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खर्राटे लेना (snoring)

मेडिकल समीक्षा के साथ

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खर्राटे लेना क्या है? (What is snoring?)

सोते वक्त सांस लेते हुए जब कोई व्यक्ति तेज़ आवाज़ या नाक से ध्वनि उत्पन्न करता है तो इसे खर्राटे लेना कहते हैं। मुंह, नाक या गले के टिश्यू और नर्म तालू के कंपन से ये आवाज़ आती है।

कुछ लोग कभी कभी खर्राटे लेते हैं और जो आवाज़ वो करते हैं वो अधिक तेज़ नहीं होती है जबकि अन्य रोज़ खर्राटे ले सकते हैं, वो भी इतनी ज़ोर से जिसे दूसरे कमरे में भी सुना जा सके।

हेल्थकेयर प्रोफेशनल किसी व्यक्ति के खर्राटों का आंकलन करने के लिए ग्रेडिंग सिस्टम का उपयोग करते हैं। जितना उच्च ग्रेड होगा, उतने ही गंभीर खर्राटे होंगे।

खर्राटों के लक्षणों (symptoms of snoring) के बारे में और पढ़ें।

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए ?

आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए अगर खर्राटे आपके जीवन पर प्रभाव डाल रहे हैं, जैसे बहुत अधिक थकान (excessive tiredness) और एकाग्रता में परेशानी (poor concentration) या अपने पार्टनर से साथ रिलेशनशिप में समस्याएं (relationship problems)।

दिन के समय अधिक आने वाली सुस्ती विशेष रूप से ज़रूरी है क्योकि ये सड़क यातायत दुर्घटना का खतरा बढ़ा देता है। परिवहन विभाग का अनुमान है कि पांच में से एक सड़क यातायात दुर्घटना अत्यधिक नींद आने का परिणाम है। यह मशीनरी, क्रेन और फोर्कलिफ्ट ट्रकों जैसी चीजों के उपयोग से भी दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है।

खर्राटे कभी कभी एक अधिक गंभीर स्थिति का संकेत दे सकते हैं जिसे ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) (obstructive sleep apnoea) कहा जाता है, जहां पूरी रात में एक व्यक्ति के वायुमार्ग बार-बार आंशिक रूप से या पूरी तरह से लगभग 10 सेकंड के लिए अवरुद्ध हो जाते हैं। अपने डॉक्टर को दिखाए अगर आप सुबह हांफते हुए या घुटन के साथ उठते हैं।

खर्राटों के निदान (diagnosing snoring) के बारे में और पढ़ें।

अगर आपका बच्चा खर्राटे लेता हैं तो आपको अपने डॉक्टर से भी बात करनी चाहिए।

खर्राटे क्यों आते हैं ?

खर्राटे आपके सिर और गर्दन में नरम ऊतक के कंपन के कारण होते हैं क्योंकि आप नींद के दौरान सांस अंदर और बाहर लेते हैं। इसमें नाक मार्ग (nasal passages), आपके मुंह के नरम तालू (soft pallette) का झुकाव और आपके टॉन्सिल (tonsils) शामिल हैं।

जब आप सोते हैं आपके वायुमार्ग (airways) रिलैक्स और संकरे (narrow) हो जाते हैं। ये आपके वायुमार्ग के अंदर वायु के दवाब पर असर डालते हैं, जिसकी वजह से टिश्यू (tissue) में कम्पन होता है। ये तब भी हो सकता है अगर आपको वायुमार्ग आंशिक रूप से ब्लॉक हैं, उदाहरण के तौर पर, अगर आपको कोल्ड (सर्दी)है।

आपके खर्राटे लेने की समस्या कुछ कारकों से बढ़ सकती हैं जैसे कि आपका वजन अधिक होना, शराब (alcohol) और धूम्रपान (smoking)।

खर्राटे के कारणों (causes of smoking) के बारे में और पढ़ें।

खर्राटों का इलाज कैसे किया जाता है ?

कुछ मामलों में इलाज से खर्राटों में सुधार लाया जा सकता है लेकिन पूरा इलाज हमेशा के लिए संभव नहीं है।

जीवनशैली में बदलाव, जैसे वजन कम करने, की आमतौर पर सबसे पहले सलाह दी जाती है।

एंटी-स्नोरिंग डिवाइस भी उपलब्ध हैं, जैसे माउथ गार्ड (mouth guard) या नेज़ल स्ट्रिप्स (nasal strips), जो खर्राटों को रोकने में मदद कर सकती हैं।

अगर एंटी-स्नोरिंग डिवाइसेज़ (anti-snoring devices) से मदद नहीं मिलती है तो सर्जरी एक विकल्प हो सकता है। इसमें अक्सर सॉफ्ट टिश्यू को हटाना शामिल होता है जिसकी वजह से स्नोरिंग होती है, या टिश्यू को टाइट कर इसे वाइब्रेट करने से रोकना।

