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20th September, 201821 min read

विटामिन डी की कमी: कारण, लक्षण और रोकथाम

मेडिकल समीक्षा के साथ

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यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां

फार्माकोलॉजी और फार्माकोथेरेप्यूटिक्स में प्रकाशित शोध के अनुसार, वैश्विक आबादी के 50% लोगों को पर्याप्त विटामिन डी नहीं मिलता है।

2011 में किए गए एक सर्वेक्षणसे भी यह पता चला है कि अमेरिका की लगभग 46% आबादी को विटामिन डी की कमी होने का खतरा है।

बीएमजे के अनुसार, विटामिन डी की कमी वास्तव में दुनिया भर में होने वाली सबसे आम पोषण की कमी है। इसके बावजूद, यह बच्चों और वयस्कों दोनों में सबसे कम निदान की जाने वाली मेडिकल स्थिति है।

विटामिन डी की कमी के अक्सर पता न चलने के कारणों में से एक यह है कि हल्के रोग में लक्षण थकावट से लेकर मांसपेशियों की कमजोरी या हड्डियों के दर्द तक बेहद सूक्ष्म हो सकते हैं।

हालांकि, विटामिन डी की आवश्यकता आपकी हड्डियों को मजबूत रखने और आपके शरीर में कई हार्मोनल प्रक्रियाओं को विनियमित करने के लिए होती है। नतीजतन, लंबे समय तक या गंभीर विटामिन डी की कमी के कारण इनका जोखिम बढ़ सकता है:

  • बच्चों में रिकेट्स (Rickets, in children)
  • ओस्टियोमलेशिया (Osteomalacia), या हड्डी नरम होना
  • ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis)
  • बार-बार गिरना और फ्रैक्चर होना

अध्ययनों ने विटामिन डी की कमी को उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर के कुछ रूपों जैसे आंत्र कैंसर, अवसाद, मनोभ्रंश और श्वसन संक्रमण के बढ़ते जोखिम के साथ भी जोड़ा है।

दुर्भाग्य से, घर के अंदर अधिक समय बिताने की प्रवृत्ति हर साल अधिक से अधिक लोगों को विटामिन डी की कमी होने का खतरा पैदा कर रही है।

एंडोक्राइन कनेक्शन्स में प्रकाशित एक अध्ययन में 1993 और 2013 के बीच विटामिन डी की कमी से पीड़ित लोगों की संख्या में एक तीव्र वृद्धि देखी गई है। इसमें वे लोग शामिल हैं, जो:

  • घर के अंदर काम करने में बहुत समय व्यतीत करते हैं
  • ज्यादा डेयरी उत्पाद नहीं खाते
  • पर्याप्त तैलीय मछली नहीं खाते

प्राकृतिक प्रकाश के निम्न स्तर वाले देशों में रहने वाले लोगों में विटामिन डी की कमी होने का खतरा अधिक हो सकता है।

यदि आप चिंतित हैं कि आप विटामिन डी की कमी से पीड़ित हो सकते हैं, तो बहुत अधिक चिंता न करें। हालत गंभीर हो सकती है, लेकिन यह भी इलाज योग्य है।

कारणों को समझना, और अपने विटामिन डी के स्तर को बढ़ाने के लिए अपनी जीवन शैली में बदलाव करना, समस्या को दूर करने के लिए पर्याप्त हो सकता है। यदि आपको सूर्य की पर्याप्त रोशनी नहीं मिल पाती है, या यदि आप विटामिन डी वाले खाद्य पदार्थ खाने में असमर्थ हैं, तो कई अलग-अलग प्रकार के विटामिन डी सप्लीमेंट उपलब्ध हैं जिन्हें आप ले सकते हैं ।

यहां, आप विटामिन डी की कमी के कारणों, लक्षणों और उपचार के बारे में पढ़ सकते हैं, साथ ही उन समूहों के बारे में भी जान सकते हैं जिन्हें इस स्थिति के विकसित होने का सबसे अधिक खतरा है।

