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हिस्टेरेक्टोमी (Hysterectomy)

मेडिकल समीक्षा के साथ

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यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है।

हिस्टेरेक्टोमी क्या है? (What is hysterectomy?)

हिस्टेरेक्टोमी गर्भाशय (बच्चेदानी) हटाने हेतु की जानेवाली एक शल्य प्रक्रिया है। इस ऑपरेशन के उपरांत आप गर्भधारण नहीं कर पाएंगी।

यदि आपकी रजोनिवृत्ति (menopause) नहीं हुई है तो आपकी उम्र चाहे कितनी भी क्‍यों न हो, आपको माहवारी नहीं होगी। रजोनिवृत्ति उसे कहा जाता है जब किसी महिला की माहवारी रुक ​​जाती है जोकि सामान्‍यत: 45 से 55 वर्ष की उम्र तक होती है।

वर्ष 2012 और 2013 में इंग्लैंड में लगभग 30,500 हिस्टेरेक्टोमी की गई थीं। 40-50 वर्ष की आयु की महिलाओं में हिस्टेरेक्टोमी होना बेहद आम है।

मुझे हिस्टेरेक्टोमी की जरूरत क्यों है? (Why do I need a hysterectomy?)

मादा प्रजनन तंत्र प्रभावित करने वाली स्थितियों के उपचार हेतु हिस्टेरेक्टोमी की जाती है, जिसमें शामिल हैं:

हिस्टेरेक्टोमी एक बड़ा ऑपरेशन है जिससे उबरने में लंबा वक्त लगता है और केवल कम खतरनाक माने जानेवाले सभी प्रकार के उपचार के विकल्पों का प्रयोग करने के उपरांत ही इसपर विचार किया जाता है।

हिस्टेरेक्टोमी क्यूँ जरूरी है (why a hysterectomy is needed), इस बारे में और जानने हेतु पढ़ें ।

विचार करने योग्य बातें (Things to consider)

यदि आपने हिस्टेरेक्टोमी कराई है और इसके साथ ही आपका गर्भाशय (बच्चेदानी) भी हटा दिया गया है, तो आपको यह निर्णय लेना होगा कि क्या आपके सर्विक्स या अंडाशय को भी हटा दिया जाए।

आपका निर्णय सामान्यतः आपकी व्यक्तिगत भावनाओं, चिकित्सा पृष्ठभूमि और आपके डॉक्टर द्वारा दी गई सलाह पर आधारित होगा।

आपको विभिन्न प्रकार के हिस्टेरेक्टोमी तथा उनके विभिन्न पहलुओं पर जानकारी हासिल करनी चाहिए।

हिस्टेरेक्टोमी से पूर्व विचार करने योग्य बातों (things to consider before having a hysterectomy) के बारे में पढ़ें ।

हिस्टेरेक्टोमी के प्रकार (Types of hysterectomy)

हिस्टेरेक्टोमी विभिन्न प्रकार के होते हैं। आपको जिस प्रकार का हिस्टेरेक्टोमी करनी है वह इस पर निर्भर है कि आपका ऑपरेशन क्यों जरूरी है और आपके गर्भाशय (बच्चेदानी) और आसपास के प्रजनन तंत्र में से कितना स्थान सुरक्षित छोड़ा जा सकता है।

हिस्टेरेक्टोमी के मुख्य प्रकार निम्न हैं:

  • टोटल हिस्टेरेक्टोमी (total hysterectomy) – इसमें गर्भाशय और सर्विक्स (गर्भाशय की गर्दन) पूर्णतः हटा दिया जाता है; आमतौर पर यह सबसे सामान्य तरह का ऑपरेशन है।
  • सबटोटल हिस्टेरेक्टोमी (subtotal hysterectomy) - इसमें गर्भाशय (बच्चेदानी) का मुख्य हिस्सा हटाया जाता है, जिससे सर्विक्स निकल जाती है ।
  • बाइलेट्रल सल्पिंगो-ओफ़ोरेक्टोमी सहित टोटल हिस्टेरेक्टोमी (total hysterectomy with bilateral salpingo-oophorectomy) - इसमें गर्भाशय (बच्चेदानी) गर्भाशय ग्रीवा, फैलोपियन ट्यूब (salpingectomy) तथा अंडाशय (oophorectomy) निकाल दिए जाते हैं।
  • रैडिकल हिस्टेरेक्टोमी (radical hysterectomy) - इसमें गर्भाशय (बच्चेदानी) और फैलोपियन ट्यूब, वेजाइना का हिस्सा, अंडाशय, लसीका ग्रंथियां व फैटी ऊतक सहित उसके आसपास के ऊतक हटा दिए जाते हैं।

हिस्टेरेक्टोमी तीन प्रकार से होती है:

  • वेजिनल हिस्टेरेक्टोमी (vaginal hysterectomy) - जहां वेजाइना के ऊपर एक कट लगाकर गर्भाशय (बच्चेदानी) को हटाया जाता है।
  • एब्डोमिनल हिस्टेरेक्टोमी (abdominal hysterectomy) –इसमें पेट के निचले हिस्से में एक कट लगाकर गर्भाशय (बच्चेदानी) हटाया जाता है।
  • लेप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टोमी (कीहोल सर्जरी) (laparoscopic hesterectomy (keyhole surgery)) – इसमें पेट में कई छोटे-छोटे कट लगाकर गर्भाशय (बच्चेदानी) को हटाया जाता है।

हिस्टेरेक्टोमी कैसे किया जाता है (how a hysterectomy is performed), इसके बारे में और जानने हेतु पढ़ें।

हिस्टेरेक्टोमी की जटिलताएँ (complications of a hysterectomy)

इससे होनेवाले जटिलताओं में निम्न स्थितियाँ होने की थोड़ी सम्भावना है:

  • अत्यधिक रक्तस्राव (heavy bleeding)
  • संक्रमण (infection)
  • आपके मूत्राशय (ब्लैडर) या आंत्र को नुकसान (damage to your bladder or bowel)
  • जनरल एनेस्थेटिक (general anaesthetic) के प्रति गंभीर प्रतिक्रिया

हिस्टेरेक्टोमी की जटिलताओं (complications of a hysterectomy) के बारे में और जानने हेतु पढ़ें।

हिस्टेरेक्टोमी से उबरना (recovering from hysterectomy)

हिस्टेरेक्टोमी एक बड़ा ऑपरेशन है। आपको सर्जरी के उपरांत पांच दिनों तक अस्पताल में रहना पड़ता है और पूर्णतः ठीक होने में लगभग छह से आठ सप्ताह लग जाते हैं। हिस्टेरेक्टोमी के विभिन्न प्रकार के आधार पर इससे ठीक होने का समय भी भिन्न हो सकता है।

