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प्रोस्टेटाइटिस (Prostatitis)

मेडिकल समीक्षा के साथ

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यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है।

प्रोस्टेटाइटिस क्या है? (What is prostatitis)

प्रोस्टेट ग्रंथि (prostate gland) में होने वाली सूजन को प्रोस्टेटाइटिस (prostatitis) कहते हैं, जो कभी-कभी संक्रमण के कारण भी होता है। यह बहुत दर्दनाक हो सकता है और आपको डॉक्टर को दिखाने की ज़रूरत पड़ सकती है।

प्रोस्टेट ग्रंथि (prostate gland) लिंग (penis) और मूत्राशय (bladder) के बीच एक छोटी ग्रंथि होती है जो केवल मर्दों में पाई जाती है।

प्रोस्टेटाइटिस (prostatitis) के लक्षणों में निम्नलिखित लक्षण शामिल हैं:

  • पेशाब करते समय दर्द का होना
  • सीमन निकलते समय दर्द का होना
  • पेशाब की समस्याएं
  • पेल्विस (pelvis), जननांगों (genitals), पीठ के निचले हिस्से और नितंबों (buttocks) में तकलीफ

ये लक्षण आमतौर पर कई महीनों में कभी-कभी आते हैं लेकिन कभी-कभी अचानक से शुरू हो सकते हैं और मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति हो सकती है। (नीचे देखें)

अन्य प्रोस्टेट बीमारियों जैसे कि प्रोस्टेट कैंसर (prostate cancer) या प्रोस्टेट का बढ़ना (prostate enlargement) जो आमतौर पर केवल वृद्ध लोगों को प्रभावित करती है, की तुलना में प्रोस्टेटाइटिस (prostatitis) पुरुषों में किसी भी उम्र में विकसित हो सकता है। ।

एक्यूट बनाम स्थायी प्रोस्टेटाइटिस (Acute vs chronic prostatitis)

प्रोस्टेटाइटिस (prostatitis) मुख्यतः दो तरह के होते हैं:

स्थायी प्रोस्टेटाइटिस (chronic prostatitis) सबसे सामान्य प्रकार है। इसमें लक्षण तीन महीने तक रहते हैं, हालांकि वे आ-जा सकते हैं और उनकी तीव्रता में भी अंतर होता रहता है। इसका कारण हमेशा स्पष्ट नहीं होता है।

एक्यूट प्रोस्टेटाइटिस (acute prostatitis): इसके लक्षण गम्भीर होते हैं और तेज़ी से विकसित होते हैं। यह प्रोस्टेट ग्रन्थि (prostate gland) के बैक्टीरिया संक्रमण के कारण होता है। यह एक आपातकालीन परिस्थिति होती है, अगर इसका एंटीबायोटिक (antibiotics) के साथ तुरंत इलाज नहीं किया गया तो प्रोस्टेट और उसके आस-पास का भाग खराब हो सकता है। एक आकलन के हिसाब से 10000 में 1 आदमी को एक्यूट प्रोस्टेटाइटिस (acute prostatitis) होता है।

प्रोस्टेटाइटिस (prostatitis) के कारणों के बारे में और पढ़ें

आगे कि संभावना (Outlook)

स्थायी प्रोस्टेटाइटिस (chronic prostatitis) का इलाज चुनौती भरा हो सकता है क्योंकि इसके कारणों के बारे में ज्यादा जानकारी मौजूद नहीं है। ज़्यादातर मामलों में कोई बैक्टीरिया संक्रमण भी नहीं होता है।

आमतौर पर जो प्रोस्टेटाइटिस (prostatitis) बैक्टीरिया संक्रमण से होता है उसका इलाज एंटीबायोटिक (antibiotics) की सहायता से सफलतापूर्वक हो जाता है। ज़्यादातर आदमी दो हफ़्तों के अंदर पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। कुछ लोगों में लक्षण फिर से वापस आ सकते हैं, जिसका इलाज करना जरूरी होता है।

प्रोस्टेटाइटिस (prostatitis) का इलाज कैसे करें इस विषय में और जानकारी पढ़े।

प्रोस्टेट बढ़ने के क्या लक्षण हैं? (What are the symptoms of an enlarged prostate?)

