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किडनी ट्रांसप्लांट (Kidney transplant)

मेडिकल समीक्षा के साथ

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यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है।

किडनी ट्रांसप्लांट क्या है? (What is a kidney transplant)

किडनी ट्रांसप्लांट या प्रत्यारोपण में एक व्यक्ति (दाता) की स्वस्थ किडनी उस व्यक्ति (प्राप्तकर्ता) के शरीर में स्थानांतरित (transfer) की जाती है जिसकी किडनी या तो कम काम कर रही हैं या उसने पूरी तरह काम करना बंद कर दिया है।

किडनी (गुर्दे)

किडनी, शरीर के दोनों भागों में स्थित दो बीन (bean) के आकार के अंग होते हैं जो रिब केज (rib cage) के ठीक नीचे होते हैं। इनका मुख्य काम अपशिष्ट उत्पादों (waste products) को खून से फ़िल्टर कर के मूत्र (urine) में परिवर्तित करना है।

यदि किडनी इस क्षमता को खो देती हैं तो अपशिष्ट उत्पाद निर्मित हो सकते हैं, जो संभावित रूप से खतरनाक होने के साथ ही जीवन के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।

किडनी के क्रियाकलाप में कमी या हानि को एंड स्टेज क्रोनिक किडनी डिजीज (chronic kidney disease) या किडनी की विफलता (kidney failure) के रूप में जाना जाता है, जो कि किडनी ट्रांसप्लांट (kidney transplant) का सबसे सामान्य कारण है।

किडनी द्वारा की जाने वाली क्रियाओं को डायलिसिस (dialysis) नामक ब्लड फ़िल्टरिंग प्रक्रिया का उपयोग करके फिर से दोहराना संभव है। लेकिन डायलिसिस की प्रक्रिया असुविधाजनक और बहुत समय लेने वाली हो सकती है, इसलिए एंड स्टेज क्रोनिक किडनी डिजीज (end stage chronic kidney disease) के लिए किडनी ट्रांसप्लांट, जब भी संभव हो, बेहतर उपचार है।

इस बारे में और पढ़ें कि किडनी ट्रांसप्लांट क्यों किया जाता है (why a kidney transplant is performed)

लिविंग डोनेशन (जीवित दान) (living donations)

एक व्यक्ति को जीवित रहने के लिए केवल एक किडनी की आवश्यकता होती है। इसलिए अन्य प्रकार के अंगदान, जैसे कि हृदय और लिवर, के विपरीत एक जीवित व्यक्ति अपनी एक किडनी को दान कर सकता है। आदर्शतः, वह व्यक्ति एक करीबी रिश्तेदार होगा।

इस प्रकार के दान को लिविंग डोनेशन के रूप में जाना जाता है।

करीबी रिश्तेदार से दान प्राप्त करने का मतलब है कि शरीर द्वारा किडनी को खारिज करने का जोखिम कम होता है।

किडनी का दान उन दानदाताओं (डोनर) से भी संभव है जिनकी हाल ही में मृत्यु हुई है। हालांकि, इस प्रकार के किडनी दान से दीर्घकालिक सफलता की संभावना थोड़ी कम है।

इस बारे में और पढ़ें कि किडनी ट्रांसप्लांट कैसे किया जाता है (how a kidney transplant is performed)

उपयुक्त दानकर्ता (डोनर) (suitable donors)

दान की गई किडनी को प्राप्त करने में सबसे बड़ा जोखिम यह है कि आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली (जो संक्रमणों के विरुद्ध आपके शरीर की प्राकृतिक रक्षक है) उसे कोई बाहरी वस्तु जैसे कि वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण मान सकती है।

यदि ऐसा होता है, तो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) उस किडनी को नष्ट करने का प्रयास करेगी। इसे ही अस्वीकृति (rejection) या खारिज करने के रूप में जाना जाता है।

संभावित रूप से, अस्वीकृति बहुत गंभीर हो सकती है और कुछ मामलों में जानलेवा भी हो सकती है। जोखिमों को कम करने के लिए, आदर्शतः किसी ऐसे व्यक्ति को किडनी दान करनी चाहिए:

  • जिसके ऊतक (टिश्यू) के प्रकार प्राप्तकर्ता के समान हैं। मानव ऊतकों में एक विशेष आनुवंशिक 'मार्कर' या कोड होता है, जिसे ह्यूमन ल्यूकोसाइट एंटीजन (एचएलए) (human leukocyte antigen (HLA)) के रूप में जाना जाता है; आदर्शतः आपको समान या अत्यंत मिलते-जुलते एचएलए ऊतक प्रकार वाले किसी व्यक्ति से ट्रांसप्लांट प्राप्त करना चाहिए।
  • जिसका ब्लड ग्रुप प्राप्तकर्ता के समान है। ऊतक की तरह ही, प्रत्येक लाल रक्त कोशिका एक विशिष्ट एंटीजन मार्कर से चिह्नित होती है।

इन कारणों से परिवार के सदस्य ही आमतौर पर सबसे उपयुक्त दानकर्ता होते हैं।

चूँकि एक ही परिवार के सदस्यों के जीन प्रायः समान प्रकार के होते हैं, तो उनमें एचएलए ऊतक प्रकार और ब्लड ग्रुप के मिलान की संभावना अधिक होती है।

हालाँकि, ऐसे भी कई किडनी ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक संपन्न हुए हैं जिनमें परिवार के किसी सदस्य ने किडनी दान नहीं की है।

कुछ मामलों में दो लिविंग डोनर हो सकते हैं (जो एक दूसरे से अपरिचित होते हैं) जिनके ऊतक प्रकार अपने परिवार के सदस्य के समान नहीं होते हैं, लेकिन यह दूसरे दानकर्ता के परिवार के सदस्य और (इसके विपरीत) को दान करने के लिए उपयुक्त होंगे। ऐसी परिस्थिति में वे अपने दान की 'अदला-बदली' कर सकते हैं। इसे युग्मित दान (पेयर्ड डोनेशन) के रूप में जाना जाता है।

जोखिम

किडनी ट्रांसप्लांट एक बड़ी सर्जिकल प्रक्रिया है जिसमें संभावित रूप से कई जोखिम शामिल होते हैं।

छोटी अवधि के जोखिमों में अस्वीकृति (यानी इम्यून सिस्टम द्वारा खारिज करना), संक्रमण और खून के थक्के बनना शामिल है। लंबी अवधि के जोखिम आमतौर पर उन आवश्यक दवाओं (इम्यूनोसप्रेसेंट) से संबंधित होते हैं जिन्हें अस्वीकृति की संभावना को कम करने के लिए उपयोग किया जाता है।

इस वजह से जिन लोगों का किडनी ट्रांसप्लांट हुआ है, उन्हें जीवन भर नियमित चेक-अप कराने की आवश्यकता होती है।

किडनी ट्रांसप्लांट के जोखिमों (risks of a kidney transplant) के बारे में और पढ़ें।

ट्रांसप्लांट के साथ जीवन जीना

इस प्रकार के जोखिम को कम करने में स्वस्थ जीवन-शैली की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

यह सलाह दी जाती है कि:

  • यदि आप धूम्रपान करते हैं तो छोड़ दें
  • स्वस्थ आहार लें
  • यदि आपका वजन अधिक है या आप मोटापे से ग्रस्त हैं तो अपना वजन कम करें; आदर्शतः आपका बॉडी मास इंडेक्स 25 से कम होना चाहिए।