हालांकि, खर्राटों के लिए सर्जरी को आमतौर पर अंतिम उपाय माना जाता है। यह जानना महत्वपूर्ण है कि हो सकता है सर्जरी का प्रभाव एक या दो साल से अधिक समय तक नहीं रहे और अप्रिय दुष्प्रभाव या जटिलताओं का कारण बन सकता है।

खर्राटों के उपचार (treatments for snoring) के बारे में और पढ़ें।

खर्राटों के लक्षण (Snoring symptoms)

खर्राटों के लक्षण (Snoring symptoms)

खर्राटे तब आते हैं जब आप सोते हुए सांस लेते वक्त एक ध्यान देने योग्य आवाज़ करते हैं।

ये मुंह के अंत स्थित सॉफ्ट टिश्यू, नाक या गले के वाइब्रेशन के कारण होता है। आपके द्वारा की जाने वाली सटीक ध्वनि उस नरम ऊतक के प्रकार पर निर्भर करेगी जो वाइब्रेट कर रहा है।

उदाहरण के लिए, जब आप खर्राटे लेते हैं, अगर आपकी नाक के पीछे सॉफ्ट टिश्यू वाइब्रेट (ज़ोर से हिलना) होता है, तो संभावना है कि आप एक चुटकी जैसी आवाज़ करेंगे जो अधिक जोऱ से नहीं होती। जबकि अगर मुंह के ऊपर का टिश्यू( सॉफ्ट तालू) और गले के पीछे यूवुला वाइब्रेट करता है, तो आप एक ऊंची, अधिक कण्ठस्थ (भारी गले की) आवाज़ करेंगे। अधिक मामलों मे खर्राटे उन क्षेत्रों के संयोजन के कारण आते हैं जो वाइब्रेट कर रहे हैं या ब्लॉक हैं।

लोग सबसे अधिक खर्राटे तब लेते हैं जब वो नींद की सबके अधिक गहरी स्टेज में होते हैं, सोने के लगभग 90 मिनट बाद। अधिक लोग ज़ोर से खर्राटे ले सकते हैं जब वो पीठ के बल सो रहे होते हैं (supine)।

खर्राटों के ग्रेड

हैल्थकेयर प्रोफेशनल्स किसी व्यक्ति के खर्राटों की गंभीरता का आंकलन करने के लिए ग्रेडिंग सिस्टम का उपयोग करते हैं। खर्राटों के तीन ग्रेड होते हैं, नीचे वर्णित हैं।

ग्रेड 1 के खर्राटे (Grade one snoring)

ग्रेड एक की स्नोरिंग, जिसे साधारण खर्राटों के नाम से भी जाना जाता है, जिसमें एक व्यक्ति कभी कभी खर्राटे लेता है और जो आवाज़ होती है वो विशेष रूप से तेज़ नहीं होती है।

ग्रेड 1 के खर्राटों में, व्यक्ति की श्वास अप्रभावित रहती है। इसका मतलब है कि वे अपने लक्षणों से संबंधित किसी भी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य समस्याओं का अनुभव नहीं करेंगे। हालांकि, उनके खर्राटें निजी तौर पर समस्याएं पैदा कर सकते हैं अगर ये उनके पार्टनर को परेशान या दुखी कर रहे हैं।

ग्रेड 2 के खर्राटे (Grade two snoring)

ग्रेड 2 के खर्राटे तब होते हैं जब कोई व्यक्ति नियमित रूप से खर्राटे लेता है- हफ्ते में तीन दिन से ज्यादा। कुछ लोगों को ग्रेड दो खर्राटे के साथ नींद के दौरान सांस लेने में हल्की से गंभीर तकलीफ का अनुभव हो सकता है। सांस लेने में होने वाली मुश्किल इंसान की नींद की गुणवत्ता को कम कर सकती है, जो उन्हें दिन के दौरान थका हुआ और नींद का अनुभव करा सकता है।

ग्रेड 3 के खर्राटे (Grade three snoring)

जब कोई व्यक्ति रोज़ रात को इतनी ज़ोर से खर्राटे लेता है कि खर्राटों को उनके कमरे के बाहर भी सुना जा सके, तो उसे ग्रेड 3 के खर्राटे कहा जाता है।

ज्यादातर लोग जो ग्रेड 3 के खर्राटे लेते हैं उनमें एक संबंधित स्थिति होती है। जिसे ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) (obstructive sleep apnoea) कहा जाता है। ये जब होता है जब आपके वायुमार्ग 10 सेकेंड के लिए आंशिक रूप से या पूरी तरह ब्लॉक हो जाते हैं।

ऑक्सीजन की कमी से व्यक्ति गहरी नींद से नींद की हल्की अवस्था में आ जाता है या फिर से सामान्य रूप से सांस लेने के लिए कुछ देर के लिए जग जाता है।

पूरी रात में बार बार खर्राटे लेने और जगने की घटनाएँ व्यक्ति को पूरे दिन सुस्ती महसूस करवा सकती है। इसका उनकी रोज़मर्रा की गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

डॉक्टरी सलाह कब लेनी चाहिए ?