विटामिन डी की कमी के सामान्य कारण (Common causes of vitamin D deficiency)

विटामिन डी वसा में घुलनशील विटामिन है जो आपके शरीर को आपके भोजन से कैल्शियम, फॉस्फेट और मैग्नीशियम को अवशोषित करने में मदद करता है। इन 3 आवश्यक खनिजों की जरूरत अस्थि घनत्व से लेकर जिस तरह से कुछ हार्मोनों को विनियमित किया जाता है, ऐसी कई आंतरिक प्रक्रियाओं के लिए होती है।

अधिकांश विटामिनों के विपरीत, विटामिन डी कई खाद्य पदार्थों में नहीं पाया जाता है। ऑयली फिश जैसे मैकेरल या सालमन में विटामिन डी के निम्न स्तर पाए जाते हैं, और डेयरी उत्पाद, बीफ लीवर या अंडे की जर्दी भी विटामिन डी की बहुत कम मात्रा प्रदान कर सकती है। विटामिन डी की अपनी पर्याप्त खुराक को अकेले अपने आहार से प्राप्त करना मुश्किल है।

हम अपने स्वयं के विटामिन डी को फोटोलिज़ेशन (photolyzation) नामक एक प्रक्रिया के माध्यम से बना सकते हैं, जहां यूवीबी विकिरण का उपयोग कोलेस्ट्रॉल को विटामिन डी2 में बदलने के लिए किया जाता है, जो विटामिन डी का सबसे सुलभ रूप है।

इस प्रक्रिया में तेज या प्रत्यक्ष सूर्य के प्रकाश के संपर्क की आवश्यकता होती है, जिसका अर्थ है कि पर्याप्त विटामिन डी प्राप्त करना मुश्किल हो सकता है, यदि:

  • आप दिन के अधिकांश समय घर के अंदर काम करते हैं
  • आप उत्तरी गोलार्ध (northern hemisphere) में रहते हैं, जहाँ प्रकाश का स्तर कम होता है
  • आप एक ऐसी चिकित्सा स्थिति से पीड़ित हैं जो आपको अक्सर बाहर निकलने से रोकती है

हार्वर्ड विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित शोध के अनुसार, यदि आपकी जीवनशैली आपको पर्याप्त धूप में जाने से रोकती है, और आप ऐसे कई खाद्य पदार्थ नहीं खाते जिनमें विटामिन डी होता है तो आपको विटामिन डी की कमी होने की सबसे अधिक संभावना है।

35 डिग्री के लैटिटूड के ऊपर या नीचे रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को विटामिन डी की कमी होने का समान जोखिम भी हैं - विशेष रूप से सर्दियों के महीनों के दौरान।

इंटरनेशनल ऑस्टियोपोरोसिस फाउंडेशन के पास सबसे आम तौर पर विटामिन डी की कमी के साथ जुड़े देशों का नक्शा है और हार्वर्ड हेल्थद्वारा प्रकाशित लेखों में ऐसे अमेरिकी राज्यों के कुछ स्थानीय नक्शे हैं जिनके प्रभावित होने की बहुत संभावना है।

विटामिन डी की कमी होने के ज़्यादा जोखिम वाला समूह (Groups at risk of developing vitamin D deficiency)

चूँकि हमारा अधिकांश विटामिन डी सूरज की रोशनी के संपर्क से आता है, इसलिए कुछ लोगों में विटामिन डी की कमी होने का खतरा बढ़ जाता है। इसमें वे लोग शामिल हैं जो चिकित्सा कारणों से बाहर नहीं निकल सकते हैं, वे लोग जो लोग रात की शिफ्ट में काम करते हैं, बुजुर्ग लोग, गर्भवती महिलाएं और शाकाहारी लोग शामिल हैं।

यदि आप इन समूहों में से एक में आते हैं, तो अपने विटामिन डी के स्तर पर नज़र रखना महत्वपूर्ण है। विटामिन डी की कमी के लक्षण सूक्ष्म हो सकते हैं, जिसका अर्थ है कि विटामिन डी की कमी के विकास के उच्च जोखिम वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।