ट्रांसप्लांट के साथ जीवन जीने (living with a transplant) के तरीकों के बारे में और अधिक पढ़ें।

क्रोनिक किडनी डिजीज विशेष रूप से दक्षिण एशियाई और अफ्रीकी या कैरिबियन जातीय मूल के समुदायों में अधिक पाई जाती है, लेकिन इन समुदायों में बहुत सारे दानकर्ता (डोनर) उपलब्ध नहीं हैं।

आउट्लुक

दान की गई किडनी को प्राप्त करने वाले व्यक्ति के लिए आउटलुक कई कारकों पर निर्भर करेगा। इनमें शामिल है:

  • कि वह दान एक लिविंग डोनेशन था या नहीं (लिविंग डोनेशन में आमतौर पर आगे की सम्भावना थोड़ी बेहतर होती है)
  • कि वह दान किसी करीबी रिश्तेदार से या समान ऊतक प्रकार वाले व्यक्ति से था या नहीं (यह किडनी को अस्वीकार करने में शरीर के जोखिम को कम करता है)
  • कि दान प्राप्त करने वाले व्यक्ति की उम्र क्या है (व्यक्ति की उम्र जितनी कम होगी, आउटलुक उतना ही बेहतर होगा)
  • कि दान प्राप्त करने वाले व्यक्ति का समग्र स्वास्थ्य कैसा है (व्यक्ति जितना स्वस्थ होगा, आउटलुक उतना ही बेहतर होगा)

लिविंग डोनेशनों के लिए किडनी का सर्वाइवल समय है:

1 वर्ष - 90-95%

5 वर्ष - 80%

15 वर्ष - 60%

जहाँ किडनी किसी ऐसे व्यक्ति से दान की जाती है जिसकी हाल ही में मौत हुई है, वहाँ किडनी का सर्वाइवल समय है:

  • 1 वर्ष - 85-90%
  • 5 वर्ष - 70%
  • 15 वर्ष - 50%

किडनी ट्रांसप्लांट के जोखिम

1980 के दशक में नए, अधिक कारगर इम्यूनोसप्रेसेंट दवाओं के आने से, किडनी ट्रांसप्लांट के बाद होने वाली गंभीर जटिलताओं की दर में तेजी से गिरावट आई है।

हालाँकि, अन्य प्रकार की सर्जरी की तरह किडनी ट्रांसप्लांट भी जोखिम से मुक्त नहीं है। किडनी ट्रांसप्लांट के जोखिम कई

कारणों से हो सकते हैं:

  • प्रक्रिया से जुड़े जोखिम
  • इम्यूनोसप्रेसेंट दवाओं के उपयोग से जुड़े जोखिम
  • ट्रांसप्लांट की गई किडनी के साथ कुछ गड़बड़ी होने से जुड़े जोखिम

इसके परिणामस्वरूप, ट्रांसप्लांट के बाद पहले कुछ महीनों में जटिलताएँ हो सकती हैं, या वैकल्पिक रूप से कई वर्षों तक नहीं हो सकती है, और कुछ मामलों में दशकों तक नहीं हो सकती है।

किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़ी छोटी और बड़ी अवधि की जटिलताओं पर नीचे चर्चा की गई है।

अल्पकालिक जटिलताएँ

संक्रमण

ट्रांसप्लांट के बाद, मामूली संक्रमण होना आम बात है। ये अनुमानतः दो लोगों में से एक को प्रभावित करते हैं। ये संक्रमण आमतौर पर निम्न रूप में दिखाई देते हैं:

अधिक गंभीर संक्रमण, जैसे निमोनिया (एक फेफड़े में संक्रमण) और साइटोमेगालोवायरस (एक वायरल संक्रमण जो कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों में गंभीर हो सकता है) हो सकते हैं, और इनके लिए कड़े उपचार और अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता पड़ सकती है।

खून के थक्के

खून के थक्के (blood clots), दान की गई किडनी से जुड़ी हुई धमनियों में बन सकते हैं। इनके किडनी ट्रांसप्लांट के 30 मामलों में से एक में बनने का अनुमान है।

कुछ मामलों में, दवा का उपयोग कर खून के थक्कों को घुलाना संभव हो सकता है। अधिक गंभीर मामलों में, जहां उपचार से भी थक्के बनना नहीं रुकता है, वहाँ आमतौर पर दान की गई किडनी को निकालना आवश्यक हो जाता है।

धमनी का सिकुड़ना (Narrowing of an artery)

लगभग 20 में से एक मामले में, दान की गई किडनी से जुड़ी धमनियाँ सिकुड़ जाती हैं। इसे आर्टेरियल स्टेनोसिस (धमनी-संकीर्णता) (arterial stenosis) के रूप में जाना जाता है।

ट्रांसप्लांट के बाद आर्टेरियल स्टेनोसिस महीनों या वर्षों तक बन सकता है। इससे रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) में अचानक वृद्धि हो सकती है, जो संभावित रूप से खतरनाक स्थिति है। आमतौर पर धमनी को चौड़ा करने (या फैलाने) के लिए सर्जरी की आवश्यक होती है, जिसे प्रायः स्टेंट नामक धातु की एक छोटी ट्यूब का उपयोग करके किया जाता है।

मूत्रवाहिनी में अवरोध और मूत्र रिसाव (Ureteral obstruction and urinary leakage)

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद 'मूत्रवाहिनी में अवरोध' होना एक आम जटिलता है। यह तब होता है जब मूत्रवाहिनी (वह नली जो मूत्र को किडनी से मूत्राशय तक ले जाती है) ऑपरेशन के दौरान या उसके बाद बनने वाले ऊतक या तरल पदार्थ के थक्कों से अवरुद्ध हो जाती है।

मूत्रवाहिनी अवरोध (ureteral obstruction) के लक्षणों में शामिल हैं:

  • यदि संक्रमण के मौजूद होने के साथ 38C (100.4F) या उससे अधिक का तापमान (बुखार) है
  • आपके उदर (पेट) के बगल वाले हिस्से में दर्द
  • उबकाई आना
  • बीमार पड़ना
  • पेशाब में खून आना

कैथेटर नामक एक छोटी ट्यूब की मदद से मूत्रवाहिनी को खाली कर उसे खोला जा सकता है। कैथेटर को आपके मूत्रवाहिनी की तरफ भेजने से पहले, इसे आपके मूत्रमार्ग (लिंग या योनि का वह अग्रभाग जहां से पेशाब बाहर आता है) में डाला जाता है। यदि यह उपचार काम नहीं करता है, तो मूत्रमार्ग को खोलने के लिए सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।

यदि सर्जरी के दौरान कोई क्षति या व्यवधान हुआ है तो इसके परिणामस्वरूप यूरिनरी सिस्टम (किडनी, मूत्राशय, मूत्रवाहिनी और मूत्रमार्ग) के किसी भी भाग से रिसाव हो सकता है। मूत्र रिसाव आमतौर पर सर्जरी के बाद पहले महीने के दौरान होता है।

मूत्र के रिसनेके लक्षणों में शामिल हैं:

  • उस जगह से द्रव का रिसाव जहाँ सर्जिकल चीरा लगा है
  • पेट में दर्द
  • आपके पेरिनिअम (आपके जननांगों और गुदा के बीच की त्वचा) में सूजन

मूत्र की अतिरिक्त मात्रा को खाली करने के लिए, कैथेटर का उपयोग कर छोटे रिसाव को उपचारित किया जा सकता है।

