को बढ़ाने के पीछे कोई अंतर्निहित वजह है।
  • आपको पानी पीने और खाने में दिक्कत होती है।

किसी विटामिन या खनिज की कमी को आमतौर पर रक्त परीक्षण द्वारा पता किया जा सकता है।

बच्चों में कुपोषण का पता लगाना

बच्चों में कुपोषण का पता करने में उनके वजन और ऊंचाई का माप लेना और फिर इसकी तुलना इस उम्र के बच्चों की अपेक्षित औसत ऊंचाई और वजन द्वारा करना शामिल है।

कुछ बच्चे औसत से नीचे होंगे क्योंकि वे स्वाभाविक रूप से छोटे होते हैं, लेकिन किसी व्यक्ति के लिए अपेक्षित स्तर से नीचे एक महत्वपूर्ण गिरावट कुपोषण के जोखिम का संकेत दे सकती है।

रक्त में प्रोटीन के स्तर को मापने के लिए रक्त परीक्षण का भी उपयोग किया जा सकता है। प्रोटीन का निम्न स्तर कुपोषण का संकेत हो सकता है।

कुपोषण का उपचार (malnutrition treatment)

कुपोषण का उपचार अंतर्निहित कारणों एवं स्थिति की गंभीरता पर निर्भर करती है।

आपको घर पर रहने की सलाह दी जा सकती है, या आहार विशेषज्ञ अथवा अन्य योग्य स्वास्थ्य पेशेवर की देखरेख में घर पर आपका इलाज किया जा सकता है। कुछ मामलों में अस्पताल में भर्ती होना आवश्यक है।

घर पर उपचार (Treatment at home)

यदि घर पर किसी विशेषज्ञ की निगरानी में आपका इलाज किया जाता है, तो आप अपने आहार में किए जाने वाले परिवर्तनों के बारे में अपने स्वास्थ्य विशेषज्ञ से चर्चा कर सकते हैं।

अनुशंसित आहार योजनाएं आपकी व्यक्तिगत परिस्थितियों पर निर्भर करेंगी, लेकिन संभावना है कि आपको धीरे-धीरे ऊर्जा (कैलोरी), प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, तरल पदार्थ, खनिज और विटामिन का सेवन बढ़ाने की सलाह दी जाए।

आपको इन आहार परिवर्तनों के अलावा विशेष ओरल सप्लीमेंट की खुराक लेने की भी सलाह दी जा सकती है। ये पूरक आपकी ऊर्जा और प्रोटीन का सेवन बढ़ा सकते हैं, जटिलताओं (जैसे संक्रमण) और अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को कम कर सकते हैं।

आपको लक्ष्य निर्धारित करने में मदद मिलेगी और आपकी प्रगति की नियमित निगरानी की जाएगी।

आपके कुपोषण के कारण के आधार पर, आपको अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता हो सकती है। उदाहरण के लिए, यदि आप बाहर आने जाने में सक्षम नहीं है, भोजन या खाना बनाना मुश्किल हो जाता है, तो आपको एक देखभालकर्ता की मदद से लाभ हो सकता है।

यदि आपको भोजन या पेय (डिस्फेजिया) निगलने में समस्या है, तो आपको एक स्पीच और लेगेंवेज थेरेपिस्ट (एसएलटी) के पास भेजा जा सकता है, जो आपके निगलने का आकलन कर सकता है और एक विशेष आहार के बारे में सलाह दे सकता है जो मददगार साबित हो सकता है।

यदि आप अपने शरीर की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त आहार नहीं ले सकते हैं, तो फीडिंग ट्यूब जैसी कृत्रिम विधि की आवश्यकता पड़ सकती है। ये अस्पताल में फिट किए जाते हैं लेकिन घर पर भी इनका इस्तेमाल किया जा सकता है।

अस्पताल में उपचार (Treatment in hospital)

यदि आप कुपोषण के कारण अस्पताल में भर्ती हैं, तो आपको कई अलग-अलग स्वास्थ्य डॉक्टरों द्वारा देखा जा सकता है, जो आपकी देखभाल में शामिल होंगे। इसमें शामिल हो सकते हैं:

  • एक डॉक्टर जो पाचन स्थितियों (एक गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजिस्ट) के इलाज में विशेषज्ञ हो (gastroenterologist)
  • एक आहार विशेषज्ञ (dietitian)
  • पोषण में विशेषज्ञता वाली नर्स
  • एक सामाजिक कार्यकर्ता

