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रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम (restless legs syndrome) - Healthily

रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम (restless legs syndrome) क्या है?

रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम (restless legs syndrome) एक सामान्य अवस्था है जो आपके नर्वस सिस्टम (nervous system) पर असर करती है। जिसके कारण आप में पैर हिलाने की तीव्र इच्छा पैदा होती है।

 यह आपके पाँव, पिंडली और जांघों में खराब अनुभव होने का कारण भी है जिसे आप अक्सर रेंगने या कुलबुलाहट जैसी सनसनी की तरह महसूस करते हैं।

 RLS के लक्षण हल्के से गंभीर होने तक अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ गंभीर मामलों में हालात चिंताजनक हो सकते हैं और रोज़ाना के कामों में रुकावट बन सकते हैं।

 कुछ लोगों को लक्षण कभी कभी से हो सकते हैं जबकि अन्य लोगों को प्रतिदिन रहते हैं।  रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम के लक्षणों के बारे में और पढ़ें।

रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम को कभी-कभी एकबॉम लक्षण (ekbom syndrome) के नाम से भी जाना जाता है।

रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम के कारण

ज़्यादातर मामलों में रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम का कोई स्पष्ट कारण नहीं है। डॉक्टर इसे इडियोपैथिक RLS (ideopathic) या प्राथमिक RLS के रूप में बताते हैं। इस प्रकार का RLS वंशनुगत हो सकता है।

 कुछ न्यूरोलाजिस्ट (neurologists) अपनी राय साझा करते हैं कि लक्षण शरीर में पाए जाने वाले डोपामाइन (dopamine) के स्तर में आई कमी के कारण हो सकते हैं। डोपामाइन (dopamine) मांसपेशियों में होने वाली हलचल को नियंत्रित करती है और इस रसायन के कम होने के कारण RLS से जुड़ी बिना चाहे पैर हिलाने की समस्या हो सकती है।

रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम कभी-कभी अंदरूनी स्वास्थ्य स्थिति जैसे कि आयरन डेफिशियेंसी एनीमिया (iron deficiency anaemia) या गुर्दे (kidney) के खराब होने के कारण हो सकता है। डॉक्टर इसे सेकेंडरी RLS कह सकते हैं।

रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम और गर्भावस्था के बीच एक संबंध है और 5 में से एक महिला अपनी गर्भावस्था के आखिर के तीन महीनों में इसका अनुभव करती है हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि ऐसा क्यों होता है।

रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम (restless legs syndrome) के कारणों के बारे में और पढ़े

रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम (restless legs syndrome) का इलाज

रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम के हल्के मामले जो किसी अंदरूनी स्वास्थ्य अवस्था से संबंधित नहीं होते हैं

उन्हें जीवन शैली में कुछ बदलाव करने के अलावा किसी प्रकार के इलाज की ज़रूरत नहीं पड़ती है। जीवनशैली के कुछ बदलाव जैसे:

  •  धूम्रपान छोड़ना
  •  कैफ़ीन और शराब से बचना
  •  नियमित व्यायाम

 अगर  रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम से ज़्यादा परेशानी होती है तो शरीर में डोपामाइन (dopamine) के स्तर को नियंत्रित करने के लिए दवाई की आवश्यकता पड़ सकती है।

 अगर  रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम आयरन डेफिशियेंसी एनीमिया (iron deficiency anaemia) के कारण होता है तो उसके इलाज के लिए बस आयरन सप्लीमेंट की ज़रूरत पड़ सकती है।

रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम के इलाज के बारे में और पढ़ें।

 कौन प्रभावित होता है

 10 में से एक आदमी अपने जीवन के किसी समय में  रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम से प्रभावित होता है।

रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम की समस्या पुरुषों की तुलना में महिलाओ में होने की सम्भावना दोगुनी होता है। उम्र के माध्यम पड़ाव में स्थिति का होना ज़्यादा सामान्य है लेकिन यह लक्षण बचपन में भी कभी-कभी विकसित हो सकते हैं।

 नज़रिया

 अक्सर  रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम के अंदरूनी कारण के पता लगने पर व्यक्ति का इलाज किया जा सकता है। अगर रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम गर्भावस्था से संबंधित है तो यह आमतौर पर महिला के प्रसव के बाद चला जाएगा।