हालाँकि, बड़े रिसाव को ठीक करने के लिए सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। किडनी ट्रांसप्लांट के लगभग 3-5% मामलों में मूत्रवाहिनी में अवरोध और मूत्र रिसाव देखा गया है।

एक्यूट रिजेक्शन (तीव्र अस्वीकृति/Acute rejection)

एक्यूट रिजेक्शन तब होता है जब दान की गई किडनी को एक बाहरी वस्तु समझ कर इम्यून सिस्टम उस पर अचानक हमला करना शुरू कर देता है।

इम्यूनोसप्रेसेंट के उपयोग के बावजूद, ट्रांसप्लांट से पहले वर्ष में एक्यूट रिजेक्शन होना एक सामान्य जटिलता है, जो लगभग पांच में से एक व्यक्ति को प्रभावित करती है।

कई मामलों में, एक्यूट रिजेक्शन में कोई साफ़ लक्षण नहीं दिखते और केवल रक्त जाँच में उनका पता लग पाता है।

एक्यूट रिजेक्शन को सामान्यतः अधिक प्रभावशाली इम्यूनोसप्रेसेंट का छोटा कोर्स देकर सफलतापूर्वक उपचारित किया जा सकता है।

दीर्घकालिक जटिलताएँ

इम्यूनोसप्रेसेंट के दुष्प्रभाव (Side effects of immunosuppressants)

इम्यूनोसप्रेसेंट आपके शरीर के इम्यून सिस्टम को नई किडनी पर हमला करने से रोकते हैं, जो ट्रांसप्लांट की गई किडनी को खारिज करने की वजह होते हैं।

व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले इम्यूनोसप्रेसेंट हैं:

  • टैक्रोलिमस (tacrolimus)
  • सिक्लोस्पोरिन (ciclosporin)
  • सिरोलिमस (sirolimus)
  • एजेथियोप्रिन (azathioprine)
  • माइकोफेनोलेट (mycophenolate)
  • प्रेडनिसोलोन (prednisolone)

इम्यूनोसप्रेसेंट लेने का नकारात्मक पक्ष यह है कि इनसे कई सारे दुष्प्रभाव हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • भूख में कमी
  • उबकाई आना
  • उलटी
  • पेट दर्द
  • दस्त (डायरिया) (diarrhoea)
  • मसूड़ों में सूजन
  • कभी भी चोट लग जाना या रक्तस्राव
  • बेहोशी और ऐंठन (convulsions)
  • चक्कर आना (शिरोभ्रमण) (dizziness)
  • सिरदर्द
  • मुँहासे
  • बालों का अतिरिक्त बढ़ना
  • वजन बढ़ना

आपकी देखभाल के प्रभारी डॉक्टर वह सही डोज़ खोजने की कोशिश कर रहे होंगे जो पर्याप्त रूप से अस्वीकृति को रोकने के लिए इम्यून सिस्टम को 'मंद' कर सकें, साथ ही उनसे आपको कुछ या कोई भी दुष्प्रभाव न हो।

दोनों लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सही डोज़ हासिल करना प्रायः मुश्किल भरा एक संतुलनकारी कार्य होता है। सबसे कारगर डोज़ खोजने में कई महीने लग सकते हैं जिनसे कम से कम दुष्प्रभाव हो।

सही डोज़ की पहचान होने के बाद दुष्प्रभावों में कमी आने की उम्मीद है। भले ही आपके दुष्प्रभाव कष्टकारी हैं, तब भी आप अचानक अपनी दवा लेना बंद न करें क्योंकि इससे आपकी किडनी खारिज हो सकती है।

सलाह के लिए, अपनी देखभाल के प्रभारी डॉक्टर से संपर्क करें।

डायबिटीज़ (मधुमेह/Diabetes)

किडनी ट्रांसप्लांट कराने से जुड़ी एक सामान्य जटिलता डायबिटीज़ (diabetes) है। डायबिटीज़ एक दीर्घकालिक स्थिति है जिसमें ब्लड ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है, और यह कई कारकों (हमेशा नकारात्मक ही नहीं) द्वारा ट्रिगर हो सकती है, जैसे:

लोग ट्रांसप्लांट के बाद ज्यादा खाना खाते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि बीमारी दूर हो गई, जिससे उनका वजन बढ़ जाता है।

कुछ ऐसे इम्यूनोसप्रेसेंट हैं जिनसे आपमें डायबिटीज़ होने की अधिक संभावना हो सकती है।

डायबिटीज़ के लक्षणों में निम्न शामिल हैं:

  • बहुत प्यास (thirsty) लगना
  • कई बार टॉयलेट जाना, खासतौर पर रात में
  • अत्यधिक थकान

प्रायः जीवनशैली में बदलाव करके डायबिटीज़ को नियंत्रित किया जा सकता है - जैसे कि अधिक व्यायाम करना - और दवा लेना। डायबिटीज़ (मधुमेह) के उपचार (treatment of diabetes) के बारे में और पढ़ें।

हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) (high blood pressure)

हाई ब्लड प्रेशर (high blood pressure), किडनी ट्रांसप्लांट की एक और सामान्य जटिलता है।

किडनी ट्रांसप्लांट की आवश्यकता वाले ऐसे बहुत सारे लोगों में पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर होने का खतरा बढ़ जाता है, और तब इम्यूनोसप्रेसेंट लेने से स्थिति और बिगड़ सकती है।

आमतौर पर हाई ब्लड प्रेशर से कोई गौरतलब लक्षण नहीं महसूस होते लेकिन यह अन्य गंभीर, और कुछ मामलों में घातक, बीमारियों के जोखिम को बढ़ा सकता है, जैसे कि:

हाई ब्लड प्रेशर के जोखिम के चलते आपको प्रत्येक फॉलो-अप अपॉइंटमेंट के दौरान अपने ब्लड प्रेशर की जाँच करवानी चाहिए। इसके अलावा, आप घर पर भी एक आसान डिवाइस की मदद से अपने ब्लड प्रेशर की जांच कर सकते हैं, जो कि ज्यादातर केमिस्टों के पास उपलब्ध है।

हाई ब्लड प्रेशर के उपचार (treating high blood pressure) के बारे में और पढ़ें।

कैंसर (Cancers)

लंबे समय तक इम्यूनोसप्रेसेंट के उपयोग से कुछ प्रकार के कैंसर होने का जोखिम बढ़ जाता है।

प्रायः ये वायरस के कारण होने वाले कैंसर प्रकार होते हैं (चूँकि आप संक्रमण के प्रभावों के प्रति अधिक संवेदनशील होंगे।)

इनमें शामिल है:

  • अधिकांश प्रकार के त्वचा कैंसर (skin cancer)
  • कपोसी सार्कोमा (Kaposi’s sarcoma) - कैंसर का एक प्रकार जो त्वचा के साथ ही आंतरिक अंग दोनों को प्रभावित कर सकता है।
  • लिम्फोमा (lymphoma) - लसीका प्रणाली (lymphatic system ) का एक कैंसर
  • किडनी का कैंसर (kidney cancer)
  • सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer)

यदि आप इम्यूनोसप्रेसेंट (immunosuppressants) ले रहे हैं, तो आपको त्वचा (skin) और होंठ का कैंसर (lip cancer) होने का बहुत अधिक खतरा है।

दिन के सबसे गर्म समय में बाहर धूप में जाने से बचें, और हर दिन अपने होंठों व त्वचा के सभी उजागर क्षेत्रों पर पूरी तरह से सन ब्लॉक लगाएं, चाहे धूप हो या न हो।

आपके व्यक्तिगत जोखिमों पर आपकी देखभाल टीम अधिक सलाह देने में सक्षम होगी, चाहे वह आपके नियमित चेक-अप से संबंधित हो या फिर किसी भी शुरुआती संकेत के बारे में हो।

किडनी ट्रांसप्लांट कब किया जाना चाहिए?

