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कॉर्न और कैलस (Corns and calluses)

मेडिकल समीक्षा के साथ

स्वास्थ्य संबंधी सभी लेखों की चिकित्सीय सुरक्षा जांच की जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जानकारी चिकित्सकीय रूप से सुरक्षित है। अधिक जानकारी के लिए हमारी सम्पादकीय नीति देखें।

इलाज

इलाज

तकलीफदेह कॉर्न और कैलस (Corns and calluses) का इलाज दबाव या रगड़ के कारण को दूर कर और त्‍वचा की मोटी परत हटा कर किया जाता है।

आपको ऊंची हील वाले जूतों की जगह आरामदेह और सपाट जूते पहनने की सलाह दी जाती है। हाथों पर कॉर्न और कैलस होने पर एक ही तरह का काम करते समय सुरक्षात्‍मक दस्‍ताने पहनने चाहिए ताकि हाथ के प्रभावित हिस्‍से को ठीक होने का समय मिल सके।

कॉर्न और कैलस होने की वजह अगर आपको समझ नहीं आ रही है तो डॉक्‍टर से संपर्क करना बेहतर होगा। वह आपको पॉडियाट्रिस्‍ट (podiatrist) (जिसे चिरोपॉडिस्‍ट , (chiropodist) भी कहते हैं) से संपर्क करने का परामर्श दे सकते हैं। पॉडियाट्रिस्‍ट पंजों से संबंधित समस्याओं की पहचान और उनके इलाज करने में पारंगत होते हैं। वह प्रभावित हिस्से की जांच करने के बाद सही इलाज का सुझाव देते हैं।

पॉडियाट्री (podiatry) और उसकी सेवाएं प्राप्त करने के बारे में और जानकारी के लिए नीचे देखें।

सख्‍त त्‍वचा को हटाना

पॉडियाट्रिस्‍ट स्केलपेल कहे जाने वाले तेज धारदार ब्‍लेड से सख्‍त त्‍वचा का कुछ हिस्‍सा निकालकर अलग कर देते हैं। इससे अंदर के ऊतकों पर बन रहा दबाव कम करने में मदद मिलती है।

कॉर्न और कैलस को खुद से काटकर अलग करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने पर यह ज्यादा तकलीफदेह और संक्रमित हो सकते हैं। त्‍वचा की मोटी परत को रगड़कर निकालने के लिए प्‍यूमाइस स्‍टोन (pumice stone) या फुट फाइल का इस्तेमाल किया जा सकता है।

कॉर्न और कैलस से बचाव के बारे में और पढ़ें।

पैरों की देख-रेख वाले उत्‍पाद

दवा की दुकानों पर ऐसे कई उत्‍पाद मौजूद हैं, जो मोटी और सख्‍त चमड़ी को सुधारने और अतिरिक्‍त दबाव को दूर करने में मदद करते हैं। सही उत्‍पाद चुनने के लिए अपने डॉक्‍टर, पॉडियाट्रिस्‍ट (podiatrist) या दवा विक्रेता की सलाह ली जा सकती है।

कॉर्न और कैलस के इलाज के लिए यहां बताए जा रहे उत्पादों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें शामिल हैं:

  • मोटी त्‍वचा में नमी बनाए रखने के लिए खास रिहाइड्रेशन क्रीम (rehydration creams) का इस्तेमाल करना चाहिए
  • सुरक्षात्‍मक कॉर्न प्‍लास्‍टर्स
  • जूतों में खासतौर से तैयार नर्म पैडिंग या फोम के इनसोल का इस्तेमाल करना
  • पंजे की उंगलियों के बीच फोम का छोटा टुकड़ा रखने से नर्म कॉर्न (soft corns) में आराम मिलता है
  • खासतौर से सिलिकॉन से बने सैंडल का इस्तेमाल कर पैरों की उंगलियों की जगह को बदल कर बनने वाले दबाव को हटाया जा सकता है।

पॉडियाट्री (Podiatry)

आपके केस का आकलन निजी तौर पर किया जाएगा, इसके लिए आपको लंबे समय तक इंतजार करना पड़ सकता है। मिसाल के तौर पर गंभीर डायबिटीज से ग्रस्‍त लोगों को प्राथमिकता दी जा सकती है क्योंकि इस स्थिति की वजह से उन्हें पैरों में काफी समस्या हो सकती है।

अगर आप खुद से पॉडियाट्रिस्‍ट (Podiatrists) का चुनाव करना चाहते हैं तो सबसे यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह योग्‍य और पंजीकृत होने के साथ ही देश की मान्‍यता प्राप्‍त संस्‍था के सदस्‍य हों।

कॉर्न और कैलस क्या हैं?

