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अपने प्रोस्टेट(prostate) के बारे में जानें

मेडिकली रिव्यूड

हर पुरुस्क के शरीर में प्रोस्टेट होता है, जो उनके सेक्स जीवन के लिए महत्वपूर्ण है, फिर भी कुछ ही पुरुष अपने प्रोस्टेट के बारे में जानकारी रखते हैं कि उसके साथ क्या समस्या हो सकती है।

अखरोट के आकार की इस ग्रन्थि के बारे में बेहतर ज्ञान पुरुषों को उनकी जांच और उपचार के बारे में बेहतर विकल्प चुनने में मदद कर सकता है।

प्रोस्टेट ब्लैडर या मूत्राशय के नीचे स्थित होती है। यह वीर्य के कुछ द्रव्य का उत्पादन करती है और पुरुष के सेक्स जीवन के लिए काफी खास होती है।

बढ़ती उम्र के साथ पुरूषों की पौरुष ग्रंथि भी बढ़ जाती है लेकिन 50 से ज्यादा की उम्र वाले दो-तिहाई पुरुषों में इससे कोई समस्या नहीं होती।

कुछ मामलों में बढ़ी हुई प्रोस्टेट के चलते ब्लैडर या मूत्राशय से पेशाब ले जाने वाली ट्यूब पर दबाव पड़ता है और इसकी वजह से पेशाब संबंधी समस्याएं हो जाती हैं। इसे सौम्य प्रोस्टेट एंलार्जेमेंट(benign prostate enlargement) के तौर पर जाना जाता है ।

अन्य प्रोस्टेट समस्याओं में सूजन शामिल है, जिसे प्रोस्टेटाइटिस यानी प्रोस्टेट का सूजन कहा जाता है। यह समस्या किसी संक्रमण की वजह से हो सकती है। इसमें पेशाब करते हुए काफी दर्द होता है। कई बार प्रोस्टेट में एक अकेली सेल नियंत्रण से बाहर होकर कई गुना होने लगती हैं और कैंसर हो सकता है ।

प्रोस्टेट कैंसर

यह दुनिया में सबसे आम कैंसर है। हर साल 11 लाख से ज्यादा पुरुषों में ये होता है।

बहरहाल अगर शुरुआती स्तर पर प्रोस्टेट कैंसर की पहचान हो जाती है तो आमतौर पर बचने के अवसर काफी अच्छे हो जाते हैं।

जिन लोगों का निदान पहले ही हो जाता है , ऐसे 90% लोग कम से कम 5 साल और जीते हैं और ऐसे करीब 65% से 90% लोग कम से कम 10 साल और जीते है।

प्रारंभिक अवस्था के प्रोस्टेट कैंसर वाले ज्यादातर पुरुषों में कोई भी लक्षण दिखाई नहीं देता। प्रोस्टेट कैंसर के कुछ लक्षण कुछ अन्य प्रोस्टेट विकारों की वजह से भी हो सकते हैं।

सभी प्रोस्टेट समस्याओं के लक्षणों में शामिल हैं:

  • बार-बार पेशाब जाने की जरूरत महसूस होना, खासकर रात के समय
  • पेशाब करने की शुरूआत में परेशानी
  • पेशाब करने में जोर लगाना या पूरा पेशाब करने में ज़्यादा समय लगना
  • पेशाब या सेक्स करते समय दर्द होना

अगर आपको इनमें से कोई लक्षण दिख रहा है तो आप अपने डॉक्टर से बात करें।

70 से ज्यादा उम्र वाले कई पुरुषों को प्रोस्टेट कैंसर होता है, पर उनमे से अधिकांश लोगों में कभी इसका निदान नहीं होगा या कोई लक्षण नहीं होगा।

बहुते से मामलों में यह धीरे-धीरे बढ़ने वाला कैंसर होता है और कई बार इसका निदान नहीं हो पाता है, क्योंकि यह कोई लक्षण या समस्या नहीं पैदा करता है।

कुछ मामलों में प्रोस्टेट कैंसर सेल तेजी से बढ़ते हैं और प्रोस्टेट से बाहर निकलने लगते हैं और कैंसर को शरीर के अन्य भागों, जैसे हड्डियों में फैला देते हैं I

प्रोस्टेट कैंसर का खतरा किसको हैं?

जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती जाती है प्रोस्टेट कैंसर होने का खतरा बढ़ता जाता है। ज्यादातर पुरुषों में इस समस्या की पहचान 50 वर्ष की उम्र के बाद होती है।

अगर आपके पिता या भाई में प्रोस्टेट कैंसर की पहचान हुई है तो औसत पुरुषों की तुलना में आप में यह समस्या होने की संभावना ढाई गुना तक बढ़ जाती है। अगर आपके रिश्तेदार में 60 वर्ष की उम्र से पहले यह समस्या हुई थी तो जोखिम 4.3 तक बढ़ जाता है।

अश्वेत पुरुषों में श्वेत पुरुषों की तुलना में प्रोस्टेट कैंसर होने की संभावना तीन गुना ज्यादा होती है। शोधकर्ता इस बढ़े हुए जोखिम के कारणों की पड़ताल में लगे हैं लेकिन हो सकता है इसमें जीन्स महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

शोधकर्ता मानते हैं कि पशुओं का ज़्यादा सैचुरेटेड फैट और लाल मांस वाला खाना पश्चिमी देशों में प्रोस्टेट कैंसर के बढ़े हुए मामलों के लिए जिम्मेदार हो सकता है।

अपने भोजन में पशुओं के फैट को कम करने और ज्यादा फल एवं सब्जियों को खाने से प्रोस्टेट कैंसर विकसित होने या फैलने का जोखिम कम हो सकता है।

प्रोस्टेट कैंसर का टेस्ट

अगर आप प्रोस्टेट कैंसर को लेकर चिंतित हैं तो आप अपने डॉक्टर से बात करें।

आप पीएसए (प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन, PSA) टेस्ट के बारे में बात कर सकते हैं। यह प्रोस्टेट कैंसर के लिए सबसे आम प्रारंभिक परीक्षण होता है।

पीएसए(प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन) टेस्ट के बारे में और अधिक पढ़ें।

सामग्री का स्त्रोतNHS लोगोnhs.uk
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महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

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