आदर्शतः, किडनी ट्रांसप्लांट तब किया जाना चाहिए जब परीक्षण से पता चलता है कि आपकी किडनी इतनी ज्यादा क्षतिग्रस्त हो गई है कि आपको किडनी की विफलता के कारण छह महीने के भीतर डायलिसिस (dialysis) कराने की आवश्यकता होगी।

हालांकि, किडनी उपलब्धता की कमी के कारण इस बात की अत्यधिक संभावना नहीं है कि आपको इस समय किडनी डोनेशन मिल पाएगा, जब तक कि आपके परिवार के किसी सदस्य या मित्र के ऊतक (tissu) के प्रकार आपके जैसे ही न हो, और ऐसा व्यक्ति लिविंग डोनेशन करने के लिए तैयार न हो।

किडनी की विफलता वाले अधिकांश लोगों को डायलिसिस की आवश्यकता होती है, जब तक कि उन्हें दान किए जाने के लिए किडनी उपलब्ध नहीं हो जाती। आमतौर पर, ऐसे 10 लोगों में से केवल एक का ट्रांसप्लांट हो पाता है जो डायलिसिस पर नहीं हैं।

किसी भी व्यक्ति के लिए किडनी ट्रांसप्लांट की प्रतीक्षा सूची औसतन दो वर्ष है।

सामान्य ब्लड ग्रुप वाले लोगों की तुलना में दुर्लभ ब्लड ग्रुप वाले लोगों को अधिक समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है।

ट्रांसप्लांट के लिए प्रतीक्षा करना

ट्रांसप्लांट सेंटर आपसे अल्प सूचना पर संपर्क कर सकता है, इसलिए आपको अपने व्यक्तिगत संपर्क विवरण में कोई भी बदलाव होने पर स्टाफ को सूचित करना चाहिए।

यदि आपके स्वास्थ्य में कोई परिवर्तन है तो भी आपको स्टाफ को सूचित करना चाहिए, उदाहरण के लिए, यदि आप किसी संक्रमण से ग्रस्त होते हैं।

दान की जाने वाली किडनी के उपलब्ध होने तक, यह महत्वपूर्ण है कि आप निम्न चीज़ों कपालन कर करके यथासंभव स्वस्थ बने रहें:

  • स्वस्थ आहार लें
  • नियमित व्यायाम करें, यदि संभव हो
  • शराब का सेवन कम करें - पुरुषों के लिए एक दिन में 3-4 यूनिट और महिलाओं के लिए 2-3 यूनिट शराब का सेवन अनुशंसित है;
  • यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो इसे छोड़ दें! धूम्रपान छोड़ने के बारे में अधिक जानकारी के लिए, धूम्रपान छोड़ने से संबंधित उपचार (treatment for quitting smoking) देखें

ओवरनाइट बैग तैयार करें और दोस्तों, परिवार और कार्य संबंधी व्यवस्था करें ताकि आप दानकर्ता के उपलब्ध होते ही ट्रांसप्लांट सेंटर जा सकें।

किडनी ट्रांसप्लांट क्यों किया जाता है? (Why is a kidney transplant carried out?)

किडनी ट्रांसप्लांट का सबसे सामान्य कारण आख़िरी स्टेज का किडनी डिजीज (kidney disease) है (जिसे किडनी की विफलता भी कहा जाता है)।

किडनी में लाखों की संख्या में छोटे फिल्टर होते हैं, जिन्हें नेफ्रॉन कहा जाता है। जैसे-जैसे किडनी से खून गुजरता है, नेफ्रॉन अतिरिक्त तरल पदार्थों और अपशिष्ट उत्पादों को फ़िल्टर करते हैं। ये शरीर से पेशाब द्वारा बाहर निकलते हैं।

हालांकि, यदि नेफ्रॉन क्षतिग्रस्त हो जाते हैं तो किडनी अपनी फ़िल्टरिंग क्षमता को खो सकती है, और तब खतरनाक स्तर पर तरल और अपशिष्ट उत्पादों का निर्माण हो सकता है।

जब किडनी की 90% फ़िल्टरिंग क्षमता चली जाती है, तो इस स्थिति को एंड स्टेज किडनी डिजीज कहा जाता है।

एंड स्टेज किडनी डिजीज के दो सबसे आम कारण निम्न हैं:

  • डायबिटीज़ (मधुमेह) (diabetes): डायबिटीज़ से संबंधित हाई ब्लड ग्लूकोज स्तर किडनी में फिल्टर को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे लंबे समय में (दीर्घकालिक) किडनी क्षतिग्रस्त हो सकती है।
  • हाई ब्लड प्रेशर (हाईपरटेंशन) (high blood pressure (hypertension)): हाईपरटेंशन, किडनी में छोटे रक्त वाहिकाओं पर दबाव डालकर नुकसान पहुंचाता है, जिससे फ़िल्टरिंग की प्रक्रिया ठीक से काम नहीं कर पाती है।

एंड स्टेज किडनी डिजीज के कम सामान्य कारण हैं:

  • धमनियों में अवरोध जो किडनी में खून प्रवाहित करती है।
  • पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज (plycystic kidney disease) (एक वंशानुगत स्थिति जहां कई सिस्ट के कारण किडनी बड़ी हो जाती हैं)।
  • जन्म के समय अविकसित किडनी
  • किडनी को प्रभावित करने वाली ऑटोइम्यून बीमारियां जैसे कि सिस्टेमिक ल्यूपस एरिथेमेटोसस (systemic lupus erythematosus) (वह स्थिति जहां शरीर किडनी को बाहरी ऊतक समझकर उस पर हमला करता है)।

यदि एंड स्टेज किडनी डिजीज का इलाज नहीं किया जाता है, तो रक्त में अपशिष्ट उत्पादों की मात्रा खतरनाक स्तर तक बढ़ जाएगी जिसके परिणामस्वरूप कोमा (coma) और फिर मौत भी हो सकती है।

किडनी की विफलता की संभावना होने पर मुख्यतः दो उपचार विकल्प हैं:

  • डायलिसिस (dialysis),जिसमें किडनी के क्रियाकलाप को दोहराने के लिए एक यांत्रिक उपकरण का उपयोग किया जाता है।
  • किडनी ट्रांसप्लांट, यदि संभव हो सके तो, आमतौर पर पसंदीदा विकल्प है क्योंकि यह डायलिसिस की तुलना में बहुत कम असुविधाजनक है।

किडनी ट्रांसप्लांट कैसे किया जाता है? (How is a kidney transplant performed?)