यदि आप यूके में रहते हैं, तो अपने विटामिन डी के स्तर को ट्रैक करने के लिए थ्रीवा जैसी सेवा का उपयोग करना, या अपने डॉक्टर से नियमित मिलना शामिल हो सकता है। आप एक नियमित विटामिन डी सप्लीमेंट लेने पर भी विचार कर सकते हैं।

वैज्ञानिक सलाहकार समिति द्वारा जारी दिशानिर्देश बताते हैं कि विटामिन डी की कमी के विकास के अधिक जोखिम वाले लोगों को प्रति दिन 600-1000 आईयू के बीच विटामिन डी सप्लीमेंट लेना चाहिए।

गहरे रंग की त्वचा वाले लोग (People with darker skin)

मेलानिन - सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आने वाली त्वचा की टैनिंग के लिए जिम्मेदार पिगमेंट- यूवीबी विकिरण को अवरुद्ध करके और त्वचा कैंसर से हमारी रक्षा करके एक प्राकृतिक सनस्क्रीन के रूप में कार्य करता है। दुर्भाग्य से, मेलेनिन आपके स्वयं के विटामिन डी को संश्लेषित करने की प्रक्रिया को भी बाधित करता है, और मेलेनिन के उच्च स्तर वाले लोग हल्के या साफ़ रंग की त्वचा वाले लोगों की तुलना में कम विटामिन डी का उत्पादन करते हैं।

यदि आपकी त्वचा में बहुत अधिक मेलेनिन है, तो यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपमें विटामिन डी की कमी विकसित न हो, आपको धूप में अधिक समय बिताने की आवश्यकता होगी, या विटामिन डी के अधिक आहार स्रोतों का सेवन करना होगा।

साफ़ रंग की त्वचा वाले लोग (People with fair skin)

बीएमजे में प्रकाशित अध्ययनबताते हैं कि उच्च एसपीएफ़ रेटिंग वाला सनब्लॉक विटामिन डी निर्माण को 95% तक कम कर सकता है। इसका मतलब है कि जिन लोगों को अपनी त्वचा की रक्षा के लिए एक उच्च-मात्रा वाले सनब्लॉक का उपयोग करना पड़ता है, उनमें विटामिन डी की कमी होने का अधिक जोखिम होता है।

जो लोग बाहर जाने पर खुद को ढंक लेते हैं (People who cover up when they go outside)

यदि आप धार्मिक कारणों से ऐसे कपड़े पहनते हैं जो आपकी त्वचा के अधिकांश भाग को ढक लेते हैं, या उन विशिष्ट कपड़ों को प्राथमिकता देते हैं जो आपकी बाहों और पैरों को धूप से बचाए रखते हैं, तो आप UVB विकिरण के संपर्क में आना कम कर देंगे।

यह आपके शरीर को पर्याप्त विटामिन डी बनाने से रोक सकता है और आपमें विटामिन डी की कमी होने के जोखिम को बढ़ा सकता है।

इसकी पूर्ति करने के लिए, इस बात पर विचार करना महत्वपूर्ण है कि बाहर ज्यादा समय बिताया जाये। आप अपने आहार में विटामिन डी के अधिक स्रोतों को शामिल करके या नियमित रूप से सप्लीमेंट लेकर विटामिन डी की कमी को होने से रोक सकते हैं या ठीक कर सकते हैं।

यदि आप बाहर जाते समय अपनी त्वचा को बहुत अधिक ढक लेते हैं, तो आप अपने विटामिन डी के स्तर को ट्रैक और मॉनिटर कर सकते हैं।

जो लोग रात की शिफ्ट में काम करते हैं (People who work night shifts)

विटामिन डी काउंसिल द्वारा प्रकाशित एक लेख से पता चलता है कि जो लोग नियमित रूप से रात की शिफ्ट में काम करते हैं, उनमें गंभीर विटामिन डी की कमी से जुड़ी एक या अधिक स्थितियों के विकसित होने की अधिक संभावना होती है, जो उनके यूवीबी विकिरण के कम संपर्क के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में होती हैं।