ज़्यादातर लोगों में स्थायी प्रोस्टेटाइटिस (prostatitis) बार-बार हो सकता है, जहां लक्षण कम से कम तीन महीने तक निरंतर आ सकते हैं।

स्थायी प्रोस्टेटाइटिस (chronic prostatitis) के संभावित लक्षण निम्नलिखित हैं:

  • नितंब (buttocks), लोअर बैक (lower back), जननांग (genitals) और पेल्विस (pelvis) में दर्द
  • पेशाब करते समय दर्द होना
  • जल्दी-जल्दी पेशाब लगना
  • पेशाब में परेशानी जैसे कि पेशाब में रुकावट
  • सीमन निकलने में परेशानी जिससे इरेक्टाइल डिस्फंक्शन हो सकता है।
  • पेरिनियल क्षेत्र में परेशानी (अंडकोश (scrotum) और गुदा (anus) के बीच का क्षेत्र)

लक्षण किसी दिन कम तो किसी दिन ज्यादा परेशानी पैदा कर सकते हैं।

कभी-कभी आप थकान, जोड़ो में दर्द, मांसपेशियों में दर्द और बुखार का अनुभव कर सकते हैं।

आपातकालीन इलाज (Medical emergency)

अगर प्रोस्टेटाइटिस (prostatitis) के लक्षण गम्भीर और अचानक विकसित हुए हैं तो अपने डॉक्टर को तुरंत दिखाएं। इस अचानक आयी गम्भीर स्थिति को एक्यूट प्रोस्टेटाइटिस (acute prostatitis) के नाम से जानते हैं और इसे जल्द से जल्द इलाज की ज़रूरत होती है।

प्रोस्टेट बढ़ने के क्या कारण हैं? (What causes an enlarged prostate?)

प्रोस्टेटाइटिस (prostatitis) होने के बहुत से कारणों का पता नहीं चल पाया है। कभी-कभी बैक्टीरिया संक्रमण ज़िम्मेदार होता है।

स्थायी प्रोस्टेटाइटिस (chronic prostatitis) के बहुत से कारणों में डॉक्टर प्रॉस्टेट ग्रंथि में कोई संक्रमण नहीं खोज पाते हैं, हालांकि वे फिर भी एंटीबायोटिक लेने की सलाह दे सकते हैं। ऐसे मामलों में कारणों का ठीक से पता नहीं चल पाता है।

स्थायी प्रोस्टेटाइटिस (chronic prostatitis) कई कारणों से हो सकता है, जिसमें पेशाब की धारा में हल्की रुकावट और प्रतिरक्षा प्रणाली, पेल्विस फ्लोर या तंत्रिका तंत्र के साथ अंदर छिपी समस्याएं शामिल हैं।

बैक्टीरिया संक्रमण (bacterial infection)

एक्यूट प्रोस्टेटाइटिस (acute prostatitis) उन बैक्टीरिया (bacteria) के कारण होता है जो मूत्र मार्ग के रास्ते प्रोस्टेट में प्रवेश करते हैं।

हालांकि, स्थायी प्रोस्टेटाइटिस (chronic prostatitis) होने की स्थिति में क्या हो सकता है, ये अभी पता नहीं चल पाया है। डॉक्टर इस बात से अनभिज्ञ हैं कि बैक्टीरिया प्रोस्टेट को कैसे संक्रमित कर सकते हैं और महीनों तक बने रहने वाले लक्षण का कारण कैसे बन सकते हैं।

एक सिद्धांत यह है कि बैक्टीरिया मूत्र मार्ग (urinary tract) के रास्ते या आंत (bowel) से प्रोस्टेट तक जाते हैं और प्रोस्टेट के अंदर की सतह पर बायोफिल्म (biofilm) का निर्माण करते हैं। बायोफिल्म (biofilm) बैक्टीरिया की छोटी लेकिन अत्यधिक केंद्रित कॉलोनी होती है, जो एक छोटे और सुरक्षात्मक सतह द्वारा कवर होती है। यह प्लेक (plaque) के जैसी होती है जो कभी-कभी दांतों में विकसित होती है।

प्रोस्टेटाइटिस का पता कैसे लगाते हैं? (Prostatitis diagnosis)