इस दौरान जहां तक संभव हो सके उतना विश्राम करें और कुछ भी भारी न उठाएं, जैसे शॉपिंग बैग। आपको अपने पेट की मांसपेशियों व ऊतकों को ठीक होने के लिए समय देना होगा।

हिस्टेरेक्टोमी से ठीक होने (recovering from a hysterectomy) के बारे में और जानने हेतु पढ़ें।

सर्जिकल रजोनिवृत्ति (surgical menopause)

यदि हिस्टेरेक्टोमी के दौरान आपका अंडाशय हटा दिया जाता है, तो ऑपरेशन के तत्काल बाद आपकी रजोनिवृत्ति हो जाएगी, चाहे आप किसी भी उम्र की हो। इसे सर्जिकल मेनोपॉज कहा जाता है।

यदि ऑपरेशन के उपरांत आपका एक या दोनो अंडाशय बरकरार रहते है तो ऐसा हो सकता है कि आपके ऑपरेशन के पांच साल के अंदर आपकी रजोनिवृत्ति होगी।

यदि आपको हिस्टेरेक्टोमी के उपरांत सर्जिकल रजोनिवृत्ति होती है तो ऐसे में आपको हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एचआरटी) (hormone replacement therapy (HRT)) देनी चाहिए।

सर्जिकल रजोनिवृत्ति के बारे में और जानने हेतु पढ़ें।

हिस्टेरेक्टोमी से उबरना (recovering from a hysterectomy)

हिस्टेरेक्टोमी कराने के उपरांत, आप थकान और कुछ दर्द महसूस कर सकते हैं । इस तरह की सर्जरी के उपरांत यह आम है।

किसी भी दर्द व परेशानी कम करने में मदद हेतु आपको दर्द निवारक दवाएँ दी जाएगी। यदि आप एनेस्थेटिक (anaesthetic) के उपरांत बीमार महसूस करते हैं, तो आपकी नर्स आपको इससे राहत दिलाने हेतु दवा दे सकती है।

आप इन चीज़ों की ज़रूरत हो सकती हैं:

  • आपके घावों पर ड्रेसिंग
  • अपनी बांह में एक ड्रिप
  • कैथेटर - एक छोटी ट्यूब जो आपके मूत्राशय से मूत्र को संग्रह बैग में ले जाती है।
  • आपके घाव के नीचे से रक्त निकालने हेतु आपके पेट में एक ड्रेनेज ट्यूब (यदि आपके पेट में हिस्टेरेक्टोमी है) – यह ट्यूब आमतौर पर एक - दो दिनों तक रहती हैं।
  • रक्तस्राव जोखिम कम करने हेतु आपकी वेजाइना में डाला जाने वाला जालीदार गौज पैक (यदि आपको वेजाइना हिस्टेरेक्टोमी है) - यह आमतौर पर वहां 24 घंटे तक रहता है।

आप थोड़ा असहज भी हो सकते हैं और आपको ऐसा महसूस होगा कि आपको अपनी आंत्र खाली कर लेनी चाहिए (ऐसा कर लें)।

आपके ऑपरेशन के एक दिन बाद आपको थोड़ा चलने हेतु कहा जाएगा। इससे आपके रक्त को सामान्य रूप से प्रवाहित करने में मदद मिलती है, जिससे जटिलताएं जैसे आपके पैरों में रक्त के थक्के (डीप वेन थ्रोम्बोसिस) बढ़ने का खतरा कम रहता है।

एक फिजियोथेरेपिस्ट (physiotherapist) आपकी गतिशीलता में सहायता हेतु कुछ व्‍यायाम करना सीखा सकता है। वह आपको ठीक होने में मदद हेतु कुछ पैल्विक फ्लोर मांसपेशियों का व्यायाम भी सिखा सकते है।

कैथेटर हटाने के उपरांत, आप सामान्य रूप से मूत्र त्‍याग कर पाएंगे। जो टाँके हटाने हैं उन्‍हें आपके ऑपरेशन के पाँच से सात दिनों बाद निकाल दिया जाएगा।

आपके ठीक होने में लगने वाला समय (your recovery time)

आप कितने समय में ठीक होकर अस्पताल को छोड़ पाएंगे, यह आपकी उम्र और सामान्य स्वास्थ्य स्तर पर निर्भर है।

यदि आपको वेजाइना या लैप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टोमी हुई है, तो आप एक से चार दिनों के बाद अस्पताल छोड़ सकते हैं। यदि आपको पेट में हिस्टेरेक्टोमी हुई है, तो आमतौर पर आपको अस्‍पताल से छुट्टी में पांच दिन तक का समय लग जाएगा।

इसके उपरांत आपको चार से छह सप्ताह में अपने डॉक्टर से मिलने के लिए कहा जा सकता है परंतु जब तक कुछ परेशानियां न हों, तब तक अस्पताल में फॉलोअप मुलाकात की जरूरत नहीं पड़ती।

पेट की हिस्टेरेक्टोमी के उपरांत पूर्णत: ठीक होने में लगभग छह से आठ सप्ताह लगते हैं। वेजाइना या लैप्रोस्कोपी हिस्टेरेक्टोमी के बाद ठीक होने में लगनेवाला समय अक्सर कम होता है।

इस अवधि के दौरान, जितना संभव हो सके आप उतना आराम करें और कोई भी भारी चीज़ न उठाएं जैसे शॉपिंग बैग। आपके पेट की मांसपेशियों व आसपास के ऊतकों को ठीक होने में समय की जरूरत होती है।

यदि आप अकेले रहते हैं तो आप अपने ऑपरेशन से उबरने के दौरान अपने स्थानीय एनएचएस प्राधिकारी से सहायता प्राप्त कर सकते हैं। अस्पताल के स्‍टाफ आपको इस बारे में आगे क्‍या करना है इस बारे में सलाह दे सकेंगे।

दुष्प्रभाव

हिस्टेरेक्टोमी के उपरांत, आपको निम्‍नानुसार कुछ अस्थायी दुष्प्रभावों का अनुभव हो सकता है।