यदि आपकी नौकरी में बहुत अधिक नाइट-शिफ्ट में काम करना शामिल हैं और आपको दिन में बहुत सोना पड़ता है, तो यह महत्वपूर्ण है कि आप विटामिन डी की कमी को होने से रोकने या ठीक करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाएं। आप इसे एक नियमित सप्लीमेंट लेकर या विटामिन डी के अधिक स्रोतों को अपने आहार में शामिल करके कर सकते हैं।

या नियमित परीक्षण शेड्यूल करने के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें।

जो लोग घर में रहते हैं (People who are housebound)

चूंकि हमारे विटामिन डी का अधिकांश हिस्सा प्राकृतिक प्रकाश के संपर्क में आने से आता है, ऐसे लोग जो चिकित्सीय स्थिति के कारण घर में रहते हैं, या विकलांगता के कारण बाहर नहीं निकल पाते हैं, उनमें विटामिन डी की कमी होने का खतरा बढ़ जाता है।

यदि आपको हर दिन अनुशंसित 30-60 मिनट की सीधी धूप नहीं मिल पाती है, तो यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने विटामिन डी के स्तर को ट्रैक करें। आपको यह सुनिश्चित करने के लिए अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए कि आपको पर्याप्त विटामिन डी मिलता है या नहीं।

विटामिन डी के आहार स्रोतों में वृद्धि, या विटामिन डी के सप्लीमेंट लेने से कमी को ठीक करने में मदद मिल सकती है। इस लेख के उपचार अनुभाग में दी गई सलाह का पालन करने से विटामिन डी की कमी को होने से रोकने में मदद मिल सकती है।

बुजुर्ग लोग (Elderly people)

क्लिनिकल इंटरवेंशन इन एजिंग में प्रकाशित शोध से पता चलता है कि उम्र विटामिन डी बनाने वाली रासायनिक प्रक्रियाओं को धीमा कर सकती है। बुजुर्ग लोगों को भी बाहर समय बिताना मुश्किल हो सकता है, खासकर अगर गतिशीलता कि समस्या हो।

दुर्भाग्य से, बुढ़ापे में विटामिन डी की कमी के लक्षण बदतर हो जाते हैं, और बुजुर्ग लोगों में ऑस्टियोपोरोसिस (osteoporosis)जैसी स्थितियों के विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है। इसका मतलब है कि यदि आप 60 वर्ष से अधिक आयु के हैं तो अपने विटामिन डी के स्तर को बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

छोटे बच्चे (Young children)

छोटे बच्चों को सुचारू रूप से बढ़ने के लिए विटामिन डी की काफ़ी आवश्यकता होती है। उनकी हड्डियां जल्दी से बढ़ रही होती हैं, और यह सुनिश्चित करने के लिए कैल्शियम और फॉस्फेट की एक स्थिर आपूर्ति की आवश्यकता होती है कि उनमें रिकेट्स (rickets) जैसी स्थिति विकसित न हो।

दुर्भाग्य से, बाल चिकित्सा और किशोर चिकित्सा के अभिलेखागार में प्रकाशित अध्ययन विटामिन डी की कमी में वृद्धि दिखाते हैं – संभवतः घर के भीतर समय बिताने की प्रवृत्ति के परिणामस्वरूप।

वीगन (Vegans)

इस तथ्य के कारण कि विटामिन डी के मुख्य आहार स्रोत डेयरी उत्पाद, गोमांस, लिवर, मछली, और अंडे की जर्दी हैं, बहुत से वीगन अपने आहार से पर्याप्त विटामिन डी प्राप्त करने के लिए संघर्ष करते हैं।