अगर आपको दिन में बहुत अधिक थकान महसूस होती

है, तो अपने डॉक्टर से मिले क्योकि ये सोते वक्त आपके खर्राटों के आपकी सांस लेने पर प्रभाव डालने की वजह से हो सकता है।

अत्यधिक थकान का सबसे आम संकेत है जब आप दिन के दौरान खुद को सोते हुए पाते हैं।

आपको तब भी अपने डॉक्टर को दिखाना चाहिए अगर आपको संदेह है कि नींद की कमी आपकी रोज़मर्रा की गतिविधियों को प्रभावित कर रही है और इन लक्षणों का कारण बन रही है जैसे:

• याददाश्त और एकाग्रता की कमजोरी (poor memory and concentration)

  • सिर दर्द (विशेष रूप से सुबह) (headaches (particularly in the morning))
  • चिड़चिड़ापन (irritability) और शॉर्ट टेंपर (short temper)
  • व्यग्रता (anxiety)
  • डिप्रेशन (depression)
  • सेक्स में रुचि कम होना

अपने डॉक्टर से तब भी मिले अगर खर्राटों की वजह से आपके पार्टनर के साथ रिलेनशिप में समस्या हो रही है, जैसे कि इसकी वजह से उन्हे जगना पड़ा है या सोते से उठना पड़ रहा है।

बच्चों में खर्राटों की डॉक्टर द्वारा जांच की जानी चाहिए क्योकि ये अक्सर उनके वायुमार्गों के साथ किसी बुनियादी समस्या की वजह से आते हैं जैसे कि बढ़े हुए टॉन्सिल्स, जिन्हे आगे की जांच और इलाज की ज़रूरत हो सकती है।

खर्राटे किस कारण आते हैं ? (what causes snoring)

खर्राटे आपके सिर और गर्दन में सॉफ्ट टिश्यू के वाइब्रेशन के कारण आते हैं जैसे आप सांस लेते हैं।

प्रभावित होने वाले ऊतकों में शामिल हैं:

  • नासिका मार्ग (nasal passages)
  • नरम तालू (soft palate) - आपके मुंह के तालू के पीछे ऊतक की एक नरम परत
  • आपकी जीभ का मूल (base of your tongue)
  • टॉन्सिल्स (tonsils) - दो छोटी ग्रंथियां जो मुंह और ग्रसनी के जंक्शन पर जीभ के ऊपर होती हैं (ग्रसनी (pharynx), गले का ऊपरी भाग है)
  • यूवुला (uvula) - ऊतक का एक छोटा कोन के आकार का खंड जो आपके टॉन्सिल के बीच नरम तालू से लटका होता है

जब आप सो रहे होते हैं, आपकी गर्दन और सिर में वायुमार्ग शिथिल और संकरे होते हैं। ऐसा सोचा जाता है कि वायुमार्ग का संकरा होना, आपके सांस लेने की गति को बढ़ाता है और आपके वायुमार्ग में वायु के दवाब को बदल देता है। यह वायुमार्ग के किनारों को सोखकर, सॉफ्ट टिश्यू के वाइब्रेशन का कारण बनता है।

समान प्रभाव आंशिक रूप से अवरुद्ध वायुमार्ग का परिणाम भी हो सकता है, जो बढ़े हुए टॉन्सिल और जुकाम (cold) जैसी स्थितियों के कारण हो सकता है।

साक्ष्यों से इस बात का पता चलता है कि खर्राटों को अगर बिना इलाज के छोड़ दिया जाए तो ये समय के साथ और बदतर हो जाएंगे। खर्राटों के दौरान होने वाले कंपन सिर और गर्दन में मांसपेशियों की आपूर्ति करने वाली रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाती हैं। यह कई वर्षों में, मांसपेशियों के कमजोर होने का कारण बन सकता है।

यदि आपके सिर और गर्दन की मांसपेशियाँ कमजोर हो जाती हैं, तो आपके वायु मार्ग को खुला रखने की उनकी क्षमता प्रभावित होगी, जिससे आपके बार-बार और ज़ोर से खर्राटे लेने की संभावना और अधिक होती है।

जोखिम का बढ़ना

कुछ चीजें जो आपके लगातार खर्राटों के जोखिम को बढ़ा सकती हैं, उनमें शामिल हैं:

