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3rd June, 20206 min read

क्या योग से अवसाद (depression) और चिंता (anxiety) जैसे स्थितियों में फ़ायदा होता है?

Medical Reviewer:Healthily's medical team
Author:Georgina Newman
मेडिकल समीक्षा के साथ

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यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है। यह Georgina Newman द्वारा लिखा गया है और Healthily's medical team ने इसकी मेडिकल समीक्षा की है।

कई साक्ष्य सामने आ रहे हैं जो कहते हैं कि अवसाद का सामना कर रहे लोगों के लिए योग सहायक हो सकता है। अवसाद से दुनिया भर में 264 मिलियन से अधिक लोग प्रभावित हैं।

ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन में पाया गया कि योग सेशन में भाग लेने से रहने से मानसिक विकार वाले लोगों में अवसाद (depression) के लक्षणों में सुधार हो सकता है - और प्रति सप्ताह ज़्यादा योग करने से लक्षणों में कमी आयी है।

पहले के अध्ययनों में अवसाद के लक्षणों से राहत देने के साथ-साथ महिलाओं में चिंता और तनाव को कम करने में योग के प्रभाव का समर्थन करते कुछ साक्ष्य पाए गए हैं।

इसलिए, शोध से पता चलता है कि यह अवसाद के साथ-साथ अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के लिए योग, व्यापक उपचार योजना का लाभकारी हिस्सा हो सकता है।

योग क्या है?

5,000 साल के इतिहास के साथ, योग एक प्राचीन कला है, जो जिंदगी को बेहतर बनाने में मदद करने के लिए कई तरह की मुद्राओं और श्वास तकनीकों (breathing techniques) का उपयोग करता है।
ताकत और लचीलेपन का निर्माण करने के लिए बनाए गए आसन, आमतौर पर ध्यान या विश्राम तकनीकों (relaxation techniques) के साथ किए जाते हैं।

हालांकि, योग की कई अलग-अलग शैलियां हैं, और प्रत्येक शैली का अपना केंद्र है, चाहे यह श्वास (breathing), आसन (posture) या ध्यान (meditation) हो।

योग की कुछ शैलियां अधिक ऊर्जावान और कठिन हैं, जैसे अष्टांग (ashtanga), जबकि अन्य आसन और श्वास पर जोर देते हैं, जैसे कि आयंगर (Iyengar)।

क्यों योग अवसाद और चिंता जैसे स्थितियों में मदद कर सकता है

योग, शारीरिक व्यायाम का एक सौम्य रूप है, और व्यायाम के माध्यम से, शरीर एंडोर्फिन (endorphins) नामक अच्छा महसूस कराने वाला हार्मोन (‘feel-good hormones’) रिलीज करता है, जो हल्के से मध्यम अवसाद वाले लोगों में चिंता को दूर करने और मूड को बेहतर करने में मदद कर सकता है।

अध्ययन यह पाते हुए इस बात का समर्थन करते हैं, कि व्यायाम की कमी मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है, और खराब नींद, चिंता (anxiety), तनाव (stress) और ख़राब मूड (low mood) का कारण बन सकती है।

लेकिन योग के ध्यान और साधना संबंधी पहलू भी अवसाद और चिंता के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं। माइंडफुलनेस आपको सांस और ध्यान जैसी तकनीकों का उपयोग करते हुए वर्तमान क्षण पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित करती है - योग में उपयोग की जाने वाली दो क्रियाएँ - जो आपको तनाव या चिंता के लक्षणों के बारे में अधिक जागरूक बनाने में मदद कर सकती हैं।

तो योग के प्रमुख तत्व – माइंडफुलनेस , श्वास, स्ट्रेचिंग और व्यायाम - संयुक्त रूप से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।

क्या योग अवसाद के इलाज का हिस्सा बन सकता है?