यदि आपके पास सूर्य के प्रकाश में रहने के पर्याप्त साधन है, तो यह कोई समस्या नहीं है, लेकिन पूरे वर्ष प्रकाश के कम स्तर वाले क्षेत्र में रहने वाले शाकाहारी लोगों में विटामिन डी की कमी के विकसित होने का एक उच्च जोखिम है।

खाने को अवशोषित नहीं कर पाने की समस्या (malabsorption) से पीड़ित लोग

इन्फ्लेमेशन रिसर्च में प्रकाशित एक अध्ययनविटामिन डी की कमी और संवेदनशील आंत की बीमारी (irritable bowel syndrome) और क्रोहन रोग (Crohn's disease) जैसी खाने को अवशोषित नहीं कर पाने की समस्याओं के बीच एक अस्थायी लिंक की ओर इशारा करता है ।

इन स्थितियों से पीड़ित लोगों को आहार स्रोतों से विटामिन डी को अवशोषित करना मुश्किल हो सकता है, और उन्हें पर्याप्त कैल्शियम, फॉस्फेट और मैग्नीशियम को भी अवशोषित करने में असमर्थता के कारण लक्षणों से पीड़ित होने का खतरा बढ़ सकता है।

गर्भवती महिलाएं (Pregnant women)

वजन बढ़ने और विटामिन डी की कमी के बीच की कड़ी को पूरी तरह से समझा नहीं गया है, लेकिन कुछ अध्ययनों ने गर्भावस्था के दौरान विटामिन डी की बढ़ती आवश्यकता की ओर इशारा किया है

गर्भवती महिलाओं को विशेष रूप से उच्च जोखिम होता है यदि वे सर्दियों के महीनों के दौरान गर्भवती होती हैं, या उनकी त्वचा का रंग गहरा होता है, या उनमें गर्भकालीन मधुमेह विकसित होता है, जो शरीर में विटामिन डी बनाने की उनकी क्षमता में हस्तक्षेप करता है।

यदि आप गर्भवती हैं, तो आपको पूरी गर्भावस्था के दौरान अपने विटामिन डी के स्तर की जांच करनी चाहिए। विटामिन डी से भरपूर खाद्य पदार्थ काफी मात्रा में खाने की भी सलाह दी जाती है और यदि आप कर सकें तो हर दिन 30-60 मिनट बाहर बिताएं।

विटामिन डी की कमी के लक्षण (Symptoms of Vitamin D deficiency)

विटामिन डी की वृद्धि और विकास के लिए जिम्मेदार हार्मोन को नियमित करता है। यह आपके शरीर को कैल्शियम और फॉस्फेट जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों को अवशोषित करने में मदद करने के लिए भी आवश्यक है, जिसका अर्थ है कि यह आपके शरीर में होने वाली अधिकांश जैव रासायनिक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

नतीजतन, विटामिन डी की कमी के लक्षण दूरगामी, सूक्ष्म और निदान करने में मुश्किल हो सकते हैं। जब आपका विटामिन डी आपके स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए आवश्यक स्तर से नीचे चला जाता है तो आप देख सकते हैं:

  • सामान्य मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी
  • बार-बार मांसपेशियों में ऐंठन
  • जोड़ों का दर्द
  • हड्डी में दर्द
  • थकान
  • एकाग्रता में कमी

वो रक्त परीक्षण करके आसानी से स्थिति का निदान करने में सक्षम होंगे, और एक उपयुक्त उपचार की सलाह भी दे सकते हैं।

आप घर पर परीक्षण सेवा का उपयोग करके अपने स्वयं के विटामिन डी स्तरों का भी परीक्षण कर सकते हैं। ये सेवाएं हालिया उपलब्ध हुई हैं, जिसे आपके अपने घर से आपके स्वास्थ्य की निगरानी करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

अधिकांश घरेलू परीक्षण सेवाएं आपको उंगली से चुभने वाले रक्त परीक्षण के लिए आवश्यक संसाधन प्रदान करेंगी, जिसे फिर आप अपने रक्त में विटामिन डी की मात्रा का परीक्षण करने में सक्षम प्रयोगशाला को भेज सकते हैं।