एक उपयुक्त डोनर किडनी के मिलने पर ट्रांसप्लांट सेंटर आपसे संपर्क करेगा, और यह जाँच की जाएगी कि आपको कोई नई चिकित्सकीय समस्या तो नहीं आई है, और फिर आपको सेंटर आने के लिए कहाँ जाएगा।

जब आपको ट्रांसप्लांट सेंटर से कॉल आती है तो:

  • कुछ भी खाएँ-पिएँ नहीं
  • अपने साथ सभी मौजूदा दवाओं को रखें
  • अस्पताल में रुकने के लिए कपड़े और जरूरी सामान बैग में रख लें

ट्रांसप्लांट सेंटर पहुंचने के बाद आपका फिर से आकलन किया जाएगा। आपके प्रारंभिक आकलन के समय किए गए कुछ परीक्षणों को यह सुनिश्चित करने के लिए दोहराया जा सकता है कि कोई नई चिकित्सा स्थिति तो उत्पन्न नहीं हुई है।

यदि हाल ही में मृतक दानकर्ता से किडनी ली गई है तो उसी दौरान एक दूसरी मेडिकल टीम द्वारा डोनर किडनी की जांच की जाएगी। (यदि जीवित दानकर्ता द्वारा दान दिया जा रहा है, तो ये परीक्षण सर्जरी से काफी पहले किए जाते हैं।)

ट्रांसप्लांट की बेहतर सफलता के लिए यह प्रक्रिया जितनी जल्दी हो सके पूरी की जानी चाहिए। जैसे ही मेडिकल टीम द्वारा पुष्टि की जाती है कि किडनी अच्छी स्थिति में और उपयुक्त है, आपको जनरल एनिस्थेसिया (general anaesthetic) दी जाएगी।

सर्जरी (surgery)

किडनी ट्रांसप्लांट के लिए कई विधियों का उपयोग किया जा सकता है। सबसे व्यापक रूप से प्रयुक्त विधि 'गिब्सन चीरा' है।

गिब्सन चीरा में तीन-चरणों की प्रक्रिया शामिल होती है:

  • सबसे पहले, आपके पेट के निचले हिस्से में एक चीरा (कट) बनाया जाता है, जिसके माध्यम से दान की गई किडनी को रखा जाता है। आपकी खुद की किडनियों को आमतौर पर उसी स्थान पर छोड़ा जा सकता है, जब तक वे कोई समस्या जैसे कि संक्रमण का कारण नहीं बनती हैं।
  • दूसरा, आपके पेट के निचले हिस्से की रक्त वाहिकाओं को दान की गई किडनी की रक्त वाहिकाओं से जोड़ा जाता है। इसका काम दान की गई किडनी को ठीक ढंग से काम करने के लिए आवश्यक खून की आपूर्ति प्रदान करना है।
  • और अंत में, दान की गई किडनी की मूत्रवाहिनी (वह नली जो मूत्र को किडनी से मूत्राशय तक ले जाती है) को आपके मूत्राशय से जोड़ा जाता है।

हालाँकि, उपरोक्त प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान लग सकती है, लेकिन यह एक जटिल सर्जरी है जिसमें पूर्णतया सावधानी अपेक्षित है और इसे करने में आमतौर पर तीन-से-चार घंटे लगते हैं।

सर्जरी के बाद (after surgery)

जब आप एनिस्थेसिया के प्रभाव से उबर जाते हैं, तो यह संभावना है कि आप काटे जाने वाली जगह पर कुछ दर्द महसूस करें। यदि आपको दर्द महसूस होता है, तो दर्द निवारक दवाएं (पेनकिलर्स) दी जाएंगी।

ऑपरेशन के बाद, आपके इम्यून सिस्टम को नई किडनी को अस्वीकार करने से रोकने के लिए तैयार की गई दवा के साथ आपका तुरंत इलाज शुरू होगा।

इस तरह की दवा को इम्यूनोसप्रेसेंट कहा जाता है। इम्यूनोसप्रेसेंट के बारे में अधिक जानकारी के लिए 'किडनी डोनेशन के साथ जीवन जीना’ (living with a kidney donation) देखें।

किडनी ट्रांसप्लांट वाले लगभग 10 में से सात लोगों में, सर्जरी के तुरंत बाद उनकी नई किडनी काम करना शुरू कर देती है। हालांकि, ट्रांसप्लांट की गई किडनी को काम शुरू करने में कभी-कभी छह सप्ताह तक का समय लग जाता है। यदि ऐसा है, तो आपको इस अवधि में डायलिसिस करानी होगी।

किडनी के क्रियाकलापों को दोहराने के लिए डायलिसिस (dialysis) में एक यांत्रिक उपकरण का उपयोग किया जाता है।

ज्यादातर लोग किडनी सर्जरी के बाद अस्पताल छोड़ने के लिए पर्याप्त रूप से फिट होते हैं, लेकिन आपको ट्रांसप्लांट सेंटर में प्रायः जाने की आवश्यकता होगी ताकि आपकी किडनी के क्रियाकलाप का आकलन किया जा सके।

यह जांचने के लिए टेस्ट भी किए जाते हैं कि आपके इम्यूनोसप्रेसेंट कितने अच्छे ढंग से काम कर रहे हैं।

सर्जरी के बाद शुरुआती कुछ हफ्तों में, आपको सप्ताह में दो से तीन बार मुलाकात करनी होगी। हालाँकि, समय के साथ, आपकी मुलाकातों की संख्या कम होती जाएगी। एक साल के बाद, जब तक आपको कोई गंभीर समस्या न हो, आपको दो से तीन महीने में केवल एक बार सेंटर आना होगा।

किडनी सर्जरी के बाद, आप कुछ महीनों के भीतर ही अपने काम और सामान्य गतिविधियाँ करने में सक्षम हो जाएंगे बशर्ते आपकी प्रगति अच्छी रहे।

किडनी ट्रांसप्लांट का उपयोग कौन कर सकता है? (Who can use a kidney transplant)

अधिकांश लोगों में किडनी ट्रांसप्लांट किया जा सकता है, चाहे उनकी उम्र कुछ भी हो, बशर्ते:

  • वे अच्छी तरह से सर्जरी के प्रभावों का सामना कर पाएँ, और
  • ट्रांसप्लांट के सफल रहने की संभावना अपेक्षाकृत अच्छी है, और
  • ट्रांसप्लांट के बाद आवश्यक अनुशंसित उपचारों का पालन करने के लिए तैयार हों - जैसे इम्यूनोसप्रेसेंट दवाएं लेना और नियमित रूप से फॉलो-अप के लिए जाना

ट्रांसप्लांट कराना सुरक्षित या प्रभावी नहीं हो सकने के निम्न कारण हैं:

  • कैंसर जो आपके शरीर में कई जगहों पर फैल गया है (मेटास्टेटिक कैंसर)
  • लगातार संक्रमण - ट्रांसप्लांट से पहले संक्रमण के सफलतापूर्वक इलाज की आवश्यकता होगी।
  • गंभीर हृदय रोग (heart disease)
  • यकृत (लिवर) की विफलता - जिसमें आपका यकृत (लीवर) क्षतिग्रस्तता या बीमारी के परिणामस्वरूप ठीक से कार्य करने में असमर्थ होता है, जैसे कि यकृत सिरोसिस/cirrhosis।

एड्स, जो कि एचआईवी संक्रमण (HIV infection) का अंतिम और सबसे गंभीर चरण है (संक्रमण के प्रति आपकी संवेदनशीलता के कारण, चूँकि आपका इम्यून सिस्टम पहले से ही कमजोर रहता है और यदि सर्जरी की जाती है तो आपके शरीर द्वारा किडनी को अस्वीकार करने से बचाने के लिए उसे (इम्यून सिस्टम को) और कमजोर करना बहुत खतरनाक साबित होगा)

जिन लोगों के एचआईवी को दवा से प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा रहा है, उनमें प्रायः किडनी ट्रांसप्लांट हो सकता है।