अवसाद एक जटिल बीमारी है, जो लोगों को विभिन्न तरीकों से प्रभावित करती है, इसलिए उपचार के लिए सभी लोगों के लिए एक प्रकार का इलाज (one-size-fits-all) का दृष्टिकोण प्रभावी नहीं होगा।
लेकिन ऐसे तरीके हैं, जिनमें योग मानसिक कल्याण में सुधार के लिए कई विकल्पों के एक भाग के रूप में फायदेमंद हो सकता है।

उदाहरण के लिए, शारीरिक बीमारी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है, इसलिए सक्रिय रहने से आपके मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद मिल सकती है - और यह स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा तेजी से पहचाना जा रहा है।

इन्फॉरमेशन एट माइन्ड के प्रमुख स्टीफन बकले कहते हैं, “हम जानते हैं कि शारीरिक गतिविधि हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों के लिए अच्छी है और बहुत सारे लोगों को ध्यान, मन की शांति और श्वास तकनीकों से मदद मिलती है, खासकर ऐसे लोग जो चिंता और पैनिक अटैक की समस्या का सामना करते हैं।”
वे कहते हैं, “इसलिए, यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि अनुसंधान से पता चलता है कि योग अवसाद से पीड़ित लोगों की मदद कर सकता है, क्योंकि यह हमारे शारीरिक फ़िट्नेस में सुधार करने में मदद करता है और हमारी सांसों पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है।'

जबकि योग और दवा जैसी गतिविधियाँ अवसाद के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकती हैं, लेकिन अगर तब भी आप कभी भी अपने मानसिक स्वास्थ्य के बारे में चिंतित हो या उदास महसूस कर रहे हैं, तो एक स्वास्थ्यकर्मी से संपर्क करें।

योग की शुरुआत कैसे करें

योग का अभ्यास शुरू करने में कभी देर नहीं होती। हालांकि, योग्य योग शिक्षक द्वारा सिखाया जाना उचित है और अपने स्तर पर उपयुक्त वर्ग चुनें।

योग से सबसे अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए, एक शैली चुनें जो आपके लक्ष्यों, जीवन शैली और व्यक्तित्व के अनुरूप हो।

यदि आप योग करना सीख रहे हैं, तो आप आयंगर (Iyengar) या हठयोग (hatha) की कोशिश कर सकते हैं, क्योंकि ये कोमल और धीमी गति वाले हैं। वैकल्पिक रूप से, कुंडलिनी (kundalini) योग की एक शैली है जो श्वास और ध्यान पर केंद्रित है, इसलिए यदि आप अपने मानसिक कल्याण (mental wellbeing) में सुधार करना चाहते हैं तो यह आदर्श है। अगर आप अधिक शारीरिक गतिविधि करना चाहते हैं, तो अष्टांग योग कर सकते हैं, यदि आप आराम करना चाहते हैं तो रिस्टोरेटिव योग (Restorative yoga) आदर्श है।

कक्षाएं आमतौर पर स्वास्थ्य क्लबों (health clubs), स्कूलों (schools) या योग केंद्रों में उपलब्ध हैं, लेकिन आप घर पर भी अभ्यास कर सकते हैं। भले ही आपके पास छोटा स्थान हो लेकिन अगर आपके पास कंप्यूटर या टैबलेट है, तो आप यूट्यूब (YouTube) के माध्यम से ऑनलाइन ट्यूटोरियल या क्लास कर सकते हैं।

योग अकेले करना बेहतर है या दूसरों के साथ ?

आप पा सकते हैं कि दूसरों के साथ योग करना आपक मनोदशा के लिए विशेष रूप से उपयोगी है।
माइंड के अनुसार, समूह योग सत्र मानसिक स्वास्थ्य के लिए और भी प्रभावी हो सकते हैं, क्योंकि वे दूसरों के साथ ससमस्याओं के बारे में बात करने से बात करने, सामाजिक संबंधों को मजबूत करने और यहां तक कि अपने सपोर्ट नेटवर्क (support network) का विस्तार करने का अवसर प्रदान करते हैं।
यदि आप इस अनुशासन के बारे में अधिक जानना चाहते हैं, तो गाइड टू योग आपको योग की उपलब्ध शैलियों, आरंभ करने के तरीकों और योग से जुड़े अन्य स्वास्थ्य लाभों के बारे में अधिक जानकारी देती है।

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महत्वपूर्ण सूचना: हमारी वेबसाइट उपयोगी जानकारी प्रदान करती है लेकिन ये जानकारी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य के बारे में कोई निर्णय लेते समय आपको हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।