 हालांकि जब  रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम के कारण अज्ञात होते हैं तो लक्षण समय के साथ और खराब हो सकते हैं और व्यक्ति के जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं। यह लेकिन जीवन के लिए खतरनाक नहीं होता है लेकिन यह सोने में रुकावट, चिंता और डिप्रेशन का कारण बन सकता है।

रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम के लक्षण

रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम के कारण आमतौर पर पैर हिलाने की तीव्र इच्छा और हाथ, पैर, सीने और चेहरे में असहज सनसनी होती है।

रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम वाले लोगों में कई अलग-अलग तरह की सनसनी देखने को मिली जिनमें ये शामिल हैं :

  •  झुनझुनी (tingling), जलन (burning), खुजली (itching), धकधक (throbbing)
  • एक तरह की रेंगने की इच्छा
  •  पैर की धमनियों में गैस मिश्रित पानी जैसा महसूस होना
  • पिंडली या पैर में ऐंठन

 इन असहज सनसनी में पैर हिलाने या रगड़ने से आराम मिल सकता है यह हल्के से असहनीय स्तर पर जा सकते हैं और शाम या रात के दौरान उससे भी खराब स्थिति हो सकती है।

 कुछ लोगों में लक्षण कभी कभी हो सकते हैं जबकि कुछ लोगों में हर दिन होता है। यह बहुत लंबे समय तक बैठने में मुश्किल पैदा कर सकता है जैसे एक लम्बी ट्रेन यात्रा।

रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम से ग्रस्त आधे लोगों में लोअर बैक पेन महसूस हो सकता है।

 पीरियॉडिक लिंब मूमेंट ऑफ स्लीप (periodic limb movements in sleep (PLMS))

रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम से ग्रस्त 5 में से 4 लोगों में एक स्थिति होती है जिसे पीरियॉडिक लिंब मूमेंट ऑफ स्लीप (periodic limb movements in sleep (PLMS)) कहते हैं।

 अगर आपको पीरियॉडिक लिंब मूमेंट ऑफ स्लीप है आपके पैर रात में सोते हुए झटकेदार हलचल करेंगे। यह हलचल बिना इच्छा के होती है और यह हर 10 से 60 सेकेंड के बीच हो सकती है।

 PLMS में पैर की हलचल इतनी गंभीर हो सकती है कि आप और आपके साथी को उठा दे। ये कभी-कभी तब भी हो सकते हैं जब आप जाग रहे हों और आराम कर रहे हों।

रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम के कारण

रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम के बहुत से मामलों में बिलकुल ठीक कारण नहीं पता चला है।

दिमाग का रसायन डोपामाइन (dopamine) RLS से जुड़ा हुआ है इसके सबूत विवाद ग्रस्त हैं।

 कुछ लोगों को डोपामाइन एगोनिस्ट (dopamine agonist) नामक दवाई से लाभ मिलता है यह दिमाग में डोपामाइन (dopamine) के स्तर को बढाती है। इससे कुछ लोगों ने तर्क दिया कि यह स्थिति डोपामाइन के स्तर में आई गिरावट से संबंधित है।

 एक सिद्धांत के अनुसार डोपामाइन के स्तर के गिरने से दिमाग से पैर को जाने वाले नर्व सिंग्नल में रुकावट होती है जो अनैच्छिक हलचल और अप्रिय सनसनी का कारण बनती है। डोपामाइन का स्तर आमतौर पर शाम के समय गिरता है जो यह बतलाते हैं कि RLS के लक्षण रात में और खराब क्यों हो जाते हैं ।

 हालांकि ऊपर के सिद्धांत में एक समस्या है कि RLS वाले कुछ लोगों में डोपामाइन एगोनिस्ट उनके लक्षणों को खराब करती है। इसलिए डोपामाइन (dopamine) और RLS के बीच सम्बन्ध उतने स्पष्ट नहीं हैं जितने पहले लगे थे।

 अन्य स्थिति यह है कि लोगों के दुःखी होने पर भी डोपामाइन (dopamine) का स्तर अक्सर गिर जाता है इसलिए डोपामाइन (dopamine) में कोई भी गिरावट परिणाम हो सकता है ना कि RLS का लक्षण या कारण