रिमिंदर की कहानी

डबल किडनी ट्रांसप्लांट की प्राप्तकर्ता रिमिंदर दोसांझ ने अपने शरीर में कोई किडनी नहीं होते हुए भी ट्रांसप्लांट के लिए चार साल प्रतीक्षा की।

रिमिंदर कहती हैं, "मैं पूरी तरह से चार साल तक डायलिसिस मशीन पर निर्भर थी, बस हर दिन एक नई किडनी के लिए इंतजार और उम्मीद में बीत रहे थे।"

"यह बड़ा भयावह अहसास था कि मेरे शरीर में कोई भी किडनी नहीं है, और मैं जीवित रहने के लिए पूरी तरह से एक मशीन पर निर्भर थी। मुझे सप्ताह में तीन बार मशीन पर रहना पड़ता था। यह भयानक और वास्तव में मुश्किल भरा था।”

कम्युनिटी हेल्थ प्रोजेक्ट वर्कर, रिमिंदर का पहला किडनी ट्रांसप्लांट सिर्फ चार साल की उम्र में हुआ था, जब उसके अपने किडनी ने काम करना बंद कर दिया। लेकिन 14 साल बाद, ट्रांसप्लांट की गई उस किडनी ने भी काम करना बंद कर दिया और फिर उसे भी निकालना पड़ा।

रिमिंदर की प्राकृतिक किडनी, जो मूल रूप से उसके शरीर में ही थी, को भी खतरनाक रूप से हाई ब्लड प्रेशरको कम करने के लिए निकाल दिया गया। वह बिना किसी किडनी के थी, और जीवित रहने के लिए पूरी तरह से मशीन पर निर्भर थी।

"किडनी ट्रांसप्लांट होने के बाद मेरा बचपन पूरी तरह से सामान्य रहा था, लेकिन डायलिसिस का अनुभव बड़ा ही भयावह रहा। मैंने कभी भी यह नहीं सोचा था कि नई किडनी से मुझे निराशा हासिल होगी। मुझे एक उपहार मिला था, लेकिन इसे भी छीन लिया गया।”

जनवरी 1997 में, रिमिंदर को किडनी ट्रांसप्लांट के लिए प्रतीक्षा सूची में रखा गया था। वह दिन गिन रही थी कि कब उसके लिए एक अंग उपलब्ध होगा। उसके जीवन-रक्षक डायलिसिस उपचार में एक के बाद एक जटिलता पैदा होते देखकर उसके परिवार की चिंता भी दिनों-दिन बढ़ रही थी।

"मुझे डायलिसिस के साथ कुछ बहुत गंभीर जटिलताएँ हो रही थीं। मेरी नसें उतनी मजबूत नहीं थीं और डॉक्टरों को डायलिसिस मशीन से जोड़ने के लिए मेरी बांह पर कोई जगह नहीं मिल रही थी। उपचार बिल्कुल भी ठीक से काम नहीं कर रहा था, और अब बस यही प्रतीक्षा थी कि मेरा ट्रांसप्लांट कब हो जाए," उसने कहा।

"इसने मेरी जिजीविषा बनाए रखने, काम करते रहने और जैसी हूँ उसी रूप में लोगों द्वारा स्वीकार किए जाने के लिए और भी दृढ़ संकल्प प्रदान किया।" मैं नहीं चाहती थी कि लोग मुझे बीमार के रूप में जानें।

"जब मैं एक दिन मशीन पर थी तो एक डॉक्टर आए और मुझसे पूछा कि क्या मुझे नई किडनी चाहिए। मुझे तुरंत हैमरस्मिथ अस्पताल ले जाया गया, और (जब मैं ऑपरेशन से उठी तो) मेरे पास एक नई किडनी और एक नई जिंदगी थी। और शीघ्र ही मेरी जिंदगी वापस पटरी पर आने लगी।"

वह दिसंबर 2000 का समय था, और तब से रिमिंदर के जीवन में काफी सुधार हुआ है। वह अब पूरी तरह से फिट है, और एक विकास अधिकारी के रूप में काम करती है, साथ ही लोगों में अंगदान के प्रति जागरूकता लाने में भी सक्रिय भूमिका निभाती है।

वह कहती है: "मेरे पास अपने दानकर्ता (डोनर) का आभार व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं है। मुझे केवल इतना पता है कि वे एक 55 साल के व्यक्ति थे। मैं उनके बारे में और अधिक जानना चाहती हूँ लेकिन परिवार वाले बस इतना ही मुझे बताना चाहते हैं, जो ठीक भी है।

"मैं चाहूंगी कि मेरे जैसे लोगों की जान बचाने के लिए अधिक से अधिक एशियाई लोग अंगदान के लिए संकल्प लें।"

अनुशंसाएँ

यदि आपको किडनी ट्रांसप्लांट हुआ हो तो नीचे दी गई जीवनशैली अपनाने की सलाह दी जाती है।

धूम्रपान

यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो इस बात की दृढ़ता से अनुशंसा की जाती है कि आप जितनी जल्दी हो सके इसे छोड़ दें।

हाल के एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग किडनी ट्रांसप्लांट के बाद भी धूम्रपान करना जारी रखते हैं, उनमें धूम्रपान न करने वाले लोगों की तुलना में किडनी विफल होने की संभावना दोगुनी होती है।

धूम्रपान छोड़ने में आपके डॉक्टर की सलाह और सुझाई गई दवा से मदद मिल सकती है। अधिक जानकारी के लिए धूम्रपान छोड़ने से संबंधित उपचार (treatment for quitting smoking) देखें।

आहार

एक स्वस्थ आहार में निम्न शामिल होना चाहिए:

  • फल और सब्जियाँ - एक दिन में कम से कम पांच हिस्सा फल और सब्जी
  • आलू, रोटी, चावल, पास्ता और अन्य स्टार्च युक्त खाद्य पदार्थ; आदर्शतः आपको साबुत अनाजों का चयन करना चाहिए
  • दूध और डेयरी वाले कुछ खाद्य पदार्थ
  • मांस, मछली, अंडे, बीन्स और प्रोटीन के अन्य गैर-डेयरी स्रोत
  • ऐसे खाद्य और पेय पदार्थ छोटी मात्रा में लें जिसमें वसा और शर्करा अधिक हो

ऐसे खाद्य पदार्थ लेने से बचें जिसमें अधिक मात्रा में नमक हो, क्योंकि नमक से आपका रक्तचाप बढ़ सकता है, जो किडनी ट्रांसप्लांट वाले लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है।

व्यायाम और वजन कम करना

एक बार जब आप सर्जरी के प्रभावों से काफी हद तक उबर आते हैं तो यह सलाह दी जाती है कि आप नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि करें।

वयस्कों को हर हफ्ते कम से कम 150 मिनट (2 घंटे 30 मिनट) तक मध्यम-तीव्रता वाली एरोबिक गतिविधि करनी चाहिए।

मध्यम-तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि की परिभाषा है- ऐसी कोई भी गतिविधि जिससे आपका दिल और श्वसन दर बढ़ने के साथ ही आपको पसीना आने लगे लेकिन तब भी आप सामान्य बातचीत करने में सक्षम हों।

इसके उदाहरणों में शामिल हैं:

  • तेज-तेज चलना
  • जॉगिंग करना
  • तैराकी
  • टेनिस
  • जिम में स्टेप-ट्रेनर या ऐसे उपकरण का उपयोग करना

उन शारीरिक गतिविधियों का चयन करें जिनमें आपको मजा भी आए, क्योंकि इन्हें आपको जारी रखने की अधिक संभावना है।