  • मोटापा (obesity) - खासकर अगर आपको गले में बड़ी मात्रा में फैट जमा है, 43 सेमी (17 इंच) से अधिक गर्दन की परिधि वाले लोग आमतौर पर बहुत खर्राटे लेते हैं
  • शराब पीना - शराब सोते वक्त आपकी मांसपेशियों को शिथिल कर देती है, जो वायुमार्ग की संकीर्णता को बढ़ा देता है
  • सिडेटिव्स और कुछ प्रकार के एंटीडिप्रेसेंट्स - कुछ लोगों में, इन दवाइयों का मांसपेशियों पर वही प्रभाव हो सकता है जो एल्कोहल का होता है
  • धूम्रपान - तंबाकू के धुएं के कारण आपके वायुमार्ग में सूजन हो सकती है, जिससे वायुमार्ग की संकीर्णता बढ़ जाती है
  • एलर्जिक राइनाइटिस (allergic rhinitis) - एक स्थिति जिसमें धूल या पराग जैसे पदार्थों से एलर्जी के कारण आपकी नाक के अंदर सूजन आ जाती है

गंभीर खर्राटे लेने वाले लोगों को ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (obstructive sleep apnoea) (OSA) हो सकता है, एक स्थिति जिसमें सोते वक्त वायुमार्ग अस्थायी रूप से बंद हो जाता है।

खर्राटों का परीक्षण (Snoring diagnosis)

अगर आप नियमित रूप से खर्राटे लेते हैं, आप अपने डॉक्टर के पास परामर्श के लिए जाना चाह सकते हैं।

आपका डॉक्टर आपसे खर्राटों के बारे में सवाल पूछेगा जिनमें शामिल हैं:

  • आप कितनी बार खर्राटे लेते हैं ?
  •  क्या आपके खर्राटे दूसरों को जगाने जितने तेज़ होते हैं ?
  •  क्या आपके खर्राटे तब और खतनाक होते हैं जब आप किसी विशेष पोजिशन में लेटे होते हैं, जैसे कि अपनी पीठ के बल ?
  •  क्या कुछ बुनियादी कारक हैं जो आपके खर्राटों को बढ़ा सकते हैं, जैसे कि एल्कोहल, स्मोकिंग या दवाईयां?
  •  क्या आप सोकर उठने के बाद सही तरह से ताज़ा महसूस करते हैं या आप पूरे दिन सुस्ती और नींद महसूस करते हैं?
  • क्या अन्य किसी ने नोटिस किया है कि आप खर्राटे लेते हैं या खर्राटों के बीच ज़ोर से साँस लेते हैं?

अगर आखिरी के दो सवालों के लिए आपका जवाब हां है तो ये एक चिन्ह है कि आपको ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) हो सकता है।

आपका डॉक्टर आपके बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) का आकलन करने के लिए आपको वजन कर सकता है और माप कर सकता है और आपकी गर्दन की परिधि को भी माप सकता है।

वे आपके मुंह और गले की भी जांच कर सकते हैं यदि सूजे हुए टॉन्सिल्स या नॉन-कैंसर ग्रोथ के रूप में एक असामान्यता है, जो आपके खर्राटों में योगदान दे रही है।

आगे की जांच की ज़रूरत सिर्फ तब होती है जब आपके लक्षण इस बात की ओर इशारा कर रहे हो कि आपको OSA है। इसमें आपको स्पेशलिस्ट स्लीप सेंटर में भेजा जाना शामिल है ताकि जब आप सोएँ तो आपकी निगरानी की जा सके या आपको एक मॉनिटरिंग डिवाइस दी जा सकती है जिसे आप जब पहने जब आप रात में घर पर सोएं। इसे होम स्लीप स्टडी के नाम से जाना जाता है।

प्रतिरोधी स्लीप एपनिया (diagnosing obstructive sleep apnoea.)के निदान के बारे में और पढ़ें।

खर्राटों का इलाज (Snoring treatment)

कभी कभी जीवन शैली में बदलाव से खर्राटों का इलाज संभव है लेकिन अगर इससे मदद नहीं होती तो आगे का इलाज भी उपलब्ध है।

जीवनशैली में बदलाव

खर्टारों के उपचार के पहले चरण में डॉक्टर आमतौर पर आपको जीवन शैली में बदलाव की सलाह देंगे। इनमे शामिल हैं:

  • वजन कम करना अगर आपका वजन अधिक है
  • शराब ना पीना, विशेष रूप से सोने जाने से कुछ घंटे पहले- ड्रिंकिंग और एल्कोहल के बारे में और पढ़ें
  • धूम्रपान छोड़ना
  • नियमित रूप से व्यायाम करना- यह गर्दन की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद कर सकता है, जो आपकी गर्दन और मुंह में वायुमार्ग को संकीर्ण होने से रोकने में मदद कर सकता है