विटामिन डी की कमी से बच्चों में रिकेट्स हो सकता है, साथ ही वयस्कों में ओस्टोमैलेशिया भी हो सकता है।

विटामिन डी की कमी से इन स्थितियों से जुड़े कुछ प्रमाण भी हैं जैसे:

  • दिल की बीमारी
  • उच्च रक्तचाप
  • आंत्र के कैंसर जैसे कैंसर
  • मधुमेह
  • डिप्रेशन
  • भूलने की बीमारी (Dementia)
  • कुछ स्व-प्रतिरक्षाप्रणाली (autoimmune) रोग

इसलिए जितनी जल्दी हो सके एक संभावित कमी का निदान करना महत्वपूर्ण है।

विटामिन डी की कमी का इलाज (Treating Vitamin D Deficiency)

एक बार निदान होने पर, विटामिन डी की कमी को ठीक करना अपेक्षाकृत आसान होता है। उपचार के विकल्प आपके सिस्टम में विटामिन डी की मात्रा बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, और इसमें शामिल हैं:

अधिक प्रत्यक्ष धूप लेना (Getting more direct sunlight)

सूर्य के प्रकाश के संपर्क में वृद्धि से आपके शरीर को अपने स्वयं के विटामिन डी को और अधिक बनाने में मदद मिलेगी। यह विटामिन डी की कमी का इलाज करने का सबसे प्रभावी तरीका है, लेकिन अगर आपको बाहर निकलने में परेशानी होती है, या आप प्राकृतिक प्रकाश के निम्न स्तरों वाले क्षेत्र में रहते हैं या आपके लिए धूप में बैठने के लिए समय निकालना कठिन है , तो यह आपके लिए मुश्किल हो सकता है।

हालांकि आपको पूरे दिन बाहर नहीं रहना है: पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी बनाने के लिए आवश्यक सूर्य के प्रकाश की मात्रा हर व्यक्ति के लिए भिन्न होती है, लेकिन प्रति दिन 15-30 मिनट की तेज धूप अधिकांश लोगों के लिए पर्याप्त होनी चाहिए।

सर्दियों के महीनों में कुछ लोगों के लिए पर्याप्त धूप प्राप्त करना असंभव होगा। यदि आप 35 डिग्री उत्तर के अक्षांश से ऊपर या 35 डिग्री दक्षिण के अक्षांश से नीचे रहते हैं, तो आपको मार्च और अक्टूबर के बीच बहुत समय बिता कर गर्मियों की धूप का लाभ उठाने की आवश्यकता होगी। यह आपके शरीर को विटामिन डी के भंडार को फिर से भरने में मदद करेगा।

यदि आप बाहर अधिक समय बिताने की योजना बनाते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप पर्याप्त सावधानी बरतें। बहुत अधिक यूवीबी विकिरण के संपर्क में आने से त्वचा के कैंसर और सनबर्न का खतरा बढ़ जाता है।

अपनी बाहों, पैरों के निचले हिस्से, हाथों और पैरों को खुला रखने की कोशिश करें, लेकिन अपने धड़ को कवर करें और सुनिश्चित करें कि आपका सिर भी कवर किया गया है। यह सुनिश्चित करना कि आप सीधे धूप में 30-40 मिनट से अधिक समय नहीं बिताते हैं, यह आपकी रक्षा करने में भी मदद कर सकता है।

सनस्क्रीन उस दर को धीमा कर देगा जिस पर आप विटामिन डी बनाते हैं, लेकिन कम से कम 15 एसपीएफ़ वाला सनब्लॉक पहनने से अतिरिक्त सुरक्षा मिल सकती है, और यह बच्चों और शिशुओं के लिए आवश्यक है।

विटामिन-डी युक्त खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन करना (Eating more vitamin D rich foods)

अपने आहार में अधिक तैलीय मछली, अंडे की जर्दी या डेयरी उत्पाद शामिल करना आपके शरीर को अधिक विटामिन डी प्रदान करने का एक सरल और सीधा तरीका है।