किसी स्थान की त्वचा पर काफी ज्यादा दबाव या रगड़ पड़ने की वजह से उसके सख्त और मोटा होने पर कॉर्न और कैलस हो जाते हैं। अमूमन यह तलवों में होते हैं और उनमें दर्द होने के साथ चलने में असहजता भी होती है।

कॉर्न (Corns)

आमतौर पर कॉर्न पैर की उंगलियों के किनारों पर या तलवे पर छोटे-छोटे गोल घेरे होते हैं जहां की त्वचा मोटी हो जाती है। हालांकि यह कहीं भी हो सकते हैं।

महिलाओं को यह खराब फिटिंग के जूते पहनने या दिन में लंबे समय तक खड़े रहने के कारण होते हैं।

कॉर्न (Corns) ज्यादातर उन लोगों के पैरों में होते हैं, जिनके पंजे प्राकृतिक तौर पर कम गद्दीदार होते हैं और हड्डियां प्रबल होती हैं। यह पैरों से संबंधित दूसरी समस्या के नतीजे के तौर पर भी हो सकते हैं, जैसे बनियन (bunion, पैर के अंगूठे की सूजी हुई हड्डी ) या हैमर टो (इसमें पंजा बीच की हड्डी पर मुड़ा हुआ होता है)।

कैलस (Calluses)

यह सामान्यतः पीला दिखने वाला त्वचा का सख्त और खुरदुरा हिस्सा होता है। यह ज्यादातर पैरों में, एड़ी के आसपास या पंजों के बॉल के ऊपर वाले हिस्से में होता है।

हालांकि यह हथेलियों और उंगलियों के जोड़ों पर भी हो सकते हैं।

कॉर्न के मुकाबले कैलस बड़े होते हें और इनका कोई निर्धारित छोर नहीं होता है। इनकी खाल मोटी होती है, इसलिए आसपास की त्वचा के मुकाबले इनमें छूने का एहसास नहीं होता है।

कैलस ज्यादातर उन स्थानों पर होते हैं, जहां की त्‍वचा किसी हड्डी, जूते या जमीन से बार-बार रगड़ खाती रहती है। वैसे यह पंजों के बॉल पर होते हैं क्‍योंकि चलते समय शरीर का यह हिस्‍सा हमारा सबसे ज्यादा वजन उठाता है। यह समस्‍या नियमित हील पहनने वाली महिलाओं के साथ ज्यादा होती है।

कैलस होने के प्रमुख कारणों में पंजों के हड्डी वाले हिस्‍सों में ज्‍यादा दबाव, खराब फिटिंग के जूते और काफी ज्यादा चलना या दौड़ना शामिल है।

इलाज

अगर आपके पैरों पर कॉर्न हो गए हैं तो आपको पॉडियाट्रिस्‍ट से संपर्क करना चाहिए, जिन्‍हें चिरोपॉडिस्‍ट (chiropodist) भी कहा जाता है। यह आपके इलाज के बारे में सही परामर्श दे सकते हैं।

पैरों में कॉर्न होने की समस्या से निजात पाने के लिए उस जगह पर दबाव की वजह को दूर करना जरूरी है। ऐसा नहीं करने से समय बीतने के साथ ही वहां की त्वचा मोटी और ज्यादा तकलीफदेह हो जाएगी।

कॉर्न (Corns) किसी अंतर्निहित समस्‍या का नतीजा भी हो सकते हैं। खुद से इसका इलाज करने के बारे में तभी सोचना चाहिए जब आप इसके कारण के बारे में जानते हों और आपने विशेषज्ञ से उसकी देखभाल के बारे में राय ले ली हो।

कॉर्न (Corns) के लिए दवा की दुकानों पर उपलब्ध कॉर्न्‍स प्‍लास्‍टर्स जैसे इलाज के तरीके भी अपनाए जा सकते हैं। हालांकि यह कॉर्न की वजह का इलाज नहीं कर सकते और उसके आसपास की सामान्य व कम मोटी त्वचा पर असर डाल सकते हैं।

नाजुक त्वचा या रक्त संचार और डायबिटीज की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए कॉर्न प्‍लास्‍टर्स उचित नहीं हो सकते हैं।

कॉर्न की तरह ही, कैलस (Calluses) के खुद से इलाज भी आपको पॉडियाट्रिस्‍ट (podiatrist) द्वारा उसके कारण का पता लगाने और इलाज का सुझाव देने के बाद ही करना चाहिए।

पॉडियाट्रिस्‍ट कॉर्न या गंभीर कैलस वाले हिस्सों का इलाज धारदार ब्‍लेड का इस्‍तेमाल कर मोटी त्‍वचा को हटाकर कर सकते हैं। यह दर्द रहित होता है और दर्द व असहजता को कम करने में काफी मददगार होता है।