डॉक्टर आपसे लक्षणों के बारे में पूछकर और कुछ जांच करके प्रोस्टेटाइटिस (prostatitis) का पता लगाने में सक्षम हो सकते हैं।

इस पेज पर बताया गया है कि आपके डॉक्टर दोनों प्रकार के प्रोस्टेटाइटिस (prostatitis) (एक्यूट और स्थायी) का पता कैसे लगाते हैं।

एक्यूट प्रोस्टेटाइटिस का पता लगाना (Diagnosing acute prostatitis)

अगर आपको एक्यूट प्रोस्टेटाइटिस (acute prostatitis) है तो लक्षण गम्भीर हो सकते हैं और अचानक शुरू हो सकते हैं।

बैक्टीरिया का पता लगाने के लिए आपके डॉक्टर आपके मूत्र का सैंपल लेकर उसकी जाँच करते हैं।

आपके डॉक्टर रेक्टल परीक्षण (rectal examination) भी करेंगे। वे आपकी गुदा (rectum) में उंगली डालेंगे क्योंकि गुदा (rectum) प्रोस्टेट ग्रन्थि (prostate gland) के बहुत करीब होता है। वह इससे आपके प्रोस्टेट (prostate) में सूजन का पता लगा सकते हैं।

स्थायी प्रोस्टेटाइटिस का पता लगाना (Diagnosing chronic prostatitis)

आपके लक्षणों और स्थिति के बारे में पूछकर स्थायी प्रोस्टेटाइटिस (chronic prostatitis) का पता लगाया जा सकता है कि किन कारणों से यह हो सकता है।

स्थिति का क्रम से पता लगाने के लिए आपको रेक्टल परीक्षण (rectal examination) या खून की जांच (blood test) करवाना पड़ सकता है।

अल्ट्रासाउंड स्कैन (ultrasound scan) और सीटी स्कैन (CT scan) लक्षणों के कारण का पता लगाने में सहायता कर सकते हैं।

आपके मूत्राशय (boarder) की जांच करने के लिए साइटोस्कोप (cytoscope) नामक यंत्र का प्रयोग किया जा सकता है। साइटोस्कोप (cytoscope) में एक लचीला ट्यूब होता है जिसके आखिर में एक लाईट और कैमरा होता है।

साइटोस्कोप (cytoscope) को मूत्राशय की जांच करने के लिए पेशाब के रास्ते में (urethra) डाला जाता है (एक ट्यूब जिससे पेशाब निकलता है)।

ये लक्षण स्थायी प्रोस्टेटाइटिस (chronic prostatitis) का पता लगाने में आपके डॉक्टर की सहायता कर सकते हैं।

  • आपके पेल्विस (pelvis), जननांग (genitals) और नितंब (buttock) में दर्द हो
  • पेशाब करते हुए दर्द होना
  • स्खलन के समय दर्द होना
  • आपको पेशाब करते हुए परेशानी होना जैसे जल्दी-जल्दी पेशाब का लगना या मूत्राशय (bladder) ठीक से खाली ना होना
  • लक्षण तीन महीनों या उससे ज़्यादा मौजूद रहे सकते हैं
  • लक्षणों के अन्य संभावित कारणों पर ध्यान नहीं दिया गया हो

स्थायी प्रोस्टेटाइटिस (chronic prostatitis) में आपके पेशाब (urine test) और सीमन (semen test) की जांच बैक्टीरिया संक्रमण या बैक्टीरिया रहित संक्रमण के बीच अंतर करने में सहायक हो सकते हैं।

प्रोस्टेटाइटिस का इलाज (Prostatitis treatment)

अगर आपको प्रोस्टेटाइटिस (prostatitis) बैक्टीरिया संक्रमण के कारण हुआ है तो आपको एंटीबायोटिक (antibiotics) का कोर्स लेने की ज़रूरत पड़ सकती है।

हालांकि प्रोस्टेटाइटिस (prostatitis) के बहुत से मामलों में संक्रमण और कारण अनिश्चित होते हैं जो इसे ठीक करना और चुनौती भरा बना देता है।

यह पेज एक्यूट (अकस्माक और गम्भीर) और स्थायी (दीर्घकालिक) दोनों प्रकार के प्रोस्टेटाइटिस (prostatitis) के उपचार को कवर करता है।