 इस मामले पर अधिक शोध की ज़रूरत है। vbv

 अंदरूनी स्वास्थ्य स्थिति

सेकेंडरी आरएलएस (RLS) एक अन्य स्वास्थ्य स्थिति की परेशानी के रूप में हो सकता है, या यह किसी अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारक के परिणामस्वरूप विकसित हो सकता है

 उदाहरण के लिए आपमें आरएलएस (RLवबवS) विकसित हो सकता है अगर आपको

  •  आयरन डेफिशिएंसी एनीमिया (iron deficiency anaemia) हो : खून में आयरन के स्तर की कमी के कारण डोपामाइन (dopamine) कम हो सकता है जिससे RLS हो सकता है।
  • स्थायी हेल्थ कंडीशन (chronic health condition) : जैसे कि स्थायी किडनी की बीमारी, डायबिटीज (diabetes), पार्किसंस बीमारी (Parkinson's disease), रयूमेटाइड अर्थराइटिस (rheumatoid arthritis) और अंडरएक्टिव थायराइड ग्रन्थि या फाइब्रोमायल्जिया (fibromyalgia) हो
  •  गर्भवती (pregnant): विशेष रूप से अंतिम तिमाही के दौरान, बहुत से मामलों में जन्म देने के 4 हफ़्तों के अंदर आरएलएस (RLS) के लक्षण गायब हो जाते हैं।

 कारक

 बहुत से कारक हैं जिनसे आरएलएस (RLS) नहीं होता है लेकिन लक्षणों को खराब कर सकते है। इनमें कुछ दवाओं की ज़रूरत पड़ती है जैसे कि

  •  एंटीडिप्रेसेंट (antidepressants)
  •  एंटीसाइकोटिक दवाई (antipsychotic medicine)
  •  लिथियम (lithium) जिसका इस्तेमाल बाइपोलर डिसऑर्डर (bipolar disorder) में करते हैं
  •  कैल्शियम चैनल ब्लॉकर (calcium channel blockers) जिसका इस्तेमाल उच्च रक्तचाप (high blood pressure) के इलाज में करते हैं
  • एंटीहिस्टामिन (antihistamine)
  •  मेटोक्लोप्रामिड (metoclopramide) यह मिचली में आराम देता है

अन्य कारक

  •  धूम्रपान
  •  कैफ़ीन
  • शराब
  •  अधिक वज़न या मोटा होना
  •  तनाव
  •  व्यायाम की कमी

रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम की पहचान

रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम (restless legs syndrome) का पता लगाने के लिए एक भी जांच उपलब्ध नहीं हैं। स्थिति का पता आमतौर पर आपके लक्षणों और आपके पहले के पारिवारिक मेडिकल इतिहास पर आधारित होता है।

इंटरनेशनल रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम स्टडी ग्रुप (international restless legs syndrome study group) ने RLS का पता लगाने के लिए कुछ मापदंड का पता लगाया है।

  •  पैरों को हिलाने की तीव्र इच्छा आमतौर पर खुजली या झुनझुनी की असहज सनसनी के साथ
  •  आपके सक्रिय ना रहने पर या आराम करने पर लक्षण और खराब हो सकते हैं
  •  पैरों को हिलाने या रगड़ने पर आराम मिलता है
  •  लक्षण रात या शाम के समय और खराब हो सकते हैं।

 अगर ऊपर दिए सभी लक्षण आप में हैं तो इसका पता लगाया जा सकता है।

 खून जांच

 अगर आपके डॉक्टर को लगता है कि आपको RLS है तो वह इसकी पुष्टि करने के लिए या सेकेंडरी RLS के होने की संभावना के लिए खून के कुछ जांच करने की सलाह दे सकते हैं। आपके स्वास्थ्य स्थिति को देखने के लिए आपके खून की जांच करवानी पड़ सकती है जैसे कि एनीमिया (anaemia), डायबिटीज (diabetes) या किडनी के काम करने में समस्या हो।

 लक्षणों का आंकलन करना

 इसका आंकलन करने के लिए कि आपको हल्का, मध्यम या गंभीर RLS है। आपका डॉक्टर भी आपके लक्षणों के पैटर्न के बारे में पूछ सकता है

 वे पूछ सकते हैं

  •  आपके लक्षण कितनी बार आते हैं
  •  आप अपने लक्षणों को कितना खराब पाते हैं
  •  अगर आपके लक्षण विशेष प्रकार की रुकावट बनते हैं
  •  अगर आपकी नींद खराब होती है या आप दिन के दौरान थका हुआ महसूस करते हैं