कॉर्न और कैलस के बारे में और पढ़ें।

कॉर्न और कैलस से बचाव

पैरों की नियमित देखभाल करने से कॉर्न और कैलस जैसी समस्या से बचा जा सकता है।

नीचे दी जा रही सलाह मानकर आप सख्त और रूखी त्वचा का निर्माण रोक सकते हैं:

  • पैरों को धोने के बाद अच्छे से सुखाएं और पैरों के लिए विशेष मॉश्चराइजिंग क्रीम (बॉडी लोशन क्रीम नहीं) अच्‍छे से लगाएं।
  • पैरों को रगड़ने वाले प्यूमाइस स्टोन (pumice stone) या फुट फाइल का नियमित इस्तेमाल कर पैरों की सख्त त्वचा को हटाएं। प्यूमाइस स्‍टोन (pumice stone) का इस्तेमाल करने के बाद यह जरूर सुनिश्चित करें वह पूरी तरह से सूख गया है, ताकि उसमें बैक्टीरिया ना पनपे।
  • सुविधाजनक और आरामदेह फुटवियर पहनें, जो पैरों में फिट हों। जूतों/चप्पलों की खरीदारी दोपहर के समय करें, क्योंकि इस समय पैर हल्‍के फूल जाते हैं। इसलिए दोपहर में खरीदे गए फिट जूते आरामदेह होंगे।
  • पैरों के पंजों में दर्द को सामान्‍य मानने की गलती न करें। सीधे पॉडियाट्रिस्‍ट को दिखाएं या डॉक्टर को दिखाएं जो आपको पॉडियाट्रिस्ट से संपर्क की सलाह दे सकते हैं। वह पंजों में दर्द के अंतर्निहित कारणों का पता लगाएंगे।

कारण

पंजों के खास हिस्से पर बहुत ज्यादा दबाव या रगड़ होने की वजह से कॉर्न और कैलस बनने की सम्भावना बढ़ जाती है।

कॉर्न्स

कॉर्न्स ज्‍यादातर खराब माप के जूतों की वजह से पंजों पर दबाव के कारण होते हैं।

ज्‍यादा हील वाले जूतों से पैरों की उंगलियां दबती हैं, साथ ही ज्यादा ढीले जूतों में पैर आगे-पीछे होते हैं और रगड़ खाते हैं। कॉर्न्स ज्‍यादातर पैर की छोटी उंगली में बनते हैं क्योंकि यह जूतों के किनारों से लगातार रगड़ खाती रहती हैं।

विकृत पंजों या हड्डियों वाले पंजे कील के लिए ज्‍यादा संवेदनशील होते हैं। इसके अलावा कील बनियन (पैर के अंगूठे के नीचे सूजी हुई हड्डी) या हैमर टो (जहाँ पंजा बीच के जोड़ से मुड़ा हुआ होता है) होने का भी संकेत हो सकता है।

कैलस

हमारे खड़े होने या चलने पर शरीर का पूरा भार पहले एड़ी पर और फिर पंजों के गद्दों पर पड़ता है। इन हिस्सों पर दबाव ज्यादा होने पर अंदर के ऊतकों की रक्षा करने के लिए त्वचा मोटी हो जाती है और कैलस बन जाते हैं।

पंजों पर बार-बार दबाव डालने वाली क्रियाएं, जैसे दौड़ना या नंगे पैर चलने से भी कैलस बनने का खतरा रहता है। एथलीट इसके सबसे ज्‍यादा शिकार होते हैं।

कुछ लोगों में कैलसेस उनकी त्‍वचा के प्रकार का नतीजा होते हैं। अधिक उम्र के लोगों की त्‍वचा में कम फैटी ऊतक होते हैं जिससे उनके तलवे पतले होने लगते हैं और पंजों के बॉल के पास कैलस बनने लगते हैं।

कॉर्न की तरह, कुछ मामलों में कैलस बनियन(पैर के अंगूठे के तल की सूजी हुई हड्डी) जैसे हड्डी के विकृत होने की समस्‍या का परिणाम हो सकते हैं।

कैलस पंजों पर बनने के अलावा रैकेट या हथौड़ा लंबे समय तक पकड़ने के कारण कभी-कभी हथेलियों पर भी बन जाते हैं। नियमित रूप से व्‍हीलचेयर को खींचने वाले लोगों की उंगलियों के गद्दों में भी इनके विकसित होने का खतरा होता है।

सामग्री का स्त्रोतNHS लोगोnhs.uk
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महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।