उत्तरी गोलार्ध में रहने वाले लोगों के लिए, और विशेष रूप से सर्दियों की धूप के निम्न स्तर वाले क्षेत्रों में, अपने आहार में अधिक विटामिन डी जोड़ना भी अक्टूबर-फरवरी की अवधि में आपके विटामिन डी स्तर को सबसे ऊपर रखने का एक शानदार तरीका है।

यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि अधिकांश खाद्य पदार्थों में बहुत कम विटामिन डी होता है। यहां तक कि अधिकांश डॉक्टरों द्वारा अनुशंसित आहार स्रोत में भी आपके अनुशंसित दैनिक सेवन (800 IU / दिन) के 30-10% के बीच होता है।

इसका मतलब है कि आपको यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप अपने शरीर को पर्याप्त विटामिन डी प्रदान कर रहे हैं, विटामिन-डी-समृद्ध खाद्य पदार्थों के कई प्रकार लेने पड़ेंगे।

विटामिन डी के सर्वोत्तम आहार स्रोत नीचे सूचीबद्ध हैं:

विटामिन डी सप्लीमेंट का चयन (Choosing a vitamin D supplement)

विटामिन डी सप्लीमेंट लेने से आपके रक्त में विटामिन डी के स्तर को बढ़ाने में मदद मिल सकती है। ये सप्लीमेंट्स आमतौर पर टैबलेट या कैप्सूल के रूप में दिए जाते हैं, और इन्हें प्रति दिन कम से कम एक बार लेने की आवश्यकता होती है।

यदि आपको पर्याप्त धूप नहीं मिल पाती है, और आप इस लेख में पहले बताए गए खाद्य पदार्थों का पर्याप्त सेवन नहीं कर पाते हैं, तो एक विटामिन डी सप्लीमेंट लेना कमी को दूर करने का सबसे सरल तरीका हो सकता है।

जब एक सप्लीमेंट चुनने की बात आती है, तो आप देख सकते हैं कि इसके दो प्रकार हैं: विटामिन डी2 सप्लीमेंट और विटामिन डी3 सप्लीमेंट ।

दोनों प्रकार आपके शरीर को अधिक विटामिन डी बनाने में मदद करने के लिए आवश्यक सामग्री प्रदान करके कार्य करते हैं, लेकिन डी2 पौधे के स्रोतों से आता है, जबकि डी3 अक्सर जानवरों से प्राप्त होता है। डी2 विटामिन डी के पर्याप्त स्तर प्रदान करेगा, लेकिन अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रीशन में प्रकाशित अध्ययनों से पता चला है कि डी2 की खुराक की तुलना में विटामिन डी के स्तर को बढ़ाने या बनाए रखने में डी3 अधिक प्रभावी है।

यदि आप वेगन या शाकाहारी नहीं हैं, तो यह अनुशंसा की जाती है कि आप विटामिन डी3 सप्लीमेंट लें। यदि आप पशु स्रोतों से प्राप्त किए जा सकने वाले सप्लीमेंट का सेवन करना पसंद नहीं करते हैं, तो आपका सबसे सुरक्षित विकल्प डी2 है।

क्या मैं बहुत अधिक विटामिन डी ले सकता हूं? (Can I take too much Vitamin D?)

विटामिन डी सप्लीमेंट लेते समय सही मात्रा लेना बहुत महत्वपूर्ण है। आपने देखा होगा कि विटामिन डी सप्लीमेंट 400 आईयू (या अंतरराष्ट्रीय इकाइयों) से लेकर 10,000 आईयू तक अलग-अलग शक्तियों की श्रेणी में आती है। यह मानना प्रलोभनकारी हो सकता है कि उच्च शक्ति की गोलियां बेहतर हैं, लेकिन बहुत अधिक विटामिन डी रक्त में बहुत अधिक कैल्शियम के निर्माण के साथ जुड़ा हुआ है, जो निम्न का कारण बन सकता है:

  • उल्टी
  • कमजोरी
  • लगातार पेशाब आना

अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रीशन द्वारा प्रकाशित शोध से यह भी पता चलता है कि क्रोनिक हाइपरकेलामिया (रक्त में कैल्शियम का उच्च स्तर) गुर्दे की पथरी के विकास से जुड़ा हुआ है।

रॉयल नेशनल ऑर्थोपेडिक अस्पताल द्वारा प्रकाशित सलाह में कहा गया है कि अधिकांश वयस्कों के लिए 400 आईयू पर्याप्त है, जबकि एक महीने से अठारह वर्ष की आयु के बच्चों को प्रति दिन 600-1000 आईयू का लक्ष्य रखना चाहिए।

विटामिन डी की नियमित खुराक लेना भी सबसे अच्छा है, इसलिए एक ऐसा टैबलेट लेने की कोशिश करें जो अनुशंसित खुराक प्रदान करता हो। यह आपको प्रति दिन एक टैबलेट लेने की अनुमति देगा, जिससे आपको बहुत अधिक विटामिन डी ले लेने का खतरा नहीं होगा।

विटामिन डी की कमी होने को रोकना (Preventing vitamin D deficiency)

यदि आप इस लेख में पहले से सूचीबद्ध उच्च-जोखिम वाले समूहों में से एक में आते हैं , तो आप यह सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने पर विचार कर सकते हैं कि आपको पर्याप्त विटामिन डी मिले - भले ही आपमें वर्तमान में इसकी कमी न हो।

इसमें नियमित रूप से सप्लीमेंट लेना या यह सुनिश्चित करना शामिल हो सकता है कि आप अपने आहार में विटामिन डी से भरपूर काफी खाद्य पदार्थ शामिल करें।

नियमित रूप से अपने विटामिन डी के स्तर की जांच करना भी महत्वपूर्ण है। वे आपके द्वारा प्राप्त होने वाले सूर्य के प्रकाश की मात्रा के आधार पर घटेंगे-बढ़ेंगे, और कुछ लोगों में लक्षणों को विकसित किए बिना विटामिन डी की कमी विकसित हो सकती है।

यदि आप यूके में हैं, तो आप अपने रक्त में विटामिन डी की मात्रा को ट्रैक करने के लिए थ्रिवा जैसी सेवा का उपयोग कर सकते हैं । वैकल्पिक रूप से, आपका डॉक्टर नियमित अंतराल पर आपके विटामिन डी के स्तर की जांच करने में सक्षम होगा।

यदि आप पाते हैं कि आप विटामिन डी की कमी से पीड़ित हैं, तो यह याद रखना भी महत्वपूर्ण है कि आपके शरीर को पर्याप्त कैल्शियम भी नहीं मिल रहा होगा। आपके भोजन से कैल्शियम को अवशोषित करने के लिए भी विटामिन डी की आवश्यकता होती है, और लंबे समय से इसकी कमी आपकी हड्डियों को कमजोर या नाजुक बना सकती है।

यदि आप इसे रोकने की कोशिश कर रहे हैं, तो आप उन चीजों के बारे में और अधिक पढ़ने में दिलचस्पी ले सकते हैं, जो आप अपनी हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए कर सकते हैं। अधिक कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ खाने से भी मदद मिल सकती है।

यदि आपकी उम्र 65 वर्ष से अधिक है, तो आपको अपनी हड्डियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठाने की आवश्यकता हो सकती है।

वैकल्पिक रूप से, यदि आप चिंतित हैं कि आपके बच्चों में विटामिन डी की कमी हो सकती है, तो आप उनकी हड्डियों को मजबूत करने के तरीकों के बारे में भी पढ़ सकते हैं।

क्या यह लेख उपयोगी था?

महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

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विटामिन डी

विटामिन डी के कई महत्वपूर्ण कार्य हैं। उदाहरण के लिए, यह शरीर में कैल्शियम और फॉस्फेट की मात्रा को विनियमित करने में मदद करता है।