 हल्के RLS को जीवनशैली में बदलाव करके बदला जा सकता है। मध्यम से बहुत गंभीर RLS के लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए आमतौर दवाई की सलाह दी जाती है।   रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम (restless legs syndrome) के बारे में और पढ़ें।

 नींद की जांच

अगर आपको  रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम (restless legs syndrome) है और सोने में गंभीर रुकावट आ रही है नींद की जांच जैसेकि पॉलीसोम्नोग्राफी(polysomnography) की सलाह दी जा सकती है।

पॉलीसोम्नोग्राफी(polysomnography) के जांच है जिसमें आपके सांस की दर, दिमाग की तरंगें (brain wave) और रात के समय हृदय की गति को नापते हैं । इस प्रकार की जांच आपमें पीरियॉडिक लिंब मूमेंट ऑफ स्लीप (periodic limb movements of sleep) होने को पक्का करती है।

रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम का इलाज

 अगर आपका  रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम अंदरूनी कारणों से सम्बन्धित पाया जाता है तब उस कारण का इलाज ही अक्सर पूरा इलाज हो सकता है।

 उदाहरण के लिए आयरन डेफिशियेंसी (iron deficiency) का इलाज आयरन सप्लीमेंट के सेवन से ठीक हो सकता है। और गर्भावस्था से सम्बंधित RLS आमतौर पर जन्म देने के चार हफ्ते के अंदर चला जाता है।

 अगर RLS के कोई स्पष्ट कारण नहीं है तो इलाज इन दो श्रेणियों से हो सकता है

  •  जीवनशैली में बदलाव
  •  दवाई

 जीवनशैली में बदलाव

 RLS के लक्षणों से आराम पाने के लिए जीवन शैली में कुछ बदलाव पर्याप्त होते हैं

  •  उत्तेजकों से बचाव जैसे कि कैफ़ीन, तम्बाकू और शराब
  •  धूम्रपान ना करें
  •  रोज़ नियमित रूप से व्यायाम करें लेकिन सोने से पहले व्यायाम करने से बचें
  •  नियमित रूप से सोने का पैटर्न बनाएं : उदाहरण के लिए एक ही समय पर बिस्तर पर जाना और उठना, दिन के दौरान झपकी ना लें, बिस्तर पर जाने से पहले शांत होने के लिए समय लें , सोने से पहले कैफ़ीन लेने से बचें
  • ऐसी दवाओं से बचें जो RLS के लक्षणों को बढ़ा दे उन्हें और खराब कर दे। अगर आपको लगता है आपकी दवाएं लक्षणों का कारण बन रही हैं तो उन्हें लेना जारी रखें और अपने डॉक्टर से मिलने के लिए अपॉइंटमेंट लें।

 आरएलएस (RLS) के हमले के दौरान आप इन मानकों को लक्षणों में आराम देने में सहायक पा सकते हैं

  •  पैर की मालिश (massaging your legs)
  •  शाम के समय हॉट बाथ लेना
  •  अपने पैर की मांसपेशियों को ठंडे या गर्म कपड़े से सेंकना
  •  ऐसे काम करना जो दिमाग का ध्यान खींचे जैसे कि पढ़ना या टीवी देखना
  •  आराम देने वाले व्यायाम जैसे कि योगा और ताई ची
  •  चलना या स्ट्रेचिंग

 इस विषय पर आखिरी बार 2011 एक मेडिकल परीक्षण हुआ था जिसमें पाया गया कि पोजिशनल रिलीज़ मैनिप्युलेशन (positional release manipulation) नामक ऑस्टियोपैथिक व्यायाम तकनीक (osteopathic exercise technique) RLS वाले लोगों के लिए लाभदायक है।

 पोजिशनल रिलीज़ मैनिप्युलेशन (positional release manipulation) में असहजता और दर्द के अनुभव को कम करने के लिए शरीर के विभिन्न भागों को उसी स्थिति में रोका जाता है जिसमें वो थे।

 पोजिशनल रिलीज़ मैनिप्युलेशन (positional release manipulation) बहुत से मामलों के इलाज में असरदार है इसे साफ करने के लिए बहुत अध्ययन की ज़रूरत पड़ेगी।