आंत्र और मूत्राशय की गड़बड़ी

आपके ऑपरेशन के उपरांत, शौचालय जाने पर आपके आंत्र व मूत्राशय के कार्यों में कुछ परिवर्तन हो सकते हैं।कुछ महिलाओं के मूत्र मार्ग में संक्रमण या कब्ज विकसित हो जाता है। इन दोनों का उपचार आसानी से किया जा सकता है। यह सलाह दी जाती है कि आप अपने आंत्र और मूत्राशय के कार्यो में सहायता हेतु अपने आहार में ढेर सारे तरल पदार्थ और फल तथा फाइबर की मात्रा बढ़ाएं।हिस्टेरेक्टोमी के बाद शुरूआती कुछ दिनों के लिए आपको मल त्यागने में तनाव से बचाव हेतु लैक्सेटिव (laxatives) की जरूरत पड़ सकती है । कुछ लोगों को मल त्‍यागते समय सहायता हेतु अपना पेट पकड़ना अधिक आरामदायक महसूस होता है।वेजिनल स्राव (vaginal discharge) हिस्टेरेक्टोमी के उपरांत, आपको वेजाइना से कुछ रक्तस्राव व डिस्‍चार्ज का अनुभव होगा । यह मासिक धर्म के दौरान होनेवाले डिस्‍चार्ज से कम होगा परंतु ऐसा छह सप्ताह तक रह सकता है। यदि आपके वेजाइना से अत्‍यधिक रक्तस्राव हो रहा हैं, रक्‍त के थक्के निकल रहे हैं, या तीव्र गंध वाला डिस्चार्ज हो रहा है तो ऐसी स्थिति में आपको अपने डॉक्‍टर से मिलना चाहिए।

रजोनिवृत्ति के लक्षण (menopausal symptoms)

यदि आपके अंडाशय निकाल दिए गए हैं, तो सामान्‍यत: आपके ऑपरेशन के बाद आपको रजोनिवृत्ति के गम्भीर लक्षण दिखाई देंगे। इनमें निम्‍न शामिल हो सकते हैं:

  • अत्‍यधिक गर्मी का अहसास (hot flushes)
  • चिंता (anxiety)
  • रोना आना (weepiness)
  • पसीना आना (sweating)

आपके ऑपरेशन के उपरांत आपको हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एचआरटी) (hormone replacement therapy (HRT)) हो सकती है। इसे इम्प्लांट, इंजेक्शन या टैबलेट के रूप में दिया जा सकता है। सामान्‍यत: इसे प्रभावी होने में लगभग एक सप्ताह का समय लगता है।

भावनात्मक प्रभाव (emotional effects)

हिस्टेरेक्टोमी होने के उपरांत आप नुकसान एवं उदासी की भावना महसूस कर सकते हैं। ऐसी भावनाएं विशेष तौर पर एडवांस स्‍तर के कैंसर (cancer) वाली महिलाओं में आम हैं, जिनके पास उपचार का कोई अन्य विकल्प उपलब्‍ध नहीं है।कुछ महिलाएं जिन्हें अबतक रजोनिवृत्ति (menopause) नहीं हुई है वेनुकसान की भावना महसूस कर सकती हैं क्योंकि वे अब बच्चे पैदा नहीं कर पाएंगी। जबकि अन्य को पूर्व की तुलना में कम "स्त्रीत्‍व" का अहसास हो सकता है। कुछ मामलों में, हिस्टेरेक्टोमी अवसाद का एक कारण बन सकता है। यदि आपमें अवसाद की भावनाएं आ रही हैं जो दूर नहीं हो रही, तो अपने डॉक्‍टर से मिलें क्योंकि वे आपको उपलब्ध उपचार विकल्पों के बारे में सलाह दे सकते है। अन्य महिलाएँ जिन्होंने हिस्टेरेक्टोमी कराया है, उनसे बात करने पर वे भावनात्मक सहायता और आश्वासन देकर आपकी मदद कर सकती है। आपके डॉक्टर या अस्पताल के स्‍टाफ स्थानीय सहायता समूह की सिफारिश करने में सक्षम होंगे। हिस्टेरेक्टोमी एसोसिएशन व्‍यक्तिगत टेलीफोन सहायता लाइन, काउंसलिंग और "हिस्टेरेक्टोमी के लिए तैयारी" कार्यशालाओं सहित हिस्टेरेक्टोमी सहायता सेवाएं भी प्रदान करता है।

सामान्‍य स्थिति में वापस आना (getting back to normal)

काम पर वापस लौटना (returning to work)

आपको अपने काम पर लौटने में कितना वक्‍त लगेगा यह इस बात पर निर्भर है कि आप कैसा महसूस करते हैं और किस प्रकार का काम करते हैं।

यदि आपके काम में हाथों से काम या भारी वजन उठाना शामिल नहीं है, तो आपके लिए चार से आठ सप्ताह बाद काम पर लौटना संभव है।

ड्राइविंग (driving)

जबतक आप आसानी से सीटबेल्ट नहीं पहन लेते या सुरक्षित तरीके से आपातकालीन स्टॉप नहीं कर लेते तबतक आप ड्राइव न करें।

आपके ऑपरेशन के तीन से आठ सप्ताह बाद तक का समय लग सकता है। आप ड्राइविंग शुरू करने से पूर्व अपने डॉक्‍टर से अवश्‍य जांच लें कि आप ड्राइविंग के लिए फिट है या नहीं।

कुछ कार बीमा कंपनियों को डॉक्टर से जारी एक प्रमाणपत्र चाहिए जिसमें यह उल्लिखित हो कि आप ड्राइव करने के लिए फिट हैं। इसकी जांच आप अपनी कार बीमा कंपनी से कर लें।

एक्सरसाइज और लिफ्टिंग (exercise and lifting)

हिस्टेरेक्टोमी के उपरांत, अस्पताल जिसमें आपका उपचार हुआ था, उन्होंने आपके ठीक होने पर आपको उपयुक्त व्यायाम के बारे में जानकारी और सलाह देनी चाहिए।

हमेशा पैदल चलने की सलाह दी जाती है और आपके घाव ठीक होने के बाद आप तैर सकते हैं। बहुत ज्‍यादा करने की कोशिश न करें, क्योंकि इससे आप शायद सामान्य से अधिक थका महसूस करेंगे।

अपने ठीक होने की अवधि के दौरान कोई भी भारी वस्तु न उठाएं। यदि आपको हल्की वस्तुएं उठाना है, तो यह सुनिश्चित करें कि आपके घुटने मुड़े हो और आपकी पीठ सीधी हो।

सेक्‍स (sex)

हिस्टेरेक्टोमी के उपरांत, सामान्‍यत: यह सलाह दी जाती है कि आप तब तक सेक्स न करें जब तक आपके निशान ठीक न हो जाएं तथा वेजाइना से स्राव बंद न हो जाए, जो आमतौर पर न्‍यूनतम चार से छह सप्ताह तक होता है। जब तक आप सहज एवं तनावमुक्त रहते हैं तभी सेक्स करना सुरक्षित है।

आप वेजाइना में कुछ सूखापन अनुभव कर सकती हैं, विशेषकर यदि आपने अपना अंडाशय हटवाया है और आप एचआरटी नहीं ले रही हैं।