यदि आपने अतीत में ज्यादा व्यायाम नहीं किया है तो इन व्यायाम लक्ष्यों को तुरंत पूरा करना अवास्तविक होगा। तो आपको धीरे-धीरे शुरू करना चाहिए - संभवतया सप्ताह में पांच बार 15 से 20 मिनट - और फिर गति बढ़ाएँ।

यदि आपका वजन अधिक है या आप मोटे हैं तो यह सलाह दी जाती है कि अपने वजन को संतुलित करने की कोशिश करें।

इसे स्वास्थ्यवर्धक कैलोरी-नियंत्रित आहार और नियमित व्यायाम के संयोजन द्वारा सुरक्षित रूप से किया जा सकता है।

आमतौर पर यह अनुशंसा की जाती है कि आपका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 25 से कम रहे (लेकिन अपनी बीएमआई 18.5 से कम न करें क्योंकि यह कम वजन माना जाएगा)।

शराब, ड्रग्स और दवाएं

नियमित रूप से अनुशंसित सीमा से अधिक शराब पीने से आपका रक्तचाप बढ़ जाएगा, जो किडनी ट्रांसप्लांट वाले लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है।

इसलिए, हाई ब्लड प्रेशर के जोखिम को कम करने के लिए अनुशंसित स्तर बनाए रखना सबसे अच्छा तरीका है। शराब के सेवन की अनुशंसित सीमा है:

  • पुरुषों के लिए एक दिन में 3-4 यूनिट
  • महिलाओं के लिए एक दिन में 2-3 यूनिट

शराब में कैलोरी की मात्रा अधिक होती है, इसलिए यदि आप नियमित रूप से पीते हैं तो आपका वजन बढ़ जाएगा। अधिक वजन होने से आपका रक्तचाप भी बढ़ेगा। .

आपको कोई भी अवैध ड्रग्स लेने से बचना चाहिए क्योंकि:

  • इनसे आपकी किडनी को नुकसान पहुँच सकता है
  • इनसे रक्तचाप में अचानक वृद्धि हो सकती है
  • ये आपकी इम्यूनोसप्रेसिव दवाओं के साथ अप्रत्याशित रूप से प्रतिक्रिया कर सकते हैं

अंत में, ओवर-द-काउंटर दवा और सेंट जॉन वोर्ट जैसे हर्बल उपचार सहित कोई भी दवा लेने से पहले हमेशा अपनी देखभाल टीम की सलाह लें। इस प्रकार की दवाएं संभावित रूप से खतरनाक हो सकती हैं।

संक्रमण के संपर्क में आने से बचना

लंबे समय तक इम्यूनोसप्रेसिव दवाएँ लेने से आपका इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाएगा। कमजोर इम्यून सिस्टम को इम्यूनोकंप्रोमाइज्ड कहा जाता है।

यदि आप इम्यूनोकंप्रोमाइज्ड हैं, तो आपको संक्रमण के खिलाफ अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।

नीचे दी गई सलाह का पालन करें:

  • व्यक्तिगत स्वच्छता पर पूरा ध्यान दें। चिकनपॉक्स (chickenpox) या इन्फ्लूएंजा (फ़्लू) (influenza (flu)) जैसे गंभीर संक्रमण वाले लोगों के संपर्क में आने से बचें।
  • अपने हाथों को साबुन और गर्म पानी से नियमित रूप से धोएं, खासकर शौचालय जाने के बाद और भोजन बनाने व खाना खाने से पहले।
  • इस बात का अतिरिक्त ध्यान रखें कि आपकी त्वचा कहीं से कटे-फटे नहीं। यदि ऐसा होता है तो उस जगह को गर्म पानी से अच्छी तरह से साफ कर पूरी तरह पोंछ कर सूखा लें, फिर उसे स्टराइल ड्रेसिंग से कवर करें।
  • ऐसे किसी भी शुरुआती चिह्न से अवगत रहें, जिससे आपको संक्रमण हो सकता है। एक मामूली संक्रमण शीघ्र ही बड़े संक्रमण में बदल सकता है।

अपने डॉक्टर या ट्रांसप्लांट सेंटर को संक्रमण के किसी भी संभावित लक्षण की तुरंत रिपोर्ट करें। गंभीर जटिलताओं को रोकने के लिए शीघ्र उपचार की आवश्यकता हो सकती है।

संक्रमण के लक्षणों में निम्न शामिल है:

  • 38C (100.4F) या उससे अधिक का तापमान (बुखार)
  • सिरदर्द
  • मांसपेशियों में दर्द
  • दस्त (डायरिया)
  • थकान

यह भी सुनिश्चित करें कि आपके सारे टीकाकरण हो चुके हैं; हालांकि आपको ऐसा कोई भी टीका नहीं दिया जाएगा जिसमें लाइव वायरस हो जैसे कि गलसुआ (मम्प्स), खसरा और रूबेला (एमएमआर) वैक्सीन।

पॉल की कहानी

पॉल की कहानी

जब डॉ. कैरोल एंजेल ने अपने भाई पॉल व्हिटकर को अपनी किडनी दान की तो वह सर्जरी के 48 घंटे बाद घर जाने में सक्षम थी।

प्रिस्टन में रहने वाले 39 वर्षीय सेल्फ-इंप्लॉयड बिल्डर, पॉल का अक्टूबर 2001 में एंड स्टेज किडनी फेल्योर का पता चला। उसने कहा, "मैं यह जानकर हैरान था कि मेरे गुर्दों ने काम करना बंद कर दिया है।" "बार-बार सिरदर्द होने पर, मैं ऑप्टिशियन के पास गया क्योंकि मुझे लगा कि मुझे चश्मे की जरूरत है। उन्होंने मेरे रक्तचाप का परीक्षण किया और यह इतना अधिक था कि उन्होंने मुझे सीधे मेरे डॉक्टर के पास भेज दिया।"

तब 2002 की गर्मियों में उसकी डायलिसिस शुरू हुई, लेकिन उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी और उसे जल्द ही ट्रांसप्लांट के लिए पंजीकृत कराया गया।

उसकी बड़ी बहन कैरोल, शेफ़ील्ड में एक पैथोलॉजिस्ट के रूप में काम कर रही थी। वह कहती है: "पॉल हमेशा से एक मजबूत, लंबा आदमी रहा है लेकिन उसकी बीमारी ने उस पर असर डालना शुरू कर दिया। उसका वजन तीन स्टोन (42 पाउंड) तक गिर गया।"

पॉल का परिवार उसे लेकर चिंतित था। कैरोल ने कहा, "यह मेरे माँ, पापा और हमारे भाइयों के लिए भी बुरी बात थी, क्योंकि वे सभी उसके करीब रहते थे और उन पर हर दिन होने वाले प्रभाव को देख सकते थे।" "मुझे पता था कि हममें से किसी एक को किडनी दान करनी होगी, और संयोगवश इसके लिए मेरा ही चुनाव हुआ।

"मैं पॉल से अक्सर नहीं मिल पाती हूँ लेकिन हम हमेशा टेलीफोन द्वारा एक-दूसरे के संपर्क में रहते हैं। जब मैंने उससे कहा कि मैं एक किडनी दान करने को तैयार हूं, तो उसने कहा कि मैं ऐसा करने के लिए तुम्हें नहीं कहूँगा। मैंने उससे कहा कि तुम मुझसे माँग नहीं रहे हो, बल्कि मैं खुद यह पेशकश कर रही हूँ। हम अपने परिवार में काफी जिद्दी हो सकते हैं।

