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एर्याथेमा मल्टीफोर्म (Erythema multiforme)

मेडिकली रिव्यूड

एर्यदीमा मल्टीफ़ोरमे (Erythema multiforme) एलर्जी या संक्रमण से होने वाली त्वचा का एक रीऐक्शन(आमतौर पर हल्के) है। इसमें चकत्ते उभरते हैं और खुद से ही चले भी जाते हैं, पर आपको कुछ लक्षणों के लिए इलाज लेना पड़ सकता है।

त्वचा के इस विकार को इसका यह नाम चकत्तों की उपस्थिति के कारण ही मिला है:

एर्याथेमा - लालपन

मल्टी -बहुत से

फोर्म - प्रकार या रूप

एर्यदीमा मल्टीफ़ोरमे(Erythema multiforme) वाले अधिकतर लोगों में सिर्फ कुछ धब्बे होते हैं, जो जल्दी ही ठीक हो जाते हैं, पर इसका एक बहुत कम मिलने वाला और ज्यादा गंभीर प्रकार है, जो मुंह, जननांग और आंखों की सतह को प्रभावित कर सकता है और जानलेवा हो सकता है।

कौन प्रभावित होता है?

सामान्य रूप से एर्यदीमा मल्टीफ़ोरमे(Erythema multiforme) बच्चों और युवाओं (20 से 40), खासकर पुरुषों में देखा जाता है। ये समझा जाता है कि, यह आनुवंशिक नहीं माना जाता है।

लक्षण क्या हैं?

ईएम के लक्षण आपको होने वाली बीमारी के प्रकार पर निर्भर करते है।

एर्यदीमा मल्टीफ़ोरमे-माइनर (हल्का)/Erythema multiforme minor (mild)

अगर आपको एर्याथेमा मल्टीफोर्म का हल्का रूप है तो आप बिलकुल ठीक महसूस करेंगे, बस आपको थोड़े असुविधाजनक चकत्ते होंगे। यह सामान्यतया हर्पीस सिम्पलेक्स वायरस(herpes simplex virus) या किसी जीवाणु या बैक्टिरियल संक्रमण से होता है।( नीचे देखें, इसको क्या शुरू करता है?)

धब्बेदार चकत्ते अक्सर पित्ती जैसे लगते हैं और आमतौर पर 24घण्टों में हाथों और पैरों से शुरू होकर ऊपरी शरीर और चेहरे पर फैल जाते हैं। यह हल्की जलन या खुजली पैदा कर सकते हैं।

ये धब्बे छोटे छोटे उभरे हुए हिस्से हैं, जिनमे से कुछ जो 1-3 से.मी. तक के होते हैं, जिनमे से कुछ "टार्गेट लीज़न" (target lesion) या "बुल्ज़ आइ" बन जाते हैं - यानि, तेज लाल घेरे के अंदर एक हल्के गुलाबी घेरे में छाले या पपड़ी के ऊपर बीचों बीच एक छोटा लाल केंद्र विकसित कर लेते हैं।

ये चकत्ते आमतौर पर 2 से 4 हफ्तों में चले जाते हैं पर वापस लौट सकते हैं।

एर्यदीमा मल्टीफ़ोरमे मेजर(गम्भीर)/ Erythema multiforme major (severe)

इस रोग की, यह कम पाई जाने वाली स्थिति , बहुत ज्यादा गम्भीर और कभी-कभी जानलेवा हो सकती है। यह आमतौर पर संक्रमण की बजाए, दवा की प्रतिक्रिया के फलस्वरूप ज्यादा होती है।

यह चकत्ते बड़े धब्बों के बने होते हैं , जो आपस में जुड़-जुड़ कर बड़े-बड़े लाल हिस्से बना सकते हैं। ये छाले बन सकते हैं जिससे कच्चे, दर्दनाकि घाव बन सकते हैं। आपको निम्न भी हो सकता है :

  • बुखार, सरदर्द और बीमार महसूस करना
  • लाल या सूखी आंखे जिनमें जलन और खुजली हो सकती है और आँसू आ सकते हैं। ( हर्पीस सिम्प्लेक्स के आँखों के संक्रमण के बारे में और पढ़ें)
  • रोशनी से संवेदनशीलता और धुंधला दिखाई देना
  • मुंह के पास कच्चे घाव, जो खाने पीने को मुश्किल बनाते हैं
  • पपड़ी जमे हुए सूजे हुए होंठ
  • त्वचा में खुजली
  • जोड़ों में दर्द

इसे शुरू क्या करता है?

संक्रमण

ईएम के अधिकतर मामले, खासकर ईएम माइनर (EM minor), वायरल या विषाणु संक्रमण - आमतौर पर, हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस (herpes simplex virus ) (मुंह के छाले) से होते हैं। मुंह के छालों के विषाणु(वायरस) निष्क्रिय रहते है और कुछ खास उत्प्रेरकों से दोबारा सक्रिय हो जाता है। इससे आप समझ सकते हैं कि ईएम बार बार क्यों उभर आता है।

ईएम (EM) से ग्रस्त बच्चों में चकत्ते शुरू होने के कुछ दिन पहले मुंह के छालों का विकास हो जाता है।

दूसरा आम ट्रिगर या उत्प्रेरक माइकोप्लाज्मा बैक्टीरिया

(mycoplasma bacteria) की वजह से होने वाला छाती का संक्रमण है।

दवा

कई बार दवाएँ गंभीर प्रकार के ईएम को शुरू कर सकती हैं। ईएम शुरू कर सकने वाली दवाओं में आती हैं :