अगर आपको लगता है कि आपकी दवाईयां खर्राटों में योगदान दे रही हैं, तो अपने डॉक्टर से बात करें। वो आपको कुछ अन्य दवाईयां लिख सकते हैं। हालांकि, किसी भी दी हुई दवाई को छोड़ने से पहले डॉक्टर से कन्सल्ट करें।

अगर आपक खर्राटे तब अधिक होते हैं, जब आप अपनी पीठ के बल सो रहे हों, आपके लिए अपनी साइड सोना फायदेमंद हो सकता है। एक ऐसा टॉप पहनना जिसमें कंधे की हड्डियों के बीच एक पॉकेट सिली हुई हो और उस पॉकेट में टेनिस या गोल्फ बॉल रखना आपके सोते वक्त आपकी पीठ को दूर रखने में मदद कर सकता है।

ईयर प्लग्स (Ear plugs)

अगर आपके खर्राटों की वजह से आपको कोई स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानी नहीं हो रही है लेकिन ये आपके पार्टनर को प्रभावित कर रही है तो उन्हें रात के दौरान ईयर प्लग पहनने के लिए कहना, समस्या के समाधान का एक सस्ता और प्रभावी तरीका हो सकता है।

एंटी-स्नोरिंग डिवाइसेज़

अगर जीवनशैली में बदलाव मदद नहीं करती है, तो कुछ ऐसी एंटी-स्नोरिंग डिवाइसेज़ हैं जो खर्राटों को रोकने में मदद कर सकती है। इन उपकरणों को कई बड़ी फार्मेसियों से खरीदा जा सकता है।

एंटी-स्नोरिंग डिवाइसेज़ के विभिन्न प्रकार नीचे वर्णित है।

नेज़ल डिवाइसेज़ (Nasal devices)

अगर आपके खर्राटे मुख्य रूप से आपके नाक से आ रहे हैं, तो आपको नेज़ल स्ट्रिप्स या नेजल डिलटर्स (nasal dilators) से फायदा हो सकता है।

नाक की स्ट्रिप्स, चिपकने वाले प्लैस्टर्ज़ के समान स्वयं चिपकने वाले टेप के छोटे टुकड़े हैं। सोने से पहले नेज़ल स्ट्रिप्स को अपनी नाक के बाहर रखें। ये स्ट्रिप, आपके नथुने को अलग खींचती है, जो नींद के दौरान उन्हें संकीर्ण होने से रोकने में मदद कर सकती है।

नेज़ल डिलटर, प्लास्टिक या मेटल की एक डिवाइस है जो कुछ हद तक एक नोज़ रिंग जैसी लगती है। आप सोने जाते वक्त इस डिलटर को अपनी नाक के अंदर रख देते हैं और ये आपके नथुनों को अलग पुश करती है जब आप सो रहे होते हैं।

वर्तमान में, खर्राटों के उपचार में प्रत्येक प्रकार के नेज़ल डिवाइस की प्रभावशीलता की तुलना करने के लिए बहुत अधिक शोध नहीं हुआ है। ज्यादातर लोगों के लिए, किस डिवाइस का उपयोग करना है, इसका चुनाव उनकी व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है।

ओरल डिवाइसेज़ (Oral devices)

यदि आपके खर्राटे मुख्य रूप से आपके मुंह से आ रहे हैं, तो आप चिन स्ट्रिप्स या वेस्टिबुलर शील्ड (vestibular shield) से लाभ उठा सकते हैं। चिन स्ट्रिप्स आपके ठोड़ी के नीचे टेप के स्ट्रिप्स हैं। स्ट्रिप्स आपके सोते समय आपके मुंह को खुला रखने से रोकने में मदद करते हैं।

वेस्टिबुलर शील्ड (vestibular shield) एक प्लास्टिक डिवाइस है जो दिखने में गम शील्ड के समान है। ये आपके मुंह के अंदर फिट हो जाती है और आपके मुंह से जा रही हवा के फ्लो को ब्लॉक कर देती हैं। यह आपको अपनी नाक के माध्यम से सांस लेने के लिए मजबूर करता है जो आपको अपना मुंह खोलने और खर्राटे लेने से रोक सकता है।

नेज़ल डिवाइसेज़ के जैसे ही, कौन सी ओरल डिवाइस ज्यादा प्रभावी है, इस बारे में लिमिटेड साक्ष्य उपलब्ध है। इसलिए चयन आपको अपनी पर्सनल पसंद के हिसाब से करना होगा।

मैंडिबुलर रिपोजिशनिंग स्प्लिंट (Mandibular repositioning splint (MRS) )

