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बाल यौन शोषण के लक्षण

मेडिकल समीक्षा के साथ

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यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है।

प्रत्येक 20 में से एक बच्चा कभी न कभी यौन शोषण का शिकार होता है।यहां उन लक्षणों के बारे में बताया गया है जिनसे सावधान होना है और और अगर आपको शक है कि किसी बच्चे का यौन शोषण हो रहा है तो क्या करना चाहिएI

बाल यौन शोषण क्या है?

इस बात के क्या लक्षण हैं कि किसी बच्चे का यौन शोषण हुआ है?

बाल यौन शोषण की रिपोर्ट कैसे करनी है?

बाल यौन शोषण कौन करता है?

कौन से बच्चे बाल यौन शोषण के खतरे में हैं?

इसका का क्या प्रभाव पड़ता है?

बाल यौन शोषण क्या है?

बाल यौन शोषण भारत में गैरकानूनी है और इसके अंतर्गत तमाम यौन गतिविधियां आती हैं, जिनमें शामिल है-

  • चाइल्ड पोर्नोग्राफी के फोटो रखना 
  • बच्चे को नग्न होने या हस्तमैथुन के लिए बाध्य करना 
  • किसी बच्चे के सामने किसी भी तरह की यौन गतिविधि करना, जिसमें अश्लील फिल्में देखना भी शामिल है
  • बच्चे की यौन तस्वीर लेना, डाउनलोड करना, इन्हें देखना या बांटना 
  • वेबकैम के सामने किसी बच्चे को यौन एक्टिविटी के लिए बाध्य करना 
  • किसी बच्चे को यौन गतिविधियों या ऐसी तस्वीरें देखने से रोकने के लिए कोई कदम न उठाना 
  • किसी बच्चे को गलत तरीके से छूना, वह कपड़े में हो या बिना कपड़ों के
  • मैथुन 

लड़के और लड़कियां दोनों यौन उत्पीड़न के शिकार हो सकते हैं, लेकिन लड़कियों के लिए यह खतरा छह गुना ज्यादा होता है। 

इस बात के क्या लक्षण हैं कि कोई बच्चा यौन उत्पीड़न का शिकार हो रहा है?

बच्चे आमतौर पर यौन उत्पीड़न के बारे में बात नहीं करते क्योंकि उन्हें लगता है कि यह उनकी गलती है या शोषण करने वाला उन्हें यह समझाने में सफल हो जाता है कि यह सामान्य है या कोई खेल है। 

शोषण करने वाले बच्चों को रिश्वत या धमकी दे सकते हैं, या बच्चों से यह भी कह सकते हैं कि उन पर कोई भरोसा नहीं करेगा। 

यौन उत्पीड़न का शिकार बच्चा शोषण करने वाले की ही चिंता करने लगे और उसे किसी परेशानी में नहीं डालना चाहता। 

यहां कुछ लक्षणों के बारे में बताया गया है जिनकी आप पहचान कर सकते हैं:

  • व्यवहार में बदलाव - बच्चे का व्यवहार आक्रामक, अंतर्मुखी, असुरक्षित हो जाता है और वो सोते वक़्त परेशान होता है या बिस्तर पर पेशाब करने लगता है।
  • शोषण करने वाले से बचने की कोशिश - बच्चा किसी विशेष व्यक्ति को अचानक नापंसद करने लगे, उससे डरा हुआ लगे और उसके साथ अकेले में होने से बचने की कोशिश करे।  
  • अनुचित यौन व्यवहार - दुर्व्यवहार के शिकार बच्चे अनुचित रूप से यौन व्यवहार कर सकते हैं यौन रूप से स्पष्ट भाषा इस्तेमाल कर सकते हैं। 
  • शारीरिक परेशानी - बच्चे में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती है, जैसे-योनि या गुदा के आसपास दर्द, यौन संचारित संक्रमण या वह गर्भवती हो सकती है। 
  • स्कूल में समस्या-दुर्व्यहार के शिकार बच्चे की एकाग्रता में समस्या आ सकती है, उसके सीखने की क्षमता और स्कूल के ग्रेड में गिरावट आ सकती है। 
  • संकेत देना - बच्चे सीधे बताए बिना संकेत और सुराग दे सकते हैं कि उनके साथ दुर्व्यहार हो रहा है।

मैं बाल यौन शोषण का रिपोर्ट कैसे कर सकता हूं? 