कई महिलाओं में ऑपरेशन के उपरांत यौन इच्छा (कामेच्छा)  की प्रारंभिक कमी का (loss of sexual desire (libido)) अनुभव होता है , परंतु सामान्‍यत: पूर्णत: ठीक हो जाने के बाद यह वापस आ जाता है।  

इस बिंदु पर,अध्ययनों से यह ज्ञात होता है कि सेक्स के दौरान दर्द कम होता है और हिस्टेरेक्टोमी के बाद कामोन्माद, कामेच्छा व यौनक्रिया शक्ति में सुधार होता है।

गर्भनिरोधक (contraception)

हिस्टेरेक्टोमी के उपरांत आपको गर्भधारण रोकने हेतु गर्भनिरोधक उपयोग करने की आवश्यकता नहीं। फिर भी, आपको  यौन संचारित संक्रमणों (STI) (sexually transmitted infections (STIs)) से बचाव हेतु कंडोम (condoms)  का इस्‍तेमाल करना होगा।    

हिस्टेरेक्टोमी होने से पूर्व ध्यान देने योग्य बातें (things to consider before having a hysterectomy)

यदि हिस्टेरेक्टोमी के साथ-साथ आपके गर्भाशय (बच्चेदानी) को भी हटाया गया है, तो आपको यह निर्णय लेना होगा कि क्या आपका गर्भाशय ग्रीवा या अंडाशय भी हटाना है।

ये निर्णय सामान्‍यत: निम्‍न बातों पर आधारित होते हैं:

  • आपका चिकित्‍सीय इतिहास
  • आपके डॉक्टर की सलाह
  • आपकी व्यक्तिगत भावनाएँ

यह महत्वपूर्ण है कि आप विभिन्न प्रकार के हिस्टेरेक्टोमी और उनके पहलुओं से अवगत हों।

गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्‍स) हटाना (टोटल या रैडिकल हिस्टेरेक्टोमी) (removal of the cervix (total or radical hysterectomy))

यदि आपको गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्‍स) का कैंसर, ओवैरियन कैंसर या गर्भाशय (बच्चेदानी) का कैंसर (womb (uterus) cancer) है, तो आपको सलाह दी जा सकती है कि कैंसर का प्रसार रोकने हेतु आपके गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्‍स) को निकाल दिया जाए।

यहां तक ​​कि यदि आपको कैंसर नहीं भी है, तो भी गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्‍स) हटाने से भविष्य में आपको गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्‍स) कैंसर विकसित होने का कोई जोखिम नहीं रहेगा।

कई महिलाएं इसके लिए चिंतित होती हैं कि गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्‍स) हटाने से यौन क्रिया में कमी होगी परंतु इसके समर्थन हेतु कोई साक्ष्‍य नहीं है।

कुछ महिलाएं अपना गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्‍स) हटाने के लिए अनिच्छुक होती हैं क्योंकि वे अपनी प्रजनन प्रणाली यथासंभव कायम रखना चाहती हैं। यदि आप ऐसा महसूस करती हैं, तो अपने सर्जन से अवश्‍य पूछ लें कि आपको गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्‍स) रखने से जुड़ी कोई जोखिम हैं या नहीं।

यदि आपने अपना गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्‍स) निकाल दिया है तो आपको अब सर्वाइकल स्‍क्रीनिंग टेस्‍ट (cervical screening tests) की आवश्यकता नहीं है । यदि आपने अपना गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्‍स) नहीं हटवाया है तो आपको सर्वाइकल कैंसर (सर्वाइकल स्मीयर) की नियमित जांच कराने की जरूरत पड़ेगी।

अंडाशय हटाना ( सल्पिंगो ओफ़ोरेक्टोमी) (removal of the ovaries (salpingo-oophorectomy))

नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ एंड केयर एक्सीलेंस (एनआईसीई) यह सलाह देता है कि एक महिला का अंडाशय केवल तभी हटाया जाना चाहिए, जब उसे ओवैरियन कैंसर जैसे संबंधित रोग का अधिक खतरा हो।

यदि आपके परिवार में ओवैरियन या स्तन कैंसर (breast cancer) का इतिहास है तो भविष्य में होने वाले कैंसर से बचाव हेतु आपका अंडाशय (एक ओफ़ोरेक्टॉमी) हटाने की सलाह दी जा सकती है।

आपके सर्जन आपसे अंडाशय हटाने के पक्ष एवं विपक्षों पर चर्चा कर सकते है। यदि आपके अंडाशय हटाए जाते हैं, तो आपके फैलोपियन ट्यूब भी हटा दिए जाएंगे।

यदि आप पहले ही रजोनिवृत्त हो चुकी हैं या इसके करीब हैं, तो हिस्टेरेक्टोमी के कारणों की परवाह किए बिना ही आपके अंडाशय हटाने की सिफारिश की जा सकती है। यह ओवैरियन कैंसर विकसित होने की संभावना से बचाव हेतु है।

कुछ सर्जनों का मानना है कि स्वस्थ अंडाशय नहीं हटाना बेहतर है यदि ओवैरियन कैंसर का खतरा कम है - उदाहरण के लिए, यदि मरीज का कोई पारिवारिक इतिहास नहीं है।

ऐसा इसलिए है क्योंकि अंडाशय कई महिला हार्मोन उत्पन्न करते हैं जो ऑस्टियोपोरोसिस (कमजोर व नाजुक हड्डियों) (osteoporosis (weak and brittle bones)) जैसी स्थितियों से बचाव में मददगार हो सकते हैं । वे यौन इच्छा एवं यौन आनंद भावनाओं में भी अपनी भूमिका निभाते हैं।

यदि आप अपना अंडाशय रखना चाहती हैं तो आप ऑपरेशन से पूर्व अपने सर्जन को यह स्पष्ट करना सुनिश्चित कर लें। फिर भी यदि ऑपरेशन के दौरान कोई असामान्यता पाई जाती है तो आपको अपना अंडाशय हटाने के संबंध में उपचार हेतु सहमति (consent to treatment) देने के लिए कहा जा सकता है ।

इस बारे में ध्यानपूर्वक सोचें और किसी भी डर या चिंता के संबंध में अपने सर्जन से चर्चा करें।

सर्जिकल रजोनिवृत्ति (surgical menopause)

यदि आपकी संपूर्ण (टोटल) या रैडिकल हिस्टेरेक्टोमी हुई है जिसमें आपका अंडाशय निकाला जाता है तो आप अपने ऑपरेशन के तत्‍काल बाद रजोनिवृत्ति (menopause) का अनुभव करेंगी, चाहे आपकी उम्र कितनी भी हो। इसे सर्जिकल रजोनिवृत्ति कहा जाता है।