यदि आपको भोजन निगलने में कोई समस्या नहीं है, तो पोषण संबंधी पूरक आहार के साथ या बिना आहार परिवर्तन द्वारा आपका इलाज किया जा सकता है।

यदि आप भोजन को निगलने में असमर्थ हैं, तो आपको कृत्रिम फीडिंग विधि की आवश्यकता हो सकती है। दो प्रकार के फीडिंग ट्यूब हैं:

  • नासोगैस्ट्रिक ट्यूब (nasogastric tube) - एक ट्यूब आपकी नाक के नीचे और आपके पेट में डाली जाएगी।
  • एक पर्कुट्यूअस इंडोस्कोपिक गैस्ट्रोस्टोमी (PEG) ट्यूब - एक ट्यूब जो आपके उदर के माध्यम से सीधे आपके पेट में रखी जाती है

यदि एक फीडिंग ट्यूब उपयुक्त नहीं है, तो आपके नस (पैरेंट्रल पोषण) में सीधे पोषण की आवश्यक हो सकती है। इन उपचारों के बारे में अधिक जानकारी के लिए डिस्पैगिया (dysphagia) का इलाज देखें।

आपको अपने कुपोषण के अंतर्निहित कारण के लिए अतिरिक्त उपचार की आवश्यकता हो सकती है।

आप अस्पताल में कितना समय बिताएंगे यह आपके स्वास्थ्य की सामान्य स्थिति और आपके कुपोषण के अंतर्निहित कारण पर निर्भर करता है। उपचार प्राप्त करते समय घर वापस आना अक्सर संभव होता है।

बच्चों का उपचार (Treating children)

कभी-कभी, बच्चों में कुपोषण के कई मामले दीर्घकालिक स्वास्थ्य स्थितियों के कारण होते हैं और अक्सर अस्पताल में उपचार की आवश्यकता होती है।

बचपन के कुपोषण का उपचार कभी-कभी आपके बच्चे को ऊर्जा और प्रोटीन का सेवन बढ़ाने के लिए अतिरिक्त पोषक तत्व देकर किया जा सकता है। इसमें विशेष पूरक आहार लेना और ऊर्जा और पोषक तत्वों में उच्च खाद्य पदार्थों को शामिल करना शामिल हो सकता है।

उनके कुपोषण के अंतर्निहित कारण का भी इलाज करना पड़ सकता है।

गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को बड़ी सावधानी से दूध पिलाने और उनका पुन: पोषण करने की आवश्यकता होती है, इसलिए उन्हें सीधे आहार नहीं दिया जा सकता है।

एक बार जब उनकी स्थिति स्थिर हो जाती है, तो उन्हें धीरे-धीरे एक सामान्य आहार से परिचित कराया जा सकता है।

भोजन की कमी के कारण कुपोषण एक बाल संरक्षण मुद्दा है, जिसका अर्थ पुलिस और सामाजिक सेवाओं को सूचित करना है।

कुपोषण की रोकथाम (Preventing malnutrition)

आप सही मात्रा में पोषण ले रहे हैं यह सुनिश्चित करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप एक स्वस्थ, संतुलित आहार खाएं।

एक स्वस्थ और संतुलित आहार में सभी प्रमुख खाद्य समूहों के खाद्य पदार्थ होते हैं।

चार मुख्य भोजन समूह हैं:

  • फल और सब्जियां - कम से कम दिन में 5 बार
  • रोटी, चावल, आलू, पास्ता, अनाज और अन्य स्टार्चयुक्त खाद्य पदार्थ
  • दूध और डेयरी खाद्य पदार्थ - जैसे पनीर और दही
  • मांस, मछली, अंडे, बीन्स, नट्स, और प्रोटीन के अन्य गैर-डेयरी स्रोत

वसा और चीनी युक्त उच्च खाद्य पदार्थ और पेय ज्यादातर लोगों के लिए आवश्यक नहीं हैं और केवल कम मात्रा में सेवन किया जाना चाहिए।

यदि आपको कुपोषण (या कुपोषण का खतरा) एक अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थिति के कारण होता है, तो आपको अधिक जटिल आहार आवश्यकताएं हो सकती हैं या आपको अपने आहार में अतिरिक्त वस्तुओं की आवश्यकता पड़ सकती है जैसे कि पोषण संबंधी खुराक। आपका डॉक्टर या आपकी देखभाल के प्रभारी डॉक्टर आपको सलाह देने और एक पंजीकृत आहार विशेषज्ञ को संदर्भित करने में सक्षम होंगे।

NHS के मूल कॉन्टेंट का अनुवादHealthily लोगो
क्या यह लेख उपयोगी था?

महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।