  • पेन्सिलिन एंटीबायोटिक्स (penicillin antibiotics), जैसे अमोक्सीसिलिन(amoxicillin) और एमपिसिलिन(ampicillin)
  • एन्टीकंवलसेंट्स(anticonvulsants)- मिर्गी ठीक करने में इस्तेमाल होने वाली, जैसे, फेनायटोयिन (phenytoin) और बारबिटुरेट्स (barbiturates)
  • सुल्फोनमाइड्स(sulphonamides)
  • टेट्रा सायकलीन्स(tetracyclines)
  • नॉन स्टेरॉइडल एन्टी इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (non-steroidal anti-inflammatory drugs) (एनएसएआईडी/NSAIDs)

विशेषज्ञ मानते हैं कि ईएम रीऐक्शन त्वचा के ऊतकों और रक्त नलिकाओं को नष्ट कर देती हैं।

क्या करें?

अगर आपको लगता है कि आपको ईएम है तो तुरन्त अपने डॉक्टर से मिलें। आपका डॉक्टर आपकी त्वचा को सिर्फ देखने मात्र से बता देगा कि आपको ईएम है या नहीं।

अगर डॉक्टर निश्चित नहीं कर पा रहे हैं तो आपको त्वचा या चर्म विशेषज्ञ(dermatologist) के पास भेजा जाएगा।

इसका इलाज कैसे होता है?

इलाज का उद्देश्य संक्रमण को रोकना, लक्षणों को और उस बीमारी को नियंत्रित करना है जिसकी वजह से ईएम हो रहा है।

डॉक्टर आपको उन दवाओं को लेने से मना कर सकते हैं जो ईएम को शुरू कर सकती हैं। अपने डॉक्टर से बात किये बिना किसी दवा को बंद नहीं करनाहै।

लक्षणो को इनसे ठीक किया जा सकता है :

  • खुजली को रोकने के लिए, एन्टी हिस्टमीन
  • त्वचा पर नम दबाव बनाए रखना
  • अगर इसका कारण हर्पीस सिम्प्लेक्स संक्रमण (herpes simplex infection) है , तो एंटीवायरल टेबलेट्स
  • मुंह के छालों की परेशानी में आराम देने के लिए एनेस्थेटिक माउथवाश (anaesthetic mouthwash)
  • सूजी त्वचा के लिए स्टेरॉयड क्रीम
  • मुंह या त्वचा के दर्द के लिए दर्द में राहत देने वाली दवाएं

अगर आपको गंभीर ईएम है तो आपको अस्पताल में या इंटेंसिव केयर यूनिट(ICUI) या फिर बर्न्स या जलने वाले मरीजों की यूनिट में रहना पड़ सकता है।

आपको निम्न की भी जरूरत होगी :

  • रॉ हिस्सों के लिए स्ट्रोंग दर्द निवारक गोलियां
  • एक ऐसा माउथवॉश जिसमें एक ऐसी दवा(anaesthetic) हो , जो मुंह को थोड़े समय के लिए सुन्न कर सके और खाना आसान बना सके
  • अगर मुंह बहुत बुरी तरह से प्रभावित है तो तरल आहार
  • सूजन को नियंत्रित करने के लिए कॉर्टिकोस्टेरॉइड (corticosteroid) का एक छोटा सा कोर्स
  • अपरिपक्व या कच्ची त्वचा को संक्रमण से बचाने के लिए एंटीबायोटिक्स
  • आंखों के ड्रॉप्स या मलहम

सम्भावित जटिलतायें

ईएम(EM) की संभावित जटिलताओं में आते हैं:

  • ब्लड प्वाइजनिंग(खून में ज़हर फैलना)
  • शरीर के द्रव्यों का जाना और सेप्टिक शॉक(जब रक्तचाप खतरनाक रूप से नीचे गिर जाता है)
  • त्वचा को स्थायी नुकसान और निशान पड़ना
  • आंखों को स्थायी नुकसान

कभी कभार अंदरूनी अंग भी प्रभावित हो सकते हैं जिससे ह्रदय(मायोकार्डिटिस/ myocarditis), फेंफड़ो (निमोनिया) , किड़नी (नेफ्रैटिस/ nephritis) और लिवर (हेपेटाइटिस) में सूजन आ सकती है।

नज़रिया

ईएम के हल्के मामले स्टेरॉयड क्रीम और सामान्य लोशन लगाकर दो से तीन हफ्तों में ठीक हो जाते हैं, पर बीमारी वापस आ सकती है।(खासकर जब इसका कारण हर्पीस सिम्पलेक्स वायरस होता है) अगर ये बात है तो आपको हर्पीस सिम्पलेक्स वायरस(herpes simplex virus) के लक्षणों को दबाने के लिए रोजाना परामर्श दी गई दवा की एक छोटी खुराक दी जा सकती है।

ज्यादा गंभीर मामले, ठीक होने में 6 हफ्ते तक ले सकते हैं। कुछ लोग चकत्ते साफ होने के बाद, त्वचा पर निशान के साथ और अगर उनकी आंखों पर असर पड़ा है तो क्षतिग्रस्त या खराब हुई दृष्टि के साथ रह जाते हैं।

सामग्री का स्त्रोतNHS लोगोnhs.uk
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