यदि हिस्टेरेक्टोमी आपके एक या दोनों अंडाशय बरकरार रखती है, तो आप ऑपरेशन होने के पांच साल के भीतर रजोनिवृत्ति का अनुभव करेंगे।

यद्यपि रजोनिवृत्ति के उपरांत आपका हार्मोन स्तर कम हो जाता है फिर भी आपके अंडाशय 20 साल तक टेस्टोस्टेरोन उत्पादन जारी रखते हैं। टेस्टोस्टेरोन एक हार्मोन है जो यौन इच्छा व यौन आनंद उत्तेजित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

आपके अंडाशय भी रजोनिवृत्ति के उपरांत हार्मोन एस्ट्रोजन की कुछ मात्रा का उत्पादन जारी रखते हैं। यह एस्ट्रोजेन की कमी है जो रजोनिवृत्ति के लक्षणों का कारण बनता है जैसे:

  • अत्यधिक गर्मी महसूस होना (hot flushes)
  • डिप्रेशन (depression)
  • वेजाइना का सूखापन (vaginal dryness)
  • अनिद्रा (नींद न आने की समस्या) (insomnia (sleep problems))
  • थकान (fatigue)
  • रात को पसीना आना (night sweats)

हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एचआरटी) आमतौर पर रजोनिवृत्ति लक्षणों में मदद करने हेतु उपयोग किया जाता है जो हिस्टेरेक्टोमी के उपरांत होते हैं।

हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एचआरटी) (Hormone replacement therapy (HRT))

आपका अंडाशय निकालने के उपरांत आपको एचआरटी के लिए कहा जा सकता है। यह आपके अंडाशय द्वारा उत्पन्न किए जानेवाले कुछ हार्मोन की जगह लेता है और आपको रजोनिवृत्ति के लक्षणों से राहत प्रदान करता है।

ऐसी संभावना नहीं कि आपको दी जाने वाली एचआरटी आपके अंडाशय द्वारा पूर्व में निर्मित हार्मोन से बिल्कुल मेल खाए।

किसी महिला द्वारा उत्पन्‍न हार्मोन की मात्रा सर्वथा भिन्न हो सकती है, इसलिए आपको अपनी जरूरत के अनसुार उपयुक्त हार्मोन ढूंढने से पूर्व एचआरटी के विभिन्न खुराक और ब्रांडों को ट्राई करने की आवश्यकता पड़ सकती हैं।

एचआरटी हर किसी के लिए सही नहीं है। उदाहरण के लिए, उन महिलाओं को इसकी अनुशंसा नहीं की जा सकती जिन्‍हें हार्मोन-निर्भर प्रकार का स्तन कैंसर या यकृत (लीवर) का रोग है। इसलिए यदि आप उपर्युक्‍त ऐसी किसी स्थिति से गुजरी हैं तो अपने सर्जन को ऐसी किसी भी स्थिति के बारे में अवश्‍य बताएं।

यदि आप एचआरटी कराने में सक्षम हैं तथा आपके दोनो अंडाशय निकाल दिए गए हैं, ऐसी स्थिति में आप जब तक रजोनिवृत्ति हेतु सामान्य उम्र तक नहीं पहुंच जाती तब तक आपके लिए उपचार जारी रखना महत्‍वपूर्ण है। (51 वर्ष औसत आयु है)।

एचआरटी के बारे में और जानने हेतु पढ़ें (Read more about HRT)।

हिस्टेरेक्टोमी से होनवाली जटिलताएं (complications of a hysterectomy)

सभी प्रकार की सर्जरी की स्थिति में हिस्टेरेक्टोमी के कारण कभी-कभी कुछ जटिलताएं पैदा हो सकती है।

उनमें से कुछ संभावित जटिलताएं नीचे उल्लिखित हैं।

जेनरल एनेस्थेटिक (general anaesthetic)

ऐसा आमतौर पर बहुत कम ही बार देखा गया है कि जेनरल एनेस्‍थेटिक (general anaesthetic) के उपरांत गंभीर जटिलताएं हुई हों (किए गए 10,000 एनेस्थेटिक्स में से कोई एक)।

इससे होनेवाली गंभीर जटिलताओं में तंत्रिका को नुकसान पहुंचना, एलर्जिक प्रतिक्रिया (allergic reaction) और यहां तक कि मृत्यु भी शामिल हो सकती है। हालांकि, इसमें बेहद दुर्लभ मामलों में ही मृत्‍यु होती है। सामान्‍य एनेस्‍थेटिक के बाद मरने की संभावना 100,000 में 1 से 200,000 में 1 है।

ऑपरेशन से पूर्व यदि आप फिट व स्वस्थ रहेंगे तो आपमें जटिलताएं विकसित होने का खतरा कम होगा।

रक्तस्राव (bleeding)

जैसा कि सभी बड़े ऑपरेशनों के साथ होता है वैसे ही हिस्टेरेक्टोमी के उपरांत भी भारी रक्तस्राव (हेमरेज) का एक छोटा सा खतरा रहता ही है।

यदि आपको हेमरेज होता है, तो आपको ब्‍लड ट्रांसफ्यूजन (blood transfusion) की जरूरत पड़ सकती है।

यूरेटर को नुकसान पहुंचना (ureter damage)

यूरेटर (मूत्र पास करनेवाला ट्यूब) सर्जरी के दौरान क्षतिग्रस्त हो सकता है, जो लगभग 1% मामलों में ही होता है। सामान्‍यत: इसकी मरम्‍मत हिस्टेरेक्टोमी के दौरान कर दी जाती है।

मूत्राशय या आंत्र को नुकसान (bladder or bowel damage)

कुछ दुर्लभ मामलों में, मूत्राशय या आंत्र जैसे पेट के अंगों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके कारण निम्‍न समस्याएँ हो सकती हैं:

हिस्टेरेक्टोमी के दौरान किसी भी प्रकार के नुकसान की मरम्मत संभव है। आपको अपना मुत्र या मल त्यागने के लिए एक अस्थायी कैथेटर की जरूरत पड़ सकती है।

संक्रमण (infection)

किसी ऑपरेशन के उपरांत सदैव संक्रमण का खतरा बना रहता है। यह घाव संक्रमण या एक यूरिनरी ट्रैक्‍ट संक्रमण (urinary tract infection) हो सकता है। सामान्‍त: ये गंभीर नहीं होते है एवं इनका उपचार एंटीबायोटिक (antibiotics ) दवाओं से किया जा सकता है ।

थ्रोम्बोसिस (Thrombosis)