अगर आपके ख़र्राटों की मुख्य वजह आपकी जीभ का वाइब्रेट करना है तो आपको मैंडिबुलर रिपोजिशनिंग स्प्लिंट (Mandibular repositioning splint (MRS) )(जिसे मैंडिबुलर एडवांसमेंट डिवाइस या MAD कहा जाता है) की सलाह दी जा सकती है।

MRS, वेस्टिबुलर शील्ड (vestibular shield) जैसा होता है, लेकिन आपके जबड़े और जीभ को आगे की धक्का देने के लिए डिजाइन किया गया होता है। यह आपके गले के पीछे की जगह को बढ़ाएगा और आपके वायुमार्ग की संकीर्णता को कम करेगा जो आपकी जीभ को वाइब्रेट करने का कारण बन रही है, जिसके परिणामस्वरूप खर्राटे आते हैं।

हालांकि, यदि आपके खर्राटे सांस लेने की कठिनाइयों से संबंधित हैं, जैसे स्लीप एपनिया, यह सलाह दी जाती है कि आपके दांतों और जबड़े के छापों का उपयोग करके एक दंत रोग विशेषज्ञ (ऑर्थोडॉन्टिस्ट) द्वारा विशेष रूप से आपके लिए एक एमआरएस (MRS) बनाया जाए।

एक कस्टम एमआरएस (MRS) की लागत डिवाइस और उपयोग की जाने वाली सामग्रियों की जटिलता पर निर्भर करेगी, और कई सौ पाउंड से लेकर कई हजार पाउंड तक हो सकती है। यह संभावना नहीं है कि आप एनएचएस पर कस्टम-निर्मित एमआरएस (MRS) निशुल्क प्राप्त कर पाएंगे।

एमआरएस (MRS) को बदलने की ज़रूरत लगभग 18 महीने बाद होती है।

सर्जरी

खर्राटों के लिए सर्जरी आमतौर पर अंतिम उपाय के तौर पर माना जाता है, जब बाकी अन्य इलाज के विकल्प अपनाए गए हो और अप्रभावी सिद्ध हुए हैं। खर्राटों के ज्यादातर मामलों में सर्जरी उपयुक्त भी नहीं है। उदाहरण के लिए, नाक के खर्राटों के उपचार में इसकी सीमित प्रभावशीलता है।

स्लीप एपनिया वाले लोगों को आमतौर पर सर्जरी करवाने की सलाह नहीं दी जाती है क्योकि कईं अन्य प्रभावी इलाज उपलब्ध हैं, जैसे कि सांस लेने में मदद के लिए सांस लेने के उपकरणों का उपयोग करना। स्लीप एपनिया के इलाज के बारे में और पढ़ें।

ऐसे मामलों में, जहां स्पष्ट शारीरिक समस्याएं खर्राटों को बढ़ावा दे रही है, जैसे कि बढ़े हुए टॉन्सिल्स, सर्जरी के विकल्प की सलाह टॉन्सिल्स को हटाकर परेशानी को दूर करने में की जा सकती है।

अन्यथा, खर्राटों के उपचार में चार मुख्य प्रकार की सर्जरी का उपयोग किया जाता है। य़े हैं:

  • Uvulopalatopharyngoplasty (UPPP)
  • uvulopalatoplasty (UP)
  • तालू प्रत्यारोपण
  • नरम तालू की रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन (RFA)

इनका वर्णन नीचे किया गया है:

Uvulopalatopharyngoplasty (UPPP)

Uvulopalatopharyngoplasty (UPPP) का उपयोग तब किया जाता है जब ये बात सिद्ध हो गई हो कि मुंह में सॉफ्ट टिश्यू (आपकी जीभ के अलावा), खर्राटों के लिए ज़िम्मेदार है।

UPPP के दौरान, सर्जन इन्हें हटाएगा:

  • आपका यूवुला - ऊतक का टुकड़ा जो आपके मुंह का ऊपरी भाग से लटका हुआ है
  • आपके नरम तालू में से कुछ भाग
  • आपके गले के आधार के चारों ओर कुछ बढ़े हुए टिश्यू
  • कुछ मामलों में, आपके टॉन्सिल्स और गले कि गिल्टी (टिश्यू की छोटी गांठे जो आपके गले के पीछे स्थित होती हैं, आपके टॉन्सिल्स के ऊपर)

UPPP सामान्य एनेस्थैटिक के प्रभाव में किया जाता है, जिसका मतलब सर्जरी के दौरान आप सोए हुए रहेंगे और आपको दर्द या असुविधा महसूस नहीं होगी।

हालांकि, UPPP की वजह से बाद में काफी दर्द हो सकता है, जो कभी कभी तीन हफ्तों तक रह सकता है।