 ऑस्टियोपैथी (osteopathy) एक वैकल्पिक दवाई है जो हिलने डुलने, स्ट्रेचिंग और व्यक्ति के मांसपेशियों और जोड़ो की मालिश करने से स्वास्थ्य समस्यायों का पता लगाने, इलाज करने और रोकने का दावा करती हैं

दवाई

 लेवोडोपा (levodopa)

अगर आपके लक्षण अभी और फिर आने वाले हैं तो आपको लेवोडोपा (levodopa) लेने की सलाह दी जा सकती है। क्योंकि अगर आप रोज लेवोडोपा (levodopa) लेंगे तो इस चीज़ का बहुत खतरा रहेगा कि ये आपके लक्षणों को और खराब बना सकता है।

 लेवोडोपा (levodopa) टैबलेट और द्रव्य माध्यम में उपलब्ध है और आप यह तभी लें जब आपको लगे कि RLS के लक्षण आने वाले हैं।

 यह दवाई अक्सर अचानक आपको बहुत सुस्त कर सकती है तो आपको लेवोडोपा (levodopa) लेने के बाद गाड़ी नहीं चलानी चाहिए या टूल्स और मशीनरी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

 लेवोडोपा (levodopa) के कारण आपको मिचली (nausea) हो सकती है इसलिए आमतौर पर आपको इसे अन्य दवाईयों के साथ मिलाकर लेना चाहिए ताकि मिचली को कम किया जा सके।

 डोपामाइन एगोनिस्ट (dopamine agonist)

 डोपामाइन एगोनिस्ट (dopamine agonist) की सलाह आपको तब दी जाती है जब आपमें जल्दी-जल्दी लक्षण आते हैं।

  •  रोपिनिरोल (ropinirole)
  • प्रमिपेक्सोल (pramipexole)
  •  रोटीगोटीन (rotigotine)

 यह दवाएं आपको बहुत सुस्त कर सकती हैं इसलिए इन्हें लेने के बाद गाड़ी ना चलाएं या कोई टूल इस्तेमाल ना करें।

 इन दवाओं के अन्य दुष्प्रभावों में ये शामिल हैं

  •  मिचली (nausea)
  •  चक्कर आना (dizziness)
  •  सिरदर्द (headache)

 कैबेरगोलिन (cabergoline) नामक एक अन्य डोपामाइन एगोनिस्ट (dopamine agonist ) RLS के इलाज में असरदार साबित हुई है लेकिन इसका उपयोग तभी करें जब ऊपर दी हुई अन्य दवाएं काम ना करें। क्योंकि इसके बहुत से गंभीर दुष्प्रभाव हैं जिसके बारे में आपके डॉक्टर आपसे चर्चा कर सकते हैं।

 दर्दनिवारक

 आरएलएस RLS से संबंधित किसी भी दर्द से आराम पाने के लिए आपको कोडीन (codeine) या ट्रामाडोल (tramadole) जैसे हल्के ऑपियट-आधारित (opiate based) दर्द निवारक दवा लिखी जा सकती है।

 इन दर्दनिवारकों के दुष्प्रभावों में ये शामिल हैं

  •  कब्ज़ (constipation)
  •  बीमार पड़ना
  •  मुँह सूखना (dry mouth)

 गाबापेन्टिन (gabapentin) एक अन्य दवाई है जो RLS के लक्षणों और दर्द दोनों में आराम देती है।  गाबापेन्टिन (gabapentin) के दुष्प्रभावों में थकान, चक्कर आना और सुस्ती शामिल है।

नींद आने में सहायता करना (aiding sleep)

अगर आपके लक्षण गम्भीर रूप से बढ़ रहे हैं जो आपके सोने में रुकावट बन सकते हैं तो आपको कम समय के लिए दवाई लेने की सलाह दी जा सकती है जो आपकी सोने में मदद करे।

इस तरह की दवाईयों को हिप्नोटिक (hypnotic) के नाम से जानते हैं जिसमें टेमाजेपाम (temazepam) और लोप्राजोलम (loprazolam) मिला होता है ।

 हिप्नोटिक (hypnotic) के इस्तेमाल की सलाह आमतौर पर कम समय के आधार पर दी जाती है

 आप दवाई लेने के बाद अगली सुबह सुस्त और हैंगओवर का अनुभव कर सकते हैं।

NHS के मूल कॉन्टेंट का अनुवादHealthily लोगो
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महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

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