थ्रोम्बोसिस एक रक्त का थक्का (blood clot) है जो एक नस में बनता है तथा रक्तप्रवाह व शरीर के चारो ओर ऑक्सीजन प्रवाह में बाधा डालता है। ऑपरेशन के उपरांत तथा गतिहीनता के दौरान रक्त के थक्कों में वृद्धि का खतरा बढ़ जाता है।

ऑपरेशन के उपरांत जितनी जल्दी हो सके आपको ठहलने हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा। आपको रक्‍त थक्कों का खतरा कम करने हेतु रक्त पतला करने वाली दवा (एंटीकोआगुलंट) का इंजेक्शन भी दिया जा सकता है।

वेजाइना संबंधित समस्याएं (vaginal problems)

यदि आपको वेजाइना हिस्टेरेक्टोमी है, तो जहां गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्‍स) हटा दिए गए थे वहां आपकी वेजाइना के शीर्ष पर समस्याओं का खतरा हो सकता है। यह प्रोलैप्स (prolapse) के ऑपरेशन के उपरांत आनेवाले वर्षों में धीमे-धीमें घाव भरने के रेंज में सकता है।

अंडाशय का काम न करना (ovary failure)

यद्यपि ऑपरेशन के उपरांत आपके एक या दोनों अंडाशय रह जाते हैं, तो भी वे आपके हिस्टेरेक्टोमी होने के पांच साल के अंदर विफल भी हो सकते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपके अंडाशय को गर्भाशय (बच्चेदानी) के जरिए रक्त की कुछ आपूर्ति मिलती है, जिसे ऑपरेशन के दौरान निकाल दिया जाता है।

प्रारंभिक रजोनिवृत्ति (early menopause)

यदि आपने अपना अंडाशय हटवा दिया है, तो सामान्‍यत: ऑपरेशन के तत्‍काल बाद आपको रजोनिवृत्ति संबंधित लक्षण दिखेंगे, जैसे:

  • अत्‍यधिक गर्मी का अहसास (hot flushes)
  • पसीना आना (sweating)
  • योनि में सूखापन (vaginal dryness)
  • नींद आने में समस्या (disturbed sleep)

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जैसे ही आप अपने अंडाशय (ओवुलेटिंग) से अंडे उत्‍पन्‍न करना बंद कर देते हैं तो रजोनिवृत्ति (menopause) की शुरूआत हो जाती है।

यदि आपकी आयु 40 वर्ष से कम है तो यह आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्‍योंकि समय से पूर्व रजोनिवृत्ति की शुरुआत होने से नाज़ुक हड्डियों (ऑस्टियोपोरोसिस) (brittle bones (osteoporosis)) के विकसित होने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि रजोनिवृत्ति के दौरान एस्ट्रोजन स्तर कम हो जाता है।

यह आपकी उम्र एवं परिस्थितियों पर निर्भर है कि ऑस्टियोपोरोसिस रोकने हेतु आपको अतिरिक्त दवाओं की आवश्यकता पड़ सकती है या नहीं।

क्यों जरूरी है हिस्टेरेक्टोमी (why a hysterectomy is necessary)

हिस्टेरेक्टोमी महिलाओं के लिए एक बड़ा ऑपरेशन है और यदि अन्य उपचार विकल्प असफल हो गए हो तभी इस ऑपरेशन को अनुशंसित किया जाता है।

हिस्टेरेक्टोमी होने के सबसे सामान्य कारणों में सम्मिलित हैं:

  • अत्यधिक माहवारी (heavy periods) - उदाहरण के लिए, यह फाइब्रॉएड के कारण हो सकती है।
  • पैल्विक दर्द (pelvic pain) - यह एंडोमेट्रियोसिस, पैल्विक सूजन रोग (पीआईडी), एडेनोमायोसिस या फाइब्रॉएड के असफल उपचार के कारण हो सकता है।
  • गर्भाशय अपने स्थान से बढ़ना (prolapse of the uterus)
  • गर्भाशय (बच्चेदानी), अंडाशय या गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर (cancer of the womb, ovaries or cervix)

अत्यधिक माहवारी (heavy periods)

कई महिलाओं को उनकी माहवारी (periods) के दौरान बड़ी मात्रा में रक्तस्राव होता है। वे इस दौरान दर्द व पेट में ऐंठन जैसे अन्य लक्षण भी अनुभव कर सकती हैं।

कुछ महिलाओं के लिए ये लक्षण उनके जीवनचर्या पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं। कभी-कभी तो फाइब्रॉएड के कारण अत्यधिक माहवारी हो सकती है परंतु कई मामलों में इसके कोई स्पष्ट कारण नहीं होते।

कुछ मामलों में, मासिक धर्म से भारी रक्तस्राव होने की स्थिति में गर्भाशय (बच्चेदानी) हटाना एकमात्र तरीका हो सकता है जब :

  • अन्य उपचारों से कुछ भी लाभ नहीं हुआ है
  • रक्तस्राव होने से जीवनचर्या पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है और यह माहवारी रोकने के लिए बेहतर है।
  • महिला के मन में अब बच्चे पैदा करने की इच्छा नहीं बची है।

भारी माहवारी (heavy periods) के बारे में और जानने हेतु पढ़ें।

पेल्विक सूजन रोग (PID) (pelvic inflammatory disease)

पीआईडी ​​महिला प्रजनन तंत्र का एक जीवाणु संक्रमण है।

यदि शीघ्र इसका पता चल जाए तो संक्रमण का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से संभव है। हालांकि, यदि यह फैल जाए तो यह गर्भाशय (बच्चेदानी) और फैलोपियन ट्यूब को नुकसान पहुंचा सकता है, जिसके परिणामस्वरूप लंबे समय तक दर्द बना रह सकता है।

यदि महिला को पीआईडी ​​से तीर्व दर्द हो और उनमें बच्चे पैदा करने की चाहत न हों तो गर्भाशय (बच्चेदानी) और फैलोपियन ट्यूब हटाने के लिए हिस्टेरेक्टोमी की सिफारिश की जा सकती है।

पीआईडी के बारे में और जानने हेतु पढ़ें ।

एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis)

एंडोमेट्रियोसिस एक ऐसी स्थिति है जहां कोशिकाएं जो गर्भाशय (बच्चेदानी) की रेखा होती हैं और शरीर के अन्य क्षेत्रों व प्रजनन प्रणाली, जैसे अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब, मूत्राशय एवं मलाशय में भी पाई जाती हैं।

यदि कोशिकाएं जो गर्भाशय (बच्चेदानी) की लाइनिंग बनाती हैं, शरीर के अन्य क्षेत्रों में फंस जाती हैं तो इसके कारण आसपास के ऊतकों में सूजन तथा वे क्षतिग्रस्त हो सकती है। इसके कारण दर्द, अत्यधिक एवं अनियमित मासिक धर्म (irregular periods) तथा बांझपन (infertility) हो सकता है ।