"दान करने का निर्णय यूं ही नहीं लिया गया था। मुझे अस्पताल में कई सारे परीक्षण कराने पड़े और मुझे मनोवैज्ञानिक रूप से काफी संबल मिला। इस पूरी प्रक्रिया में कई महीने लग गए। मेरे लिए यह सुनिश्चित करना एक विशेष जिम्मेदारी थी कि पॉल की मदद करने के लिए मेरा स्वास्थ्य काफी अच्छा रहे। सबसे बुरी बात यह थी कि हमें पता नहीं था आगे सब कुछ कैसा रहने वाला है।"

2002 के क्रिसमस के आसपास, डॉक्टरों द्वारा 'कीहोल' सर्जरी की संभावना के बारे में बताया गया। यह मैनचेस्टर रेनल ट्रांसप्लांट यूनिट के लिए अपेक्षाकृत एक नई प्रक्रिया थी, लेकिन यहाँ दानकर्ता के रूप में काफी स्वस्थ रहने का मुझे शानदार फायदा मिला, और मैं अस्पताल में कम समय के ठहराव के साथ जल्द ही वापस अपनी पुरानी जीवनचर्या में आ गई।

हालांकि, सभी लिविंग किडनी डोनर के लिए यह तकनीक नहीं है। मार्च 2003 में ऑपरेशन के बाद कैरोल के होश में आने तक उसे नहीं पता था कि प्रक्रिया सफल रही है।

"गुरुवार को सुबह में मेरा ऑपरेशन हुआ था और केवल 48 घंटे बाद शनिवार को लंचटाइम तक मैं घर थी। यह वाकई अतुल्य था। जब मैं 21 साल की थी, तब मेरा अपेंडिक्स का ऑपरेशन हुआ था जो कि इस किडनी डोनेशन ऑपरेशन से कहीं ज्यादा खराब था। ”

पॉल अपनी बहन के कुछ घंटे बाद सर्जरी में जाने की प्रतीक्षा करते हुए इन बातों को याद कर रहा है। "मुझे इस बात की चिंता थी कि वह किस चीज से गुजरने वाली है। लेकिन हम एक-दूसरे को देखने में कामयाब रहे जब मुझे थियेटर में ले जाया जा रहा था और उसे वहाँ से बाहर निकाला जा रहा था। वह बहुत होश में नहीं थी और उसे ज्यादा याद नहीं था, लेकिन मैं उसे देख सका।

"जब मैं अंत में सर्जरी से बाहर आया, तो मुझे साइड वार्ड में ले जाया गया जहां कैरोल ठीक हो रही थी और उसने मुझे देखा, जिससे वह बेहतर महसूस कर रही थी।"

अब कैरोल और पॉल दोनों ही पूरी तरह से ठीक हो गए हैं। कैरोल कहती है, "इस पूरे अनुभव ने जीवन के प्रति मेरा दृष्टिकोण बदल दिया है।" "पॉल हमेशा चीजों को लेकर बहुत सकारात्मक रहा है। वह हमेशा उज्जवल पक्ष की ओर देखता है और इस बात ने मुझ पर काफी प्रभाव डाला है।"

पॉल फिर से काम पर वापस आ गया है, और जिंदगी को पूरी तरह जी रहा है। "मेरे लिए जो भी कैरोल ने किया है, उसके लिए बेहद आभारी हूं। उसने मुझे एक नया जीवन दिया है, और मैं उसे जितना भी धन्यवाद दूँ वह कम होगा।"

आइवी की कहानी

पहले डायबिटीज़ से ग्रस्त रहने वाली आइवी एशवर्थ-क्रीज़ बताती है कि उसके डबल किडनी और पैंक्रियाज़ ट्रांसप्लांट के बाद उसका जीवन कितना बेहतर हो गया है।

लगभग 32 साल पहले, मुझे डायबिटीज़ रहने लगा, और मुझे दिन में चार बार इंसुलिन के इंजेक्शन लगाने पड़ते थे। मुझे यह सुनिश्चित करने के लिए अपने आहार का अत्यंत ध्यान रखना पड़ता था कि मैं बहुत अधिक मीठा भोजन न करूँ।

लगभग 25 वर्षों के बाद, मेरे किडनी ने काम करना बंद कर दिया और 2003 में, मुझे किडनी डायलिसिस करानी पड़ी। किडनी की डायलिसिस बहुत ही असुविधाजनक थी। यह एक ड्रेन था जिसे दिन में चार बार करना पड़ता था, साथ ही दिन में चार बार डायबिटीज़ के इंजेक्शन लगाने होते थे। मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे मेरा जीवन कहीं अटक गया है।

मैं दो साल तक किडनी डायलिसिस पर थी जब उन्होंने मुझे किडनी ट्रांसप्लांट करवाने की सूची में शामिल किया। सर्जन ने सुझाव दिया कि किडनी और पैंक्रियाज़ ट्रांसप्लांट से मुझे लाभ हो सकता है, जिसका मतलब है कि मुझे आगे डायबिटीज़ से मुक्ति मिल सकती है।

जब मुझे यह फोन आया कि आपको ट्रांसप्लांट के लिए मैनचेस्टर जाना है, तो मैं बिल्कुल अचंभित हो गई। मेरे भीतर रोमांच और भयमिश्रित भावनाएँ हिलोरें मार रही थीं।

जब मैं लंबे ऑपरेशन के बाद बाहर आई, तो मुझे गहन देखभाल में रखा गया। मैं वहाँ लगभग तीन या चार दिन रही, फिर मुझे मेन वार्ड में ले जाया गया।

सबसे कठिन हिस्सा बिस्तर से उठना और चलना शुरू करना था। जब तक मेरे पैर काफी मजबूत नहीं हो गए, तब तक उन्होंने मुझे हफ्तों तक वॉर्ड में रखा। यह बहुत ही मुश्किल था। दर्द बहुत खतरनाक था, लेकिन यह जरूरी भी था।

डॉक्टर ने मुझे अपना वजन कम करने के लिए कहा, और इसलिए मैंने जिम जॉइन किया। मुझे तैराकी अच्छी लगती है। मुझे लगता है कि यह सक्रिय रखने में मेरी मदद कर रही है। एकमात्र समस्या यह है कि मैं बहुत दूर तक नहीं चल सकती।

यह महत्वपूर्ण है कि मैं इम्यूनोसप्रेसेंट दवाएं ले रही हूं। यदि मैं ऐसा नहीं करती, तो मेरा शरीर किडनी और पैंक्रियाज़ (किडनी और अग्न्याशय) को अस्वीकार कर सकता था। मुझे इनके साथ अपना शेष जीवन व्यतीत करना है।

मेरे जीवन में नाटकीय बदलाव आया है। अब मैं जो चाहूँ खा सकती हूँ, जिसमें चॉकलेट भी शामिल है! मैं अपने काम पर वापस आ गई हूं, मुझे भोजन के बाद इंजेक्शन भी नहीं लगाना है, मुझे डायलिसिस के लिए जल्दी घर भी नहीं जाना है, और मेरे किडनी और पैंक्रियाज़ अच्छी तरह से काम कर रहे हैं।

मैं सौभाग्यशाली हूँ कि मेरा ऑपरेशन न केवल सफल रहा बल्कि अब सब कुछ अच्छा है।

NHS के मूल कॉन्टेंट का अनुवादHealthily लोगो
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महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।