सबसे अच्छा तो यही होगा कि आपको शंका होती है कि किसी बच्चे का यौन शोषण हो रहा है तो बिल्कुल भी देर न करें। 

यदि आप स्वास्थ्यकर्मी हैं और किसी ऐसे बच्चे की देखभाल कर रहे हैं जो यौन शोषण का शिकार है या जिसके साथ ऐसा होने का खतरा है तो अपने अस्पताल या केयर सेटिंग के नामित नर्स या डाक्टर की सलाह ले सकते हैं। 

चाइल्ड वेलफेयर कमैटी के पास बाल यौन शोषण को लेकर अधिक जानकारी और सलाह है। 

बाल यौन शोषण कौन करता है?

बच्चे का यौन उत्पीड़ने करने वाला वयस्क, किशोर या खुद बच्चा हो सकता है। 

बच्चों का उत्पीड़न करने वाले ज्यादातर पुरुष होते हैं लेकिन कभी-कभी महिला भी हो सकती है। 

40  फीसदी बाल-यौन यौन उत्पीड़न अधिकतर उम्र में बड़े बच्चों या नौजवानों के द्वारा किया जाता है। 

10 में से नौ बच्चे उत्पीड़न करने वाले के जानकर या जानने वाले होते हैं। 80 फीसदी बाल यौन शोषण या तो बच्चे के घर में या उत्पीड़न करने वाले के घर में होते हैं। 

लड़के आमतौर पर घर के बाहर उत्पीड़न का शिकार होते हैं, उदाहरण के लिए - छुट्टियों के दौरान या स्पोर्ट्स क्लब में। 

आप देख सकते हैं कि शोषण करने वाला बच्चे को खास तवज्जो देता है, उसे उपहार, दावत और सैर सपाटा करा सकता है। वे बच्चों के साथ अकेले होने का मौका तलाशते दिखाई दे सकते हैं। 

बाल यौन शोषण का शिकार होने का खतरा किन बच्चों को होता है?

ऐसे बच्चे जो पहले ही किसी तरह के दुर्व्यवहार का शिकार हो चुके हैं, उनका यौन उत्पीड़न होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। उदाहरण के लिए ऐसे परिवार के बच्चे जो उपेक्षित हैं, ज्यादा खतरे में होते हैं। 

दिव्यांग बच्चे विशेष रूप से जिनमें बोलने या भाषा संबंधी समस्या होती है, उनके यौन उत्पीड़न का शिकार का होने का खतरा तीन गुना ज्यादा होता है। 

इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले बच्चों में भी यह खतरा ज्यादा होता है। सोशल मीडिया, चैट रूम और वेब फोरम इन सबका इस्तेमाल यौन उत्पीड़न करने वाले इस्तेमाल संभावित शिकार का पता लगाने के लिए करते है।

देखें, आपका बच्चा कितना सुरक्षित है।

बाल यौन उत्पीड़न का क्या प्रभाव पड़ता है?

यौन उत्पीड़न बच्चों में लंबे और दीर्घ अवधि के लिए गंभीर रूप से शारीरिक और भावनात्मक नुकसान पहुंचा सकता है।

कुल मिलाकर, बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, जैसे-यौन संचारित बीमारियां, शारीरिक चोट और अनचाहा गर्भ। 

लंबे समय तक यौन शोषण का शिकार होने वाले लोगों में अवसाद, चिंता, भोजन विकार (इटिंग डिसआर्डर) और पोस्ट ट्रामेटिक डिसआर्डर यानी खौफनाक या डरा देने वाले अनुभव की यादों से होने वाली समस्या (पीटीएसडी) की संभावना अधिक होती है। ऐसे लोगों में आत्मघाती प्रवृत्ति बढ़ जाती है, ये आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं, ड्रग्स व एल्कोहल के आदी हो सकते हैं और कम उम्र में आत्महत्या कर लेते हैं। 

बाल यौन शोषण

जो बच्चे यौन शोषण का शिकार  हुए होते हैं, उन्हें आगे भी इसका खतरा रहता है, जिसमें कभी-कभी यौन उद्देश्यों के लिए बच्चों को और उत्पीड़कों के पास भेजा जाता है ।

यौन उत्पीड़न का शिकार होने वाले बच्चे को कैसे पहचाने - इसके बारे में और जानें।  

सामग्री का स्त्रोतNHS लोगोnhs.uk
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