हिस्टेरेक्टोमी दर्द पैदा करने वाले एंडोमेट्रियल ऊतक क्षेत्रों को हटा देता है। हालांकि, सामान्यतः अन्य कम खतरनाक माने जानेवाले उपचार काम न करने तथा महिला द्वारा कोई और बच्चा पैदा नहीं करने के निर्णय के उपरांत ही इसपर विचार किया जाता है।

एंडोमेट्रियोसिस (endometriosis ) के बारे में और जानने हेतु पढ़ें।

फाइब्रॉएड (Fibroids)

फाइब्रॉएड कैंसर पैदा न करनेवाले ट्यूमर हैं जो बच्चेदानी (गर्भाशय) या उसके आसपास बढ़ते हैं। ये वृद्धि, मांसपेशियों तथा तंतुमय ऊतक से बनी होती है तथा भिन्न आकार की होती है।

फाइब्रॉएड के लक्षणों में शामिल हैं:

  • अत्यधिक एवं पीड़ादायक माहवारी (heavy or painful periods)
  • पेडू में दर्द (पेल्विक दर्द) (pelvic pain)
  • पेशाब बार-बार आना या कब्ज होना (frequent urination or constipation)
  • सेक्स के दौरान दर्द या असुविधा (pain or discomfort during sex)

हिस्टेरेक्टोमी की सलाह तभी दी जा सकती है यदि आपके फाइब्रॉएड बड़े है या गंभीर रक्तस्राव हो रहा है और आप कोई और बच्चा नहीं चाहते।

फाइब्रॉएड (fibroids) के बारे में और जानने हेतु पढ़ें।

एडेनोमायोसिस (Adenomyosis)

एडेनोमायोसिस एक ऐसी सामान्य स्थिति है जहां ऊतक जोकि सामान्य रूप से गर्भाशय (बच्चेदानी) के आसपास होता हैं वो गर्भाशय (बच्चेदानी) की मांसल दीवार के भीतर बढ़ने लगता है। यह अतिरिक्त ऊतक आपकी माहवारी को विशेष रूप से दर्दनाक एवं पेल्विक दर्द का कारण बन सकता है।

हिस्टेरेक्टोमी से एडेनोमायोसिस का उपचार हो सकता है परंतु इसपर केवल तभी विचार किया जाएगा जब अन्य सभी उपचार विफल रहे हों तथा आपमें और बच्चे पैदा करने की चाहत न हो।

गर्भाशय अपने स्थान से बढ़ना (prolapse of the uterus)

गर्भाशय तब लम्बा होता है जब गर्भाशय (बच्चेदानी) को सहारा देने वाले ऊतक एवं लिगामेंट्स कमजोर पड़ जाते हैं, ऐसी स्थिति में यह अपनी सामान्य स्थिति से नीचे गिर जाता है।

इसके लक्षणों में शामिल हैं:

  • कमर दर्द (back pain)
  • ऐसा महसूस होना कि आपकी वेजाइना से कुछ नीचे आ रहा है
  • मूत्र का रिसाव होना (मूत्र अनियंत्रित होना)
  • सेक्स करने में परेशानी होना

अक्सर बच्चे के जन्म के परिणामस्वरूप गर्भाशय लंबा हो सकता है।

हिस्टेरेक्टोमी गर्भाशय लंबा होने के लक्षणों को समाधान करता है क्योंकि यह पूरी गर्भाशय (बच्चेदानी) को ही हटा देता है। इसलिए यदि ऊतक और लिगामेंट्स जिससे गर्भाशय (बच्चेदानी) को समर्थन मिलता है, वे गंभीर रूप से कमजोर हो जाते हैं और महिला में कोई और बच्चा पैदा करने की चाहत न हो, तभी इसकी अनुशंसा की जा सकती है।

गर्भाशय लंबा होने (prolapse of the uterus) के बारे में और जानने हेतु पढ़ें।

कैंसर (cancer)

निम्नलिखित कैंसर होने की स्थिति में हिस्टेरेक्टोमी की सलाह दी जा सकती है:

यदि कैंसर फैल गया है और एडवांस स्टेज में पहुंच गया है, तो ऐसी स्थिति में हिस्टेरेक्टोमी एकमात्र संभव उपचार विकल्प है।

हिस्टेरेक्टोमी कैसे किया जाता है (how a hysterectomy is performed)

हिस्टेरेक्टोमी विभिन्न प्रकार के होते हैं। जो ऑपरेशन आप कराना चाहते हैं वह सर्जरी के कारण और आपके गर्भाशय (बच्चेदानी) व प्रजनन प्रणाली को सुरक्षित रूप से अपनी जगह छोड़े जाने पर निर्भर है।

हिस्टेरेक्टोमी के मुख्य प्रकार का विवरण नीचे उल्लिखित है।

टोटल हिस्टेरेक्टोमी (total hysterectomy)

टोटल हिस्टेरेक्टोमी के दौरान आपका गर्भाशय (बच्चेदानी) और सर्विक्‍स (बच्चेदानी की गर्दन) हटा दिए जाते हैं।

टोटल हिस्टेरेक्टोमी सामान्‍यत: सब-टोटल हिस्टेरेक्टोमी की तुलना में एक मुख्‍य विकल्प है, क्योंकि गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्‍स) हटाने का अर्थ है कि ऑपरेशन के बाद आनेवाले समय में आपको सर्विकल कैंसर (cervical cancer) का कोई खतरा नहीं होगा।

सब-टोटल हिस्टेरेक्टोमी (subtotal hysterectomy)

सब-टोटल हिस्टेरेक्टोमी में आपके गर्भाशय (बच्चेदानी) की मुख्य बॉडी हटाने एवं गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्‍स) को उसकी जगह पर छोड़ना शामिल है।

इस प्रक्रिया को बार-बार नहीं किया जाता है। यदि गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्‍स) को उसके स्‍थान पर छोड़ दिया जाता है तो अभी भी सर्विकल कैंसर होने का खतरा बना रहता है और आपको नियमित तौर पर सर्विकल कैंसर की जांच (cervical screening ) करानी होगी।

कुछ महिलाएं अपनी गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) के साथ अपनी अधिकांश प्रजनन प्रणाली रखना चाहती हैं। यदि आप ऐसा सोचती हैं तो अपने गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्‍स) रखने से संबंधित किसी भी प्रकार की जोखिम के बारे में अपने सर्जन से चर्चा कर लें।

बाईलैटरल सल्पिंगो ओफ़ोरेक्टोमी सहित टोटल हिस्टेरेक्टोमी (Total hysterectomy with bilateral salpingo-oophorectomy)