यूवुला को हटाना आपकी कुछ निश्चित ध्वनियों को उच्चारित करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, ये आपकी अंग्रेज़ी बोलने की क्षमता को प्रभावित नहीं करेगा क्योकि अंग्रेजी भाषा में यूवुला द्वारा बनाई गई किसी भी ध्वनि का उपयोग नहीं होता है। (यूवुला कॉन्सोनेंन्ट्स के नाम से जाना जाता है)।
हालांकि, आप कुछ अन्य भाषाओं में कुछ शब्दों के अपने उच्चारण को ऑपरेशन से प्रभावित पा सकते हैं।

UPP पूरी तरह से खर्राटों को खत्म करने में प्रक्रिया करवाने वाले सभी लोगों में से आधों में सफल साबित होता है। अनुमानित 1 प्रतिशत मामलों में गंभीर जटिलताएँ हो सकती हैं। इनमें शामिल हैं:

Uvulopalatoplasty (UP)

Uvulopalatoplasty (UP), जिसे कभी-कभी लेज़र-असिस्टेड uvulopalatoplasty (LAUP) कहा जाता है, काफ़ी मामलों में UPPP के लिए एक वैकल्पिक तकनीक के रूप में उपयोग किया जाता है क्योंकि इसमें खतरा कम होता है।

हालांकि, साक्ष्य इस बात की सलाह देते हैं कि UP दीर्घावधि में UPPP जितना प्रभावी नहीं हैं। UP की वजह से ऑपरेशन के बाद अधिक दर्द भी हो सकता है जो दो हफ्तों तक रहता है।

UP में, लेज़र्स या हाई-एनर्जी रेडियो तरंगों का उपयोग uvular और सॉफ्ट तालू के कुछ हिस्से को जलाने के लिए किया जाता है।

नरम तालू प्रत्यारोपण

नरम तालू प्रत्यारोपण का उपयोग खर्राटों को ठीक करने में किया जा सकता है जो सांस लेने में मुश्किल का कारण नहीं बनते हैं अगर ये पुष्टि हो गई हो कि नरम तालू का वाइब्रेशन इसकी वजह है।

प्रक्रिया के दौरान, एक लोकल एनेस्थैटिक इंजेक्शन का उपयोग मुंह के उपरी भाग को सुन्न करने के लिए किया जाता है। सिंथेटिक सामग्री से बने कई प्रत्यारोपण तब आपके तालू में इंजेक्ट किए जाते हैं, जिससे यह कठोर हो जाता है। इससे आपको सोते समय नरम तालू को हिलने से रोकने में मदद मिल सकती है।

रेडियो आवृत्ति पृथक्करण (Radiofrequency ablation)

नरम तालू का रेडियो आवृत्ति पृथक्करण (RFA), नरम तालू प्रत्यारोपण के लिए एक वैकल्पिक प्रकार का उपचार है। इसका उपयोग उन मामलों के इलाज के लिए किया जाता है जहां खर्राटे के लिए नरम तालू के कंपन जिम्मेदार हैं।

रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन (RFA) में मुंह के पाटन को लोकल एनेस्थैटिक से सुन्न कर दिया जाता है और नरम तालू के टिश्यू में इलेक्ट्रोड को प्रत्यारोपित किया जाता है। इलेक्ट्रोड का उपयोग तब उच्च-ऊर्जा रेडियो तरंगों को डिलीवर करने के लिए किया जाता है जो नरम तालू के ऊतक को सिकोड़ते हैं और सख्त करते हैं। जब आप सो रहे हों, तो इसे कंपन की संभावना कम करने में मदद करनी चाहिए।

एनआईसीई (NICE) गाइडेंस बताता है कि प्रक्रिया के बारे में कोई स्पष्ट सुरक्षा चिंताएं नहीं हैं, लेकिन उपचार के दीर्घकालिक प्रभाव के बारे में वर्तमान में सीमित सबूत हैं।

दवाईयां

दवाईयां, ख़र्राटों के लक्षणों का सीधे तौर पर इलाज नहीं कर सकती हैं हालांकि कुछ बुनियादी कारणों का उपचार करने में मदद कर सकता है।

उदाहरण के तौर पर, अगर एलर्जिक राइनाइटिस (नेज़ल इरिटेशन और सूजन) आपके खर्राटों के लिए ज़िम्मेदार हैं, एक एंटीहिस्टामाइन नेज़ल स्प्रे आपके लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है। एंटीहिस्टामाइन्स (Antihistamines) एक प्रकार की दवा हैं, जो एलर्जी प्रतिक्रियाओं के इलाज में बहुत प्रभावी साबित हुई है।