एक्यूट प्रोस्टेटाइटिस का उपचार (Treating acute prostatitis)

एक्यूट प्रोस्टेटाइटिस (acute prostatitis) प्रोस्टेट ग्रन्थि (prostate gand) में बैक्टीरिया संक्रमण के कारण होता है। जिसे एंटीबायोटिक (antibiotics) से ठीक किया जा सकता है। ज़्यादातर लोगों को चार हफ्ते के कोर्स की ज़रूरत पड़ती है। आपके लक्षण दो हफ्ते में चले जाएंगे लेकिन दोबारा संक्रमण को रोकने के लिए एंटीबायोटिक (antibiotics) का कोर्स पूरा करना ज़रूरी है।

पैरासिटामोल (paracetamol) या इबुप्रॉफेन (ibuprofen) का इस्तेमाल दर्द में आराम दे सकता है। अगर आपको बहुत ज़्यादा दर्द हो रहा है तो आपको स्ट्रांगर दर्दनिवारक जैसे कि कोडीन (codeine) लेने की सलाह दी जा सकती है।

स्थायी प्रोस्टेटाइटिस का उपचार (Treating chronic prostatitis)

अगर स्थायी प्रोस्टेटाइटिस (chronic prostatitis) बैक्टीरिया संक्रमण के कारण होता है तो आपको एंटीबायोटिक का 4 से 6 हफ्ते का कोर्स लेना पड़ सकता है। आपको अल्फा ब्लॉकर (alpha blocker) नाम की एक दवाई लिखी जा सकती है।

अल्फा ब्लॉकर (alpha blocker) प्रोस्टेट ग्रन्थि (prostate gland) की मांसपेशियों और मूत्राशय की सतह को कोमल करने में सहायता करती है और पेशाब में होने वाली परेशनियों को सुधार सकती है।

अल्फा ब्लॉकर (alpha blocker) के सम्भावित दुष्प्रभाव निम्नलिखित हैं:

  • चक्कर आना (dizziness)
  • सिर दर्द (headaches)
  • कमज़ोरी (weakness)
  • स्खलन में कम या वीर्य का ना निकलना

एकबार जब आप एंटीबायोटिक (antibiotics) का कोर्स पूरा कर लेंगे, तो यह देखने के लिए कि कहीं आपके प्रोस्टेट (prostate) में या उसके पास बैक्टीरिया बचे तो नहीं है, आपको पेशाब और सीमन की जांच करवानी पड़ सकती है। अगर जांच सकारात्मक आती है तो आगे एंटीबायोटिक (antibiotics) कोर्स की ज़रूरत पड़ सकती है।

जैसे कि एक्यूट प्रोस्टेटाइटिस (acute prostatitis) में दर्द से आराम के लिए पैरासिटामोल (paracetamol) या इबुप्रोफेन (ibuprofen) सहायता कर सकते हैं।

अगर बैक्टीरिया संक्रमण नहीं दिखता है तो एंटीबायोटिक देने की ज़रूरत नहीं पड़ती है। ऐसे मामले में बस अल्फा ब्लॉकर (alpha blocker), पैरासिटामोल (paracetamol) और इबुप्रोफेन (ibuprofen) से आपका इलाज किया जा सकता है।

बैक्टीरिया रहित स्थायी प्रोस्टेटाइटिस (chronic prostatitis) का इलाज करने कि लिए कुछ अन्य दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन उनके असरदार होने के सबूत कम मिले हैं। जिनमें ये शामिल हैं:

  • फाइनस्टेराइड (finasteride): यह दवाई आमतौर पर प्रोस्टेट बढ़ने (prostate enlargement) के इलाज में इस्तेमाल की जाती है।
  • फ्लुओक्सेटीन (fluoxetine): यह एक अवसादरोधी (antidepressant) दवा है जिसका इस्तेमाल अवसाद के इलाज में करते हैं।
  • गाबापेंटिन (gabapentin): इस दवाई का प्रयोग स्थायी दर्द (chronic pain) के इलाज में करते हैं।
  • अमिट्रिप्टीलिन (amitriptyline): यह दवाई दर्द, मूत्राशय की समस्याओं (bladder problems) और सोने में सहायता करते हैं।
NHS के मूल कॉन्टेंट का अनुवादHealthily लोगो
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