बाईलैटरल सल्पिंगो ओफ़ोरेक्टोमी सहित टोटल हिस्टेरेक्टोमी एक ऐसा हिस्टेरेक्टोमी है जिसमें निम्‍न शामिल है:

  • फैलोपियन ट्यूब (सल्‍पिंगेक्टॉमी)
  • अंडाशय (ओफ़ोरेक्टोमी)

नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ एंड केयर एक्सिलेंस (एनआईसीई) की यह सिफारिश है कि अंडाशय को केवल तभी हटाया जाए जब आगे समस्‍याएं बढ़ने का अत्‍यधिक खतरा हो - उदाहरण के लिए, यदि आपके परिवार में औवेरियन कैंसर (ovarian cancer) का इतिहास रहा हो।

आपके सर्जन आपसे आपका अंडाशय हटाने के लाभ तथा हानि पर चर्चा कर सकते है।

रैडिकल हिस्टेरेक्टोमी (radical hysterectomy)

रैडिकल हिस्टेरेक्टोमी आमतौर पर कैंसर (cancer) हटाने व इलाज हेतु तब किया जाता है जब किमोथेरेपी (chemotherapy) एवं रेडियोथेरेपी (radiotherapy) जैसे अन्‍य उपचार उपयुक्‍त नहीं है या कारगर नहीं हुए हो।

इस प्रक्रिया के दौरान, आपका गर्भाशय (बच्चेदानी) और गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्‍स) की बॉडी के साथ निम्‍न भी हटा दिया जाता है।

  • आपकी फैलोपियन ट्यूब (your fallopian tubes)
  • आपकी वेजाइना का हिस्सा (part of your vagina)
  • अंडाशय (ovaries)
  • लसीका ग्रंथि (lymph glands)
  • फैटी टिश्यू (fatty tissue)

हिस्टेरेक्टोमी का ऑपरेशन करना (performing a hysterctomy)

हिस्टेरेक्टोमी तीन प्रकार से की जा सकती है। य़े हैं:

  • वेजाइना हिस्टेरेक्टोमी (vaginal hysterectomy)
  • पेट की हिस्टेरेक्टोमी (abdominal hysterectomy)
  • लैप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टोमी (laparoscopic hysterectomy)

वेजिनल हिस्टेरेक्टोमी (vaginal hysterectomy)

वेजिनल हिस्टेरेक्टोमी के दौरान, गर्भाशय (बच्चेदानी) और गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) को वेजाइना के ऊपरी हिस्से में एक चीरा लगाकर हटाया जाता है।

इस कार्य हेतु विशेष सर्जिकल उपकरण वेजाइना में डाले जाते हैं ताकि लिगामेंट्स से गर्भाशय (बच्चेदानी) अलग किया जा सके।

गर्भाशय (बच्चेदानी) और गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) हटाए जाने के उपरांत, चीरा सील दिया जाएगा। सामान्यतः यह ऑपरेशन सम्पन्न करने में लगभग एक घंटे का समय लगता है।

वेजिनल हिस्टेरेक्टोमी निम्न में से किसी एक का उपयोग कर किया जा सकता है:

  • जनरल एनेस्थेटिक (general anaesthetic) - इस प्रक्रिया के दौरान आप बेहोश रहेंगे।
  • लोकल एनेस्थेटिक (local anaesthetic) – इस प्रक्रिया के दौरान आप होश में तो रहेंगे परंतु आपको कोई दर्द महसूस नहीं होगा।
  • स्पाइनल एनेस्थेटिक (spinal anaesthetic) – इस प्रक्रिया में आपको कमर से नीचे सुन्न कर दिया जाएगा।

आमतौर पर वेजिनल हिस्टेरेक्टोमी की तुलना में पेट के हिस्टेरेक्टोमी को ज्यादा पसंद किया जाता है क्योंकि यह कम खतरनाक होता है और इसमें अस्पताल में कम रहना पड़ता है। इसमें रिकवरी भी शीघ्र हो जाती है।

पेट की हिस्टेरेक्टोमी (abdominal hysterectomy)

पेट की हिस्टेरेक्टोमी के दौरान आपके उदर (पेट) में चीरा लगाया जाएगा। इसे या तो आपकी बिकनी लाइन के पास होरिजोंटिकल किया जाएगा या आपके बेली बटन से आपकी बिकनी लाइन तक लंबवत किया जाएगा।

यदि आपके गर्भाशय (बच्चेदानी) में बड़े फाइब्रॉएड (कैंसर पैदा न करने वाली कुछ वृद्धि) fibroids (non-cancerous growths) या किसी प्रकार का कैंसर हो तभी सामान्यतः ऊर्ध्वाकार चीरा का इस्तेमाल किया जाएगा।

आपके गर्भाशय (बच्चेदानी) हटाने के उपरांत चीरा स्टिच कर दिया जाता है। ऑपरेशन करने में लगभग एक घंटा समय लगता है और इसके लिए जनरल एनेस्थेटिक का उपयोग किया जाता है।

यदि आपके गर्भाशय में फाइब्रॉएड या पेल्विक ट्यूमर बढ़ गए हैं और इसे आपके वेजाइना के जरिए निकाल पाना संभव नहीं तभी पेट के हिस्टेरेक्टोमी की अनुशंसा की जाएगी।

इसकी अनुशंसा तब भी की जा सकती है यदि आपके अंडाशय को हटाने की जरूरत हो।

लैप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टोमी (laparoscopic hysterectomy)

लैप्रोस्कोपिक सर्जरी को कीहोल सर्जरी के रूप में भी जाना जाता है। आजकल, प्रजनन प्रणाली के अंगों व उसके आसपास के ऊतक हटाने के लिए लेप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टोमी एक मुख्य उपचार पद्धति है।

इस प्रक्रिया के दौरान, एक छोटी ट्यूब जिसमें दूरबीन (लैप्रोस्कोप) लगी होती है और एक छोटा वीडियो कैमरा भी होता है उसे आपके पेट में एक छोटे चीरे के जरिए से डाल दिया जाएगा।

इससे आपके सर्जन आपके आंतरिक अंगों को देख पाएंगे। उसके बाद आपके गर्भाशय (बच्चेदानी), गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) और आपके प्रजनन तंत्र के किसी भी अन्य हिस्से को हटाने के लिए आपके पेट या वेजाइना में अन्य छोटे चीरों के माध्यम से उपकरण डाले जाते हैं।

लैप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टोमी जनरल एनेस्थेटिक देने के उपरांत ही किए जाते हैं।

NHS के मूल कॉन्टेंट का अनुवादHealthily लोगो
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