वैकल्पिक रूप से, अगर अवरूद्ध नाक की वजह से आपके खर्राटे विशेष रूप से परेशान करने वाले होते हैं , तो नेसल डीकंजेस्टंट (nasal decongestants) का एक छोटा कोर्स मदद कर सकता है। हालांकि, लगातार 7 दिनों से ज्यादा नेसल डीकंजेस्टंट का उपयोग मत कीजिए क्योंकि ये आपके लक्षणों को और बदतर कर सकते हैं।

आपका डॉक्टर आपको इस बारे में सलाह देगा कि क्या दवाइयाँ आपके ख़र्राटों में मदद कर सकती हैं।

स्टेफ्नी की कहानी (Stephanie's story)

स्टेफ्नी चैस्चर (Stephanie Chewter) का कहना है कि उनके खर्राटे इतनी तेज़ है कि उनकी वगह से वो खुद, उनके साथी और दो बच्चों को जागना पड़ जाता है।

यह पिछले एक साल में बहुत खराब हो गया है, जिसका दोष वो अपने वजन बढ़ने को देती है।

 “मैने पिछले साल बहुत ज्यादा वजन बढ़ा लिया” Weston-super-Mare से 35 साल की स्टेफनी कहती हैं। मैं 14 स्टोन से 20 स्टोन पर पहुंच गई।

अपने साथी और दो किशोर लड़कों के साथ रहने का मतलब है कि उसका खर्राटे सिर्फ उसके जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित नहीं कर रहे हैं। "मेरे खर्राटे हर किसी को पागल कर देते हैं," वह कहती हैं। "मेरे दो बच्चे हैं और यह उन्हें जगाता है।"

स्टेफ़नी, पुरातत्व का अध्ययन कर रही है और कहती है कि उसकी हानिकारक रातें उसे दिन में सुस्ती महसूस करवा सकती हैं, जिससे उसकी एकाग्रता प्रभावित होती है।

उसके डॉक्टर ने उसे समझाया कि खर्राटे सोते हुए वायुमार्ग के संकरे होने की वजह से होता है। खर्राटों के साथ जुड़ी आवाज़ नाक और गले के हिस्सों द्वारा होती है, विशेष रूप से नरम तालू, जो अंदर बाहर सांस लेते हुए कम्पन करता है।

रात में, मांसपेशियाँ जो आपके वायुमार्ग को खुला रखने में मदद करती हैं, रिलैक्स हो जाती हैं, जिससे वायुमार्ग संकरा हो जाता है और अधिक कंपन करता है, जिससे खर्राटों की संभावना अधिक होती है।

कुछ भी, जो आपके वायुमार्ग को आराम देता है, खर्राटों को बदतर बना देगा, जिसमें शराब और नींद की गोलियों का सेवन करना शामिल हैं।

अन्य कारक जैसे धूम्रपान, अवरूध्द नाक, एलर्जी और नेज़ल पॉलिप्स आपके खर्राटे लेने की संभावना को बढ़ा सकती है।

केवल कुछ किलो वजन अधिक होने के कारण भी आपको खर्राटे आ सकते हैं। नाक के चारो ओर फैटी टिश्यू का बनना वायुमार्ग पर दवाब बनाता है और हवा को स्वतंत्र रूप से अंदर बाहर आने से रोकता है, जिससे वाइब्रेशन होते हैं।

स्टेफनी ने स्लीपिंग एड्स जैसे कि नेज़ल स्ट्रिप्स और नेज़ल स्प्रे सभी ट्राई किए लेकिन किसी ने कोई ध्यान देने योग्य प्रभाव नहीं हुए।

उसने ऐसा पाया कि अपने साथी के साथ उलटे होकर (head-to-toe) सोने से कोई बाधा नहीं होती है। वह कहती है "यह शायद इसलिए है क्योंकि मेरे खर्राटे उसे तेज नहीं लगते।"

लेकिन जब डेसिबल बहुत अधिक बढ़ जाता है, तो स्टेफ़नी को कहीं और सोने के लिए मजबूर होना पड़ता है। "मुझे दो सीटों वाले सोफे पर सोना पड़ता है और फिर मैं जिस व्यक्ति को जगाती हूं वो मैं खुद हूं।"

स्टेफ़नी कहती है कि उसे या तो बड़े सोफे में निवेश करना होगा या उसके खर्राटों का इलाज ढूंढना होगा क्योंकि छोटे सोफे पर सोने से उसे पीठ में दर्द होता है।

वह जानती है कि वजन कम करने पर उसके खर्राटे कम हो जाएंगे। "मैं अंत में अपना वजन कम करूंगी, लेकिन मैं तैयार नहीं हूं," वह कहती हैं। "फिलहाल मेरी ऐसा करने की इच्छाशक्ति नहीं है।"

NHS के मूल कॉन्टेंट का अनुवादHealthily लोगो
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